आतंकवाद की दुनिया से वापस लौटा माजिद

दुनिया भर में आतंकवाद अपने चरम पर है. आश्चर्य की बात यह है कि आतंकवाद से घिरा पाकिस्तान कुछ आतंकियों की फैक्ट्री है. पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवादी चोरीछिपे सीमा पार आ कर कश्मीर में न केवल आतंक फैलाते हैं, बल्कि स्थानीय युवकों को भड़का कर उन्हें आतंकवादी बनने को प्रेरित करते हैं. कई युवक बहक कर आतंकवादी बन भी जाते हैं. ऐसे ही युवकों में था कश्मीरी युवा माजिद इरशाद खान. गनीमत रही कि आतंकवादियों की तरह उस की अंतरात्मा नहीं मरी थी, जिस की वजह से वह मां की पुकार सुन कर घर लौट आया.

माजिद ने आतंकी संगठन में शामिल होने का इरादा 29 अक्तूबर को एक फेसबुक पोस्ट में किया था. उस ने पोस्ट में लिखा, ‘जब शौक-ए-शहादत हो दिल में, तो सूली से घबराना क्या.’ बताते हैं कि माजिद अपने खास दोस्त यावर निसार शेरगुजरी की वजह से आतंकी बना. यावर जुलाई में एक आतंकवादी संगठन में शामिल हुआ था, लेकिन एक महीने में ही सुरक्षाबलों की गोलियों ने उस के प्राण लील लिए. दोस्त की मौत से माजिद इतना दुखी हुआ कि आतंकी बनने का फैसला कर लिया. ऐसा उस ने किया भी. वह लश्करएतैयबा में शामिल हो गया. लेकिन यह आतंकी संगठन उसे रोक नहीं पाया.

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दरअसल, माजिद की मां, पिता और दोस्तों ने उस से घर लौट आने की अपील की थी. उस की मां ने एक वीडियो में उसे संदेश देते हुए भावुक हो कर कहा था, ‘माजिद बेटे, लौट आओ और हमारी जान ले लो, फिर चले जाना. हमें यहां किस के लिए छोड़ गए हो?’

माजिद के दोस्तों ने उस के मातापिता का हवाला दे कर घर लौट आने को कहा था. माजिद के एक दोस्त ने फेसबुक पर बेहद भावुक पोस्ट डाली, ‘आज मैं ने तुम्हारी मां और अब्बू को देखा. वे पूरी तरह टूट चुके हैं. प्लीज लौट आओ. इस तरह अपनी अम्मी और अब्बू को मत छोड़ो. प्लीज लौट आओ, तुम अपने मांबाप की एकलौती उम्मीद हो. वे तुम्हारा बिछुड़ना नहीं सह पाएंगे. जब मैं ने देखा तब वे रो रहे थे. प्लीज, माजिद उन के लिए लौट आओ. हम सब तुम्हें बहुत प्यार करते हैं.’

दरअसल, 9 नवंबर, 2017 को अचानक माजिद गायब हो गया था. इस के अगले ही दिन सोशल मीडिया पर उस की एक तसवीर घूमने लगी, जिस में वह हाथों में एके 47 थामे हुआ था. उस के परिवार को भी यह खबर सोशल मीडिया से ही पता चली कि उन के एकलौते बेटे ने फुटबौल छोड़ कर बंदूक थाम ली है. बहरहाल, मांबाप और दोस्तों की भावुक अपील से माजिद का दिल पिघल गया और उस ने 16 नवंबर को सेना के अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया.

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सेना और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि माजिद से कोई पूछताछ नहीं की जाएगी. उसे मुख्यधारा में लाया जाएगा. इतना ही नहीं, अगर आतंक की राह पर चलने वाले अन्य युवक भी घर लौटना चाहें तो लौट सकते हैं. उन के खिलाफ कोई काररवाई नहीं होगी.

जहरीली सब्जियां और फल!

छत्तीसगढ़ के भिलाई में सब्जियों को खतरनाक रसायनों से “सब्जी ताजा” बनाने का खेल अधिकारियों ने पकड़ा और उन्हें सिर्फ जुर्माना लगाकर छोड़ दिया. यह एक गंभीर अपराध सामाजिक और कानूनी दृष्टि  दोनों से है, मगर हमारे देश का माहौल कुछ ऐसा बन चुका है कि कोई कितना ही बड़ा अपराध कर ले जुर्माना लेकर उसे छोड़ दिया जाता है और वह पुनः वही अपराध करने लगता है. इसलिए आप जब सब्जियां लेने  बाजार पहुंचे  तो  सब्जियों और फलों के “चटक रंगों” को देखकर यह न समझ ले कि यह ताजे हैं.आप जरा रुक जाइए! और पड़ताल कर लीजिए की  ये सब्जी, फल जहरीले रंगों से रंगे तो नहीं हैं.

छत्तीसगढ़ की स्टील नगरी के रूप में देश दुनिया में प्रसिद्ध भिलाई नगर  में ऐसा  एक मामला सामने आया है. नगर निगम भिलाई की एक टीम को इसकी बारंबार शिकायत मिल रही थी  और जब यह टीम  मौके पर पहुंची तो सच देखकर उसकी भी  हाथों के तोते उड़ गए . आखिरकार, टीम ने सब्जियों को रंगने का सनसनीखेज खुलासा किया है. जो छत्तीसगढ़ में अपने आप में पहला है. यहां हम बताना चाहेंगे कि छत्तीसगढ़ सहित देश की हर छोटे-बड़े शहरों में आजकल यह खेल आम हो गया है और धड़ल्ले से सिर्फ चंद रुपयों की खातिर जहरीले रसायनों के द्वारा फलों और सब्जियों को रंगा जा रहा है जो बेहद नुकसानदायक है.

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स्थिति बेहतर रूप से कुछ ऐसी त्रासदी पूर्ण हो गई है कि सुनी सुनाई खबरों के के बाद और तथ्यात्मक रूप से सच को जानने के बावजूद आम जन को इससे बचने का कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है. ऐसे में सरकार और न्यायालय दोनों की ओर जनता आशा से निहार रही है.

‘रंगे हाथ’ पकड़ा उड़नदस्ता ने

छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी मंडी में कहलाने वाली आकाशगंगा सब्जी मंडी में सब्जियों को  खतरनाक रंगो  रंगने का  खेल चल रहा था. सब्जी मार्केट में निरीक्षण करती हुई निगम के उड़न दस्ते की टीम अचानक “विंध्यवासिनी सब्जी भंडार” पहुंची तो उन्होंने देखा कि गाजर और मटर को रंग के बर्तन में डाला गया है. उड़न दस्ते की टीम ने पाया गया कि गाजर एवं मटर को धोकर उसे रंग के बर्तन में डालकर विक्रय हेतु आकर्षक बनाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया  जा रहा है.

टीम ने रंगे हुए गाजर एवं रंग के डिब्बे को जप्त किया. और कठोर कानून नहीं होने के कारण फिर किसी अज्ञात के सर में उक्त व्यक्तियों पर मात्र 10 हजार  रुपए जुर्माना  वसूल किया गया  और उन्हें छोड़ दिया. निगम की टीम ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई की और व्यापारी को  औपचारिक हिदायत दे दी गई कि आगे ऐसा ना हो. सामाजिक एवं गांधीवादी कार्यकर्ता शिवदास महंत कहते हैं कि आजकल यह बहुत बड़ी शिकायत हो चुकी है. ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार को मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार से प्रेरणा लेनी चाहिए और खाद्य अपमिश्रण व रासायनिक पदार्थों के उपयोग करने वालों को जेल भेजना चाहिए, रासुका लगाई जानी चाहिए.

विधि विशेषज्ञ बी. के. शुक्ला इस संदर्भ में कहते हैं की रसायनों का सब्जियों और फलों में उपयोग करके बेचना सीधे-सीधे संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है. होना यह चाहिए था कि नगर निगम के उड़नदस्ता टीम को खाद्य विभाग को बुलाकर इस प्रकरण को सौप देनाथा और मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिए था जो कि नहीं किया गया है.

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स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है क्या सब

एक तरफ बाजारवाद की  दौड़ में फलों और सब्जियों में इस तरह के घालमेल शुरू हो गए हैं. वहीं यह भी सच है कि आम आदमी और सरकार कुंभकरणी निद्रा में है. परिणाम स्वरूप इन रासायनिक पदार्थों से चटक दार सब्जियां और फल घरों में उपयोग हो रहे हैं और सीधे-सीधे अनेक प्रकार की बीमारियों को आमंत्रित किया जा रहा है.

डॉ आशीष अग्रवाल(एम डी) के अनुसार ऐसे फल और सब्जियों के उपयोग से कैंसर त्वचा हार्ट संबंधी अनेक बीमारियों से आम आदमी ग्रसित हो रहा है.

डॉक्टर गुलाबराय  पंजवानी बताते हैं कि  रासायनिक अम्लों के प्रयोग से चटक सब्जियां उपभोक्ता खरीद तो लेते हैं मगर यह सीधे-सीधे बीमारियों को आमंत्रण देना ही है.

विधि विशेषज्ञ जी पटेल बताते हैं ऐसे मामलों पर सरकार को कठोर कानून बनाकर नकेल कसनी होगी और अगर ऐसे मामले न्यायालय में आते हैं तो वहां तो उन्हें सजा मिलनी ही है.

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नेहा कक्कड़ ने आदित्य नारायण से की शादी, देखें जयमाला का वीडियो

नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) और आदित्य नारायण (Aditya Narayan) पिछले काफी दिनों से अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं. पिछले कुछ दिनों से शो में दोनों की शादी का फॉर्मेट चल रहा था. लेकिन अब दोनों ने इंडियन आइडल (Indian Idol) के सेट पर शादी कर ली है. दरअसल, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें दोनों शो के सेट पर खड़े हैं और दोनों के हाथों में जयमाला है. नेहा-आदित्य (Neha-Aditya) के साथ सेट पर कंटेस्टेंट और शो के जज भी वहां मौजूद थे. इसके साथ ही दोनों के सामने अग्नि कुंड रखा था जो फेरों के समय होता है.

 

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All set for the wedding!!#adityanehakishaadi #AdityaNarayan #NehAditya #NehuWedsAdi #NehaKakkar #indianidol11

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वैसे बता दें कि ये सब सिर्फ शो में हो रहा है. दरअसल, काफी समय से शो में दोनों की शादी का फॉर्मेट चल रहा है. पहले सभी को लगा था कि दोनों सच में शादी कर रहे हैं, लेकिन फिर आदित्य के पिता उदित नारायण (Udit Narayan) ने इस शादी को लेकर ऐसा खुलासा किया कि ये क्लीयर हो गया कि ये शादी शो में सिर्फ टीआरापी के लिए हो रही है.

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आदित्य के पापा ने दिया था ये बयान…

 

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Can’t get enough of these two 😍😍 #AdityaNarayan #NehaKakkar #NehAditya

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हाल ही में एक वेबसाइट से बात करते हुए उदित (Udit) ने कहा था, ‘आदित्य हमारा एकलौता बेटा है. हम उसकी शादी का इंतजार कर रहे हैं. अगर शादी की अफवाह सत्य होती है तो हम दुनिया के सबसे खुशनसीब मां-बाप होंगे. लेकिन आदित्य ने इस बारे में कुछ नहीं बताया है.’

उदित ने आगे कहा था, ‘मुझे लगता है कि नेहा कक्कड़ और आदित्य की शादी की अफवाह टीआरपी के लिए उड़ाई गई है. यहां नेहा जज है और मेरा बेटा एंकर है.’

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गोवा बीच सौन्ग ने मचाया धमाल…

दोनों का हाल ही में सॉन्ग गोवा बीच रिलीज हुआ है. इस गाने को नेहा और उनके भाई टोनी कक्कड़ ने गाया है. गाने में नेहा और आदित्य के बीच बहुत रोमांटिक केमिस्ट्री देखने को मिली है.

लव-कुश पर यूं फूटेगा कार्तिक का गुस्सा, घरवालों के खिलाफ जाकर नायरा लेगी ये फैसला

स्टार प्लस (Star Plus) के पौपुलर सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ (Yeh Rishta Kya Kehelata Hai) में जब से लव-कुश (Luv-Kush) की रीएंट्री हुई है तब से शो ने एक अलग ही ट्रैक पकड़ लिया है जिससे कि दर्शकों की दिलचस्पी इस शो के लिए और ज्यादा बढ़ गई है. जब से लव-कुश अपने बोर्डिंग स्कूल से लौटे हैं तब से एक भी दिन ऐसा नहीं गया जब कार्तिक (Kartik) और नायरा (Naira) इन दोनो की वजह से परेशान ना हुए हों. लव-कुश को देख ऐसा लगता है कि उन्हें अब किसी का कोई डर और कोई इज्जत नहीं है.

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नायरा-कार्तिक ने बचाई त्रिशा की जान…

 

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इसी के चलते पिछले एपिसोड्स में लव-कुश (Luv-Kush) ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर त्रिशा (Trisha) को मोलेस्ट किया जिसके कारण त्रिशा (Trisha) ने अपनी जान लेने की भी कोशिश की. त्रिशा बच तो गई पर वह कोमा में चली गई थी जिससे की लव-कुश ने राहत की सांस ली थी और सोचा था कि वे अब बच गए. कार्तिक-नायरा (Kartik-Naira) ने मिलकर त्रिशा की खूब देखभाल की और उसकी जान बचाई. लव-कुश ने हर वो मुमकिन कोशिश की जिससे कि वे अपनी इस हरकत पर पर्दा डाल सकें.

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सबके सामने आई लव-कुश की सच्चाई…

 

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लेकिन लव-कुश की सच्चाई ज्यादा दिन तक ना छुप सकी और त्रिशा ने कार्तिक (Kartik) और नायरा (Naira) को सब सच बता दिया है कि लव-कुश ने मिलकर ही उसे मोलेस्ट किया था. त्रिशा के मुंह से ये सब सुन कर सभी को झटका लगा और यहां तक की कार्तिक ने तो लव-कुश की जमकर पिटाई भी की. लव-कुश के पिता अखिलेश (Akhilesh) को जब ये बात पता चली तो उसे काफी दुख हुआ और अखिलेश ने इस बात के लिए खुद को ही दोषी माना और कहा कि वे अपने बच्चों की परवरिश ठीक तरह से नहीं कर पाया.

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नायरा दिलाएगी लव-कुश का सजा…

इसी के चलते सुरेखा (Surekha) नायरा से मिन्नतें करेगी कि वे लव-कुश को माफ कर दें पर नायरा सुरेखा की एक नहीं सुनेगी और लव-कुश को माफ करने से साफ इंकार कर देगी. साथ ही नायरा सभी के सामने लव-कुश को सजा दिलाने की भी बात कहेगी. अब देखने वाली बात ये होगी कि आखिर नायरा लव-कुश को कैसी सजा दिलाएगी.

Love Aaj Kal : रिलीज से एक दिन पहले कार्तिक-सारा के इंटीमेट सीन्स पर चली सेंसर बोर्ड की कैंची

बौलीवुड (Bollywood) इंडस्ट्री के न्यू कमर और बेहद पौपुलर एक्टर कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) और एक्ट्रेस सारा अली खान (Sara Ali Khan) इन दिनों अपनी अप्कमिंग फिल्म ‘लव आज कल’ (Love Aaj Kal) के लिए काफी चर्चा में बने हुए हैं. दर्शकों को इस फिल्म का काफी समय से इंतजार था क्योंकि खबरों की माने तो कार्तिक और सारा एक दूसरे को डेट भी कर रहे हैं. हालांकि अपने इस रिश्ते पर दोनो ने खुल कर अभी तक कुछ नहीं बोला है. 14 फरवरी यानी कि वेलेंटाइन डे (Valentine Day) के मौके पर रिलीज हो रही इस फिल्म के लिए कार्तिक और सारा दोनो ही इस समय प्रोमोशन में जुटे हुए हैं.

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ट्रेलर में दिखे कार्तिक-सारा के इंटीमेट सीन्स…

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जैसा कि हम सब जानते हैं कि हर फिल्म को रिलीज करने से पहले सेंट्रल बोर्ड औफ फिल्म सर्टिफिकेशन (Censor Board) द्वारा पास करवाया जाता है उसके बाद फिल्म दर्शकों तक पहुंचती है. कुछ समय पहले फिल्म के मेकर्स ने लव आज कल फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया है जिसे लोगों ने काफी पसंद किया था और तो और फिल्म के ट्रेलर में कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) और सारा अली खान (Sara Ali Khan) के कुछ इंटीमेट सीन्स (Intimate Scenes) भी दर्शकों के देखने को मिले थे.

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सेंसर बोर्ड ने हटाए ऐसे सीन्स…

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अब खबरों की माने तो सेंसर बोर्ड ने फिल्म लव आज कल को पास तो कर दिया है पर सुनने में कुछ ऐसा आ रहा है कि फिल्म में कार्तिक आर्यन और सारा अली खान द्वारा फिल्माए गए कुछ इंटीमेट सीन्स को सेंसर बोर्ड (Censor Board) के कहने पर फिल्म से हटा दिया गया है. इसी के साथ सेंसर बोर्ड ने फिल्म के मेकर्स को कुछ बोल्ड सीन्स ब्लर करने के लिए भी कहा है.

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क्या ये जोड़ी जीत पाएगी दर्शकों का दिल…

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आपको बता दें, यह फिल्म 2009 में बनी फिल्म लव आज कल की ही सीरीज है जिसमें सारा अली खान के पिता और बौलीवुड के जाने माने एक्टर सैफ अली खान और एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण लीड रोल में दिखाई दिए थे. अब देखने वाली बात ये होगी कि कार्तिक और सारा की साथ में ये पहली फिल्म दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब हो पाएगी या नहीं.

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‘लव आज कल’ फिल्म का ट्रेलर लिंक –

वल्लरी चंद्राकर : एमटेक क्वालीफाई महिला किसान

वल्लरी चंद्राकर ने कंप्यूटर साइंस से एमटेक किया था. इस शिक्षा के बूते पर अच्छी नौकरी भी मिल गई. लेकिन 27 साल की वल्लरी का मन नौकरी में नहीं लगा. उन्होंने नौकरी छोड़ कर खेती करने का निश्चय किया, जो एक महिला के लिए मुश्किल काम था. लेकिन वल्लरी पर खेती का जुनून सवार था. इस की एक वजह यह भी थी कि उन के पिता ने फार्महाउस बनाने के लिए 27 एकड़ जमीन खरीदी थी, जो यूं ही पड़ी थी.

वल्लरी चंद्राकर ने इंटरनेट की मदद से अत्याधुनिक खेती की टेक्नोलौजी सीखी और 2016 में 15 एकड़ जमीन से खेती की शुरुआत की. वह स्वयं ट्रैक्टर चला कर खेत जोतती हैं और मजदूरों की मदद से बीजारोपण से ले कर फसल तैयार होने तक सारे काम करती हैं. खेती के लिए उन्होंने पारंपरिक की जगह हाई टेक्नोलौजी अपनाई थी.

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अब वल्लरी 27 एकड़ में खेती करती हैं और उन्होंने अपनी मेहनत के बूते पर मार्केट में भी अच्छी जगह बना ली है. उन के फार्महाउस में पैदा होने वाली सब्जियां दिल्ली, भोपाल, इंदौर, ओडिसा, नागपुर, बेंगलुरु तक जाती हैं. जल्दी उन के फार्म में लौकी और टमाटर की फसल तैयार होने वाली है, जिसे वह दुबई और इजरायल निर्यात करने की तैयारी कर रही हैं.

शाम 5 बजे वल्लरी के खेतों में काम बंद हो जाता है. इस के बाद वह गांव की लड़कियों के लिए क्लास लगाती हैं, जिस में वह हर रोज 2 घंटे अंगरेजी और कंप्यूटर पढ़ाती हैं ताकि गांव की लड़कियां आत्मनिर्भर बन सकें. उन की इस क्लास में 40 लड़कियां नियमित अध्ययन करती हैं. वल्लरी खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए भी वर्कशौप का आयोजन करती हैं, जिस में उन्हें खेती के नए तौरतरीकों के बारे में बताया जाता है. वर्कशौप में किसानों के सुझाव भी लिए जाते हैं.

वल्लरी बताती हैं, ‘शुरुआत में बहुत मुश्किल हुई. नौकरी छोड़ कर खेती करनी शुरू की तो लोगों ने पढ़ीलिखी बेवकूफ कहा. पिछली 3 पीढि़यों से हमारे यहां किसी ने खेतीबाड़ी नहीं की थी. किसान, बाजार और मंडी वालों के साथ डील करना मेरे लिए बहुत मुश्किल होता था. लोग लड़की समझ कर मेरी बात को गंभीरता से नहीं लेते थे.

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खेतों में काम करने वाले लोगों से बेहतर ढंग से बात करने के लिए छत्तीसगढ़ी बोली सीखी. खेती को और उन्नत बनाने के लिए इंटरनेट से सीखा कि इजरायल, दुबई और थाइलैंड जैसे देशों में किस तरह से खेती की जाती है. मेरे फार्म में पैदा हुई सब्जियों की क्वालिटी देख कर धीरेधीरे खरीदार भी मिलने लगे. अब तक वल्लरी चंद्राकर के खेतों में करेला, खीरा, बरबरी और हरीमिर्च की खेती होती थी. इस बार उन्हें लौकी और टमाटर का और्डर मिला है. इन सब्जियों की फसल जल्दी ही आने वाली है, जिसे वल्लरी दुबई और इजरायल निर्यात करेंगी.

अच्छीभली नौकरी छोड़ कर वल्लरी ने जिस समर्पण भाव से खेती की है, उन्हें सफलता मिलनी ही थी. यूं तो तमाम औरतें खेती का काम करती हैं, लेकिन वल्लरी ने खेती के लिए जो हाईटेक तकनीक अपनाई है, उस ने उन्हें देश भर में मशहूर कर दिया है. वल्लरी का गांव सिरी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 88 किलोमीटर दूर जिला महासमुंद की तहसील बागबाहरा में है. द्य

शर्मिंदगी भाग 1 : जब उस औरत ने मुझे शर्मिंदा कर दिया

मै जब तक अफसर रहा, हमेशा ऐश के ही बारे में ही सोचता रहा. मेरा विश्वास, मेरा ईमान, मेरा धर्म और मेरी इंसानियत सब ऐशपरस्ती में डूबी रही. लेकिन एक घटना ने मुझे ऐसा शर्मिंदा किया कि जब भी वह घटना याद आती है, मैं सिहर उठता हूं. हुआ यह था कि मैं उस दिन पत्नी के बारबार कहने पर उस के साथ बाजार तक चला गया था. मैं ने जैसे ही कार शौपिंग सेंटर के बाहर रोकी, मेरी कार के पास एक औरत आ कर खड़ी हो गई. मैं जैसे ही कार से उतरा, वह मेरी ओर लपकी. मेरे देखते ही देखते एकदम से झुक कर उस ने मेरे दोनों पैर पकड़ लिए.

‘‘अरे…अरे… कौन हो तुम, यह क्या कर रही हो. पीछे हटो.’’ मैं ने पीछे हटते हुए कहा.

‘‘क्या बात है बहन?’’ मेरी पत्नी ने पास जा कर उस औरत के कंधे पर हाथ रख कर पूछा.

औरत ने एक बार मेरी पत्नी की ओर देखा, उस के बाद दोनों हाथ जोड़ कर वह याचक दृष्टि से मेरी ओर देखने लगी. मुझे लगा, यह कोई मांगने वाली है. इस तरह के बाजारों में मांगने वाले घूमते भी रहते हैं. लेकिन यह औरत उन से एकदम अलग लग रही थी. उस ने साफसुथरी साड़ी बड़े सलीके से पहन रखी थी. उस ने आंखों तक घूंघट भी कर रखा था. देखने में भी ऐसी खूबसूरत थी कि किसी भी मर्द का दिल आ जाए.

अगर वह याचक दृष्टि के बजाए मुझे प्यार भरी दृष्टि से देख रही होती तो मैं बिना सोचसमझे उस पर मर मिटता. उस का चेहरा काफी आकर्षक था. रंग भी गोरा था. लेकिन पत्नी के साथ होने की वजह से चाह कर भी मैं उस की ओर ज्यादा देर तक नहीं देख सका था.

‘‘लो ये रख लो.’’ पत्नी की इस बात पर मैं चौंका. वह 5 रुपए का नोट उस औरत की ओर बढ़ाते हुए कह रही थीं, ‘‘इसे रख लो और हमें जाने दो.’’

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औरत बिना रुपए लिए पीछे हट गई.  पत्नी ने कई बार कहा तो उस ने हाथ जोड़ कर इनकार में सिर हिला दिया और याचक दृष्टि से मुझे इस तरह ताकती रही, जैसे कह रही हो कि मेरी हालत पर दया करो. मुझे लगा कि शायद वह भीख मांगने का नया तरीका है. शायद वह 5 रुपए से ज्यादा चाहती है.

इसलिए मैं ने उसे दुत्कारने वाले अंदाज में कहा, ‘‘हट सामने से, तुम जैसे लोगों को एक पैसा नहीं देना चाहिए. यह नहीं कि जो मिल रहा है, उसे ले कर हट जाएं.’’

‘‘अरे, आप तो नाराज हो गए.’’ मेरी पत्नी ने मेरा हाथ थाम कर कहा, ‘‘ऐसा नहीं कहते. गरीबों की हाय लेना अच्छी बात नहीं है.’’

इस के बाद उस ने औरत से कहा, ‘‘बहन, ये लो 5 रुपए और हमें जाने दो.’’

औरत हमारे सामने से हट तो गई, लेकिन मैं ने देखा, उस की आंखों में आंसू आ गए थे. उस ने रुपए नहीं लिए थे. हम दोनों आगे बढ़ गए. पत्नी ने शौपिंग सेंटर में दाखिल होते हुए कहा, ‘‘मेरा ख्याल है कि वह भीख मांगने वाली नहीं है. आप अफसर हैं, हो सकता है आप से कोई काम कराना चाहती हो?’’

‘‘मेरे माथे पर कहां लिखा है कि मैं अफसर हूं.’’ मैं ने खीझते हुए कहा.

‘‘आप इतने गुमनाम भी नहीं हैं. यह भी संभव है कि उस ने आप को आप के औफिस में देखा हो.’’ पत्नी ने कहा.

‘‘देखा होगा भई,’’ मैं ने उकताते हुए कहा, ‘‘अब तुम उसे छोड़ो और अपना काम करो.’’

थोड़ी देर बाद हम जैसे ही शौपिंग सेंटर से बाहर आए, वह फिर हमारे सामने पहले की ही तरह हाथ जोड़ कर खड़ी हो गई. उस की आंखों से आंसू बह रहे थे और होंठ इस तरह कांप रहे थे, जैसे वह कुछ कहना चाहती हो. लेकिन भावनाओं में बह कर उस की जुबान से शब्द न निकल रहे हों.

उसे हैरानी से देखते हुए मैं ने दस का नोट निकाल कर उस की ओर बढ़ाया तो उस ने लेने से मना कर दिया. मैं ने कहा, ‘‘जब पैसे नहीं लेने तो यह नाटक क्यों कर रही हो?’’

‘‘इस तरह बात न करें.’’ पत्नी ने मेरे चेहरे को पढ़ने की कोशिश करते हुए कहा.

‘‘बहन अगर ये कम है तो मैं और दे देती हूं, लेकिन तुम रोना बंद कर दो.’’

इतना कह कर मेरी पत्नी ने जैसे ही पर्स खोला, उस ने हाथ के इशारे से मना कर दिया. वह जिस तरह रो रही थी, उसे देख कर मेरी पत्नी काफी दुखी हो गई थीं. मुझे लगा, हम कुछ देर और यहां रुके रहे तो मेरी पत्नी भी रो देंगी.

हमारे पास से गुजरने वाले लोग रुकरुक कर दृश्य को देख रहे थे, जिस से मुझे उलझन सी हो रही थी. नाराज हो कर मैं ने थोड़ा तेज स्वर में कहा, ‘‘तुम क्या चाहती हो, यह मेरी समझ में नहीं आ रहा है. न तुम पैसे ले रही हो और न यह बता रही हो कि तुम्हें चाहिए क्या?’’

इतना कह कर मैं ने पत्नी का हाथ थामा और तेजी से अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ गया. मेरे साथ चलते हुए पत्नी ने कहा, ‘‘पता नहीं बेचारी क्या चाहती है? कोई तो बात होगी, जो वह इस तरह रो रही है. लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि पूछने पर कुछ नहीं बता भी नहीं रही है.’’

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‘‘छोड़ो, अब उस की बातें खत्म करो.’’ मैं ने झल्लाते हुए कहा.

हालांकि मैं खुद उसी औरत के बारे में सोच रहा था, लेकिन मेरे सोचने का नजरिया कुछ और था. वह काफी सुंदर थी. रोते हुए वह और भी सुंदर लग रही थी. साड़ी में उस का शरीर काफी आकर्षक लग रहा था. अगर वह रोने के बजाए ढंग से बात करती तो मैं उसे औफिस आने को जरूर कहता. पैसे न लेने से मैं समझ गया था कि वह भीख मांगने वाली नहीं थी. वह किसी दूसरे ही मकसद से आई थी.

‘‘अब आप क्या सोचने लगे?’’ पत्नी ने थोड़ी ऊंची आवाज में पूछा.

‘‘कुछ नहीं, सोचना क्या है? शाम को औफिस की जो मीटिंग होने वाली है, उसी के बारे में सोच रहा था.’’ मैं ने धीमे से कहा.

‘‘कार चलाते हुए ज्यादा कुछ न सोचा करें, क्योंकि सोचते समय कुछ नजर नहीं आता.’’ पत्नी ने यह बात इस तरह कही, जैसे मैं कोई बच्चा हूं और वह मुझे समझा रही हो.

अगले दिन सबेरे मैं औफिस जाने के लिए  घर से निकला तो यह देख कर हैरान रह गया कि वही औरत कोठी के गेट से सटी खड़ी थी. उस के साथ एक लड़का भी था. गेट से निकल कर जैसे ही मैं कार की ओर बढ़ा, औरत मेरे सामने आ कर खड़ी हो गई. कल की तरह उस समय भी उस ने दोनों हाथ जोड़ रखे थे और याचनाभरी नजरों से मेरी ओर ताक रही थी.

उस समय मेरे साथ पत्नी नहीं थी, इसलिए मैं ने औरत को गौर से देखा. सचमुच वह बहुत सुंदर थी. मैं कुछ कहता, उस के पहले ही उस ने झुक कर मेरे पैर पकड़ लिए.

‘‘क्या बात है भई, तुम बताती क्यों नहीं?’’ मैं ने उसे बांहों से पकड़ कर खड़ा करने की कोशिश करते हुए कहा. उस की बांहें बहुत कोमल थीं. मुझे सिहरन सी हुई. मैं ने कहा, ‘‘मैं औफिस जा रहा हूं, जो कुछ भी कहना है, जल्दी कहो.’’

‘‘साहब, हम कई दिनों से आप के औफिस के चक्कर लगा रहे हैं.’’ औरत के बजाए उस के साथ खड़े लड़के ने कहा, ‘‘लेकिन आप का चपरासी…’’

‘‘बात क्या है, बताओ. चपरासी की छोड़ो.’’ मैं ने लड़के की बात काटते हुए कहा. लेकिन मेरी नजरें औरत के चेहरे पर ही जमी थीं.

‘‘इन के पति…’’ लड़के ने कहा, ‘‘जो रिश्ते में मेरे मामा लगते हैं.’’

‘‘तुम रिश्ते की बात छोड़ो, काम की बात करो.’’ मैं ने डांटने वाले अंदाज में कहा.

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‘‘जी, इन के पति यानी मेरे मामा को पुलिस ने बिना किसी अपराध के पकड़ लिया है. उन्हीं को छुड़ाने के लिए यह कई दिनों से आप के पास आ रही हैं.’’ लड़के ने जल्दी से कहा, ‘‘आप इन के पति को छुड़वा दीजिए साहब, इन का और कोई नहीं है. मेरा मामा बहुत ही सीधासादा आदमी है. आज तक उस ने कोई गलत काम नहीं किया. जहां हंगामा हुआ था, वहां वह शरबत का ठेला लगाता था. हंगामा करने वाले तो भाग गए, पुलिस मेरे मामा को पकड़ ले गई. अब वे मामा को छोड़ने के लिए 5 हजार रुपए मांग रहे हैं. हमारे पास इतने रुपए नहीं हैं.’’

‘‘लेकिन इस में मैं क्या कर सकता हूं? पुलिस का मामला है, जो कुछ करना होगा, वही करेगी.’’

‘‘आप बहुत कुछ कर सकते हैं साहब.’’ लड़के ने गिड़गिड़ाते हुए कहा.

जानें आगे क्या हुआ कहानी के अगले भाग में…

Valentine’s से पहले GOA बीच पर यूं रोमांस करते दिखे नेहा कक्कड़ और आदित्य, देखें Video

बौलीवुड की बेहद पौपुलर एक्ट्रेस और सिंगिंग सेन्सेशन नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) इन दिनों फिर से एक बार सुर्खियो में बनी हुईं हैं. पिछले कुछ दिनों से नेहा कक्कड़ और आदित्य नारायण (Aditya Narayan) के रिश्ते की खबरों ने फेंस को काफी एक्साइटिड किया हुआ था और हाल ही में आए नेहा और आदित्य का गाने गोवा बीच (Goa Beach) ने तो इंटरनेट पर हलचल ही मचा दी है. 10 फरवरी को रिलीज हुए इस गाने को नेहा कक्कड़ ने और उनके भाई टोनी कक्कड़ (Tony Kakkar) ने गाया है और गाने की वीडियो में नेहा और आदित्य बीच पर जमकर रोमांस (Romance) करते नजर आ रहे हैं.

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नेहा कक्कड़ के पापा ने सभी अफवाहों पर लगाई रोक…

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हाल ही में नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) और आदित्य नारायण (Aditya Narayan) की शादी की अफवाहें काफी तेजी से मीडियो में वायरल हुई थीं जिसके चलते नेहा के पापा ने इस सब अफवाहों पर रोक लगा दी है. ऐसी खबरों के बीच नेहा और आदित्य का यह पहला गाना इंटरनेट पर काफी ट्रेंड (Trend) हो रहा है और साथ ही फैंस इस गाने को काफी प्यार भी दे रहे हैं.

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फेमस सिंगर उदित नारायण ने कहा कुछ ऐसा…

कुछ दिनों पहले सोनी टीवी (Sony TV) के बेहद पौपुलर सिंगिग रिएलिटी शो इंडियन आइडल सीजन 11 (Indian Idol 11) के सेट पर फेमस सिंगर उदित नारायण (Udit Narayan) अपनी पत्नी दीपा नारायण (Deepa Narayan) के साथ पहुंचे थे और इस दौरान उन्होनें कुछ ऐसा खुलासा किया था जिसके बाद से नेहा और आदित्य की जोड़ी और ज्यादा चर्चित हो गई थी. उन्होनें इस शो में पहुंचकर अपनी दिल की इच्छा बताते हुए कहा कि आदित्य और नेहा को एक साथ देखकर उन्हें काफी अच्छा लगता है और वे चाहते है कि नेहा कक्कड़ उनके घर की बहू बन जाए.

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आखिर क्या होगा नेहा कक्कड़ का फैसला…

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अब देखने वाली बात ये होगी कि आखिर नेहा कक्कड़ और आदित्य नारायण का ये रिलेशन किस मुकाम तक पहुंचेगा. क्या उदित नारायण का नेहा कक्कड़ को अपने घर की बहू बनाने की दिली इच्छा पूरी हो पाएगी. कुछ समय पहले ही नेहा कक्कड़ का उनके बौयफ्रेंड हिमांश कोहली (Himansh Kohli) से ब्रेक-अप हुआ था जिसके बाद से वे काफी उदास रहने लगी थीं.

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पर अब ऐसा लग रहा है कि नेहा हिमांश के साथ अपने रिश्ते को लेकर मूव-औन कर चुकी हैं और आदित्य के साथ अपने नए रिश्ते को लेकर काफी सोच विचार कर रही हैं.

तो क्या विकास की राजनीति के आगे फीकी पड़ गई शाहीन बाग की राजनीति

लुटियंस दिल्ली की आवाम ने इस बार भी अरविंद केजरीवाल की दिल खोलकर वोट दिए. विरोधी पार्टियों के खेमों में मातम पसरा हुआ है. भाजपा लगातार हिंदी बेल्टों में चुनाव हारती जा रही है. फिलहाल दिल्ली के चुनावों में दो पार्टियों के बीच ही टक्कर देखने को मिली. भाजपा और आप. भाजपा के पास न तो चेहरा और न ही काम. वहीं इसके उलट आप नेता सीएम केजरीवाल के पास खुद का उनका चेहरा था और पांच साल में दिल्ली में किया गया विकास. इसमें कोई दोराय नहीं कि दिल्ली में सरकारी स्कूलों की हालत बेहतर हुई है. दिल्ली में 24 घंटे बिजली आई और 200 यूनिट तक फ्री बिजली. इसके साथ ही साथ एक ईमानदार छवि.

लगभग 21 दिनों तक चले आक्रामक प्रचार के बावजूद दिल्ली में भाजपा की नैया डूब गई. भाजपा ने ध्रुवीकरण की आक्रामक पिच तैयार कर रखी थी, इसके बावजदू पार्टी को सफलता नहीं मिली. शाहीनबाग में प्रदर्शन से मानों भाजपा को मुंहमागी मुराद जैसा कुछ हाथ लग गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित अन्य छोटे से लेकर बड़े नेता हर रैली और सभाओं में शाहीनबाग का मुद्दा उछालते रहे. सभाओं में ये नेता जनता के बीच सवाल उछालते रहे कि आप शाहीनबाग के साथ हैं या खिलाफ?

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इसके अलावा शरजील इमाम के असम वाले बयान, जेएनयू, जामिया हिंसा को भी भाजपा ने मुद्दा बनाकर बहुसंख्यक मतदाताओं को साधने की कोशिश की. छोटे से केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली के लिए भाजपा ने जितनी ताकत झोंक दी, उतनी बड़े-बड़े राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने मेहनत नहीं की थी. लगभग 4500 सभाओं का आयोजन किया गया. भाजपा ने गली-गली मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद-विधायकों की फौज दौड़ा दी. कोई मुहल्ला नहीं बचा, जहां बड़े नेताओं ने नुक्कड़ सभाएं नहीं कीं. भाजपा ने अपने पक्ष में जबरदस्त माहौल बनाने की कोशिश की, लेकिन आम आदमी पार्टी की मुफ्त बिजली-पानी देने की योजना पर पार नहीं पा सकी.

दिल्ली भाजपा के एक बड़े नेता ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा, “केंद्रीय नेतृत्व ने जबरदस्त उत्साह के साथ काम किया. सिर्फ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने केवल 11 दिनों में 53 सभाएं की, दूसरी तरफ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 63 सभाएं की. केंद्रीय नेतृत्व ने महज 21 दिन में चुनाव को टक्कर का बना दिया. लेकिन पूरे पांच साल तक दिल्ली भाजपा सोती रही, जिसकी वजह से हम हार गए.”

भाजपा के नेता मानते हैं कि केजरीवाल ने जिस तरह से दो सौ यूनिट बिजली, महीने में 20 हजार लीटर पानी मुफ्त कर दिया, उससे आम जन और गरीब परिवारों की जेब पर भार कम हुआ है. लाभ पाने वाला गरीब तबका चुनाव में साइलेंट वोटर बना नजर आया.

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बिजली कंपनियों के आंकड़ों की बात करें, तो एक अगस्त को योजना की घोषणा होने के बाद दिल्ली में कुल 52 लाख 27 हजार 857 घरेलू बिजली कनेक्शन में से 14,64,270 परिवारों का बिजली बिल शून्य आया. लाभ पाने वालों ने झाड़ू पर बटन दबाया. दूसरी तरफ, भाजपा का यह भी मानना है कि शाहीनबाग से हुए ध्रुवीकरण का फायदा आप सरकार को हुआ. नागरिकता संशोधन कानून आने के बाद से मुस्लिमों की बड़ी आबादी के मन में डर बैठ गया है. मुसलमानों ने उस पार्टी को जमकर वोट दिया जो भाजपा को हराने में सक्षम थी.

कांग्रेस दिल्ली चुनाव में कहीं नजर नहीं आई, ऐसे में मुसलमानों का अधिकतर वोट आम आदमी पार्टी को गया. यहां तक कि चांदनी चौक, सीलमपुर, ओखला आदि सीटों पर मुस्लिमों का वोट कांग्रेस को न जाकर आम आदमी पार्टी को गया. आम आदमी पार्टी ने महिलाओं पर भी फोकस किया, और इसके जवाब में भाजपा ने कुछ नहीं किया. केजरीवाल सरकार ने बसों में 30 अक्टूबर को भैयादूज के दिन से मुफ्त सफर की महिलाओं को सौगात दी. एक आंकड़े के मुताबिक, प्रतिदिन करीब 13 से 14 लाख महिलाएं दिल्ली में बसों में सफर करती हैं.

स्कूलों की वजह से दिल्ली का एक बड़ा तबका प्रभावित हुआ है. दिल्ली सरकार ने सबसे ज्यादा लाभ निजी स्कूलों की फीस पर अंकुश लगाकर मध्यमवर्गीय जनता को दिया. गौरतलब है कि अधिकांश स्कूल कांग्रेस और भाजपा नेताओं के हैं. ऐसे में केजरीवाल ने फीस पर नकेल कस दी. इसका लाभ मध्यमवर्गीय परिवारों को हुआ है और चुनाव में जिसका सीधा फायदा आप को हुआ.

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भाजपा नेता मानते हैं कि अनाधिकृत कॉलनियों का मुद्दा काम नहीं आया. उलटे ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ का मुद्दा पार्टी के लिए सिरदर्द बन गया. इस योजना को लेकर झुग्गियों में खूब अफवाह फैलाया गया. भाजपा का एक बड़ा वर्ग का यह भी मानना है कि भाजपा का हद से ज्यादा आक्रामक चुनाव प्रचार फायदा देने की जगह नुकसान कर गया. केजरीवाल खुद भाजपा की भारी-भरकम बिग्रेड का बार-बार हवाला देते हुए खुद को अकेला बताते रहे. ऐसे में जनता की केजरीवाल के प्रति सहानुभूति उमड़ी और भाजपा को नुकसान हुआ.

भाजपा को ये समझना पड़ेगा कि सिर्फ राष्ट्रवाद के सहारे चुनाव नहीं जीते जा सकते. चुनाव के लिए आपके पास काम का भी लंबा चिट्ठा सामने होना चाहिए. भाजपा के हाथ से लगातार बड़े राज्य छूटते गए हैं. बात करें तो मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, महाराष्ट्र और अब दिल्ली में भाजपा को करारी हार मिली है. कहीं न कहीं जनता को समझ आ गया है कि केंद्र और  राज्य की राजनीति में फर्क क्या होता है. इसी दिल्ली के लोगों ने पीएम मोदी को सात की सात सीटें लोकसभा में दी थी लेकिन वहीं विधानसभा चुनावों में जीत का सेहरा आप को पहनाया.

Bigg Boss 13: Siddharth ने बताई Rashami से झगड़े की असली वजह, देखें Video

बिग बौस सीजम 13 (Bigg Boss 13) के लिए ये कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि बाकी सीजनों के मुकाबले सीजन 13 काफी दिलचस्प और हंगामों भरा रहा है. इस सीजन का इतना सफल होने के पीछे कई कारण हैं पर उन सब में से एक सबसे बड़ा कारण ये भी है कि इस बार कंटेस्टेंट्स की पर्सनल लाइफ के बारे में भी दर्शकों को जानने को मिला है और दर्शकों ने भी अपने फेवरेट कंटेस्टेंट्स को सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए सपोर्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

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आखिर क्या था सिद्धार्थ-रश्मि का सच…

पिछले एपिसोड में हमने जाने माने न्यूज एंकर रजत शर्मा (Rajat Sharma) को बिग बौस के घर के अंदर आते देखा और साथ ही रजत शर्मा ने रश्मि देसाई (Rashami Desai), असीम रियाज (Asim Riaz), पारस छाबड़ा (Paras Chhabra) और सिद्धार्थ शुक्ला (Siddharth Shukla) पर कई आरोप लगाए जिसके चलते उन सबको सभी के सामने सच्चाई बतानी पड़ी. हालांकि इन आरोपों का सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है और आज के एपिसोड में शहनाज गिल (Shehnaz Gill) समेत बाकी कंटेस्टेंट पर भी कई आरोप लगने बाकी हैं. बात की जाए सिद्धार्थ शुक्ला और रश्मि देसाई के रिश्ते की तो जब से बिग बौस सीजन 13 की शुरूआत हुई है तब से ही दर्शक इस बात को जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर सिद्धार्थ शुक्ला और रश्मि देसाई की गहरी दोस्ती दुश्मनी में कैसे बदल गई.

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सिद्धार्थ ने खोली रश्मि की पोल…

न्यूज एंकर रजत शर्मा (Rajat Sharma) ने रश्मि (Rashami) से सवाल करते वक्त उनके अरहान खान (Arhaan Khan) के साथ रिश्ते के बारे में पूछा और साथ ही सिद्धार्थ के बारे में भी पूछा. जब सिद्धार्थ से रश्मि के बारे में पूछा गया तब सिद्धार्थ ने उनके झगड़े की असल वजह बताते हुए कहा कि, “मैं रश्मि देसाई को काफी पसंद करता था और वे मुझे बहुत अच्छी लगती थीं पर उनके सीरियल दिल से दिल तक (Dil Se Dil Tak) के दौरान उन्होनें मेरे खिलाफ कई शिकायतें लिखीं जो कि सारी की सारी झूठी थीं. तब से उनकी और मेरी लड़ाई शुरू हुई थी.”

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हर महीने बदलते रहते हैं रिलेशनशिप्स…

रजत शर्मा ने एक और बात सिद्धार्थ से रश्मि को लेकर पूछी जिसका जवाब सुन रश्मि समेत बाकी सब हैरान रह गए. रजत शर्मा ने जब सिद्धार्थ से ये पूछा कि अब आपका रश्मि के साथ रिलेशनशिप स्टेटस क्या है तो इसके जवाब में सिद्धार्थ ने कहा कि “रश्मि के रिलेशनशिप्स हर महीने बदलते रहते हैं.”

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अब देखने वाली बात ये होगी कि रजत शर्मा द्वारा लगाए जाने वाले इन आरोपों से घर का माहौल किस तरह से बदल जाएगा.

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