अस्पताल में तकरीबन 3 महीने की ट्रेनिंग चल रही थी. मरीजों का टैंपरेचर, ब्लडप्रैशर, नाड़ी वगैरह के रिकौर्ड रखने से ले कर उन्हें सुलाने तक की जिम्मेदारी थी.