एक कहावत है कि इंसान को उतने पैर पसारने चाहिए, जितनी चादर हो. लेकिन ऐसा होता नहीं है. आजकल तो बिलकुल नहीं. अगर महत्त्वाकांक्षी आशु ने पति और घर को समझा होता तो वह जीवित होती और उस का पति जेल के बजाए उस के साथ होता. लेकिन...