झारखंड के दूसरी बार मुख्यमंत्री बने युवा हेमंत सोेरेन से अगर किसी को बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं, तो वे नौजवान और छात्र हैं, जो भाजपा राज में रोजगार और तालीम के बाबत हिम्मत हार चुके थे.