कामसूत्र स्वीकार्य है, मगर सेक्स से परहेज: गीतल पटेल

बेहद मादक म्यूज़िक वीडियो वैमबैम को आज मुम्बई के सहारा होटल के लाइनक्राफ्ट में लौन्च किया गया. वैमबैम एक पश्चिमी थीम पर आधारित गाना है, जिसमें गीतल पटेल, प्रीयम गुज्जर, विकेड सन्नी और रेखा अपनी अदाओं से लोगों को लुभाएंगे.

बोल्ड सेक्स कौन्सेप्ट पर बने म्यूजिक वीडियो वैमबैम में थ्रीसम को मादक अंदाज में पेश किया गया है. इसमें कोरियोग्राफर गणेश आचार्य की असिस्टेंट रह चुकीं गीतल पटेल, कलर्स चैनल के शो श्रीमद भागवत और औल्ट बालाजी की गंदी बात में नजर आनेवाले प्रियोम और रैपर विकेड सन्नी का एक अलहदा अंदाज नजर आएगा.

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वैमबैम के रचयिता हैं जेडी और इसे गीतल पटेल ने प्रोड्यूस किया है. प्रोड्यूसर गीतल पटेल इस वीडियो को लेकर काफी उत्साहित हैं. उन्होंने कहा, “सेंक्सुएलिटी को एक्सप्लोर किया जाना चाहिए. एक तरफ हमने ही भारत ने दुनिया के सामने कामसूत्र को लोगों के सामने पेश किया है और दूसरी तरफ हम लोग ही सेक्स को टैबू मानते हैं. हम एक ऐसी दुनिया में जीना चाहते हैं जहां सेक्सुअल होने को किसी तरह की समस्या न माना जाए. उन्होंने आगे कहा कि ये एक बेहद बोल्ड विषय पर आधारित है और मैं बाकियों से इसमें दिखने की उम्मीद नहीं कर रही थी.”

वैमबैम वीडियो के थ्रीसम कौन्सेप्ट के बारे में उन्होंने कहा, “यह आइडिया डायरेक्टर की तरफ से आया था, जो मुझे बेहद पसंद आया. उन्होंने आगे कहा, “वास्तविकता को ट्विस्ट देकर इस वीडियो में पेश किया गया है. हम किसी भी मीडिया प्लेटफौर्म पर जो कुछ भी देखते हैं, दरअसल वो सबकुछ हमारे आसपास हो रहा होता है.” उन्होंने उम्मीद जताई कि लोगों को यह वीडियो पसंद आएगा.

वैम बैम म्यूज़िक वीडियो के ग्रैंड लौंच पर राष्ट्रीय हौकी टीम के खिलाड़ी युवराज वाल्मीकि के अलावा कई चर्चित हस्तियां, मयंक निश्छल, सोहिल, डौली चावला, मिस्टर इंडिया स्टाइल आइकन लक्ष्य शर्मा आदि शामिल हुए.

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मेकिंग रीलइजन प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनाये गये इस वीडियो का संगीत शिवांग माथुर ने दिया है और इसके बोल शायरा अपूर्वा ने लिखे हैं. इस मदहोश कर देने वाले गीत को अपनी मादक आवाज शिवांग माथुर और शुभेच्छा मोहंती ने दी है. इसके म्यूज़िक प्रोड्यूसर हैं रिषित चौहान और म्यूज़िक एसिस्टेंट की जिम्मेदारी चिराग चोपड़ा ने निभाई है. इस वीडियो की सिनेमाट्रोग्राफी गुरू खाब ने की है, न्यूओ क्लासिक स्टूडियोज ने इस म्यूज़िक वीडियो को एडिट किया है और इसके कोरियोग्राफर निखिल शर्मा हैं. पृथ्वी शर्मा ने इस गाने की मिक्सिंग और मास्टरिंग की है जबकि चिराग चोपड़ा और अनुराग मोहापात्रा इसके वोकल कंडक्टर्स हैं. कौस्ट्यूम डिजाइनिंग शिल्पा चौरसिया व स्टाइलिंग निशा कलसानिया ने की है और हेयर व मेक-अप का कार्यभार राकेश तिवारी व भावना ने संभाला है.

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काश, आपने ऐसा न किया होता: भाग 3

पहला भाग पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें- काश, आपने ऐसा न किया होता: भाग 2

‘‘औरत भी बलात्कार कर सकती है,’’ भैया भनक कर बोले, ‘‘इस का पता मुझे तब चला जब तुम ने भीड़ जमा कर के सब के सामने यह कह दिया था कि मैं ने तुम्हें रेप करने की कोशिश की है, वह भी आफिस के केबिन में. हम में अच्छी दोस्ती थी, मुझे कुछ करना ही होता तो क्या जगह की कमी थी मेरे पास? हर शाम हम साथ ही होते थे. रेप करने के लिए मुझे आफिस का केबिन ही मिलता. तुम ने गिरीश की प्रमोशन के लिए मुझे सब की नजरों में गिराना चाहा…साफसाफ कह देतीं मैं ही हट जाता. इतना बड़ा धोखा क्यों किया मेरे साथ? अब इस से क्या चाहती हो, बताओ मुझे. इसे अकेला लावारिस मत समझना.’’

‘‘मैं किसी से कुछ नहीं चाहती सिर्फ माफी चाहती हूं. तुम्हारे साथ मैं ने जो किया उस का फल मुझे मिला है. अब गिरीश मेरे साथ नहीं रहता. मेरा बेटा भी अपने साथ ले गया…सोम, जब से मैं ने तुम्हें बदनाम करना चाहा है एक पल भी चैन नहीं मिला मुझे. तुम अच्छे इनसान थे, सारी की सारी कंपनी तुम्हें बचाने को सामने चली आई. तुम्हारा कुछ नहीं बिगड़ा…मैं ही कहीं की नहीं रही.’’

‘‘मेरा क्या नहीं बिगड़ा…जरा बताओ मुझे. मेरे काम पर तो कोई आंच नहीं आई मगर आज किसी भी औरत पर विश्वास कर पाने की मेरी हिम्मत ही नहीं रही. अपनी मां के बाद तुम पहली औरत थीं जिसे मैं ने अपना माना था और उसी ने अपना ऐसा रूप दिखाया कि मैं कहीं का नहीं रहा और अब मेरे भाई को अपने जाल में फंसा कर…’’

‘‘मत कहो सोम ऐसा, विजय मेरे भाई जैसा है. अपने घर बुला कर मैं तुम्हारी पत्नी से और विजय से अपने किए की माफी मांगनी चाहती थी. मेरी सांस बहुत घुटती है सोम. तुम मुझे क्षमा कर दो. मैं चैन से जीना चाहती हूं.’’

‘‘चैन तो अपने कर्मों से मिलता है. मैं ने तो उसी दिन तुम्हारी और गिरीश की कंपनी छोड़ दी थी. तुम्हें सजा ही देना चाहता तो तुम पर मानहानि का मुकदमा कर के सालों अदालत में घसीटता. लेकिन उस से होता क्या. दोस्ती पर मेरा विश्वास तो कभी वापस नहीं लौटता. आज भी मैं किसी पर भरोसा नहीं कर पाता. तुम्हारी सजा पर मैं क्या कह सकता हूं. बस, इतना ही कह सकता हूं कि तुम्हें सहने की क्षमता मिले.’’

अवाक् था मैं. भैया का अकेलापन आज समझ पाया था. श्रीमती गोयल चीखचीख कर रो रही थीं.

‘‘एक बार कह दो मुझे माफ कर दिया सोम.’’

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‘‘तुम्हें माफ तो मैं ने उसी पल कर दिया था. तब भी गिरीश और तुम पर तरस आया था और आज भी तुम्हारी हालत पर अफसोस हो रहा है. चलो, विजय.’’

श्रीमती गोयल रोती रहीं और हम दोनों भाई वापस गाड़ी में आ कर बैठ गए. मैं तो सकते में था ही भैया को भी काफी समय लग गया स्वयं को संभालने में. शायद भैया शोभा से प्यार करते होंगे और शोभा गिरीश को चाहती होगी, उस का प्रमोशन हो जाए इसलिए भैया से प्रेम का खेल खेला होगा, फिर बदनाम करना चाहा होगा. जरा सी तरक्की के लिए कैसा अनर्थ कर दिया शोभा ने. भैया की भावनाओं पर ऐसा प्रहार सिर्फ तरक्की के लिए. भैया की तरक्की तो नहीं रुकी. शोभा ने सदा के लिए भैया को अकेला जरूर कर दिया. कब वह दिन आएगा जब भैया किसी औरत पर फिर से विश्वास कर पाएंगे. यह क्या किया था श्रीमती गोयल आप ने मेरे भाई के साथ? काश, आप ने ऐसा न किया होता.

उस रात पहली बार मुझे ऐसा लगा, मैं बड़ा हूं और भैया मुझ से 10 साल छोटे. रो पड़े थे भैया. खाना भी खा नहीं पा रहे थे हम.

‘‘आप देख लेना भैया, एक प्यारी सी, सुंदर सी औरत जो मेरी भाभी होगी एक दिन जरूर आएगी…आप कहते हैं न कि हर कीमती राह तरसने के बाद ही मिलती है और किसी भी काम का एक निश्चित समय होता है. जो आप की थी ही नहीं वह आप की हो कैसे सकती थी. जो मेरे भाई के लायक होगी कुदरत उसे ही हमारी झोली में डालेगी. अच्छे इनसान को सदा अच्छी ही जीवनसंगिनी मिलनी चाहिए.’’

डबडबाई आंखों में ढेर सारा प्यार और अनुराग लिए भैया ने मुझे गले लगा लिया. कुछ देर हम दोनों भाई एकदूसरे के गले लगे रहे. तनिक संभले भैया और बोले, ‘‘बहुत तेज चलने वालों का यही हाल होता है. जो इनसान किसी दूसरे के सिर पर पैर रख कर आगे जाना चाहता है प्रकृति उस के पैरों के नीचे की जमीन इसी तरह खींच लेती है. मैं तुम्हें बताना ही भूल गया. कल पापा से बात हुई थी.

बौबी का बहुत बड़ा एक्सीडेंट हुआ है. उस ने 2 बच्चों को कुचल कर मार दिया. खुद टूटाफूटा अस्पताल में पड़ा है और मांबाप पुलिस से घर और घर से पुलिस तक के चक्कर लगा रहे हैं. जिन के बच्चे मरे हैं वे शहर के नामी लोग हैं. फांसी से कम सजा वे होने नहीं देंगे. अब तुम्हीं बताओ, तेज चलने का क्या नतीजा निकला?’’

वास्तव में निरुत्तर हो गया मैं. भैया ने सच ही कहा था बौबी के बारे में. उस का आचरण ही उस की सब से बड़ी सजा बन जाने वाला है. मनुष्य काफी हद तक अपनी पीड़ा के लिए स्वयं ही जिम्मेदार होता है.

दूसरे दिन कंपनी के काम से जब मुझे श्रीमती गोयल के पास जाना पड़ा तब उन का झुका चेहरा और तरल आंखें पुन: सारी कहानी दोहराने लगीं. उन की हंसी कहीं खो गई थी. शायद उन्हें मुझ से यह भी डर लग रहा होगा कि कहीं पुरानी घटना सब को सुना कर मैं उन के लिए और भी अपमान का कारण न बन जाऊं.

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पहली बार लगा मैं भी भैया जैसा बन गया हूं. क्षमा कर दिया मैं ने भी श्रीमती गोयल को. बस मन में एक ही प्रश्न उभरा :

आप ने ऐसा क्यों किया श्रीमती गोयल जो आज आप को अपनी नजरें शर्म से झुकानी पड़ रही हैं. हम आज वह अनिष्ट ही क्यों करें जो कब दुख का तूफान बन कर हमारे मानसम्मान को ही निगल जाए. इनसान जब कोई अन्याय करता है तब वह यह क्यों भूल जाता है कि भविष्य में उसे इसी का हिसाब चुकाना पड़ सकता है.

काश, आप ने ऐसा न किया  होता.

कुछ ऐसे भी लोग करते हैं टिक-टौक से अपनें सपनों को पूरा

आजकल तो वैसे भी टिक-टौक पर तमाम तरह के ऐसे गाने फेमस हो रहे हैं जिन्हें कई लोगों ने सुना भी नहीं होगा. लेकिन जैसे ही वो टिक-टौक पर आए वो अपने आप ही फेमस हो गए. अब तो बहुत से ऐसे टिक-टौक स्टार हैं जो इससे काफी पैसे भी कमा रहे हैं.

हालांकि कुछ लोगों का तो ये काम है और कुछ लोग अपने शौख के लिए बनाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्हें एक्टिंग आती तो नहीं है पर वो भी फिल्मी सपने देखते हैं और उन सपनों को वो टिक-टौक से पूरा कर रहें हैं. यहां पर वैसे तो टिक-टौक से फिल्मी सितारे भी अछूते नहीं रहें हैं. आजकल तो सिंगर हो या एक्टर हर कोई टिक-टौक पर छाया हुआ है. लेकिन ज़रा सोचिए उन लोगों के बारे में जो ज्यादा अमीर नहीं हैं उनके पास ना पैसा है और ना ही एक्टिंग का हुनर है लेकिन फिर भी वो वीडियोज़ बनाते हैं. बिना इस बात की परवाह किए कि उनके वो वीडियोज़ कितने फनी होते हैं.

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लोग उसे देखकर हंसते हैं मज़े लेते हैं. वो ये नहीं जानते कि उन गरीबों के भी कुछ सपने हैं जिन्हें वो सच में ना सही तो ऐसे ही पूरा कर रहें हैं. एक्सप्रेशन तो ऐसे-ऐसे देंगे की पूछो ही मत, लेकिन उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं है वो तो बस अपना शौक पूरा कर रहें हैं. बीच में एक समय ऐसा आया था जब मद्रास हाई कोर्ट में टिक-टौक के खिलाफ केस चल रहा था क्योंकि की लोगों की इसकी वजह से जान भी चली गई थी.

टिक-टौक पर कुछ बेहुदा कंटेट आ गए थे जिससे कई बकवास वीडियो लोग बनाने लगे थे और कई लोगों ने वीडियो बनाने के चक्कर में अपनी जान दे दी. कोई गाने में अपनी हथेली काट रहा था तो कोई सच में फिनायल पी रहा था. इसको देखते हुए टिक-टौक एप के खिलाफ केस दर्ज कर दिया गया. कई लोगों को इस एप से आपत्ति थी और आज भी है. मद्रास हाई कोर्ट ने इस एप पर बैन लगाने का फरमान तक दे दिया था. 17 अप्रैल को टिक-टौक को भारत में गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर से हटा दिया गया था. ये बैन भी हो गया था लेकिन कुछ समय बाद ये फिर से चालू कर दिया गया.

मद्रास के हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने ये फैसला टिक-टौक के पौजिटिव बयान आने के बाद लिया जब कंपनी ने कहा हम इसका गलत इस्तेमाल होने से रोकेंगे. शायद एक ऐसा ऐप है जिसके माध्यम से काफी लोग अपने फिल्मी सपने पूरे कर रहें हैं. लोग अपने अंदर की जितनी भी भरी हुइ क्रिएटिविटी है सब टिक-टौक पर निकल कर आ रही है. युवा आज के समय में इसके पीछे सबसे ज्यादा पागल हैं और साथ में कुछ माता- पिता भी ऐसे हैं जो साथ में लगे हुए हैं.

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कुछ बच्चे भी इस वक्त बहुत फेमस हैं क्योंकि उनके माता-पिता खुद उन्हें इस बात की छूट दे रहें हैं. टिक-टौक बहुत बुरा नहीं हैं लेकिन तब तक जब तक आप इससे अपना मनोंरंजन कर  रहें हैं लेकिन अगर आपको इसकी लत है तो ये आपके लिए बुरा है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि कुछ लोगों को टिक-टौक की बीमारी है और एक रिर्पोट के मुताबिक भारत में ऐसे बिमारों की संख्या करीब 25 करोड़ है. हालांकि इस ऐप पर अब थोड़ी लगाम तो लग गई है लेकिन बीमारी अभी खतम नहीं हुई है क्योंकि जो लोग इसके बिना रह नहीं सकते हैं उनको बीमार ही कहेंगे.

चाइनीज कंपनी वाला ये एप इस वक्त पूरे भारत में पौपुलर है और इसके जरिए लोगों की एक्टिंग, सिंगिंग, डासिंग सब निकल कर बाहर आ रही हैं. लेकिन दोस्तों ये एप तभी तक अच्छा है जब तक आप इससे थोड़ा मनोरंजन कर रहे हैं क्योंकि अगर इसकी लत लगी तो फिर आपके लिए ये एप खतरनाक भी साबित हो सकता है.

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Street Dancer 3D ने सच किया HOT हसीना नोरा फतेही का ये सपना

‘स्ट्रीट डांसर 3-डी’  का ट्रेलर लॉन्च हो चुका है. फिल्म की  स्टारकास्ट यानी वरुण धवन, श्रद्धा कपूर और नोरा फतेही ने इस फिल्म में अपने डांस के खूब मूव्स दिखाए है. ट्रेलर में तीनों ही  कलाकार बहुत शानदार नजर आ रहे है लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है नोरा फ़तेही.

नोरा के फैन्स उनकी इस फिल्म का ट्रेलर देख कर बहुत खुश है और नोरा की काफी तारीफ कर रहे है. नोरा का सोशल मीडिया पूरी तरह तारीफों से भरा पड़ा है.  ट्रेलर लॉन्च पर भी नोरा बेहद खुश और उत्साहित नजर आयी.

सच हुआ नोरा का सपना

इस दौरान नोरा ने अपने अनुभव बताते हुए कहा  कि “यह फिल्म मेरा सपना है, दरअसल मैं बचपन से ही ये चाहती थी कि किसी डांसिंग फिल्म में काम करूं और आज वह सपना सच हो हुआ है.

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सभी डांसर्स का सम्मान करती है ये फिल्म

नोरा ने आगे कहा- यह फिल्म सभी डांसर्स का सम्मान करती है, यह दिखाती है की सभी डांसर्स कितनी मेहनत और कोशिशों से यहां तक पहुंचे है. सभी डांसर्स के लिए मेरे दिल में बहुत आदर है.  मैं कैनेडा, मोरक्को और भारत के सभी डांसर्स का प्रतिनिधित्व इस स्टेज पर कर रही हूं. इसकी मुझे ख़ुशी है. नोरा ने फिल्म निर्देशक रेमो डिसूजा का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, मैंने उनके साथ एक अलबम शूट किया था तब मैंने उनसे कहा था की मुझे आपकी फिल्म में काम करना है, उन्होंने मुझे मौका दिया इसलिए उनकी बहुत ही आभारी हूं.

बता दें कि ‘एबीसीडी’ फ्रेंचाइजी की यह तीसरी फिल्म है. इससे पहले दोनों फिल्मों को काफी पसंद किया गया था. ‘स्ट्रीट डांसर 3डी’ का निर्देशन रेमो डिसूजा ने किया है. ये फिल्म 24 जनवरी, 2020 को रिलीज होगी.

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CAA PROTEST: यूपी में हिंसा के बाद 15 लोगों की मौत, 705 गिरफ्तारियां

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं. बिल पास होने तक ये विद्रोह पूर्वोत्तर के राज्यों तक ही सीमित था लेकिन अब ये देश के ज्यादातर हिस्सों तक फैल चुका है. यूपी में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई. फिलहाल अभी तक यूपी के कई हिस्सों में रह रहकर प्रदर्शनकारी सड़कों पर आ रहे हैं और पत्थरबाजी और आगजनी कर रहे हैं. पुलिस प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस, वाटर कैनन जैसे प्रसाधनों से उन पर काबू पाने की कोशिश कर रही है.

शनिवार को कानपुर और रामपुर में प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई. रामपुर में एक की मौत हो गई. अन्य जिलों में छिटपुट घटनाएं हुई हैं. पुलिस के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों के दौरान 11 दिनों के भीतर 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 705 गिरफ्तारियां हुई हैं. 4500 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

आईजी (कानून व्यवस्था) प्रवीण कुमार के मुताबिक, “पूरे प्रदेश में 10 दिसंबर से लेकर अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. हिंसक प्रदर्शनों में 705 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है. पुलिस हिंसाग्रस्त इलाकों में गश्त कर लोगों से शांति की अपील कर रही है.”

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अब लखनऊ समेत 15 जिलों में सोमवार को दोपहर 12 बजे तक इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं बंद रहेंगी. मोबाइल ऑपरेटरों को गृहमंत्रालय द्वारा आदेश भेजे गए हैं. लखनऊ, सहारनपुर, मेरठ, शामली, मुजफरनगर, गाजियाबाद, बरेली, मऊ, संभल, आजमगढ़, आगरा, कानपुर, उन्नाव, मुरादाबाद, प्रयागराज शामिल हैं. अन्य जिलों में भी इंटरनेट सेवाओं को बंद रखने का फैसला वहां के डीएम पर छोड़ा गया है. स्थितियों के अनुरूप वे इंटरनेट सेवाओं को प्रतिबंधित कर सकते हैं.

शनिवार को लखनऊ की एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि 250 लोगों को वीडियो फुटेज और फोटो के आधार पर चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल बाकी प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. प्रशासन इन आरोपियों पर रासुका और संपत्ति कुर्क की कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है. उधर, गोरखपुर में भी प्रदर्शन करने वालों के पुलिस ने स्केच जारी किए हैं.

शनिवार को कानपुर के यतीमखाना में जुलूस निकाला गया. इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले भी छोड़े. इसमें 12 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी है. सपा के विधायक अमिताभ बाजपेयी और हाजी इरफान सोलंकी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है.

दूसरी ओर, रामपुर में प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उलेमाओं ने बंद बुलाया. इस दौरान हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए. ईदगाह के पास इकट्ठा होकर लोगों ने जमकर नारेबाजी की. इस दौरान पुलिस और भीड़ बिल्कुल आमने-सामने हो गई. प्रदर्शन के दौरान भीड़ इतनी उग्र हो गई कि उन्होंने एक पुलिस जीप के अलावा अन्य आठ वाहनों को भी फूंक दिया. इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान एक शख्स की मौत हो गई. हालांकि पुलिस ने कहा कि उसकी ओर से कोई फायरिंग नहीं की गई है.

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मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कच्ची सड़क के पास केवलपुरी में शनिवार को दो पक्षों के बीच पथराव हो गया. इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से पथराव किया गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को वहां से खदेड़ दिया. तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

झांसी में सोशल मीडिया की निगरानी कर रही पुलिस ने भड़काऊ पोस्ट वाली 300 फेसबुक आईडी ब्लॉक कर दी हैं. इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी हो रही है. शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने बढ़ती हिंसा के बीच कहा कि मुस्लिम समुदाय से शांति बनाए रखने की अपील की. पुलिस महानिदेशक सिंह ने कहा, “हिंसा करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा. हिंसा में बाहरी लोगों का हाथ है। उन्होंने आशंका जताई कि हिंसा में एनजीओ और राजनीतिक लोग भी शामिल हो सकते हैं. हम किसी निर्दोष को गिरफ्तार नहीं करेंगे.”

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने बताया कि सीएए को लेकर लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों में अब तक 124 एफआईआर दर्ज की गई हैं. 705 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं 4500 लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया है. आईजी के अनुसार, पथराव व आगजनी में 263 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से 57 पुलिसकर्मियों को गोली लगी है.

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उन्होंने बताया कि हिंसा में 15 लोगों की मौत हुई है. पुलिस ने 405 खोखे बरामद किए हैं. आईजी ने बताया कि सोशल मीडिया के 14,101 आपत्तिजनक पोस्टों से संबंधित लोगों पर कार्रवाई की गई है. इनमें ट्विटर की 5965, फेसबुक की 7995 और यूट्यूब की 142 आपत्तिजनक पोस्टों पर कार्रवाई की गई है. इनमें 63 एफआईआर दर्ज की गई हैं, वहीं 102 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, इनके अलावा 442 पाबंद किए गए हैं.

नायरा-कार्तिक की शादी रोकने के लिए वेदिका करेगी ये काम, Shocked हो जाएंगे सभी

स्टार प्लस का बेहद पौपुलर शो ये रिश्ता क्या कहलाता है में आए दिन नए ट्विस्ट्स एंड टर्नस् देखने को मिलते रहते हैं. जहां एक तरफ कार्तिक और नायरा ने अपने बीच की सारी गलतफहमियां दूर कर एक दूसरे के साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया है तो वहीं दूसरी तरफ वेदिका को यह बात सताए जा रही है और वे हर वो मुमकिन कोशिश कर रही है जिससे कि कार्तिक और नायरा का रिश्ता टूट जाए.

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वेदिका करेंगी नायरा को चोट पहुंचाने की कोशिश…

हाल ही में हुई कार्तिक और नायरा की संगीत सेरेमनी में वेदिका ने काफी बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया था और अब बारी है इन दोनों की मेहेंदी सेरेमनी की. वेदिका इन दोनो की मेंहेंदी सेरेमनी पर भी पानी फेरने को तैयार बैठी है. जी हां आने वाले एपिसोड में वेदिका नायरा को चोंट पहुंचाने की कोशिश करेंगी पर उनकी ये कोशिश भी नाकामयाब होने वाली है क्योंकि एंड वक्ट पर एंट्री ले कर कार्तिक नायरा को बचा लेगा.

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शादि के दिन ही होगी तलाक की सुनवाई…

इसी के चलते दादी भी वेदिका के इरादों को समझ चुकी हैं और वे वेदिका को समझाती हैं कि उसे कार्तिक और नायरा की खुशियों से दूर रहना चाहिए. पर दादी की बातों को नजरअंदाज कर वेदिका हर वो तरीके प्लैन करती दिखाई देंगी जिससे कि कार्तिक और नायरा के रिश्ते पर असर पड़ेगा. सबसे बड़ी बात जो आने वाले एपिसोड्स में देखने को मिलेगी वो ये होगी कि कार्तिक और नायरा की शादी के दिन ही कार्तिक और वेदिका के तलाक की सुनवाई होगी.

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क्या अपने इरादों में सफल हो पाएंगी वेदिका…

ऐसे में वेदिका हर वो मुमकिन कोशिश करेगी जिससे की इन दोनों की शादी रुक जाए और ऐसे में वेदिका समय पर कोर्ट नहीं पहुंचेगी. तो अब देखना ये होगी कि क्या कार्तिक और नायरा की शादी उसी दिन हो पाएगी और वेदिका और क्या चाल चलेगी जिससे कि वे कार्तिक और नायरी की शादी रुकवाने में सफल हो पाए.

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बिग बौस सीजन 13 जबसे शुरू हुआ है तब से ही घर में आए दिन कोई ना कोई नया हंगामा खड़ा हो जाता है और यही कारण है कि दर्शकों को ये सीजन काफी पसंद आ रहा है और बाकी सीजन के मुकाबले बिग बौस का सीजन 13 सबसे सफल सीजन रहा है. इस सीजन में हर चीज भरपूर देखने को मिली है फिर चाहे वे पंजाब की कैटरीना कैफ यानी शहनाज गिल का दर्शकों को एंटरटेन करना हो या फिर रश्मि देसाई और सिद्धार्थ शुक्ला की लड़ाई हो. असीम और पारस का टास्क के दौरान गेम प्लैन भी काफी दिलचस्प दिखाई दिया.

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सिद्धार्थ और रश्मि के बीच होगी भयंकर लड़ाई…

इस सीजन के होस्ट सलमान खान ने भी घर में रह रहे सदस्यों की जमकर क्लास लगाई और शायद इस वीकेंड के वौर में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिलेगा. बिग बौस के मेकर्स ने आज के एपिसोड का एक प्रोमो रिलीज किया है जिसमें दो पुराने दुश्मनों के बीच फिर से लड़ाई होती दिखाई देने वाली है. जी हां आज के एपिसोड में सिद्धार्थ शुक्ला और रश्मि देसाई के बीच काफी भयंकर लड़ाई दर्शकों को देखने मिलेगी.

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सिद्धार्थ और अरहान के बीच होगी हाथापाई…

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लड़ाई के चलते ही रश्मि देसाई सिद्धार्थ के ऊपर चाय फेंक देंगी और इसी वक्त सिद्धार्थ भी अपनी चाय इन पर फेंक देंगे. इसके बाद सिद्धार्थ का गुस्सा सांतवे आस्मान पर पहुंच जाएगा और जैसे ही अरहान लड़ाई के बीच में आएंगे तब सिद्धार्थ उन्हें भी शर्ट से पकड़ कर अपनी तरफ खीचेंगे जिससे की अरहान की शर्ट फट जाएगी. इस दौरान सिद्धार्थ की दोस्त शहनाज गिल सिद्धार्थ को शांत करती नजर आएंगी.

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“मैं शो से ऊपर खुद को रखूंगी…”

इसके बाद रश्मि देसाई सलमान खान को ये कहती दिखाई देंगी कि ‘’अगर ऐसे 2 कोड़ी की सोच रखने वाला आदमी मुझे ऐसे बोलेगा को मैं शो से ऊपर खुद को रखूंगी.” अब देखने वाली बात ये होगी सलमान खान आज के एपिसोड में रश्मि देसाई और सिद्धार्थ की लड़ाई को लेकर क्या एक्शन लेंगे.

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एक भावनात्मक शून्य: भाग 3

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‘‘मिन्नी का तो मम्मीपापा जानें… मुझे अपना पता है. बस, शादी नहीं करना चाहता.’’

‘‘मिन्नी के लिए मम्मीपापा क्यों जानें? तुम भाई हो न.’’

‘‘मिन्नी से बात किए मुझे शायद 5-6 साल हो गए. हम आपस में बात ही नहीं करते. तुम तरस रहे हो तुम्हारी कोई बहन होती. मेरी है न, मैं उस से बोलता ही नहीं.’’

मानो आसमान से नीचे गिरा मैं. कानों से सुनी बात पर विश्वास ही नहीं हुआ. क्या विजय अपनी सगी बहन से बात नहीं करता? लेकिन क्यों? ऐसा क्यों?

‘‘एक वक्त था…मुझे बहुत तकलीफ हुई थी जब मेरी बहन ने इतना बड़ा मजाक मेरे साथ किया था. किसी पराई लड़की के साथ शर्त लगाई थी. मेरा दोष सिर्फ इतना था कि मैं ने उसे किसी के साथ दोस्ती करने से रोका था. कोई था जो अच्छा नहीं था. उन दिनों मिन्नी बी.सी.ए. कर रही थी. उस की सुरक्षा चाहता था मैं. उस के मानसम्मान की चिंता थी मुझे. नहीं मानी तो मैं ने मम्मी से बात की. मान गई थी मिन्नी…उस के साथ दोस्ती तोड़ दी…और उस का बदला मुझ से लिया अपनी एक सहेली से मेरी दोस्ती करा कर.’’

मैं टुकुरटुकुर उस का चेहरा पढ़ता रहा.

‘‘मेरी बहन है न मिन्नी. मुझे कैसी लड़कियां पसंद हैं उसे पता था. बिलकुल उसी रूप में ढाल कर उसे घर लाती रही. मुझे सीधीसादी वह मासूम प्यारी सी लड़की भा गई. मम्मीपापा को भी वह घरेलू लगने वाली लड़की इतनी अच्छी लगी कि उसे बहू बना लेने पर उतारू हो गए. हमारा पूरा परिवार उस पर निछावर था. वह मुझे इतनी अच्छी लगती थी कि मेरी समूल भावनाएं उसी पर जा टिकी थीं.

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‘‘मैं कोई सड़कछाप आशिक तो नहीं था न सोम, ईमानदारी से अपना सब उस पर वार देने को आतुर था. क्या यही मेरा दोष था? क्या प्रेम की भूख लगना अनैतिक था? पूरी श्रद्धा थी मेरे मन में उस के लिए और जिस दिन मैं ने उसे अपने मन की बात कही उस ने खिलखिला कर हंसना शुरू कर दिया. क्षण भर में उस का रूप ऐसा बदला कि मेरी आंखें विश्वास ही नहीं कर पाईं. वह मिन्नी से शर्त जीत चुकी थी.

‘‘ ‘तुम्हारी बहन को किसी से प्रेम हो जाए तो गलत. अब तुम्हें मुझ से प्रेम हो गया तो सही. कैसे दोगले इनसान हो तुम.’ ’’

चुप हो गया विजय कहताकहता. धीरेधीरे बच्ची की आंखों के किनारे पोंछने लगा. सोईसोई भी वह रो रही थी. प्रश्न लिए आंखों में मुझे देखा विजय ने.

‘‘यह बेजबान बच्ची देखी है न, इतना रोई मेरे गले को अपने छोटेछोटे हाथों से कस कर कि मैं पत्थर हूं क्या जो समझ ही न पाऊं? मिन्नी तो मेरा खून है. क्या उसे पता नहीं चल सकता था मैं उस से कितना प्यार करता हूं. दुश्मन था क्या मैं? प्यार कोई तमाशा है क्या जिसे जहां चाहो मोड़ लो. उस का भला चाहा क्या यही मेरा दोष था. वह पल और आज का दिन मेरा मन ही मर गया. अब न मिन्नी के लिए दर्द होता है न अपने लिए ही कोई इच्छा जागती है.’’

रो पड़ा था मैं. स्नेह से विजय का हाथ पकड़ लिया, सोच रहा था…मैं भावुक हूं…मैं हूं जो भावना को सब से ऊपर मानता हूं.

‘‘वह लड़का अच्छा होता तो मैं मिन्नी का साथ देता,’’ विजय पुन: बोला, ‘‘उस की पढ़ाई पूरी हो जाती, कुछ तो भविष्य होता दोनों का. मैं तो नौकरी कर रहा था. शादी की उम्र थी मेरी. मांबाप भी सहमत थे. मैं गलत कहां था जो उस लड़की के मुंह से मुझे दोगला इनसान कहला भेजा. उस की हंसी मैं आज भी भूल नहीं पाता.

‘‘उस के बाद कुछ समझ में आया होगा मिन्नी के. मम्मीपापा ने भी डांटा. मुझ से माफी भी मांगी लेकिन दिल से मैं उसे माफ नहीं कर सका. बहन है राखी पर राखी बांध देती है. भाई हूं न, कहीं भाग तो नहीं सकता. मुसाफिर जैसी लगती है वह मुझे, जैसे सफर में कोई साथ हो. अपनी नहीं लगती. मैं मन को समझाता भी हूं. बुरा सपना समझ सब भूल जाना चाहता हूं लेकिन मन का कोना जागता ही नहीं, सदासदा के लिए मर गया.’’

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‘‘मर गया मत कहो विजय, सो गया कहो. जीवन में सब का एक हिस्सा प्रकृति निश्चित कर देती है. जो लड़की उस ने तुम्हारे लिए बनाई है वह अभी तुम्हारी आंखों के सामने आई ही नहीं तो कैसे तुम्हारा सोया कोना जागे. तुम एक अच्छे ईमानदार इनसान हो. कोई भी ऐसीवैसी तुम्हारी साथी नहीं न हो सकती. तुम्हारे समूल भाव बस उसी के लिए हैं जिन्हें तुम टुकड़ाटुकड़ा कर कहीं भी बिखेरना नहीं चाहते, जिसे भी मिलोगे तुम पूरेपूरे मिलोगे.

‘‘यह पूरापूरा, प्यारा सा मेरा भाई जिसे मिलेगा वह खुद भी तो उतनी ही सच्ची और ईमानदार होगी…और ऐसी लड़कियां आजकल बहुत कम मिलती हैं, बहत कम होती हैं ऐसी लड़कियां. इसलिए कीमती होती हैं लेकिन होती हैं यह एक शाश्वत सत्य है. तुम्हारा हिस्सा तुम्हें मिलेगा यह निश्चित है.’’

टपकने लगी थीं विजय की आंखें. मैं कंधा थपका कर कहने लगा, ‘‘क्या इसीलिए सब से दूरदूर भागते हो? चोर या अपराधी हो क्या तुम? मत भागो सब से दूर. मिन्नी तो सब के साथ घुलमिल कर खुश है और तुम व्यर्थ कटे से हो सब से. हादसा था, हुआ, बीत गया. माफ कर दो बहन को. हो सकता है उसे भी वह लड़का बहुत ज्यादा पसंद हो. प्यार की सीमा जरा अलग और ज्यादा विशाल होती है इतना तो मानते हो न. तुम भाई हो, तुम्हारे प्यार की हद उस सीमा से टकरा गई थी…बस, इतना ही हुआ था. इस में इतना गंभीर होने की क्या जरूरत है. जरा सोचो…माफ कर दो मिन्नी को. तुम्हारा हर सोया कोना जाग उठेगा.’’

सुनता रहा विजय. जैसे उस ने भी बरसों बाद अपना मन खोला था किसी के साथ. बच्ची सहसा उठ कर रोने लगी थी. वही टूटेफूटे शब्द थे, ‘पा…पा…’

‘‘आजा बच्चे मेरे पास.’’

समस्त अनुराग से विजय ने नताशा की मासूम सी गुडि़या बिटिया को पास खींच लिया…चूम कर गले से लिपटा लिया… बड़बड़ाने लगा, ‘क्या होगा इस बच्ची का. हम सब तो परसों चले जाएंगे तब इस का क्या होगा?’

विजय उठ कर कमरे में टहलने लगा था और बच्ची को थपथपा कर सुलाने का प्रयास करने लगा. नताशा भी बच्ची का रोना सुन कर चली आई थी. दोनों मिल कर उसे चुप कराने की कोशिश में थे.

मैं सब सुन कर और देख कर कुछ दुखी था. भावनाओं में जीने वाला इनसान ऐसे ही तो जीता है. कभी अपनी पीड़ा पर परेशान और कभी दूसरे की तकलीफ…दर्द पर दुखी. सत्य है उस की पीड़ा…और यही तो उस की कमाई है. भावुक न हो तो जी ही न पाए.

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यह भावुकता ही तो है जो मनुष्य को जमीन से जोड़ती है. आज हर तीसरा इनसान आज के तेज युग के साथ भागता हुआ कहीं न कहीं अपनी जमीन से कट रहा है और गहरा अवसाद उस का साथी बनता जा रहा है. सोचा जाए तो आज हम कहां जा रहे हैं, हमें ही पता नहीं. कहीं न कहीं तो हमें जमीन से जुड़ना पड़ेगा न. बिना जुड़े हमारा भविष्य हमें एक भावनात्मक शून्य के सिवा कुछ नहीं दे पाएगा…वह चाहे आप हों चाहे हम.

फिल्म रिव्यू: दबंग 3

रेटिंग: दो स्टार

निर्माता: अरबाज खान,सलमान खान और निखिल द्विवेदी

निर्देशकः प्रभु देवा

लेखकः सलमान खान, प्रभु देवा, दिलीप शुक्ला, आलोक उपाध्याय

कलाकारः सलमान खान, किच्चा सुदीप, सोनाक्षी सिन्हा, साई मांजरेकर, अरबाज खान.

अवधिः 2 घंटे 39 मिनट

अमूमन लोग सफल फिल्म की फ्रेंचाइजी के सिक्वअल बनाकर दर्शकों को अपनी तरफ खींचने का काम करते हैं. दर्शक सोचता है कि यह पिछली फिल्म का सिक्वअल है, तो इस बार ज्यादा अच्छी बनी होगी, मगर अफसोस ‘दबंग’ फ्रेंचाइजी के साथ ऐसा नहीं कहा जा सकता.हर सिक्वअल के साथ इसका स्तर गिरता ही जा रहा है. 2010 की सफल फिल्म ‘दबंग’का निर्दैशन अभिनव कष्यप ने किया था.और इस फिल्म ने सफलता के कई रिकार्ड बना डाले थे.उसके बाद इस फिल्म से अभिनव कश्यप को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था.इसका सिक्वअल ‘‘दबंग 2’’ 2012 में आयी थी,जिसे खुद अरबाज खान ने निर्देषित किया था,मगर पहले के मुकाबले यह कमजोर थी.पर सलमान खान के प्रशंसकों ने इसे सफल बना दिया था. अब पूरे सात वर्ष बाद इस फ्रेंचाइजी की अगली फिल्म ‘‘दबंग 3’’आयी है,जिसका निर्देषन सलमान खान के खास प्रभु देवा ने किया है,जो कि ‘दबंग 2’ से भी निचले स्तर की है. वैसे यह ‘दबंग’ सीरीज की प्रिक्वअल फिल्म है.

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कहानीः

‘‘दबंग’’ फ्रेंचाइजी की यह तीसरी फिल्म ‘प्रिक्वअल’ है, इसीलिए  कहानी अतीत में चलती है. फिल्म के शुरू होने पर एक षादी समारोह में पहुंचकर चुलबुल पांडे,माफिया डौन बाली सिंह के लिए काम करने वाले स्थानीय गुंडे द्वारा लूटे गए सोने के जेवर वापस दिलाते हैं. इसी केस के चलते चुलबुल पांडे की मुलाकात बाली सिंह से होती है और उन्हे अपने पुराने घाव याद आते हैं. फिर कहानी अतीत में चली जाती है.
चुलबुल पांडे को याद आता है कि वह धाकड़ पांडे से पुलिस इंस्पेक्टर चुलबुल पांडे कैसे बने थे.फिर खुशी(साईं मांजरेकर)का चुलबुल पांडे(सलमान खान)के संग रोमांस की कहानी षुरू होती है.दरअसल चुलबुल की मां नैनी देवी (डिंपल कपाड़िया) ने खुशी को चुलबुल के भाई मक्खी (अरबाज खान) के लिए पसंद किया था, मगर मक्खी को शादी करने में कोई रुचि नहीं थी.उधर चुलबुल और दहेज परंपरा के खिलाफ जाकर अपनी मंगेतर खुशी को डौक्टर बनाने के लिए कटिबद्ध है, मगर तभी उनके प्यार पर ग्रहण लग जाता है. बाली की नजर खुशी पर पड़ती है और वह खुशी को पाने के लिए उतावला होकर कुछ भी करने पर आमादा है. खुशी के लिए ही धाकड़ बदलते हैं, दुनिया के लिए कुछ अच्छा करने से लेकर एक निश्चित तरीके से अपने धूप का चश्मा लगाने तक,खुशी में सब कुछ शामिल हो जाता है और चुलबुल पांडे बन जाते हैं. मगर बाली सिंह (किच्चा सुदीप )का दिल खुशी पर आ जाता है, इसलिए बाली गुस्से व ईष्र्या के चलते खुशी के साथ उसके परिवार का खात्मा कर देता है. फिर पूरी फिल्म की कहानी चुलबुल पांडे और बाली सिंह के बीच बदला लेने की कहानी बन जाती है.

लेखनः

फिल्म की पटकथा स्वयं अभिनेता सलमान खान ने दूसरे लेखकों के साथ मिलकर लिखा है,इसलिए सलमान खान के प्रशंसक तो ताली बजाएंगे,मगर फिल्म की पटकथा खामियां का पिटारा है.फिल्म में चुलबुल पांडे अपनी पत्नी रज्जो को खुशी के साथ अपनी प्रेम कहानी सुनाते हैं, जबकि रज्जो पांडे और खुशी एक दूसरे से परिचित थीं. यह बहुत अजीब सा है.कुछ अपमान जनक संवाद व दृश्य भी हैं.फूहड़ हास्य दृश्य भी हैं.‘दबंग 3’में कुछ भी नया नही है. इंटरवल से पहले फिल्म काफी धीमी है. फिल्म का सबसे बड़ा नकारात्मक पक्ष इसकी लंबाई है. क्लामेक्स जरुर रोचक बन गया है.

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नाच गानाः

फिल्म के निर्देशक प्रभू देवा मूलतः नृत्य निर्देषक हैं,इसलिए फिल्म में बेवजह छह गाने ठूंसे गए हैं, जो कि फिल्म में लगभग 30 मिनट ले जाते हैं.

निर्देशनः

प्रभू देवा पूरी तरह से विफल रहे हैं. उनका सारा ध्यान सलमान खान को हीरो के रूप में चित्रित करने में ही रहा. उन्होंने फिल्म में वह सब दिखाया है,जो कि सलमान खान के प्रशंसक देखना चाहते हैं. इस चक्कर में वह खुद को दोहराने में भी पीछे नही रहे. फिल्म के तमाम मसालों में प्रभु ने दहेज, नोटबंदी, पानी के सरंक्षण जैसे मुद्दों को भी पिरोया है. सलमान खान ने जब जबभी सामाजिक संदेश जबरदस्ती फिल्म के अंदर पिरोया है तब तब फिल्म बरबाद कर दी.

अभिनयः

सलमान खान को  अभिव्यक्ति की कला में महारत हासिल है.वह अपने चेहरे पर शरारत और प्यार को उतनी ही आसानी से दर्ज कराते हैं,जितना कि यह खून की लालसा और गुस्सा को करते है.
रज्जो पांडे किरदार में सोनाक्षी सिन्हा महज सेक्सी नजर आयी हैं, अन्यथा वह अपने अभिनय से इस फिल्म को डुबाने में कोई कसर बाकी नहीं रखती.
खुशी के किरदार में सांई मांजरेकर जरुर कुछ उम्मीदें जगाती हैं. सुंदर दिखने के साथ कुछ भावनात्मक दृश्यों में सांई मांजरेकर ने अपनी अभिनय प्रतिभा का अच्छा परिचय दिया है.पर उनके किरदार के साथ भी न्याय नही हुआ.
फिल्म के खलनायक बाली सिंह के किरदार में दक्षिण भारतीय अभिनेता किच्चा सुदीप ने जबरदस्त परफार्मेंस दी है. पर फिल्म सलमान खान की है, सलमान खान ने ही पटकथा व संवाद भी लिखे हैं,ऐसे में सुदीप के बाली सिंह के किरदार को ठीक से रेखांकित नह किया गया. वैसे सुदीप इससे पहले बहुभाषी एक्शन ड्रामा वाली फिल्म ‘‘पहलवान’’ में अपने अभिनय का जलवा दिखाकर हिंदी भाषी दर्शर्कों के बीच अपनी पैठ बना चुके हैं.

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एक्शनः

फिल्म के सारे एक्षन दृश्य  अतार्किक और सलमान खान की स्टाइल के ही हैं. मारधाड़, विस्फोट, अति हिंसा सब कुछ है. एक्शन दृश्यों में सलमान खान की उम्र जरुर बाधा बनती है.
यदि आप सलमान खान के धुर प्रशंसक नहीं हैं, तो आपके लिए इस फिल्म को सहन करना मुश्किल है.

दिल्ली-लखनऊ में हिंसा आर या पार, नागरिकता बिल पर बवाल

19 दिसंबर की दिल्ली की ये हिंसा इस कदर हावी हो गई की लोगों के मन में डर बैठ गया है. लोग सहम रहे हैं. इस हिंसा को देख तो यही लगता है कि अब तो दिल्ली की ये हिंसा आर या पार. इस बढ़ती हिंसा के चलते राजधानी दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया, जिसमें भगवान दास, राजीव चौक, जनपथ, वसंत विहार, कल्याण मार्ग, मंडी हाउस, खान मार्केट, जामा मस्जिद, लालकिला, जामिया विश्वनिद्याल, मुनेरका, केंदीय सचिवालय, चांदनी चौक, शाहीन बाग ये सभी मेट्रो स्टेशन शामिल हैं.

लालकिला, मंडीहाउस समेत कई ऐसे क्षेत्र हैं दिल्ली के जहां पर गुरुवार को उग्र प्रदर्शनकारियों ने जमकर प्रदर्शन किया और जगह-जगह पर आगजनी, तोड़-फोड़, पथराव किया. पुलिस को लाठीचार्ज करनी पड़ी, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. ऐसा नहीं है कि इस प्रदर्शन में केवल विद्यार्थी ही शामिल हैं बल्कि इस प्रदर्शन में कुछ नेता भी शामिल हैं. एक खबर के मुताबिक इतिहासकार रामचंद्र गुहा और बेंगलुरु में लेखक को तो हिरासत में लिया गया साथ ही योगेंद्र यादब, उमर खालिद, संदीप दीक्षित, प्रशांत भूषण जैसे नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है.

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ये सभी नेता नागरिकता बिल को लेकर प्रदर्शन में शामिल है. मेंट्रो के बंद हो जाने के कारण आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है. तो वहीं राजधानी दिल्ली में कई इलाकों में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है. कालिंग सुविधा बंद कर दी गई है. एसएमएस तक पर रोक लगा दी गई है. ताकि हिंसा को बढ़ावा देने वाले कुछ अवांछनीय तत्व जो अफवाह फैला रहे हैं वो ना कर पाए. लेकिन ऐसे में उन क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिक परेशानी उठा रहे हैं.

इधर जामिया हिंसा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए कहा कि इस पर सुनवाई अब चार फरवरी को होगी. एक तरफ दिल्ली में हिंसा उग्र होती जा रही है तो वहीं गुरुवार को लखनऊ में भी हिंसा अपने चरम पर पहुंचता हुआ नजर आया. वहां पर प्रदर्शनकारी उग्र हो उठे. कई जगहों पर आगजनी, तोड़फोड़ की और इतना ही नहीं बल्कि एक ओबी वैन को भी आग के हवाले कर दिया. कई गाड़ियां धू-धू कर जल रहीं थीं. रोडवेज बसों को भी आग के हवाले कर दिया.

हालांकि जहां पर भी सार्वजनिक संपत्ति को प्रदर्शनकारियों ने नुकसान पहुंचाया है वहां पर सरकार कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई करेगी. लखनऊ के डालीगंज इलाके में हिंसा इतनी तेज हो गई कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़ें. लखनऊ के इस बढ़ती हिंसा में दो पुलिस बूथ भी बुरी तरह से स्वाहा हो गए. वहां पर इस हिंसा को देखते हुए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. हिंसा का ये रूप देखकर कोई भी सहम जाए. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच में झड़प हो रही है. प्रदर्शनकारी पुलिस पर उल्टा पथराव करने पर उतारू हैं.

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खबरों के मुताबिक सीएम योगी इन सब को देख कर काफी नाराज हैं और उन्होंने कहा है कि जो भी उपद्रवी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं उन सबको भरपाई करनी पड़ेगी. उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने इस इस पर चर्चा के लिए बैठक भी बुलाई है. शायद ये कड़ा रुख अपनाना जरूरी भी था. उपद्रवीयों ने लखनऊ में 20 बाइक, 10 कार व 3 बसों को जला डाला. इतना ही नहीं कवर करने के लिए गई चार मीडियो ओबी वैन को भी आग के हवाले कर दिया. ना जाने ये प्रदर्शन कब तक चलेगा और देश को कब तक इसमें जलना पड़ेगा, क्योंकि ये हिंसा बहुत ही खतरनाक रूप लेती जा रही है और सरकार को जल्द ही इस पर कोई कड़ा रूख अपनाना होगा.

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