लेखक- रविंद्र शिवाजी दुपारगुडे 

ये वक्त से लड़ कर अपना नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे. कल क्या होगा उस की कभी न सोचो, क्या पता कि कल वक्त खुद अपनी लकीर बदल दे.पंक्तियां तब सार्थक हो जाती हैं जब हम रानू मंडल जैसे लोगों के बारे में सुनते हैं. कहते हैं कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती. ऐसा ही कुछ रानू मंडल के साथ हुआ.

साथ ही मिलेगी ये खास सौगात

  • अनगिनत लव स्टोरीज
  • मनोहर कहानियां की दिलचस्प क्राइम स्टोरीज
  • पुरुषों की हेल्थ और लाइफ स्टाइल से जुड़े नए टिप्स
  • सेक्सुअल लाइफ से जुड़ी हर प्रॉब्लम का सोल्यूशन
  • सरस सलिल मैगजीन के सभी नए आर्टिकल
  • भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की चटपटी गॉसिप्स
  • समाज और देश से जुड़ी हर नई खबर
Tags:
COMMENT