मजबूत बदन की बेखौफ टौम गर्ल नीलम सिंह

लेखक- सुनील

जब मैं नीलम सिंह से फरीदाबाद के एक जिम में मिला था, तो एक अजीब सा वाकिआ हुआ था. चूंकि नीलम सिंह एकदम लड़कों के स्टाइल में रहती हैं और शरीर से भी मजबूत हैं, तो जिम में हमारे लिए फोटो खिंचवाने की खातिर वे सैंडो और शौर्ट्स में थीं. लड़कों वाला हेयर स्टाइल देख कर जिम में ऐक्सरसाइज कर रहे कुछ लड़के उन्हें पहचान नहीं पाए और किसी लड़के ने अपने साथी को गाली दे दी.

नीलम सिंह ने तुरंत उस लड़के को टोक दिया और बोलीं, ‘‘जिम में गाली दोगे तो बौडी नहीं बनेगी…’’ इतना कह कर वे लेडी वाशरूम में चली गईं, जबकि वह लड़का तिलमिला गया कि बिना जानपहचान उसे टोक कैसे दिया?

इसी बीच उस जिम का कोई मुलाजिम वहां आया और उस लड़के ने उस से पूछा कि ये महिला कौन हैं. थोड़ी देर बाद जब नीलम सिंह बाहर आईं, तो उस लड़के ने उन के पैर छू कर माफी मांगी और बोला, ‘‘सौरी, मैं आप को पहचान नहीं पाया.’’

नीलम सिंह उस लड़के को देख कर मुसकराईं और वहां से चली गईं.

बाद में बातचीत में उन्होंने बताया, ‘‘शरीर बनाना इतना आसान नहीं है. एक तरह की तपस्या है और अपना सौ फीसदी देना पड़ता है.’’

आप सोच रहे होंगे कि ये नीलम सिंह हैं कौन? दरअसल, नीलम सिंह महिला पावर लिफ्टिंग में ऐसा नाम हैं, जिन का घर मैडलों से अटा पड़ा है, पर यह सफर उन के लिए आसान नहीं रहा है.

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अपनी जिंदगी की जद्दोजेहद के बारे में नीलम सिंह ने बताया, ‘‘मैं हरियाणा के शहर रोहतक से बिलकुल सटे एक गांव डोभ के बहुत ही साधारण और गरीब परिवार की लड़की हूं. मुझे बचपन से ही कुछ अलग करने का शौक था. लेकिन आज से 10-15 साल पहले वहां लड़कियों को खेलने की छूट नहीं थी, उन्हें अपनी मनमानी करने की आजादी नहीं थी. चूंकि मैं एक गरीब परिवार से थी, तो परिवार में ऐसा कोई नहीं था, जिस ने खेलों को कभी अपनाया हो.

‘‘पर, मैं गांवदेहात की आम लड़की की तरह जिंदगी नहीं बिताना चाहती थी कि 10वीं जमात तक पढ़ा दिया, फिर शादी कर दी और बच्चे पैदा करा दिए.

‘‘सच कहूं तो बचपन में मैं पायलेट बनना चाहती थी, पर जब मैं 5वीं जमात में थी, तब मेरे मातापिता बीमार रहने लगे थे. मेरी बड़ी बहनों की शादी हो चुकी थी, इसलिए घर में मैं अकेली ही थी. भाई भी बाहर रहता था, तो मैं ही घर संभालती थी, खेतों का काम करना पड़ता था. पढ़ाई करने का समय ही नहीं मिलता था.

‘‘ऐसा करतेकरते जब मैं 10वीं जमात में आ गई, तब सोचती थी कि अपने सपनों को कब पूरा करूंगी? मेरा जोश हर रोज मुझे कचोटता था कि मैं कब अपने सपने पूरे करूंगी?

‘‘फिर, मैं खेलों की तरफ झुकती चली गई. रोहतक में मुझे कोई अच्छा कोच नहीं मिला. वहां लड़कियां कुश्ती नहीं खेलती थीं. वहां मैं ने सुना था कि दिल्ली के चंदगीराम अखाड़े में लड़कियों को कुश्ती सिखाई जाती है, तो मैं भी उस अखाड़े में रहने लगी.

‘‘पर एक बार जब मैं ने लखनऊ के एक दंगल में गुरुजी की बड़ी बेटी को कुश्ती में हरा दिया, तो उन्होंने नाराज हो कर मुझे अखाड़े से निकाल दिया.

‘‘इसी बीच दिल्ली में स्पोर्ट्स अथौरिटी औफ इंडिया के लिए महिला पहलवानों की ट्रायल थी, जिस में मेरा सिलैक्शन हो गया. अब सरकार मेरा खर्चा उठाती थी. उस के बाद मैं दिल्ली से खेली, हरियाणा से खेली थी, नैशनल भी खेली. तब मैं 59 किलोग्राम भारवर्ग में कुश्ती खेलती थी. मेरे नैशनल में कुश्ती के 9-10 गोल्ड मैडल हैं, 12-13 सिल्वर मैडल हैं और 7-8 ब्रौंज मैडल हैं.

‘‘मैं ने वैश्य कालेज, रोहतक से ग्रेजुएशन की. इसी बीच अलका तोमर के साथ मेरी कुश्ती की ट्रायल थी, जिस में मेरे घुटने पर चोट लग गई और साल 2009 में मुझे कुश्ती छोड़नी पड़ी. लेकिन मेरा जिम जाने का जुनून बना रहा.

‘‘मैं दिल्ली से फरीदाबाद आ गई. यहां मैं जिम में लोगों को ट्रेनिंग देने लगी. एक साल के लिए मैं ने मुंबई में भी महेंद्र सिंह धौनी के जिम में काम किया था. काम करने के साथसाथ मैं पावर लिफ्टिंग में आ गई और साल 2015 से मैं पावर लिफ्टिंग कर रही हूं.

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‘‘आज मैं फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, दिल्ली में 80 से 90 लोगों की टीम को ट्रेनिंग देती हूं. खेलों में कुछ कर गुजरने वाली गरीब घर की लड़कियों को मैं बहुत सपोर्ट करती हूं. मैं बच्चों को मुफ्त में ट्रेनिंग देती हूं. कुछ की तो किसी प्रतियोगिता में मैं खुद ही फीस भरती हूं.

‘‘पावर लिफ्टिंग में मैं ने 100 से ज्यादा गोल्ड मैडल जीते हुए हैं. साल 2016, साल 2017 और साल 2018 की बहुत सी प्रतियोगिताओं के 65 किलोग्राम भारवर्ग में मैं ने ज्यादातर गोल्ड मैडल ही जीते हैं. मैं ‘आल ओवर स्ट्रौंग वुमन’ भी रह चुकी हूं.

‘‘लेकिन, मेरा यह सफर हमेशा से संघर्ष भरा रहा है. मुझे तो यह भी पता नहीं होता था कि शरीर को मजबूत करने के लिए प्रोटीन की कितनी अहमियत होती है. पैसे भी नहीं होते थे. वैसे भी सप्लीमैंट्स के भरोसे ज्यादा नहीं रहना चाहिए.

‘‘मैं नई महिला खिलाडि़यों से इतना ही कहना चाहूंगी कि वे खुद को तन और मन से मजबूत बनाएं. जिस तरह से देश में अपराध बढ़ रहे हैं, उन्हें खुद अपना बचाव करना सीखना होगा. उन्हें बोल्ड बनना पड़ेगा, ताकि कोई बदतमीजी करे तो उस का वहीं मुंहतोड़ जवाब दे दिया जाए.’’

होली पर रिलीज खेसारीलाल यादव की इस फिल्म को मिली धमाकेदार शुरुआत, देखें फोटोज

भोजपुरी पर्दे में एक बार फिर से सुपर स्टार खेसारीलाल यादव (Khesarilal Yadav) का जलवा देखने को मिल रहा है. यही वजह है कि उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मेहंदी लगाके रखना 3’ (Mehandi Laga Ke Rakhna 3) जब होली पर रिलीज हुई, तो फिल्म के सारे शोज देखते ही देखते हाउसफुल हो गए. वहीं, दर्शकों का हुजूम सिनेमाघरों के बाहर दिखा, जिनमें महिला दर्शकों की संख्या बेहद ज्यादा थी. सिनेमाघरों के बाहर दर्शकों के उत्साह से बना मौहाल उस वक्त की याद दिलाता है, जब भोजपुरी फिल्मों पर अश्लीलता के दाग नहीं लगे थे.

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वहीं जो दर्शक भी फिल्म देख कर सिनेमा घर से बाहर आ रहे थे, वे फिल्म से काफी संतुष्ट दिखे और कहा कि फिल्म सुपर हिट है. उन दर्शकों को खेसारीलाल यादव (Khesarilal Yadav) और सहर आफसा (Seher Afsa) की केमेस्ट्री बेहद पसंद आयी, तो आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) के लटके – झटके और ऋतु सिंह (Ritu Singh) की भूमिका को भी दर्शकों ने पसन्द किया.

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फिल्म ‘मेहंदी लगाके रखना 3’ को दर्शकों से मिले रिस्पौंस से फिल्म के निर्माता निशांत उज्‍जवल बेहद खुश नजर आए और कहा कि यह फिल्म होली पर खेसारीलाल लाल यादव की तरफ से भोजपुरी के लोगों को एक शानदार तोहफा है. लोग इसे पंसद कर रहे है. और वहीं फिल्म की माउथ पब्लिसिटी भी कर रहे हैं. ऐसा बेहद कम देखने को मिलता है.

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दर्शकों के बीच फिल्म का क्रेज कितना है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पटना के एक सिनेमाघर के बाहर लोग इस फिल्म की टिकट ब्लैक तक में खरीदते नजर आये. उन्होंने कहा कि फिल्म के निर्देशक रजनीश मिश्रा ने जो भोजपुरी को पटरी पर लाने का बीड़ा उठाया है, उसमें इस फिल्म ने एक बार फिर से एक उदाहरण सेट कर दिया है. उम्मीद है यह साल की सबसे बड़ी फिल्म होगी.

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ज्ञातव्य है कि यशी फिल्‍म्‍स, अभय सिन्‍हा और ईज माय ट्रिप डौट कौम प्रस्‍तुत और रेणु विजय फिल्‍म्‍स इंटरटेंमेंट बैनर तले बनी भोजपुरी फिल्म ‘मेहंदी लगाके रखना 3’ के निर्माता निशांत उज्‍जवल और लेखक, संगीतकार और निर्देशक रजनीश मिश्रा हैं. फिल्म में खेसारीलाल यादव और सहर के अलावा ऋतु सिंह, आम्रपाली दुबे, श्रद्धा नवल, मनोज सिंह टाइगर, बृजेश त्रिपाठी, रोहित सिंह मटरू, नीलकमल, महेश आचार्य, अमित शुक्‍ला, निशा झा, महनाज श्राफ, सूर्या द्विवेदी और उदय तिवारी भी हैं.

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प्रोजेक्‍ट डिजाइनर अनंजय रघुराज और पीआरओ रंजन – सर्वेश हैं. गीत विनय बिहारी, प्‍यारेलाल यादव, मनोज भावुक, अजीत हलचल और यादव राजा का होगा. छायांकन आर आर प्रिंस, एक्‍शन हीरा यादव, कोरियोग्राफी रिकी गुप्‍ता, संजय कोर्वे, संजीव शर्मा और कार्यकारी निर्माता अनिल कुमार सिंह व सुरेंद्र कुमार हैं.

एक साथ रोमांस करते दिखे असीम रियाज और हिमांशी खुराना, नए गाने का पोस्टर आउट

बिग बौस सीजन 13 (Bigg Boss 13) के सबसे चहीते कंटेस्टेंट और फर्स्ट रनर-अप रह चुके असीम रियाज (Asim Riaz) इन दिनों काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं. हाल ही में असीम रियाज बौलीवुड की जानी मानी एक्टेस जैकलीन फर्नांडीज (Jacqueline Fernandez) के साथ एक म्यूजिक वीडियो में नजर आए थे जिसका नाम था मेरे अंगने में (Mere Angne Mein). यह वीडियो होली पार्टी (Holi Party) की थीम पर बेस्ड था जिसको असीम और जैकलीन के फैंस ने खूब प्यार दिया.

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लगातार यू-ट्यूब ट्रेंडिंग पर बना हुआ है असीम और जैकलीन का गाना…

 

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On set Day2, super excited for this song dropping out soon with @jacquelinef143 @tseries.official @toabhentertainment

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असीम और जैकलीन की यह वीडियो होली से 1 दिन पहने यानी 9 मार्च को रिलीज किया गया था और तब से अब तक यह म्यूजिक वीडियो लगातार यू-ट्यूब ट्रेंडिंग (Youtube Trending) में बनी हुई है. इस वीडियो को अब तक 30 मिलियन से भी ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं. असीम की इस पौपुलैरिटी को देख लगता है कि आने वाले दिनों में असीम अपने काम लोगों का दिल जीतने में कामयाब रहेंगे.

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साथ नजर आने वाले हैं असीम और हिमांशी…

 

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Tu kalli sohni hai 🎥Music video coming out soon with @iamhimanshikhurana Pic credit @nidhe_k @aliwarofficial

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बात करें असीम रियाज (Asim Riaz) और हिमांशी खुराना (Himanshi Khurana) की तो कौन इस जोड़ी को नहीं जानता है. बिग बौस 13 (Bigg Boss 13) में बनी असीम और हिमांशी की जोड़ी को दर्शकों और इनके फैंस ने खूब प्यार दिया है और यहां तक की फैंस इन दोनो को फिर से साथ देखने के लिए काफी एक्साइटिड हैं. आपको बता दें कि अब इस जोड़ी के फैंस का इंतजार खत्म होने वाला है और एक बार फिर असीम रियाज और हिमांशी खुराना अपने फैंस का दिल जीतने को तैय्यार हैं.

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गाने को पोस्टर हुआ रिलीज…

असीम रियाज (Asim Riaz) और हिमांशी खुराना (Himanshi Khurana) एक साथ एक म्यूजिक वीडियो में नजर आने वाले हैं जिसका पोस्टर दोनो ने अपने औफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया है. यह एक पंजाबी म्यूजिक वीडियो है जिसमें असीम और हिमांशी लीड रोल में दिखाई देंगे और इस गाने का नाम है “कल्ला सोहणा नई” (Kalla Sohna Nai). इस गाने को अपनी सुरिली आवाज दी है बौलीवुड की सिंगिंग क्वीन नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) ने.

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रोमांटिक अंदाज में दिखाई दिए असीम और हिमांशी…

 

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Tu kalla hi sohna nai 😊 @asimriaz77.official Pic credit @nidhe_k 💀 Outfit @hinabhullarofficial

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असीम और हिमांशी के फैंस के लिए खुशखबरी ये है कि उन्हें इस गाने का ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. जैसा कि आब पोस्टर में देख सकते हैं कि इस गाने की रिलीज डेट 19 मार्च है. पोस्टर में असीम और हिमांशी बिल्कुल रोमांटिक अंदाज में एक दूसरे के साथ बैठे हुए हैं. यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगी कि असीम और हिमांशी के फैंस इस गाने को भरपूर प्यार देने वाले हैं.

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छुट्टी लेने के लिए खुद को बताया कोरोना से पीड़ित

पूरा विश्व जहां कोरोना वायरस को ले कर डर के माहौल में है, वहीं कुछ लोग इस बीमारी को मजाक भी बना डालते हैं.

यह सही है कि किसी को औफिस जाने का मन नहीं होता तो वह बौस से तरह-तरह के बहाने बना कर छुट्टियां  लेता है. मगर एक ऐसे समय जब कोरोना वायरस को ले कर सब डरे हुए हों, एक व्यक्ति ने औफिस न जाने का बहाना बनाते हुए खुद को कोरोना से पीड़ित मरीज घोषित कर दिया.

अजीबोगरीब मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अजीबोगरीब मामला है चीन का, जहां एक व्यक्ति ने लंबी छुट्टियां लेने और मौजमस्ती करने के लिए अपनी कंपनी को मेल कर दिया कि वह कोरोना वायरस से पीङित है और उसे छुट्टियां चाहिए ताकि वह अपना उपचार करा पाए.

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कंपनी ने तुरंत उस की छुट्टियां मंजूर कर दीं और उस के आसपास बैठे लोगों का मैडिकल चैकअप भी कराया.

इतना ही नहीं औफिस को कुछ दिनों तक के लिए बंद भी कर दिया गया ताकि वहां अच्छी तरह साफसफाई हो सके.

हैरत की बात तो तब हुई जब कंपनी के एक भी कर्मचारी कोरोना वायरस से पीङित नहीं पाए गए तब कंपनी ने उस व्यक्ति से अपना मैडिकल रिपोर्ट भेजने को कहा.

सिर मुंडाते ओले पड़े

झूठ बोलने वाला वह व्यक्ति कोई रिपोर्ट पेश नहीं कर पाया तो कंपनी ने पुलिस में शिकायत करी. पुलिस की सख्ती से उस ने सच उगल दिए और कहा कि उस ने छुट्टियां लेने के बहाने झूठ कहा था.

कंपनी ने काररवाई करते हुए उक्त व्यक्ति को नौकरी से बर्खास्त कर दिया, वहीं पुलिस ने भी उस पर काररवाई की और 3 महीने के लिए जेल भेज दिया.

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मालूम हो कि किसी भी तरह का अफवाह फैलाना कानूनन जुर्म माना जाता है और इस के लिए सजा का प्रावधान है.

हत्या: मासूम ने खोला बुआ, दादी का राज!

छत्तीसगढ़ के महासमुन्द मे ग्यारह साल की एक मासूम बुआ और दादी की पोल खोल दोनों  को जेल के सींखचों के पीछे  पहुंचा दिया. कुछ फिल्मी कुछ रहस्यमयी इस अपराध कथा पर सुनकर आप चौक जायेंगे की एक मासूम बच्ची ने बताया की कैसे उसके पिता की हत्या बुआ और दादी ने मिल ठीक एक साल पहले कर दी थी. महत्वपूर्ण  यह की एक साल तक पुलिस को गुमराह करने वाली आरोपी बहन एवं  मां को सिटी कोतवाली पुलिस ने हत्या व  उसे छुपाने के आरोप में गिरफ्तार कर भादवि की धारा 302, 201, 34 के तहत जेल भेज दिया . सिटी कोतवाली प्रभारी ने हमारे संवाददाता को जानकारी देते हुए बताया  कि एक साल पहले 20 फरवरी 2019 को मृतक आश कुमार यादव 30 साल बिमचा निवासी को महासमुन्द के अस्पताल आरएलसी में यह कहते हुए भर्ती कराया था कि आश कुमार यादव घर की सीढ़ी से गिर गया और उसके सिर पर चोट लगने की वजह से घायल हो गया है. बाद मे उसकी मृत्यु  हो गयी.

मामूली बात,रिश्ते का खून!

छोटी सी बात कब कैसे मोड़ लेती है कोई नहीं जानता महासमुंद के इस हत्याकांड में भी देखिए कुछ ऐसा ही हुआ- घायल अवस्था में आश कुमार यादव को अस्पताल में भर्ती कराया गया . तत्पश्चात डाक्टरोंं ने मामले की गंभीरता को देखते हुए  घायल आश कुमार यादव को राजधानी रायपुर डीकेएस अस्पताल रिफर कर दिया. बाद में घायल आश कुमार यादव कि  मौत 3 मार्च 2019 को वहीं चिकित्सा के दरमियान हो गई.

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पोस्टमार्टम के पश्चात राजधानी रायपुर पुलिस ने शून्य में मर्ग कायम कर महासमुंद के सिटी कोतवाली पुलिस को डायरी भेज दी थी. सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले में जांच शुरू की तो मामला संदेहास्पद लगा और पुलिस ने जांच शुरू कर दी. कोतवाली पुलिस ने  मामले की सारी जानकारी पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ल को दी.पुलिस अधीक्षक ने सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के एसडीओपी नारद सुयवंशी और सिटी कोतवाली पुलिस राकेश खुटेश्वर को आदेशित किया कि मामले में सूक्ष्मता से जांच की जाए. सिटी कोतवाली पुलिस बिमची पहुंच  मामले की तफतीश  करने  लगी. एक साल पहले किस तरह से आश कुमार यादव घायल हुआ था ? इसकी पूछताछ की  तो मृतक की मां और उसकी बहन व पिता ने पुलिस को झूठी कहानी बताने लगी. पुलिस का मामले में संदेह बढ़ता गया. पुलिस जब भी जांच में जाती तो बड़ी चालाकी से बच्चों को दूसरे गांव भेज दिया जाता था. पुलिस को मृतक के बच्चे कही नजर नहीं आते थे. बच्चों के बारे में मृतक के परिवार से पूछा जाता तो कोई ना कोई बहाना बता कर बच्चों की सही जानकारी पुलिस को नहीं देते थे.

बेटी ने बताया  सच!

पुलिस अपने स्तर से मामले में बच्चों की जांच पड़ताल की तो पुलिस को जानकारी मिली की मृतक आश कुमार यादव के दोनों बच्चे तुमगांव थाना क्षेत्र के अछरीडीह में है. पुलिस वहां पहुंच गई  बच्चों से पूछताछ करने के लिए  सकारात्मक माहौल तैयार कर सादी वर्दी में बच्चों के पास पहुंचे और मृतक आश कुमार यादव के बच्चों से बात चीत  की. मृतक की 11 साल की बेटी हितेश्वरी ने  बातों बातों मे कहा – उसके पिता  आश कुमार यादव और उसकी बुआ माधुरी यादव के बीच झगड़ा हुआ और उसकी बुआ माधुरी नेे पिता  को घर के बरामदे में रखे “खटिया के खुरे” से सिर में वार किया. माधुरी यादव का वार इतना जोर का था कि मृतक वहीं बेहोश हो कर गिर गया. घटना के वक्त मृतक की मां भी साथ  थी,उसने घटना के बाद खून साफ किया और झूठा बहाना बनाया था.

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सिटी कोतवाली पुलिस ने मृतक की आरोपी बहन माधुरी यादव से पूछताछ की तो उसने बताया कि घटना दिनांक को उसका भाई मृतक आश कुमार यादव शराब पीकर आया था और वह उसका मोबाइल लेकर गया था. माधुरी ने जब अपने भाई से मोबाइल ले जाने पर नाराजगी जाहिर की तो मृतक आश कुमार यादव अपनी बहन और मां से गाली गलौच करने लगा और दोनों भाई बहन में झगड़ा हो गया. गुस्से में आकर माधुरी यादव ने पास ही रखे खटिये के खुरे से अपने भाई पर प्रहार कर दिया,जिसकी वजह से वह घायल हो गया और तीन दिन के बाद उसकी रायपुर के अस्पताल में मृत्यु हो गई. पुलिस ने मामले में बहन और मां  को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

Yeh Rishta में खत्म हो जाएगी नायरा की कहानी, कायरव और कार्तिक को ऐसे कहेगी अलविदा

स्टार प्लस (Star Plus) का पौपुलर सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है (Yeh Rishta Kya Kehelata Hai) ने अलग ही ट्रैक पकड़ लिया है. ऐसा देखने में आ रहे है कि त्रिशा (Trisha) को न्याय और लव-कुश (Luv-Kush) का सजा दिलाने में कार्तिक (Mohsin Khan) और नायरा (Shivangi Joshi) को काफी समय से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. शो ये रिश्ता क्या कहलाता है के मेकर्स आए दिन दर्शकों को चौंकाने के लिए कोई ना कोई नया ट्विस्ट तैय्यार ही रखते हैं.

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नायरा की मौत की फोटोज आईं सामने…

बात करें आने वाले एपिसोड की तो मेकर्स ने शो को ऐसा ट्विस्ट दिया है जिसे देख दर्शकों के होश उड़ने वाले हैं और यहां तक की दर्शकों को बड़ा झटका भी लग सकता है. लंबे समय से दर्शकों के दिल पर राज करने वाली कार्तिक (Kartik) और नायरा (Naira) की जोड़ी हमेशा के लिए टूटने वाली है. आने वाले एपिसोड्स की कुछ फोटोज सामने आई हैं जिसमें साफ दिखाई दे रहा है शो के अंदर नायरा की मौत होने वाली है. जी हां, खबरों की माने तो त्रिशा (Trisha) के इंसाफ दिलाते दिलाते नायरा खुद मौत के घाट उतरने वाली है.

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वकील झावेरी ने किया नायरा पर हमला…

बात करें शो की कहानी की तो त्रिशा का केस कमजोर करने के लिए लव-कुश का वकील झावेरी (Jhaveri) नायरा पर हमला करने का फैसला लेगा. नायरा झावेरी का ये प्लैन समझ जाएगी और उसे चकमा देने की कोशिश करेगी लेकिन नायरा की तमाम कोशिशों के बाद भी वे अपने प्लैन में सफल नहीं हो पाएगी. ये रिश्ता क्या कहलाता है सीरियल लंबे समय से दर्शकों के फेवरेट बना हुआ है लेकिन नायरा की इस हालत में तस्वीरें देख दर्शकों का तो जैसे दिल ही टूट जाएगा.

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कार्तिक और कैरव की हुई हालत खराब…

इस दौरान कार्तिक और कायरव नायरा की ऐसी हालत देख कर अपनी सुध-बुध खो बैठेंगे और तो और कार्तिक और कायरव की फोटोज देख ये कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि नायरा की मौत के बाद वे दोनों अंदर से टूट जाएंगे. अब देखने वाली बात ये होगी कि आखिर इन फोटोज के पीछे कितनी सच्चाई है लेकिन इतना तो तय है कि नायरा की मौत की खबर सुन इस शो के फैंस को काफी दुख होने वाला है.

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मिथिला की बेटी ने उड़ा दी है नीतीश कुमार की नींद

बिहार में आजकल सियासी रोटी गरम है और हर छोटे बड़े नेता तवे पर रोटी रख गरमगरम बयान देने में कसर नहीं छोड़ रहे.

अब बिहार सहित देश के कई जगहों पर एक खबर ने अनायास ही बिहार की राजनीति में सनसनी फैला दी है और यह सनसनी कोई और नहीं लंदन से पढलिख कर आई एक आधुनिक युवती पुष्पम प्रिया चौधरी ने फैलाई है.

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दरअसल, बिहार के कई अखबारों में छपे एक विज्ञापन ने सब को चौंका दिया है. विज्ञापन में पुष्पम प्रिया चौधरी नाम की एक महिला ने खुद को बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बताया है. विज्ञापन के जरीए इस महिला ने बताया है कि उस ने ‘प्लूरल्स’ नाम का एक राजनीतिक दल बनाया है और वह उस की अध्यक्ष हैं.

महिला दिवस पर पेश की दावेदारी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जहां पूरा विश्व महिला सशक्तिकरण पर जोर देने की बात कर रहा था, पुष्पम प्रिया चौधरी ने बिहार के अखबारों में विज्ञापन देते हुए मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पेश की. अपनी पार्टी का नाम उन्होंने प्लूरल्स  दिया है जबकि ‘जन गण सब का शासन’ पंच लाइन दी है.

पुष्पम प्रिया ने विज्ञापन में बताया कि उन्होंने विदेश में पढ़ाई की है और अब बिहार वापस आ कर प्रदेश को बदलना चाहती हैं.

कौन हैं पुष्पम

इंगलैंड के द इंस्टीट्यूट औफ डेवलपमैंट स्टडीज विश्वविद्यालय से एमए इन डेवलपमैंट स्टडीज और लंदन स्कूल औफ इकोनोमिक्स ऐंड पोलीटिकल साइंस से पब्लिक ऐडमिनिस्ट्रेशन में एमए किया है. वह दरभंगा की रहने वाली हैं और जेडीयू के पूर्व एमएलसी विनोद चौधरी की बेटी हैं. फिलहाल वे लंदन में ही रहती हैं.

जनता से अपील

पुष्पम प्रिया चौधरी ने विज्ञापन में बिहार की जनता को एक पत्र भी लिखा है, जिस में उन्होंने कहा है कि अगर वह बिहार की मुख्यमंत्री बनीं  तो 2025 तक बिहार को देश का सब से विकसित राज्य बना देंगी और 2030 तक इस का विकास यूरोपियन देशों जैसा होगा.

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पिता ने कहा नैतिक समर्थन है

पुष्पम प्रिया के पिता विनोद चौधरी चूंकि जेडीयू नेता हैं इसलिए मीडिया ने उन्हें घेर कर उन की राय जाननी चाही. पिता विनोद चौधरी ने कहा,”मेरी बेटी विदेश में पढ़ीलिखी  है. वह बालिग है और उस की और मेरी सोच में फर्क स्वाभाविक है. वह जो भी कर रही है सोचसमझ कर कर रही होगी. एक पिता होने के कारण मेरा आशीर्वाद सदैव उस के साथ है.”

क्या बदलने वाली है बिहार की राजनीति

बिहार की राजनीति यों तो दबंगई की रही है और अपने इसी दबंगई से कभी यहां की सत्ता पर राष्ट्रीय जनता दल के लालू प्रसाद यादव ने एकतरफा राज किया था. उन्हें करिश्माई नेता के तौर पर भी जाना जाता था. अपने चुटीली बोल और ठेठ गंवई अंदाज में बोलने वाले लालू फिलहाल चारा घोटाले में जेल में हैं पर उन की अनुपस्थिति में पत्नी राबङी देवी, बेटा तेजस्वी और तेजप्रताप राजनीति की बागडोर संभाले हुए हैं. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बिहार में राजद का अपना वोट बैंक है, जो कभी भी निर्णायक साबित हो सकता है.

उधर बीजेपी से नाता जोङ कर सरकार चला रहे सुशासन बाबू यानी नीतीश कुमार के लिए आगामी चुनाव जीतना आसान नहीं होगा, क्योंकि अभी तक बिहार में जातिगत आधार पर वोट पङते हैं मगर बीजेपी सरकार द्वारा लागू कैब, बढती बेरोजगारी, बिगङते कानून व्यवस्था से बिहार की जनता हलकान है और इस बार बीजेपी+जेडीयू गंठबंधन वहां आसानी से सरकार बना लेगी, इस में संशय ही है.

प्रशांत किशोर का दांव

उधर कभी नीतीश के खास रहे प्रशांत  किशोर भी सुशासन बाबू को खूब चिढा रहे हैं. नीतीश का बीजेपी के समर्थन में बोलना प्रशांत किशोर को शुरू से ही खल रहा था. वे पार्टी में रहते हुए भी नीतीश कुमार की नीतियों का कई बार आलोचना कर चुके थे, सो नीतीश ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया.

राजनीति के जानकार बताते हैं कि प्रशांत नीतीश के लिए राह का रोङा बन सकते हैं.

जल्दी ही मशहूर हो गई हैं प्रिया

पुष्पम प्रिया चौधरी यों तो युवा चेहरा हैं और जल्दी लोकप्रिय भी हो गई हैं पर बिहार की राजनीति में अभी नई हैं. पर यह राजनीति है और कहते हैं कि राजनीति और क्रिकेट अनिश्चितताओं का होता है. ऐसे में दिल्ली की तरह वहां भी कोई नया समीकरण बन जाए क्या पता?

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यह तो वक्त ही बताएगा कि बिहार में किस की सरकार बनेगी पर मिथिला की इस बेटी ने सियासी तीसमारखाओं की नींद जरूर उङा दी है.

सपना चौधरी का नया हौट फोटशूट आया सामने, अपकमिंग गाने का पोस्टर भी किया शेयर

हरियाणा की छोरी सपना चौधरी (Sapna Choudhary) अपने नए-नए गानों को लेकर दुनिया भर में तहलका मचा रही हैं. साथ ही उनकी ये सफलता आसमान छू रही है. सपना के लास्ट सौंग गजबन (Gajban) ने इंटरनेट पर काफी धमाल मचाया था और यहां तक की फैंस ने उनके इस गाने को इतना प्यार दिया है कि यूट्यूब (Youtube) पर इस गाने को अब तक लगभग 180 मिलियन व्यूज़ मिल चुके हैं. सिर्फ इसी गाने को नहीं बल्कि सपना चौधरी के फैंस उनके हर गाने को बेशुमार प्यार देते हैं और जैसे ही गाना इंटरनेट पर आता है उसी समय फैंस उनके गाने को वायरल करने में कोई कसर नहीं छोड़ते.

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फैंस देते हैं सपना के हर लुक को प्यार…

ये तो हुई गानों की बात, अब बात की जाए सपना चौधरी (Sapna Choudhary) के फैंस उनके हर लुक पर अपनी जान छिड़कते हैं फिर चाहे वे सपना का साड़ी लुक हो या फिर उनका कोई बोल्ड लुक. सपना अपने फैंस के साथ सोशल मीडिया द्वारा जुड़ी रहती हैं और अक्सर अपने औफिशियल इंस्टाग्राम (Instagram) अकाउंट से अपनी फोटोज फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं. सपना के फैंस उनकी हर फोटो को काफी प्यार देते हैं और फोटो आते ही लाइक्स और कमेंट्स की तो जैसे बारिश कर देते हैं.

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सपना चौधरी का नया फोटोशूट आया सामने…

हाल ही में सपना चौधरी (Sapna Choudhary) ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से अपना नया फोटोशूट फैंस के साथ शेयर किया था जिसमें वे किसी अप्सरा से कम नहीं दिख रही. इन फोटोज में सपना ने डार्क ब्लू कलर का वन पीस ड्रैस (Dark Blue One Piece) पहना हुआ है और साथ ही ब्लैक कलर के लौंग बूट (Black Long Boot) पहने हुए हैं. इन फोटोज में सपना वाकई काफी सुंदर दिखाई दे रही हैं और साथ ही अपनी अदाओं से फैंस को और दीवाना कर रही हैं.

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कैप्शन में किया अपने फैंस का धन्यवाद…

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इन फोटोज के कैप्शन में सपना अपने फैंस का धन्यवाद करते हुए लिखती हैं कि “Dark & Powerful – I would be nothing without your love & support #loveyoufans”. इस कैप्शन को अगर हिंदी में पढ़ा जाए तो इसका मतलब होगा, “मैं आप सब के प्यार और सपोर्ट के बिना कुछ भी नहीं हूं”.

नए गाने का पोस्टर किया रिलीज…

बात करें सपना चौधरी के अप्कमिंग सौंग की तो सपना का अप्कमिंग सौंग ‘बलम अल्टो’ (Balam Alto) बहुत ही जल्द रिलीज होने जा रहा है जिसमें सपना चौधरी के साथ लीड रोल में दिखाई देंगे नवीन नारू (Naveen Naru). जैसा कि आपको पोस्टर में दिख रहा होगा कि इस गाने का टीजर (Teaser) 13 मार्च 2020 को रिलीज किया जाने वाला है और इस गाने को अपनी आवाज़ दे रही हैं वंदना जंगीत (Vandana Jangit).

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पौलिटिकल राउंडअप : मध्य प्रदेश में बड़ा घोटाला

भोपाल. साल 2009 में तब की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड इलाके के 13 जिलों में तरक्की के कामों के लिए 7 हजार, 266 करोड़ रुपए दिए थे. इन में से 3 हजार, 800 करोड़ रुपए केवल मध्य प्रदेश के लिए दिए गए थे. लेकिन यह पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया.

इस योजना से जुड़े दस्तावेजों को सच मानें तो 5 टन के पत्थर स्कूटर से ढोए गए थे. साथ ही, इलाके में 2 हफ्ते के अंदर 100 से ज्यादा बकरियों की मौत हो गई थी. सूत्रों के मुताबिक, पन्ना इलाके में जंगल महकमे ने मोटरसाइकिल, स्कूटर, कार और जीप को कागज पर जेसीबी के रूप में दर्ज किया था.

13 फरवरी की इस खबर के मुताबिक कांग्रेस सरकार ने बुंदेलखंड पैकेज घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी है.

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अखिलेश के मन की बात

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 11 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के अहंकार के खिलाफ मतदान किया है, विकास के लिए मतदान किया है. भाजपा ने चुनाव को सांप्रदायिक बनाने की भरपूर कोशिश की थी और उस की यह नफरत वाली मुहिम बुरी तरह से प्रभावित हुई है.

अखिलेश यादव ने इस जीत के लिए आम आदमी पार्टी और उस के नेताओं को बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह चुनाव देश की राजनीतिक कहानी को बदल देगा.

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

नई दिल्ली. देश की बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी को अपने एक अहम आदेश में राजनीतिक दलों से कहा कि वे उम्मीदवारों के आपराधिक रिकौर्ड को वैबसाइटों पर भी अपलोड करें. इस आदेश का पालन न करने पर अवमानना की कार्यवाही की जा सकती है.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पार्टियां उम्मीदवारों के आपराधिक रिकौर्ड को अखबारों, वैबसाइटों और सोशल साइटों पर प्रकाशित करें. इस के साथ ही सवाल किया कि आखिर राजनीतिक पार्टियों की ऐसी क्या मजबूरी है कि वह आपराधिक बैकग्राउंड वाले उम्मीदवार को टिकट देती हैं?

शराब को बताया ‘संजीवनी’

पटना. हिंदुस्तानी अवाम मोरचा के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने 13 फरवरी को अपने एक बयान में कहा था, ‘‘थोड़ी शराब पीना काम करने वाले मजदूरों के लिए संजीवनी के बराबर होता है, जो दिनभर कमरतोड़ मेहनत कर अपने घर लौटते हैं.’’

इस बयान पर राज्य की नीतीश कुमार सरकार की ओर से भी तीखी बयानबाजी हुई, क्योंकि इसी सरकार ने राज्य में साल 2016 में शराब को बैन कर दिया था.

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कांग्रेस ने भी जीतनराम मांझी के बयान से नाराजगी जताई. याद रहे, राज्य में शराब को बैन किए जाने संबंधी कानून जब बनाया गया था, तब प्रदेश की नीतीश सरकार में कांग्रेस भी शामिल थी.

भाजपा भी जीतनराम मांझी को कोसने में पीछे नहीं रही. भाजपा नेता और राज्य सरकार में भूमि सुधार मंत्री राम नारायण मंडल ने कहा, ‘‘लोग शराब पर बैन लगाने से खुश हैं और यह हमेशा के लिए रहने वाला है.’’

 मंत्री ने दिया अपना खून

रांची. झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता 13 फरवरी को राजेंद्र इंस्टिट्यूट औफ मैडिकल साइंसेज का दौरा करने पहुंचे थे. वहां उन्हें पता चला कि अस्पताल में भरती एक बुजुर्ग औरत का इलाज ब्लड बैंक में खून की कमी होने के चलते नहीं हो पा रहा था. जब मंत्री ने उन बुजुर्ग औरत के पति से इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि जब वे ब्लड बैंक गए तो उन से कहा गया कि खून लेने के बदले में खून देना पड़ेगा, मगर कोई भी खून देने के लिए तैयार नहीं हुआ.

यह सुन कर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने खुद ही खून देने का फैसला किया और ब्लड बैंक पहुंच गए. इस के बाद उन्होंने वहां मौजूद लोगों से जरूरतमंदों को ब्लड डोनेट करने की अपील की.

झुग्गियों के आगे बनाई दीवार

अहमदाबाद. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 24 फरवरी की अहमदाबाद यात्रा से पहले देश में बवाल मच गया. विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि झुग्गीझोंपड़ी बस्ती को छिपाने के लिए भाजपा शासित अहमदाबाद नगरनिगम ने हवाईअड्डे के पास एक ऊंची दीवार बना दी.

कांग्रेस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर से झुग्गी में रहने वाले लोगों की गरीबी छिपाने के लिए यह दीवार खड़ी की गई, जबकि कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए नगरनिगम के अफसरों ने 14 फरवरी को कहा कि 4 फुट ऊंची और 500 मीटर लंबी दीवार बनाने के काम को डोनाल्ड ट्रंप के गुजरात दौरे से बहुत पहले मंजूरी मिल चुकी थी.

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कांग्रेस ने भाजपा को घेरा

जम्मू. जम्मूकश्मीर कांग्रेस ने कश्मीर घाटी में मुख्यधारा के नेताओं पर उन सुरक्षा अधिनियम यानी पीएसए लगाने के लिए 15 फरवरी को प्रशासन पर आरोप लगाया कि भाजपा अपने विरोधियों पर दबाव डालने की रणनीति का इस्तेमाल कर रही है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीए मीर ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा, ‘‘यह केवल घाटी के बारे में नहीं है, भाजपा सरकार पूरे देश में अपनी नीतियों का विरोध करने वाले लोगों को फंसा रही है और पीएसए जैसे कानून का गलत इस्तेमाल कर रही है. इस कानून का पिछले 40 सालों में सब से ज्यादा गलत इस्तेमाल किया गया है.’’

जीए मीर पहले आईएएस रहे और आज के नेता शाह फैसल पर पीएसए लगाए जाने को ले कर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे.

संविधान की दी दुहाई

हैदराबाद. उत्तर प्रदेश के वाराणसी से मध्य प्रदेश के इंदौर के बीच 16 फरवरी को शुरू हुई ‘काशीमहाकाल ऐक्सप्रैस’ ट्रेन में एक सीट को शिव के लिए आरक्षित करने और उसे मंदिर का रूप देने पर आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलमीन के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और संविधान की प्रस्तावना की याद दिलाई.

असदुद्दीन ओवैसी ने अपने ट्वीट के जरीए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह बताने की कोशिश की कि संविधान इस बात की घोषणा करता है कि भारत एक, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणतंत्र राष्ट्र है और रेलवे का यह कदम ‘संविधान की आत्मा’ कही जाने वाली प्रस्तावना के खिलाफ है.

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रसोई गैस : कीमत पर बवाल

कोलकाता. रसोई गैस सिलैंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ 14 फरवरी को मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी की महिला शाखा और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शहर में 2 जगहों पर प्रदर्शन किया, जिस के चलते उत्तरी और दक्षिणी कोलकाता में यातायात गड़बड़ा गया. तख्तियां और बैनर लिए इन लोगों ने दोपहर 3 बजे से तकरीबन आधे घंटे तक राजाबाजार में एपीसी रोड को जाम कर दिया था.

गौरतलब है कि 14.2 किलोग्राम रसोई गैस सिलैंडर की कीमत 714 रुपए से बढ़ा कर 858.50 रुपए कर दी गई है, जो जनवरी, 2014 से अब तक की सब से ज्यादा बढ़ोतरी है.

सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड : मनोज सिंह टाइगर को मिला बेस्ट पौपुलर कामेडियन अवार्ड

सरस सलिल की ज्यूरी द्वारा वर्ष 2019 में भोजपुरी भाषा में प्रदर्शित फिल्मों के स्क्रीनिंग के आधार पर जिन एक्टर्स को अवार्ड दिया गया उसमें अलग अलग कैटेगरी में कई मशहूर एक्टर्स शामिल रहें. इसी कड़ी में कामेडी के लिए भी अभिनेताओं को अवार्ड से नवाजा गया. जिसमें मशहूर कामेडियन मनोज सिंह टाइगर ‘बतासा चाचा’ को बेस्ट पापुलर कामेडियन का अवार्ड दिया गया मनोज सिंह टाइगर को बतासा चाचा का उप नाम निरहुआ रिक्शावाला के किरदार से मिला जो आज उनकी पहचान बन चुका है मनोज सिंह टाइगर लखनऊ में हो रहे बीआईपीएल के चलते अवार्ड शो में नहीं पहुँच पाए थे ऐसे में उन्हें यह अवार्ड एक फिल्म की शूटिंग के दौरान फिल्म शेट पर जाकर दिया गया .

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अगर अभिनेता मनोज सिंह टाइगर की बात करें तो उनकी अब तक ढाई सौ से भी अधिक फ़िल्में प्रदर्शित हो चुकी हैं. उन्होंने भोजपुरी में कामेडी को एक अलग ही पहचान दी है. पहले भोजपुरी में कामेडी का पैमाना नहीं हुआ करता था इसी लिए भोजपुरी में कामेडियन को मजाक बनाया जाता रहा. भोजपुरी कामेडियन को को नाडा पहना कर मजाक का पार्ट बनाया जाता था. लेकिन मनोज सिंह टाइगर के भोजपुरी कामेडी में आने के बाद अब भोजपुरी में भी कामेडियन का लेवल वालीवुड के परेश रावल, राजपाल यादव और संजय मिश्रा सरीखे कलाकारों की तरह बढ़ा है.

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मनोज सिंह टाइगर जिस तरह फिल्मों में वयस्त है उसी तरह वह थियेटर में भी सक्रिय रहतें है. उनका कहना ही की थियेटर मेरी आत्मा में बसा है,या कह लिया जाए की थियेटर मेरी कमजोरी और मजबूरी है. थियेटर के बिना मुझे जिदंगी अधूरी लगती है. जब भी मुझे कहीं से थियेटर में मंच पर प्रस्तुति के लिए ऑफर मिलता है तो मै सारे काम छोड़ कर थियेटर पर अपने नाटकों के मंचन के लिए पहुँच जाता हूँ. जहाँ तक थियेटर का फिल्मी कैरियर में लाभ मिलने की बात है तो थियेटर ही तो है जिसने मुझे फिल्मों में अपनी अलग पहचान दी.उनका कहना है की  थियेटर के चलते फिल्म में शूट के दौरान गलतियाँ कम होती है. मै अगर सच कहूँ तो मुझे फिल्मों में लाने का श्रेय मेरे रंगकर्म को ही जाता है. मेरा नाटक मांस का रुदन खासा सफल रहा है और इसे मैंने लगभग देश के सभी हिस्सों में प्ले किया है. वह कहते हैं की मै जीवन भर थियेटर करते रहना चाहता हूं.

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उन्होंने भोजपुरी की पूरी तरह से कामेडी फिल्म लागल रहा बतासा में लीड रोल किया था जिसे दर्शकों ने खूब सराहा था और फिल्म हिट रही थी. सरस सलिल अवार्ड ज्यूरी द्वारा उन्हें इसी फिल्म के लिए अवार्ड के लिए चुना गया.

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