Valentine’s Special- आउटसोर्सिंग: भाग 3

‘इतना सबकुछ? अंकल, आप को इतनी औपचारिकता की क्या आवश्यकता थी,’ युवक मेज पर फैली सामग्री को देख कर चौंक गया था.

‘‘बेटे, ये सब हमारे शहर की विशेष मिठाइयां हैं. ये खास कचौडि़यां हमारे शहर की विशेषता है,’’ मानिनी प्लेट में ढेर सी सामग्री डालते हुए बोली थीं.

‘‘मेरी मां ठीक ही कहती हैं, हम दोनों परिवारों के बीच जो प्यार है वह शायद ही कहीं देखने को मिले,’’ युवक प्लेट थामते हुए बोला. मानिनी उलझन में पड़ गईं पर शीघ्र ही उन्होंने संशय को दूर झटका और घर आए अतिथि पर ध्यान केंद्रित कर दिया.

‘‘अच्छा, आंटी, अब मैं चलूंगा. आप दोनों से मिल कर बहुत अच्छा लगा.’’

‘‘अरे, हम ने मुग्धा को फोन किया है, वह आती ही होगी. उस से मिले बिना तुम कैसे जा सकते हो?’’

‘‘उस की क्या आवश्यकता थी? आप ने व्यर्थ ही मुग्धाजी को परेशान किया.’’

‘‘इस में कैसी परेशानी? तुम कौन सा रोज आते हो,’’ राजवंशीजी मुसकराए.

तभी मुग्धा की कार आ कर रुकी. मानिनी और राजवंशीजी लपक कर बाहर पहुंचे. मानिनी उसे पीछे के द्वार से अंदर ले गईं.

‘‘जल्दी से तैयार हो जा. यह जींस टौप बदल कर अच्छा सा सूट पहन ले, बाल खुले छोड़ दे.’’

‘‘क्या कह रही हो मम्मी. किसी से मिलने के लिए इतना सजनेसंवरने की क्या आवश्यकता है?’’

‘‘किसी से नहीं जनार्दन से मिलना है. तू क्या सोचती है बिना बताए वह तुझ से मिलने क्यों आया है?’’

‘‘मुझे क्या पता, मम्मी. मैं आप का फोन मिलते ही दौड़ी चली आई. मुझे लगा किसी की तबीयत अचानक बिगड़ गई है.’’

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‘‘तबीयत बिगड़े हमारे दुश्मनों की. मैं जनार्दन के पास जा रही हूं. तुम जल्दी तैयार हो कर आ जाओ,’’ मानिनी फिर ड्राइंगरूम में जा बैठीं.

मुग्धा तैयार हो कर आई तो दोनों पतिपत्नी बाहर चले गए. दोनों एकदूसरे को जानसमझ लें तो बात आगे बढ़े. वे इस तरह घबराए हुए थे मानो साक्षात्कार देने जा रहे हों.

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मुग्धा ड्राइंगरूम में बैठे युवक को अपलक ताकती रह गई.

‘‘आप का चेहरा बड़ा जानापहचाना सा लग रहा है. क्या हम पहले कभी मिल चुके हैं?’’ चायनाश्ते की मेज पर रखी केतली से कप में चाय डालते हुए मुग्धा ने प्रश्न किया.

‘‘जी हां, मैं रूपनगर से आया हूं, कुणाल बाबू मेरे पिता हैं,’’ चाय का कप थामते हुए वह युवक बोला.

‘‘कुणाल बाबू यानी दया इंटर कालेज के पिं्रसिपल?’’

‘‘जी हां, मैं उन का बेटा राजीव हूं. यहां अपने वीसा आदि के लिए आया हूं. मां ने आप लोगों के लिए कुछ मिठाई अपने हाथ से बना कर भेजी है.’’

‘‘अर्थात तुम जनार्दन नहीं राजीव हो. मम्मीपापा तुम्हें न जाने क्या समझ बैठे,’’ मुग्धा खिलखिला कर हंसी तो हंसती ही चली गई. राजीव भी उस की हंसी में उस का साथ दे रहा था.

‘‘मैं सब समझ गया. इसीलिए मेरी इतनी खातिरदारी हुई है.’’

‘‘तुम जनार्दन नहीं हो न सही, खातिर तो राजीव की भी होनी चाहिए. तुम ने हमारे यहां आने का समय निकाला यही क्या कम है?’’ कुछ देर में हंसी थमी तो मुग्धा ने कृतज्ञता व्यक्त की.

‘‘आप और मानस मेरी दीदी के विवाह में आए थे. हम ने खूब मस्ती की थी. उस बात को 7-8 वर्ष बीत गए.’’

‘‘तुम से मिल कर अच्छा लगा, आजकल क्या कर रहे हो. तब तो तुम आईआईटी से इंजीनियरिंग कर रहे थे?’’

‘‘जी, उस के बाद एमबीए किया. अब एक मल्टीनैशनल कंपनी में नौकरी मिल गई है. बीच में 3-4 वर्ष एक प्राइवेट कंपनी में था.’’

‘‘क्या बात है. तुम ने तो कुणाल सर का सिर ऊंचा कर दिया,’’ मुग्धा प्रशंसात्मक स्वर में बोली.

‘‘आप से एक बात कहनी थी मुग्धाजी.’’

‘‘कहो न, क्या बात है?’’

‘‘क्या मैं आप के जीवन का जनार्दन नहीं बन सकता? मैं ने तो जब से अपनी दीदी के विवाह में आप को देखा है, केवल आप के ही स्वप्न देखता रहा हूं.’’

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मुग्धा राजीव को अपलक निहारती रह गई.

पलभर में ही न जाने कितनी आकृतियां बनीं और बिगड़ गईं. दोनों ने आंखों ही आंखों में मानो मौन स्वीकृति दे दी थी.

मानिनी और राजवंशीजी तो सबकुछ जान कर हैरान रह गए. उन्हें कोई अंतर नहीं पड़ा कि वह जनार्दन नहीं राजीव था. दोनों ने एकदूसरे को पसंद कर लिया था, यही बहुत था.

अगले ही दिन कुणाल बाबू सपत्नीक आ पहुंचे थे. राजवंशीजी और मानिनी सभी आमंत्रित अतिथियों को रस लेले कर सुना रहे थे कि कैसे मुग्धा का भावी वर स्वयं ही उन के दर पर आ खड़ा हुआ था.

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Nach Baliye 10: गौहर खान पति जैद दरबार संग करेंगी धमाकेदार डांस

फेमस कपल गौहर खान और जैद दरबार सोशल मीडिया पर अक्सर अपने डांसिंग वीडियोज शेयर करते रहते हैं. और इनके वीडियो को फैंस खूब पसंद करते हैं. तभी तो कुछ ही मिनटों में लाखों व्यूज भी मिल जाते हैं.

खबरों के अनुसार छोटे पर्दे का फेमस रियलिटी शो नच बलिए का दसवां सीजन जल्द ही टीवी पर प्रसारित होने वाला है. और इस शो में गौहर खान और जैद दरबार Participate करने वाले हैं.

 

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खबर ये आ रही है की फेमस एक्ट्रेस गौहर खान अपने पति जैद दरबार (Zaid Darbar) संग इस डांसिंग रिएलिटी शो में हिस्सा ले सकती हैं. हाल ही में गौहर खान वेब सीरीज ‘तांडव’ (Tandav) में नजर आई थीं.

 

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गौहर खान (Gauahar Khan) एक बार फिर छोटे पर्दे पर धमाल मचाने की तैयारी में हैं.  वह जल्द ही डांसिंग रिएलिटी शो में अपने पति के साथ डांस करते हुए नजर आएंगी. वो दोनों इस शो को करने के लिए काफी एक्साइटेड हैं.

 

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Yeh Rishta kya kehlata hai: कार्तिक और सीरत के बीच बढ़ेंगी नजदीकियां तो रिया चलेगी एक नई चाल

अयोध्या में ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’, जुटेंगी फिल्मी हस्तियां

देश में सब से ज्यादा प्रसार और पढ़ी जाने वाली दिल्ली प्रैस की पत्रिका ‘सरस सलिल’ द्वारा इस साल उत्तर प्रदेश के अयोध्या में दूसरे ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ का आयोजन 28 फरवरी, 2021 को किया जा रहा है.

इस अवार्ड शो में भोजपुरी के जानेमाने कलाकार न केवल शिरकत करेंगे, बल्कि रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी देंगे. भोजपुरी सिनेमा में शानदार प्रदर्शन करने वाली फिल्मों और कलाकारों को यह अवार्ड दिया जाता है.

बीते साल इस अवार्ड शो का आयोजन उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में किया गया था, जिस में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की जानीमानी हस्तियों ने हिस्सा लिया था.

इस साल यह अवार्ड शो साल 2020 में आई भोजपुरी फिल्मों के प्रदर्शन के आधार पर दिया जाएगा, जिस में फिल्मों के अलावा कलाकारों और तमाम तकनीशियनों को अलगअलग कैटेगरी में अवार्ड दिया जाएगा.

दूसरे ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ में जिन फिल्मों का नौमिनेशन किया जा रहा है, उस में बैस्ट कैटेगरी का फैसला ऐक्सपर्ट की ज्यूरी कर रही है.

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इन की रहेगी मुख्य भूमिका

‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ में मुख्य भूमिका अयोध्या महोत्सव न्यास के अध्यक्ष हरीश श्रीवास्तव निभा रहे हैं. उन्होंने इस आयोजन को कामयाब बनाने में सभी जरूरी संसाधनों को मुहैया कराने के साथ ही कलाकारों के ठहरने और सुरक्षा संबंधी सारी व्यवस्थाएं भी अपनी तरफ से की हैं.

फिल्म हीरो शुभम तिवारी और हीरोइन डाक्टर माही खान इस कार्यक्रम के एंकरिंग की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. भोजपुरी गायक और हीरो विवेक पांडेय इस अवार्ड शो में सहसंयोजक की भूमिका में हैं. वे दूसरे तमाम भोजपुरी कलाकारों के साथ समन्वय करने के साथसाथ उन्हें निमंत्रण देने की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं.

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कलाकारों ने की तारीफ

जानेमाने भोजपुरी सुपर स्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने इस सिलसिले में कहा कि वे ‘सरस सलिल’ पत्रिका के आज भी नियमित पाठक हैं. उन्होंने इस आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं.

फिल्म डायरैक्टर संजय श्रीवास्तव ने कहा कि इस साल का ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ ऐतिहासिक साबित होगा. ‘सरस सलिल’ पत्रिका द्वारा भोजपुरी सिनेमा के लिए किया जाने वाला यह प्रयास बेहद ही सराहनीय है.

नवोदित भोजपुरी कलाकार विमल पांडेय ने कहा कि बीते साल ‘सरस सलिल’ ने भोजपुरी सिनेमा के लिए जो शुरुआत की थी, वह अपने एक नए मुकाम की तरफ बढ़ रही है.

फिल्म डायरैक्टर पराग पाटिल ने इस आयोजन के सफलता की कामना की. फिल्म निर्माता किशोर यादव ने इस अवार्ड को ले कर कहा कि ‘सरस सलिल’ पत्रिका ने भोजपुरी सिनेमा को आगे बढ़ाने में अपने लेखों और इंटरव्यू के जरीए एक अलग ही भूमिका निभाई है.

इस के अलावा शुभकामनाएं देने वालों में राज प्रेमी, यश मिश्रा, देव सिंह, पूनम दुबे, सोनालिका प्रसाद, गुंजन पंत, अनूप अरोड़ा, राहुल श्रीवास्तव, लोटा तिवारी, धामा वर्मा, कृष्णा कुमार, बालेश्वर सिंह, समर्थ चतुर्वेदी, संजना राज, शैलेंद्र श्रीवास्तव, सुप्रिया प्रियदर्शनी, कनक पांडेय, सीपी भट्ट, संजना सिल्क, रविशंकर मिश्र, प्रिंस सिंह राजपूत, देवी कुमार, रूपा सिंह, कनक यादव, वीरू यादव, अरुण राज समेत सैकड़ों भोजपुरी कलाकार शामिल हैं.

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रंगारंग नाइट में होगा धमाल

इस अवार्ड शो में जहां एक तरफ भोजपुरी फिल्मों और फिल्मी हस्तियों को अवार्ड दिया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ 28 फरवरी की शाम 6 बजे से डांस, गाने और कौमेडी नाइट्स से भी धमाल मचेगा.

इस अवार्ड शो में दर्शकों की ऐंट्री फ्री होगी, लेकिन इस के लिए उन्हें अपने साथ निमंत्रणपत्र जरूर लाना होगा.

Bigg Boss 14 फेम सोनाली फोगाट के इस डांस से नाराज हुए यूजर्स, कहीं आपत्तिजनक बातें

‘बिग बॉस 14’  फेम सोनाली फोगाट इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव नजर आ रही हैं. वह आए दिन इंस्टाग्राम पर अपनी फोटोज और वीडियो शेयर करती रहती हैं.

अब उन्होंने एक डांस वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह ‘लागा चुनरी में दाग’ पर डांस करती हुई दिखाई दे रही हैं. इस वीडियो में उन्होंने वेस्टर्न आउटफिट पहना है. वीडियो में आप देख सकते हैं कि वह बड़े ही प्यारे अंदाज में डांस कर रही हैं.

 

लेकिन कुछ यूजर्स को उनका ये अंदाज पसंद नहीं आ रहा है. इसलिए उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. जी हां, सोशल मीडिया पर यूजर्स सोनाली को ट्रोल कर रहे हैं और उनके पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट भी कर रहे हैं.एक यूजर ने लिखा है, अपनी उम्र का लिहाज तो करो तो वहीं दूसरे यूजर ने ने ‘बुड्ढी’ तक बोल दिया.

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इससे पहले सोनाली ने ’52 गज का दामन’ पर डांस वीडियो शेयर किया था, जिसे काफी पसंद किया गया था. तो वही बिग बौस 14 फिनाले में भी सोनाली फोगाट ने सलमान खान के साथ जमकर ठुमके लगाए थे और उनके मूव्स को खूब पसंद किया गया था. बता दें कि वह फिनाले में राहुल वैद्य को सपॉर्ट करने गई थीं.

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यहां “डाल डाल” पर ठग बैठे हैं

छत्तीसगढ़ गरीबी और भूख से पीड़ित एक पिछड़े हुए राज्य के रूप में देश भर में जाना जाता है. मगर यहां ठगी और लूट के धंधे अब चलन में है. अंधविश्वास और पोंगा पंथ के फेर में पढ़ कर लोग ठगे जा रहे हैं, ऐसा लग रहा है छत्तीसगढ़ कि हर डाल पर ठग बैठे हैं. और यहां के सीधे साधे लोगों को एन केन प्रकारेण ठगे जा रहे हैं.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के खमतराई और तिल्दा थाने में दो मामले घटित हुए हैं. पुलिस ने हमारे संवाददाता को बताया कि ये गिरोह छत्तीसगढ़ के बाहरी राज्यों के हो सकते हैं.

राजधानी रायपुर के संतोषी नगर में रहने वाली चंद्रावती एक सामान्य घरेलू महिला हैं. पड़ोस की 13 साल की बच्ची डॉली शर्मा और 12 साल की खुशी शर्मा के साथ वह राशन दुकान में सरकार की तरफ से मिलने वाला राशन लेने जा रही थीं. अचानक बाइक सवार दो युवक पास पहुंचे. पहले तो दोनों किसी आयुर्वेदिक दफ्तर का पता पूछने लगे .महिला ने स्पष्ट कह दिया कि हमें नहीं पता.इस पर एक युवक ने महिला से बड़े ही मीठे स्वर में कहा – आपने जो सोने की चेन गले में पहन रखी है, उसे हाथ में पकड़ लीजिए, आपको देवी मां के दर्शन होंगे. हमने कुछ लोगों को दर्शन करवाए भी हैं. और महिला भी इनकी बातों में आ गई.

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जब महिला ने चेन उतारी और बालिका डॉली को पकड़ा दी. युवक ने डॉली से कहा कि वो अपनी चांदी की अंगूठी अपने हाथ में रखे. ताकि आपको देवी माता दिखाई दे. युवकों ने महिला को बातों में उलझाकर रखा. कहते रहे कि बस अब आपको भगवान के दर्शन होने ही वाले हैं. तभी दूसरे युवक ने बच्ची के हाथ में झपट्टा मारकर जेवर छीने और देखते ही देखते नौ दो ग्यारह हो गए. रोते हुए दुखी महिला थाने पहुंची और सारी राम कहानी पुलिस को बताई.

और जेवर… गायब !

रायपुर जिले के तिल्दा नगर की रहवासी अनन्या संतवानी एक ऐसी ही अन्य घटना का शिकार हो गई. घर पर दो लड़के आए, और दावा किया कि वह पीतल के बर्तन साफ करने का एक ऐसा पाउडर लेकर आए हैं जिससे बर्तन बिल्कुल नए जैसे चमकते हैं.

बातों में आकर महिला ने अपने कुछ पूजा में इस्तेमाल होने वाले बर्तन ला कर दिए. युवकों ने इसे चमका दिया. वो बार-बार एक लाल डिबिया दिखा रहे थे, कह रहे थे कि इसमें और भी खास पाउडर है जो जेवरों को चमका देता है.महिला की सास और जेठानी की उस वक्त घर पर मौजूद थीं, वह भी बर्तनों को साफ होता देख रही थीं.

महिला को युवकों ने अपनी बात में ऐसे फंसाया की पास ही बैठी उसकी जेठानी निकिता संतवानी ने अपनी चांदी की पायल उतार कर दे दी. युवक ने इसे साफ करके लौटा दिया और महिलाओं का भरोसा जीत लिया. दूसरे युवक ने अचानक अनन्या के हाथ में पहने सोने के कड़ों पर पाउडर लगा दिया, कहने लगा उतारिए इसे भी साफ कर दूंगा. अनन्या ने कड़े दे दिए.

युवक ने पाउडर पानी में घोलकर कहा कि पाउडर ज्यादा घुल गया है कुछ और जेवरात हों सोने चांदी के तो दीजिए अभी साफ कर देंगे.महिला की सास कृष्णा संतवानी ने भी अपनी चूड़ियां उतारकर दे दी. इन्हें युवकों ने कूकर में डाला और कहा कि कुछ देर बार जेवर निकालकर धो लें. इसके बाद युवक भाग गए. महिलाओं कूकर खोलकर देखा तो वो खाली था. इसके पश्चात मामला पुलिस के पास पहुंचा.

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ठगी का कारण और निवारण

दरअसल, ठगी का सीधा साधा मनोविज्ञान है अगर आप इसे समझने लगे तो कभी भी जगह नहीं जा सकते. ठगने वाले धर्म का सहारा लेते हैं किसी भगवान अथवा देवी का दर्शन कराने के नाम पर ठगा जाता है. अतः आप सचेत हैं जागृत हैं तो आप कभी भी ठगे नहीं जाएंगे दूसरी और लालच बुरी बला यह कहावत सौ फ़ीसदी सच है. जब जग लोग लालच के फंदे में फंसते हैं तो ठगे जाते हैं.

पुलिस अधिकारी विवेक शर्मा के मुताबिक ठगी का शिकार अक्सर महिलाएं ज्यादा होती है क्योंकि वह भोली भाली और सीधी होती है और शिक्षा का प्रचार-प्रसार भी कम है अतः किसी की भी बातों में आकर ठगी का शिकार हो जाती है.

वहीं शासन को भी चाहिए कि ऐसे टोल फ्री नंबर जारी किया जाएं जो लोगों को सूचित करें सही जानकारी जानकारी दें.

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‘सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेंगे’: तुलेश्वर सिंह मरकाम

साक्षात्कार/ तुलेश्वर सिंह मरकाम, अध्यक्ष, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी

लगभग बीस वर्षों के राजनीतिक समय काल को देखें तो कहा जा सकता है कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की चुनाव में उपस्थिति सिर्फ नाम मात्र की रहती है. हालात इतने गंभीर की पार्टी के सुप्रीमो हीरा सिंह मरकाम स्वयं अपनी परंपरागत सीट तानाखार से चुनाव में पराजित होते रहे हैं. ऐसे में दीगर “चेहरों” की स्थिति कितनी दयनीय होगी यह सहज कल्पना की जा सकती है.

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गोंडवाना पार्टी सिर्फ एक “वोट” काटने वाली पार्टी के रूप में उभर कर खत्म हो जाती है. इसके बावजूद कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का आदिवासी हल्के में प्रभाव, राजनीतिक ताकत है. दोनों ही प्रदेश के चुनाव को प्रभावित करने की क्षमता गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने बारंबार दिखाई है यही वजह थी कि विगत विधानसभा चुनाव के दरमियान कांग्रेस प्रमुख रहे राहुल गांधी ने गोंडवाना पार्टी की और साझेदारी का हाथ बढ़ाया था. गोंगपा सुप्रीमो हीरा सिंह मरकाम के निधन के पश्चात पार्टी की कमान तुलेश्वर सिंह मरकाम संभाल रहे हैं.

प्रश्न- हीरा सिंह मरकाम के हाल ही में निधन के बाद पार्टी की कमान आपके हाथों में है, हीरा सिंह का क्या लक्ष्य था और उसे आप आगे कैसे बढ़ा रहे हैं?

उत्तर-हीरा सिंह मरकाम तीन दफा विधायक रहे, उन्होंने आदिवासियों के दुख दर्द को देखकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की स्थापना की थी. आदिवासियों का जल, जंगल, जमीन लूटा जा रहा था, और लूटा जा रहा है. हमारी पार्टी राजनीतिक सामाजिक चेतना… अपने वोट की कीमत जानने , समझाने का काम कर रही है.

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प्रश्न- छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के राजनीतिक हालात को आप कैसे देख रहे हैं.

उत्तर- कांग्रेस हो या भाजपा दोनों ही पार्टियां जनहित का काम नहीं कर पा रही है. आदिवासी समाज का शोषण, दमन, उत्पीड़न जारी है. अधिकार नहीं मिल रहा है. हमारी लड़ाई इसी दिशा में है कि आदिवासी समाज को जागृत करके ऐसी स्थितियां निर्माण करें सत्ता की धमक हमारे हिसाब से, समाज के हित में काम करें.

प्रश्न- आदिवासी समाज में खुशहाली कब और कैसे आ सकती है..?

उत्तर- छत्तीसगढ़- मध्य प्रदेश में तमाम खनिज संपदा है. जिसका दोहन सरकारें जनहित के नाम पर करती हैं मगर इसका लाभ हिस्सेदारी आदिवासी समाज को नहीं मिल पा रहा. परिणाम स्वरूप आज भी गरीबी,फटेहाली है, हाल ही में जशपुर में एक गरीब परिवार को भोजन नहीं मिलने पर बच्चे बेहोश हो गए जो सारी दुनिया ने देखा है. यही सच्चाई है छत्तीसगढ़ की… विकास यहां दिखाई नहीं देता हम सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेंगे, अधिकार अपना लेकर रहेंगे.

प्रश्न- छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार पर आप क्या कहेंगे?

उत्तर- यह तो उधार की सरकार है, निरंतर कर्ज ले रही है और कर्ज ले रही है. खनिज न्यास की जो निधि है उसका इस्तेमाल राजधानी में किया जा रहा है. यह न्याय नहीं है. और हमें इन सरकारों से न्याय की उम्मीद भी दिखाई नहीं देती क्योंकि इनकी प्राथमिकता में आदिवासी समाज नहीं है.

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प्रश्न – तो कुल मिलाकर सरकार कैसे चल रही है और सरकारी अमला क्या सही रास्ते पर चल रहा है.

उत्तर- स्थिति बेहद कष्टप्रद है, दुख होता है भूपेश बघेल प्रशासन को दिशा नहीं दे पा रहे हैं. भ्रष्टाचार अपनी सीमाएं तोड़ रहा है.कटघोरा वन मंडल को का ही उदाहरण लीजिए ग्राम बतरा में 94 लाख का काम हुआ और मनरेगा में मजदूरों को जांजगीर जिला का दिखाया जा रहा है एक पैसे का भी काम नहीं हुआ. यह सरकार के संरक्षण में ही तो हो रहा है।हमें लगता है, जनता देख रही है, जाग रही है और जवाब भी देगी.

प्रश्न- आदिवासी समाज का हित किसमें है आपकी लंबी लड़ाई का उद्देश्य क्या है?

उत्तर -पांचवी अनुसूची… छठी अनुसूची…. छत्तीसगढ़ को ही लीजिए यहां पांचवी अनुसूची कुछ जिलों में लागू है मगर इमानदारी से इसका पालन नहीं करवाया जा रहा है.जिसके कारण आदिवासी उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं और हमारी यही लड़ाई है.

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प्रश्न -प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर आप क्या कहेंगे?

उत्तर- प्रदेश सरकार की हालत अच्छी नहीं है धान खरीदी का प्रश्न हो या किसानों के दूसरे हित सरकार लगातार विफल दिखाई दे रही है भूपेश सरकार के खिलाफ तो जन आंदोलन होकर रहेगा. किसानों को वाजिब समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है, रोजगार भत्ता का अता-पता नहीं है कांग्रेस ने जो वादे किए थे सरकार को 2 वर्ष हो गए वह वादे पूरे नहीं कर पाई है.

प्रश्न- मगर ऐसा तो पूर्व में भी था?

उत्तर- कांग्रेस सरकार 15 वर्ष बाद बनवास के लंबी अवधि के पश्चात सत्ता में आई है जनता को काफी उम्मीदें थी मगर अब सब धरी की धरी रह गई कोई वादा पूरा नहीं कर पा रहे हैं.

Crime: जब सेवक “किडनैपर” बन जाए!

आमतौर पर किसी आम व्यक्ति की सेवाएं लेना जीवन को सहज बनाने के लिए एक जरूरी आवश्यकता होती है. घर हो या दफ्तर अथवा कोई दुकान किसी न किसी  शख्स की सेवाएं तो लेनी पड़ती है. यह सेवा हमारे काम को सहज बनाने में मददगार होती है.

मगर आपके यहां काम करते हुए अगर “सेवक” यानी सर्वेंट से मनमुटाव हो और उसे आप काम से अलग कर दें तो यह कोई बड़ी गंभीर घटना नहीं मानी जाती. छत्तीसगढ़ से जिला रायगढ़ में एक शख्स ऊपर यह घटना मानो एक आफत बनकर गिर पड़ी. उसके मासूम बालक‌ का अपहरण का शिकार हो गया.

छ:  साल के मासूम शिवांश के अपहरणकर्ताओं के इरादे  खतरनाक थे. अगवा करने के बाद बच्चे को छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य झारखंड के खूंखार “किडनैपर्स गैंग” के हवाले कर 25 लाख फिरौती वसूली की योजना बन गई थी, लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस ने रास्ते में ही अपहर्ताओं को धर दबोचा.

यहां महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि किडनैपिंग का मास्टर माइंड एक रसोईया खिलावन महंत है, जो पेशेवर रसोईया है और  हाल तक शिवांश के घर  ही खाना बनाने का काम किया करता था. यही रह उसने घर परिवार को देखा और घुलमिल गया, मगर जब परिस्थितियां बदली तो उसके तेवर भी बदल गए.

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जब “सेवक राम” को हटा दिया गया…

जब हम किसी सर्वेंट और घरेलू नौकर की बात करते हैं तो अनेक चित्र हमारे सामने खींचे जाते हैं.

फिल्मकार ऋषिकेश मुखर्जी की मशहूर फिल्म “बावर्ची” का रसोईया राजेश खन्ना का चरित्र जो कि एक आदर्श प्रस्तुत करता हमें दिखाई देता है.

इसी तरह फिल्म राजेश खन्ना की फिल्म “अवतार” में सचिन का चरित्र जो अपने मालिक के लिए अपने खून तक बेचने पहुंच जाता है.

ऐसे में जीवन की सच्चाई खुलकर सामने आ जाती है, जब कोई सेवक कानून और अपनी मर्यादाओं को तोड़ कर छोटे बड़े  किसी लालच अथवा क्रोध में आकर बदला लेने पर उतारू हो जाता है.

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के खरसिया में मासूम  शिवांश के पिता राहुल अग्रवाल ने काम नहीं होने का हवाला देकर जब  रसोईया खिलावन को रूखसत कर दिया और खिलावन का बकाया पैसा भी दे दिया . इसके दो दिन पश्चात 20 फरवरी 21 को खिलावन फिर  राहुल अग्रवाल के घर मोबाइल चार्जर लेने के बहाने से पहुंचा और चिप्स खिलाने के बहाने से  शिवांश को लेकर शाम करीब साढे 5 बजे बाइक से फरार हो गया. काफी देर बाद खोजबीन पर भी जब शिवांश का पता नहीं चला तो परिजनों ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करायी.

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सीसीटीवी में आरोपी हुआ कैद

घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक तुरंत खरसिया चौकी पहुंचे. वहीं  साइबर टीम  संदेही के संभावित आरोपी की पड़ताल में जुट गयी. इसी बीच बिलासपुर पुलिस महानिरीक्षक रतनलाल डांगी भी मौके पर पहुंच गये. इसी दरम्यान शातिर आरोपीगण पुलिस की नाकेबंदी के रास्तों को जानते हुए मुख्य मार्ग को छोड़ते हुए पहाड़ी व अंदरूनी रास्तों का प्रयोग करते बम्हनीनडीह- नंदेली- तारापुर अमलीभौना होते हुए रायगढ़ की सीमा पार करने की जानकारी मिली. जबकि खरसिया में संदेही अपने परिचितों को बिहार जाने की बात बताई थी ताकि पुलिस भ्रमित होकर बिहार की ओर टीम रवाना करें.  यही नहीं संदेही खिलावन महंत बालक को घर से मोटरसाइकिल में बिठा कर ले गया था.

सीसीटीवी फुटेज में भी वह बाइक में दिखा परन्तु अपने साथियों के साथ अपनी पूर्व प्लानिंग अनुसार खिलावन महंत पुलिस को चकमा देने बाइक से निकला और रास्ते में बाइक छोड़ अपने दो साथी अमर दास महंत व संजय सिदार (ड्राइवर) जो किराये की अर्टिगा कार के साथ रास्ते में उसका इंतजार कर रहे थे, उनसे मिला. अब तीनों आरोपी बालक को कार में बिठाकर झारखंड रवाना हुये, वे इस घटना में अपने को सुरक्षित रखने झारखंड के पेशेवर अपहरण गिरोह को सौंपने के लिये सम्पर्क कर रहे थे. उसके बाद आरोपियों की योजना  बालक के पिता से 25 लाख रूपये की डिमांड करने की थी. मगर पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था में अंतर अपहरणकर्ता गिरफ्तार हुए और जेल की सीखचों में पहुंच गए हैं.

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प्रियंका चोपड़ा की ड्रेस को लेकर लोगों ने बनाये मजेदार मीम्स, देखें Viral फोटो

प्रियंका चोपड़ा अपनी एक्टिंग के साथ-साथ ड्रेसिंग सेंस को लेकर भी काफी चर्चे में रहती हैं. अक्सर उनके ड्रेसिंग सेंस को लेकर उन्हें ट्रोल भी किया जाता है.

अब हाल ही में प्रियंका चोपड़ा ने अपनी बुक ‘अनफिनिश्ड’ (Unfinished) लॉन्च की है. इसी बुक के प्रमोशन के लिए प्रियंका ने एक लाइव सेशन किया. इस सेशन के दौरान प्रियंका ने ग्रीन और ब्लैक ड्रेस पहनी थी. इसी पर लोगों ने मीम्स बनाना शुरू किया.

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एक्ट्रेस ने खुद इन्हें सोशल मीडिया पर शेयर किया है. प्रियंका चोपड़ा ने खुद इसे इंस्टाग्राम और ट्विटर पर इस मीम्स को शेयर किया है. इसे देखकर आप भी हंसते-हंसते लोट-पोट हो जाएंगे.

 

इस क्रिएटिविटी में आप देख सकते हैं कि किसी ने प्रियंका को सुतली बॉम्ब बना दिया है तो किसी में प्रियंका पॉकेमॉन बन गई हैं तो वहीं उन्हें हॉट एयर बैलून भी बना दिया गया है.

प्रियंका अपनी बुक को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं. इस बुक  में एक्ट्रेस ने कई बड़े खुलासे किए हैं. जिसके बाद उनकी काफी चर्चा हो रही है.

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क्या राममंदिर के लिए पैसा जमा करना जरूरी है?

गांवगांव, शहरशहर में कहा जाता है कि मंदिर जाओ, कीर्तन करो, पाठ पढ़ो, दान दो, यज्ञहवन कराओ, पैसा बरसेगा. आम भारतीय इस भुलावे में रह कर घर पर रह कर, गांवशहर के मंदिर में जा कर, कभीकभार दूर तीर्थस्थल तक जा कर, मन्नतें मान कर, दूधनारियल चढ़ा कर पैसा पाने के लिए कोशिश करता ही रहता है. जो करता है उसे धर्म के दुकानदार शरीफ बता देते हैं. जो नहीं करता उस का हुक्कापानी बंद करवाने की कोशिश करते हैं.

गरीब भी अपनी थोड़ी सी कमाई का एक बड़ा हिस्सा पूजापाठ पर खर्च कर डालता है कि इस से और मिलेगा, अपनेआप मिलेगा, छप्पर फाड़ कर मिलेगा. भई अगर ऐसा है तो राम मंदिर को अयोध्या में पैसा जमा करने की जरूरत ही नहीं होनी चाहिए. पर हो उलटा रहा है. लगता है कि भारतीय जनता पार्टी ने हुक्म जारी किया?है कि उस के सांसद गलीगलीकूचेकूचे जा कर राम मंदिर के लिए अगले 1-2 महीनों में पैसा जमा करें. दिल्ली में राम मंदिर के लिए मनोज तिवारी फरवरी भर यही काम करेंगे.

उन्होंने कहा है कि वे घरघर, दुकानदुकान जाएंगे. अब अकेले तो जाएंगे नहीं. 10-20 भगवा दुपट्टे लपेटे तोंद वाले वर्कर भी साथ होंगे. खातेपीते दबंग घरों के लोग जिस घर में जाएंगे वहां से खाली हाथ लौटने का सवाल ही नहीं. सांसद दरवाजे तक आए और 10-20 हजार लिए बिना चला जाए, कैसे हो सकता है. मुसलमानों के घरों में भी जाएंगे और जो मांगेंगे मिलेगा वरना मालूम है न कि कपिल मिश्रा ने पुलिस की निगरानी में क्या कहा था और उत्तरपूर्व दिल्ली में क्या किया था फरवरी 2020 में.

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यह सारे देश में दोहराया जाएगा. जहां भाजपा सरकारें हैं वहां भी, जहां नहीं हैं, वहां भी. दलितों से भी वसूला जाएगा, पिछड़ों से भी. कहने को राम मंदिर सब के लिए खुला होगा पर असल में इस में ऊंची जातियों वाले ही जा पाएंगे. वैसे भी हमारे देश में आम वैश्यों के लिए शिव, वर्किंग लोगों के लिए हनुमान, और छोटी जातियों के लिए लोकल देवीदेवता रिजर्व हैं. लोग अपनेअपने देवीदेवता की पूजा करते हैं, क्योंकि उन का अक्लमंद पंडितपुजारी उन्हें जाति के हिसाब से खास मंदिर में जाने पर ही पैसा पाने की दिलासा देता है.

राम मंदिर को ग्रंथों के हिसाब से अपनेआप पैसा मिलना चाहिए. भगवान जब खुश होते हैं तो हीरेजवाहरातों के ढेर प्रकट हो जाते हैं. सुख टपक पड़ता है, धन की कमी रहती ही नहीं. मनोज तिवारी जैसे सांसद फिर तो पक्की बात है कि राम मंदिर के बहाने कुछ और वसूली करने जा रहे हैं. यह पैसा भी हो सकता है, काम करने की इजाजत देने की कीमत भी, और अगले चुनाव के लिए वोट भी.

अब भला कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, तृणमूल कांग्रेस के पास ऐसी जादू की छड़ी कहां है? राम मंदिर ही नहीं लगभग सभी मंदिरों पर कब्जा तो एक ही का है. जिस के पास वसूली का हक और तरीका है वही वोट मंदिर से वरदान पाएगा.

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