7वें सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड्स का रंगारंग आयोजन

सितारे उतरे जमीन पर, दर्शकों के सिर चढ़कर बोला भोजपुरी सिने स्टार्स का जादू

पटना | सईयाँ मनावन करस..., राजाजी के दिलवा...हां हम बिहारी है आदि भोजपुरी गानों से पटना के बापू सभागार के मंच पर तब आग लग गई , जब अनु ओझा, दिव्या सिंह, चाहत राज, माही खान, आर्यन बाबू तथा अमरीश सिंह आदि भोजपुरी कलाकारों के डांस ने दर्शकों को नाचने पर मजबूर कर दिया. बच्चे हो या युवा, बुजुर्ग हो या महिलाएं सब जमकर थिरके.

रंगारंग रोशनी, हजारों दर्शकों की भीड़ और भोजपुरी सिनेमा के सारे सुपर स्टार्स ने मिलकर वो समां बांधा जिसको पटना और बिहार की जनता वर्षों तक याद करेगी. आसमान के सितारे जब जमीन पर उतरते है तो ऐसा ही होता है और जब भोजपुरी के सारे सुपर स्टार्स एक ही मंच पर एक साथ होते हैं तो वह कार्यक्रम सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड्स होता है.

7वें सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड्स का बिहार की राजधानी पटना में 15 मार्च को भव्य आयोजन हुआ. बापू सभागार में आयोजित यह समारोह शाम छह बजे शुरू हुआ और रविवार की छुट्टी बिहारियों ने भोजपुरी कलाकारों के नाम कर दी. लगभग 5000 दर्शकों ने नाचते हुए देर रात तक कार्यक्रम का पूरा आनंद लिया. और दिल्ली प्रेस के भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के सपनें को साकार कर दिया. लाखों पाठकों का यही प्रेम और विश्वास दिल्ली प्रेस की ताक़त है.

7वें सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स की झलकियां

रंगारंग कार्यक्रम का हुआ आयोजन

कार्यक्रम के भव्य उद्घाटन के पश्चात भानु प्रकाश राणा ने मंच से दिल्ली प्रेस समूह का परिचय देते हुए संस्था की समृद्ध प्रकाशन परंपरा और पत्रकारिता जगत में उसके योगदान को रेखांकित किया, विवेक पांडेय ने उपस्थित अतिथियों और कलाकारों का स्वागत किया, जबकि बृहस्पति कुमार पांडेय ने पुरस्कार चयन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि सभी पुरस्कार पारदर्शी और निष्पक्ष ज्यूरी प्रक्रिया के आधार पर तय किए गए हैं. इस समारोह में लगभग 80 विभिन्न श्रेणियों में भोजपुरी सिनेमा के कलाकारों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े प्रतिभाशाली लोगों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया.

अवार्ड्स की प्रेस कवरेज ( केरोसल )

राजनीति के दिग्गजों की रही उपस्थिति

अवॉर्ड समारोह के मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, कृषि मंत्री राम कृपाल यादव और मंत्री संजय सिंह रहें. दिल्ली प्रेस की ओर से संपादक परेश नाथ और कार्यकारी प्रकाशक अनंत नाथ उपस्थित रहें. इम्पा (IMPAA) के अध्यक्ष अभय सिन्हा सहित कई दिग्गजों की कार्यक्रम में उपस्थिति रही.

भोजपुरी सिनेमा में है लोक जीवन की झलक- डॉ. प्रेम कुमार

बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि – “भोजपुरी सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है बल्कि भारतीय लोक जीवन की झलक भी भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा के माध्यम से प्रस्तुत करता हैं.” उन्होंने कलाकारों से समाज को सकारात्मक संदेश देने वाली फिल्मों के निर्माण की अपील की.

सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड्स से मिल रहा है कलाकारों को प्रोत्साहन

“भोजपुरी भाषा और संस्कृति की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और ऐसे आयोजनों से कलाकारों को प्रोत्साहन मिलता है. सिनेमा भारतीय संस्कृति की आत्मा को जीवित रखता है.” यह बात कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कही.

मंत्री संजय सिंह ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि- “भोजपुरी सिनेमा में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और इस प्रकार के मंच कलाकारों को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.”

इम्पा (IMPAA) के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने भोजपुरी फिल्म उद्योग की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, आज भोजपुरी सिनेमा तकनीकी रूप से मजबूत हो रहा है और इसके दर्शक लगातार बढ़ रहे हैं

अवॉर्ड्स में नई श्रेणियां भी की गयी शामिल

कार्यकारी प्रकाशक अनंत नाथ नें बताया कि, आज के समय में डिजिटल माध्यमों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है और ऐसे में इस अवार्ड के द्वारा डिजिटल कंटेंट से जुड़े कलाकारों को भी पहचान मिले यह ध्यान रखते हुए इस वर्ष अवॉर्ड्स को तीन प्रमुख वर्गों में विभाजित किया गया जिसमें थिएटर में रिलीज होने वाली फिल्में, ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज कंटेंट और यूट्यूब और टीवी प्लेटफॉर्म रिलीज फिल्में प्रमुख है. इन तीनों वर्गों के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में कलाकारों, निर्देशकों, गायकों, तकनीशियनों और अन्य रचनात्मक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया.

झूमे, नाचे, गाएं सितारे

अवॉर्ड समारोह में अनु ओझा, स्वास्तिका राय, आयान बाबू, माही खान तथा अमरीश सिंह आदि कई भोजपुरी सितारे अपने हिट गीतों पर जमकर थिरके तो निशा उपाध्याय, मोनू अलबेला, खुशी कक्कड़, अनुपमा यादव और प्रियंका सिंह आदि ने संगीत के सुरों से इस रंगीन शाम को सुरमयी बना दिया. पारंपरिक भोजपुरी लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियों, लोकगीत और लोकनृत्य ने क्षेत्र की सीमाओं को तोड़ते हुए इस आयोजन को राष्ट्रीय ही नही बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का समारोह बना दिया. दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट और झूमते, नाचते युवाओं की ऊर्जा ने आनंद और उल्लास का वो माहौल बनाया कि पटना वासी उस उत्साह और ऊर्जा को वर्षों तक महसूस करके आनंदित होंगे.

अवार्ड्स ने बढाई सितारों की चमक  

सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड्स में भोजपुरी फिल्म उद्योग के कई चर्चित कलाकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया. अवॉर्ड पाने वाले कलाकारों में कई लोकप्रिय अभिनेता, अभिनेत्री, गायक और तकनीशियन शामिल रहे. मनु कृष्णा, संजीव बोहरपी ओम झा, अरविंद अकेला ‘कल्लू’ आदि कलाकारों ने अवार्ड्स जीते.

भोजपुरी और क्षेत्रीय सिनेमा की बढ़ती ताकत

भारत की फिल्म संस्कृति केवल बॉलीवुड तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की विविध भाषाओं में बनने वाली फिल्में भारतीय समाज की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती हैं. क्षेत्रीय सिनेमा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. भोजपुरी सिनेमा खासतौर पर उत्तर भारत के करोड़ों दर्शकों की भावनाओं और जीवन से जुड़ा हुआ है. भोजपुरी फिल्म उद्योग की उपलब्धियों और उसके विकास की यात्रा अद्भुत रही. फिल्मों की तकनीकी गुणवत्ता में सुधार के साथ ही कहानी तथा प्रस्तुति के स्तर पर भी नए प्रयोग देखने को मिल रहे हैं. आज भोजपुरी फिल्में केवल भारत में ही नहीं बल्कि नेपाल, मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, त्रिनिदाद, अमेरिका और खाड़ी देशों में बसे भोजपुरी भाषी लोगों के बीच भी बेहद लोकप्रिय हो रही हैं.

सरस सलिल और अवॉर्ड्स की अनुपम यात्रा

दिल्ली प्रेस समूह की लोकप्रिय हिंदी पत्रिका सरस सलिल युवाओं, समाज और समकालीन मुद्दों पर केंद्रित अपनी विशिष्ट सामग्री को, सामाजिक सरोकारों, मनोरंजन, साहित्य, जीवनशैली और जनहित के विषयों को सरल और प्रभावशाली भाषा में पाठकों तक पहुंचाती है.

भोजपुरी कलाकारों को प्रोत्साहन देने और क्षेत्रीय सिनेमा को बढावा देने के उद्देश्य से सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड्स की शुरुआत वर्ष 2020 में की गई थी. इसके बाद अयोध्या, बस्ती और लखनऊ में इसके सफल आयोजन किए जा चुके हैं. हर वर्ष इस समारोह की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है. आज के कार्यक्रम ने सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड्स को अंतर्राष्ट्रीय गरिमा और भव्यता प्रदान की.

प्रायोजकों का रहा साथ

इस अवार्ड कार्यक्रम में ‘सवेरा’ ने प्रस्तुतकर्ता साझेदार के रूप में सहयोग दिया. कार्यक्रम के आभूषण साझेदार के रूप में ‘सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स’ तथा ओटीटी साझेदार के रूप में ‘स्टेज’ जुड़े रहे, जिनके सहयोग से यह आयोजन और भी भव्य रूप में सम्पन्न हुआ.

हजारों दर्शकों की उपस्थिति से जगमग करते सभागार में, कई मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों भी कार्यक्रम को कवर करने के लिए उपस्थित रहें. समारोह का संचालन शुभम तिवारी और माही खान ने किया.

सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड समरोहं कलाकारों के लिए प्रेरणा का मंच बन गया, जहां सिनेमा की उपलब्धियों का जश्न तो मनाया गया पर साथ ही भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रियता और उसके उज्ज्वल भविष्य का उत्सव भी आयोजित हुआ. इस भव्य आयोजन ने यह साबित कर दिया कि भोजपुरी सिनेमा आज एक मजबूत और तेजी से आगे बढ़ता हुआ फिल्म उद्योग है, जो आने वाले समय में भारतीय सिनेमा के बड़े मंच पर अपनी अलग पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है.

पटना में आयोजित यह समारोह भोजपुरी फिल्म उद्योग की प्रतिभा, लोकप्रियता और सांस्कृतिक समृद्धि का भव्य उत्सव साबित हुआ

अवार्ड समारोह में सम्मानित होने वाले कलाकार

  • बेस्ट एक्टर - अरविंद अकेला (मुझे मेरी बीवी से बचाओ)
  • बेस्ट एक्ट्रेस - अंजना सिंह (बड़की दीदी छोटकी दीदी)
  • बेस्ट एक्टर - देव सिंह (बड़की दीदी छोटकी दीदी)
  • बेस्ट एक्टर इन निगेटिव - अयाज खान (बड़की दीदी छोटकी दीदी)
  • बेस्ट वायरल सिंगर - राजा जी के तुरल
  • बेस्ट एक्ट्रेस (टीवी/चैनल/यूट्यूब) - रक्षा गुप्ता (मुझे मेरी बीवी से बचाओ)
  • बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (ओटीटी) - कुणाल सिंह (स्वर्ग हमारा)
  • बेस्ट एक्टर (क्रिटिक) - विमल पांडे (स्वर्ग हमारा)
  • बेस्ट नेगेटिव एक्टर - सी पी भट्ट (पुर्नजन्म)
  • बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर - संजय पांडेय (पुर्नजन्म)
  • बेस्ट फिल्म अवार्ड - संजय पांडेय (घर का बंटवारा)
  • बेस्ट एक्ट्रेस क्रिटक - संजना पांडेय (घर का बंटवारा)
  • बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर - प्रियंका सिंह (मातृ देवो भव:)
  • बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (फुल एंटरटेनमेंट) - के के गोस्वामी (अवैध)
  • बेस्ट एक्ट्रेस (क्रिटिक) - अपर्णा मलिक (अवैध)
  • बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर - खुशी कक्कर (अवैध)
  • बेस्ट एक्टर (कॉमिक रोल) - रोहित सिंह (मुझे मेरी बीवी से बचाओ)
  • बेस्ट फिल्म - निशांत उज्जवल (मुझे मेरी बीवी से बचाओ)
  • बेस्ट एक्ट्रेस (टीवी/चैनल/यूट्यूब) - ऋचा दीक्षित (परछावन)
  • बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (टीवी/चैनल/यूट्यूब) - विनोद मिश्रा
  • बेस्ट अलबम सिंगर ( फीमेल) - अनुपमा यादव
  • बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर (टीवी/चैनल/यूट्यूब) - आलोक कुमार (टीवी/चैनल/यूट्यूब)
  • बेस्ट लिरिसिस्ट - मनोज भावुक (दुल्हनिया नाच नचाए)
  • बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (टीवी/चैनल/यूट्यूब) - अनूप अरोरा (पापा की दुल्हनिया)
  • बेस्ट चाइल्ड एक्टर - आर्यन बाबू (बिन पिया डोली बिन पिया गवना)
  • बेस्ट चाइल्ड एक्ट्रेस - स्वास्तिका राय (बिन पिया डोली बिन पिया गवना)
  • बेस्ट एक्टर डिवोशनल फिल्म (टीवी/चैनल/यूट्यूब) - अमरीश सिंह (जय मां विंध्यवासिनी)
  • बेस्ट सिंगर अल्बम जूरी - मोनू अलबेला

सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स: कमाल के पिछले 6 साल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आगामी अप्रैल महीने में छठे 'सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स' का आयोजन होगा. पर अब तक इस अवार्ड्स शो का सफर बड़ा ही रंगारंग और दिलकश रहा है. साल 2020 में पहले साल इस अवार्ड्स शो का आयोजन उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में 'बादशाह मैरिज हाल' में कराया गया था, जिस में भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार रवि किशन के अलावा अरविंद अकेला कल्लू, शुभम तिवारी, विमल पांडेय, काजल राघवानी, रितु सिंह, कनक यादव जैसे बड़े सितारों ने अवार्ड जीते थे. भोजपुरी में सब से ज्यादा फिल्में करने वाले बृजेश त्रिपाठी को 'लाइफटाइम अचीवमैंट' अवार्ड से नवाजा गया था.

साल 2021 में अयोध्या, उत्तर प्रदेश में इस अवार्ड्स शो का दूसरा आयोजन 'फौरएवर लौन' में किया गया था, जहां हजारों की तादाद में आए दर्शकों ने अपने पसंदीदा कलाकारों दिनेशलाल यादव 'निरहुआ', प्रदीप पांडेय 'चिंटू', आम्रपाली दुबे, संजय पांडेय को रूबरू देख कर खूब सीटियां बजाई थीं. संजना सिल्क, अंजलि सिंह, दिवाकर द्विवेदी, अंतरा सिंह 'प्रियंका', कविता यादव और विमल पांडेय ने स्टेज पर प्रस्तुति दी थी. इस शो में बस्ती के तत्कालीन सांसद हरीश द्विवेदी ने 'सरस सलिल' पत्रिका और इस कार्यक्रम की जम कर तारीफ की थी. शुभम तिवारी और डा. माही खान की एंकरिंग ने इस समारोह में चार चांद लगा दिए थे.

साल 2022 में सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड का तीसरा संस्करण बस्ती के होटल 'बालाजी प्रकाश' में हुआ था. तब अरविंद अकेला कल्लू, यामिनी सिंह, समर सिंह, कविता यादव, अनूप तिवारी, संजय पांडेय, रोहित सिंह 'मटरू', प्रमोद शास्त्री, शुभम तिवारी, विनोद मिश्रा जैसे नामचीन लोगों को अवार्ड मिले थे. तारकेश्वर मिश्र 'राही' को भोजपुरी सिनेमा में अपने योगदान के लिए 'लाइफटाइम अचीवमैंट अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. अरविंद अकेला कल्लू और यामिनी सिंह के अलावा समर सिंह और कविता यादव ने स्टेज पर भोजपुरी गानों पर अपने डांस से लोगों का दिल जीत लिया था.

इस अवार्ड शो का चौथा संस्करण अयोध्या के 'फौरएवर लौन' में 'अयोध्या महोत्सव मंच' पर आयोजित हुआ था. कड़ाके की सर्द रात में दर्शकों की सीटियों ने गरमाहट भर दी थी. हो भी क्यों न, लोगों के पसंदीदा भोजपुरी सितारों प्रदीप पांडेय 'चिंटू', आम्रपाली दुबे, विनोद मिश्र, अनुपमा यादव, अनारा गुप्ता, गुंजन सिंह, महिमा गुप्ता, जोया खान ने इस शो की शान बढ़ा दी थी. प्रदीप पांडेय 'चिंटू' ने जब स्टेज पर डांस किया तो उन्होंने अनारा गुप्ता, जोया खान, महिमा गुप्ता, सृष्टि पाठक, अनुपमा यादव और ममता राउत को भी बुला कर ठुमके लगवाए थे. यह नजारा देख के दर्शकों ने भी जम कर डांस किया.

साल 2024 में इस अवार्ड शो के 5वें संस्करण में भोजपुरी सितारों का फिर से अयोध्या में ही स्वागत किया गया था. तत्कालीन सांसद और भोजपुरी के सुपरस्टार दिनेशलाल यादव 'निरहुआ', आम्रपाली दुबे, देव सिंह, अंजना सिंह, माही खान, विमल पांडेय, पाखी हेगड़े, अंबरीश सिंह, रक्षा गुप्ता, धामा वर्मा, केके गोस्वामी, सीपी भट्ट, आर्यन बाबू, आयुषी मिश्रा समेत और भी कलाकारों ने अवार्ड अपने नाम किए. 'भोजपुरी सिनेमा के अमिताभ बच्चन' कहे जाने वाले कुणाल सिंह को 'लाइफटाइम अचीवमैंट अवार्ड' दिया गया. विमल पांडेय और डा. माही खान की जोड़ी ने एंकरिंग का जिम्मा संभाला था.