बेटे ने अमेरिका तो बेटी ने मुंबई बुलाया था, मगर नीलकंठ और अरुंधती कश्मीर घाटी में ही बने रहे. उधर, ढूंढ़ढूंढ़ कर मुखबिरों को मौत के घाट उतारने वाले उग्रवादियों का शक नीलकंठ और अरुंधती पर भी गया. और तब..