आत्महत्या : तुम मायके मत जइयो!

पति और पत्नी का संबंध कहा जाता है कि सात जन्मों का गठबंधन होता है. ऐसे में जब  आसपास यह देखते हैं कि कोई महिला अथवा पुरुष इसलिए आत्महत्या कर लेता है कि उसके साथी ने उसे समझने से इंकार कर दिया. और प्रताड़ना का दौर कुछ ऐसा बढ़ा की पुरुष हो या फिर स्त्री उसके सामने आत्महत्या के द्वारा अपनी इहलीला समाप्त करने के अलावा कोई चारा नहीं रह जाता.

यह त्रासदी इतनी भीषण है कि आए दिन ऐसी घटनाएं सुर्ख़ियों में रहती है. आज हम इस लेख में यह विवेचना का प्रयास करेंगे कि शादीशुदा पुरुष, ऐसी कौन सी परिस्थितियां होती हैं, जब गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर लेते हैं. हाल ही में छत्तीसगढ़ में ऐसी अनेक घटनाएं घटी हुई जिसमें पुरुषों ने अपनी पत्नी अथवा सांस पर आरोप लगाकर आत्महत्या कर ली.

ये भी पढ़ें- मुसीबत का सबब बने आवारा पशु

ऐसे ही एक परिवार से जब यह संवाददाता मिला और चर्चा की तो अनेक ऐसे तथ्य खुलकर सामने आ गए जिन्हें समझना और जानना आज एक जागरूक पाठक के लिए बहुत जरूरी है.

प्रथम घटना-

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में हाईकोर्ट के एक वकील ने आत्महत्या कर ली. सुसाइड नोट में लिखा कि वह पत्नी के व्यवहार से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर रहा है. वह अपनी धर्मपत्नी से प्रताड़ित हो रहा है.

दूसरी घटना-

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला में एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली और सुसाइड नोट में लिखा कि उसे पत्नी की प्रताड़ना के कारण आत्महत्या करनी पड़ रही है.

तीसरी घटना-

जिला कोरबा के एक व्यापारी ने आत्महत्या कर ली जांच पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि उसका वैवाहिक जीवन सुखद नहीं था. पत्नी के व्यवहार के कारण उसने अपनी जान दे दी.

मैं मायके चली जाऊंगी…!

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कबीर नगर थाना क्षेत्र में पत्नी और सास से प्रताड़ित होकर एक शख्स द्वारा द्वारा आत्महत्या का मामला सुर्खियों में है. पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार मौके से पुलिस को  दो पन्नों का सुसाइड नोट मृतक के जेब से मिला है. कबीर नगर थाने मैं पदस्थ पुलिस अधिकारी के अनुसार मृतक ने अपनी मौत का जिम्मेदार अपनी पत्नी और सास को बताया है.

ये भी पढ़ें- वन्य प्राणी “दंतैल हाथियों” की हत्या जारी

सुसाइड नोट में मृतक ने लिखा है – उसकी पत्नी बार-बार घर में झगड़ा कर के अपने मायके चली जाती थी और  दो साल की बेटी से भी  मिलने नहीं दिया जाता था. जिसके कारण तनाव में आकर उसने आत्महत्या कर ली. मृतक का नाम मनीष चावड़ा है.  इस मामले में अब तक पुलिस अन्य एंगल से भी तहकीकात कर रही है. मगर जो तथ्य सामने आए हैं उनके अनुसार जब पत्नी अक्सर अपने मायके से संबंध रखे हुए थी. दरअसल, जब पत्नी बार-बार पति को छोड़कर चले जाती है तो डिप्रेशन में आकर पुरुष आत्महत्या कर लेते हैं. ऐसी अनेक घटनाएं घटित हो चुकी है. ऐसे में यही कहा जा सकता है कि वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए पति और पत्नी दोनों  एक दूसरे की भावना का सम्मान करते हुए यह जानने और समझने की दरकार है कि पूरी जिंदगी दुख सुख में साथ  निभाना है. अगर यह बात गांठ बांध ली जाए तो आत्महत्या और तलाक अर्थात संबंध विच्छेद के मामलों में कमी आ सकती है.

मां और भाइयों की नासमझी

आत्महत्या और संबंध विच्छेद के मामलों में आमतौर पर देखा गया है कि विवाह के पश्चात भी अपनी बेटी और बहन के साथ मायके वालों  के गठबंधन कुछ ऐसे होते हैं कि पति बेचारा विवश और असहाय  हो जाता है. सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर रमाकांत श्रीवास कहते हैं- यहां यह बात समझने की है कि बेटी के ब्याह के पश्चात मायके पक्ष को यह समझना चाहिए कि अब बेटी की विदाई हो चुकी है और जब तलक उसके साथ अत्याचार, अथवा प्रताड़ना की घटना सामने नहीं आती, छोटी-छोटी बातों पर उसे प्रोत्साहित करने का मतलब यह होगा कि बेटी के वैवाहिक जीवन में जहर घोलना.

उम्र के इस पड़ाव में परिस्थितियां कुछ ऐसी मोड़ लेती है कि पति बेचारा मानसिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या कर लेता है. और इस तरह एक  सुखद परिवार टूट कर बिखर जाता है. कई बार देखा गया है कि बाद में पति की मौत के बाद पत्नी को यह समझ आता है कि उसने कितनी बड़ी भूल कर दी. अतः समझदारी का ताकाजा यही है कि जब हाथ थामा है तो पति का साथ दें और छोटी-छोटी बातों पर कभी भी परिवार को तोड़ने की कोशिश दोनों ही पक्ष में से कोई भी न करें.

ये भी पढ़ें- पुलिस का संरक्षण, हुक्का बार परवान चढ़ा!

वीकेंड के वार पर कंटेस्टेंट रूबीना पर बरसा सलमान का गुस्सा, फैंस ने किए ऐसे कमेंट्स

जैसे जैसे दिन बीत रहे हैं वैसे वैसे ही टीवी के सबसे पौपुलर रिएलिटी शो बिग बॉस के सीजन 14 (Bigg Boss 14) में एंटरटेनमेंट भी बढ़ता जा रहा है. बिग बॉस 14 किसी ना किसी बात को लेकर सुर्खियों में आने लगा है और इस बार बिग बॉस के कंटेस्टेंट्स के साथ साथ शो के होस्ट सलमान खान (Salman Khan) भी सुर्खियों में आ गए हैं. जैसा कि हम सब जानते हैं कि हर हफ्ते के अंत में शो के होस्ट सलमान खान (Salman Khan) स्टेज पर आकर सभी कंटेस्टेंट को गेम को लेकर नसीहत देते हैं और तो और कुछ टास्क के जरिए खूब एंटरटेन भी करते हैं.

ये भी पढ़ें- ट्विटर पर एजाज खान को सपोर्ट करते नजर आए असीम रियाज के भाई, जैस्मीन ने लगाया ऐसा आरोप

ऐसे में कई बार सलमान खान (Salman Khan) को कंटेस्टेंट्स के ऊपर गुस्सा भी आ जाता है जिसकी वजह से वे काफी भड़क जाते हैं. जिस दिन सलमान खान (Salman Khan) कंटेस्टेंट्स पर भड़कते दिखाई देते हैं वो एपिसोड कोई भी फैन मिस नहीं करना चाहता. इसी के चलते सीजन के दूसरे वीकेंड के वार (Weekend Ka Vaar) में शो के होस्ट का गुस्सा टीवी एक्ट्रेस रूबीना दिलाइक (Rubina Dilaik) पर बरस पड़ा.

बीते वीकेंड के वार में बिग बॉस ने सभी घरवालों को एक टास्क दिया जिसमें उन्हें ये बताना था कि निक्की तम्बोली (Nikki Tamboli) और रूबीना दिलाइक (Rubina Dilaik) में से किसके दिमाग में सबसे ज्यादा कचरा भरा हुआ है. इस दौरान कंटेस्टेंट रूबीना दिलाइक (Rubina Dilaik) ने ये टास्क करने से साफ इंकार कर दिया जिसकी वजह से सलमान खान (Salman Khan) को रूबीना पर काफी गुस्सा आ गया.

ये भी पढ़ें- सुशांत सिंह राजपूत के भाई नीरज कुमार को आया हार्ट अकैट, दिल्ली में कराया भर्ती

ऐसे में सलमान खान (Salman Khan) रूबीना से ये कहते नजर आए कि “अब हम सारे काम आपसे पूछ कर किया करेंगे क्या” तो इस पर रूबीना ये कहती दिखाई देती हैं कि “क्या अपनी बात रखने पर मुझे डांट खानी पड़ेगी.” इस पर सलमान खान (Salman Khan) गुस्स में बोले कि, “मैडम मैं आपसे बहुत ही तमीज के साथ बात कर रहा हूं. मैं यहां पर कोई कंटेस्टेंट नहीं हूं. आपका व्यवहार बहुत गलत है जो कि आपको बहुत भारी पड़ने वाला है”.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 कंटेस्टेंट रुबीना दिलाइक ने बॉलीवुड इंडस्ट्री के बारे में कही ये बात, किया ऐसा खुलासा

इन सब के बाद फैंस रूबीना दिलाइक (Rubina Dilaik) के सपोर्ट में उतर आए और सोशल मीडिया पर अपनी अपनी राय देने लगे. फैंस का कहना है कि हर किसी को शो में अपनी बात रखने का हक होना चाहिए. ऐसे में एक फैन ने सलमान खान के ऐसे बीहेवियर को देख कमेंट किया कि, “रूबीना अपनी जगह ठीक है… अगर सलमान आपको कोई कचरा कहे तो आपको कैसा लगेगा… और अपनी ये दादागिरी दिखाना बंद करो… भगवान नहीं हो तुम.”

बिहार चुनाव में नौजवान चेहरों ने संभाली कमान

बिहार चुनाव में इस बार नौजवान चेहरों ने धूम मचा रखी है. राजद के तेजस्वी यादव और लोजपा के चिराग पासवान ने तो वर्तमान सत्ता पक्ष की नींद हराम कर दी है. सोशल मीडिया पर नौजवान तबका इस बार के चुनाव में बहुत ज्यादा जोश में है. उम्मीदवारों के साथ नौजवान कार्यकर्ता ज्यादा दिखाई पड़ रहे हैं.

प्लूरल्स पार्टी से इस बार पुष्पम प्रिया चौधरी नौजवान उम्मीदवार हैं. अखबारों में पहले पेज पर इश्तिहार दे कर वे खुद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर चुकी हैं. दिग्गज नेता अपना भविष्य अपने बच्चों में देखने लगे हैं. अपनी राजनीतिक विरासत अपने बच्चों को सौंपने लगे हैं. अपने बच्चों के मोहपाश में फंसे नेता अपने विचार और धारा दोनों भूल कर अपने बच्चों को सियासी गलियारे में उतार चुके हैं.

ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश : दांव पर सब दलों की साख

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की पूरी राजनीति कांग्रेस के खिलाफ रही. वे समाजवादी नेता के रूप में पूरे देश में चर्चित रहे. वे लोकदल, जनता दल से ले कर जद (यू) तक में रहे और कांग्रेस की विचारधारा का विरोध करते रहे. लेकिन इस बार उन की बेटी सुभाषिनी कांग्रेस का दामन थाम कर बिहारीगंज से चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान  का राजनीति में प्रवेश राजग के रास्ते हुआ. राजग के जरीए लोजपा से 2014 और 2019 में चिराग पासवान जमुई से सांसद बने. इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने उसी राजग के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है. जिस विधानसभा क्षेत्र से जद (यू) के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, चिराग पासवान वहां से लोजपा के उम्मीदवार खड़े कर चुके हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और फिल्म स्टार शत्रुध्न सिन्हा की राजनीति की शुरुआत भाजपा से हुई थी. वे भाजपा के स्टार प्रचारक रहे थे, लेकिन 2019 का लोकसभा चुनाव उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लड़ा. उन की पत्नी पूनम सिन्हा 2019 का लोकसभा चुनाव लखनऊ से समाजवादी पार्टी से लड़ी थीं. इस बार उन के बेटे लव सिन्हा बांकीपुर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.

ये भी पढ़ें- खेती जरूरी या मंदिर

प्लूरल्स पार्टी की प्रमुख पुष्पम प्रिया चौधरी ने सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. अपनी पार्टी की वे मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार हैं. उन्होंने साफ कहा है कि चुनाव के बाद उन का किसी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगा. उन के पिता विनोद कुमार चौधरी जद (यू) के पूर्व विधानपार्षद रहे हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी 2015 में राजग के साथ रहे. उस के बाद वे महागठबंधन में चले गए. उन के बेटे संतोष कुमार सुमन को राजद ने विधानपार्षद बनाया. इस के बाद वे फिर राजग में शामिल हो गए. इस बार जीतन राम मांझी इमामगंज और उन के दामाद देवेंद्र मांझी मखदूमपुर से चुनाव लड़ रहे हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह पूरी उम्र राजद में रहे. वे राजद का प्रमुख चेहरा थे. अब उन के बेटे सत्यप्रकाश सिंह ने जद (यू) का दामन थाम लिया है. पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह हमेशा जद (यू) में रहे. उन के बड़े बेटे इस बार रालोसपा के टिकट पर जमुई से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि छोटे बेटे सुमित सिंह चकाई से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर रहे हैं.

राजनीति की मलाई का स्वाद चख चुके नेता और उन के बच्चे इस बात को अच्छी तरह समझ गए हैं कि राजनीति से अच्छा किसी भी क्षेत्र में स्कोप नहीं है, इसलिए तो नेता अपने बेटाबेटी को जिस भी दल से जैसे भी टिकट मिले, दिला देते हैं और जैसे भी हो चुनाव जिता कर सत्ता सुख का फायदा जिंदगीभर उठाते हैं.

ये भी पढ़ें- राजनीति के मंजे खिलाड़ी साबित हो रहे हैं तेजस्वी यादव

यही वजह है कि सिद्धांत और अपनी विचारधारा पर अडिग रहने वाले लोग राजनीति की मुख्यधारा से किनारे होते जा रहे हैं.

ट्विटर पर एजाज खान को सपोर्ट करते नजर आए असीम रियाज के भाई, जैस्मीन ने लगाया ऐसा आरोप

टेलीविजन पर इन दिनों प्रसारित हो रहा कलर्स टीवी (Colors TV) का सबसे बड़ा रिएलिटी शो बिग बॉस का सीजन 14 (Bigg Boss 14) खूब धमाल मचा रहा है. बिग बॉस फैंस को सीजन 13 (Bigg Boss 13) की सफलता के बाद सीजन 14 के लिए मेकर्स से कुछ ज्यादा ही उम्मीदें थी और दिन ब दिन बिग बॉस सीजन 14 फैंस को एंटरटेन कर उनकी उम्मीदों पर खरा उतरता दिखाई दे रहा है.

ये भी पढ़ें- सुशांत सिंह राजपूत के भाई नीरज कुमार को आया हार्ट अकैट, दिल्ली में कराया भर्ती

बीते दिनों सीजन का दूसरा वीकेंड का वार (Weekend Ka Vaar) देखने को मिला जहां शो को होस्ट सलमान खान (Salman Khan) ने सभी घरवालों को शो के अंदर हो रही बातों पर समझाने की कोशिश की. इस दौरान कंटेस्टेंट्स द्वारा एजाज खान (Eijaz Khan) टारगेट होते दिखाई दिए. सबसे पहले कंटेस्टेंट रूबीना दिलाइक (Rubina Dilaik) ने एजाज खान (Eijaz Khan) द्वारा लगाए गए सभी आरोपों के बेहरतीन जवाब दिए.

इसके बाद कंटेस्टेंट जैस्मीन भसीन (Jasmin Bhasin) ने एजाज खान पर एक ऐसा आरोप लगाया जिसे सुन सभी लोग हैरान रह गए. जैस्मीन ने सलमान खान (Salman Khan) को बताया कि एक टास्क को दौरान एजाज ने उनके ऊपर चढ़ने की कोशिश को और तो और उन्हें फिजीकली टच भी किया. इस दौरान एजाज अपनी बात को अच्छे से रखते दिखाई दिए.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 कंटेस्टेंट रुबीना दिलाइक ने बॉलीवुड इंडस्ट्री के बारे में कही ये बात, किया ऐसा खुलासा

सलमान खान (Salman Khan) ने जैस्मीन भसीन (Jasmin Bhasin) को कहा कि अगर उन्हें ऐसा लगा तो उन्हें खुद पीछे हट जाना चाहिए था तो इस पर जैस्मीन ने जवाब दिया कि खुद पीछे हटने की बजाए उन्होनें एजाज को ऐसी बात बोल डाली जिससे कि वे खुद पीछे हट गए. आपको बता दें कि जैस्मीन ने एजाज को बोला कि उनके मुंह से बदबू आ रही है जिसे सुन एजाज खुद पीछे हट गए.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 में सारा गुरपाल की आंखों का हुआ बुरा हाल, चंडीगढ़ के लिए हुईं रवाना

इस दौरान बिग बॉस सीजन 13 (Bigg Boss 13) फर्स्ट रनर अप रह चुके कंटेस्टेंट असीम रियाज (Asim Riaz) के भाई उमर रियाज (Umar Riaz) एजाज खान (Eijaz Khan) को सपोर्ट करने नजर आए. उमर रियाज (Umar Riaz) ने ट्विटर के जरिए एक ट्वीट करते हुए कहा कि, ‘जिस तरह से ऐजाज खान ने अपने ऊपर लगे बेबुनियाद आरोपों से अपना बचाव किया वो सराहनीय था. वह एक बहुत ही वास्तविक और एक समझदार इंसान है. मुझे लगता है कि किसी भी टास्क को पूरे उत्साह और जोश से किया जाना चाहिए. मैंने उन्हें किसी को भी डराते हुए नहीं देखा. अगर आपको किसी के करीब आने से समस्या है तो पीछे हट जाओ.’

वरदी वाले की बीवी : भाग 3

(सत्यकथा-सौजन्य)

भले ही रेखा ने अपने त्रियाचरित्र से पति की आंखों पर परदा डाल दिया था, लेकिन बलवीर को यकीन हो चुका था कि पत्नी का किसी गैरपुरुष से नाजायज रिश्ता है. इस बात को ले कर अकसर दोनों के बीच विवाद होता रहता था.

रेखा जान चुकी थी कि पति को उस पर शक हो गया है. लेकिन पति नाम के कांटे को वह अपने जीवन से कैसे निकाले, समझ नहीं पा रही थी.

बात पिछले साल दिसंबर 2019 की है. बलवीर अपने जानकारों से जान चुके थे कि पत्नी का नाजायज रिश्ता उस के पुराने आशिक रवि कुमार पनिका से बन गया है.

ये भी पढ़ें- ड्रग्स : और अब उड़ता छत्तीसगढ़!

इसे ले कर दोनों के बीच खूब लड़ाई हुई. घर में शांति और सुकून जैसे गायब हो गया था. जब देखो पतिपत्नी के बीच विवाद होता रहता था. मांबाप के झगड़ों से बच्चे भी परेशान हो चुके थे. लेकिन वे कर भी क्या सकते थे, चुप रहने के अलावा.

पति से नाराज हो कर रेखा प्रेमी रवि के पास रायपुर चली गई. अगले 25 दिनों तक वह उसी के साथ रही. इस दौरान दोनों ने जबलपुर, कटनी, मंडसला और रायपुर के अलगअलग होटलों में रातें रंगीन कीं.

इसी दौरान दोनों ने बलवीर सिंह चौहान को रास्ते से हटाने की खतरनाक योजना बनाई. योजना ऐसी कि बलवीर की मौत स्वाभाविक लगे और दोनों का लाखों का फायदा हो.

रवि ने रेखा को बताया कि बलवीर का एक बड़ी रकम का जीवन बीमा करा दिया जाए. उस की मौत के बाद वह रकम उस की पत्नी यानी तुम्हें मिल जाएगी.

उस रकम को हम दोनों आधाआधा बांट लेंगे. किसी को हम पर शक भी नहीं होगा और हमारा काम भी हो जाएगा. इस तरह साला बूढ़ा तेरे जीवन से भी निकल जाएगा. फिर हमें मौजमस्ती करने से कोई नहीं रोक सकेगा.

पूरी योजना बन जाने के बाद रेखा घर लौट आई और घडि़याली आंसू बहाते हुए पति के पैरों में गिर कर अपनी गलती की माफी मांग ली. बलवीर ने उसे माफ कर दिया लेकिन उसे अपना नहीं सके. सामाजिक मानप्रतिष्ठा के चलते बलवीर ने समझदारी से काम लिया. उन्होंने बच्चों को देखते हुए रेखा को घर में पनाह तो दे दी, लेकिन दोनों के बीच गहरी खाई खुद चुकी थी, जो पट नहीं सकती थी.

रेखा को पति की भावनाओं से कोई लेनादेना नहीं था. बच्चों से भी उस का कोई वास्ता नहीं था. वह तो योजना बना कर अपने रास्ते के कांटे को सदा के लिए हटाने के लिए आई थी.

योजना के अनुसार, रवि और रेखा ने मिल कर 54 साल के बलवीर का 40 लाख रुपए का जीवन बीमा करा दिया, जिस की किस्त 45 हजार रुपए वार्षिक बनी. पहली किस्त के रूप में रवि ने 25 हजार और रेखा ने 20 हजार यानी 45 हजार रुपए फरवरी महीने में जमा करा दिए और निश्चिंत हो गए.

अब बारी थी बलवीर को रास्ते से हटाने की. दोनों बेकरार थे कि उन्हें कब सुनहरा मौका मिलेगा. आखिरकार उन्हें वह अवसर मिल ही गया.

मई, 2020 के आखिरी सप्ताह में बलवीर कुछ दिनों की छुट्टी ले कर घर आए. रेखा यह सुनहरा अवसर अपने हाथों से जाने नहीं देना चाहती थी. 29 मई को फोन कर के उस ने रवि को बता दिया कि शिकार हलाल होने के लिए तैयार है, आ जाओ. प्रेमिका की ओर से हरी झंडी मिलते ही रवि तैयार हो गया.

रवि उन दिनों अपने घर शहडोल आया हुआ था. शहडोल से उज्जैन की दूरी 738 किलोमीटर थी. सड़क मार्ग से ये दूरी करीब 18 घंटे में तय की जा सकती थी. रेखा के हां करते ही रवि 30 मई, 2020 को अपनी मोटरसाइकिल से शहडोल से उज्जैन रवाना हो गया.

अगले दिन 31 मई को वह उज्जैन पहुंच गया और एक होटल में ठहरा. फिर फोन कर के रेखा को बता दिया कि वह उज्जैन पहुंच चुका है. आगे की योजना बताओ. रेखा ने रात ढलने तक होटल में ही रुके रहने को कहा. साथ ही यह भी कि जब वह फोन करे तो घर आ जाए.

होटल से रेखा का घर कुछ ही दूरी पर था. रेखा ने रात साढ़े 11 बजे फोन कर के रवि को घर बुला लिया. साथ ही बता भी दिया कि घर का मुख्यद्वार खुला रहेगा. चुपके से घर में आ जाए.

उस समय बलवीर नीचे अपने कमरे में सोए हुए थे और तीनों बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे. बेचैन रेखा बिस्तर पर करवटें बदल रही थी. ठीक साढ़े 11 बजे रवि रेखा के घर पहुंच गया और दबेपांव घर में घुस आया. वैसे भी वह घर के कोनेकोने से वाकिफ था.

ये भी पढ़ें- मां-बेटी का खूनी रोमांस

रवि को आया देख वह खुशी से उछल पड़ी और उस की बांहों में समा गई. थोड़ी देर बाद रेखा जब होश में आई तो बिस्तर पर पति को सोता देख उस ने नफरत भरी नजर डाली और रवि को इशारा किया. फिर इशारा मिलते ही रवि ने अपने हाथों से बलवीर का गला तब तक दबाए रखा, जब तक उस की मौत हुई.

बलवीर की मौत हो चुकी थी. हत्या की घटना को दोनों स्वाभाविक मौत दिखाना चाहते थे. इसलिए दोनों ने योजना बनाई. रेखा छत पर बिस्तर लगा आई. फिर दोनों बलवीर की लाश उठा कर छत पर ले गए और बिस्तर पर ऐसे लिटा दिया जैसे वह खुद वहां आ कर सो गए हों.

रेखा और रवि के रास्ते का कांटा हट गया था. सुबह होते ही जब रवि जाने लगा तो रेखा ने उस से कहा कि वह उसे कमरे में बंद कर दरवाजे पर बाहर से सिटकनी चढ़ा दे. रवि ने वही किया, जैसा रेखा ने करने को कहा था.

सुबह जब बच्चे उठे तो मां का कमरा बाहर से बंद देख चौंके. उन्होंने कमरे की सिटकनी खोल दी. बच्चों ने देखा उन के पिता कमरे में नहीं थे. पापा के बारे में मां से पूछा तो उस ने बच्चों से झूठ बोलते हुए कहा कि तुम्हारे पापा देर रात लौटे थे और छत पर सो गए. वहीं सो रहे होंगे. उस के बाद रेखा समय का इंतजार करने लगी ताकि अपना ड्रामा शुरू करे.

रेखा और रवि ने बलवीर की हत्या को इस तरह अंजाम दिया था कि उस की मौत स्वाभाविक लगे, लेकिन पुलिस तहकीकात ने उन के सारे राज से परदा उठा दिया. उन के 40 लाख के सपने धरे के धरे रह गए.

रेखा तो गिरफ्तार कर ली गई, लेकिन रवि कुमार पनिका फरार था. रवि को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने कई जगह दबिश दी लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका.

ये भी पढ़ें- थाई गर्ल की कातिल सहेली

72 घंटे के भीतर घटना का खुलासा करने पर आईजी राकेश गुप्ता ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपए नकद देने की घोषणा की. कथा लिखे जाने तक रेखा जेल में थी.

– कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित

वरदी वाले की बीवी : भाग 2

(सत्यकथा-सौजन्य)

सूचना मिलते ही एएसपी अमरेंद्र सिंह उस से पूछताछ करने के लिए थाने पहुंच गए. यह 20 जून, 2020 की बात है.

‘‘रेखा, मैं जो सवाल करूंगा, उस का जवाब ठीक से देना, तुम्हारे लिए यही अच्छा होगा.’’ समझाते हुए एएसपी अमरेंद्र ने रेखा से सख्त लहजे में कहा.

रेखा बुत बनी बैठी रही तो उन्होंने सवाल किया, ‘‘यह बताओ कि तुम ने बलवीर की हत्या क्यों की?’’

‘‘मैं ने उन की हत्या नहीं की, मैं निर्दोष हूं.’’ रेखा ने सपाट लहजे में जवाब दिया.

ये भी पढ़ें- थाई गर्ल की कातिल सहेली

‘‘तो तुम ऐसे नहीं बताओगी. ठीक है, मत बताओ. यह तो बता सकती हो कि रवि कौन है और उसे तुम कैसे जानती हो?’’ एएसपी अमरेंद्र ने रेखा की आंखों में झांक कर सवाल किया. सवाल सुन कर रेखा सन्न रह गई.

‘‘क..क..क…कौन रवि.’’ वह हकलाती हुई बोली, ‘‘मैं किसी रवि को नहीं जानती.’’

‘‘वही रवि, जिस से घटना वाले दिन फोन पर तुम्हारी कई बार बात हुई थी.’’

सिर पर एक महिला सिपाही खड़ी थी. एएसपी ने उसे इशारा कर के कहा, ‘‘अगर ये झूठ बोले तो बिना कहे शुरू हो जाना.’’

इस पर रेखा हाथ जोड़ते हुए बोली, ‘‘सर, पति की हत्या मैं ने ही अपने प्रेमी रवि के साथ मिल कर की थी, मुझे माफ कर दीजिए. प्यार में अंधी हो कर मैं ने ही अपने हाथों अपना घर उजाड़ दिया.’’

इस के बाद रेखा पति की हत्या की पूरी कहानी सिलसिलेवार बताती चली गई.

हेडकांस्टेबल बलवीर सिंह चौहान की हत्या के मामले से पुलिस ने 72 घंटे के भीतर परदा उठा दिया था.

रेखा का प्रेमी रवि भी सीआरपीएफ का जवान था. वह शहडोल में तैनात था. पुलिस जब उसे गिरफ्तार करने शहडोल पहुंची तब तक वह फरार हो गया था.

अगले दिन एएसपी अमरेंद्र सिंह और एसपी रवींद्र वर्मा ने मिल कर प्रैसवार्ता की. पत्रकारों के सामने भी रेखा ने अपना जुर्म कबूल लिया.

उस ने पति की हत्या की जो कहानी बताई, चौंकाने वाली थी—

54 वर्षीय बलवीर सिंह चौहान मूलरूप से उज्जैन में माधवनगर के रहने वाले थे. उन के परिवार में पत्नी रेखा के अलावा 2 बेटे रमेश और चंदन और एक बेटी शालिनी थी. कहने को तो बलवीर का दांपत्य जीवन खुशहाल था लेकिन हकीकत में वह अपनी पत्नी रेखा से खुश नहीं रहते थे.

रेखा ने जब बलवीर के जीवन में कदम रखा, तब से उन के जीवन में खुशियां ही खुशियां थीं. रेखा उन की तीसरी पत्नी थी.

बलवीर सिंह चौहान की 2 शादियां पहले भी हुई थीं. बलवीर की पहली पत्नी किरन थी. जब वह ब्याह कर ससुराल आई थी, बलवीर की किस्मत का ताला खुल गया था. शादी के बाद उन की सीआरपीएफ में नौकरी पक्की हुई थी.

बलवीर की नईनई शादी हुई थी. घर में नई दुलहन आई थी. अभी किरन के हाथों की मेहंदी का रंग फीका भी नहीं पड़ा था कि उसे अकेले घर पर छोड़ बलवीर नौकरी चले गए. रात में पत्नी जब बिस्तर पर होती तो पति के बिना बिस्तर काटने को दौड़ता था. वह बेचैन हो जाती थी.

पति की दूरियां उस से बरदाश्त नहीं हो रही थीं. जब सब कुछ बरदाश्त के बाहर हो गया तो किरन ने कमरे के पंखे से झूल कर आत्महत्या कर कर ली.

पत्नी की आत्महत्या से बलवीर बुरी तरह टूट गए. वह बेपनाह मोहब्बत करते थे. लेकिन नौकरी के फर्ज और घर की जिम्मेदारी के बीच पिस कर उन्होंने 28 साल की उम्र में पत्नी को गंवा दिया था.

पत्नी की मौत के बाद से बलवीर गुमसुम रहने लगे. पूरी जिंदगी सामने थी. अकेले काटना मुश्किल था. इसी नजरिए से मांबाप उन की दूसरी शादी की सोचने लगे. बलवीर सरकारी नौकरी में थे, इसलिए उन की दूसरी शादी के लिए कई प्रस्ताव आए. काफी सोचने के बाद मांबाप ने उस की दूसरी शादी आभा से करवा दी.

जब आभा बलवीर की जिंदगी में पत्नी बन कर आई, तो धीरेधीरे बलवीर के जीवन में बदलाव आने लगा. लेकिन बलवीर की ये खुशी भी ज्यादा दिनों तक टिकी नहीं रही. एक सड़क हादसे ने बलवीर से आभा को भी छीन लिया. एक बार फिर अकेले पड़ गए. 2-2 पत्नियों की मौत से बलवीर जीवन से निराश होने लगे.

कुछ दिनों बाद बलवीर की जिंदगी में रेखा तीसरी पत्नी बन कर आई. वह दोनों की यह शादी साल 2003 में मंदिर में हुई थी. दोनों की उम्र में करीब 20 साल का फासला था. रेखा के आने से बलवीर की जिंदगी फिर से संवर गई.

पहले की दोनों बीवियों से बलवीर की कोई संतान नहीं थी, लेकिन रेखा से बलवीर के यहां 3 बच्चे पैदा हुए. 2 बेटे रमेश व चंदन और एक बेटी शालिनी.

ये भी पढ़ें- मां-बेटी का खूनी रोमांस

रेखा भले ही बलवीर के 3 बच्चों की मां बन गई थी, लेकिन वह पति के प्यार से संतुष्ट नहीं थी. इसी के चलते रेखा के पांव बहक गए.

शहडोल जिले के उमरिया की रहने वाली रेखा को अपना पुराना प्यार याद आ गया. उस का नाम था रवि कुमार पनिका. रवि और रेखा कालेज के जमाने से एकदूसरे को जानते थे. उन्हीं दिनों दोनों में प्यार हुआ था. लेकिन दोनों के सपने पूरे नहीं हुए थे. रेखा बलवीर की जिंदगी की डोर से बंध गई थी.

यह बात घटना से करीब 4 साल पहले की है. रेखा का वही प्यार एक बार फिर से जवां हो गया. उस के तीनों बच्चे 10-12 साल के हो चुके थे. पति अकसर ड्यूटी पर घर से बाहर रहते थे. इस बीच रेखा घर पर अकेली रहती थी. इस अकेलेपन के दौरान वह रवि के साथ फोन पर चिपकी रहती थी.

कभीकभार बलवीर जब बच्चों का हालचाल लेने के लिए पत्नी को फोन लगाता तो वह अकसर व्यस्त मिलता था. यह देख कर बलवीर की त्यौरी चढ़ जाती थी कि आखिर दिन भर वह फोन पर किस से चिपकी रहती है.

35 वर्षीय रवि कुमार पनिका सीआरपीएफ का जवान था. वह रायपुर के जगदलपुर में तैनात था, शादीशुदा. उस के भी बालबच्चे थे. उस का परिवार उमरिया में रहता था. बीचबीच में छुट्टी मिलने पर वह घर जाता था.

रेखा रवि की पुरानी प्रेमिका थी. कालेज के दिनों में दोनों एकदूसरे से जुनूनी हद तक प्यार करते थे. उस समय तो दोनों एक नहीं हो सके थे लेकिन अब दोनों एक होने को लालायित थे.

जब से रेखा ने प्रेमी रवि को दिल से पुकारा था, रवि का दीवानापन हद से ज्यादा बढ़ गया था. रायपुर से नौकरी से छुट्टी ले कर रवि रेखा से मिलने उज्जैन स्थित उस के घर पहुंच जाता था. दोनों अपनी जिस्मानी आग ठंडी करते और फिर रवि रायपुर लौट जाता. रेखा प्रेमी रवि को घर तभी बुलाती थी जब उस के तीनों बच्चे स्कूल में होते थे और पति नौकरी पर.

रेखा की इस आशनाई का खेल सालों तक चलता रहा. अब रेखा पति को देख कर वैसा आनंदित नहीं होती थी, जैसे पहले हुआ करती थी. पहले की अपेक्षा रेखा के तेवर और रूपरंग में भी बदलाव आ गया था. उस के बदलेबदले तेवर और रूपरंग को देख कर बलवीर को उस पर शक गया.

ऊपर से हर समय उस के फोन का बिजी आना. ये उस के शक को और बढ़ावा दे रहा था. वह ठहरा एक पुलिस वाला, जिन की एक आंख में शक तो दूसरी आंख में यकीन होता है. ऐसे में रेखा पति की नजरों से कहां बचने वाली थी. एक दिन बलवीर ने पत्नी से पूछ ही लिया, ‘‘तुम्हारा फोन अक्सर बिजी क्यों रहता है. जब भी फोन लगाओ तुम किसी से बात करती मिलती हो, किस से बात करती रहती हो? कौन है वो?’’

पति का इतना पूछना था कि रेखा बिदक गई, ‘‘आप मुझ पर शक करते हो. मैं ऐसीवैसी औरत नहीं हूं जो पति की गैरमौजूदगी में यहांवहां मुंह मारती फिरूं.’’

ये भी पढ़ें- ड्रग्स : और अब उड़ता छत्तीसगढ़!

रेखा ने पति की आंखों के सामने ज्यामिति की ऐसी टेढ़ीमेढ़ी रेखा खींची कि उस की बोलती बंद कर दी.

जानें आगे क्या हुआ अगले भाग में…

वरदी वाले की बीवी : भाग 1

(सत्यकथा-सौजन्य)

सूरज सिर पर चढ़ जाने के बावजूद बलवीर सिंह चौहान सो कर नहीं उठे तो उन की पत्नी रेखा को चिंता हुई. दीवार पर टंगी घड़ी में उस समय सुबह के 9 बज चुके थे. अपनी दिनचर्या के मुताबिक, वह सुबह 6 बजते ही उठ जाते थे. 54 वर्षीय बलवीर सिंह चौहान सीआरपीएफ में हेडकांस्टेबल थे.

रेखा ने छत के फर्श पर दरी बिछा कर सो रहे पति को पहले तो आवाज दे कर जगाने की कोशिश की. लेकिन जब वह नहीं उठे तो उस ने पति को हिलाडुला कर उठाने की कोशिश की.

लेकिन बलवीर के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो रेखा समझ गई कि अब वह दुनिया में नहीं रहे. उन की मौत हो चुकी थी.

ये भी पढ़ें- वकील साहब के खतरनाक शौक

पति के शव के पास बैठी रेखा जोरजोर से रोने लगी. मां के रोने की आवाज सुन कर उस के तीनों बच्चे दौडे़भागे छत पर पहुंचे. मां को रोते देख वे भी हकीकत समझ गए, इसलिए वे भी पिता की मौत पर रोने लगे.

अचानक बलवीर के घर में रोने की आवाज सुन कर पड़ोसी उन के घर पहुंचने लगे. लेकिन यह बात किसी के गले नहीं उतर रही थी कि चौहान साहब की अचानक मृत्यु कैसे हो गई.

जिस ने भी बलवीर सिंह की मौत की खबर सुनी, हैरान रह गया. रेखा ने फोन कर के पति की मौत की सूचना सीआरपीएफ के अधिकारियों को दे दी थी. हेडकांस्टेबल बलवीर की अचानक मौत की सूचना पा कर अधिकारी भी चकित रह गए. मामला संदिग्ध था, अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी.

बलवीर की मौत की सूचना मिलने के कुछ देर बाद माधवनगर थाने के इंसपेक्टर रघुवीर सिंह, एएसपी अमरेंद्र सिंह और एसपी (सिटी) रविंद्र वर्मा बलवीर के घर पहुंच गए. पुलिस अधिकारियों ने सब से पहले छत का मुआयना किया, जहां बलवीर सिंह चौहान का शव बिस्तर पर पड़ा हुआ था.

पुलिस अधिकारियों ने बारीकी से लाश का मुआयना किया. लाश देख कर ऐसा नहीं लग रहा था कि बलवीर की मौत स्वाभाविक रूप से हुई है. क्योंकि खून कान से निकल कर नाक की ओर बहा था, जो पतली रेखा के रूप में जम कर सूख गया था. गले पर दाहिनी ओर चोट जैसा निशान दिख रहा था.

कुल मिला कर बलवीर की मौत रहस्यमई लग रही थी, जबकि मृतक की पत्नी रेखा पुलिस अधिकारियों के सामने चीखचीख कर बारबार यही कह रही थी कि ड्यूटी से देर रात घर लौट कर इन्होंने कपड़े बदले, फ्रैश होने के बाद खाना खाया. फिर ज्यादा गरमी की वजह से कमरे में न सो कर छत पर सोने चले आए थे, जबकि वह बेटी के साथ कमरे में सो गई थी. दोनों बेटे रमेश और चंदन दूसरे कमरे में सो रहे थे.

आदत के मुताबिक वह रोज सुबह 6 बजे उठ जाते थे. जब सुबह के 9 बजे भी वह छत से नीचे नहीं आए तो चिंता हुई. उन्हें जगाने छत पर पहुंची तो देखा वह बिस्तर पर मरे पड़े थे.

कहतेकहते रेखा फिर से रोने लगी.

खैर, पुलिस ने कागजी काररवाई पूरी कर के मृतक बलवीर की लाश पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बलवीर की मौत की सही मिल सकती थी. यह 18 जून, 2020 की बात है.

हेडकांस्टेबल बलवीर सिंह चौहान की रहस्यमय मौत से पूरी बटालियन में शोक था.खुशमिजाज और अपनी बातों से सभी को गुदगुदाने वाले चौहान साहब सदा के लिए खामोश हो चुके थे.

पुलिस अधिकारियों को जिस बात की आशंका थी, वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सच साबित हुई. बलवीर की मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि उन की गला दबा कर हत्या की गई थी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफतौर पर बताया गया था बलवीर की मौत गले की हड्डी टूट कर सांस रुकने से हुई थी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाने के बाद आईजी राकेश गुप्त ने एसपी (सिटी) रवींद्र वर्मा को घटना का जल्द से जल्द परदाफाश करने का आदेश दिया.

आईजी का आदेश मिलने के बाद एसपी (सिटी) रवींद्र वर्मा ने उसी दिन अपने औफिस में मीटिंग बुलाई. मीटिंग में एएसपी अमरेंद्र सिंह और माधवनगर थाने के इंसपेक्टर रघुवीर सिंह भी शामिल थे. रवींद्र वर्मा ने एएसपी अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर दिया. घटना की मौनिटरिंग एएसपी अमरेंद्र सिंह को करनी थी.

थाना प्रभारी रघुवीर सिंह के साथसाथ अमरेंद्र सिंह खुद भी घटना के एकएक पहलू पर नजर गड़ाए हुए थे. इधर रिपोर्ट में हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी रेखा की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ भादंवि की धारा 302, 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया. जांच की जिम्मेदारी इंसपेक्टर रघुवीर सिंह को सौंपी गई.

ये भी पढ़ें- ड्रग्स: खूबसूरत मॉडल कनेक्शन से ट्विस्ट!

रघुवीर सिंह ने फूंकफूंक कर एकएक कदम आगे बढ़ाते हुए जांच शुरू की. उन के सामने सब से बड़ा सवाल यह था कि बलवीर की हत्या किस ने और क्यों की? उन की मौत से सब से ज्यादा फायदा किसे होने वाला था? इन सवालों का जवाब बलवीर के घर से ही मिल सकता था. इसलिए उन्होंने चौहान की मौत की वजह उन के घर से ही खोजनी शुरू की.

विवेचना के दौरान मृतक की पत्नी रेखा का चरित्र संदिग्ध लगा तो पुलिस की नजर उस के क्रियाकलापों पर जम गई.

पुलिस ने रेखा का मोबाइल नंबर ले कर सर्विलांस पर लगा दिया. साथ ही उस के मोबाइल फोन की काल डिटेल्स निकलवा कर उस के अध्ययन में जुट गई. इसी बीच पुलिस को एक खास जानकारी मिली. पता चला कि रेखा से पहले बलवीर की 2 शादियां हुई थीं. उन की पहली पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी, जबकि दूसरी पत्नी की एक हादसे में मौत हो चुकी थी.

सन 2003 में बलवीर ने रेखा से शादी की थी. बलवीर के तीनों बच्चे रेखा से ही जन्मे थे. बलवीर और रेखा की उम्र में करीब 20 साल का अंतर था. इस से भी बड़ी बात यह थी कि पतिपत्नी दोनों के रिश्ते खराब थे. दोनों के बीच झगड़े होते रहते थे.

पुलिस ने रेखा के फोन की काल डिटेल्स का अध्ययन किया तो पता चला कि घटना वाली रात रेखा की एक ही नंबर पर कई बार बातचीत हुई थी. आखिरी बार दोनों के बीच उसी नंबर पर करीब साढ़े 11 बजे बात हुई थी.

ये भी पढ़ें- थाई गर्ल की कातिल सहेली

तमाम सबूत रेखा के खिलाफ थे. वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस यह मान चुकी थी कि बलवीर की हत्या में उस की पत्नी रेखा का ही हाथ है. शक के आधार पर पुलिस रेखा को हिरासत में ले कर थाने ले आई. थानाप्रभारी रघुवीर सिंह ने इस की सूचना एएसपी अमरेंद्र सिंह को दे दी थी.

जानें आगे क्या हुआ अगले भाग में…

मेरा रिश्ता एक शादीशुदा लड़के के साथ है और मैं उसे छोड़ नहीं पा रही, मैं क्या करूं?

सवाल 

मैं 22 वर्षीय अविवाहिता हूं. एक लड़के से पिछले 2 सालों से प्यार करती हूं. जब मैं उस के संपर्क में आई थी तब उस की शादी नहीं हुई थी. परंतु कुछ दिनों बाद ही उस ने शादी कर ली. शादी करने के बावजूद भी उस ने मुझे से रिश्ता नहीं तोड़ा न ही मैं उस से अलग हो पाई हूं. जब भी उसे छोड़ने की बात करती हूं तो वह आत्महत्या कर लेने की बात करता है. इस से मैं डर जाती हूं. इस के अलावा शादी के बाद भी उस का मेरे प्रति व्यवहार नहीं बदला है. आज भी वह मुझे उसी तरह प्यार करता है जैसा पहले करता था. एक बात और आप को बता दूं. वह मुझे एक कर्मचारी मानता है. अपना जो भी काम करवाता है उस के बदले हर महीने सैलरी देता है. इस के अलावा भी हमारे परिवार की हर तरह से मदद करता है.

ये भी पढ़ें- मेरी पत्नी के दूसरें पुरुषों के साथ संबंध हैं, मैं क्या करूं?

मेरे घर उस का आनाजाना है, परंतु घर वाले और आसपड़ोस के लोग व हमारे परिचित हमारे इस रिश्ते के बारे में नहीं जानते. सब उसे मेरा एक अच्छा दोस्त ही मानते हैं. लेकिन लड़के की पत्नी को हमारे रिश्ते के बारे में सब मालूम हो चुका है इसलिए वह कभीकभी फोन पर मुझे बहुत बुराभला बोलती है और बदनाम करने की धमकी देती है. अब यह बात मैं अपने प्रेमी को बताती हूं तो वह कहता है कि बकने दो. मुझे भी दिनरात कोसती है. धमकियां देती है. उस का व्यवहार बहुत ही बुरा है. उसे पत्नी की बजाय मेरे साथ रहना पसंद है. क्या करूं कुछ समझ में नहीं आ रहा. यदि उस की पत्नी अच्छी स्त्री होती, उस से प्यार करती तो मैं अवश्य उस से रिश्ता तोड़ लेती. लेकिन वह मेरे पास आ कर सकून ढूंढ़ता है तो मैं उसे कैसे ठुकरा दूं? डरती हूं कि यदि मैं ने भी रिश्ता तोड़ लिया तो परेशान हो कर वह कुछ कर न ले. जिस का जिक्र वह कई बार कर चुका है. कृपया बताएं कि मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब

आप को आप का प्रेमी बेवकूफ बना रहा है. यदि वह आप से वास्तव में प्यार कर रहा होता तो किसी दूसरी लड़की से शादी हरगिज नहीं करता. वह आप के परिवार की मदद भी सिर्फ इसीलिए करता है ताकि आप उस के एहसान तले दबी रहें और इस के बदले में वह आप को इस्तेमाल करता रहे. उस की पत्नी का आप को फोन पर अपशब्द कहना या धमकाना स्वाभाविक है. कोई भी स्त्री नहीं चाहती कि उस का पति उस के रहते किसी और से संबंध बनाए. आप भी एक नारी हैं इसलिए आप को यह बात समझनी चाहिए. आप न केवल उस स्त्री के दांपत्य जीवन में खलल डाल रही हैं, वरन अपना जीवन भी बरबाद कर रही हैं.

ये भी पढ़ें- अपने पति के अलावा एक और लड़के के साथ मेरे शारीरिक संबंध हैं, मैं क्या करूं?

अव्वल तो उस के शादी करने के फैसले के बाद ही आप को उस से संबंध तोड़ लेना चाहिए था. पर आप ने ऐसा नहीं किया. अब भी समय है उस से किनारा कर लें. रही उस के द्वारा आत्महत्या करने की धमकी देने की बात तो वह ऐसा कुछ नहीं करेगा. वह आप को सिर्फ इमोशनल ब्लैकमेल कर रहा है. आप को उस के झांसे में नहीं आना चाहिए. न ही परिवार के लिए उस का कोई सहयोग लेना चाहिए. रही नौकरी की बात तो आप किसी अन्य जगह अपने लिए माकूल नौकरी तलाश सकती हैं.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz

सब्जेक्ट में लिखें-  सरस सलिल-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

वरदी वाले की बीवी

सुशांत सिंह राजपूत के भाई नीरज कुमार को आया हार्ट अकैट, दिल्ली में कराया भर्ती

बॉलीवुड इंडस्ट्री के टेलेंटेड एक्टर्स में से एक सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की अचानक हुई मौत को उनके फैंस भुला नहीं पा रहे हैं. बात बात पर सुशांत के फैंस उन्हें याद कर उनके लिए इंसाफ की दुआ करते हैं. सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की सुसाइड के बाद से बॉलीवुड इंडस्ट्री से जुड़े कई खुलासे हुए हैं. हाल ही में आई जानकारी के अनुसार सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के चचेरे भाई नीरज कुमार सिंह (Niraj Kumar Singh) ‘बबलू’ को हार्ट अटैक आया जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 कंटेस्टेंट रुबीना दिलाइक ने बॉलीवुड इंडस्ट्री के बारे में कही ये बात, किया ऐसा खुलासा

आपको बता दें कि नीरज कुमार सिंह बिहार के सुपौल जिले की छातापुर विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक हैं और उनकी तबियत चुनाव प्रचार के दौरान ही बिगड़ी है. उनकी तबियत को ध्यान में रखते हुए सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के चचेरे भाई को पटना से दिल्ली अस्पताल में भर्ती कराया गया. ऐसे में सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति (Shweta Singh Kirti) ने ट्वीट कर फैंस को उनके लिए दुआ करने को कहा है. ट्वीट में श्वेता सिंह कीर्ति ने लिखा,- ‘बबलू भैया के लिए दुआ करें. वो अभी दिल्ली के अस्पताल में हैं.’

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 में सारा गुरपाल की आंखों का हुआ बुरा हाल, चंडीगढ़ के लिए हुईं रवाना

नीरज कुमार सिंह (Niraj Kumar Singh) के ट्विटर अकाउंट से इस बात की जानकारी दी गई और लिखा गया,- “Office MLA Niraj kumar singh bablu:- कल छातापुर विधानसभा के माधोपुर पंचायत में जनसम्पर्क करने के दौरान अचानक माननीय विधायक श्री नीरज कुमार सिंह बबलू जी के छाती में दर्द हुआ तो स्थानीय चिकित्सक ने पटना रेफर किया तो अभी माननीय विधायक जी जीवक हार्ट हॉस्पिटल में भर्ती है.”

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 में हो सकती है पारस छाबड़ा और रश्मि देसाई की एंट्री, फोटो हुई Viral

हाल ही में नीरज कुमार की तबियत के बारे में जानकारी देते हुए उनकी टीम ने बताया है कि, हम सभी सर के जल्दी स्वस्थ होने की कामना करते है. अभी सर के स्वास्थ्य में सुधार है. अभी सर दिल्ली में है और चिकित्सिकीय परामर्श के अनुसार अपना चेकअप करवा रहे है. हम सभी प्रभु से प्रार्थना करते है कि सर जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाए.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें