गणेश की शातिर सोच ने उसे बनाया अपराधी

उत्तर प्रदेश के जिला वाराणसी के थाना भेलूपुर में प्रमोद कुमार पत्नी और 3 बच्चों के साथ हंसीखुशी से रहता था. शुभम उस का सब से छोटा बेटा था, जो सभी का लाडला था. गुरुवार 27 अक्तूबर, 2016 को अचानक वह गायब हो गया तो पूरा परिवार परेशान हो उठा.13 महीने का शुभम जब कहीं दिखाई नहीं दिया तो उस की तलाश शुरू हुई. उस के बारे में आसपास के घरों में पूछा गया तो जल्दी ही उस के गायब होने की खबर पूरे मोहल्ले में फैल गई. इस के बाद मोहल्ले के भी कुछ लोग मदद के लिए आ गए. जब शुभम का कहीं कुछ पता नहीं चला तो बिना देर किए सलाह कर के सब उस के गुम होने की सूचना थाना भेलूपुर पुलिस को देने पहुंच गए.

थानाप्रभारी इंसपेक्टर राजीव कुमार सिंह को जब 13 महीने के शुभम के गायब होने की तहरीर दी गई तो उन्होंने गुमशुदगी दर्ज करा कर शुभम की फोटो ले कर प्रमोद कुमार तथा उन के साथ आए लोगों को धैर्य बंधाते हुए कहा, ‘‘आप लोग बिलकुल मत घबराइए, शुभम को कुछ नहीं होगा. हम उसे जल्द ही ढूंढ निकालेंगे.’’

इस के बाद राजीव कुमार सिंह ने आवश्यक जानकारी ले कर सभी को घर भेज दिया. एक मासूम की गुमशुदगी की बात थी, इसलिए उन्होंने इस की जानकारी अधिकारियों को दे कर थाने में मौजूद सिपाहियों को बच्चे की तलाश में लगा दिया. इस के अलावा इलाके के सभी मुखबिरों को भी सतर्क कर दिया.

प्रमोद की किसी से न कोई अदावत थी और न किसी से कोई विवाद था. ऐसे में यही लगता था कि बच्चे का फिरौती के लिए अपहरण किया गया होगा. लेकिन प्रमोद कुमार की इतनी हैसियत भी नहीं थी कि वह फिरौती के रूप में मोटी रकम दे सकता. फिर भी पुलिस फिरौती के लिए किए गए अपहरण को ही ध्यान में रख कर चल रही थी.

और हुआ भी वही. प्रमोद द्वारा थाने में तहरीर दे कर लौटने के थोड़ी देर बाद ही उसे एक पत्र मिला, जिस में शुभम के अपहरण की बात लिख कर उस की सकुशल वापसी के लिए 5 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी.

अपहर्त्ता ने पत्र में लिखा था, ‘तुम्हारे जीजा ने मुझे बहुत परेशान किया है. अब तुम्हें अपना बेटा चाहिए तो 5 लाख रुपए दो, वरना बाद में चिडि़या खेत चुग जाएगी.’

ताज्जुब की बात यह थी कि पत्र भेजने वाला कोई और नहीं, प्रमोद कुमार के पड़ोस में ही रहने वाला गणेश राजभर था, जो औटो चलाता था. प्रमोद कुमार ने तुरंत इस बात की जानकारी थाना भेलूपुर पुलिस को तो दी ही, खुद भी गणेश की तलाश में लग गया. गणेश के घर में कोई नहीं था. पुलिस भी सूचना मिलते ही गणेश की तलाश में तेजी से जुट गई थी.

एसपी (सिटी) राजेश यादव ने सीओ राजेश श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि किसी भी तरह गणेश को गिरफ्तार कर के शुभम को सकुशल बरामद किया जाए. इस के बाद थाना भेलूपुर पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को भी गणेश की तलाश में लगा दिया गया.

आखिर पुलिस की मेहनत रंग लाई और अपहरण के 2 दिनों बाद यानी 29 अक्तूबर, 2016 को मुखबिर की सूचना पर गणेश को बच्चे के साथ मंडुआडीह रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार करने के साथ ही उस के कब्जे से मासूम शुभम को सकुशल बरामद कर लिया गया. वह काफी डरासहमा हुआ था.

गणेश की गिरफ्तारी और मासूम शुभम की सकुशल बरामदगी के बाद एसपी (सिटी) राजेश यादव ने अपने औफिस में प्रैसवार्ता बुला कर अभियुक्त गणेश को पत्रकारों के सामने किया तो उस ने मासूम शुभम के अपहरण की जो कहानी सुनाई, वह प्रतिशोध की भावना से भरी हुई इस प्रकार थी—

वाराणसी के थाना सारनाथ के सोना तालाब का रहने वाला गणेश राजभर घर वालों से न पटने की वजह से परिवार के साथ थाना भेलूपुर के कमच्छा सट्टी स्थित अपनी ससुराल में किराए का मकान ले कर रहता था. गुजरबसर के लिए वह औटो चलाता था. उस के परिवार में पत्नी के अलावा 2 बेटे थे. किराए पर रहने की वजह से उसे आर्थिक रूप से तो परेशानी होती ही थी, साथ ही बारबार कमरा बदलने से भी उसे दिक्क्त होती थी.

यही सोच कर उस ने कुछ पैसा इकट्ठा किया और जमीन लेने की योजना बनाई, जिस से वह अपना मकान बना कर उस में आराम से रह सके. इस से उस के किराए के पैसे तो बचते ही, बारबार कमरा बदलने की जहमत से भी छुटकारा मिल जाता. इस के अलावा उस में वह थोड़ीबहुत सागसब्जी की खेती भी कर लेगा, जिस से चार पैसे भी बचते.

पैसे इकट्ठा हो गए तो गणेश जमीन की तलाश में लग गया. किसी के माध्यम से उस ने प्रकाश मास्टर से साढ़े 3 लाख रुपए में एक जमीन खरीदी. लेकिन जमीन खरीदने के बाद उसे पता चला कि वह जमीन बंजर है. यह जान कर वह परेशान हो उठा. क्योंकि वहां कुछ भी नहीं हो सकता था. प्रकाश से उस ने अपने रुपए वापस मांगे तो उस ने पैसे देने से मना कर दिया. इस के बाद दोनों में अकसर तकरार होने लगी.

गणेश को जब पता चला कि प्रकाश मास्टर उस के पड़ोस में रहने वाले प्रमोद कुमार का बहनोई है तो उस के मन में शातिर और घृणित सोच ने जन्म लेना शुरू कर दिया. वह थी प्रमोद कुमार के मासूम बेटे शुभम के अपहरण की. उसे लगता था कि साले के बेटे की चाहत में प्रकाश उस के रुपए तो लौटा ही देगा, फिरौती के रूप में भी कुछ रुपए देगा.

बस फिर क्या था, अपनी इसी सोच को अंजाम देने के लिए वह मौके की तलाश में रहने लगा. आखिर 27 अक्तूबर, 2016 को उसे मौका मिल ही गया. उस समय शुभम  घर के बाहर खेल रहा था. गणेश ने अपने 14 साल के बेटे सूरज को भेज कर औटो में घुमाने के बहाने शुभम को मंगा लिया और उसे ले कर चला गया. बाद में उस ने अपने बेटे सूरज के हाथों फिरौती के लिए प्रमोद के पास चिट्ठी भिजवा दी थी.

फिरौती की चिट्ठी मिलते ही प्रमोद के घर में कोहराम मच गया था, जबकि गणेश फिरौती के 5 लाख पाने के सपने देखने लगा था. उस के ये सपने पूरे होते, उस के पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया.

दरअसल, गणेश को इस बात की जरा भी उम्मीद नहीं थी कि लोग इतनी जल्दी पुलिस को शुभम के अपहरण की सूचना दे देंगे. गणेश द्वारा शुभम के अपहरण का अपराध स्वीकार करने के बाद थाना भेलूपुर पुलिस ने उस के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया और उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.

बालों को संवारें और संभालें

गांवदेहात में पहले नौजवानों का अमूमन एक तरह का ही हेयर स्टाइल होता था, फौजी की तरह बिलकुल छोटे बाल रखना. इस से उन्हें रोजमर्रा के काम करते हुए दिक्कत नहीं होती थी और चूंकि उन की बौडी भी सौलिड होती थी तो वे बाल उन पर जंचते भी थे.

पर अब माहौल बदल गया है. गांवदेहात के बच्चे पढ़लिख कर शहरों में नौकरी करने लगे हैं और जब से मोबाइल फोन का दौर आया है तब से उन्हें भी बालों के नए से नए फैशन की जानकारी होने लगी है और वे बालों को ले कर सजग भी रहने लगे हैं.

शादीब्याह के मौके पर तो वे बाकायदा सैलून में जा कर नए स्टाइल की कटिंग कराते हैं और जम कर पैसे भी खर्च करते हैं. इस के अलावा भी वे नहाते समय अच्छी क्वालिटी का साबुन या शैंपू इस्तेमाल करते हैं.

बालों को चमकीला, घना और महफूज बनाए रखने के लिए उन पर ध्यान देना पड़ता है. इस के लिए नियमित रूप से शैंपू के साथ कंडीशनर भी लगाएं. इस के अलावा बालों में नियमित रूप से तेल लगाने से भी वे मजबूत बनते हैं. तेल से सिर की खाल मालिश करने से बाल की जड़ें मजबूत होती हैं और खून का दौरा भी बढ़ता है, जो बालों की सेहत के लिए काफी अच्छा होता है.

छोटे बालों की देखभाल करना आसान होता है, पर किसी लड़के ने लंबे बाल रखे हैं तो उन की देखभाल पर खास ध्यान देना होता है. अगर उन की रोजाना साफसफाई न की जाए तो वे रूखे हो जाते हैं, गंदगी बढ़ जाती है, कभीकभार तो उन बालों में जूं भी हो जाती हैं.

इस से बालों की खूबसूरती बढ़ने के बजाय कम हो जाती है और लोग आप को देख कर नाकभौं सिकोड़ने लगते हैं, इसलिए बड़े बाल हमेशा साफ रहें और उन्हें करीने से रखा जाए.

लंबे बालों को रखते समय अपनी कदकाठी और चेहरे की शेप का भी ध्यान रखें. फैशन के चलते उन्हें चलताऊ रंग से न रंगें, इस से आप समय से पहले उन से हाथ धो बैठेंगे. उन पर अच्छी क्वालिटी का रंग लगाएं, फिर भले ही थोड़ा महंगा ही क्यों न हो. सस्ता और घटिया क्वालिटी का रंग बालों के साथसाथ सिर की चमड़ी को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

इस के अलावा सौफ्ट कंघा ही बालों में इस्तेमाल करें. बालों को तौलिए से ज्यादा जोर से न रगड़ें. बालों को धूलमिट्टी से बचाएं. फैशन के चक्कर में बालों के साथ ज्यादा जोरआजमाइश न करें.

जब बेड पर अग्रैसिव हो पति

जब से देश में फिल्मों के साथसाथ वैब सीरीज बनने का सिलसिला शुरू हुआ है, तब से उन में गालीगलौज, गोलीबारी और गरमागरम सीन दिखाने का मानो लाइसैंस मिल गया है. ऐसी ही एक वैब सीरीज आई थी ‘मिर्जापुर सीजन 1’, जिस में मुन्ना त्रिपाठी नाम का किरदार अपने घर की नौकरानी को भी नहीं छोड़ता है.

नशे में वह बिस्तर पर दरिंदा बन जाता है और नौकरानी लड़की घर की भाभी के सामने हाथ जोड़ कर कहती है कि वह मुन्ना का बिस्तर गरम नहीं करेगी, क्योंकि वह उसे पूरी तरह निचोड़ देता है और जिस्म का बुरा हाल कर देता है.

किसी लड़की को कोई मर्द पूरी तरह से संतुष्ट कर दे, यह सब सुनने में बहुत अच्छा लगता है और पहली बार में यही जताता है कि जब कोई लड़की या औरत बिस्तर पर संतुष्ट हो जाती है, तो अपने पार्टनर का साथ पूरी जिंदगी निभाती है.

पर, जब यही मर्द पार्टनर शैतान बन कर उस के जिस्म पर हावी हो जाता है, उसे नोंच डालता है, तो वह ‘मिर्जापुर’ वाली नौकरानी लड़की की तरह हाथ जोड़ जाती है.

sex

यह तो फिल्मी सीन है या समस्या है, पर अगर असली जिंदगी में कोई औरत या लड़की किसी के सामने ऐसी ही गुहार लगाए तो क्या होगा? दिल्ली प्रैस की लोकप्रिय पत्रिका ‘सरस सलिल’ के एक कौलम ‘सच्च्ची सलाह’ में बहुत सी पाठिकाएं ऐसे ही सवाल करती हैं. जैसे एक औरत का सवाल आया था कि ‘मैं 36 साल की शादीशुदा औरत हूं. मेरे 2 बच्चे हैं. मेरे पति सैक्स के दौरान काफी जोश में आ जाते हैं. वे मेरे शरीर को खेल का मैदान बना देते हैं और हवस के जोश में मेरे बदन पर यहांवहां काटते हैं और नाखून से नोंचते हैं.

‘इस से मु झे काफी दर्द होता है. कभीकभी तो मेरी नाभि भी हिल जाती है. जब भी मैं उन से अपने दिल का हाल बताती हूं, तो उन का एक ही जवाब होता है कि हमबिस्तरी के दौरान वे खुद पर काबू नहीं रख पाते हैं. मैं क्या करूं?’

ऐसे सवाल का अमूमन जवाब दिया जाता है कि ‘बहुत से जोड़े इस तरह की अग्रैसिव हमबिस्तरी का मजा लेते हैं, पर इस में उन दोनों की रजामंदी होना जरूरी है, पर चूंकि यह आप की इच्छा के मुताबिक नहीं हो रहा है और आप के लिए मजे से ज्यादा सजा बन गया है, तो पति को प्यार से सम झाएं. अगर वह नहीं मानता है, और आप को ज्यादा सताता है तो किसी माहिर काउंसलर से सलाह लें.’

ऐसा क्यों होता है कि दिनभर शांत सा दिखने वाला पति बिस्तर पर इतना ज्यादा उतावला हो जाता है कि पत्नी ‘हायहाय’ करती रह जाती है? यह ‘हायहाय’ तब और ज्यादा भयावह हो जाती है, जब कोई पत्नी रात में अपने ही बैडरूम में घुसने से पहले कतराती है. उसे पति द्वारा खरीदा हुआ एक ‘सैक्स गुलाम’ सम झ लिया जाता है. सैक्स के नाम पर वह उसे थप्पड़ मारता है, दांतों से काटता है, छाती पर जख्म दे देता है और नाजुक अंग को भी नहीं छोड़ता है.

सैक्स में पति का अग्रैसिव होना किसी हद तक दुखदायी नहीं होता है, क्योंकि एक रिसर्च के मुताबिक, 70 फीसदी लोग इस हद तक रफ सैक्स या ‘बिस्तर पर बदमाशी’ को ऐंजौय करते हैं कि वे अपने पार्टनर खासकर महिला पार्टनर को बांधने से ले कर कई ऐसी चीजों का इस्तेमाल करते हैं, जिस से दोनों पार्टनर को भरपूर मजा मिलता है.

लेकिन, जब इस में महिला पार्टनर की रजामंदी न हो तो यह सैक्स नहीं, बल्कि सामने वाले को चोट पहुंचाना माना जाता है. लिहाजा, आप को इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप जबरदस्ती कुछ न करें. जो चीजें करना आप के पार्टनर को पसंद न हों, तो उस पर किसी तरह का दबाव न बनाएं. इस के लिए पार्टनर के साथ बात करना बेहद जरूरी है.

अल्फा वन एंड्रोलौजी के डायरैक्टर और फैलो औफ यूरोपियन कौंसिल औफ सैक्सुअल मैडिसिन के डाक्टर अनूप धीर का मानना है, ‘शादी के बाद सैक्स को ले कर मची कलह तब ज्यादा जोर पकड़ती है, जब कोई पति अपनी पत्नी के सामने बिस्तर पर ऐसी डिमांड रखता है, जो प्यार करना तो बिलकुल नहीं होती है. पत्नी ऐसी डिमांड को सिरे से खारिज कर देती है.

‘सही कहें तो पति की ऐसी मांग बिलकुल नाजायज होती है, जबकि उन के दिमाग में यह घुस चुका होता है कि सैक्स करने का यही तरीका उन्हें संतुष्ट कर सकता है या मजा दे सकता है और वे बिस्तर पर आक्रामक हो जाते हैं.

‘जब पत्नी अपने पति की ऐसी बेहूदा मांग को पूरा करने से मना कर देती है, तो वे किसी भी जायज और नाजायज तरीके से अपनी बात मनवाने की कोशिश करते हैं, जिस में जिस्मानी चोट पहुंचाने के साथसाथ जोरजबरदस्ती करना भी शामिल रहता है.

‘इस से शादी पर बहुत बुरा असर पड़ता है. कभीकभी तो बात तलाक लेने तक पहुंच जाती है. लिहाजा, पति की ऐसी दरिंदगी पर पत्नी को किसी काउंसलर का सहारा लेना चाहिए और अगर बात न बने तो फिर पुलिस या महिला आयोग की शरण में जाना चाहिए.’

बहुत से पति अपनी पत्नी को बैडरूम में ‘स्वीटहार्ट’ कह कर पुकारते हैं. जब वही ‘स्वीटहार्ट’ बिस्तर पर पति से संबंध बनाते हुए ‘स्वीट सैक्स’ चाहती हैं, तो पति को उन की भावनाओं का खयाल रखना चाहिए और अपने प्यार के पलों को हवस के जोश में रौंदने से बचना चाहिए.

वारिस : सुरजीत के घर में कौन थी वह औरत

Story in hindi

आदित्य रॉय और अनन्या पांडे दिखें साथ-साथ, मीडिया से मुंह छिपाती दिखीं एक्ट्रेस

बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे आजकल जितना अपनी फिल्मों को लेकर चर्चा में बनीं हुई है उससे कहीं ज्यादा वो अपने डेटिंग रिलेशन को लेकर सुर्खियों बटोर रही है जी हां, अनन्या पांडे को एक बार फिर आदित्य रॉय के साथ देखा गया. जहां दोनों ने ट्विनिंग के कपड़े पहने हुए थे. दोनों को मीडिया ने स्पॉट किया. जहां एक्ट्रेस मीडिया से मुंह छिपाती हुई नजर आई. हालांकि ये पहली दफा नहीं है जब दोनों को एक साथ देखा गया हो. इससे पहले भी कई बार दोनों को डेटिंग करते देखा गया है.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Instant Bollywood (@instantbollywood)

आपको बता दें, कि आदित्य रॉय कपूर और अनन्या  का कई बार डेटिंग पर स्पॉट किया गया है इतना ही नहीं उन्हे बाहर वेकेशन पर भी मीडिया ने कैप्चर किया हुआ है यह कपल पुर्तगाल और गोवा वेकेशन पर साथ पर दिखें थे और अब हाल में मुबंई में स्पॉट हुए है. इस दौरान दोनों द्विनिंग करते दिखें. दोनों व्हाईट कलर की कपड़ों में दिखे. वही अनन्या मीडिया से भागती हुई नजर आई.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)

तस्वीरों में अनन्या पांडे ने व्हाईट कलर की शर्ट और ब्लू डेनिम कैरी की हुई है. इसके साथ उन्होने बालों को खुला रखा हुआ है. वही दूसरी ओर आदित्य रॉय कपूर भी व्हाईट कलर की शर्ट में नजर आ रहे है जहां दोनों की मैचिंग हो रही है. इनकी ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. फैंस इनकी जमकर तारीफ करते नजर आ रहे है. दोनों डिनर डेट के लिए निकले थे. दोनों काफी खुश लग रहे थे, हालांकि, दोनों ने अपने रिलेशनशिप को लेकर कोई चुप्पी नहीं तोड़ी है. दोनों ने अभी ऑफिशियल कुछ अन्नाउंस नहीं किया है.

बताते चले कि एक्टर आदित्य रॉय कपूर हाल ही में वेबसीरीज ‘द नाइट मैनेजर’ में नजर आए थे. हॉटस्टार पर रिलीज हुई इस सीरीज में आदित्य के साथ अनिल कपूर और शोभिता धूलिपाला लीड रोल में थे.

 

परिणीति-राघव की प्री-वेडिंग पार्टी की तैयारियां शुरु, दिल्ली में होगा फंक्शन

इन दिनों पॉलिटिशियन राघव चढ्डा और परिणीति चोपड़ा की शादी की खबरें सुर्खियों में बनीं हुई है. इसी बीच अब प्री-वेडिंग पार्टी की खबरें चर्चा में बनीं हुई है. और ये तैयारिया दिल्ली में हो रही है. राघव चढ़्डा के घर पर की जा रही है. हालांकि शादी उदयपुर में की जाएंगी. लेकिन उससे पहले फंक्शन दिल्ली से शुरु किए जाएंगे. जिनकी हाल ही में तैयारी की वीडियो सामने आई है जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)

वायरल वीडियो में दिखाया जा रहा है कि राघव चढ़्डा के घर पर समान लोड किया जा रहा है. बता दें, कि इसी साल राघव और परिणीति दिल्ली में सगाई कर चुके है. वही राजस्थान में होने जा रही शादी काफी गैंड होगी. इस फंक्शन में गिने चुने महमान होंगे और सिक्योरिटी काफी टाइट होगी. जानकारी के मुताबिक प्री-वेडिंग की शुरुआत क्रिकेट मैच से होगी. ये मैच दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. जिसमें दोनों परिवार एक-दूसरे से मुकाबला करेंगे. जहां तक प्री-वेंडिग फेस्टिविटीज वेन्यू की बात है. तो इसे कुछ शहरों में डिवाइट किया गया है. शुरुआत दिल्ली से होगी और मुख्य फंक्शन उदयपुर में होगा. इसके बाद रिसेप्शन पार्टी दिल्ली और चडीगढ़ में आयोजित की जाएगी.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)

बताते चले कि रविवार को परिणीति चोपड़ा को दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया था. उनके मगेंतर राघव चढ्ड़ा उन्हे रीसिव करने आए थे. यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. बता दें, कि प्री-वेडिंग फंक्शन एक हफ्ते तक चलेंगे. जिसके बाद कपल 24 सितंबर को शादी करेंगे.

गीले सैक्सी सपनों का जोश है स्वप्नदोष

अपनी फेवरेट ऐक्ट्रैस को पहलू में देख कर उस लड़के को यकीन ही नहीं हुआ. दूरदूर तक कोई नहीं था. तनहाई में वे दोनों एकदूसरे से लिपटे हुए थे.

मौका देख कर उस लड़के ने ऐक्ट्रैस के कपड़े उतारने शुरू कर दिए, जिस पर उस ने कोई एतराज नहीं जताया, उलटे उस का साथ देने लगी. जल्द ही वह लड़का ऐक्ट्रैस पर छाने लगा और उस के नाजुक अंगों से खेलने लगा.

लेकिन एकाएक ही वह ऐक्ट्रैस उस लड़के को पीछे धकेलने लगी और वह लड़का तेजी से उस पर हावी होने की कोशिश करने लगा, जिस से उस की सांस धौंकनी की तरह चलने लगी. आज हाथ आया सुनेहरा मौका वह खोना नहीं चाहता था, इसलिए पूरी ताकत से कोशिश करने लगा, लेकिन अंजाम तक पहुंच पाता, इस के पहले ही…

उस लड़के की नींद टूट गई. हकीकत समझ आई तो न वह ऐक्ट्रैस थी, न उस का सैक्सी संगमरमरी जिस्म था और न ही वह आधीअधूरी हमबिस्तरी थी. था तो चिपचिपा वीर्य, जिस से उस का अंडरवियर गीला हो गया था.

खुद को काबू करने की कोशिश करते हुए वह लड़का एहतियात से आसपास का जायजा लेने लगा. जब यह इतमीनान हो गया कि सभी सो रहे हैं, तो वह आहिस्ता से उठ कर बाथरूम में गया, अंडरवियर उतार कर पोंछा और फिर पहन लिया. बिस्तर तक वापस आते हुए वह खुद पर और सपने पर झल्ला रहा था कि यह सब हमेशा की तरह आधाअधूरा क्यों रह गया?

यह कोई नई बात नहीं थी. उस लड़के के साथ अकसर ऐसा पिछले कुछ दिनों से हो रहा था कि नींद में कोई ऐक्ट्रैस, लड़की, पड़ोसन भाभी या कोई अनजान औरत सपने में आती थी और सैक्स करती थी, लेकिन बीच में ही सपना टूट जाता था और अंडरवियर गीला हो जाता था.

इस से उस लड़के को पूरा मजा नहीं आता था. जल्द ही उसे पता चल गया था कि यह स्वप्नदोष यानी नाइट फाल है, जिस पर उस का कोई जोर नहीं चलता.

जिन्हें नहीं होता

ऐसा उस एक लड़के के साथ नहीं, बल्कि जवानी में दाखिल होते तकरीबन सभी लड़कों के साथ होता है. यह और बात है कि उन के सैक्सी सपने अलगअलग होते हैं. कुछ लोगों का वीर्य के साथ थोड़ा पेशाब भी निकल जाता है और कुछ लड़कों की सपना देखने के बाद तुरंत नींद नहीं खुलती. उन्हें सुबह पता चलता है कि बीती रात उन का स्वप्नदोष हुआ था. कुछ को तो यह दिन में भी हो जाता है.

लेकिन जैसा भी हो, स्वप्नदोष अफसोस या टैंशन की नहीं, बल्कि निहायत ही कुदरती बात है, जिस के होने पर नहीं, बल्कि न होने पर चिंता करनी चाहिए.

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के रिटायर्ड सर्जन डाक्टर केके श्रीवास्तव बताते हैं कि उन्होंने अपनी 50 साल की डाक्टरी प्रैक्टिस में हजारों ऐसे नौजवानों का इलाज किया है, जो स्वप्नदोष से हैरानपरेशान थे.

क्या इलाज किया? इस सवाल पर डाक्टर केके श्रीवास्तव ने बताया कि इलाज के नाम पर सिर्फ मशवरा दिया कि यह कोई बीमारी ही नहीं है. इस में किसी दवा की जरूरत नहीं, बल्कि थोड़ा एहतियात से रहने की जरूरत है. यह तो मर्दानगी का सुबूत है कि आप का अंग उत्तेजित होता है और आप के शरीर में वीर्य बनता है. रही बात सैक्सी सपनों की तो वे तो इस उम्र में आना कुदरती बात है. हालांकि, कुछ मामलों में बड़ी उम्र वालों को भी स्वप्नदोष होता है.

क्या और क्यों

यह तो बड़ी आसानी से समझ आता है कि स्वप्नदोष क्या है और यह कैसे होता है. लेकिन यह क्यों होता है? इस सवाल का साफ जवाब किसी के पास नहीं. हकीकत के नजदीक जो जवाब हैं, उन का सार यही है कि जवानी में सैक्स की ख्वाहिश भी आम और कुदरती बात है, लेकिन जब सैक्स संबंध नहीं बनते हैं, तो वीर्य अपने बाहर निकलने का रास्ता खुद ही ढूंढ़ लेता है.

इसे समझने के लिए पानी से भरे गिलास की मिसाल भी ली जा सकती है कि जब गिलास लबालब भर जाता है, तो और डालने पर पानी उस में से छलकने लगता है.

इसे डाक्टर हार्मोनल बदलाव कहते हैं, जिस में अंडकोष में शुक्राणु बनने लगते हैं यानी वीर्य बनना शुरू हो जाता है, जो शरीर में लगातार बनता रहता है और बाहर न निकले तो छलकने लगता है.

आमतौर पर स्वप्नदोष कुंआरे लड़कों में ज्यादा होता है, क्योंकि वे सैक्स के बारे में अधिक सोचते रहते हैं. खासतौर से सोते समय जब वे पोर्न फिल्म देखते हैं, तो स्वप्नदोष होने के चांस बढ़ जाते हैं.

लेकिन कई शादीशुदा मर्दों को भी कभीकभी इस से दोचार होना पड़ता है. बीवी जब मायके गई होती है या किसी दूसरी वजह से लंबे समय तक सैक्स संबंध नहीं बन पाते, तो उन्हें भी स्वप्नदोष हो सकता है.

यह कोई बीमारी नहीं

भोपाल के दिमागी बीमारियों के माहिर सीनियर डाक्टर विनय मिश्रा बताते हैं कि स्वप्नदोष कोई बीमारी नहीं है, इसलिए किसी भी नौजवान को इसे ले कर टैंशन नहीं पालनी चाहिए, क्योंकि इस से न तो किसी किस्म की कमजोरी आती है और न ही नामर्दी आती है. अंग के साइज से भी इसका कोई लेनादेना नहीं होता है और नही स्पर्म काउंट पर इस का कोई असर पड़ता है.

अब अगर स्वप्नदोष कोई बीमारी ही नहीं है और इस से कोई नुकसान नहीं होता है, तो इसे ले कर इतनी गलतफहमियां क्यों हैं कि नौजवानों को इस से दहशत होने लगती है और वे तरहतरह की चिंताओं से घिर जाते हैं?

इस सवाल का सीधा सा जवाब यह है कि नीमहकीमों ने दूसरी सैक्स समस्याओं की तरह इस का भी डर बना रखा है, जिस से वे देशी दवाओं, झाड़फूंक और तंत्रमंत्र के जरीए पैसा कमाया करते हैं.

वे लोग इसे धात रोग के नाम से मशहूर कर चुके हैं. अगर इन लोगों की बातों पर यकीन किया जाए तो धात रोग एक खतरनाक बीमारी है, जिस से नामर्दी, कमजोरी और तरहतरह की दूसरी बीमारियां शरीर को घेर लेती हैं.

पहले डराओ और फिर डर से पैसा कमाओ के उसूल पर चलते ये लोग नौजवानों को बेवकूफ बना कर अपने स्वप्न उन के स्वप्नदोष से पूरे किया करते हैं.

ये लोग तंबुओं से ले कर इंटरनैट तक पर अपनी दुकान चलाते हैं, जिन के झांसे में आने से फायदा तो कोई होता नहीं, उलटे पैसों के अलावा सेहत से जुड़े नुकसान जरूर हो जाते हैं.

ये नीमहकीम इस बात का खूब प्रचार कर चुके हैं कि वीर्य इतने या उतने बूंद खून से बनता है, जिस का बरबाद होना बहुत बड़े नुकसान के बराबर है, जबकि विज्ञान यह साबित कर चुका है कि खून और वीर्य का दूरदूर तक कोई रिश्ता नहीं है.

 इन बातों का रखें ध्यान

स्वप्नदोष आम और कुदरती है, इसलिए इस से बचा नहीं जा सकता, लेकिन यह जरूरत से ज्यादा होने लगे तो चिंता होना लाजिमी है.

स्वप्नदोष की तरह हस्तमैथुन भी कोई बुरी या हर्ज की बात नहीं है, लेकिन इसे भी बेलगाम हो कर किया जाए तो नुकसान और तनाव हो सकता है. इसी तरह अगर महीने में 6-7 बार तक स्वप्नदोष हो तो यह चिंता की बात नहीं है, लेकिन बहुत ज्यादा होने लगे तो इन बातों को अमल में लाना चाहिए :

* सोते समय सैक्सी बातें सोचने से बचना चाहिए.

* सोते समय ब्लू फिल्म भी नहीं देखनी चाहिए.

* खानपान साफसुथरा और सादा होना चाहिए, खासतौर से रात का खाना ज्यादा मसालेदार नहीं होना चाहिए.

* सोने से पहले पेशाब करना चाहिए.

* रोजाना कसरत करनी चाहिए.

* टाइट अंडरवियर पहन कर नहीं सोना चाहिए.

* हफ्ते में एक या 2 बार हस्तमैथुन कर लेना चाहिए, जिस से बन चुका वीर्य बाहर निकल जाए.

* अगर कब्ज रहती हो, तो उस का इलाज कराना चाहिए.

* स्वप्नदोष को ले कर किसी तरह का वहम या डर नहीं पालना चाहिए. ज्यादा समस्या हो तो माहिर डाक्टर से ही इलाज कराएं.

मेरा Nephew आस्ट्रेलिया में रहता है, लेकिन उसके Parents भारतीय लड़की से शादी करना चाहते हैं, मैं क्या करूं?

सवाल

मैं 45 वर्षीया वर्किंग वुमन हूं. घर और बाहर अपने काम को ले कर बिजी रहती हूं. आस्ट्रेलिया में मेरे बड़े भाई और भाभी रहते हैं. उन का एक बेटा 23 वर्ष का है. वह अपनी शिक्षा पूरी कर वहीं आस्ट्रेलिया में अच्छी कंपनी में जौब कर रहा है और अच्छा कमा रहा है. भाईभाभी चाहते हैं कि उस की शादी जल्दी करा दें और वह भी भारतीय लड़की से. उन्होंने लड़की ढूंढ़ने का काम मु झे सौंपा है जबकि मैं इस हक में नहीं हूं कि भारतीय लड़की से उस की शादी हो. आस्ट्रेलिया में कई भारतीय हैं और वहीं के परिवेश में पलीबढ़ी लड़की बहू के रूप में उन के लिए सही रहेगी. लेकिन वे अड़े हैं कि नहीं, उन्हें भारतीय लड़की ही चाहिए क्योंकि आस्ट्रेलिया की लड़कियां घरेलू नहीं होतीं, शादी को वे सीरियस नहीं लेतीं. क्या उन का ऐसा सोचना जायज है? मैं उन्हें कैसे समझाऊं?

लड़की आस्ट्रेलिया में पलीबढ़ी हो या पूर्णतया भारतीय हो, शादी के बारे में क्या सोचती है, यह उस की खुद की सोच है. जरूरी नहीं कि भारतीय लड़की ही शादी को ले कर सीरियस और आस्ट्रेलिया में पलीबढ़ी लड़की खुले विचारों की हो और शादी को हलके में लेती हो, इस का उलटा भी हो सकता है .बाकी भविष्य के बारे में कोई कुछ कह नहीं सकते कि कौन सी लड़की आप के घर में बहू बन कर आएगी और वह आप के अनुसार ही चलेगी.

जवाब

आप सही सोच रही हैं कि यदि आस्ट्रेलिया की ही पलीबढ़ी भारतीय परिवार की लड़की से वे अपने बेटे का विवाह करते हैं तो ज्यादा अच्छा रहेगा. लड़की को क्योंकि आस्ट्रेलिया में ही रहना है, उस का मायका भी आस्ट्रेलिया में होगा तो उन से मेलजोल रख सकती है. आप के भाईभाभी का भी रिश्तेदारी का सर्कल बढ़ेगा. भारतीय लड़की होगी तो साल में एक बार तो भारत में अपने मातापिता से मिलने की जिद करेगी ही. बाद में हो सकता है वह आस्ट्रेलिया में रचबस जाए लेकिन शुरू में तो यह दिक्कत आएगी क्योंकि शादी के बाद लड़कियों का मायके से ज्यादा लगाव रहता है.

आप यह बात भाईभाभी को समझाएं. समझते हैं तो ठीक है वरना उन्हें अपने मन की करने दीजिए. दूसरे परिवार के शादीब्याह के मामले में ज्यादा न पड़ें.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

जानलेवा फेसबुक फ्रेंडशिप

आजकल तकरीबन हर कोई सोशल मीडिया खासतौर से फेसबुक, ट्विटर और ह्वाट्सऐप पर मौजूद है. कई लोगों के लिए इन साइटों पर रहना जरूरत की बात है, तो ज्यादातर लोग इन के जरीए अपना वक्त काटते हैं.

हैरानी की बात है कि अब तेजी से लड़कियां भी फेसबुक पर दिख रही हैं. बड़े शहरों की लड़कियों को पछाड़ते हुए अब देहातों और कसबों की लड़कियां भी फेसबुक पर अकाउंट खोल कर दोस्त बनाने लगी हैं और उन से चैट यानी लिखित में बातचीत करने लगी हैं.

फेसबुक पर दोस्त बना कर उन से चैट करने पर घर वालों को कोई खास एतराज नहीं होता, क्योंकि उन्हें स्मार्टफोन और कंप्यूटर की ज्यादा जानकारी नहीं होती, इसलिए लड़कियां बेखौफ हो कर अपने बौयफ्रैंड से बातें करती हैं.

ये बातें कभीकभी ऐसे जुर्म की भी वजह बन जाती हैं, जिस से नादान लड़कियां मुसीबत में पड़ जाती हैं, इसलिए अब जरूरी हो चला है कि फेसबुक का इस्तेमाल सोचसमझ कर और एहतियात बरतते हुए किया जाए, नहीं तो हालात मध्य प्रदेश के इंदौर की प्रिया जैसे भी हो सकते हैं.

आशिक बना कातिल

17 साला प्रिया इंदौर के गीता नगर इलाके के कृष्णा नगर अपार्टमैंट्स में तीसरी मंजिल पर रहती थी. हाईस्कूल में पढ़ रही प्रिया पढ़ाई की अहमियत समझती थी, इसलिए इंजीनियर बनने की अपनी ख्वाहिश पूरी करने के लिए उस ने अभी से आईआईटी की भी तैयारी शुरू कर दी थी और कोचिंग क्लास में  जाती थी.

प्रिया के पिता श्याम बिहारी रावत एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में काम करते हैं और मां किरण पेशे से ब्यूटीशियन हैं. हालांकि ये लोग कोई बहुत बड़े रईस नहीं हैं, लेकिन इज्जत से गुजारे लायक कमाई आराम से हो जाती थी. पूजा इन दोनों की एकलौती लड़की थी.

दूसरी लड़कियों की तरह पूजा भी फेसबुक का इस्तेमाल करती थी और उस के कई दोस्त भी बन गए थे.

प्रिया जानती थी कि फेसबुक पर लड़कों या अनजान लोगों से दोस्ती करना अब खतरे से खाली बात नहीं, इसलिए वह ऐसी फ्रैंड रिक्वैस्ट मंजूर नहीं करती थी, जिन में सामने वाला जानपहचान का न हो.

एक दिन पूजा को प्रियांशी नाम की लड़की ने फ्रैंड रिक्वैस्ट भेजी, तो उस ने इसे मंजूर कर लिया, क्योंकि प्रियांशी लड़की थी और उस की प्रोफाइल भी प्रिया को ठीकठाक लगी थी.

धीरेधीरे प्रिया और प्रियांशी की फेसबुक पर दोस्ती गहराने लगी और दोनों चैटिंग करने लगीं. इस दौरान प्रिया ने प्रियांशी से कई दिली बातें कीं और अपना और अपनी मम्मी का मोबाइल नंबर भी उसे दे दिया.

लेकिन एक दिन प्रियांशी की हकीकत प्रिया के सामने खुल ही गई कि वह लड़की नहीं, बल्कि लड़का है. उस का असली नाम अमित यादव है. वह 24 साल का है और पेशे से सौफ्टवेयर इंजीनियर है.

crime

अमित ने असलियत बताते हुए प्रिया से मुहब्बत का इजहार किया, तो धोखा खाई प्रिया तिलमिला उठी और उस ने अमित का अकाउंट ब्लौक कर दिया.

गूजरखेड़ी गांव का रहने वाला अमित अब तक प्रिया, उस के घर और स्वभाव के बारे में चैट के जरीए प्रिया से ही काफीकुछ जानकारी हासिल कर चुका था, इसलिए उस ने प्रिया के मोबाइल पर फोन कर उस से अपनी मुहब्बत का इजहार किया. तब भी प्रिया ने उसे झिड़क दिया.

जब प्रिया ने अमित का फोन रिसीव करना बंद कर दिया, तो एकतरफा प्यार में पागल इस सिरफिरे आशिक ने मैसेज भेजने शुरू कर दिए.

प्रिया को अब समझ आ गया था कि धोखे या गलती से ही सही, वह एक गलत और झक्की नौजवान से फेसबुक पर दोस्ती कर के फंस चुकी है, तो उस ने पीछा छुड़ाने के लिए उस पर ध्यान देना ही बंद कर दिया.

इस अनदेखी और बेरुखी से अमित और भी तिलमिला गया, जो यह मान कर चल रहा था कि चूंकि वह प्रिया से प्यार करता है, इसलिए यह उस की जिम्मेदारी है कि वह भी उसे प्यार करे. हालांकि उसे मन में कहीं न कहीं एहसास होने लगा था कि प्रिया सख्तमिजाज और उसूलों वाली लड़की है.

हिम्मत न हारते हुए अमित ने प्रिया की मां किरण को फोन किया और सारी बात बताई. इस पर किरण ने प्रिया से पूछा, तो उस ने मां को साफसाफ बता दिया कि अमित एक धोखेबाज लड़का है, जिस ने लड़की बन कर फेसबुक पर उस से दोस्ती की और अब जबरदस्ती प्यारमुहब्बत की बातें कर रहा है.

बेरहमी आशिक की

मां किरण ने आजकल के जमाने को देख शुरू में तो बेटी की तरह ही अमित को झिड़क दिया.

यह देख कर अमित गिड़गिड़ाया, ‘‘आंटी, मुझे बस एक बार प्रिया से बात कर लेने दें, फिर मैं कभी फोन नहीं करूंगा.’’

दुनिया देख चुकीं किरण यहीं गच्चा खा गईं. उन्होंने सोचा था कि लड़का एकतरफा प्यार में पागल हो गया है और कहीं ऐसा न हो कि गुस्से में आ कर बेटी को कोई नुकसान पहुंचा दे, इसलिए जब

27 सितंबर, 2016 की सुबह उस का दोबारा फोन आया, तो उन्होंने उसे घर आने की इजाजत दे दी, लेकिन इस शर्त पर कि बात दरवाजे के बाहर से ही होगी.

अमित तो मानो इसी फिराक में था, इसलिए वह किरण की हर बात मानता गया और सुबह के तकरीबन 10 बजे उन के घर पहुंच गया.

जब किरण ने उसे दरवाजे से ही टरकाना चाहा, तो वह फिर दुखी होने की ऐक्टिंग करते हुए बोला, ‘‘यहां बाहर खड़ेखड़े क्या बात होगी. अंदर आने दें तो इतमीनान से बात कर लूंगा.’’

किरण ने उसे अंदर आने दिया. अंदर आ कर अमित ने बाथरूम जाने की बात कही और बाथरूम में चला भी गया.

crime

अंदर कमरे में प्रिया स्कूल जाने के लिए अपना बैग लगा रही थी कि अमित ने बगैर कुछ कहे या मौका दिए पीछे से चाकू निकाल कर उस पर जानलेवा हमला कर दिया.

प्रिया हमले से घबराई और चीखी तो किरण उस के कमरे की तरफ भागीं, पर जब तक अमित प्रिया पर चाकू के दर्जनभर वार कर चुका था, जो पीठ के अलावा पेट, सीने और चेहरे पर लगे थे.

बदहवास सी किरण बेटी को बचाने बीच में आईं, तो अमित ने उन पर भी हमला बोल दिया. मौका पा कर प्रिया बाथरूम में जा घुसी और डर के मारे भीतर से दरवाजा बंद कर लिया.

शोर सुन कर अपार्टमैंट्स के कई लोग किरण के फ्लैट की तरफ भागे, तो उन्होंने हाथ में चाकू लिए एक नौजवान यानी अमित को भागते देखा. दूसरी मंजिल पर आ कर उस ने भीड़ देखी, तो अपने बचाव के लिए वह नीचे कूद गया.

इधर लोग किरण के घर में गए और हालात देख कर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा. वहां प्रिया बेहोश पड़ी थी. लोगों ने तुरंत पुलिस को खबर की और प्रिया को कार में डाल कर अस्पताल की तरफ भागे, पर इलाज के दौरान ही प्रिया ने दम तोड़ दिया.

अमित नीचे कूद तो गया, लेकिन उस के हाथपैर की हड्डियां टूट गईं, इसलिए भाग नहीं सका और गिरफ्तार हो गया. उसे जेल वार्ड में रखा गया.

अमित अपने बयानों में पुलिस को यह कहते हुए बरगलाने की कोशिश करने लगा कि प्रिया उस पर जबरदस्ती करने का झूठा इलजाम लगा रही थी और उसी ने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को बुलाया था.

पर यह बहानेबाजी ज्यादा नहीं चली और जल्दी ही एकतरफा प्यार में पगलाए इस आशिक का जुर्म सामने आ गया.

प्रिया के पिता श्याम बिहारी ने जब बेटी की हत्या की खबर सुनी, तो सदमे के चलते वे बेहोश हो गए और होश में आते ही हत्यारे अमित को फांसी की सजा देने की मांग करने लगे.

एहतियात बरतना है जरूरी

जिस ने भी इस अपराध के बारे में सुना, वह सन्न रह गया और फेसबुक जैसी साइट को कोसता नजर आया कि आजकल यह जुर्म का नया जरीया बन गया है, इसलिए लड़कियों को जरा संभल कर रहना चाहिए.

बात सच भी है, क्योंकि लड़कियां फेसबुक पर ज्यादा से ज्यादा फ्रैंड्स बनाना अपनी शान की बात समझती हैं. हालांकि प्रिया ने अमित को लड़की समझ कर उस से दोस्ती की थी, पर इस हादसे से लगता है कि फेसबुक का इस्तेमाल करते समय लड़कियों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, नहीं तो वे भी प्रिया की तरह किसी हादसे या जुर्म का शिकार हो सकती हैं:

* यह जरूरी नहीं कि जो फ्रैंड रिक्वैस्ट भेज रही है, ये हकीकत में लड़की हो, इसलिए उसे प्रोफाइल की बारीकी से जांच कर लेनी चाहिए कि फैमिली फोटो डाले गए हैं या नहीं.  कितने फ्रैंड्स कौमन हैं. अगर कौमन फ्रैंड्स न हों या कम हों, तो भी फ्रैंड रिक्वैस्ट कबूल नहीं करनी चाहिए.

* किसी भी अनजान शख्स की फ्रैंड रिक्वैस्ट कबूल न करें.

* अपने प्रोफाइल में मोबाइल नंबर नहीं डालना चाहिए, न ही चैटिंग में किसी को देना चाहिए.

* अगर सामने वाली लड़की ज्यादा अपनापन दिखाए, तो चौकन्ना हो जाएं. अकसर जब 2 अनजान लड़कियां दोस्त बनती हैं, तो एकदूसरे से यह जरूर पूछती हैं कि तुम्हारा कोई बौयफ्रैंड है क्या? तुम ने कभी सैक्स किया है क्या? ऐसी बातें करने वाली लड़की को भाव नहीं देना चाहिए.

* घर का पता किसी को न दें.

* फेसबुक का पासवर्ड भी किसी को न दें.

* फ्रैंड कहीं बाहर होटल या पार्क वगैरह में मिलने बुलाए, तो सख्ती दिखाते हुए मना कर देना चाहिए. आजकल लोग गिरोह बना कर भी फेसबुक पर भोलीभाली लड़कियों को फांसने लगे हैं.

* अगर यह पता चल जाए कि सामने जो लड़की थी, वह असल में लड़का है, तो उस से धीरेधीरे कन्नी काटनी चाहिए. ब्लौक कर देने या भड़कने से गुस्से में आ कर लड़का कोई भी खतरनाक कदम उठा सकता है.

* इस के बाद भी बात न बने, तो मांबाप या घर के बड़ों को भरोसे में लेते हुए सारी बात बता देनी चाहिए.

क्या आप जानते है इस 5 रुपए के पान के पत्ते के अनेकों फायदे

खाने के बाद कई लोगों का मन करता है कि वह कुछ मीठा खाएं तो भारत में ज्यादातर लोग पान, मीठा पान, सादा पान और मसालेदार पान खाना पसंद करते है लेकिन, हम इस एक पत्ते को चबाने की एक नियमित आदत डाल ले तो यह हमारे लिए फायदेमंद होगा. पान के हरे पत्ते में अनेकों गुण छिपे होते हैं. हमें बस इसे किसी चूने, कत्थे या स्वाद के बिना खाने की आदत डालनी होगी. पान में मौजूद तत्व पाचन तंत्र, दिल के स्वास्थ्य और तनाव से राहत देने में मदद करते हैं.  अगर आप पान के शौकीन हैं तो जानिए इसके फायदें.

1. पाचन में सुधार

पान में मौजूद गुण पाचन शक्ति को बढ़ाते हैं और कब्ज दूर करने में मदद करते हैं. नियमित रूप से पान चबाने से पाचन संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं.

2. दांतों के लिए फायदेमंद

पान खाने से दांतों और मसूड़ों को लाभ पहुंचता है और मुंह की बदबू दूर होती है. यह दांतों को मजबूत बनाता है और दांतों की सफाई में मदद करता है.

3. तनाव कम करता है

पान में मौजूद इंग्रेडिएंट्स तनाव कम करने में मदद करते हैं. पान चबाने से मानसिक शांति मिलती है.पान में मौजूद एरोमाथेरेपी गुण सकारात्मक भावनाएं पैदा करता है जो तनाव को कम करता है.

4. दिल के लिए फायदेमंद

पान खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और हृदय रोगों का खतरा कम होता है. यह हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है.

5. वजन घटाने में मदद

पान में कैलोरी कम और पानी ज्यादा होता है जिससे वजन नियंत्रण में मदद मिलती है. पान चबाने से भूख कम लगती है जिससे वजन कम होने में सहायता मिलती है. पान में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनॉल चयापचय को बढ़ावा देते हैं जिससे वजन कम होता है.

 

कैंसर के खिलाफ रक्षा

कुछ अध्ययनों के अनुसार, पान के पत्तों में मौजूद एंटीकैंसर प्रॉपर्टीज भी हो सकती हैं, जो कैंसर के खिलाफ रक्षा कर सकती हैं. पान में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स को रोकते हैं जो कैंसर का कारण बनते हैं. पान में मौजूद पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनॉयड्स ट्यूमर के विकास को रोकते हैं

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें