Bigg Boss 14 में इन कंटेस्टेंट्स की सकती है री एंट्री, मेकर्स देंगे फैंस को सरप्राइज

टेलीविजन इंडस्ट्री के सबसे पौपुलर रिएलिटी शो बिग बॉस सीजन 14 (Bigg Boss 14) में आए दिन नए नए ट्विस्ट एंड टर्न्स देखने को मिल रहे हैं जिस वजह से फैंस की एक्साइटमेंट दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. हाल ही में बिग बॉस के घर से 2 कंटेस्टेंट्स को घर से बेघर होना पड़ा और उनका नाम है निशांत सिंह मल्कानी (Nishant Singh Malkani) और कविता कौशिक (Kavita Kaushik).

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 के घर से हुआ निशांत मल्कानी का सफर खत्म, फैंस ने साधा जान कुमार सानू पर निशाना

जैसा कि हम सब जानते हैं कि इस बार शो के मेकर्स इस सीजन को इंटरेस्टिंग बनाने के लिए खूब मेहनत कर रहे हैं और मेकर्स की मेहनत सफल भी हो रही है. एक बार फिर मेकर्स फैंस को झटका देने के लिए तैय्यार बैठे हैं. जैसा कि हम सब जानते हैं कि टेलीविजन एक्टर एली गोनी (Aly Goni) की बिग बॉस के घर में एंट्री होने वाली है और फैंस उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें- बोल्ड फोटोशूट शेयर कर चर्चा में आईं कश्मीरा शाह, फोटोज देख फैंस के उड़े होश

आपको बता दें कि एली गोनी (Aly Goni) कंटेस्टेंट जैस्मीन भसीन (Jasmin Bhasin) के बेहद करीबी दोस्त हैं और दोनों की जोड़ी को फैंस बहुत प्यार देते हैं. फैंस के दिलों में जैस्मीन भसीन (Jasmin Bhasin) और एली गोनी (Aly Goni) को साथ में देखने के लिए काफी उत्सुकता नजर आ रही है. इसी के साथ ही मेकर्स ने फैंस के लिए एक और सरप्राइज तैय्यार रखा है.

जी हां, खबरों की माने तो पहले ही हफ्ते घर से बेघर हुईं कंटेस्टेंट सारा गुरपाल (Sara Gurpal) एक बार फिर शो में दिखाई देने वाली हैं. ना सिर्फ सारा गुरपाल (Sara Gurpal) बल्कि कविता कौशिक (Kavita Kaushik) और निशांत सिंह मल्कानी (Nishant Singh Malkani) भी शो में फिर से नजर आने वाले हैं. फैंस के लिए सरप्राइज ये है कि ये तीनों कंटेस्टेंटस घर में एंट्री कुछ दिनों बाद लेने वाले हैं लेकिन उससे पहले ये तीनों सीक्रेट रूम में रहेंगे और अपनी गेम स्ट्रौंग करेंगे.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 के घर में खिले प्यार के फूल, शहनाज गिल ने आगे बढ़ाई लव स्टोरी

अब देखने वाली बात ये होगी कि मेकर्स आखिर फैंस को और क्या क्या सरप्राइज देते दिखाई देंगे.

हाई वोल्टेज ड्रामा

हाई वोल्टेज ड्रामा : भाग 3

(कहानी सौजन्य-मनोहर कहानियां)

पता चला कि राममेहर ने कुछ समय पहले ही एक करोड़ 41 लाख रुपए की 4 बीमा पौलिसियां कराई थीं. उन बीमा पौलिसियों में उस ने पत्नी संतोष को नौमिनी बनाया था.

यह बात भी सामने आई कि लौकडाउन में उस की फैक्ट्री का कामकाज ठप हो गया था. फिर उस ने इतनी बड़ी रकम की पौलिसियां क्यों कराई?

इस के अलावा उस के मोबाइल की काल डिटेल्स में उस की एक महिला मित्र का पता चला. उस महिला मित्र से पूछताछ के बाद राममेहर के जीवित होने और उस की साजिश का पता चला गया. राममेहर ने बीमा पौलिसियों का पैसा हड़पने और कर्जदारों से छुटकारा पाने के लिए अपनी मौत का ड्रामा रचा था.

ये भी पढ़ें- वो 6 घंटे : इस रेप कांड से हिल गई थी झारखंड की बुनियाद

राममेहर जीवित मिल गया और उस के नाटक से भी परदा उठ गया, लेकिन एक सवाल यह रह गया कि कार में जो शव मिला था, वह किस का था? हिसार के एसपी लोकेंद्र सिंह के अनुसार शव डाटा गांव के ही राममेहर उर्फ रमलू का था.

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद राममेहर की साजिश की जो कहानी उभर कर सामने आई, वह इस तरह थी—

राममेहर को व्यापार में घाटा हो रहा था. लौकडाउन में व्यापार बिलकुल ही ठप हो गया था. उस पर एकडेढ़ करोड़ रुपए का कर्ज भी था. उस ने पीएनबी और एचडीएफसी बैंक से पर्सनल लोन भी लिया था. वह शराब पीता था और उस की कई महिलाओं से दोस्ती भी थी. इन महिला मित्रों पर भी वह काफी पैसा खर्च करता था.

पैसे के लिए परेशान था

खर्चों के हिसाब से आमदनी नहीं होने से वह परेशान रहने लगा था. उस ने एकदो बार आत्महत्या करने की भी सोची. बाद में उस ने बीमा क्लेम हड़पने और कर्जदारों से छुटकारा पाने के लिए खुद को मृत घोषित करने की साजिश रची. इस साजिश के तहत उस ने इसी साल जुलाई में एक करोड़ 41 लाख रुपए की 4 बीमा पौलिसियां कराईं.

साजिश के तहत मारने के लिए उस ने अपने ही गांव के राममेहर उर्फ रमलू को चुना. गरीब रमलू डफली बजागा कर परिवार की गुजरबसर करता था. रमलू के परिवार में उस की बीवी और बूढ़ी मां के अलावा 3 बेटे और 3 बेटियां थीं. रमलू में शराब पीने की बुरी लत थी. वह गाबजा कर आसपास के गांवों में अनाज मांगने के लिए निकल जाता, तो कभी एकदो दिन बाद और कभी तीनचार दिन बाद घर लौटता था. इसलिए परिवार वाले उस की ज्यादा चिंता नहीं करते थे.

राममेहर ने 6 अक्टूबर को बैंक से 10 लाख 90 हजार रुपए निकलवाए. इस में से उस ने साढ़े 4 लाख रुपए एक महिला मित्र सुनीता को नकद दिए. कुछ रकम उस ने दूसरी महिला मित्र के बैंक खाते में जमा करा दी.

गरीब रमलू बना निशाना

राममेहर को उस दिन शाम को रमलू गांव के बाहर शराब पीते हुए मिल गया. उसे देख कर राममेहर की आंखें चमक गईं. उस ने घर पर फोन कर कहा कि वह हिसार जा रहा है. घर फोन करने के बाद राममेहर ने रमलू को अपनी कार में बैठा लिया. फिर उस ने शराब खरीदी.

कार को भाटलामहजद की सुनसान सड़क पर खड़ी कर दोनों शराब पीते रहे. कार की ड्राइविंग सीट पर राममेहर बैठा था, उस के पास वाली सीट पर रमलू. राममेहर ने खुद कम शराब पी. रमलू को वह रात तक शराब पिलाता रहा.

ये भी पढ़ें- शर्तों वाला प्यार

रमलू जब शराब के नशे में पूरी तरह बेसुध हो गया, तो उस ने उसे गला दबा कर मार डाला. फिर उस ने अपनी कार के फ्यूल टैंक से डीजल निकाला. डीजल निकालने के लिए उस ने पहले से ही कार में पतली पाइप रखी हुई थी. रमलू और कार पर डीजल छिड़क कर उस ने आग लगा दी.

उस ने जलती हुई कार को एकदो मिनट तक देखा. इस के बाद पैदल ही ढाणी कुतुबपुर के लिए चल दिया. रास्ते में उस ने अपने बेटे और भांजे को घबराई हुई आवाज में फोन पर झूठी सूचना दे कर कहा कि उसे कुछ बदमाशों ने घेर लिया है.

ढाणी कुतुबपुर में पहले से ही उस की एक महिला मित्र की कार तैयार खड़ी थी. वह उस कार से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के लिए रवाना हो गया.

7 अक्टूबर की रात में वह बिलासपुर पहुंच गया. वहां वह अपने एक परिचित के पास रुका. परिचित से उस ने कहा कि वह बिलासपुर में जमीन खरीदना चाहता है, इसलिए आया है. इस बीच, उस ने अपने नए मोबाइल नंबरों से अपनी महिला मित्रों से संपर्क बनाए रखा.

पुलिस ने इस मामले में 12 अक्टूबर को राममेहर की महिला मित्र सुनीता को गिरफ्तार कर लिया. हांसी की जगदीश कालोनी की रहने वाली सुनीता 4 साल पहले तक राममेहर की फैक्ट्री में काम करती थी. इसी दौरान वह राममेहर के संपर्क में आई थी. रमलू को जला कर मारने का पता चलने पर पुलिस ने इस मामले में एससीएसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ दीं.

बाद में पुलिस ने राममेहर की दूसरी महिला मित्र रानी को भी इस मामले में गिरफ्तार कर लिया. वह रानी की कार से ही बिलासपुर गया था. उस ने वारदात वाले दिन रानी के खाते में करीब पांच लाख रुपए जमा कराए थे. रानी के खाते की चैकबुक व एटीएम कार्ड राममेहर के पास थे. उस की योजना थी कि खुद को मृत घोषित करने के बाद जरूरत पड़ने पर वह उस के खाते से पैसे निकाल लेगा.

राममेहर की असलियत उजागर होने के बाद उस की पत्नी संतोष न तो खुद को सुहागन कह पा रही है और न ही विधवा. राममेहर ने अपनी मौत का ड्रामा रच कर संतोष की सुहाग की सारी निशानियां मिटा दीं. उस के बेटेबेटियां भी पिता की करतूत से हैरान हैं. 70 साल का बूढ़ा पिता टेकचंद कहता है ‘हमारे ऐसे करम थे जो ऐसा कपूत पैदा हुआ. उस ने तो जिंदगी भर का बट्टा लगा दिया.’

राममेहर के लालच में रमलू बेमौत मारा गया. उस के घर में अब आंसू, लाचारी और बेबसी है. रमलू गाबजा कर परिवार पालता था. अब उस की पत्नी कृष्णा और 6 बच्चों का गुजारा कैसे होगा, यह किसी की समझ में नहीं आ रहा. कृष्णा पर रमलू के छोटे भाई की स्वर्गवासी पत्नी के 5 बच्चों के पालनपोषण की जिम्मेदारी भी आ गई है.

ये भी पढ़ें- पराया माल हड़पने के चक्कर में

रमलू इस घटना से 2 दिन पहले गांव से गया था, वह वापस घर नहीं लौटा, तो घर वालों ने ज्यादा चिंता नहीं की, क्योंकि वह पहले भी कई बार 3-4 दिनों में लौटा था. राममेहर से पूछताछ के बाद पुलिस जब रमलू के घर पहुंची, तो सचाई का पता चलने पर उस के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. कार में जला शव रमलू का ही था, इस की पुष्टि के लिए पुलिस डीएनए जांच करा रही है.

हाई वोल्टेज ड्रामा : भाग 2

(कहानी सौजन्य-मनोहर कहानियां)

रात को वह हिसार से अपने गांव डाटा लौट रहे थे, तभी रास्ते में 2 बाइक और एक कार में सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और रकम लूटने के बाद उन्हें कार में जिंदा जला दिया. हांसी पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूटपाट और हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया.

सवाल मुंह बाए खड़े थे

पुलिस ने जांच शुरू की तो कई तरह के अनसुलझे सवाल सामने आए. पहला तो यही कि लुटेरों को राममेहर के पास मोटी रकम होने की सूचना कैसे मिली? दूसरे हिसार में वह किनकिन लोगों से मिले थे? क्या उन से पैसों का लेनदेन भी किया था? एक महत्त्वपूर्ण सवाल यह भी था कि कार किस ज्वलनशील पदार्थ से जलाई गई थी?

ये भी पढ़ें- पराया माल हड़पने के चक्कर में

राममेहर का शव ड्राइवर के पास वाली सीट पर मिला था, एक सवाल यह भी था कि कार में क्या कोई दूसरा व्यक्ति भी था? और यह भी कि वह हिसार से अपने गांव डाटा सीधे रास्ते से जाने के बजाय लिंक रोड से क्यों जा रहे थे?

हत्यारों का पता लगाने के लिए पुलिस ने राममेहर के मोबाइल की कालडिटेल्स निकलवाई. वारदात स्थल के आसपास 6 अक्तूबर की रात उस इलाके में एक्टिव रहे मोबाइल नंबरों का पता लगाया गया. मौकाएवारदात का सीन भी रिक्रिएट किया गया. कार में मिला शव राममेहर का ही है, इस की पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराने का फैसला किया गया.

राममेहर ने हांसी में बैंक से जब रकम निकलवाई थी, तब उन के साथ और आसपास कौन लोग थे, इस का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई. बैंक से राममेहर के खाते की डिटेल्स भी निकलवाई गई.

राममेहर के परिवार के बारे में पुलिस को पता चला कि वह 7 बहनों के इकलौते भाई और सब से छोटे थे. उन की मां की एक साल पहले मृत्यु हो गई थी. परिवार में उस के पिता टेकचंद, पत्नी संतोष, 2 बेटियां और एक बेटा आशीष था.

दसवीं तक पढ़े राममेहर के पास करीब 15 एकड़ जमीन थी. वह खेतीबाड़ी के साथ व्यापार भी करते थे. पहले उन की डिस्पोजल की फैक्ट्री हांसी में बरवाला बाइपास पर थी.

करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने वह फैक्ट्री बंद कर दी और बरवाला रोड पर ही डिस्पोजल आइटम्स के कच्चे माल की फैक्ट्री शुरू की. उन का माल हरियाणा के अलावा राजस्थान और हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में भी जाता था.

राममेहर की मौत से डाटा और उस के आसपास के गांवों में रहने वाले लोग हैरान थे. हैरानी इस बात की थी कि उस इलाके में पहले कभी ऐसी वारदात न तो सुनी गई थी और न ही देखी गई थी. राममेहर की किसी से रंजिश या दुश्मनी होने की बात भी सामने नहीं आई.

राममेहर की मौत से उन के घर ही नहीं पूरे गांव में मातम छा गया था. सहारे की लाठी टूटने से बूढ़े पिता टेकचंद की आंखें पथरा गई थीं. पत्नी संतोष बेहोश और बेटियां बेसुध हो गई थीं. इस जघन्य वारदात से हिसार और हांसी के व्यापारियों में भी आक्रोश था.

अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस को अपनी जांच का दायरा बढ़ाना पड़ा. तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों से विभिन्न सवालों के जवाब खोजने के लिए पुलिस अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई.

सीन औफ क्राइम यूनिट के विशेषज्ञों ने सवाल उठाए कि शव राममेहर का है या नहीं, इस का पता डीएनए जांच से ही चलेगा. उन्हें जिंदा जलाया या मार कर, यह हिस्टोपैथोलाजी जांच से साफ हो सकता था. जिस ज्वलनशील पदार्थ से कार को जलाया गया, वह पेट्रोलडीजल या कोई कैमिकल था?

ये भी पढ़ें- शर्तों वाला प्यार

राममेहर का शव जिस सीट पर मिला था, वह पीछे की तरफ झुकी हुई थी. इस से इस बात की संभावना थी कि उन्हें कार से बाहर खींचने का प्रयास किया गया होगा, वह बाहर नहीं निकले तो उन्हें मारपीट कर मार डाला गया या अधमरा कर छोड़ दिया और फिर ज्वलनशील पदार्थ डाल कर जला दिया गया.

एक सवाल यह भी उठा कि बदमाश अगर चलती कार को रोकने की कोशिश करते तो दुर्घटना होती, लेकिन मौके पर इस के सबूत नहीं मिले. इस से अंदेशा हुआ कि किसी परिचित ने कार को रुकवा कर वारदात को अंजाम दिया होगा.

आखिर सामने आ ही गई सच्चाई

जांचपड़ताल में कुछ ऐसे सबूत सामने आए कि पुलिस अफसर भी चौंक गए. करीब 11 लाख रुपए लूट कर राममेहर को कार में जिंदा जलाने की सचाई का पुलिस ने वारदात के करीब 65 घंटे बाद ही पता लगा लिया.

राममेहर घटनास्थल से 1300 किलोमीटर दूर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से जीवित मिल गया. हिसार पुलिस उसे बिलासपुर से गिरफ्तार कर हांसी ले आई.

राममेहर से की गई पूछताछ और सबूतों के आधार पर उस की साजिश से परदा उठ गया. राममेहर ने ऐसी खौफनाक साजिश क्यों रची, यह कहानी बताने से पहले यह जानना जरूरी है कि पुलिस उस तक पहुंची कैसे?

जांचपड़ताल में पुलिस को कार पर कोई खरोंच तक नहीं मिली थी. कार सड़क किनारे खड़ी थी, हैंड ब्रेक लगे थे. इस से साफ हो गया कि कार को इत्मीनान से रोका गया था. सड़क पर कार दौड़ाने का कोई सबूत नहीं मिला. कार सड़क के बीच नहीं साइड में खड़ी थी.

आसपास दूसरी कार और बाइक के टायरों के निशान नहीं मिले थे. अगर किसी को अनहोनी का खतरा हो तो वह गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा नहीं करेगा और हैंडब्रेक तो बिल्कुल नहीं लगाएगा. कार को अंदर व बाहर एकसाथ कैमिकल डाल कर जलाया गया था ना कि कार में आग फैली थी.

पुलिस को मौके पर कार से राममेहर का मोबाइल नहीं मिला था, जबकि उस की अंतिम लोकेशन उसी जगह की थी. कंकाल बन चुका शव कार के ड्राइवर के पास वाली सीट पर था. बेटे और भांजे के पास राममेहर का फोन रात सवा 11 बजे आया था, लेकिन उन्होंने पुलिस को सूचना रात 12 बज कर 5 मिनट पर दी गई थी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कोई भी नहीं मिला, बाद में घरवाले जब मौके पर पहुंचे, तो कहा कि वे रास्ता भटक गए थे.

ये भी पढ़ें- वो 6 घंटे : इस रेप कांड से हिल गई थी झारखंड की बुनियाद

आमतौर पर ऐसे मामलों में अवैध संबंध, बीमा क्लेम या अन्य किसी निजी स्वार्थ के लिए षडयंत्र रच कर खुद की मौत साबित करने की कोशिश की जाती है. इन्हीं सब बातों से शक उभरा, तो पुलिस ने गहराई से छानबीन की.

जानें आगे क्या हुआ अगले भाग में…

हाई वोल्टेज ड्रामा : भाग 1

(कहानी सौजन्य-मनोहर कहानियां)

आशीष की सूचना पर पुलिस रात के सन्नाटे में तलाश करते हुए जब भाटलामहजद रोड पर पहुंची, तो दूर से ही कुछ जलता हुआ नजर आया. पास जा कर देखा, सड़क किनारे खड़ी एक इंडिगो कार जल रही थी. कार से हल्की लपटें अभी भी उठ रही थीं.

सड़क पर घुप अंधेरा था. कोई वाहन आजा नहीं रहा था. वैसे भी इस रोड पर रात के समय इक्कादुक्का वाहन ही गुजरते हैं. पुलिस वालों ने मोबाइल की टार्च जला कर देखा. कार में आगे ड्राइवर के पास वाली सीट पर एक आदमी बैठा था. वह भी जल चुका था. लपटें उठने के कारण कार का गेट नहीं खुल रहा था.

ये भी पढ़ें- शराब, बहुपत्नी और हत्या!

कार के आसपास कोई नहीं था. पुलिस वालों ने आवाज लगाई, कोई है? लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. आवाज रात के सन्नाटे में गुम हो गई.

मौके के हालात से लग रहा था कि कार में कोई आदमी जिंदा जल गया है. अनुमान लगाया गया कि कार में करीब एक घंटा पहले आग लगी होगी, क्योंकि जब पुलिस पहुंची, तब तक लपटें कम हो गई थीं लेकिन पूरी तरह बुझी नहीं थी. यह बात 6 अक्टूबर की रात करीब सवा 12 बजे की है.

हरियाणा के हिसार जिले में एक शहर है हांसी. कार हांसी से करीब 17 किलोमीटर दूर भाटलामजहद रोड पर जलती हुई मिली थी. पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही थी कि कार में कौन है और उस के साथ क्या हादसा हुआ है? तभी एक गाड़ी से कुछ लोग वहां आए. उन्होंने गाड़ी से उतर कर कार को देखा. कार में एक आदमी को जिंदा जला हुआ देख वे लोग रोने लगे.

रोतेसुबकते हुए एक युवक ने पुलिस को बताया कि उस का नाम आशीष है. उस ने ही पुलिस को फोन किया था.

आशीष ने आगे बताया कि वह पास के ही डाटा गांव का रहने वाला है. उस के पिता राममेहर जागलान की बरवाला रोड बाइपास पर डिस्पोजल आइटम्स के कच्चे माल की फैक्ट्री है.

पापा सुबह घर से कारोबार के सिलसिले में गए थे. उन के पास करीब 11 लाख रुपए थे. पैसे उन्होंने दिन में बैंक से निकलवाए थे. रात करीब सवा 11 बजे उन का फोन आया. फोन पर घबराई हुई आवाज में उन्होंने कहा कि महजदभाटला के बीच में कुछ गुंडों ने उन्हें घेर लिया है. ये लोग मुझ से पैसे छीन रहे हैं. जल्दी आ जाओ. ये मुझे मार डालेंगे.

आशीष ने बताया कि पापा ने मुझे फोन करने के बाद गगनखेड़ी के रहने वाले मेरी बुआ के लड़के विकास को भी काल कर यही बात कही थी. इस पर हम घर वालों के साथ गाड़ी से पापा को तलाश करने गांव से चल दिए थे. रास्ते में हम ने पुलिस को सूचना दी. राममेहर के भांजे विकास ने पुलिस को बताया कि मामा ने रात को मोबाइल पर काल कर कहा था कि बदमाश 2 मोटर साइकिल और एक गाड़ी में हैं.

लुटेरों का काम था?

आशीष व उस के घरवालों की बातों और मौके के हालात से मोटे तौर पर यह माना गया कि रात के समय राममेहर को कार में अकेले जाते देख कर बदमाशों ने लूटने की कोशिश की होगी. राममेहर ने लुटेरों का विरोध किया होगा. इसलिए उन्होंने राममेहर को कार में ही जिंदा जला दिया.

पुलिस ने आशीष से बदमाशों के बारे में पूछा, लेकिन कुछ पता होता तो वह बताता. पुलिस ने उस से राममेहर की किसी से दुश्मनी के बारे में पूछा, लेकिन आशीष को इस के बारे में भी कुछ पता नहीं था. बहरहाल, पुलिस को बदमाशों के बारे में कुछ पता नहीं चल सका.

ये भी पढ़ें- प्यार में इतना जोखिम क्यों

हैरत की बात यह थी कि भाटलामहजद रोड पर पहले कभी इस तरह की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई थी. आमतौर पर लूटपाट करने वाले मारपीट या हथियार से हमला कर जान लेते हैं, लेकिन जिंदा जलाने की घटना बिलकुल अनोखी थी.

फिर भी पुलिस ने राममेहर के बेटे आशीष और दूसरे लोगों से फौरी तौर पर पूछताछ की, लेकिन पुलिस को ऐसी कोई बात पता नहीं चली, जिस से बदमाशों का सुराग मिल पाता.

आधी रात से ज्यादा का समय हो चुका था. रात के अंधेरे में उस समय ज्यादा कुछ हो भी नहीं सकता था. इसलिए पुलिस ने एक कांस्टेबल को मौके पर छोड़ दिया और राममेहर के घर वालों को सांत्वना दे कर घर भेज दिया.

अगले दिन 7 अक्तूबर की सुबह पुलिस मौके पर पहुंच कर इस मामले की जांचपड़ताल में जुट गई. राममेहर के घर वाले भी वहां आ गए. कार की आग पूरी तरह बुझ चुकी थी. कार में आगे की सीट पर अधजले इंसान का कंकाल पड़ा था.

कंकाल के पास ही हनुमान जी का एक लौकेट मिला. लौकेट देख कर आशीष और दूसरे लोगों ने कहा कि यह राममेहर का है. इस से माना गया कि कार में जिंदा जलाया गया इंसान राममेहर था.

व्यापक छानबीन

वारदात खौफनाक थी, इसलिए एसपी लोकेंद्र सिंह सहित हिसार पुलिस के दूसरे अफसरों ने भी मौकामुआयना किया. सदर थाना पुलिस, एफएसएल, सीआईए, सायबर सेल और भाटला चौकी पुलिस ने अलगअलग एंगलों से जांच शुरू की.

प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अग्रोहा के मेडिकल कालेज भेज दिया. पोस्टमार्टम के बाद शव राममेहर के घरवालों को सौंप दिया गया. उन्होंने उसी दिन गांव में शव की अंत्येष्टि कर दी.

जली हुई कार में पुलिस को राममेहर का मोबाइल नहीं मिला. यह भी पता नहीं चला कि मोबाइल जल गया या बदमाश ले गए. दूसरी भी ऐसी कोई चीज नहीं मिली, जिस से बदमाशों का पता चलता.

ये भी पढ़ें- पराया माल हड़पने के चक्कर में

घर वालों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को पता चला कि राममेहर ने 6 अक्तूबर को हांसी के एक्सिस बैंक से 10 लाख 90 हजार रुपए निकलवाए थे. उस दिन वह शाम करीब 5 बजे फैक्ट्री से व्यापार के सिलसिले में हिसार जाने के लिए निकले थे. उन्होंने शाम को घर फोन कर कहा था कि रात को देर से घर आएंगे.

जानें आगे क्या हुआ अगले भाग में…

दिल्लगी बन गई दिल की लगी

भोजपुरी एक्टर शरद कुमार लेकर आ रहे हैं ये नई फिल्म, पढ़ें खबर

बौलीवुड में कुछ कलाकार ऐसे हैं, जो कि सदैव लीक से हटकर काम करने के प्रयास में लगे रहते हैं. इसी ढर्रे पर चलते हुए मराठी फिल्मों में अपना जलवा दिखाने के बाद अभिनेता शरद कुमार (Sharad Kumar) भोजपुरी फिल्मों में भी धमाल मचा रहे हैं. मूलतः बिहार के रहने वाले शरद कुमार बचपन से ही अभिनय के शौकीन रहे हैं. शरद कुमार (Sharad Kumar) ने रंगमंच पर काफी समय देकर अभिनय की बारीकियां सीखी. मराठी रंगमंच व फिल्मों में अभिनय कर शोहरत बटोरी.

इन दिनों वर्सेल्टाइल एक्टर शरद कुमार (Sharad Kumar) अपनी आने वाली भोजपुरी फिल्मों को लेकर चर्चा में हैं. उनकी दो भोजपुरी फिल्में ‘दामाद जी किराये पर हैं’ और ‘गौना’प्रदर्शन के लिए तैयार हैं. दामाद जी किराये पर हैं’ का फस्ट लुक जब पिछले दिनों जारी हुआ, तभी से शरद कुमार (Sharad Kumar) को हरतरफ से बधाई मिल रही हैं.

ये भी पढ़ें- भोजपुरी स्टार पवन सिंह का रिलीज हुआ नया सुपरहिट गाना, मिला धमाकेदार रिस्पॉन्स

पारिवारिक और मनोरंजन से भरपूर इन दोनों फिल्मों का निर्माण ‘कनक फिल्म्स’ के बैनर तले हुआ है और दोनों के निर्देशक अजय श्रीवास्तव हैं. ग्रामीण परिवेश को प्रामाणिकता से पेश करतीं इन दोनों फिल्मों में शरद कुमार की भूमिका लॉजबाव है.

बचपन से अभिनय के प्रति ललक रखने वाले शरद कुमार कहते हैं-‘‘हमने रंगमंच का नेपथ्य भी देखा है और  थियेटर भी बतौर कलाकार किया है. अभिनय मेरा पहला प्यार है,जो मेरे रग रग में बसा हुआ है. मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि अजय श्रीवास्तव के निर्देशन में मेरे अभिनय का जादू दशकों के सिर पर चढ़कर बोलेगा.’’

ये भी पढ़ें- ब्लैक बिकिनी पहन स्वीमिंग पूल किनारे कहर बरसाती नजर आई मोनालिसा, इंस्टाग्राम पर शेयर की फोटोज

इन दिनों भोजपुरी में अपराध, हिंसा और राजनीतिक पूर्वग्रहों से भरी फिल्मों का बोलबाला है. पर वह इस तरह की फिल्में पसंद नहीं करते हैं. वह कहते हैं-‘‘कलाकार के तौर पर पूछे तो मुझे हर तरीके की भूमिका पसंद हैं. मगर एक दर्शक को जो पसंद आए, वही मुझे पसंद है.मैं इन दो फिल्मों के अलावा तीन अन्य भोजपुरी फिल्मे कर रहा हूूं. यह फिल्में मलय पर्वत से चलने वाली हवा की मानिंद सुगंध और ताजगी से भरी होगी. जो दर्शकों को खूब पसंद आएंगी. इसमे एक फिल्म ‘शिकारी’ का निर्माण अनिता सिने इंटरटेनमेंट के बैनर तले हो रही है, जिसके निर्देशक हैं मनोज एस तोमर. यह एक थ्रिलर फिल्म होगी.’’

Bigg Boss 14 के घर से हुआ निशांत मल्कानी का सफर खत्म, फैंस ने साधा जान कुमार सानू पर निशाना

टेलीविजन इंडस्ट्री के पौपुलर रिएलिटी शो बिग बॉस सीजन 14 (Bigg Boss 14) में इन दिनों जहां एक तरफ सभी कंटेस्टेंट्स शो में अपनी जगह बनाने की दौड़ में लगे हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ एक एक करके कुछ कंटेस्टेंट्स घर से बेघर भी होते जा रहे हैं. हाल ही में बिग बॉस ने सभी घरवालों को एक टास्क दिया जिसमें सभी को उस कंटेस्टेंट का नाम बताना था जो कि बिग बॉस के घर में रहने लायक नहीं है.

ये भी पढ़ें- बोल्ड फोटोशूट शेयर कर चर्चा में आईं कश्मीरा शाह, फोटोज देख फैंस के उड़े होश

ऐसे में ग्रीन जोन में रह रहे 8 कंटेस्टेंट्स में से 7 कंटेस्टेंट्स ने निशांत सिंह मल्कानी (Nishant Singh Malkani) का नाम लिया जिस वजह से निशांत घर से बेघर हो गए. वहीं दूसरी तरफ एक और कंटेस्टेंट फैंस के वोट्स की कमी के चलते घर से बेघर हो गईं और उनका नाम है कविता कौशिक (Kavita Kaushik). सभी कंटेस्टेंट्स ने जब निशांत सिंह मल्कानी को गुडबाय बोला तो निशांत के दोस्त जान कुमार सानू (Jaan Kumar Sanu) काफी रोने लगे.

फैंस को जान कुमार सानू (Jaan Kumar Sanu) का रोना कुछ और नहीं बल्कि एक्टिंग लगा. फैंस का कहना है कि अगर जान कुमार सानू (Jaan Kumar Sanu) निशांत को घर से बेघर नहीं करना चाहते थे तो फिर उन्होनें निशांत का नाम क्यूं लिया. निशांत सिंह मल्कानी (Nishant Singh Malkani) के जाने के बाद भी जान कुमार सानू (Jaan Kumar Sanu) लगातार रोते नजर आए जिसे देख फैंस ने जान कुमार सानू को सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 के घर में खिले प्यार के फूल, शहनाज गिल ने आगे बढ़ाई लव स्टोरी

फैंस ने यहां तक की जान कुमार सानू (Jaan Kumar Sanu) के आंसुओं को मगरमच्छ के आंसू भी बोला. फैंस का कहना है कि जान कुमार सानू को अब तक बिग बॉस (Bigg Boss) की गेम समझ नहीं आ रही है. आइए दिखाते हैं आपको कुछ ट्वीट्स जिसमे फैंस ने कंटेस्टेंट जान कुमार सानू को फेक बताया है –

ये भी पढ़ें- मीका सिंह और शेफाली जरीवाला ने इस गाने में दिखाई अपनी कैमिस्ट्री, फैंस को नहीं आया पसंद

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 में होने वाली है जैस्मीन के खास दोस्त की एंट्री, पहले ही हो सकती हैं एलिमिनेट

बोल्ड फोटोशूट शेयर कर चर्चा में आईं कश्मीरा शाह, फोटोज देख फैंस के उड़े होश

टेलीविजन इंडस्ट्री के जाने माने एक्टर और कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक (Krushna Abhishek) की पत्नी कश्मीरा शाह (Kashmera Shah) इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं. आपको बता दें कि कश्मीरा शाह खुद भी अपने आप में एक एक्ट्रेस हैं जो कई फिल्मों और सीरियल्स में अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीत चुकी हैं. आपको बता दें कि कश्मीरा शाह (Kashmera Shah) ने बिग बॉस सीजन 13 (Bigg Boss 13) में भी अपनी ननद आरती सिंह की कनेक्शन बन कर एंट्री ली थी.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 के घर में खिले प्यार के फूल, शहनाज गिल ने आगे बढ़ाई लव स्टोरी

इन दिनों कश्मीरा शाह (Kashmera Shah) अपने नए बोल्ड फोटोशूट के चलते चर्चा में आ गई हैं. हाल ही में एक्ट्रेस कश्मीरा शाह (Kashmera Shah) ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट (Official Instagram Account) पर अपना एक फोटोशूट फैंस के साथ शेयर किया है जिसे देख उनके फैंस के होश उड़ गए हैं. जैसा कि हम सब जानते हैं कि कश्मीरा शाह (Kashmera Shah) की पर्सनैलिटी काफी दमदार है और उनकी पर्सनैलिटी से उनका कॉन्फीडेंस अलग ही दिखाई देता है.

ये भी पढ़ें- मीका सिंह और शेफाली जरीवाला ने इस गाने में दिखाई अपनी कैमिस्ट्री, फैंस को नहीं आया पसंद

ऐसे में अगर हम बार करें उनके लेटेस्ट फोटोशूट की तो इन फोटोज में भी कश्मीरा शाह (Kashmera Shah) बेहद ही बोल्ड अंदाज में नजर आ रही हैं और साथ ही उनकी कॉन्फीडेंस इन फोटोज में चार चांद लगा रहा है. इन फोटोज में एक्ट्रेस कश्मीरा शाह (Kashmera Shah) एक होटल की खिड़की के पास बड़े ही खूबसूरती से पोज देती नजर आ रही हैं.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 में होने वाली है जैस्मीन के खास दोस्त की एंट्री, पहले ही हो सकती हैं एलिमिनेट

एक्ट्रेस कश्मीरा शाह (Kashmera Shah) की इन फोटोज पर उनके फैंस उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं और लगातार लाइक्स और कमेंट्स की बरसात कर रहे हैं.

शराब, बहुपत्नी और हत्या!

छत्तीसगढ़ अपने वनांचल  एवं आदिवासी बाहुल्य होने के कारण दुनिया में पिछड़ेपन का एक नजीर माना जाता है. यहां अंधविश्वास, पिछड़ापन लिए हुए परंपराएं शराब के कारण होती हत्याएं कुछ ऐसी बातें हैं जो छत्तीसगढ़ को एक ऐसी छवि के रूप में प्रस्तुत करती है मानो यह विकास के, आधुनिकता के बहुत पीछे पीछे चल रहा है. कुछ मायने में यह सच भी है, यहां के अनेक जिले ऐसे हैं जो आदिवासी बाहुल्य हैं यहां जंगल हैं और लोग बेहद  गरीबी में जी रहे हैं. शिक्षा से कोसों दूर, विकास से कोसों दूर. ऐसे में सरकार कि जो जिम्मेदारी बनती है उससे वह कोसों दूर है. यहां घर-घर शराब बनती है और लोग शराब पीकर अपनी जिंदगी बर्बाद करते दिखाई देते हैं यही कारण है कि यहां अपराध बढ़ते चले जा रहे हैं और सरकार इसे रोक पाने में नाकाम सिद्ध हुई है.

ये भी पढ़ें- प्यार में इतना जोखिम क्यों

हाल ही में छत्तीसगढ़ के जशपुर में बहुपत्नी  के फेर में फंसे एक शख्स ने शराब के नशे में छोटी सी बात पर अपनी एक पत्नी की हत्या कर दी और बचाव के लिए उसे फांसी पर लटका दिया. अपने आप को चतुर समझने वाले इस शख्स के गिरेबान पर अंततः कानून की पकड़ यह एहसास कराती है कि कानून से बड़ा कोई नहीं और कोई कितनी ही चालाकी कर ले अपराध करके  बच नहीं सकता.

जशपुर जिले के थाना बगीचा में दिनांक 26 अगस्त 2020 को प्रार्थी कपिल राम निवासी हेठ गम्हरिया के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसकी पत्नी  ने 25-26 अगस्त के रात्रि  फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. पुलिस ने इस शिकायत पर जिस पर से मर्ग इंटिमेशन कायम कर जांच में लिया गया. मगर आगे चलकर डॉ के द्वारा पीएम रिपोर्ट में मृतिका विमला बाई का मृत्यु होमीसायडल ओर नाक मुंह को दबाकर हत्या करना लेख किया तो पुलिस ने जांच को गति दी  गवाहों का कथन लिया गया जिसमें मृतिका विमला कपिल की दूसरी पत्नी थी दोनों शराब पीकर आए दिन लड़ाई झगडा करते रहते थे. कपिल अपनी दूसरी पत्नी के चरित्र पर शंका करता था.

साड़ी मुंह में दाब, कर दी हत्या

घटना के दिन दोनों शराब पीकर लड़ाई झगड़ा करते रहे थे. बाद में  नाराज होकर विमला बिना बताए अपने बेटे दिलीप के यहां जा रही थी जिसको इसका लड़का विजय रात में अपने सौतेला बाप के घर छोड़ के आया जहां पर घर के अंदर कमरा में विमला सोने गई व वही कमरा से सटे दरवाजा के पास कपिल सोया  था, रात में नशा उतरने से बिना बताए  विमला के कहीं चले जाने के बात पर वाद विवाद कर चरित्र पर शंका करने लगा और साड़ी से पत्नी के मुंह को दबाकर उसी साड़ी से म्यार में गला में बांधकर टांग दिया व पुलिस को चकमा देने के लिए आत्महत्या का स्वरूप देने का प्रयास किया. मगर कहते हैं ना कि अपराधी लाख चतुराई करें कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता. यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ जांच पड़ताल में अंततः पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा और  अपराध क्रमांक 179/20 धारा 302, 201आईपीसी कायम कर अपराध सबूत पाए जाने से  गिरफ्तार कर जेल के सीखचों में डाल दिया.

ये भी पढ़ें- पराया माल हड़पने के चक्कर में

शराब है अपराध की जड़…

छत्तीसगढ़ में गरीबी और अशिक्षा का कारण शराब एक महत्वपूर्ण कड़ी है. सरकार की आदिवासियों को शराब पीने की छूट उन्हें अपराध के अंधेरे गर्त में ढकेल रही है. ऐसे अनेक अनेक उदाहरण आए दिन घटित होते रहते हैं और सुर्ख़ियों में रहते हैं. इसका मूल कारण शराब होता है जिसके सेवन करने के बाद नशे के अतिरेक में हत्या जैसे अपराध घटित हो जाते हैं. सामाजिक कार्यकर्ता शिव दास महंत कहते हैं कि छत्तीसगढ़ को अगर अपराध मुक्त और विकास मुखी बनाना है तो सरकार को यहां शराबबंदी करनी चाहिए.

अधिवक्ता डॉ उत्पल अग्रवाल के अनुसार अधिकांश हत्याओ के परि पार्श्व में शराब मूल कारण होता है अतः लोगों में यह जागरूकता आनी चाहिए कि शराब हमारे पतन का  कारण है इसका सेवन हम ना करें.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें