भोजपुरी एक्ट्रेस Rani Chatterjee ने लगाई स्विमिंग पूल में डुबकी, वायरल हुआ गाने का Video

भोजपुरी सिनेमा की फेमस एक्ट्रेस रानी चटर्जी अपने एक्टिंग और गानों के कारण सुर्खियों में छायी रहती है. फैंस को भी एक्ट्रेस के गानों और फिल्मों का इंतजार रहता है.

अब हाल ही में मेकर्स ने रानी चटर्जी का नया गाना ‘सरक जाता साड़ी राजा जी’  यूट्यूब पर रिलीज किया  है. इस गाने को फैंस खूब पसंद कर रहे हैं.

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इस गाने में एक्ट्रेस बोल्ड लुक में नजर आ रही हैं. आप वीडियो में देख सकते हैं कि रानी चटर्जी ब्लैक मोनोकिनी में स्विमिंग पूल में डुबकी लगाती नजर आ रही हैं.

 

इस गाने में रानी चटर्जी के साथ फेमस सिंगर और एक्टर गुंजन सिंह भी दिखाई दे रहे हैं. दरअसल इस गाने को गुंजन सिंह ने गया है. गाने के प्यार भरे बोल बी. के. बिहारी ने लिखे हैं  और म्यूजिक आर्या शर्मा ने दिया है. यूट्यूब पर अब तक इस गाने को 133,991 व्यूज मिल चुके हैं.

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वर्कफ्रंट की बात करें तो रानी चटर्जी जल्द ही ‘लेडी सिंघम’, ‘बाबुल की गलियां’, ‘छोटकी ठकुरैन’, ‘कसम दुर्गा की’ जैसी कई फिल्मों में दिखाई देंगी.

GHKKPM: सई से पति होने का हक मांगेगा विराट, आएगा ये धमाकेदार ट्विस्ट

स्टार प्लस का सीरियल ‘गुम है किसी के प्यार में’  की कहानी एक दिलचस्प मोड़ ले रही है. शो के बिते एपिसोड में दिखाया गया कि विराट सई से अपने प्यार का इजहार करना चाहता है तो वहीं सई विराट से दूरी बना रही है, शो के अपकमिंग एपिसोड में खूब धमाल होने वाला है. आइए जानते हैं, शो के अगले एपिसोड के बारे में.

शो के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि सई, विराट का दिया हुआ तोहफा भवानी को ले जाकर दे देगी. तो वहीं भवानी विराट को यह बात बता देगी.

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विराट ये बात सुनकर हैरान हो जाएगा. विराट भवानी से पेंडेंट वापस ले लेगा. और फिर विराट सई के पास जाएगा. तो इसी बीच विराट देखेगा कि सई किसी से फोन पर बात कर रही है. सई की बातें सुनकर विराट को जलन होने लग जाएगी. तो ऐसे में विराट, सई से पति के हक की बात करेगा.

 

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शो के पिछले एपिसोड में आपने देखा कि सई पाखी को मनाने की कोशिश करती है. इसी बीच विराट वापस आ जाता है. विराट को देखकर  देखकर सई खुश हो जाती है. विराट और सई की नजदीकियों को देखकर पाखी जल-भून जाती है.

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विराट  कहता है कि सई उसके लिए बहुत खास है. ऐसे में वो अपनी पत्नी को तोहफा देना चाहता है. तो वहीं इस बात को सुनकर पाखी (Aishwarya Sharma) का दिल टूट जाता है. शो के अपकमिंग एपिसोड में ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या सई विराट को पति होने का हक देगी?

गोरी मैम का हॉट अवतार देखकर, ‘तिवारी जी’ ने किया ये कमेंट

‘भाबीजी घर पर हैं’ (Bhabiji Ghar Par Hain) फेम सौम्या टंडन यानी गोरी मैम इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. वह अपनी खूबसूरत तस्वीरें फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं. अब उन्होंने अपनी ऐसी तस्वीर शेयर की है, जिससे फैंस उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं.

इतना ही नहीं फैंस के अलावा मनमोहन तिवारी के दिल में भी हलचल मच गया है. जी हां, फैन्स के साथ-साथ मनमोहन तिवारी यानी रोहिताश्व गौड़ (Rohitashv Gour) ने भी इन तस्वीरों पर कॉमेंट किया है.

 

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मनमोहन तिवारी ने गोरी मैम के इस पोस्ट पर लिखा है, ‘बहुत खूबसूरत’. तो वहीं तिवारी जी के इस कमेंट को देखकर यूजर्स ने ‘तिवारी जी’ की खिंचाई करनी

एक यूजर ने लिखा, ‘लगता है तिवारी जी आज भी पुरानी अनीता भाभी को ही चाहते हैं. तो वहीं दूसरे यूजर ने  लिखा कि  ‘अरे तिवारी जी, विभूति जी पकड़के के मारेंगे आपको. भाभी जी को छेड़ रहे हैं.

 

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सौम्या टंडन  ने ‘भाबीजी घर पर हैं’ काफी पहले छोड़ दिया हो, लेकिन फैन्स अभी भी उन्हें मिस करते हैं. अब नेहा पेंडसे अनीता भाभी यानी गोरी मैम  का किरदार निभा रही हैं.

 

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हाल ही में सौम्या टंडन विवादों में फंस गई थीं. दरअसल उन पर फर्जी आईडी बनवाकर वैक्सीन लगवाने का आरोप लगा. हालांकि सौम्या टंडन ने इस खबर को झूछा करार दिया और कहा था कि लोग इस तरह की फर्जी रिपोर्ट्स और दावों पर विश्वास न करें.

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डेल्टा प्लस पर यूपी के विशेषज्ञ डॉक्टरों रहे तैयार : सीएम योगी

लखनऊ . सुनियोजित नीति से कोरोना की पहली और दूसरी लहर पर लगाम लगाने वाले सीएम योगी आदित्यनाथ ने नई चुनौतियों का सामना करने के लिए यूपी में व्‍यवस्‍थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. दूसरे कई राज्यों में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ‘डेल्टा प्लस’ से संक्रमित मरीजों की पुष्टि होने से सीएम ने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर काम करने के निर्देश दिए हैं. जिसके तहत अब प्रदेश में कोविड के डेल्टा प्लस वैरिएंट की गहन पड़ताल के लिए अधिकाधिक सैम्पल की जीनोम सिक्वेंसिंग की जाएगी. प्रदेश में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा के लिए केजीएमयू और बीएचयू में सभी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के निर्देश सीएम ने आला अधिकारियों को दिए हैं. बता दें कि साल 2021 की शुरुवात में ही सरकार ने कोरोना संक्रमण के नए स्‍ट्रेन को ध्यान में रखते हुए लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय (केजीएमयू) में जीन सीक्‍वेंसिंग की जांच को शुरू करने का फैसला लिया था. वायरस के नए स्‍ट्रेन की पहचान समय से करने के लिए जीन सीक्‍वेंसिंग की जांच केजीएमयू में जनवरी में ही शुरू कर दी गई थी.

प्रदेश में आने वाले सभी यात्रियों के आरटीपीसीआर टेस्ट के सैंपल से जीन सिक्वेंसिंग कराई जाएगी. रेलवे, बस , वायु मार्ग से प्रदेश में आ रहे लोगों के सैम्पल लेकर जीन सिक्वेंसिंग टेस्ट किया जाएगा. इसके साथ ही प्रदेश के जिलों से भी कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ‘डेल्टा प्लस’ के सैंपल लिए जाएंगे. रिपोर्ट के परिणाम स्वरूप डेल्टा प्लस प्रभावी क्षेत्रों की मैपिंग कराई जाने के आदेश सीएम ने दिए हैं.

डेल्टा प्लस पर विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तैयार की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में विशेष सतर्कता बरतते हुए समय रहते ही सरकार ने ठोस रणनीति बना ली है. विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का वैरिएंट पहले की अपेक्षा कहीं अधिक खतरनाक है. राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति ने इससे बचाव के लिए विस्तृत अनुशंसा रिपोर्ट तैयार की है. राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति की रिपोर्ट के अनुसार दूसरे आयु वर्ग के लोगों की अपेक्षा इस नए वैरिएंट का दुष्प्रभाव बच्चों पर कहीं अधिक हो सकता है. सीएम ने विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार बिना देर किए सभी जरूरी कदम उठाए जाने के आदेश अधिकारियों को दिए हैं. राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति के सदस्यों व अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों के जरिए जनजागरूकता का कार्य भी किया जाएगा.

बीएचयू और केजीएमयू ने संभाली कमान

किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय केजीएमयू के साथ ही बनारस के बीएचयू में जीन सीक्‍वेंसिंग की जांच शुरू की गई है. यूपी में अभी तक जीन सीक्‍वेंसिंग जांच के लिए सैंपल को पुणे भेजा जाता था पर अब प्रदेश में जांच शुरू होने से प्रदेश के बाहर स्थ्ति दूसरे संस्‍थानों में सैंपल नहीं भेजने पड़ेंगे. बता दें कि यूपी की पहली कोरोना टेस्‍ट लैब भी केजीएमयू में शुरू हुई थी.

जीन सीक्‍वेंसिंग अनिवार्य, दो हफ्तों में आएगी रिपोर्ट

अभी तक यूपी में आने वाले यात्रियों की  एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच कोरोना वायरस की पुष्टि के लिए कराई जा रही थी पर अब प्रदेश के सभी यात्रियों के आरटीपीसीआर सैंपल से जीनोम सिक्वेंसिंग कर ‘डेल्टा+’ की जांच को अनिवार्य कर दिया गया है. पॉजिटिव मरीज में कौन सा स्‍ट्रेन मौजूद है इसकी जांच के लिए जीन सीक्‍वेंसिंग की जांच को अनिवार्य किया गया है. ‘डेल्टा प्लस’ की रिपोर्ट दो हफ्तों में आती है.

11 देशों में पाए गए 197 केस, भारत में आठ

जून 16 तक दुनिया के 11 देशों में 197 केस सामने आए जिसमें ब्रिटेन, भारत, कनाडा, जापान,नेपाल, पोलैंड,तौरकी यूएस समेत अन्य देश शामिल हैं. जिसमें भारत में आठ केस की पुष्टि की गई है.

माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्‍यक्ष डॉ अमिता जैन ने बताया कि प्रदेश में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के निर्देशानुसार लैब को एडवांस बनाते के लिए पहले से उपलब्‍ध संसाधनों के जरिए नई जांच को सबसे पहले केजीएमयू में शुरू किया गया था. संस्‍थान की जीन सीक्‍वेंसर मशीन से इस जांच से सिर्फ वायरस के स्‍ट्रेन की पड़ताल की जाएगी. इसके लिए लैब में कोरोना पॉजिटिव आए मरीजों के रैंडम सैंपल लिए जाएंगे.

कोरोना काल में भुलाए जा रहे रिश्ते

लेखक- वीरेंद्र कुमार खत्री

कोरोना की दूसरी लहर इतनी ज्यादा खतरनाक साबित हुई कि इनसान तो मरे ही, साथ ही नजदीकी रिश्ते भी मरते दिखे. बिहार में कई ऐसी मौतें हुईं, जिन में मृतक के परिवार के लोगों ने अंतिम संस्कार करने की पहल नहीं की.

पटना समपतचक कछुआरा पंचायत की एक घटना है. कोरोना की भेंट चढ़े पिता की लाश के पास मां को छोड़ कर बेटा और बहू फरार हो गए. मुखिया प्रतिनिधि को इस की जानकारी हुई, तो उन्होंने एंबुलैंस बुलाई और लाश को अंतिम संस्कार के लिए भेजा.

नालंदा स्थानीय बाजार के थाना मोड़ के पास चलतेचलते एक बुजुर्ग की मौत हो गई. बुजुर्ग की बेटी साथ में थी, पर वह वहां से भाग गई. लोगों ने इस की सूचना पुलिस को दी.

इसी तरह औरंगाबाद में पतिपत्नी की कोरोना ने जान ले ली. उन के बेटे व परिजनों ने लाश को हाथ लगाने से भी इनकार कर दिया. इस की जानकारी रैडक्रौस के चेयरमैन को मिली, तो उन्होंने अपने निजी खर्च से एंबुलैंस और  2 लोगों को तैयार कर लाश को श्मशान घाट भिजवाया व दाह संस्कार कराया.

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फुलवारीशरीफ थाना के जानीपुर नगवां डेर के रहने वाले 20 साल के एक नौजवान की मौत हो गई. मौत के बाद घर के एक कमरे में 12 घंटे तक उस की लाश पड़ी रही. कोरोना की आशंका को ले कर किसी ने अंतिम संस्कार करने की पहल नहीं की.

स्थानीय विधायक को सूचना दी गई, तो उन्होंने मृतक के घर पहुंच कर हालात की जानकारी ली. उन्होंने जिला प्रशासन को सूचना दे कर एंबुलैंस मंगा कर लाश को अंतिम संस्कार के लिए भेजा.

औरंगाबाद के मदनपुर पानी टंकी निवासी एक आदमी की कोरोना से मौत के बाद परिजनों ने लाश लेने से इनकार कर दिया. पुलिस प्रशासन ने उस का अंतिम संस्कार कराया.

इस तरह के दर्जनों मामले कोरोना काल की दूसरी लहर में सामने आए जब अपने अपनों से ही कन्नी काटने लगे, जबकि हमारे यहां शुरू से गांवों में देखा गया है कि जीनामरना, शादीब्याह, हारीबीमारी समेत दूसरे कामों में लोग एकदूसरे के साथ खड़े रहते थे.

सामाजिक सरोकार ही भारत की मुख्य ताकत रही है. पर कोरोना ने रिश्तों के बीच ऐसी खाई पैदा कर दी है कि किसी की मौत के बाद कोई सगासंबंधी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होना चाह रहा है. यहां तक कि कोरोना के सामने खून के रिश्ते छोटे पड़ते जा रहे हैं.

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लाशों को सड़कों, अस्पताल और श्मशान घाटों में छोड़ कर बिना अंतिम क्रिया के ही जा रहे हैं. ऐसे में पुलिस के पास सूचना पहुंच रही है, तो वह अंतिम संस्कार करवा रही है.

भारत में रिश्तों की सब से ज्यादा अहमियत मानी जाती है. पटना सीआईडी विभाग के इंस्पैक्टर अरुण कुमार, हसपुरा के समाजसेवी कौशल शर्मा, राज कुमार खत्री, हैडमास्टर कुलदीप चौधरी, दंत चिकित्सक डाक्टर विपिन कुमार का मानना है कि रिश्ते को सम झने और निभाने में भारत के लोगों का जवाब नहीं है, पर कोरोना काल में परिवार के रिश्तों के धागे कमजोर होते दिख रहे हैं.

पेश की गई मिसाल

बिहार के गया जिले के रानीगंज के तेतरिया गांव में एक 58 साल की औरत की मौत लंबी बीमारी के चलते उस के घर पर ही हो गई थी. मौत की खबर से गांव में सन्नाटा पसर गया. लोगों ने अपनेअपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए. कोई उस की अर्थी को कंधा देने को तैयार नहीं था.

ऐसे हालात में रानीगंज के मुसलिम नौजवानों ने अर्थी तैयार करते हुए  हिंदू रीतिरिवाज से उस औरत का दाह संस्कार कर आपसी भाईचारे की मिशाल पेश की.

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MK- पूर्व सांसद पप्पू यादव: मददगार को गुनहगार बनाने पर तुली सरकार- भाग 1

सौजन्य- मनोहर कहानियां 

कोरोना काल में पप्पू यादव ने लोगों की मदद कर जान भी बचाई. बढ़ती महामारी कोरोना के बीच जिस समय देश में तमाम एंबुलेंस चालकरूपी गिद्ध पीडि़तों से मुंहमांगी

रकम वसूल रहे थे, सरकार भी जरूरतमंदों को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल थी, जिस की वजह से सैकड़ों मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. उसी दौरान पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने 7 मई को सारण जिले के अमनौर कस्बे के विश्वप्रभा सामुदायिक केंद्र परिसर में स्थित एक प्रशिक्षण केंद्र पर औचक छापा मार कर तहलका मचा दिया.

वहां नारंगी रंग के तिरपाल के अंदर दरजनों एंबुलेंस खड़ी मिलीं. यह सारण के भाजपा के वरिष्ठ सांसद राजीव प्रताप रूड़ी का गांव है.

ये सभी एबुंलेंस सांसद राजीव प्रताप रूड़ी की देखरेख में वहां खड़ी थीं. पप्पू यादव ने सभी एंबुलेंस का वीडियो बनाया और अपने ट्वीट पर इसे पोस्ट करते हुए जोरदार सवाल उठाया कि सांसद निधि से खरीदी गई इतनी सारी एंबुलेंस यहां क्यों खड़ी हैं, इस की आधिकारिक जांच होनी चाहिए.

देखते ही देखते पप्पू यादव का यह ट्वीट बिहार सहित पूरे भारत में वायरल हो गया. देश के सभी बड़े टीवी चैनलों पर यह खबर प्रमुखता से चलने लगी. टीवी पर इसे ले कर डिबेट होने लगी. जिस ने भी यह खबर देखी, उस ने कोरोना महामारी की नाजुक घड़ी में राजीव प्रताप रूड़ी द्वारा इतने सारे एंबुलेंस को बेवजह खड़ी रखने के फैसले की निंदा की. इस के साथ ही बिहार में चल रही नीतीश कुमार की सरकार भी लोगों के निशाने पर आ गई.

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इस के बाद बिहार की जनता नीतीश सरकार की नाकामियों पर तरहतरह के तीखे सवाल खड़े करने लगी. अभी कोरोना काल चल रहा था और सरकार लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा देने में पूरी तरह असफल साबित हो रही थी. पटना समेत पूरे बिहार में एंबुलेंस औपरेटर कोरोना मरीज के परिवार वालों से मनमाफिक किराया वसूल रहे थे.

ऐसे मुश्किल समय में बिहार की मौजूदा सरकार द्वारा सारण में खड़ी धूल फांक रही इन एंबुलेंसों का उपयोग कर हजारों मरीजों को समय रहते अस्पताल पहुंचा कर उन की जान बचा सकती थी. यह सभी एंबुलेंस कुछ साल पहले बीजेपी के वरिष्ठ सांसद राजीव प्रताप रूड़ी द्वारा जनता की सेवा के लिए सांसद निधि से खरीदी गई थीं.

लेकिन कोरोना महामारी में लाचार लोगों को मरते हुए देखने के बावजूद बीजेपी के वरिष्ठ सांसद राजीव रूड़ी का खामोश रहना बिहार की जनता के प्रति उन के घोर नकारात्मक रवैए को दिखा रहा था.

एंबुलेंस के अभाव के कारण परिजनों द्वारा मरीजों को ठेलों पर लाद कर अस्पताल तक पहुंचाते देखा जा सकता था. ऐसी विकट परिस्थिति में अगर ये एंबुलेंस मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के काम आ जातीं तो सैकड़ों गरीब असहाय लोगों की जानें बचाई जा सकती थीं.

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वीडियो हुआ वायरल

पप्पू यादव द्वारा इस वीडियो को वायरल किए जाने के बाद सांसद राजीव प्रताप रूड़ी की तरफ से एक बेहद बचकाना सा बयान आया कि सभी एंबुलेंस ड्राइवरों के अभाव में यहां खड़ी हैं. जिस ने भी राजीव प्रताप रूड़ी का यह बयान सुना, सब ने इसे एक गैरजिम्मेदाराना बयान समझा.

बहरहाल, उन के इस बयान को सुन कर पप्पू यादव खामोश नहीं बैठे. उन्होंने जोरशोर से एंबुलेंस चालकों की तलाश शुरू की तो देखते ही देखते उन्होंने 40 कुशल चालकों की फौज खड़ी कर दी और राजीव प्रताप रूड़ी सहित नीतीश कुमार को इन्हें अपनी सेवा में लेने के लिए कहा. लेकिन सरकार ने इस मामले में एकदम चुप्पी साध ली.

बिहार सरकार का लोगों के प्रति ऐसा ढुलमुल रवैया देखने के बाद पप्पू यादव ने एक और ट्वीट करते हुए तंज कसा कि राजीव प्रताप रूड़ी इन एबुंलैंसों द्वारा नदी से बालू ढो रहे हैं. बालू ढोने के लिए उन के पास चालक हैं, लेकिन बीमारों की मदद करने के लिए उन के पास चालक नहीं हैं. प्रमाण के तौर पर उन्होंने नदी से बालू ढो रहे एंबुलेंस की फोटो भी पोस्ट की.

इस के बाद दोनों नेताओं के बीच एक तीखी बयानबाजी शुरू हुई. इस पर अमनौर थाने में पप्पू यादव के खिलाफ कोविड नियम भंग करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया. पप्पू यादव ने सांसद राजीव प्रताप रूड़ी के पीए द्वारा फोन पर गालीगलौज करने का भी आरोप लगाया.

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पप्पू यादव को भेजा जेल

पप्पू यादव द्वारा बिहार की सुशासन की कुव्यवस्था उजागर किए जाने के बाद नीतीश सरकार तिलमिला कर रह गई. सरकार के शीर्ष नेताओं ने सोचा कि अगर पप्पू यादव बिहार की जनता को इसी तरह एक के बाद एक सरकार की नाकामियां गिनाते रहे तो उन का सरकार चलाना मुश्किल हो जाएगा. इसलिए पप्पू यादव को किसी तरह गिरफ्तार करने की योजना तैयार की गई.

अत: 10 मई, 2021 को पटना के 5 थानों की पुलिस ने लौकडाउन का उल्लंघन करने, बगैर पुलिस अनुमति के बाहर घूमने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में पप्पू यादव को बुद्धा कालोनी स्थित उन के आवास से गिरफ्तार कर लिया गया. उन्हें गिरफ्तार कर पहले पटना के गांधी मैदान थाने लाया गया. फिर 32 साल पुराने अपहरण के एक पुराने मामले की जांच के लिए मधेपुरा पुलिस को सौंप दिया गया.

अगले भाग में पढ़ें-जेल में ही हो गया था इश्क

Manohar Kahaniya- पाक का नया पैंतरा: भाग 3

सौजन्य- मनोहर कहानियां

गिरफ्तार तसकरों से मिली सूचनाओं पर एनसीबी ने पंजाब में औपरेशन इकाई को सतर्क कर दिया. तसकरों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एनसीबी ओर बीएसएफ सहित विभिन्न खुफिया एजेंसियों ने पंजाब में तसकरों की घेराबंदी शुरू कर दी.

पंजाब में तसकरों की हुई तलाश

एनसीबी ने 7 जून को फिरोजपुर जिले में किचले गांव में काला सिंह के घर पर छापा मारा. घर पर उस के पिता जोगेंद्र सिंह मिले. उन से पूछताछ की गई, लेकिन कोई खास जानकारी नहीं मिली. 4 दिन की कड़ी पूछताछ के बाद एनसीबी के डीडीजी ज्ञानेश्वर सिंह के नेतृत्व में एक दल बीकानेर में गिरफ्तार किए दोनों तसकरों रूपा और हरमेश को ले कर 8 जून को पंजाब गया.

बीएसएफ का दल भी एनसीबी अधिकारियों के साथ पंजाब गया. दोनों एजेंसियों ने गिरफ्तार दोनों तसकरों की निशानदेही पर कई तरह की जांचपड़ताल की. दोनों के आपराधिक रिकौर्ड खंगाले गए. काला सिंह और बौस के बारे में भी जानकारी जुटाई गई. कई संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की गई.

पंजाब से लौट कर एनसीबी ने बीकानेर की खाजूवाला कोर्ट में हेरोइन के सैंपल पेश किए. एनसीबी के जौइंट डायरेक्टर उगमदान सिंह दोनों गिरफ्तार तसकरों और बरामद हेरोइन के सैंपल ले कर अदालत पहुंचे. इस दौरान बीएसएफ का दल भी उन के साथ था.

तसकरों की काल डिटेल्स के आधार पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 12 जून को राजस्थान में सीमाई इलाकों में रहने वाले 3 युवकों को भी हेरोइन तसकरी के मामले में गिरफ्तार किया. इन युवकों ने पंजाब के तसकरों की मदद की थी.

तसकरों ने रावला स्थित 10 केएनडी के रहने वाले सुखप्रीत के सिमकार्ड का उपयोग बात करने में किया था. कड़ी पूछताछ के बाद सुखप्रीत और उस की निशानदेही पर उस के 2 साथियों को पकड़ा गया.

दूसरी ओर, एनसीबी ने पहले गिरफ्तार 2 तसकरों रूपा और हरमेश का 7 दिन का रिमांड पूरा होने पर 12 जून, 2021 को अदालत में पेश किया. अदालत ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया. इन दोनों से की गई पूछताछ और पंजाब में जा कर की गई पड़ताल में यह बात सामने आई कि पंजाब की जेल में बंद कुख्यात तसकर बलदेव और जोगेंद्र उर्फ समीर जेल से ही तसकरी का नेटवर्क औपरेट कर रहे हैं.

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बीकानेर सीमा पर हेरोइन तसकरी की वारदात में शामिल रहे काला सिंह और बौस इन के गिरोह के ही सदस्य हैं. बलदेव और जोगेंद्र वाट्सऐप काल के जरिए इन से संपर्क में रहते थे.

बीएसएफ और एनसीबी की जांचपड़ताल में सामने आया कि भारत में नारको टेरेरिज्म फैलाने की साजिश में जुटे पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान से भारत में बड़े पैमाने पर हेरोइन आती रही है. यह हेरोइन कई रास्तों से भारत में आती है.

ढाई साल पहले पुलवामा की घटना के बाद जम्मूकश्मीर सीमा पर सख्ती बढ़ने से तसकरी की गुंजाइश कम हो गई थी. इस के अलावा पंजाब से लगी पाकिस्तान सीमा के रास्ते भी तसकरी होती रही है. अब पंजाब सीमा पर भी सख्ती होने से तसकरों ने पिछले कुछ समय से राजस्थान से लगी सीमाओं को तसकरी के लिए सेफ पौइंट मान कर प्रयास शुरू किए हैं.

इस के लिए उन्होंने तारबंदी के बीच में से पीवीसी पाइप निकाल कर उस में से हेरोइन के पैकेट धकेलने का नया तरीका अपनाया है. यह सुखद रहा कि हेरोइन तसकरों को इस नए प्रयोग के दौरान सब से बड़ी मात खानी पड़ी. तारबंदी के बीच पीवीसी पाइप निकालने के दौरान खासी सावधानी भी रखनी पड़ती है, क्योंकि तारबंदी में एक कोबरा तार होता है, जिस में करंट प्रवाहित होता रहता है.

इसी साल फरवरी में राजस्थान के सीमांत इलाके में हिंदुमल कोट मदनलाल बीओपी क्षेत्र में पाकिस्तानी तसकरों ने 6 किलोग्राम हेरोइन सप्लाई की थी. इस में से केवल एक किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई. बाकी 5 किलोग्राम हेरोइन भारतीय तसकर ले जाने में सफल हो गए थे. इस मामले में 5 तसकर पकड़े गए थे.

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नवंबर 2020 में गजसिंहपुर में 8 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी थी. इस दौरान बीएसएफ की फायरिंग में एक पाकिस्तानी तसकर मारा गया था. भारतीय तसकर भाग गए थे. अप्रैल 2019 में इंद्रजीत सीमा चौकी इलाके में 18 किलोग्राम हेरोइन की तसकरी हुई थी. इस मामले में पंजाब के अबोहर निवासी छिंदा सिंह का नाम सामने आया था. बीकानेर बौर्डर पर पिछले साल अक्तूबर में पंजाब के एक तसकर से सेटेलाइट फोन मिला था.

भारत में कई रास्तों से हेरोइन आती है. अफगानिस्तान से जमीनी स्तर पर पाकिस्तान के रास्ते विभिन्न बौर्डरों से आती है. हवाई मार्ग से भी हेरोइन आती है. समुद्री रास्तों के जरिए भी हेरोइन भारत में पहुंचती है. इस के अलावा नेपाल के रास्ते भी हमारे देश में हेरोइन लाई जाती है.

विभिन्न रास्तों से भारत में आने वाली हेरोइन की सब से ज्यादा खपत पंजाब, मुंबई और दिल्ली में होती है. वैसे तो हेरोइन की खपत पूरे देश में है. बौलीवुड में भी बड़ी मात्रा में हेरोइन की चोरीछिपे खपत होती है.

बहरहाल, पाकिस्तान से जुड़े राजस्थान बौर्डर पर बीएसएफ ने अब तक की सब से बड़ी हेरोइन तसकरी की खेप पकड़ कर पाकिस्तानी तसकरों के नए रास्ते का भंडाफोड़ कर दिया है, लेकिन तसकरों के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करना बीएसएफ और एनसीबी के लिए चुनौती है.

अटूट बंधन- भाग 2: प्रकाश ने कैसी लड़की का हाथ थामा

शालिनी को ऐसा लगा जैसे त्रिशा उस से कुछ छिपा रही थी. फिर भी त्रिशा को छेड़ने के लिए गुदगुदाते हुए उस ने कहा, ‘‘अब इतनी भी उदास मत हो जाओ, उन को याद कर के. जानती हूं भई, याद तो आती है, पर अब कुछ ही दिन तो बाकी हैं न.’’ त्रिशा अपनी आदत के अनुसार मुसकरा उठी. शालिनी को जरा परे धकेलते हुए बोली, ‘‘जाओ, मैं नहीं करती तुम से बात. जब देखो एक ही रट.’’

तभी अचानक त्रिशा का मोबाइल बज उठा. ‘‘उफ, कितनी लंबी उम्र है उन की. नाम लिया और फोन हाजिर,’’ शालिनी उछल पड़ी. ‘‘खूब इत्मीनान से जी हलका कर लो. मैं तो चली,’’ कहती हुई शालिनी कमरे से बाहर निकल गई.

दरअसल, बात यह थी कि कुछ ही दिनों में त्रिशा का प्रेमविवाह होने वाला था. डा. आजाद, जिन से जल्द ही त्रिशा का विवाह होने वाला था, लखनऊ विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र के सहायक प्राध्यापक थे. त्रिशा और आजाद ने दिल्ली के एक स्पैशल स्कूल से साथसाथ ही पढ़ाई पूरी की थी. उस के बाद आजाद अपने घर लखनऊ वापस आ गए थे. वहीं से उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की और फिर अपनी रिसर्च भी पूरी की. रिसर्च पूरी करने के कुछ ही दिनों बाद उन्हें यूनिवर्सिटी में ही जौब मिल गई. ऐसा लगता था कि त्रिशा और आजाद एकदूसरे के लिए ही बने थे.

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स्कूल में लगातार पनपने वाला लगाव और आकर्षण एकदूसरे से दूर हो कर प्यार में कब बदल गया, पता ही नहीं चला. शीघ्र ही दोनों ने विवाह के अटूट बंधन में बंधने का फैसला कर लिया. दोनों के न देख पाने के कारण जाहिर है परिवार वालों को स्वीकृति देने में कुछ समय तो लगा, पर उन दोनों के आत्मविश्वास और निश्छल प्रेम के आगे एकएक कर सब को झुकना ही पड़ा.

त्रिशा के बेंगलुरु आने के बाद आजाद बहुत खुश थे. ‘‘चलो अच्छा है, वहां तुम्हें इतने अच्छे दोस्त मिल गए हैं. अब मुझे तुम्हारी इतनी चिंता नहीं करनी पड़ेगी.’’ ‘‘अच्छी बात तो है, पर इस बेफिक्री का यह मतलब नहीं कि आप हमें भूल जाएं,’’ त्रिशा आजाद को परेशान करने के लिए यह कहती तो आजाद का जवाब हमेशा यही होता, ‘‘खुद को भी कोई भूल सकता है क्या.’’

आज जब त्रिशा आजाद से बात कर रही थी तो आजाद को समझते देर न लगी कि त्रिशा आज उन से कुछ छिपा रही है, ‘‘क्या बात है, आज तुम कुछ परेशान हो?’’ ‘‘नहीं तो.’’

‘‘त्रिशा, इंसान अगर खुद से ही कुछ छिपाना चाहे तो नहीं छिपा सकता,’’ आजाद की आवाज में कुछ ऐसा था, जिसे सुन कर त्रिशा की आंखें डबडबा आईं. ‘‘मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं है. मैं आप से कल बात करती हूं,’’ यह कह कर त्रिशा ने फोन डिसकनैक्ट कर दिया. अगले दिन त्रिशा और प्रकाश के बीच औफिस में भी कोई बात नहीं हुई. ऐसा पहली बार ही हुआ था. प्रकाश का मिजाज आज एकदम उखड़ाउखड़ा था.

‘‘चलो,’’ शाम को उस ने त्रिशा के पास आ कर कहा. रास्तेभर दोनों ने कोई बात नहीं की. होस्टल आने ही वाला था कि त्रिशा ने खीझ कर कहा, ‘‘तुम कुछ बोलोगे भी कि नहीं?’’ ‘‘मुझे तुम्हारा जवाब चाहिए.’’

कितनी डूबती हुई आवाज थी प्रकाश की. 3 साल में त्रिशा ने प्रकाश को इतना खोया हुआ कभी नहीं देखा था. पिछले 2 दिन में प्रकाश में जो बदलाव आए थे, उन पर गौर कर के त्रिशा सहम गई. ‘क्या वाकई प्रकाश… क्या प्रकाश… नहीं, ऐसा नहीं हो सकता,’ त्रिशा का मन विचलित हो उठा. ‘मुझे तुम से कल बात करनी है. कल छुट्टी भी है. कल सुबह 11 बजे मिलते हैं. गुडनाइट,’’ कहते हुए त्रिशा गाड़ी से उतर गई.

जैसा तय था, अगले दिन दोनों 11 बजे मिले. बिना कुछ कहेसुने दोनों के कदम अनायास ही पार्क की ओर बढ़ते चले गए. त्रिशा के होस्टल से एक किलोमीटर की दूरी पर ही शहर का सब से बड़ा व खूबसूरत पार्क था. ऐसे ही छुट्टी के दिनों में न जाने कितनी ही बार वे दोनों यहां आ चुके थे. पार्क के भीतरी गेट पर पहुंच कर दोनों को ऐसा लगा जैसे आज असाधारण भीड़ उमड़ पड़ी हो. भीड़भाड़ और चहलपहल तो हमेशा ही रहती है यहां, पर आज की भीड़ में कुछ खास था. सैकड़ों जोड़े एकदूसरे के हाथों में हाथ डाले अंदर चले जा रहे थे. बहुतों के हाथ में गुलाब का फूल, किसी के पास चौकलेट तो किसी के हाथ में गिफ्ट पैक. पर प्रकाश का मन इतना अशांत था कि वह कुछ समझ ही नहीं सका.

हवा जोरों से चलने लगी थी. बादलों की गड़गड़ाहट सुन कर ऐसा मालूम होता था कि किसी भी पल बरस पड़ेंगे. मौसम की तरह प्रकाश का मन भी आशंकाओं से घिर आया था. त्रिशा को लगा, शायद आज यहां नहीं आना चाहिए था. तभी अचानक उस का मोबाइल बज उठा. ‘‘हैप्पी वैलेंटाइंस डे, मैडम,’’ आजाद की आवाज थी. ‘‘ओह, मैं तो बिलकुल भूल ही गई थी,’’ त्रिशा बोली.

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‘‘आजकल आप भूलती बहुत हैं. कोई बात नहीं. अब आप का गिफ्ट नहीं मिलेगा, बस, इतनी सी सजा है,’’ आजाद ने आगे कहा, ‘‘अच्छा, अभी हम थोड़ा जल्दी में हैं. शाम को बात करते हैं.’’ आज बैंच खाली मिलने का तो सवाल नहीं था. सो, साफसुथरी जगह देख दोनों घास पर ही बैठ गए. त्रिशा अकस्मात पूछ बैठी, ‘‘क्या तुम वाकई सीरियस हो?’’

‘‘तुम समझती हो कि मैं मजाक कर रहा हूं?’’ प्रकाश का स्वर रोंआसा हो उठा.

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