कायरव की इस हरकत से कार्तिक को होगा अपनी गलती का एहसास, देगा नायरा का साथ

स्टार प्लस (Star Plus) का सबसे ज्यादा पौपुलर सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है (Yeh Rishta Kya Kehelata Hai) दर्शकों को दिलों की जान बन चुका है. इस सीरियल ने दर्शकों के दिलों में अपनी एक अलग ही जगह बना ली है और लंबे समय से ये सीरियल दर्शकों का फेवरेट बना हुआ है. इस सीरियल के सफल होने के पीछे एक कारण है इसकी कहानी और दूसरा सबसे बड़ा कारण है इस सीरियल में लीड रोल निभा रहे कलाकार मोहसीन खान (Mohsin Khan) और शिवांगी जोशी (Shivangi Joshi). दर्शकों को मोहसीन खान और शिवांगी जोशी की जोड़ी इतनी अच्छी लगती है कि वे इन दोनो को एक पल के लिए भी एक दूसरे से अलग नहीं देख सकते.

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नायरा चाहती है लव-कुश को सजा दिलाना…

 

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शो के मेकर्स को इस बात का अच्छे से पता है कि दर्शक कार्तिक (Mohsin Khan) और नायरा (Shivangi Joshi) की जोड़ी को खूब पसंद करते है तो इस वजह से मेकर्स भी इस बात का पूरा पूरा फायदा उठाते हैं और आए दिन शो में कोई ना कोई नया ट्विस्ट ले आते हैं. हाल ही में शो में ये दिखाया गया था कि नायरा (Naira) लव-कुश (Luv-Kush) को उनके कीए की कड़ी से कड़ी से सजा दिलाना चाहती है जो भी उन्होनें त्रिशा (Trisha) के साथ किया. लेकिन कार्तिक (Kartik) इस बात में नायरा (Naira) के खिलाफ था क्योंकि वे चाहता था कि ये मामला यहीं शांत हो जाए और उसके घर की इज्जत बनी रहे.

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कार्तिक को हुआ अपनी गलती का एहसास…

इस बात को लेकर सभी के सभी काफी परेशान थे क्योंकि कार्तिक (Kartik) और नायरा (Naira) के फैसले अटल थे और दोनों ही एक दूसरे के खिलाफ खड़े थे. लेकिन बीते एपिसोड में हमने देखा की कार्तिक (Kartik) को अपनी गलती का एहसास हो गया है और इसकी वजह है कायरव (Kairav) का बिगड़ना. दरअसल, लव-कुश (Luv-Kush) की हरकतें देख कायरव (Kairav) भी अब कार्तिक और नायरा के हाथों से निकल चुका है. पिछले एपिसोड में कायरव ने कार्तिक के स्टाफ मेंबर का सिर फोड़ दिया जिसे देख कार्तिक को काफी बड़ा झटका लगा.

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कार्तिक को बदलता देख लव-कुश को उड़े होश…

 

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इन सब के चलते अब कार्तिक (Kartik) भी यही फैसला लेगा कि वे लव-कुश को उनके कीए की सजा जरूर दिलाएगा और इसी के साथ कार्तिक-नायरा (Kartik-Naira) को इस बात का पता भी चल जाएगा की लव (Luv) ने ही त्रिशा (Trisha) का फोन जमीन के अंदर छिपाया था. कार्तिक (Kartik) का फैसला बदलते देख लव-कुश (Luv-Kush) को काफी बड़ा झटका लगेगा और साथ ही दोनों मिलकर कार्तिक और नायरा को परेशान करने का फैसला लेंगे.

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ऐसे में देखने वाली बात ये होगी कि लव-कुश (Luv-Kush) की वजह से कार्तिक-नायरा (Kartik-Naira) को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और क्या कार्तिक-नायरा लव-कुश को सजा दिलाने में कामयाब हो पाएंगे.

अजब और गजब बिहार पुलिस

बिहार राज्य के मुख्यमंत्री रहे जगन्नाथ मिश्र की मौत के बाद उन की लाश को सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए गंगा किनारे लाया गया. मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री और अफसर वहां मौजूद थे. 21 राइफलों से हवाई फायरिंग कर उन्हें सलामी देने के लिए पुलिस वाले कतार लगा कर खड़े थे.

कई सरकारी ताम झाम के बाद हवाई फायरिंग करने का इशारा किया गया. इशारा मिलते ही पुलिस के जवानों ने एकसाथ अपनीअपनी राइफल का ट्रिगर दबा दिया. पर यह क्या, राइफलों की गरज के बजाय सन्नाटा पसर गया. पुलिस के जवानों की राइफलों से गोली ही नहीं चल सकी. राइफलों के फुस होने के साथ ही बिहार पुलिस के सुरक्षा के दावों की हवा भी निकल गई.

मौके पर मौजूद सरकार और उस के  झंडाबरदारों को मानो सांप सूंघ गया. पुलिस के आला अफसर एकदूसरे का मुंह ताकते हुए बगलें  झांकने लगे.

आननफानन पुलिस मकहमा हरकत में आ गया और जांच का ऐलान कर दिया गया. पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि सभी राइफल में बेकार कारतूस भरे थे. ऐसे हथियारों से अगर पुलिस का अपराधियों से मुकाबला हो जाए, तो पुलिस वालों की जान जाने का पूरा डर है.

जांच में यह भी पता चला कि कारतूसों की जांच पिछले कई सालों से नहीं हुई है. कारतूस एक तय समय के बाद बेकार हो जाते हैं.

एसएसपी ने पुलिस हैडर्क्वाटर को लिखी चिट्ठी में कहा है कि पुलिस लाइन का शस्त्रागार जर्जर हालत में है. बारिश होने पर उस में पानी भी भर जाता है.

पटना जिले में ही तैनात 7,000 जवानों, 1,000 एसआई और 150 इंस्पैक्टरों को पिछले 10 सालों में एक बार भी फायरिंग रेंज में प्रैक्टिस नहीं कराई गई है, जबकि नियम के मुताबिक हर साल फायरिंग प्रैक्टिस की जानी है.

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साल 2010 से साल 2019 के बीच 5,000 सिपाहियों की बहाली हुई, पर टे्रनिंग के बाद कभी भी उन्हें फायरिंग प्रैक्टिस के लिए नहीं भेजा गया.

बिहार में प्रति एक लाख की आबादी की सुरक्षा के लिए महज 70 पुलिस वाले तैनात हैं. राज्य में कुल 70 लाख पुलिस वाले हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य में कुल 3,600 वीआईपी हैं और उन की हिफाजत के लिए 13,000 पुलिस के जवान लगाए गए हैं.

नैशनल लैवल पर प्रति एक लाख की आबादी पर 147 पुलिस के जवानों की तैनाती होनी चाहिए. बिहार में हर मंत्री की हिफाजत के लिए 2-8 का ऐस्कौर्ट दस्ता लगाया गया है. इन में से 1 से 4 पुलिस वाले हर समय मंत्री के साथ रहते हैं और उतने ही उन के बंगले की हिफाजत में तैनात रहते हैं.

इस के अलावा 3 बौडीगार्ड और स्पैशल ब्रांच के 3 सिपाही भी मंत्री के इर्दगिर्द लगे रहते हैं. हर विधायक और विधान पार्षद को 3-3 बौडीगार्ड दिए गए हैं.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बिहार के 11 बड़े नेताओं को केंद्रीय जैड और वाई श्रेणी की सुरक्षा दी है. इस में 5 नेताओं को वाई प्लस की सुरक्षा दी गई है. केवल मुख्यमंत्री को जैड प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. जैड प्लस श्रेणी में 36 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिस में 10 एनएसजी के जवान होते हैं, वहीं जैड श्रेणी में 22 सुरक्षाकर्मी और 5 एनएसजी के जवान होते हैं. वाई श्रेणी में 11 सुरक्षाकर्मी रहते हैं, जिस में 1-2 कमांडो होते हैं. ऐक्स कैटीगरी में 2 से 5 पुलिस वाले लगाए जाते हैं.

वहीं आम आदमी की हिफाजत को ले कर सरकार का रवैया भी पूरी तरह लापरवाही का है. हालत यह है कि बिहार पुलिस में सिपाही के 22,655 पद, सबइंस्पैक्टर के 4,546 पद और ड्राइवर (सिपाही) के 2,039 पद खाली हैं. इस से कानून व्यवस्था को कायम रखने में काफी परेशानी हो रही है.

अगस्त, 2019 में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने सरकार की इस लापरवाही पर खरीखरी सुनाई. कोर्ट ने कहा कि इस से साफ लगता है कि सरकार को आम नागरिकों की हिफाजत का जरा भी खयाल नहीं है.

राज्य सरकार के वकील ने कहा कि इन खाली पदों को भरने में 4 साल लग जाएंगे. इस से नाराज हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव और गृह सचिव से पूछा है कि इन खाली पदों को कम से कम कितने  समय में भरा जा सकता है.

गौरतलब है कि अप्रैल, 2017 में बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि साल 2020 तक सभी पद भर लिए जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की मौनिटरिंग का जिम्मा पटना हाईकोर्ट को सौंपा था. अब वह हाईकोर्ट में कह रही है कि इसे भरने में साल 2023 तक का समय लग जाएगा.

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गरीबों से घूस

देशभर में पुलिस वालों के घूस लेने के हजारों अजबगजब किस्से मशहूर हैं, लेकिन इस मामले में भी बिहार पुलिस की अदा ही निराली है. बिहार पुलिस को घूस में कुछ भी चलेगा. पैसे नहीं हैं, तो जूता ही खरीद कर भिजवा दो. सब्जी ही दे दो. चिकन या बकरे का मांस ही पहुंचा दो. मोमोज भी चलेंगे यानी भागते भूत की लंगोटी ही सही.

पिछले दिनों पटना के दीघा थाना के दारोगा पंकज कुमार ने केस डायरी हलका करने के बदले पीडि़त से 7,000 रुपए की मांग की. जब पीडि़त ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए पैसा देने में आनाकानी की, तो दारोगा का मन पसीज गया और उन्होंने एक ब्रांडेड जूते की डिमांड कर डाली. पीडि़त ने 2,500 रुपए का जूता ला कर दारोगाजी को भेंट किया, तब जा कर उस का काम बना. उस के बाद इस पूरे मामले का वीडियो वायरल हो गया और दारोगाजी सस्पैंड हो गए यानी मियां की जूती मियां के सिर वाली कहावत सच साबित हो गई.

मार्च, 2019 में पटना कोतवाली पुलिस ने रात को पैट्रोलिंग के दौरान एक पिकअप वैन को रोका. वैन में बकरे पाए गए. साथ ही, बकरे का कारोबारी शराब के नशे में चूर था. पुलिस वालों की बांछें खिल गईं.

शराबबंदी वाले राज्य में शराबी के पकड़े जाने पर पुलिस वालों को मानो लौटरी लग जाती है. पिकअप वैन समेत कारोबारी को पकड़ कर थाने लाया गया.

कारोबारी को तो जेल भेज दिया गया, पर पिकअप वैन वाले ने जब पुलिस वालों से छोड़ देने की गुहार लगाई तो पुलिस वालों ने आजादी के बदले मटन पार्टी का इंतजाम करने को कहा.

पटना के मौर्यलोक कमर्शियल कौंप्लैक्स में एक दारोगा ने सड़क के किनारे गाड़ी लगा कर मोमोज बेचने वालों को गाड़ी हटाने की धौंस दिखा कर मुफ्त के मोमोज पर हाथ साफ कर डाला.

दारोगा के चटोरेपन की रामकहानी एसएसपी तक पहुंच गई. एसएसपी ने दारोगा को इस कदर फटकार लगाई कि मोमोज का स्वाद ही किरकिरा हो गया.

राज्य में साइबर अपराध तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और ठग आम आदमी को करोड़ों रुपए का चूना लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिहार पुलिस के लिए साइबर ठगी के मामले काला अक्षर भैंस बराबर हैं. साइबर फ्रौड के मामले सामने आने पर पुलिस भी प्राइवेट जानकारों की मदद लेने को मजबूर है.

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अब सरकार इस मामले में संजीदा होती नजर आ रही है. बिहार के थानों में तैनात इंस्पैक्टर और दारोगा को साइबर ऐक्सपर्ट बनाने की कवायद शुरू की गई है. पटना पुलिस कार्यालय में इस के लिए वर्कशौप का आयोजन किया जाएगा.

सिटी एसपी (मध्य) विनय तिवारी ने बताया कि आजकल आम लोगों को साइबर क्राइम की वजह से सब से ज्यादा परेशानी और नुकसान हो रहा है. शिकायतों के जल्द निबटारे के लिए जरूरी है कि इंस्पैक्टर और दारोगा साइबर ऐक्सपर्ट हों. थानों के चुने गए एसआई और एएसआई को साइबर मामलों में ऐक्सपर्ट बनाया जाएगा. उन्हें बताया जाएगा कि क्राइम के सीन और सुबूत को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा.

इस के अलावा सोशल साइट, सीडीआर, एनालिसिस, एटीएम और बैंकों के बारे में जानकारी दी जाएगी.

आईएएस अफसरों का भी टोटा

बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था आईएएस अफसरों की कमी से जू झ रही है. बिहार में आईएएस अफसरों की तादाद तय कोटे से 25 फीसदी कम है. राज्य में आईएएस अफसरों के कुल 342 पद हैं, लेकिन फिलहाल 248 अफसर ही तैनात हैं. 94 पद खाली हैं. इस का असर बिहार से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए तय कोटे पर भी पड़ रहा है. राज्य से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए 74 आईएएस का कोटा तय है, जबकि अभी 34 अफसर ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं.

आईएएस अफसरों की कमी की वजह से कई अफसरों के कंधे पर एक से ज्यादा महकमे का बो झ है. राज्य में मुख्य सचिव लैवल के 10, प्रधान सचिव लैवल के 18 और सचिव, विशेष सचिव, अपर सचिव और संयुक्त सचिव लैवल के 159 पद हैं.

केंद्र सरकार हर 5 साल में आईएएस अफसरों का कोटा बढ़ाती है. पिछली बार साल 2014 में रिविजन हुआ था. राज्य सरकार ने 14 पद को बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है. राज्य में आईएएस के कुल 342 पद में से 104 पद राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को प्रमोशन दे कर भरा जाता है. फिलहाल साल 2016 बैच के 15, साल 2017 बैच के 17 और साल 2018 बैच के 15 पदों को प्रमोशन के जरीए भरा जाना है.

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क्या कैरेक्टर लेस पत्नी गुजारा भत्ते की हकदार होनी चाहिए

भोपाल के फैमिली कोर्ट में तलाक का एक ऐसा दिलचस्प मामला पिछले तीन महीने से चल रहा है जिसमें बीबी की बदचलनी साफतौर पर उजागर हो चुकी है और काउन्सलिन्ग में वह अपने बौयफ्रेंड से नाजायज सम्बन्धों की बात भी मान चुकी है लेकिन इसके बाद भी पति से गुजारा भत्ता मांग रही है . पति विष्णु ( बदला नाम ) ने काउन्सलर सरिता राजानी से गुहार लगाई है कि वह ऐसी बदचलन औरत के साथ नहीं रहना चाहता जो उसके भरोसे का खून करती रही है.

विष्णु की शादी साल 2014 में तुलसी ( बदला नाम ) से हुई थी.  तब वह खूबसूरत बीबी पाकर बहुत खुश था लेकिन जल्द ही उसके रंग ढंग सामने आने लगे तो वह सकते में आकर अपनी किस्मत को झींकने लगा. तुलसी अक्सर मोबाइल फोन पर अपने बौय फ्रेंड से घंटो रोमांटिक बातें किया करती थी जो विष्णु और उसके घर बालों सी छिपी नहीं रह सकीं . एक दिन हद तो उस वक्त हो गई जब सास ने बहू की बातें सुन लीं कि वह बौय फ्रेंड से हाय जानू , हाय जानू कहते बात कर रही थी .

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माँ ने बेटे से शिकायत की तो वह बिफर गया क्योंकि यह किसी भी शौहर के लिए नागवार गुजरने बाली बात थी. इस पर मियां बीबी में कहा सुनी हुई और गुस्साया विष्णु तुलसी को उसके मायके छोड़ आया. इस दौरान उन्हें एक बेटी भी हो चुकी थी जो अब डेढ़ साल की है. विष्णु ने सास ससुर को उनकी बेटी की करतूतों के बारे में बताया और यह भी कहा कि तुलसी अगर अपने बॉय फ्रेंड से मोबाइल पर बतियाना छोड़ दे वह उसे साथ रख लेगा.

6 महीने बीत जाने पर भी ससुराल बालों का फोन या कोई खबर नहीं आई तो वह समझ गया कि तुलसी अपनी हरकतों से बाज नहीं आएगी लिहाजा उसने संजीदगी से तलाक के बारे में सोचना शुरू कर दिया.

लगा जोर का झटका

तलाक का फैसला कोई हंसी खेल नहीं होता विष्णु अभी इस बारे में सोचा विचारी कर ही रहा था कि एक दिन उसके मोबाइल पर अंजान नंबर से कुछ फोटो और वीडियो आए. विष्णु ने जब ये वीडियो डाउनलोड कर के देखे तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि इनमें तुलसी एक नौजबान के साथ लगभग ब्लू फिल्मों की सी हालत में दिख रही थी. कुछ फोटो भी इसी तरह के थे जिनहे देख किसी भी शौहर का माथा चटकना लाजिमी बात थी.

भन्नाए विष्णु ने जब इस नंबर पर फोन कर पूछा कि यह सब क्या है तो दूसरी तरफ से बेशर्मी भरा जबाब यह मिला कि तेरी बीबी से मेरे संबंध पहले भी थे और आज भी हैं. उसने तुझ से शादी तो दिखावे के लिए की थी.

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बेबसी और बेइज्जती की आग में जलता विष्णु ससुराल पहुंचा और ससुराल बालों से तुलसी के बारे में पूछा तो जबाब यह मिला कि वह अपने पांवो पर खड़े होना चाहती है इसलिए ब्यूटी पार्लर का काम सीखने गई है. इस पर उसने वे वीडियो और फोटो ससुराल बालों को दिखाये तो वे भी हक्का बक्का रह गए .

चोरी और सीनाजोरी

बात या हकीकत अब उजागर हो गई थी यानि तुलसी की पोल खुल चुकी थी लेकिन सच कबूलने के बजाय उसने विष्णु के सर ही अपनी बदचलनी का ठीकरा यह कहते फोड़ कर अपना बचाव करने की नाकाम कोशिश की कि असल में विष्णु ही उससे तलाक लेना चाहता है इसलिए उसने ही इस लड़के को उसके पीछे लगा दिया था. बात में दम नहीं था इसलिए किसी ने उससे हमदर्दी नहीं राखी जिसकी शायद तुलसी जैसी बीबियों को जरूरत भी नहीं रहती .

विष्णु ने अब तलाक का मुकदमा दायर कर दिया इधर तुलसी के बॉय फ्रेंड ने सारे फोटो और वीडियो वायरल कर दिये जिन्हें देखने बालों ने चटखारे लेकर देखा उनके लिए तो यह मुफ्त का मनोरंजन था लेकिन इससे किसी की गृहस्थी उजड़ रही है या एक शौहर का खून जल रहा है इससे कोई वास्ता क्यों रखता.

सुनवाई के पहले अदालत ने दोनों की काउन्सलिन्ग का हुक्म दिया तो विष्णु ने जो कहा वह ऊपर बताया जा चुका है लेकिन कौउन्स्लर्स भी उस वक्त हैरान रह गए जब तुलसी ने अपने बौय फ्रेंड से नाजायज सम्बन्धों की बात तो मंजूर कर ली लेकिन विष्णु से गुजारा भत्ता चाहने की जिद पर वह अड़ी रही.

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अब मामला अदालत में है जिसमें विष्णु की जीत तय दिख रही है क्योंकि तुलसी की बदचलनी के सबूत उसके पास हैं लेकिन दिलचस्पी की बात यह रहेगी कि क्या अदालत एक बदचलन बीबी को गुजारा भत्ता देने पति को कहेगी .

Kasautii Zindagii Kay 2 की शूटिंग से ब्रेक लेकर ‘कोमोलिका’ पहुंची दुबई, शेयर की हौट फोटोज

स्टार प्लस (Star Plus) के बेहद पौपुलर सीरियल कसौटी जिंदगी की 2 (Kasautii Zindagii Kay 2) में कमोलिका का रोल निभाने वाली एक्ट्रेस आमना शरीफ (Aamna Sharif) इन दिनों काफी सुर्खियां बटोर रही हैं. अपने सीरियल की शूटिंग से कुछ समय निकाल कर आमना दुबई (Dubai) में छुट्टियां मनाने पहुंची हैं. आपको बता दें आमना शरीफ (Aamna Sharif) सोशल मीडियो पर काफी एक्टिव रहती हैं और एक्टिव रहने के साथ ही वे अपने फैंस के साथ अपने से जुड़ी हर अप्डेट शेयर करती रहती हैं.

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काम से ब्रेक लेकर पहुंची दुबई…

 

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DuBAY-WATCH…

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हाल ही में आमना शरीफ (Aamna Sharif) ने अपनी कुछ फोटोज अपने औफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की हैं जिसे देख साफ पता चल रहा है कि वे अपने काम से कुछ समय ब्रेक लेकर दुबई में एंजौय कर रही हैं. आमना ने अब तक अपनी खूबसूरती और हौटनेस से लाखों लोगो का दिल जीत लिया है और यही कारण है कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर साढ़े 6 लाख से भी ज्यादा फौलोवर्स हैं.

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फैंस के लिए दुबई से शेयर की फोटोज…

 

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just…

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आमना शरीफ (Aamna Sharif) आए दिन अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से अपने फैंस के लिए अपनी फोटोज शेयर करती रहती हैं जिसे देख उनके फैंस भी उनकी हर फोटो पर जमकर प्यार बरसाते हैं और साथ ही उनकी तारीफ करते हुए कई कमेंट्स भी करते हैं. आमना ने दुबई से ही अपने फैंस के लिए सोशल मीडिया पर अपनी फोटोज शेयर की जिसमें वे काफी हौट दिखाई दे रही हैं.

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कसौटी जिंदगी की 2 से पहले किया था इन सीरियल्स में काम…

 

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I love windy days…its a reminder that nothing is static !!!

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आमना शरीफ (Aamna Sharif) ने वहां समुंद्र किनारे कई फोटोज क्लिक करवाईं जिसमें उनकी अदाएं देख फैंस दिवाने हो गए. आमना है ही इतनी सुंदर की कोई भी उनकी अदाएं देख उनका दीवाना बन जाए. कसौटी जिंदगी की 2 (Kasautii Zindagii Kay 2) से पहले आमना शरीफ ने सीरियल कहीं तो होगा (Kahiin To Hoga), होंगे जुदा ना हम (Hongey Juda Na Hum) और एक थी नायिका (Ek Thi Naayika) में काम कर लोगों का दिल जीता था. सीरियल्स में काम करने के साथ साथ आमना शरीफ कई म्यूजिक वीडियोज में भी काम कर चुकी हैं.

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Khatron Ke Khiladi में छाई ये भोजपुरी एक्ट्रेस, देखें फोटोज

भोजपुरी इंडस्ट्री की पौपुलर एक्ट्रेस रानी चटर्जी (Rani Chatterjee) अपनी बोल्ड फोटोज को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहती हैं. एक बार फिर रानी चटर्जी चर्चाओं का विषय बनी हुई हैं और इसका कारण यह है कि वे इन दिनों रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) के रिएलिटी शो खतरों के खिलाड़ी सीजन 10 (Khatron Ke Khiladi 10) का हिस्सा बनी हुई हैं. रानी चटर्जी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और एक्टिव रहने के साथ ही वे अपनी खूबसूरत और बोल्ड फोटोज फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं जिसे उनके फैंस भरपूर प्यार देते हैं.

साल 2004 में की थी अपने फिल्मी करियर की शुरूआत…

रानी चटर्जी (Rani Chatterjee) ने अपने फिल्मी करियर की शुरूआत साल 2004 में फिल्म ‘ससुरा बड़ा पइसेवाला’ (Sasura Bada Paisewala) से की थी जो कि काफी हिट फिल्मों में से एक रही. उसके बाद तो जैसे रानी चर्जी (Rani Chatterjee) के लिए फिल्मों की लाइन ही लग गई. वे अब तक 40 से भी ज्यादा भोजपुरी फिल्मों में काम कर लोगों का दिल जीत चुकी हैं और साथ ही अब टेलीविजन पर भी फैंस का दिल जीतने के लिए तैय्यार हैं.

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फैंस लुटाते हैं जमकर प्यार…

रानी चटर्जी (Rani Chatterjee) अक्सर अपने औफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से फैंस के लिए अपनी फोटोज और वीडियोज शेयर करती रहती हैं और साथ ही फैंस भी उनकी हर फोटो और वीडियो पर जमकर प्यार बरसाते हैं. चलिए देखते हैं उनकी कुछ फोटोज जिससे कि उन्होनें अपने फैंस को दीवाना बनाया हुआ है.

 

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Today’s look #khatrokekhiladi10 #pressmeet #redvelvet #colorstv #mood

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रेड ड्रेस में रानी चटर्जी वाकई काफी सुंदर दिखाई दे रही हैं और साथ ही उनकी अदाएं देख कोई भी उनका फैन बन जाए.

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रानी चटर्जी लाखों दिलों की जान बनी हुईं है और इसका एक कारण ये भी है कि वे अपने आप को फिट रखने में कोई कसर नहीं छोड़तीं. वे जिम में जाकर काफी मेहनत करती हैं जिससे की वे अपने आप को पूरी तरह से फिट रख सकें.

 

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💙🧡💜💚♥️🖤💛❤️ #photooftheday

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रानी चटर्जी की क्यूट स्माइल पर तो उनके फैंस अपनी जान छिड़कते हैं क्योंकि रानी की स्माइल है ही इतनी क्यूट की कोई भी उनकी स्माइल देख उनके प्यार में गिर जाए.

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ग्लैमर के मामले में भी रानी चटर्जी का कोई मुकाबला नहीं कर सकता क्योंकि जब ग्लैमर दिखाने की बात आती है तो वे अपने लुक्स और ग्मैलर से ही सकता दिल लूट लेती हैं.

अब देखने वाली बात ये होगी कि जैसे भोजपुरी फिल्मों में रानी ने अपने टैलेंट से सबको दिल जीता है वैसे ही वे कलर्स टीवी के रिएलीटी शो खतरों के खिलाड़ी (Khatron Ke Khiladi) में भी जीत पाएंगी या नहीं.

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‘बार डांसर’ बनीं ये भोजपुरी एक्ट्रेस, खेसारीलाल यादव के साथ करेंगी रोमांस

सुपर स्टार खेसारीलाल यादव, शुभी शर्मा और पूजा गांगुली की भोजपुरी फिल्म ‘एक साजिश जाल’ की हिरोइन शुभी शर्मा का कहना है कि यह फिल्म आम फिल्मों से हटकर है. इसमें एक्शन, इमोशन के साथ शानदार लव ट्राएंगल है.

किरदार बार बाला का 

शुभी शर्मा ने बताया कि फिल्म  ‘एक साजिश जाल’ में मेरा किरदार बेहद अलग है. पहली बार मैं फिल्म में बार गर्ल का किरदार कर रही हूं, जो एक दम नया है. फिल्म में खेसारीलाल यादव के साथ मेरी केमेस्ट्री है. फिल्म के टायटल ट्रैक के साथ तीन गाने किये हैं. तकरीबन डेढ़ साल बाद खेसारीलाल यादव के साथ मेरी ये फिल्म आयी है. फिल्म की दूसरी अभिनेत्री पूजा गांगुली हैं, जिनके साथ काम करके भी मजा आया. उम्मीद है मेरा किरदार दर्शकों को पसंद आयेगा और उनका आशीर्वाद हमें मिलेगा.

कंटेंट प्रधान फिल्म है

शुभी शर्मा ने कहा कि ‘एक साजिश जाल’ की कहानी बेहतरीन है. यही वजह है कि मैं यह फिल्मी कर रही हूं. वैसे भी फालतू पिक्चर करने से कोई फायदा नहीं है. इसलिए मैं कम और अच्छी फिल्मों में काम करने में ही विश्वास करती हूं. हमेशा मैंने कंटेंट प्रधान फिल्मो को ही प्राथमिकता दी है. फिल्मों के चयन को लेकर सर्तक रहती हूं, क्योंकि कई बार होता ये है कि कहानी कुछ और सुनाया जाता और सेट पर कोई और कहानी शूट हो रही होती है. मैं इन चीजों से बचती हूं. बड़े निर्माताओं के साथ ये स्थिति नहीं बनती है.

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एलबम के लिए भी हो सेंसर बोर्ड

शुभी कहती हैं, ‘भोजपुरी पर हर बार डबल मिनिंग का आरोप एलबम की वजह से लगता है. इसलिए मेरा मानना है कि अलबम के लिए भी सेंसर हो. इसके लिए सरकार को भी पहल करनी होगी, क्योंकि तकनीक की सर्वसुलभता के दौर में मोरल ग्राउंड पर इसे रोकना संभव नहीं है, जिसका नुकसान कहीं न कहीं फिल्मों को भी उठाना पड़ता है.

एक साजिश जालको मिले खूब प्यार

फिल्म की पटकथा के अनुसार, हमारी फिल्म की शूटिंग गुजरात और मुंबई में हुई है. फिल्म को लेकर तमाम कलाकारों के साथ निर्माता बाबू त्यागी व संजय अग्रवाल और निर्देशक एमआई राज को भी खूब उम्मीदें हैं. हम भी भोजपुरी की ऑडियंस से अपील करेंगे कि वे हमारी फिल्म को जरूर देखें.

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जो खाए लिट्टी-चोखा वह कभी न खाए धोखा

जब से मोदीजी का लिट्टी-चोखा खाते हुए फोटो वायरल हुआ है, बिहार के नेता लोगन खासा बौरा गए हैं खासकर विपक्ष. एक नेता ने तो खिसिया कर बोल ही दिया, “बिहार चुनाव खातिर ई मोदीजी के नया ड्रामा हौ.”

अब अचानक मोदीजी को बिहारी लिट्टी-चोखा क्यों पसंद आया. यह तो नहीं मालूम पर इस साल दिसंबर में बिहार विधानसभा का चुनाव जरूर है जहां एक बार फिर भाजपा और जदयू एक साथ चुनाव लड़ेगी.

बिहारी भाई लोगन को खुश करने के लिए हालांकि दिल्ली चुनाव में भी जदयू को 2 सीट दी गई थी पर लोग कहते हैं, “खुद मनोज भैया (मनोज तिवारी) ने ही ई चुनाव हरवा दिया है. टिकटे नहीं बांट पाए कायदे से.”

वैसे बिहार में एक कहावत है कि जो खाए लिट्टी-चोखा, वह कभी न खाए धोखा मगर यह कहावत सच नहीं है बिहार में. सच तो यह है कि लिट्टी-चोखा खाने में इतना स्वादिष्ठ होता है कि इस का स्वाद बड़े-बड़े तीसमार खां को भी चकमा दे दे.

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एक सच यह भी है कि नीतीश बाबू मोदीजी को खाने का न्यौता दे कर धोखा न दिए होते तो मोदीजी को राजपथ पर हुनर हाट में खुद ही लिट्टी-चोखा न खाना पड़ता.

बिहार के सीएम नीतीश कुमार को वहां की राजनीति में भले ही ‘सुशासन बाबू’ के नाम से जाना जाता है लेकिन वहां के लोग अब दबी जबान से कहना नहीं छोङते कि कोई ऐसा सगा नहीं जिस को नीतीश बाबू ने ठगा नहीं. तभी तो ठगी के शिकार मोदीजी खुद भी हुए बिहार में. पहली बार भोज के नाम पर और दूसरी बार बिहार बाढ़ राहत कोष में गुजरात सरकार का चेक वापस पा कर.

राजनीति के समझदार लोग कहते हैं कि मोदीजी इस बार फूंक-फूंक कर चलेंगे वहां. इस अर्थ में गिरगिटिया टाइप की राजनीति से दूर ही रहेंगे क्योंकि समय रहते चेते नहीं तो महाराष्ट्र जैसा कांड हो जाएगा, जब शिवसेना ने खूब चमकाया था. तब तो गुड़ गोबर हो जाएगा.

फिलहाल तो सब का ध्यान अब बिहार चुनाव पर ही है क्योंकि एकएक कर मोदीजी के हाथ से राज्य की राजनीति फिसलती जा रही है. अभी हाल ही में दिल्ली चुनाव क्रिकेट मैच सरीखा लगा जिस में केजरीवाल आस्ट्रेलिया जैसे खेले. पर आश्चर्य देखिए कि इस हार का श्रेय भोजपुरी सिनेमा के गायक-अभिनेता से नेता बने मनोज तिवारी ने ले लिया.

दिल्ली भाजपा के लोग भी कहां चूकने वाले थे, सो दबी जबान से वे भी नहीं चाहते कि मनोज तिवारी भाजपा दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष रहें. मगर बिहार चुनाव की बात अलग है और यह फैसला करना कि मोदीजी और नीतीश बाबा में कौन है लिट्टी और कौन है चोखा थोड़ा कठिन जरूर है.

वैसे नीतीश बाबू खुद भी नहीं चाहेंगे कि मोदीजी बिहार में सारी लिट्टी खुद ही चांप लें और उन के हाथ में सिर्फ चोखा ही रह जाए.

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अब BOLLYWOOD में एंट्री करेंगे ‘लॉलीपॉप लागेलु’ गाने वाले भोजपुरी सिंगर पवन सिंह

गायक पवन सिंह भोजपुरी संगीत में धमाका करने के बाद अब हिंदी संगीत में भी बड़ा धमाका करने के लिए तैयार है. जैकी भगनानी का म्यूजिक लेबल जे जस्ट म्यूजिक के जरिये पवन सिंह अपना डेब्यू हिंदी गाने में कर रहे है, यह गाना होली पर आधारित है तथा पवन सिंह के साथ इस गाने को पायल देव ने अपनी आवाज से पिरोया है.

लॉलीपॉप लागेलु से हुए थे फेमस…

पवन सिंह हिंदी संगीत में अपनी शुरुआत को लेकर उत्साहित हैं और उन्हें लगता है कि इससे अच्छा कोई दूसरा गीत नहीं हो सकता. पवन सिंह भोजपुरी इंडस्ट्री में पहले से ही लॉलीपॉप लागेलु और बदनाम कर दोगी जैसे गानों से हिट हैं लेकिन होली पर यह गाना उनका पहला हिंदी गाना है और उन्हें लगता है कि जे जस्ट म्यूजिक ने उन्हें हिंदी म्यूजिक में परफेक्ट लॉन्च दिया है.

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हिंदी डेब्यू से खुश हैं पवन सिंह…

पवन सिंह ने कहा “मैं अपने हिंदी डेब्यू के लिए बहुत उत्साहित हूं. मुझे इतना बड़ा मौका देने के लिए जैकी भगनानी और जे जस्ट म्यूजिक को धन्यवाद देना चाहता हूं और मुझे खुशी है कि मैं भी इसका हिस्सा बन रहा हूं. मैं चाहता हूं कि मेरे सभी प्रशंसक इस हिंदी गाने “कमरिया हिला रही है” को भी उसी तरह प्यार और समर्थन की बौछार करें, जो मुझे मेरे सभी गानों के लिए मिला है.

जे जस्ट म्यूजिक एक म्यूजिक कंटेंट कंपनी है जिसकी स्थापना अभिनेता निर्माता जैकी भगनानी ने की है. कंपनी ने समय-समय पर सफल गाने लाये हैं जिन्होंने सभी ऑडियो, वीडियो और प्रसारण प्लेटफार्मों पर सफलता अर्जित की है.

जे जस्ट म्यूजिक का उद्देश्य खुद को क्षेत्रीय संगीत में विस्तारित करना है और इसका आगामी म्यूजिक वीडियो है जो की प्रसिद्ध भोजपुरी गायक पवन सिंह और डांसर लॉरेन गोटलिब का एक दिलचस्प कॉम्बिनेशन है.

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जैकी भगनानी कहते है ” यह सॉन्ग “होली सॉन्ग ऑफ द ईयर” होगा. हम सभी लॉलीपॉप लागेलु के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं, और पवन सिंह के साथ उनके पहले हिंदी गाने के लिए एक साथ आने से बहुत रोमांचित हूं. इस गाने को लेकर में बहुत उत्साहित हूं.

बेटी को दी गई खुशी बनी मुहिम

यों तो घर की पहचान घर के मुखिया के नाम और काम से होती है, लेकिन बैतूल जिले के एक पनवाड़ी ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह पूरी दुनिया के लिए एक दिन मिसाल बनेगा. उस की एक मुहिम ने बेटी को बतौर घर की मुखिया नई पहचान दी है. उस की अपनी बेटी आयुषी के नाम की प्लेट बेटियों की कोख में हत्या के लिए बदनाम राज्य हरियाणा में नया बदलाव लाएगी.

हरियाणा के पानीपत में ऐतिहासिक लड़ाई हुई थी. उसी पानीपत में ऐसे घरों की तलाश की गई, जिन के घरों में बेटियां हैं. उन घरों के मातापिता को ‘लाडो फाउंडेशन’ से जोड़ने के लिए अपने कार्यक्रम ‘डिजिटल इंडिया विद लाडो’ की जानकारी दे कर ऐसे लोगों की लिस्ट उन के सामने रख दी, जिन्होंने अपने या दादा के नाम की पहचान वाले घर को अपनी बेटी के नाम पर एक पहचान दी.

पानीपत के बाद कन्या भू्रण हत्या व बेटियों पर होने वाले जोरजुल्म के मामलों में बदनाम राजस्थान और पंजाब के शहरों की पहचान कर वहां पर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश पहुंचाने के लिए बेटियों के नाम के डिजिटल साइन बोर्ड लगवा कर इस मुहिम को शुरू करने वाले अनिल यादव पहलवान की ‘लाडो फाउंडेशन’ के तहत 5 नवंबर, 2015 को ‘डिजिटल इंडिया विद लाडो’ नामक मुहिम की शुरुआत की गई.

बढ़ता गया कारवां

अकसर कहा जाता है कि पान वाला चूना लगाने में ऐक्सपर्ट होता है. उस का लगाया चूना मुंह का स्वाद बना देता है और थोड़ी सी चूक हुई तो मुंह को जला भी देता है.

आदिवासी बहुल बैतूल जिला हैडक्वार्टर के बाशिंदे और 12वीं जमात तक पढ़ने के बाद बीते 20 सालों से वहीं पान की दुकान चलाने वाले अनिल यादव पहलवान ने बेटे और बेटी में फर्क समझने वालों और भू्रण हत्या करने वालों को अपनी इस मुहिम के जरीए पटकनी दे कर एक आदर्श मिसाल कायम की है. उन्होंने अपनी इस मुहिम में उन राज्यों को फोकस किया, जहां पर कन्या जन्म दर कम है. जहां बेटी का होना पाप माना जाता है, जहां पर अकसर कोख में ही कन्या भू्रण हत्या कर दी जाती है.

‘डिजिटल इंडिया विद लाडो’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह प्रदेश गुजरात का भरूच, राजस्थान का बारा जिला हैडक्वार्टर, पंजाब का अमृतसर जिला हैडक्वार्टर, दक्षिण भारत के केरल, उत्तर प्रदेश, रांची, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ का जिला दुर्ग, महाराष्ट्र का यवतमाल जिला, दिल्ली, बिहार का औरंगाबाद व ओडिशा तक शामिल रहा.

हरियाणा व राजस्थान के बाद अपने गृह प्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, जबलपुर, खंडवा, देवास, हरदा, होशंगाबाद, सीहोर, छिंदवाड़ा, खरगौन, ग्वालियर, सतना, सीधी, मंदसौर में भी लाडो फाउंडेशन के तहत तकरीबन 1,500 परिवारों के दरवाजे पर आप को ‘डिजिटल इंडिया विद लाडो’ की नेम प्लेट में उस घर की मुखिया के रूप में बेटी का नाम पढ़ने को मिल जाएगा.

ऐसी एक नेम प्लेट की लागत तकरीबन 70 रुपए आती है. 2,000 लोगों तक पहुंची इस मुहिम को उत्तर से दक्षिण तक तारीफ भी मिली.

बेटियों को मिला सम्मान

इस मुहिम की शुरुआत अनिल यादव पहलवान की बेटी आयुषी के जन्मदिन से हुई. बेटी ने जब पिता से सवाल किया कि क्या उस के घर के दरवाजे पर पिता की जगह उस का नाम लिखा पढ़ने को मिल सकता है?

अनिल यादव पहलवान ने अपनी बेटी की तरह पूरे देश की बेटियों को एक अनुपम भेंट दी और उस का नाम दिया, ‘डिजिटल इंडिया विद लाडो’.

इस मुहिम का असर हुआ कि बेटियों ने अपने पिता से जायदाद में नहीं, बल्कि सम्मान में अपना हक मांगा, जिसे स्वीकार करने वाले महज 4 साल में 2,000 लोग हो गए.

‘डिजिटल इंडिया विद लाडो’ से जुड़े केरल की आरापुरा तहसील चेंगनूर के गांव चेरीयनाड कोल्लागढ़ा के रजा थौमस और एलिजाबेथ ईसाई जोड़े ने अपनी दोनों बेटियों अक्जा व डेल्सी के नाम की नेम प्लेट अपने दरवाजे पर लगा दी है. अब रजा थौमस का घर उस की मुखिया अक्जा व डेल्सी थौमस के तौर पर पहचाना जाता है.

सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े थौमस परिवार के एक दोस्त बैतूल के बाशिंदे मैथ्यू पौल ने वह नेम प्लेट केरल पहुंचाई तो थौमस ने नेम प्लेट लगाते हुए केरल से तसवीर भेजी.

सराहना मिली, सम्मान नहीं

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत दूसरे राज्यों के वर्तमान मुख्यमंत्रियों ने इस मुहिम की तारीफ की. अनिल यादव पहलवान द्वारा खुद के खर्चे पर बना कर दी जाने वाली नेम प्लेट राज्य सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ मुहिम में मददगार साबित हो रही है, लेकिन प्रदेश की सरकार ने सम्मानपत्र देना तो दूर, एक पत्र तक नहीं लिखा.

इस समय बैतूल जिले के अनिल यादव पहलवान साल 2015 से ले कर आज तक इन नेम प्लेटों पर तकरीबन डेढ़ लाख रुपए खर्च कर चुके हैं, जबकि उन की पान की दुकान है. वे अपनी जेब से हर साल 20,500 रुपए इस काम  के लिए रखते हैं, ताकि कई चेहरों पर मुसकराहट लाई जा सके. यही वजह है कि गांवों से ले कर शहरों तक घरमकानबंगले को भी बेटी के नाम से पहचान मिलने लगी है और अनिल यादव पहलवान के साथ कारवां यों ही बढ़ता चला जा रहा है.

मिलेगा ताप्ती सम्मान

नदीनारी के मानसम्मान के लिए प्रदेश में मुहिम बनी मां सूर्यपुत्री ताप्ती जागृति समिति ताप्ती जन्मोत्सव पर साल 2020 का ताप्ती सम्मान अनिल यादव पहलवान को देगी.

इस समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता किशोर साहू व मीडिया प्रभारी रविंद्र मानकर ने इस बारे में ऐलान करते हुए उन की इस मुहिम की खुल कर तारीफ की है. यह समिति ऐसे लोगों को ताप्ती जन्मोत्सव व  दूसरे मौकों पर ताप्ती सम्मान से सम्मानित करती है, जो बेटी, नदी, नारी के रक्षक बन कर सामने आते हैं.

शूटिंग के दौरान गुस्से में आई ये बोल्ड भोजपुरी एक्ट्रेस, जानें क्यों

भोजपुरी सिनेमा इंडस्‍ट्री में अपने सलीके वाली बिहेवियर को लेकर फेमस शुभी शर्मा को भी गुस्‍सा आता है. वो भी तब, जब वे फिल्‍म के सेट पर फिल्‍म की शूटिंग में हो. हम बात कर रहे हैं फिल्‍म ‘एक साजिश जाल’ की जिस के सेट पर शुभी शर्मा को एक दिन  गुस्‍सा आ गया.

इस वजह से आया गुस्सा…

दरअसल हुआ यूं कि वे इस फिल्‍म की शूटिंग गुजरात में कर रही थी. इसी बीच एक दिन वे अपनी शूटिंग को लेकर सेट पर सुबह 7 बजे पहुंच गईं और तमाम चीजों के बाद अपनी बारी का इंतजार करने लगी. मगर उन्‍हें कहां पता था कि उनका यह इतंजार लंबा चलेगा और उन्‍हें पूरे दिन हर बार मेकअप में बस तैयार होकर बैठना पड़ेगा. बस क्‍या था उन्‍हें गुस्‍सा आ गया. हालांकि ऐसे मौके उनके साथ शायद पहले कभी नहीं आये थे.

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शुभी ने दिया ये बयान…

इस घटना को लेकर शुभी शर्मा ने कहा कि यह घटना मेरे लिए यादगार बन गई. शूटिंग के दौरान मुझे जिस दिन पूरे दिन इंतजार करना पड़ा था, उस दिन सेट पर एक्‍शन सीक्‍वेंस शूट हो रहे थे. फिर भी मैं अपने समय से सुबह 7 बजे वहीं थी. मुझे बार-बार कहा जा रहा था कि आप रेडी रहिये, नेक्‍स्‍ट सीन आपका ही है. मगर मेरा सीन रात 8 बजे हुए है. इससे दिन भर मुझे गुस्‍सा आता रहा है, लेकिन मैंने रिएक्‍ट नहीं किया. क्‍योंकि मैंने सोचा जब मैंने उनकी ये फिल्‍म साइन की है, तो यह वक्‍त उन्‍हीं का है. मगर एक कलाकार के रूप में मैं चिढ़ भी रही थी और मुझे हंसी भी आ रही थी. मेरे साथ आज तक ऐसा कभी हुआ नहीं था, इसलिए यह मेरे लिए अनोखा अनुभव था.

शुभी ने की ये अपील…

वहीं, शुभी शर्मा ने इस घटना को शेयर करते हुए अपनी फिल्‍म ‘एक साजिश जाल’ को प्‍यार देने के लिए दर्शकों से भी अपील की और कहा कि मेरी फिल्‍म 21 फरवरी को बॉक्‍स ऑफिस पर आ रही है. आप इसे पूरे परिवार के साथ जरूर देखें.

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बता दें कि रेणु विजय फिल्‍म्‍स इंटरटेंमेंट (निशांत उज्‍जवल) और बुल्‍स इंटरटेंमेंट के बैनर तले बनी भोजपुरी फिल्‍म ‘एक साजिश जाल’ के निर्माता बाबू त्‍यागी व संजय अग्रवाल, सह-निर्माता मनीष चतुर्वेदी और निर्देशक एम आई राज हैं. फिल्‍म में खेसारीलाल यादव, पूजा गांगुली और शुभी शर्मा के साथ मनीष चतुर्वेदी, अयाज खान, शमीम खान, दीपक सिन्‍हा, महेश आर्चाय, धामा वर्मा भी मुख्‍य भूमिका में हैं. फिल्‍म की कहानी मनोज कुशवाहा और संगीत मधुकर आनंद का है. फाइट इकबाल हुसैन का है. पीआरओ रंजन सिन्‍हा हैं. गीत आजाद सिंह और प्‍यारेलाल यादव का है. कोरियोग्राफर कानू मुखर्जी, रिकी गुप्‍ता और रामदेवन हैं.

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