बिहार चुनाव : नेताओं की उछलकूद जारी

आम लोगों के बीच किस पार्टी से किस को टिकट मिलेगा, इस पर अभी चर्चा ज्यादा हो रही है. अपनेअपने दलों से टिकट लेने वाले लोग आलाकमान तक पहुंच बनाने में रातदिन एक किए हुए हैं. कई दलों के संभावित उम्मीदवार अपनेअपने इलाके में प्रचार के काम में भी लग गए हैं.

सियासी गलियारे में पक्षविपक्ष के बीच आरोपप्रत्यारोप का दौर जारी है. एक दल से दूसरे दल में नेताओं की उछलकूद जारी हो गई है. गठजोड़ और मोरचे बनने लगे हैं. राजनीतिक पैतरेबाजियां शुरू हो चुकी हैं.

बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर अक्तूबरनवंबर में चुनाव होना है. वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को खत्म होने वाला है. वर्तमान सरकार से भी बहुतेरे लोग खफा हैं. युवा राजद के राष्ट्रीय महासचिव ऋषि कुमार ने बताया कि राजद छोड़ कर भाजपा के साथ मिल कर सत्ता में आने के बाद नीतीश कुमार की इमेज लगातार गिरती गई. एससी और ओबीसी तबके के लोगों को जितना विश्वास इन के ऊपर था, वह लगातार घटता गया. नीतीश कुमार भाजपा के इशारे पर ही चलने लगे. ऊंचे तबके के लोगों को नीतीश कुमार प्रश्रय देने लगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर बात में सुर में सुर मिलाने लगे. विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करने वाले और डीएनए की जांच के लिए नाखूनबाल केंद्र सरकार को भेजने वाले नीतीश कुमार ने भाजपा के सामने घुटने टेक दिए. बौद्ध धर्म से प्रभावित नीतीश कुमार ने कुरसी के चक्कर में भाजपा का थाम लिया. इस के चलते लोग इन्हें सोशल मीडिया पर ‘पलटू चाचा’ और ‘कुरसी कुमार’ के नाम से भी लोग ट्रोल करने लगे हैं.

ये भी पढ़ें- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बने ‘नीरो कोरोना’ : रिपोर्ट पॉजिटिव भी नेगेटिव भी!

सामाजिक सरोकारों से जुड़े अवध किशोर कुमार का कहना है कि जब कोई भी शख्स सत्ता में लंबे अरसे तक रह जाता है तो वह मगरूर हो जाता है, इसलिए सत्ता में बदलाव भी जरूरी है.

महागठबंधन की ओर से अब तक तय नहीं हो पाया है कि किस पार्टी का उम्मीदवार किस क्षेत्र से चुनाव लड़ेगा. इस की वजह से गठबंधन वाले सहयोगी दलों के बीच बेचैनी बढ़ने लगी है. सभी दल अपनाअपना गठबंधन मजबूत करने में लगे हुए हैं. महागठबंधन में लोग असमंजस की स्थिति में है. अब तक महागठबंधन के कई नेता अपनी अपनी पार्टी छोड़ कर जद (यू) में शामिल हो गए हैं. महागठबंधन में सीटों को ले कर दिक्कत आ रही है. कांग्रेस ने जिला स्तरीय वर्चुअल रैली के साथ अपना चुनावी अभियान तेज कर दिया है, लेकिन अभी तक सीटों का बंटवारा नहीं हो पाया है. राजद के नेतृत्व वाला महागठबंधन अब तक तय नहीं कर पाया है कि किस पार्टी का उम्मीदवार किस क्षेत्र से चुनाव लड़ेगा. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा, मुकेश साहनी का वीआईपी, कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों के उम्मीदवार और पार्टी प्रमुख अभी असमंजस की स्थिति में हैं. महागठबंधन से इस बात का खयाल रखा जा रहा है कि सत्ता विरोधी वोटों का बंटवारा किसी भी कीमत पर नहीं हो सके.

नीतीश कुमार से नाराज चल रहे चिराग पासवान के बोल बदल गए हैं. उन्होंने कहा कि मुझे राजग के चेहरे के रूप में नीतीश कुमार से कोई समस्या नहीं है. चिराग पासवान भाजपा से तत्काल रिश्ते नहीं खराब नहीं करना चाहते हैं. रामविलास पासवान ने कहा है कि वे चिराग के सभी फैसलों पर दृढ़ता से खड़े हैं. हाल के दिनों तक नीतीश कुमार चिराग पासवान के बोल से परेशान रहे हैं.

जद (यू) के प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि उन का गठबंधन भाजपा के साथ है और लोक जनशक्ति पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन में है. फिलहाल नीतीश कुमार और चिराग पासवान के बीच विवाद पर विराम लग गया है. दोनों नेताओं के शीर्ष पर भाजपा है, इसलिए दोनों नेताओं को भाजपा की बात माननी ही पड़ेगी.

इस बार का चुनाव प्रचार वर्चुअल संवाद के जरीए जारी है. आमसभा के दौरान किसी सभा में कितने लोग जुटे इस का आकलन तो सही तरीके से नहीं हो पाता था, लेकिन वर्चुअल संवाद में इसे कितने लोगों ने देखा है, इस का आंकड़ा पता चल जाता है.

ये भी पढ़ें- न्याय करता ‘गुंडों का गैंग’

नीतीश कुमार के वर्चुअल संवाद में 31.2 लाख यूजर का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन बिहार में यह आंकड़ा 12 लाख को भी पार नहीं कर सका.

जब सत्ता पक्ष के पास सारे संसधान रहते वर्चुअल संवाद की स्थिति यह है तो विपक्ष इस में कितनी कामयाबी हासिल कर पाएगा, यह शायद आने वाला समय ही बताएगा. इस बार का चुनाव पहले के चुनाव से हट कर होगा. नेता और आम नागरिक को भी एक नए तजरबे के साथ जुड़ना होगा.

Bigg Boss की इन इंटरनेशनल एक्स कंटेस्टेंट्स ने अपने लुक्स से जीता फैंस का दिल, देखें लिस्ट

टेलीविजन इंडस्ट्री के सबसे पौपुलर रिएलिटी शो बिग बॉस (Bigg Boss) में आना लोगों के लिए सबसे बड़ी बात होती है. बिग बॉस (Bigg Boss) से कई लोगों ने अपने करियर की शुरूआत की है और उन सबको एक अलग ही मुकाम हासिल हुआ है. बिग बॉस (Bigg Boss) के इतिहास में अब तक कई सेलेब्रिटीज आए हैं और कई कंटेस्टेंट यहां से सेलेब्रिटी बन कर बाहर निकले हैं.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss के इन एक्स कंटेस्टेंट्स ने मेकर्स से लिए सबसे ज्यादा रूपए, पढ़ें खबर

बिग बॉस के अब तक 13 सीजन गुजर चुके हैं और सीजन 14 (Bigg Boss 14) 3 अक्टूबर से ऑन एयर होने जा रहा है. ऐसे में मेकर्स की हर सीजन में कोशिश रही है कि शो में कोई ना कोई ऐसी इंटरनेशनल सेलेब्रिटी आए और दर्शकों का एंटरटेनमेंट करे. आज हम आपको बताने जा रहे हैं अब तक की सबसे हॉट इंटरनेशनल सेलेब्रिटीज के नाम जिन्होनें बिग बॉस (Bigg Boss) के घर में कदम रख कर शो में चार चांद लगाए हैं.

नोरा फतेही (Nora Fatehi)

इस कड़ी में सबसे पहला नाम है एक्ट्रेस नोरा फतेही का जो कि आज किसी पहचान की मोहताज नही हैं. आपको बता दें कि नोरा फतेही ने बिग बॉस सीजन 10 में एंट्री ली थी जिसके बाद से उनका करियर आसमां छूता नजर आया.

सोफिया हयात (Sofia Hayat)

 

View this post on Instagram

 

Every word that is written on your body sends a message to the cells in your body. Every piece of jewelry does the same. I am very concious about what I wear. The necklace around my neck is a Byzantian cross made of ceramic. (Porcelain) The energy feels good to me and the colour blue is the throat chakra, reminding one to speak and live ones truth. Porcelain is maleable, and reminds us that we are the makers of our destiny.. If you like my necklace you can get it from @theirinawagner My top is 15 years old! If anyone finds another, let me know! I love it so much!! #london #spiritualawakening #sofiahayat #consciousness #goddess #goldenage #sofiahayat #mantra #ayahuasca #guru #peace #egypt #mexico #metatron #metatronscube

A post shared by Sofia Hayat (@sofiahayat) on

जैसा कि हम सब जानते हैं कि सोफिया हयात ने बिग बॉस के सांतवे सीजन में कदम रखा था जिसके बाद से उन्हें खूब पौपुलैरिटी मिली थी. सोफिया हयात एक बांग्लादेशी एक्ट्रेस हैं और दिखने में बेहद ही हॉट हैं.

ये भी पढ़ें- Zee Plex पर फिल्म ‘खाली पीली’ देखने के लिए चुकाने पड़ेंगे इतने रूपए, पढ़ें खबर

एली अवराम (Elli Avram)

एली अवराम ने अपने लुक्स और अपनी क्यूटनेस से ना सिर्फ दर्शकों का बल्कि शो के होस्ट सलमान खान का भी दिल जीता था. एली अवराम भी बिग बॉस के सांतवे सीजन में नजर आई थीं.

सनी लियोन (Sunny Leone)

 

View this post on Instagram

 

Enjoying the extremely hot LA weather!!

A post shared by Sunny Leone (@sunnyleone) on

हॉटनेस के मामले में सबको पीछे छोड़ने वाली एक्ट्रेस सनी लियोन ने बिग बॉस के पांचवे सीजन में हिस्सा लिया था जिसके बाद से उन्हें एक नई पहचान हासिल हुई थीं.

ये भी पढ़ें- एक बार फिर सलमान खान ने जीता फैंस का दिल, खुद ही घटाई अपनी फीस

पमेला एंडरसन (Pamela Anderson)

 

View this post on Instagram

 

New puppy coming soon #adoptdontshop

A post shared by Pamela Anderson 🌸 (@pamelaanderson) on

हॉलीवुड एक्ट्रेस पमेला एंडरसन बिग बॉस सीजन 4 में एक मेहमान के रूप में नजर आई थीं. इस दौरान वे बिग बॉस के घर में 3 दिनों तक रुकी थीं जिसके लिए उन्होनें शो के मेकर्स से 2.5 करोड़ रूपए की राशी वसूल की थी.

एलेना कजान (Elena Kazan)

 

View this post on Instagram

 

photographer | Gerald Martins

A post shared by Elena Kazan (@elenakazan) on

जर्मन एक्ट्रेस ऐलेना कजान ने बिग बॉस के 10वें सीजन में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के रूप में एंट्री ली थी पर एक हफ्ते बाद ही वे घर से एविक्ट हो गई थीं.

ये भी पढ़ें- इस एक्ट्रेस की बोल्ड फोटोज देख फैंस के उड़े होश, वायरल हुईं फोटोज

मंदना करीमी (Mandana Karimi)

 

View this post on Instagram

 

Me and baby Walnut ♥️🐶 #puppy #love

A post shared by Mandanakarimi ماندانا کریمی (@mandanakarimi) on

एक्ट्रेस मंदना करीमी ने बिग बॉस के 9वें सीजन में हिस्सा लिया था और इतना ही नहीं बल्कि वे इस दौरान शो की फर्स्ट रनर अप भी रही थीं.

Bigg Boss के इन एक्स कंटेस्टेंट्स ने मेकर्स से लिए सबसे ज्यादा रूपए, पढ़ें खबर

टेलीविजन इंडस्ट्री का सबसे बड़ा रिएलिटी शो बिग बॉस (Bigg Boss) का हर सीजन बेहद सुपरहिट रहता और इस शो को सुपरहिट बनाने में कई लोगों का हाथ होता है. बिग बॉस (Bigg Boss) में जाना ज्यादातर लोगों का सपना होता है क्योंकि यह शो एकमात्र ऐसा रिएलिटी शो है जिसमें ना सिर्फ किसी का करियर शुरू होता है बल्कि वे इंसान सिर्फ और सिर्फ अपनी पर्सनैलिटी के दम पर लाखों, करोड़ों रुपए कमा कर निकलता है.

ये भी पढ़ें- Zee Plex पर फिल्म ‘खाली पीली’ देखने के लिए चुकाने पड़ेंगे इतने रूपए, पढ़ें खबर

ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे बिग बॉस (Bigg Boss) एक्स कंटेस्टेंट्स के नाम जिन्होनें मेकर्स से शो में रहने के लिए सबसे ज्यादा रकम वसूली है.

सिद्धार्थ शुक्ला (Siddharth Shukla)

 

View this post on Instagram

 

So what am I thinking about ….?

A post shared by Sidharth Shukla (@realsidharthshukla) on

इस कड़ी में सबसे पहला नाम आता है बिग बॉस के सबसे सुपरहिट सीजन यानी कि सीजन 13 के विनर सिद्धार्थ शुक्ला का जिन्होनें मेकर्स से एक हफ्ते के 8 लाख रूपए लिए हैं और तो और शो के विनर को जो 50 लाख की ईनाम राशी मिलती है वह भी उन्होनें हासिल की है.

रश्मि देसाई (Rashmi Desai)

 

View this post on Instagram

 

To good to be true ✨🦩 . . #rashamidesai #teamrashamidesai #unstopablerashamidesai #immagical✨🧞‍♀️🦄

A post shared by Rashami Desai (@imrashamidesai) on

टेलीविजन इंडस्ट्री की सबसे पौपुलर एक्ट्रेस रश्मि देसाई अपने फैंस के बीच काफी पौपुलर हैं. खबरों की माने तो एक्ट्रेस रश्मि देसाई तो बिग बॉस में आने का कई बार ऑफर दिया गया लेकिन उन्होनें हर बार इंकार किया लेकिन सीजन 13 के लिए उन्होनें हामी भर दी थी. रश्मि देसाई ने इस शो में रहने के लिए मेकर्स ने 1.2 करोड़ रूपए वसूल किए हैं.

ये भी पढ़ें- एक बार फिर सलमान खान ने जीता फैंस का दिल, खुद ही घटाई अपनी फीस

देवोलीना भट्टाचार्जी (Devoleena Bhattacharjee)

 

View this post on Instagram

 

🌸

A post shared by Devoleena Bhattacharjee (@devoleena) on

भले ही बिग बॉस 13 में एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी दर्शकों का दिल ज्यादा समय तक जीतने में कामयाब नही हो पाई थीं लेकिन फिर भी उन्होनें इस शो में हिस्सा लेने के लिए मेकर्स से एक हफ्ते के 10 लाख रूपए लिए थे.

बानी जे (Bani J)

 

View this post on Instagram

 

When they ask me about my journey and breaking stereotypes, the beauty of it is, it’s not something specific I set out to do. I just wanted to do one thing that made me happy in a day. That, has snow balled into me living a life filled with days of me doing things I ABSOLUTELY LOVE. A lot of cool things start to happen once you do things for Joy rather than any other thing. Action inspired through true intention (if you want to get spiritual about it (: ) I think more than being a woman with so much ink who likes to lift and act and create, it’s the stereotype of doing things I love and being abundant without giving in to resistance that has been the biggest stereotype I broke for myself. In simpler terms, I chose to believe I could live a life doing things I loved and be successful at it rather than believe I had to be at a job that made me miserable but may have made me money. Ya feel me fam? ♥️ On that note: 🇮🇳 Get ready for Myprotein’s Biggest Independence Day 𝗦𝗔𝗟𝗘 running on 15th August from 2pm – 5pm IST only! Exciting new products and gifts coming your way! (Edit)Ya know the code :L͟I͟F͟T͟L͟I͟F͟E͟ #yesimpossessiveaboutmyliquidchalk #cantdeadliftwithoutit #itsinthestore #reset #loalife #liftlife #thatgoodgood #bereadyfam #believe #lovemyMypFam

A post shared by ⚡Lady RocknRolla ♥ (@banij) on

बिग बॉस सीजन की सबसे पसंदीदा कंटेस्टेंट बानी जे की फैन फौलोविंग अलग ही लेवल पर है. एक्ट्रेस बानी जे ने शो के दौरान दर्शकों का खूब दिल जीता था और सीजन को हिट बनाने में काफी योगदान दिया था. एक्ट्रेस बानी जे ने इसके लिए मेकर्स से 1.5 करोड़ रूपए वसूले थे.

ये भी पढ़ें- इस एक्ट्रेस की बोल्ड फोटोज देख फैंस के उड़े होश, वायरल हुईं फोटोज

हिना खान (Hina Khan)

 

View this post on Instagram

 

Polka dots and happy hearts…

A post shared by HK (@realhinakhan) on

टेलीविजन इंडस्ट्री की पौपुलर एक्ट्रेसेस में से एक हिना खान काफी चर्चाओं में रहती हैं. भले ही हिना खान बिग बॉस सीजन 11 की कंटेस्टेंट रही थीं लेकिन उसके बाद भी वे कई बार शो में नजर आई हैं और सीजन 13 में तो वे कई बार दिखाई दी थीं. हिना खान ने मेकर्स से हर हफ्ते 8 लाख रूपए लिए थे.

दीपिका कक्कड़ (Dipika Kakar)

 

View this post on Instagram

 

Rain welcoming us to our favourite place❤️ . . @dellaadventureandresorts it is ❤️

A post shared by Dipika (@ms.dipika) on

बिग बॉस सीजन 12 में कदम रखने वाली एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ शो में हिस्सा लेने के साथ साथ शो की विनर भी रह चुकी हैं. इस दौरान दीपिका ने मेकर्स से हर हफ्ते 14-16 लाख रूपए की राशी वसूली थी.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 में एंट्री लेने से पहले इस एक्ट्रेस के दिखाया अपना बोल्ड अवतार, वायरल हुईं Photos

करिश्मा तन्ना (Karishma Tanna)

बिग बॉस सीजन 8 का हिस्सा रह चुकीं एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना दर्शकों की काफी फेवरेट रही थीं. इस दौरान करिश्मा ने एक हफ्ते के 10 लाख रूपए वसूल किए थे.

एक तीर कई शिकार: भाग 3

दूसरा भाग पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें- एक तीर कई शिकार: भाग 2

कई सवालों की बेल मेरा सवाल था— ‘‘नताशा, यदि निरंजन मर चुका होता तो उस की पूरी संपत्ति तुम्हारी होती. क्योंकि उस की पहली बीवी का कोई अतापता नहीं है. तो अचानक निरंजन को जिंदा देख कर तुम्हें लगा नहीं कि मुसीबत वापस कैसे आई?

‘‘क्योंकि तुम तो यही जानती थी कि वह मर चुका था. जिस

किसी ने भी मारा हो, आखिर लाश तो पुलिस तुम्हारे घर से ले गई थी. दूसरे क्या तुम अब खुश हो कि तुम हत्या के आरोप से छूट सकती हो?’’

‘‘मैं ने किसी की भी हत्या तो की नहीं थी, इसलिए मेरे छूट जाने का मुझे पूरा विश्वास था. लेकिन उस के आने से मेरी पुरानी मुसीबत के दोहराव की पूरी संभावना न हो, इस का डर था.’’

‘‘कौन सी मुसीबत?’’

‘‘गुलामी.’’

मैं दूसरे सवाल पर आ गई, ‘‘नताशा क्या तुम जानती हो कि हम ने जान लिया है कि पिछले दिनों तुम ने ही उन खूनियों को निरंजन की इस कोठी में आसरा दिया और पुलिस को इस बारे में इत्तला भी नहीं दी? जबकि तुम जानती हो हत्या उस ने की है.’’

‘‘उसे पैसे और रहने के लिए सुरक्षित आसरा चाहिए था. वह आसानी से मुझे अपनी कोठी और दुकान नहीं देना चाहता था. वैसे भी इस के बिना 30 साल की जहरा भला उस के साथ कितने दिन रहती? फिर अली बाबर भी पैसे के लिए अपनी बीवी को निरंजन के हवाले करने से गुरेज नहीं करता था. तो इसे अली बाबर को भी पैसे देने होते थे.’’

‘‘उस ने तुम से संपर्क कब साधा?’’

‘‘आप के मुझ से बात कर के चले जाने के लगभग महीने भर बाद वह और जहरा आए थे. मैं बेतरह चौंक पड़ी थी, कहा उस के रहने के लिए उसे कोठी में बने सुसज्जित तहखाना दे दूं. जैसे मैं दुकान संभाल रही हूं, वैसे ही संभालती रहूं, कोठी में भी अपना आधा हिस्सा समझूं.

ये भी पढ़ें- दगाबाज दोस्त, बेवफा पत्नी: भाग 3

‘‘बस जहरा के साथ मुझे उस के रिश्ते में परेशानी न हो और उसे कमाई का सारा हिसाब बताती रहूं साथ ही उस के डिमांड को पूरा करती रहूं. अगर इस बीच उसे धोखे में रख कर कोई कदम उठाया तो वह मेरी जिंदगी का आखिरी दिन होगा.’’

‘‘तो तुम मान गई?’’

‘‘मेरे सामने वापसी का कोई चारा नहीं था. उधर मेरी मां मर चुकी थी. किराए का घर था जो हाथ से जा चुका था. इन की बात नहीं मानती तो ये दोनों मिल कर मेरा कत्ल कर देते.’’

पुलिस अब निरंजन से मुखातिब थी. उस से कहा, ‘‘चलो, अब तुम भी अली बाबर के कत्ल का किस्सा सुना ही दो.’’

मैं ने निरंजन को चौंकते देखा. पुलिस के अधिकारी उसे चौंकते देख भी अनजान से बने रहे. उन्होंने दोबारा दबाव बनाया, ‘‘क्या हुआ, बोलते क्यों नहीं बाबर को कैसे और क्यों मारा तुम दोनों ने?’’

‘‘हम ने उसे नहीं मारा.’’ निरंजन ने इसी में कुछ मौके तलाशने शुरू कर दिए ताकि पुलिस को बरगला कर फिलहाल केस लटकाया जा सके.

‘‘अली बाबर मरा नहीं है, चाहो तो उसे फोन कर लो. हम ही बात करवा सकते हैं.’’ कहते हुए निरंजन और जहरा के चेहरों पर उम्मीद  की लकीरें दिखने लगी थीं.

‘‘चलो, फोन लगाओ.’’ पुलिस के कहते ही निरंजन ने एक नंबर डायल किया और तुरंत उधर से हैलो की आवाज सुनाई पड़ी जैसे कोई तैयार ही बैठा था.

पुलिस के अधिकारी ने तुरंत फोन उस के हाथ से ले कर जैसे ही हैलो कहा, उस तरफ की आवाज लड़खड़ा गई.

‘‘क्यों गार्ड जी, मायके की याद आ रही थी जो कानून से खेल गए?’’ पुलिस के इतना कहते ही निरंजन और जहरा के चेहरे का रंग उड़ गया.

‘‘धोखा नहीं दे सकते जनाब, हम आप जैसों को रास्ते पर लाने के लिए ही पैदा हुए हैं, समझे. वो लाश तुम्हारी नहीं थी, ये तो फोरैंसिक विभाग ने पहले ही पता कर लिया था, मगर वो अली बाबर की भी नहीं थी. कहो क्यों?’’ पुलिस की बातें सुन निरंजन और जहरा आंखें चुराने की कोशिश करते दिखे.

‘‘अली बाबर पैसों का भूखा था और इस का फायदा उठा कर तुम ने उसे तस्करी के जाल में फांस कर यहां से दूर उत्तर प्रदेश के उस के गांव भेज रखा है. पहले तो उस से गांजे की तस्करी करवाते हो. उसे उस का थोड़ाबहुत हिस्सा दे कर भविष्य के स्वप्नजाल में उलझा कर उसे गांव में ही छिपे रहने को कहते हो. इधर गार्ड को अली बाबर बना कर पेश करते हो ताकि मनमरजी उस से कहला सको.

ये भी पढ़ें- फेसबुक से निकली मौत: भाग 2

‘‘अली बाबर हमारे कब्जे में है समझे. अब सीधे मुंह बता दो कि वह लाश किस की थी और तुम ने नताशा की आंखों में धूल झोंक कर उसे इस कत्ल में फांसा किस तरह?’’

‘‘नताशा से शादी के बाद मैं घर में मन रमाने को राजी नहीं था और न ही बच्चे पैदा करने में दिलचस्पी दिखाई. तब नताशा मेरे साथ लड़ाई करने लगी. अपनी आजादी में खलल पड़ता देख मैं परेशान हो गया. तब तक जहरा का जादू भी मुझ पर चलने लगा था. मैं ने अली बाबर को बिजनैस के सिलसिले में बाहर भेजने का प्लान बनाते हुए अपनी दुकान पर एक अच्छे हैंडसम लड़के को रख लिया.

‘‘बच्चे मुझे पसंद नहीं थे. बेकार समय खराब करते हैं, जिम्मेदारी बढ़ाते हैं सो नताशा को कहीं और व्यस्त करना जरूरी था ताकि वह मेरे अलावा भी कुछ सोच सके. मुझे ऐसे भी दूसरे बिजनैस संभालने पड़ते तो मैं ने उसे दुकान पर भेजना शुरू किया. अकेलेपन में उस की घनिष्ठता उस लड़के के साथ बढ़ती रही और इस में मेरी शह पा कर उन का डर खत्म हो गया.’’

अवाक थी मैं. ये कैसा इंसान था. उस ने आगे कहना जारी रखा, ‘‘अंतत: इन की दोस्ती शरीर के आखिरी पड़ाव में पहुंचने लगी और तब मैं बहुत बुरा महसूस करने लगा जब मेरी ब्याहता मेरे ही शह पर मेरी दुकान पर काम करने वाले लड़के से गर्भवती हो गई.

‘‘उस बच्चे की जिम्मेदारी मुझ पर सौंपने की कोशिश करने लगी. अगर वह चुपचाप बात यहीं खत्म कर लेती तो कोई बात नहीं थी, लेकिन उस ने बच्चे के लिए सोचना शुरू कर दिया था, जबकि उस लड़के को इन बातों से कोई मतलब नहीं था. जो भी करना था, वही करती लेकिन बच्चे वाले पचड़े से मुझे दूर ही रखती.’’

इस बात पर उन तीनों के अलावा सब भौचक थे. हमारी गुत्थी अब आखिरी मंजिल पर लगभग पहुंचने वाली थी. सभी सांसें रोके उस की बात सुन रहे थे.

उस ने कहना जारी रखा, ‘‘हम उसे बहला कर जहर वाली शराब पिला कर अपने साथ लाए थे. तब नताशा आंखें बंद किए सोफे पर पड़ी थी. इस के पहले घर से निकलते वक्त नताशा के साथ महीने भर का गर्भ गिर जाने को ले कर काफी लड़ाई हुई थी. क्योंकि मैं ने उसे मिसकैरेज की दवा उस की गैरजानकारी में पिलाई थी.

मैं ने और जहरा ने मिल कर नताशा के नाक पर बेहोशी की दवा वाला रूमाल रखा. फिर हम ने उस अधमरे शख्स को सोफे पर लिटा कर चाकू से कई वार कर के खत्म किया, तेजाब से चेहरा जलाया और उस की मौत का यकीन हो जाने पर नताशा को फंसाने का सारा इंतजाम कर लिया.

‘‘मैं अपने गांव की तरफ भाग निकला और हमारे प्लान के मुताबिक जहरा ने यह सोच कर कत्ल का हल्ला किया कि इस से कभी मेरी खबर नहीं ली जाएगी और हम चुपचाप सब कुछ समेट कर विदेश चले जाएंगे, नताश केस में फंस जाएगी. अली बाबर से जहरा का संपर्क टूट जाएगा और उसे रुपए देने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी.’’

ये भी पढ़ें- अंजाम: भाग 4

‘‘वो शख्स आखिर कौन था, जिस की हत्या हुई?’’

हमारे वकील अब साफ शब्दों में सुनना चाह रहे थे.

‘‘वही लड़का, जिसे मैं ने दुकान पर रख कर नताशा के साथ मिलनेजुलने के मौके दिए.’’

पुलिस अधिकारियों की ओर देखते हुए वकील ने कहा, ‘‘इन का उद्देश्य एक साथ कई तीर मारना था. बीवी से ले कर उस के बौयफ्रैंड, इधर खुद के रंगरलियों पर खर्च के लिए गांजे की तस्करी और अय्याशी के लिए पार्टनर पति को दूर रखने की चालाकी, अपने खून का नाटक रच अय्याशी को छिपाने की कोशिश, बीवी को खून के इलजाम में अंदर कर खुद की संपत्ति को बीवी के नाम करने से बचाने की चेष्टा. एक साथ कितने स्वार्थ?’’

अब नताशा चुप नहीं रह पाई. मेरी ओर देख कर उस ने पूछा, ‘‘लेकिन आप ने अब तक नहीं बताया कि आप कौन हैं?’’

मेरे चेहरे पर मुसकान थी. खुद की कही बात का मैं ने लाज रखा था. अब परदा उठना ही चाहिए.

‘‘मैं निरंजन की पहली बीवी हूं और इस ने मेरे बेटे की पहली बलि ली थी. इसे याद होगा या नहीं, मुझे इस की वह बात हर पल याद रही जो इस ने मुझ से कहा था. याद है निरंजन, क्या कहा था तुम ने?

‘‘स्कूल से लौटने के बाद जब मैं ने अपने 3 साल के बेटे के कत्ल का दोषी पाया तुम्हें, तभी मैं ने बददुआ दी कि एक मां को रुला कर तुम ने अच्छा नहीं किया. इस ने मुझ से कहा था क्या कर लेगी तू, एक सरकारी स्कूल की मामूली सी टीचर.’’

निरंजन चौंका और मेरी ओर देखता रहा. मैं ने तुरंत अपने आधे ढंके चेहरे को सब के सामने अनावृत्त कर दिया. मेरे चेहरे के साथ अब सारे परदे अनावृत्त हो गए थे. हट गए थे.

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘निरंजन की पहली बीवी पर्णा का साथ मिला तो हम इतने पेचीदे राज आसानी से सुलझा पाए, पर नताशा का अपराध छिपा कर अपराधी को पनाह देने के एवज में कुछ सजा तो स्वीकार करनी पड़ेगी.’’

बेमौत मरे एक शख्स की लाश के 2 गज जमीन के नीचे जितने भी राज दफन थे, उन का खुलासा होना और दोषियों का सजा पाना कानून की जीत थी. और इस जीत का जश्न मैं अपने बेटे की यादों में महसूस कर पा रही हूं.

ये भी पढ़ें- डोसा किंग- तीसरी शादी पर बरबादी: भाग 2

कहानी सौजन्य-मनोहर कहानियां

एक तीर कई शिकार: भाग 2

पहला भाग पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें- एक तीर कई शिकार: भाग 1

निरंजन बिंदास किस्म का इंसान था. वह अपने अटल यौवन और शोख अंदाज का भरपूर लाभ उठाना चाहता था. स्त्रियां उस के डीलडौल और मस्ताने अंदाज पर दीवानी भी थीं. उस का पहला बच्चा 3 साल का  मेंटली रिटार्डेड बेटा था. उस की बड़ी जिम्मेदारी बन कर उभर रहा था.

एक तरह से उस की आजादी पर पहरा. उस की मां के नौकरी पर जाने और आया की जरा सी लापरवाही ने उसे अपने बच्चे को मार देने को उकसाया और वह कर गुजरा.

नौकरी से आ कर मरे हुए बच्चे को जब सीने से लगा कर उस मां ने कसम खाई कि निरंजन को बेमौत मरते देख कर ही उसे चैन मिलेगा, तब उस में इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह कानून की नजर में निरंजन का अपराध साबित कर सके.

‘‘दीदी, अब आप ही बताइए कि मैं इस जाल से कैसे मुक्ति पाऊं? अभी हम लोग रात गए बच्चे के मिसकैरेज को ले कर लड़ ही रहे थे कि वह दनदनाता हुआ घर से निकल गया. इस के पहले मैं लोगों से सुन चुकी थी कि निरंजन भव्य निलय में रहने वाले एक दंपति के घर रोजाना जाने लगा है.’’

‘‘जहरा खातून और अली बाबर के घर?’’

‘‘हां, आप को कैसे मालूम?’’

बात बनाने वाली औरतें उसे खूब पसंद हैं. जहरा खातून इसी ढांचे की है, पति कमाता नहीं है अलबत्ता बीवी के कपड़े की दुकान में सेल्समैन जरूर है. जहरा ने निरंजन को तीरेनजर से आरपार कर रखा था. पान वाले होंठ, रसीले गुलाबी. पायल वाली ठुमकती एडि़यां और लचकती कमर से निरंजन बेकाबू था.

ये भी पढ़ें- दगाबाज दोस्त, बेवफा पत्नी: भाग 2

वैसे तो वह कंजूस था, लेकिन मनपसंद औरतों पर लुटाने में उसे कोई गुरेज भी नहीं था. वह और जहरा इसी ताक में रहते कि कब अली बाबर घर से बाहर हो और उन्हें अकेले में मौका मिले. लेकिन मौके थे कि लंबे समय तक मिले नहीं. दोनों झल्लाए हुए थे.

‘‘दीदी, निरंजन के घर से बाहर हो जाने के बाद मैं सोफे पर पसरी पड़ी थी. मैं अंदर से मर चुकी थी. पत्नी के नाते उस से मेरा लगाव अब बिलकुल ही खत्म था. उस ने मेरी हैसियत जबरदस्ती गले पड़ी वाली कर रखी थी. अपनी जिंदगी वह अलग जीता था. मैं बस तड़पतड़प कर जी रही थी.

‘‘अभी मैं सोफे पर ही पड़ी थी कि वह धड़धड़ाते हुए अंदर आया और मुझे संभलने का मौका दिए बगैर मेरी नाक पर दवा लगा रुमाल रख दिया. जहां तक मुझे याद है, उस के साथ जहरा खातून भी थी.’’

‘‘यानी तुम तब बेहोश थी जब तुम्हारे घर कुछ खतरनाक खेल खेले गए?’’

‘‘जी.’’

‘‘इसलिए तुम पुलिस की पूछताछ का जवाब नहीं दे पा रही हो. और बेहोश करने के बाद काम आया कपड़ा बाद में लाश के पास पाया गया.’’

‘‘जी दीदी, मगर आप? आप प्लीज बताइए, आप हैं कौन? क्यों मेरी मदद कर रही हैं?’’

‘‘निरंजन के पास पैसा तो काफी था. क्या वह घर की तिजोरी में पैसे अब भी रखता था?’’

‘‘हां, कभी जरूरत पड़े तो.’’

‘‘सही फरमाया, काले कामों में सफेद पैसे जरूरत के वक्त काम नहीं आते. तो हम एक बढि़या वकील करते हैं और जरूरत हुई तो खुफिया एजेंसी की मदद लेंगे. रही बात मेरी, तो सही समय आने दो अभी तुक्का मत लगाना.’’

मैं ने उसे गहरी मुसकान से देखा और घर से निकल गई.

मेरी खुद की जांच अपने तरीके से चल रही थी. नताशा को सरकारी वकील दिया गया था लेकिन उस के लिए मेरे खुद के वकील लगाने के प्रस्ताव को कोर्ट से मंजूरी मिल गई.

हम ने अपने स्तर पर नए सिरे से पड़ताल शुरू की.

इधर जब से यह केस हुआ था, न जाने क्यों जहरा तो जहरा, उस का पति अली बाबर तक कहीं दिखाई नहीं दे रहा था. उन का कारोबार घर में ही था और वह अच्छे खातेपीते लोग थे. अचानक घर में ताला लगा नजर आने लगा. लोगों के बीच कानाफूसी हुई, लेकिन मर्डर मिस्ट्री में कौन नाक डाले. वैसे भी जमाने में नाक ही ऐसी चीज है जिस की फिक्र में बड़ेबड़े संभले रहते हैं.

ये भी पढ़ें- फेसबुक से निकली मौत: भाग 1

लेकिन मुझे तसल्ली नहीं थी. मैं ने एक रात 12 बजे अपने डर और दायरों को दरकिनार करते हुए भव्य निलय का रुख किया.

जहरा के घर क्या वाकई ताला जड़ चुका है या कुछ और बाकी भी है.

भव्य निलय जाने से पहले मैं ने हिम्मत बटोरी, क्योंकि कई रिस्क लेने थे. और हां, ये लेने ही थे क्योंकि इस के बिना मैं खुद भी बेचैन थी.

मैं ने बुरका पहना, छोटी सी अटैची ली, भव्य निलय के फाटक पर पहुंची. यहां गार्ड को जवाब देना था, कहा, ‘‘जहरा आपा से मिलने आई हूं. उन की खाला की बेटी हूं.’’

‘‘पर मैडम, वे तो यहां नहीं हैं.’’

‘‘अरे, फिर मैं इतनी रात गए कहां रुकूंगी. मेरी ट्रेन लेट हो गई, अब तो कोई होटल भी नहीं मिलेगा, कुछ करो.’’ मैं ने गार्ड को 50 रुपए का नोट थमाया.

नोट की चोट सीधे दिमाग पर पड़ती है. बंदा ढीला पड़ गया. मुझे पीछे गली वाले दरवाजे की तरफ ले गया और बताया कि जहरा ने किसी को भी बताने को मना किया है. दरअसल पुलिस से पंगा है. इन की निगरानी की वजह से इन के घर के सामने दरवाजे पर ताला लगा है.

‘‘अच्छा है, आप उन का साथ दे रहे हैं वरना मेरी आपा का क्या होता.’’

मैं ने जहरा को फोन लगाने का नाटक किया और उसे लगे हाथ वहां से रवाना कर दिया. गार्ड के जाने के बाद मैं खिड़की से नजारे देखने की कोशिश करने लगी. आश्चर्य! यह निरंजन था जहरा के साथ. मेरा अंदेशा सही था. निरंजन और जहरा अपनी मनमानी पर थे, आजादी के जश्न में मग्न.

उन्हें इस तरह कैमरे में कैद कर और खुद को उन्हें देखते रहने की जिल्लत से बचा कर मैं निकलने को हुई. एक अच्छेखासे अभिनय के साथ मैं गार्ड के सामने से गुजरी. गार्ड कहता रह गया, ‘‘अरे मैडम, कहां जा रही हो?’’

मैं सिसकते हुए दौड़ती रही और कहती रही, ‘‘आपा के साथ पता नहीं कौन गैरमर्द है. मुझे घुसने ही नहीं दिया. जाने आपा कैसे बदल गईं.’’

इतनी देर में मैं काफी तेज भाग कर गली में आ चुकी थी और गार्ड के भौचक रह जाने से ले कर मेरे नदारद होने तक कई मिनट के फासले बड़ी सफाई से अंधरे में गुम हो चुके थे.

ये भी पढ़ें- अंजाम: भाग 3

मेरे दिमाग में गुत्थी लगभग सुलझ चुकी थी, लेकिन साबित कैसे किया जाए. ये लोग खर्च बचाने और सुरक्षित रहने के लिए खुद के ही घर में अय्याशी करते हैं लेकिन बाहर वालों की आंखों में धूल झोंके रखने के लिए बाहर ताला लगाते हैं.

यानी लगे हाथ यह भी बात है कि निरंजन अगर जिंदा है तो लाश किस की है? और अली बाबर के बाहर माल लेने जाने की बात भी कहां तक सच्ची है?

इन्हें रंगेहाथ पकड़ कर जिरह करनी पड़ेगी. मैं ने वकील से पहले अकेले में मिलना सही समझा. उन्हें वीडियो रिकौर्डिंग दिखाई और सारी बातें बताईं.

वकील ने कहा, ‘‘मैडम आप ने लगभग एंड गेम खेल लिया है समझो, खुफिया एजेंसी की जरूरत नहीं पड़ेगी.’’

बात साफ थी कि निरंजन और जहरा की अय्याशी की वजह से ये सारे खूनी तमाशे हुए और नताशा की सफाई कार्यक्रम के तहत उसे फंसाने की साजिश की गई. लेकिन सवाल यह था कि आखिर लाश किस की थी? कहीं जहरा के शौहर अली बाबर की तो नहीं? लाश को उन्होंने बुरी तरह गोद दिया था, चेहरा तेजाब से झुलसाया गया था. वे शायद इस खुशफहमी में थे कि निरंजन की अनुपस्थिति को उस का कत्ल मान लिए जाने में दिक्कत नहीं आएगी.

खून हुए महीना भर हो चुका था. जांच के पीछे से उन की रंगरलियां तो जहरा के घर में चल ही रही थीं लेकिन सवाल यह था कि उन की जिंदगी की गाड़ी चल कैसे रही थी? न तो निरंजन बिजनैस संभाल रहा था और न ही जहरा कपड़े बेच रही थी. जमापूंजी के लिए दिन में उन्हें बैंक भी तो जाना था. कौन था जो उन की मदद कर रहा था?’’

खैर, ढेरों सवालों के साथ वकील साहब और मैं पुलिसिया जांच के संपर्क में थे.

हम ने पुलिस को वीडियो दिखाया और दोनों को तब धर दबोचा गया, जब दोनों रात में जहरा के घर मौज में डूबे थे. निरंजन के चेहरे का पानी उतर चुका था. वह बदहवास सा पुलिस की गिरफ्त में था. उस ने सोचा नहीं था कि उस की चालाकी इस तरह पकड़ी जा सकेगी.

दरअसल, उसे उस सामान्य सी टीचर की असामान्य सी उपस्थिति का अंदाजा नहीं था. मैं ने पुलिस से अनुरोध किया था कि अगर परिणाम जल्द चाहते हैं, तो मुझे भी जिरह का मौका दिया जाए. प्लानिंग के अनुसार वकील, पुलिस और जज की उपस्थिति में शुरुआती जिरह के लिए निरंजन की कोठी का चयन किया गया.

नताशा के सामने निरंजन और जहरा को बिठाया गया. मैं ने सवाल पूछने की इजाजत मांगी. ये सवाल कायदे के अनुसार संबंधित अधिकारियों को पहले ही बताए जा चुके थे.

ये भी पढ़ें- डोसा किंग- तीसरी शादी पर बरबादी: भाग 1

कहानी सौजन्य-मनोहर कहानियां

जानें आगे क्या हुआ अगले भाग में…

मैं जब भी अपनी गर्लफ्रैंड के साथ जिस्मानी रिश्ता बनाने की बात करता हूं तो वह मना कर देती है, मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं 19 साल का एक लड़का हूं और मेरी 18 साल की एक गर्लफ्रैंड भी है. हम पिछले एक साल से साथ हैं. मैं जब भी अपनी गर्लफ्रैंड के साथ जिस्मानी रिश्ता बनाने की बात करता हूं, तो वह मना कर देती है. इस बात पर हमारी बहुत लड़ाई होती है. वह कहती है कि शादी से पहले ऐसी डिमांड रखी तो वह मु झ से रिश्ता तोड़ लेगी. मैं क्या करूं?

ये भी पढ़ें- मैं क्रिकेटर बनना चाहता हूं पर मेरे घर वाले इस के लिए बिलकुल भी तैयार नहीं हैं, मैं क्या करूं?

जवाब-

आप की गर्लफ्रैंड आप से कहीं ज्यादा समझदार लगती है. आप उस की मरजी के बिना क्यों जिस्मानी संबंध बनाना चाहते हैं और क्यों वह मना कर रही है, इन दोनों बातों पर ठंडे दिमाग से गौर करें. अगर आप दोनों शादी करना चाहते हैं तो सैक्स संबंधों की जिद पर दोस्ती न तोड़ें. यह भी एक हसीन एहसास है, इसे ऐंजौय करें. जबरदस्ती करेंगे तो अपनी गर्लफ्रैंड की निगाह में गिरेंगे ही, इसलिए जब तक वह खुद हां न करे, तब तक सैक्स की डिमांड न करें.

ये भी पढ़े- स्कूल में बाकी साथी मुझे बूढ़ा कह कर चिढ़ाते हैं जिससे की मेरा पढ़ाई में भी मन नहीं लगता है, मैं क्या करू?

एक तीर कई शिकार: भाग 1

दरअसल मैं इस कहानी में कोई नहीं हूं, न ही इस में मौजूद पात्रों से अब मेरा कोई रिश्ता है. कह सकते हैं कि मैं वह हूं जो इन सब के बीच न हो कर भी हो. वजूद सिर्फ दो जोड़ी आंखों का मानिए, जो हमेशा इन पात्रों के इर्दगिर्द मौजूद है.

कहानी के इन मुख्य चरित्रों के सामने दूर की एक बिल्डिंग में मेरा निवास है और सरकारी स्कूल में सामान्य सी टीचर हूं. वैसे सामान्य रह कर भी असामान्य हो जाने के गुर में मैं माहिर हूं. ये आप पर आगे की कडि़यों में जाहिर होगा.

तो चलिए हमारी इन दो आंखों के जरिए आप उन पात्रों के जीवन में प्रवेश करें जिन्होंने अपने स्वार्थ, छोटी सोच और छल की वजह से यह कहानी रची.

दूसरी मंजिल पर स्थित मेरे फ्लैट की खिड़की की सीध में एक 3 मंजिला बिल्डिंग है. इस में कुल 8 फ्लैट हैं. इन में से नीचे वाले पीछे के एक फ्लैट पर हमारी नजर रहेगी और ठीक इस बिल्डिंग के पीछे वाली बिल्डिंग में हमारी अदृश्य आवाजाही होगी.

ये भी पढ़ें- दगाबाज दोस्त, बेवफा पत्नी: भाग 1

8 फ्लैटों के समूह वाली बिल्डिंग का नाम ‘भव्य निलय’ और पीछे वाली दुमंजिली बिल्डिंग का नाम ‘निरंजन कोठी’ है. निरंजन कोठी का मालिक निरंजन बत्रा 52 साल का एक हट्टाकट्टा अधेड़ है, जिस के चलनेफिरने और बात करने का लहजा मात्र 35 साल के व्यक्ति जैसा है.

उस की पहचान में शायद ही कोई ऐसी युवती हो जो उस के शोख लहजों पर फिदा न हो. उस की एक खास विशेषता यह भी है कि वह अपना कारोबार बहुत बदलता है. कभी टूरिज्म ट्रैवल, कभी साइबर कैफे और मोबाइल शौप, कभी स्टेशनरी तो कभी ठेकेदारी, बंदा बड़ा अनप्रेडिक्टेबल है. कहूं तो रहस्यमय भी. वो अकेला जीना और अकेला राज करना चाहता है, लेकिन उसे स्त्रियों की कमी नहीं है. लिहाजा वह उन का उपयोग कर के फेंकने से नहीं कतराता.

निरंजन की फिलहाल एक बीवी है जिस की उम्र 24 साल है. हुआ यह था कि पहली शादी वाली पत्नी के चले जाने के बाद उस ने 9 साल बिना शादी के बिताए और लड़कियों से उस के संबंध जारी रहे. अभी ऐसे ही दिन निकल रहे थे कि वह 21 साल की एक लड़की से ब्याह कर बैठा.

यह लड़की उस के साइबर कैफे में अकसर ही आती थी. निरंजन लड़कियों को शीशे में उतारने की कला में माहिर था. इस लड़की के साइबर कैफे से उस के घर तक पहुंचने में ज्यादा दिन नहीं लगे.

रात भर की रंगीनियों के बाद जब सुबह लड़की की आंखें खुलीं तो उसे दिमाग कुछ ठिकाने पर महसूस हुआ. उसे घर में विधवा मां की याद आई. उस की बेचैनी की सुध हुई और वह घर वापस जाने के लिए तड़प उठी. लेकिन तब तक उस के अनजाने ही उस की जिंदगी पर निरंजन की पकड़ मजबूत हो गई थी.

निरंजन के सख्त रवैए से भयभीत हो लड़की घबरा गई. वह उस की हर शर्त को मानने के प्रस्ताव पर तुरंत राजी हो गई. निरंजन ने उसे उस की कोठी पर आते रहने का फरमान सुनाया. स्थिति कुछ ऐसी थी कि उसे लाचार हो कर मानना पड़ा.

यह सब 6 महीने चला और लड़की गर्भवती हो गई. रायता अब ज्यादा ही फैल चुका था. लड़की ने छिपे हुए बटन कैमरे से खुद निरंजन के साथ के अंतरंग क्षणों का वीडियो बना लिया. फिर वह वीडियो क्लिप निरंजन को भेज कर धमकी दी, ‘सारा बिजनैस ठप हो जाएगा अगर मैं ने यह वीडियो वायरल कर दी तो.

ये भी पढ़ें- बेरहम बेटी: भाग 2

‘‘मैं तो गरीब घर की लड़की हूं और क्या लुटेगा. बहुत हुआ तो शहर छोड़ दूंगी. लेकिन इस तरह लूट कर मुझे फेंकने नहीं दूंगी. मेरी मां को बेइज्जती से बचाने का एक ही रास्ता है कि तुम मुझे और मेरे होने वाले बच्चे को अपना लो. मुझ से शादी कर लो.’

समाज में निरंजन बड़े धौंस से रहता था. कोठी, गाड़ी, एक साथ कई बिजनैस, उस का डीलडौल सब उस की धौंस की वजह से थे. आखिर ऊंट आ ही गया पहाड़ के नीचे.

इस तरह लड़की नताशा उस की बीवी बन गई.

अभी 4 साल हुए थे उन की शादी को. फिर यूं अचानक निरंजन बत्रा की लाश रात गए उस की कोठी पर मिलना, पुलिस की रेड, नताशा को पुलिस कस्टडी में लिया जाना, जमानत पर सुबह तक उस का घर वापस आ जाना, माजरा आखिर क्या था?

रात से ले कर सुबह तक कोठी में अंदरबाहर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था. मीडिया वाले भी थे, पुलिस सब को बाहर ठेल रही थी. नताशा काले ब्लाउज, नेट वाली जौर्जेट की वाइट साड़ी में उन्मुक्त केश आंखों में आंसू हौल के फर्श पर बिखरी सी बैठी थी. इस के बावजूद लोगों के आकर्षण का केंद्र थी.

उस की आंखों में खुद को निर्दोष साबित करने की पीड़ा थी या वियोग की पीड़ा, अभी कुछ नहीं कहा जा सकता था. हां, मेरे होंठों पर जरूर विद्रूप की एक हलकी रेखा फैल गई. मैं ने इसे खुद से छिपाते हुए भी तुरंत वहां से दूर हट जाना ही ठीक समझा.

4-5 दिनों तक निरंजन बत्रा के घर भीड़ लगी रही. मांबाप कोई थे नहीं और संतान अब तक उस ने होने नहीं दी थी. किसी भी तरह उस ने अपने आसपास परिवार पैदा नहीं होने दिया. उसे उस की स्वच्छंदता में खलल नहीं चाहिए थी. नताशा इस वक्त अकेली ही जूझ रही थी.

निरंजन की मौत के बाद चचेरे, ममेरे भाई आसपास मंडराते नजर आए. 4 साल निरंजन के साथ रह कर नताशा इतनी तो चतुर हो ही गई थी कि चील, बाज और गिद्धों को पहचान ले. उस ने बड़ी ही चतुराई से उन्हें नजरअंदाज करते हुए रफादफा किया.

नताशा अब कठघरे में थी. सारा शक उसी पर था. जांच जारी थी. यह बात भी सच थी कि रात के 11 बजे जब कत्ल का खुलासा हुआ, तब तक नताशा और निरंजन घर में अकेले थे और दोनों इस के पहले तक चीखचीख कर लड़ रहे थे, पड़ोसियों ने सुना था.

ये भी पढ़ें- अंजाम: भाग 2

पुलिस अपनी ओर से शिनाख्त में व्यस्त थी, लेकिन मैं नताशा से मिलने के लिए उतावली थी. क्या निरंजन जैसे सख्त जान आदमी नताशा जैसी साधारण डीलडौल वाली लड़की से मात खाया होगा.

रात के 10 बज रहे थे जब मैं ने नताशा का दरवाजा खटखटाया. घर में छोटा सा टेलरिंग शौप चलाने वाली विधवा मां की जिस मुरछाई सी बेटी के रूप में नताशा ने इस घर में अपनी उपस्थिति की मुहर लगाई थी, आज वह सिग्नेचर पूरी तरह बदल चुका था.

थकी बोझिल और चिंतित रहने के बावजूद वह अपनी शौर्ट्स और क्रौप टौप में गजब ढा रही थी. वैसे उस के चेहरे पर उलझन की लकीरें साफ थीं, मुझे देख कर अवाक रह गई. शायद इसलिए कि मुझे कभी देखा नहीं था.

मैं ने उस से कहा, ‘‘मैं पर्णा हूं, तुम्हारी मदद कर सकती हूं.’’

‘‘किस सिलसिले में?’’

‘‘मासूम क्यों बनती हो? मुझ से मदद लिए बिना तुम इस भंवर से पार नहीं पा सकती.’’

‘‘आइए, अंदर आइए. आप कौन हैं? कैसे मदद करेंगी मेरी?’’

सीआईडी की तरह पूरे हौल का नजरों से मुआयना करते हुए मैं ने पूछा, ‘‘कहां पड़ी थी लाश और किस हाल में थी?’’

सवाल पूछा तो सही लेकिन मेरा ध्यान कहीं और चला गया था.

कुछ भी तो नहीं बदला था. बस कुछ सामान इधर से उधर हुए थे और कुछ नए जुड़े थे.

नताशा ने जो कुछ कहा, उस का आधा हिस्सा ही कानों तक पहुंचा और बाकी मैं स्वयं ही देख कर समझने की कोशिश कर रही थी. नताशा कुछ उतावली हो रही थी, ‘‘आप किस तरह मदद करेंगी?’’

‘‘निरंजन के बारे में तुम कितना आश्वस्त हो? मैं जानती हूं वह चंचल मति था, नई लड़कियां उस की बहुत बड़ी कमजोरी थीं.’’

‘‘सच मानिए, मैं ने उसे नहीं मारा. मैं उसे मार भी नहीं सकती. खासकर चाकू घोंप कर तो कभी नहीं.’’ बेसहारा नताशा जैसे अंधेरे में ही तिनके को पकड़ने की कोशिश में लगी थी.

ये भी पढ़ें- अंधविश्वास की पराकाष्ठा: भाग 2

‘‘लेकिन तुम ने पहले उसे शराब में जहर मिला कर पिलाया, तब चाकू से…’’

‘‘मैं ने ऐसा कुछ नहीं किया, उलटा उसी ने…’’

‘‘उसी ने? क्या किया था उस ने?’’

‘‘मैं अभी हफ्ते भर पहले मिसकैरेज से निकली हूं. उस ने मुझ से छिपा कर दवा दे दी थी ताकि मेरा बच्चा खत्म हो जाए.’’

‘‘अच्छा, तो इस बार भी?’’

‘‘मतलब… इस बार भी मतलब?’’ मुझे पढ़ने की नाकाम कोशिश में उस का चेहरा लाल हो गया था, फिर उस ने आगे कुछ समझने का प्रयास करते हुए कहा, ‘‘हां, इस बार भी. शादी कर तो ली थी उस ने, लेकिन बाद में उसे लगा कि मेरे बच्चे के कारण वह जिम्मेदारियों में बंध जाएगा, इसलिए पहली बार भी मुझे मजबूर किया था उस ने.’’

नताशा का ध्यान खुद की तरफ ही था, ‘‘अच्छा ही है.’’ मैं ने बात बढ़ाते हुए कहा, ‘‘तुम्हें कैसे पता कि उस ने दवा खिलाई थी?’’

‘‘उस ने शरबत में घोल कर दवा खिलाई थी. जब तक समझ पाती पी चुकी थी मैं. बेबी नष्ट करने को ले कर वह वैसे भी मुझ से लड़ता रहता था.’’

‘‘कहीं और अफेयर था उस का?’’

अचानक जैसे होश आया हो उसे. एक सहारे के फेर में कहीं उस ने राज तो जाया नहीं कर दिए? शायद उसे निरंजन के लड़ते रहने की बात जाहिर करने का अफसोस था क्योंकि इस से नताशा के कत्ल का अंदेशा पुख्ता होता था.

उस ने हड़बड़ा कर पूछा, ‘‘आप हैं कौन? बताती क्यों नहीं?’’

‘‘मैं जो कोई भी हूं, बस जानो कि तुम से सहानुभूति है और मुझे लगता है कि इस मामले में तुम निर्दोष हो.’’

‘‘दीदी. मैं आप को दीदी कह सकती हूं? बड़ी ही हैं आप मुझ से.’’

‘‘20 साल बड़ी हूं तो कह ही सकती हो. इतना जान लो निरंजन ने अपनी पहली बीवी के बच्चे को भी मारा था.’’

ये भी पढ़ें- जीवन की चादर में छेद: भाग 2

‘‘क्या कहती हैं आप? आप को कैसे पता?’’

‘‘तुम मेरा परिचय ढूंढने की कोशिश मत करो, बस जानकारी जुटाओ.’’

कहानी सौजन्य-मनोहर कहानियां

जानें आगे क्या हुआ अगले भाग में…

एक तीर कई शिकार

Zee Plex पर फिल्म ‘खाली पीली’ देखने के लिए चुकाने पड़ेंगे इतने रूपए, पढ़ें खबर

सिनेमाघर बंद है, तो ओटीटी प्लेटफॉर्म की बल्ले बल्ले है. नेटफ्लिक्स (Netflix), अमेजॉन (Amazon), एम एक्स प्लेयर (MX Player), इरोज नाउ (Eros Now), हॉटस्टार डिजनी (Hotstar Disney) सहित सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म का दावा है कि पिछले 5 महीने के अंदर उनके दर्शकों की संख्या 40 लाख बढ़ गई है. इतना ही नहीं, अब इन्हें विज्ञापन भी मिलने लगे हैं. तो वहीं अब दर्शकों की सिनेमा देखने की भूख को भुनाने के लिए तरह-तरह की पैतरे बाजी भी शुरू कर दी गई है.

ये भी पढ़ें- एक बार फिर सलमान खान ने जीता फैंस का दिल, खुद ही घटाई अपनी फीस

‘जी स्टूडियो’ (Zee Studio) का पहले से ही अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘जी 5’ (Zee 5) है. मगर अब ‘जी स्टूडियो’ ने एक नया ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘जी प्लैक्स’ (Zee Plex) शुरू किया है. ओटीटी प्लेटफार्म ‘‘जी प्लैक्स’’ के लिए किसी को भी ‘‘जी प्लैक्स’’ का वार्षिक ग्राहक बनने की आवश्यकता नहीं है. बल्कि इस ओटीटी प्लेटफार्म पर हर इंसान को हर बार प्रति फिल्म शुल्क चुकाना पड़ेगा. इतना ही नहीं इस ओटीटी प्लेटफार्म से फिल्म को डाउनलोड भी नही कर सकते. इसी वजह से अब दो अक्टूबर को ‘‘जी प्लैक्स’’ पर आने वाली पहली मौलिक फिल्म ‘‘खाली पीली’’ (Khaali Peeli) देखने के लिए हर इंसान को 299 रूपए चुकाने होंगे.

अली अब्बास जफर और ‘जी स्टूडियो’ द्वारा निर्मित तथा मकबूल खान निर्देशित इस मसाला फिल्म में ईषान खट्टर (Ishaan Khattar) और अनन्या पांडे (Ananya Pandey) की जोड़ी है. इस बात से अभी से दर्शकों के बीच रोष बढ़ता जा रहा है. दर्शकों का मानना है कि सिनेमाघर बंद होने का अनुचित फायदा उठाते हुए ‘‘जी प्लैक्स’’ जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म दर्शकों को ठगने का काम कर रहे हैं. क्योंकि पीवीआर जैसे मल्टीप्लैक्स में भी एक फिल्म को देखने के लिए दर्शक को इतनी बड़ी रकम कभी नहीं चुकानी पड़ी. यहां तक कि सुबह के शो में तो कई मल्टीप्लैक्स की टिकटें महज पचास या सौ रूपए ही है. लोग सवाल कर रहे हैं कि ईषान खट्टर (Ishaan Khattar) और अनन्या पांडे (Ananya Pandey) जैसे नए कलाकारों की फिल्म देखने के लिए वह 299 रूपए क्यों चुकाए.

फिल्म‘‘खाली पीली’’ की कहानी एक चोर, जो कि अब टैक्सी ड्राइवर बन चुका है और एक वेश्या के बीच की प्रेम कहानी है.

ये भी पढ़ें- इस एक्ट्रेस की बोल्ड फोटोज देख फैंस के उड़े होश, वायरल हुईं फोटोज

‘‘जी प्लैक्स’’ द्वारा इतनी बड़ी रकम लिए जाने की घोषणा से लोगों के बीच नाराजगी की वजह यही है कि यह ओटीटी प्लेटफार्म तो मल्टीप्लैक्स से भी अधिक पैसे वसूल रहा है. हमें याद रखना होगा कि अभी भी ‘एम एक्स प्लेअर’ जैसे कुछ ओटीटी प्लेटफार्म मुफ्त में फिल्में व वेब सीरीज देखने का अवसर दे रहे हैं. ‘एम एक्स प्लेअर’ पर भी ‘आइ एम नाॅट ब्लाइंड’ जैसी मौलिक फिल्में व ‘‘आश्रम’’ जैसी वेब सीरीज प्रसारित हो रही हैं. इतना ही नही ओटीटीे प्लेटफार्म ‘‘सिनेमा प्रिन्योर’’ भी प्रति फिल्म सिर्फ निन्यानबे रूपए ही ले रहा है.

‘‘जी स्टूडियो’’ के पदचिन्हो पर चलते हुए अब कई बड़े बड़े प्रोडक्शन हाउस भी अपना अपना ओटीटी प्लेटफार्म शुरू करने जा रहे हैं और यह सभी अपने प्रोडक्शन की फिल्मों को अपने ओटीटी प्लेटफार्म पर ‘‘जी प्लैक्स’’ की ही तरह शुल्क वसूलते हुए लोगों को दिखाने वाले हैं. ‘‘यश राज फिल्मस’’आगामी 27 सितंबर को यशराज चोपड़ा के जन्मदिन पर इसकी घोषणा करने वाला है.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 में एंट्री लेने से पहले इस एक्ट्रेस के दिखाया अपना बोल्ड अवतार, वायरल हुईं Photos

खैर, ‘जी प्लैक्स’ पर ‘‘खाली पीली’’ को 299 रूपए देकर कितने दर्शक देखते हैं, उसी पर इस तरह के ओटीटी प्लेटफार्म का भविष्य निर्भर करेगा.

एक बार फिर सलमान खान ने जीता फैंस का दिल, खुद ही घटाई अपनी फीस

जैसा कि हम सब जानते हैं कि टेलीविजल इंडस्ट्री का सबसे सुपहहिट और चर्चित रिएलिटी शो बिग बॉस का सीजन 14 (Bigg Boss 14) 3 अक्टूबर से ऑन एयर होने जा रहा है. बिग बॉस (Bigg Boss) फैंस के दिलों में इस समय सीजन 14 को लेकर खूब एक्साइटमेंट है और सभी लोग इस बात को जानने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आखिर कौन कौन से कंटेस्टेंस्ट इस बार शो का हिस्सा बनने जा रहे हैं.

 

View this post on Instagram

 

Did we just see a spa, mall, theatre & a restaurant in the new #BB14 house? 😱 @BeingSalmanKhan #BB14PressConference #BiggBoss2020

A post shared by Colors TV (@colorstv) on

ये भी पढ़ें- इस एक्ट्रेस की बोल्ड फोटोज देख फैंस के उड़े होश, वायरल हुईं फोटोज

कोरोना वायरस (Corona Virus) जैसी महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन से सभी लोगों कि फाइनेंशियल कंडीशन काफी बिगड़ चुकी हैं. हालांकि लॉकडाउन खुलने के बाद से काफी कुछ ट्रैक पर आने लगा है लेकिन अभी भी सब कुछ नौर्मल होने में थोड़ा टाइम तो लगेगा ही. ऐसे में हर बार की तरह इस बार भी बिग बॉस (Bigg Boss) शो के होस्ट और बॉलीवुड के मेगास्टार सलमान खान (Salman Khan) अपनी फीस को लेकर चर्चा में आ गए हैं.

दरअसल हर सीजन में सलमान खान (Salman Khan) अपनी फीस को लेकर एक ना एक बार जरूर चर्चा का बिषय बनते हैं लेकिन इस बार खुद सलमान खान (Salman Khan) ने इस बारे में बात करते हुए सबकी बोलती बंद कर दी है. सलमान खान हर बार बिग बॉस (Bigg Boss) के लिए काफी बड़ी रकम वसूलते हैं लेकिन इस बार खुद सलमान खान (Salman Khan) ने उनकी फीस को घटाने का आग्रह किया है.

ये भी पढ़ें- Bigg Boss 14 में एंट्री लेने से पहले इस एक्ट्रेस के दिखाया अपना बोल्ड अवतार, वायरल हुईं Photos

बिग बॉस 14 (Bigg Boss 14) की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सलमान खान (Salman Khan) ने अपनी फीस को लेकर कहा है कि वो इसमें कटौती करना चाहते हैं ताकि बाकी लोग जो इसमें शामिल हैं, उन्हें और टीम को सही पैसे मिल सकें. सलमान खान (Salman Khan) के इस इंटरव्यू को देखने के बाद सभी लोग उनकी काफी तारीफ कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें- ज्यादा समय तक ट्रोलर्स को इग्नोर ना कर पाईं एक्ट्रेस निया शर्मा, इंस्टाग्राम से डिलीट किया वीडियो

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें