अगर आप भी टाइट बेल्ट पहनते है तो जाइए सावधान क्योंकि टाइट बेल्ट पहनना हो सकता है खतरनाक. एक रिसर्च में सामने आया है की ज्यादातर लोगों को टाइट बेल्ट पहनने की आदत होती है. पर ये आदत उनकी जान का खतरा बन सकती है. दरअसल पेट के निचले हिस्से में जहां हम बेल्ट लगाते हैं, वहां शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग होते हैं और कई महत्वपूर्ण नसें वहां से गुजरती हैं. ऐसे में लंबे समय तक टाइट बेल्ट पहनने के कारण आपको ढेर सारी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. खासकर तब जब आप कोई सिटिंग जौब करते हो तो ये और भी खतरनाक होता हैं.
आपना मोटापा छुपाने या लोगों के बीच में खुद का पेट कम दिखाने के लिए बजार में कई ऐसे बेल्ट मिलते है जो आपके पेट को टाइट रखते हैं. ये सभी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं. आज हम आपको बताते हैं कि किस तरह टाइट बेल्ट आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है.
1. हार्ट बर्न (एसिड रिफलक्स)
दिनभर टाइट बेल्ट पहनने के कारण आपको एसिड रिफलक्स या हार्ट बर्न का बहुत ज्यादा खतरा होता है. दरअसल टाइट बेल्ट आपके पेट पर दबाव बनाती है, जिससे खाना पचाने के लिए बनने वाला एसिड अपनी सीमा को पार कर फेफड़ों और गले में पहुंच जाता है. यही कारण है कि टाइट बेल्ट पहनने वाले लोगों में अक्सर सीने में जलन, बदहजमी, कब्ज और अपच की समस्या होती है. लंबे समय में ये समस्या गले के कैंसर का कारण भी बन सकती है.
ये भी पढ़ें- जानें क्यों लड़कों के लिए खतरनाक है प्रोस्टेट ग्लैंड का बढ़ना
2. प्रजनन क्षमता में कमी
लंबे समय तक टाइट बेल्ट पहनने के कारण पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रजनन क्षमता में कमी आ सकती है, जिससे इन्फर्टिलिटी का खतरा बढ़ जाता है. दरअसल टाइट बेल्ट पहनने के कारण पेल्विक एरिया पर दबाव बनता है, जहां प्रजनन से जुड़े महत्वपूर्ण अंग होते हैं. इसके अलावा टाइट बेल्ट के कारण प्राइवेट अंगों तक हवा ठीक से नहीं पहुंच पाती और बॉडी टम्प्रेचर (शारीरिक गर्मी) बढ़ जाती है, जिससे स्पर्म काउंट (शुक्राणुओं की संख्या) कम होता है.
3. हर्निया की समस्या
टाइट बेल्ट पहनना आपको हर्निया जैसी गंभीर बीमारी का भी शिकार बना सकता है. हायटल हर्निया की स्थिति में पेट का ऊपरी हिस्सा अपने डायाफ्राम के कमजोर होने की वजह से डायाफ्राम से बाहर निकल आता है, जिसके चलते ये अपने अंदर बनने वाले एसिड को रोक नहीं पाता. ये एसिड पेट की नली में पहुंच कर जलन पैदा करते हैं, जिस से हमारे सीने में जलन और तेज दर्द महसूस होता है.
ये भी पढ़ें- पुरुषों को भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर, जानें कैसे
4. रीढ़ की हड्डी और घुटनों की समस्या
कमर पर टाइट बेल्ट बांधने से जब पुरुष खड़े होते हैं तो उनके एब्डोमिनल मांसपेशियों के इस्तेमाल करने का तरीका बदल जाता है. ऐसा उन मांसपेशियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव के कारण होता है. यह अतिरिक्त दबाव रीढ़ की हड्डी में अकड़न ला सकता है. इसके साथ ही ज्यादा टाइट बेल्ट बांधने से सेंटर ऑफ ग्रेविटी और श्रोणिक क्षेत्र (पेल्विक एरिया) के कोणों में भी बदलाव आता है. इसके साथ ही यह घुटनों के जोड़ों पर भी अतिरिक्त दबाव डालता है.
5. कमर दर्द और पैरों में सूजन
अगर आप टाइट बेल्ट बांधते हैं तो आपको कमर में दर्द की समस्या हो सकती है. इसका कारण यह है कि आपके कमर के आसपास से साइटिक नर्व और कई दूसरी महत्वपूर्ण नसें गुजरती हैं, जिसपर पड़ने वाला दबाव आपके शरीर को नुकसान पहुंचाता है. इसके अलावा कमर के आसपास प्रेशर बनने से आपको पांव में सूजन की समस्या भी आ सकती है.
तो ये है कुछ समस्याएं जो आपको टाइट बेल्ट पहनने से हो सकती हैं. इसलिए जितना हो सके टाइट बेल्ट पहनना अवौइड करें.
कंगना रनौत कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो ‘Lock Upp’ को दर्शकों का काफी प्यार मिल रहा है. एकता कपूर द्वारा निर्मित इस शो में 16 इंटरस्टिंग सेलेब्स हैं. पहले हफ्ते में मिले शो को जबरदस्त व्यूज बता रहे हैं कि शो के हिट होने के पूरे-पूरे चांस है.
View this post on Instagram
‘Lock Upp’ में कैदी बने कंटेस्टेंट्स अपनी राय और व्यूज को खुलकर रखते हैं. लड़ाई और झगड़ों के साथ कंटेस्टेंट्स एक दूसरे के साथ अपनी पर्सनल लाइफ और अपने दिल का बातों को अब करने लगे हैं. हाल ही में ‘एमटीवी स्प्लिस्टविला’ के रनरअप रहे शिवम शर्मा ने एक्ट्रेस सारा खान से अपने प्यार की इजहार किया, जिसके बाद सारा ने जो कहा वो सुन एक्टर का दिल टूट गया और वह फूट-फूटकर रोने लगे.
ये था पूरा किस्सा
View this post on Instagram
ये सारा किस्सा तब शुरू हुआ जब सारा ने सुबह-सुबह कागज के टुकड़ों से बने दिल को देखा और शिवम की भावनाओं का मजाक उड़ाया. सारा ने सीधे शिवम से कह दिया कि वह एक्टिंग कर रहा है, क्योंकि 2-3 दिन में किसी को प्यार नहीं होता. सारा की ये बात शिवम को अच्छी नहीं लगी और वह भावुक हो गए और रोने लगे. शिवम को रोता देख करणवीर बोहरा उनके पास पहुंचे और उन्हें समझाने की कोशिश की.
शिवम ने करणवीर से कहा, सारा को लग रहा है कि मैं एक बच्चा हूँ और एक्टिंग कर रहा हूँ ,उसने मेरे प्यार को एक्टिंग बताया मैं हूं एक्सप्रेसिव तो हूं’.
हालाँकि करण ने शिवम् को समझाते हुआ कहते हैं कि सारा को ऐसा ही लगा, तो शिवम ने इसका जवाब देते हुए कहा, ‘वह कैसे सोच सकती है कि मैं शो के लिए एक प्रेम कहानी बना रहा हूं.’
शिल्पा शेट्टी इन दिनों India’s Got Talent Season9 में जज बनी हैं. शिल्पा के अलावा वेटेरन एक्ट्रेस किरन खेर , रैपर बादशाह , और राइटर मनोज मुन्तशिर भी इस शो को जज कर रहे हैं. सोनी चैनल पर आने वाले इस रियलिटी शो में देश भर के लोगों को इस स्टेज पर अपने टैलेंट को दिखाने का मौका दिया जाता है.
View this post on Instagram
इस शो से शिल्पा अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई वीडियो शेयर करती रहती हैं. हाल ही में शिल्पा ने सेट का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है ,सोशल मीडिया पर शिल्पा का ये वीडियो लोगों को बहुत पसंद आ रहा है.
फैंस जमकर इस वीडियो को लाइक और शेयर कर रहे हैं .5 घंटे पहले शिल्पा ने अपने इंस्टा पर इस वीडियो को शेयर किया था, जिसे अब तक 2 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है.
क्या ख़ास है वीडियो में
View this post on Instagram
दरअसल India’s Got Talent के अपकमिंग एपिसोड में रोहित शेट्टी गेस्ट बनकर आने वाले हैं. रोहित शेट्टी का नाम सुनकर लोगों को अंदाज़ा हो चुका है कि इस एपिसोड में एक्शन का धमाकेदार तड़का देखने को मिलेगा.
इस वीडियो में रोहित शेट्टी, बादशाह से बात करने में व्यस्त नजर आ रहे हैं, जबकि पीछे से शिल्पा शेट्टी उन्हें रोहित-रोहित कहकर पुकार रही हैं, लेकिन रोहित इधर बादशाह से बातचीत करने में बिजी हैं. शिल्पा के बार बार बोलने पर भी रोहित शिल्पा को इग्नोर करते हैं और हाथ से इशारा करते हैं. इस इशारे से साफ़ पता चलता है कि वह शिल्पा से यह कहना चाह रहे हैं कि रुको मैं अभी बादशाह से कुछ बात कर रहा हूं. तभी शिल्पा जोर से कहती हैं- ‘आता माझी सटकली’ और फिर एक कांच की बोतल रोहित के हाथ पर फोड़ देती हैं और चिल्लाकर बोलती हैं- ‘पिक्टर दो मुझे’.
इसके बाद रोहित कहते हैं- ‘पागल है क्या?’, इस पर शिल्पा बादशाह का गाना पागल है.. पागल है… जोर-जोर से गाने लगती हैं. सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल हो चुका है.
सेट पर अक्सर तीनों जजेस को मस्ती करते हुए देखा जाता है. हालाँकि ये एक फनी एक्ट था. जिसे शिल्पा ने बखूबी निभाया और लोगों ने इस एक्ट को काफी पसंद भी किया.
View this post on Instagram
इसके साथ ही शिल्पा शेट्टी ने अपनी आने वाली फिल्म सुखी’ का ऐलान किया है. शिल्पा ने बताया क्रू ने आज पंजाब में इस फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है. फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, विक्रम मल्होत्रा और शिखा शर्मा ने किया है.इस फिल्म के जरिए सोनल जोशी भी निर्देशन में डेब्यू करने जा रही हैं.बता दे कि शिल्पा काफी लम्बे समय से फिल्मों से दूर चल रही हैं.
शिल्पा शेट्टी ने इस फिल्म कि घोषणा से पहले एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था, ‘थोड़ी बेधड़क सी हूं, मेरी जिंदगी है खुली किताब, दुनिया बेशर्म कहती है तो क्या, किसी से कम नहीं हैं मेरे ख्वाब.’
—शाहनवाज
हरियाणा के सोनीपत से 10 नवंबर, 2021 की दोपहर करीब साढ़े 3 बजे एक खबर वायरल हुई, जिस ने लोगों को सकते में डाल दिया. खबर ऐसी थी जिस पर भरोसा करना आसान नहीं था.
दरअसल, सोनीपत से रेसलर निशा दहिया की हत्या की खबर सुन कर लोग हैरान हो गए थे. खबर सिर्फ निशा दहिया की हत्या के बारे में नहीं थी, बल्कि निशा के साथसाथ उस के भाई और उस की मां को गोली लगने की भी बात वायरल हुई थी. यही नहीं, इस खबर के जिस हिस्से ने लोगों के बीच दहशत मचा दी थी वह यह थी कि हत्या करने वाला कोई और नहीं बल्कि निशा की अकेडमी का कोच था.
निशा दहिया की हत्या की खबर इतनी तेजी से वायरल हुई कि देखते ही देखते ये खबर टीवी चैनलों पर दिखाई जाने लगी. लोगों के लिए यह खबर इसलिए भी हैरान करने वाली थी क्योंकि हत्या के महज 2 दिन पहले ही निशा ने सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड शहर में हुई अंडर23 रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत कर देश का नाम ऊंचा किया था.
निशा ने इस प्रतियोगिता में 65 किलोग्राम वर्ग में भाग लिया था और तीसरा स्थान प्राप्त किया था. जिस के बाद प्रधानमंत्री ने उन्हें और बाकी विजेता खिलाडि़यों को ट्वीट कर मुबारकबाद दी थी.
लोग यह सोच कर हैरानपरेशान थे कि जिस खिलाड़ी ने अनेक बार विदेश में देश के तिरंगे का सम्मान ऊंचा किया, उसी के कोच ने ही उस की हत्या क्यों कर दी.
लेकिन उसी दिन शाम के करीब 7 बजे इंस्टाग्राम पर निशा की आईडी से एक विडियो अपलोड हुआ, जिसे देख कर लोग फिर से हैरत में पड़ गए थे. दरअसल, उस विडियो में इंटरनैशनल रेसलर निशा दहिया ही दिखाई दी. निशा के साथ नामचीन रेसलर साक्षी मलिक भी थी.
निशा ने अपने इस विडियो में कहा, ‘मेरा नाम निशा है और मैं सीनियर नैशनल खेलने गोंडा आई हूं. मेरी हत्या की न्यूज झूठी है. मैं बिलकुल ठीक हूं.’
निशा के द्वारा पोस्ट किए गए इस विडियो से यह तो साफ हो गया था कि लोग हत्या की खबर सुन कर जिस निशा के बारे में सोच रहे थे, वह वो नहीं थी. लेकिन रेसलर निशा दहिया की हत्या की खबर झूठी भी नहीं थी.
निशा के विडियो पोस्ट करने के बाद सोनीपत के एसपी राहुल शर्मा ने भी आधिकारिक रूप से बयान दिया, ‘‘यह निशा दहिया (जिन की गोली मार कर हत्या की गई) और पदक विजेता पहलवान निशा दहिया 2 अलगअलग लड़कियां हैं. पदक विजेता पहलवान पानीपत की हैं और अभी एक कार्यक्रम में गोंडा गई हुई हैं.’’
अब लोगों के बीच सवाल यह था कि अगर इंटरनैशनल रेसलर निशा दहिया ने विडियो पोस्ट कर अपनी सलामती की जानकारी दी थी तो वो कौन निशा थी जिस की हत्या हुई?
बाद में पता चला कि निशा दहिया नाम की जिस पहलवान की हत्या हुई है, वह सोनीपत की रहने वाली है और वह विश्वविद्यालय स्तर की पहलवान है.
10 नवंबर, 2021 के दिन हरियाणा के सोनीपत में एक छोटे से गांव खरखौदा में 21 वर्षीय निशा दहिया सुबह 10 बजे अपने गांव से 14 किलोमीटर दूर हलालपुर में पहलवानी की ट्रेनिंग के लिए घर से निकली थी.
घर से निकलने से पहले उस ने नाश्ता किया. क्योंकि उस की दिलचस्पी रेसलिंग में बहुत पहले से थी तो वह घर से ट्रेनिंग के लिए निकलने से पहले भारीभरकम नाश्ता कर के निकलती थी.
हालांकि वह अकसर अपने घर से ट्रेनिंग के लिए सुबहसुबह ही निकल जाया करती थी, लेकिन 10 नवंबर, 2021 के दिन अकेडमी के कोच पवन कुमार ने उसे थोड़ा लेट बुलाया था.
पवन अकसर निशा को एक्स्ट्रा ट्रेनिंग के लिए अलग से बुला लिया करता था. उस दिन जब निशा घर से देर से निकली तो निशा की मां धनपति की चिंता उस के लिए बढ़ने लगी थी. लेकिन वह बेटी के प्रति ज्यादा चिंता न करते हुए अपने दैनिक कामों में व्यस्त हो गईं.
निशा का जन्म हरियाणा के एक छोटे से गांव में बेहद आम परिवार में हुआ. निशा के पिता दयानंद दहिया सीआरपीएफ के जवान हैं और इस समय जम्मू में तैनात हैं. पत्नी धनपति देवी के अलावा इन के 2 ही बच्चे थे. बेटा सूरज दहिया और बेटी निशा. निशा की दिलचस्पी पहलवानी में बचपन से ही थी.
बचपन में स्कूल में दोस्तों के साथ उस के खेल भी उसी तरह के पहलवानी वाले ही हुआ करते थे. लेकिन उस की दिलचस्पी को उड़ान 2 साल पहले उस समय मिली, जब खरखौदा गांव के नजदीक हलालपुर गांव में पहलवानी के लिए कोच पवन ने अकेडमी खोली. उस ने इस का नाम ‘सुशील कुमार अकेडमी’ रखा.
इस अकेडमी के उद्घाटन के लिए खुद रेसलर सुशील कुमार पहुंचे थे और यह बात आसपास के इलाकों में आग की तरह फैल गई थी.
यह अकेडमी उस के घर से करीब 10 किलोमीटर दूर थी. निशा ने इस अकेडमी में प्रवेश ले लिया था. वह गांव से बस द्वारा करीब 25 मिनट में अकेडमी पहुंच जाती थी. हलालपुर में ‘सुशील कुमार अकेडमी’ के नाम से पवन कुमार की इस अकेडमी की जगह काफी बड़ी थी.
अकेडमी में प्रवेश करने के बाद देसी अखाड़े के लिए एक खुला ग्राउंड था, जिस के बाद प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए अंदर छत के नीचे एक बड़ा सा रिंग भी बनाया गया था.
रोजाना की तरह निशा 10 नवंबर, 2021 को भी अकेडमी पहुंची. अकेडमी पहुंच कर निशा ने देखा कि वहां बेहद कम ही लोग मौजूद थे, जिस में कोच पवन, उस के कुछ दोस्त, जिस में सचिन दहिया और विक्रम थे.
उन के साथ पवन की पत्नी सुजाता, पवन का साला अमित मौजूद था. वे सभी अकेडमी में खुले आसमान के नीचे आपस में बातचीत कर रहे थे.
निशा को यह देख कर अजीब लगा कि उस दिन सुजाता भी अकेडमी में मौजूद थी. क्योंकि जब से अकेडमी खुली थी, लगभग तभी से पवन की पत्नी सुजाता ने कभी भी अकेडमी में कदम नहीं रखा था. यही नहीं पवन के वे दोस्त जो मुश्किल से कभीकभार ही अकेडमी में दिखाई देते थे, वो भी उस दिन वहां थे.
यह सब देख कर निशा को दाल में कुछ काला होने की आशंका हुई. लेकिन फिर भी उन्हें अनदेखा करते हुए वह कोच के पास गई और बोली, ‘‘जी सरजी, आज कौन सी प्रैक्टिस करनी है?’’
पवन जो अपने दोस्तों के साथ बात कर रहा था, उस ने निशा के सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘‘पहले वार्मअप करना है. अपनी डेली एक्सरसाइज कर के मुझे अंदर रिंग में मिलो.’’
निशा ने बिना रेसलिंग सूट पहने अपने ट्रैक सूट में ही वार्मअप करना शुरू कर दिया. करीब आधे घंटे तक वार्मअप करने के बाद जब निशा अंदर रेसलिंग रिंग में पहुंची तो उस ने देखा कि वहां पर उस के कोच के साथ उस के दोस्त सचिन और अमित भी मौजूद थे. और उसी रूम के किनारे पत्नी सुजाता और उस का साला भी था.
उन्हें देख कर निशा कुछ पलों के लिए घबरा गई, क्योंकि जब से उस ने अकेडमी जौइन की थी तब से उसे इस तरह से किसी ने नहीं घूरा था, जिस तरह से उस दिन उसे बाकी लोग घूर कर देख रहे थे.
निशा कमरे में अंदर आई तो पवन ने तेज आवाज में उस पर चीखना शुरू कर दिया. वह बोला, ‘‘मैं ने तुझे मना किया था न किसी को भी बताने के लिए. फिर भी तेरा मुंह कैसे खुल गया, बता.’’
कोच की इस तीखी जोरदार आवाज सुन कर निशा कुछ पलों के लिए डर सी गई. वह एक ही जगह पर मानो पुतले सी हो गई थी. लेकिन कुछ पलों के बाद ही उस के दिमाग ने कोच से डरना छोड़ दिया था.
निशा ने साहस दिखाते हुए इतने लोगों के बीच में अपने कोच का विरोध करते हुए कहा, ‘‘के कर लेगा? एक तो ट्रेनिंग के बहाने मुझ से छेड़छाड़ करे है, ऊपर से सोचे है कि तेरी शिकायत भी ना करूं.’’
ये सुन कर पवन ने अपने कान झटके, जैसे मानो उसे अपने कानों पर यकीन न हो रहा हो. उस ने बिना निशा को जवाब दिए अपनी जेब से फोन निकाला, नंबर ढूंढा और अपने कान पर लगाया.
दूसरी तरफ से फोन उठा तो पवन बोला, ‘‘तुम्हारी बेटी की तबियत खराब हो गई है. उसे अकेडमी से आ कर ले जाओ.’’
यह सुन कर निशा के दिलदिमाग में एक तरफ गुस्सा उफान मार रहा था तो दूसरी तरफ वह डर भी रही थी कि अब आगे उस के साथ क्या होगा?
दरअसल, पवन ने निशा के घर पर फोन किया था जोकि उस की मां धनपति ने उठाया था. धनपति पवन की बात सुन कर अपनी बेटी की फिक्र में रोने लगीं. धनपति को रोता देख बेटे सूरज ने मां को सहारा दिया और उन से पूछा कि क्या बात हो गई?
जब धनपति ने अपने बेटे को निशा और पवन की बात बताई तो सूरज को भी अपनी बहन की फिक्र होने लगी. सूरज ने बिना देर किए अपनी मां को बाइक पर बिठाया और तुरंत हलालपुर में अकेडमी के लिए निकल गया. सूरज ने इतनी तेज गति से बाइक चलाई कि 25 मिनट के सफर को महज 10 मिनट में पूरा कर लिया.
इधर अकेडमी में निशा का झगड़ा पवन और उस के साथ बाकी लोगों से लगातार हो ही रहा था. जब सूरज और धनपति अकेडमी पहुंचे और वे मेनगेट से अंदर घुसे तो उन्होंने कुछ ऐसा देखा, जो कभी सपने में भी नहीं सोचा था. उन्होंने देखा कि निशा पवन और उस के बाकी साथियों से अपनी जान बचाने के लिए ग्राउंड में इधर से उधर भाग रही है.
लेकिन तभी पवन ने जब धनपति और सूरज को अकेडमी में अंदर आते हुए देखा तो उस ने निशा के पीछे भागना बंद कर दिया. उस ने अपनी कमर से पिस्तौल निकाली और निशा पर लगातार गोलियां दागनी शुरू कर दीं.
पवन का निशाना अचूक था. उस की पिस्तौल से निकली एक भी गोली बेकार नहीं गई. निशा पर 4 राउंड की फायरिंग करने के बाद पवन ने अपना रुख धनपति और सूरज की ओर किया. धनपति ने अपनी आंखों से अपनी बेटी को गोली लगते हुए देखा, लेकिन अफसोस वह अपनी बेटी को बचा नहीं पाईं.
खतरे की परवाह किए बगैर धनपति अपनी जख्मी बेटी की ओर भाग कर पहुंचना चाहती थीं कि इस से पहले ही पवन उन दोनों के बीच आ खड़ा हुआ और उस ने धनपति पर पिस्तौल का निशाना लगा दिया.
यह देख कर धनपति अपनी जान बचाने के लिए उल्टा भागने लगी लेकिन पवन की पिस्तौल से गोली निकल चुकी थी, जो जा कर सीधे धनपति को लग गई.
गोली लगने से धनपति जमीन पर गिर पड़ीं. पवन को लगा कि वह भी मर जाएगी. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. पवन की गोली से धनपति सिर्फ घायल हुई थीं.
इसी दौरान जब सूरज ने अपनी मां पर पवन के द्वारा फायर किए जाने की घटना देखी तो वह सकते में आ गया था. जवान हट्टाकट्टा होने की वजह से वह तेजी से भाग कर अकेडमी से बाहर निकल गया.
उसे भागता हुआ देख पवन और सचिन उस के पीछे भागे और उसे जान से मारने के लिए उस का पीछा करने लगे. अफसोस सूरज ज्यादा तेज भागने के बावजूद पवन की गोली से तेज नहीं भाग पाया. अकेडमी के किनारे नहर की ओर करीब 500 मीटर भागने के बाद पवन ने सूरज पर गोली चला दी. सूरज पर 3 राउंड फायरिंग करने के बाद बाइक पर सवार पवन और सचिन वहीं से फरार हो गए. गोली लगने से सूरज की मौत हो गई.
एक ही परिवार में 2 लोगों को जान से मारने और एक को जख्मी करने के बाद अकेडमी में सुजाता समेत बाकी लोग भी वहां से फरार हो गए.
यह पूरी घटना मात्र 5 मिनट के अंदर घटी. गोलियों की आवाजें सुन कर जब तक आसपास के गांव वाले अकेडमी तक पहुंचे, तब तक सभी आरोपी वहां से फरार हो गए थे.
गांव वालों ने इस की सूचना पुलिस को दी और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने घायल पड़ी धनपति को अस्पताल पहुंचाया. फिर सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी. पुलिस ने काररवाई करते हुए पवन और उस के बाकी साथियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया.
इस घटना के बाद 10 नवंबर, 2021 की रात को गुस्साए गांव वालों ने पवन की अकेडमी पर हमला कर दिया. हलालपुर गांव के निवासियों ने पीडि़ता को न्याय दिलवाने की मांग करते हुए पवन की अकेडमी जला कर राख कर दी.
गांव वालों का इस कदर पवन की अकेडमी पर गुस्सा फूटना लाजिमी था, क्योंकि पवन हलालपुर गांव में एक गुंडे के अलावा और कुछ नहीं था.
यहां तक कि जिस जमीन पर उस ने अपनी अकेडमी खोली थी, वह उस की खुद की नहीं थी. बल्कि उस के रिश्तेदार धर्मवीर की थी. लेकिन पवन ने जबरदस्ती हथियार के दम पर उन की इस जमीन पर कब्जा कर लिया था. जिस का वह अपने रिश्तेदार को किराया भी नहीं देता था. गांव वाले पवन और उस की हरकतों से बेहद परेशान हो गए थे.
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे. इस की सूचना हरियाणा पुलिस ने दिल्ली पुलिस को भी दे दी थी. इसलिए दिल्ली पुलिस भी अलर्ट गई थी. इस के लिए दिल्ली पुलिस ने अपने मुखबिरों को भी सतर्क कर दिया था.
मुखबिरों की सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पैशल सेल ने पहलवान निशा दहिया और उस के भाई की हत्या के मामले में 12 नवंबर, 2021 को 2 आरोपियों को दिल्ली के द्वारका इलाके से गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों की पहचान हरियाणा के रोहतक निवासी पवन कुमार उर्फ कोच और उस के दोस्त सोनीपत निवासी सचिन दहिया के रूप में की.
पवन के पास से पुलिस ने एक लाइसैंसी पिस्तौल बरामद की, जिस से उस ने निशा और उस के भाई सूरज की हत्या की थी. दिल्ली पुलिस ने दोनों आरोपियों को हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया.
वहीं हरियाणा पुलिस घटना के एक दिन बाद 11 नवंबर को ही पवन की पत्नी सुजाता और उस के भाई अमित को हिरासत में ले चुकी थी. पुलिस ने अगले दिन इन दोनों को कोर्ट में भी पेश किया, जिस के बाद सुजाता को पुलिस ने एक दिन की रिमांड पर लिया तो उस के साले अमित को 3 दिनों की रिमांड पर लिया गया.
पुलिस ने कोर्ट से सुजाता की 3 दिन की रिमांड मांगी थी और अमित की 5 दिन की, लेकिन कोर्ट ने सुजाता की एक दिन की और अमित की 3 दिनों की रिमांड मंजूर की थी.
सोनीपत में सुशील कुमार अकेडमी में हमलावरों ने गोलीबारी कर विश्वविद्यालय स्तर की पहलवान निशा दहिया और उस के भाई की हत्या की जबकि उस की मां घायल हो गई थीं.
मामले में अब तक पुलिस ने निशा दहिया के कोच पवन और उस की पत्नी समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले में पांचवीं गिरफ्तारी विक्रम के रूप में हुई.
मूलरूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले विक्रम ने पूछताछ में बताया कि हत्याओं के बाद सबूत मिटाने के मकसद से अकेडमी में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर यानी डिजिटल वीडियो रिकौर्डर को वह पास के एक नाले में फेंक आया था. पुलिस ने उस रिकौर्डर को तलाश करने की कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई.
अब तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कोच पवन मृतक निशा के घर वालों से कोचिंग के नाम पर 8 लाख रुपए वसूल चुका था. मृतका के पिता का आरोप है कि पवन ने निशा का ब्रेनवाश कर के पैसे हड़प लिए थे. वहीं निशा की मां ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि आरोपी उस की बेटी के साथ छेड़छाड़ करता था.
11 नवंबर को सोनीपत के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद निशा और सूरज के शवों को उन के घर लाया गया. शवों के पहुंचते ही पूरे गांव में गमगीन माहौल हो गया था. पूरे गांव के लोग निशा के घर इकट्ठे हो चुके थे. चूंकि निशा दहिया एक उभरती हुई खिलाड़ी थी, इसलिए गांव वालों की आंखों से भी आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे.
आक्रोश में आ कर गांव वाले कोई ऐसा कदम न उठा लें, जिस से क्षेत्र में अशांति पैदा हो जाए, इसलिए एसपी ने स्थानीय पुलिस के साथ गांव में सीआरपीएफ भी तैनात कर दी थी.
सवाल
सुहागरात के बाद जब बीवी पेट से हुई, तो मुझे 2 महीने बाद पता चला. मैं ने मैडिकल स्टोर से बच्चा गिराने की दवा ले कर खिला दी थी. अब 7 महीने हो चुके हैं, पर वह दोबारा पेट से नहीं हुई. मैं क्या करूं?
जवाब
कभी भी बाजार से दवा ला कर गर्भपात नहीं करना चाहिए. इस के लिए माहिर डाक्टर की मदद लेनी चाहिए. ऐसी मनमानी से अकसर नुकसान हो जाता है.
अब आप किसी माहिर महिला डाक्टर से अपनी बीवी का चैकअप कराएं और उसी के मुताबिक इलाज कराएं. वैसे, आप की बीवी का फिलहाल पेट से न होना महज संयोग भी हो सकता है.
ये भी पढ़ें…
गर्भपात के साइड इफैक्ट्स
कई वजहों से किसी महिला को गर्भपात कराना पड़ जाता है. कई बार अनचाहे गर्भधारण के कारण भी ऐसा कदम उठाना पड़ता है, जबकि कई बार भ्रूण की कुदरती खामियों या गर्भधारण से जुड़ी घातक स्वास्थ्य स्थितियों के कारण दंपती गर्भ गिराने का फैसला लेते हैं. वजह चाहे जो भी हो, गर्भपात कराने से महिला पर मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से असर पड़ता है. गर्भपात किसी भी लिहाज से सुरक्षित नहीं है. कुछ शोध बताते हैं कि कुछ महिलाएं गर्भपात कराने के बाद राहत महसूस करती हैं, जबकि कुछ अनचाहे गर्भपात या मिसकैरिज के कारण अवसादग्रस्त हो जाती हैं. महिलाओं में राहत और अवसाद की वजह भी अलगअलग होती है.
गर्भपात कराने के बाद जितने शारीरिक साइड इफैक्ट्स होते हैं, उतने ही मानसिक साइड इफैक्ट्स भी होते हैं. गर्भपात कराने के बाद शारीरिक इफैक्ट्स से कहीं ज्यादा भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक असर देखा गया है और इस में मामूली खेद से ले कर अवसाद जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. गर्भपात कराने के बाद किसी ऐसे अनुभवी प्रोफैशनल से सभी खतरों के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा कर लेना बहुत जरूरी है जो आप के सभी सवालों और उन से जुड़ी आशंकाओं का जवाब दे सके.
नकारात्मक, भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक असर से जुड़ा एक सब से महत्त्वपूर्ण फैक्टर यह है कि आप को यही लगता है कि आप के अंदर अभी भी बच्चा पल रहा है. कुछ महिलाओं में नकारात्मक भावनात्मक परिणाम विकसित होने की संभावना कम रहती है, क्योंकि गर्भधारण को ले कर उन का नजरिया बिलकुल अलग रहता है और वे समझती हैं कि भ्रूण एक अविकसित जीव है. हालांकि कुछ महिलाएं गर्भधारण के प्रति कुछ ज्यादा ही भावनात्मक लगाव पाल लेती हैं और अपने अंदर पल रहे बच्चे को जीव मान लेती हैं. ऐसी महिलाओं पर गर्भपात या मिसकैरिज के बाद कुछ ज्यादा ही नकारात्मक असर पड़ता है.
गर्भपात कराने के बाद निम्नलिखित संभावित भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक खतरे हो सकते हैं. अलगअलग व्यक्तियों पर इन नकारात्मक प्रभावों की अवधि और तीव्रता अलगअलग होती है. संभावित साइड इफैक्ट्स में ये शामिल हैं:
खानपान में डिसऔर्डर, बेचैनी, खेद, गुस्सा, अपराधबोध, शर्म, आपसी संबंध की समस्याएं, अकेलापन या अलगथलग रहने का एहसास, आत्मविश्वास में कमी, अनिद्रा या दु:स्वप्न, आत्महत्या का विचार, अवसाद.
गर्भपात कराने के बाद संभव है कि किसी को भी अनापेक्षित भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक साइड इफैक्ट का अनुभव हो. हालांकि अकसर देखा गया है कि कुछ महिलाएं कुछ खास प्रकार के भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक जद्दोजहद की चपेट में जल्दी आ जाती हैं. जिन महिलाओं पर नकारात्मक, भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक साइड इफैक्ट पड़ने की संभावना अधिक रहती है, उन में ये शामिल हैं:
– जो महिलाएं गर्भधारण के बहुत बाद की अवस्था में गर्भपात कराती हैं.
– जो महिलाएं पहले से किसी भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक परेशानी से जूझ रही होती हैं.
– जो महिलाएं गर्भपात कराने के लिए अभिशप्त, बाध्य या बहकाई गई हों.
– गर्भपात को ले कर जिन महिलाओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हों.
– जिन महिलाओं को लगता है कि गर्भपात कराना अनैतिक है.
– जिन महिलाओं को इस के लिए अपने परिजनों या पार्टनर का सहयोग नहीं मिल रहा हो.
– जो महिलाएं आनुवंशिक या भू्रण संबंधी गड़बडि़यों के कारण गर्भपात करा रही हों.
कुछ सुझाव
मदद लें: अनियोजित गर्भधारण की समस्या से निबटने के लिए संभवतया सब से जरूरी चीज होती है ऐसे प्रशिक्षित प्रोफैशनल से सलाह लेना, जो आप के सवालों के जवाब दे सके और आप की व्यक्तिगत स्थितियों पर चर्चा कर सके.
एकांत में रहने से बचें: यदि आप अनियोजित गर्भधारण की समस्या से जूझ रही हैं तो हो सकता है कि आप इस समस्या को गोपनीय रखने के लिए दूसरों से कटने लगेंगी या अकेली ही इस समस्या का सामना करने की सोचेंगी. हालांकि यह मुश्किल हो सकता है, लेकिन इस बारे में अपने परिजनों और मित्रों को बताने की कोशिश करें जो आप को सहयोग कर सकें.
अपनी स्थितियों का आकलन करें: उन महिलाओं की व्यक्तिगत समस्याओं पर गौर करें जिन्हें साइड इफैक्ट्स का अनुभव हुआ हो.
तनाव से बचें: ऐसे लोगों से बचें जो आप पर इस तरह का दबाव बना रहे हों कि वे जो सोचते हैं, वही सब से अच्छा है. आप चाहे मां बनना चाहें, बच्चे गोद लेना चाहें या गर्भपात कराना, आप अपनी पसंद के साथ जीने के लिए स्वतंत्र हैं. यानी कोई भी फैसला 100% आप का अपना ही होना चाहिए.
गर्भपात के बाद महिलाओं में अलगअलग शारीरिक साइड इफैक्ट्स हो सकते हैं. गर्भपात के बाद संभावित विस्तृत साइड इफैक्ट्स के बारे में किसी अनुभवी हैल्थ प्रोफैशनल से जानकारी पाना जरूरी है. यह भी जरूरी है कि गर्भपात के 4 से
6 हफ्ते बाद आप की मासिक क्रिया सुचारु हो जाए और गर्भपात कराने के बाद आप दोबारा मां बनने लायक हो जाएं. संक्रमण से बचने के लिए अपने डाक्टर के परामर्श के मुताबिक ही दवा का सेवन करना चाहिए
सतर्कता जरूरी
गर्भपात कराने के बाद निम्न शारीरिक साइड इफैक्ट्स उभर सकते हैं और इन का असर 2 से 4 हफ्तों तक बना रह सकता है: पेट दर्द और मरोड़, दाग और रक्तस्राव.
करीब 5 से 10% महिलाएं तत्काल किसी न किसी समस्या से ग्रस्त हो जाती हैं. अत: निम्नलिखित खतरों से सतर्क रहें:
– लगातार रक्तस्राव.
– संक्रमण या सेप्सिस/पीआईडी/ऐंडोमैट्रियोसिस.
– गर्भाशय को नुकसान.
– गर्भाशय वाले हिस्से पर दाग.
मानसून आने वाला है और फिजाओं में ठंड का बढ़ना तय है. सर्दी हो या मानसून इन दोनों ही सीजन में नहाना एक बड़ी समस्या है. और ऐसे में अगर आपको ठंडे पानी से नहाने को कहा जाये तो कहने मात्र से ही ठंड लग जाती है. पर अगर हम कहें की ठंडे पाना से नहाना आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है तो क्य आप मानेंगे?
प्रजनन क्षमता बढ़ाता है ठंडा पानी
ये सच है कि ठंडा पानी सेहत के लिए कई मायनों में लाभदायक भी है. यह शरीर को कई ऐसे रोगों से बचाता है जिनके बारे में आप सोच भी नहीं सकते. शायद आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ठंडे से पानी से नहाने वाले पुरुषों की प्रजनन क्षमता बहुत तेज होती है. वहीं दूसरी ओर गर्म पानी से नहाने वाले पुरुषों को अंडकोष पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि संभवतः गर्म पानी से नहाना शुक्राणुओं की संख्या कम कर सकता है.
ठंडे पानी के फायदे अनेक
एक रिसर्च बताती है की ठंडे पानी कीटाणुओं को अधिक तेजी से मारता है. ठंडा पानी शरीर को साफ करने के साथ ही कई तरह के इंफेक्शन से भी बचाता है साथ ही ठंडा पानी मांसपेशियों के लचीलेपन में सुधार करता है और दर्द से भी छुटकारा दिलाता है.
वेदों में भी लिखा है ठंडे पानी के फायदे
आयुर्वेद के अनुसार, नहाने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल करने से व्यक्ति दिनभर पर फ्रेश और एक्टिव रहता है. साथ ही इससे हौर्मोन्स भी तेजी से चार्ज होते हैं.
बालों के लिए भी फायदेमंद
हेयर एक्सपर्ट्स भी ये बात बताते हैं कि गर्म पानी की बजाय ठंडे पानी से बाल धोने से बालों की उम्र कई गुना तक बढ़ती है. यही नहीं ठंडे पानी से सिर धोने पर बालों की ठीक प्रकार से सफई हो जाती है और वे आकर्षक लगते हैं.
ब्लड सर्कुलेशन
एक रिसर्च के अनुसार ठंडे पानी से नहाने से ब्लड सर्कुलेशन तो अच्छा रहता है, साथ ही ठंडे पानी से आपकी इम्युनिटी या प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत होती है. इम्युनिटी के मज़बूत होने से शरीर में वाइट ब्लड सेल्स बढ़ती हैं जो कई प्रकार की बिमारियों से लड़ने में मदद करती हैं.
आलस को करें बाय बाय
सुबह जल्दी उठकर ठंडे पानी से नहाने से आलस दूर होता ही है. आप पूरे दिन तरो-ताजा भी महसूस करते हैं. साथ ही ठंडे पानी से नहाने से मूड फ्रेश भी रहता है.
तो ये थे ठंडे पानी से नहाने के कुछ फायदे. पर इन टिप्स को फौलो करने से पहले एक बार डाक्टर की सलाह जरुर लें. ताकि मन में कोई शंका ना रहे.
अगर शीला कभी दबी जबान से कह देती, ‘‘माताजी, आप को ध्यान नहीं रहा है. घी आप ने पिछले महीने दिया था, कल तो तेल निकाला था. बाबूजी परसों बाजार से नमक लाए थे, शक्कर तो वे 15 दिन पहले लाए थे,’’ तो रमेश की मां पैतरा बदल कर गरजतीं, ‘‘हांहां, मैं तो सठिया गईर् हूं. मु?ो कुछ याद थोड़े ही रहता है. देखो तो… मु?ा से जबान लड़ाती है. तेरे बाप के घर में हराम की कमाई आती होगी. सो, तेरी मां फूहड़पन से लुटाती होगी. यहां तो बीस नाखूनों की कमाई खाते हैं. अगर आंख खोल कर न चलें, तो रोटी मिलना भी मुश्किल हो जाए. अभी तो मेरा खसम ही सारे घर को कमा कर खिला रहा है. जिस दिन रमेश कमाने लगेगा, उस दिन तो तू बोलने भी नहीं देगी.’’
शीला के सब्र ने रमेश की मां को पागल सा बना दिया था. वे चाहती थीं कि बहू उन से लड़े, जिस से उन्हें बात आगे बढ़ाने का मौका मिले. पर रमेश की मां के तीखे वचन शीला की चुप्पी में इस तरह घुल जाते, जैसे पानी में अंगारा बु?ा जाता है.
कहने का कोई खास असर न देख कर सास ने और तरीका शुरू किया. वे ढके हुए दूध, घी, चीनी, आटे को खोल कर रख देतीं और सब को दिखादिखा कर शीला को ‘लापरवाह’, ‘फूहड़’ कहतीं. आंख बचा कर दालसाग में नमक डाल देतीं और घर वालों द्वारा ज्यादा नमक की शिकायत करने पर बरस पड़तीं, ‘‘इसे घर का काम कुछ आता ही नहीं है. आए भी कहां से? कल तक तो पढ़ने के बहाने शहर में घूमती फिरी है. अब भला घर में इस का मन लगेगा?’’
शीला ने एकाध बार रमेश से इस बारे में शिकायत की, तो उस ने मां का पक्ष लेते हुए शीला को ही फटकार दिया, ‘‘मैं उन लोगों में से नहीं हूं, जो पत्नी का मुंह देखते ही मांबाप को भूल जाते हैं. आगे से मेरे मांबाप के खिलाफ अगर तुम ने एक बात भी कही, तो अच्छा नहीं होगा.
‘‘कान खोल कर सुन लो, तुम्हारी हैसियत इस घर में एक नौकरानी से ज्यादा नहीं है. ठीक से काम करोगी तो यहां रह सकती हो, नहीं तो तुम्हारे मांबाप के पास पहुंचा दिया जाएगा. मैं औरत को पैर की जूती से ज्यादा नहीं सम?ाता. अगर जूती पैर में काटती है, तो फौरन उसे फेंक कर दूसरी पहन लेनी चाहिए.’’
चक्रव्यूह में घिरे अभिमन्यु के समान शीला सब के वार से बच रही थी. सब के ताने सहन कर रही थी. उस के वार करने का तो सवाल ही नहीं था. अभिमन्यु के साथ उस के शस्त्र व सारथी तो थे. शीला बेचारी अकेली अपना समय किसी तरह बिता रही थी. जो सताया जा रहा था, वह चुप था और जो सता रहा था, वह उलटे हल्ला मचा रहा था.
एक दिन शीला चूल्हे पर दूध गरम कर रही थी कि स्नानघर से रमेश की मां ने पुकारा, ‘‘बहू, ओ बहू. अरे, सुनती हो, जरा मेरी पीठ मल देना.’’
दूध में उबाल आने ही वाला था, इसलिए शीला ने जवाब दिया, ‘‘एक मिनट रुकिए मांजी, अभी आती हूं.’’
इतना सुनते ही रमेश की मां का पारा चढ़ गया, ‘‘मैं यहां गीले कपड़ों में बैठी रहूं? बूढ़ा शरीर है, बुखार आ गया तो कोई पानी भी नहीं देगा. पहले तो कहने से उलटासीधा काम कर भी देती थी. अब यह ‘एक मिनट’ न जाने कहां से सीख गई है. मैं जानती हूं, पढ़ेलिखों का एक मिनट कितना बड़ा होता है.’’
इतने पर भी शीला नहीं आई और उस की आवाज ही सुनाई दी, ‘‘मांजी, दूध में उबाल आने वाला है. छोड़ आऊं तो सारा दूध चूल्हे में चला जाएगा. अगर उतार कर नीचे रख दूं, तो पिताजी घर में हल्ला करेंगे कि अभी तक दूध भी गरम नहीं हुआ.’’
इतना सुनना था कि रमेश की मां कपड़े कूटने वाली लकड़ी हाथ में ले कर गीली धोती पहने ही चौके की ओर ?ापटीं. वे गुस्से में कहती जा रही थीं, ‘‘बेहया, अपने आलस को तो देखती नहीं, जो जवानी में ही हिलनेडुलने को मन नहीं होता, ऊपर से दुनियाभर के बहाने बनाती है.’’
शीला कुछ सम?ा पाए कि उस से पहले ही रमेश की मां ने उस की पीठ पर लकड़ी जोर से दे मारी.
शीला इस के लिए पहले से तैयार थी. उस ने लकड़ी को हाथ से पकड़ते हुए कहा, ‘‘मांजी, मारने से पहले मेरा दोष तो देख लिया होता. मैं सबकुछ चुपचाप सह रही हूं, तो इस का मतलब यह नहीं है कि मैं इनसान नहीं हूं. मेरा भी शरीर है, मु?ो भी तकलीफ होती है.’’
रमेश की मां बहुत दिनों से जिस मौके की तलाश में थी, वह उसे आज मिल गया. उस ने अपने सिर के बाल नोचने शुरू कर दिए और रोतेचिल्लाते सारा घर सिर पर उठा लिया, ‘‘हाय रे, यह दिन देखना भी मेरी तकदीर में लिखा था. अभी तो मेरे हाथपैर चलते हैं. इतने पर भी मु?ो मारने के लिए लकड़ी ले कर खड़ी हो गई. अगर मेरे हाथपैर टूट गए, तो यह न जाने क्या हालत करेगी.
‘‘मैं तो पहले ही कहती थी कि पढ़ीलिखी बहू घर में मत लाओ, पर मेरी सुनता कौन है? जिसे पिटना हो, वह रहे इस घर में. मैं तो गंगा के किनारे या किसी तीर्थ में जा पड़ूंगी. कहीं भी
दो रोटी तो मिल ही जाएगी.’’
शीला यह नाटक देख कर सहम गई. उस ने सिर ?ाका कर सब के सामने सच्ची बात कह दी कि मांजी ने उसे लकड़ी से बेबात मारा, तो उस ने लकड़ी पकड़ ली.
घर के ज्यादातर लोगों को विश्वास हो गया कि शीला ने सास को मारने के लिए ही लकड़ी उठाई होगी. यह स्वाभाविक है कि हर अपराधी अपना अपराध दूसरे पर थोपता है. वह भी ऐसा ही कर रही होगी.
रमेश ने न तो अपने पिता की सुनी और न ही गांव वालों के सम?ाने पर ध्यान दिया. शीला की बात का तो उस पर असर ही क्या होता? उस ने शीला को उस के पिता के यहां पहुंचा दिया और घोषणा कर दी कि वह अब उन के किसी काम की नहीं रही.
शीला के पिता ने बहुत सम?ाया. उस की मां ने भी बहुत कहा, पर रमेश के पास सब का एक ही जवाब था, ‘‘अगर जूती काटने लगे, तब आप उसे उतार कर दूसरी जूती पहनेंगे या उसी को लटकाए रहेंगे?’’
रमेश की मां को विश्वास था कि पहले तो शीला का बाप ही हजार बार माथा रगड़ेगा और माफी मांगेगा. वे उसे अपने दरवाजे से भगाएंगी और वह हाथ जोड़ेगा. अगर अकड़ा भी रहा, तो रमेश की दूसरी शादी होते देर नहीं लगेगी.
पर, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. शीला के पिता ने रमेश के दरवाजे पर माथा रगड़ने के बजाय शीला को कालेज में दाखिला दिलाना अच्छा सम?ा. रमेश की मां ने शीला को बेवजह जितना सताया था, वह सब भी महल्लापड़ोस और रिश्तेदारों से नहीं छिपा था. सब को यह भी डर था कि रमेश की दूसरी शादी होने पर शीला का पिता कोर्टकचहरी जाएगा. 498ए का केस कर देगा. इन बातों ने ऐसा माहौल बनाया कि 2 बरस तक रमेश के लिए रिश्ता तो ले कर कोई नहीं आया, उलटे सारे गांव में रमेश की भी बेइज्जती हो गई.
रमेश के मांबाप ने बहुत कोशिश की, पर सब बेकार रहा. कोई बिरादरी वाला रुपया ले कर भी रमेश की शादी करने को तैयार नहीं हुआ.
मजबूर हो कर रमेश अनाथालय से एक लड़की भगा ले आया. गांव में
2-4 गरीब ठाकुर अनाथालय से लड़कियां ला कर शादी कर चुके थे, इसलिए किसी ने कुछ नहीं कहा. पर वे कागजी पढ़ीलिखी थीं.
गांव के लोग खुश थे कि रमेश की मां का दिमाग ठिकाने आ गया है. वे बातबात पर अपने ऊंचे खानदान की दुहाई देती थीं. अब वे उन्हीं के समान साधारण बन गईर् थीं. अब वे कभी भी बड़ी बात नहीं कहेंगी.
उधर रमेश को डर रहता कि कहीं शीला की वजह से यह लड़की भाग न जाए. उसे इस लड़की के बारे में पता था कि वह कई मर्दों के साथ सो चुकी है, जो उस के धंधे का हिस्सा था. और कोई नहीं मिला, इसलिए एक जानकार की मारफत उसे लाया था.
रमेश की मां को इतना बड़ा धक्का लगा, पर उन्होंने इस से कोई सीख नहीं ली. उन्होंने अनाथालय से लाई आवारा लड़की शांता को भी उसी तरह सताना शुरू कर दिया, जिस तरह वे शीला
को सताया करती थीं. शांता बिलकुल सहनशील नहीं थी. वह तो पहले दिन ही रमेश की मां का सामना करने लगी.
बीती रात बॉलीवुड स्टार पंकज कपूर की बेटी सना कपूर सीमा पाहवा के बेटे मयंक के साथ शादी के बंधन में बंध गई. शादी के बाद से ही सोशल मीडिया पर सना कपूर और मयंक पाहवा की शादी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं. सना कपूर बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर की बहन भी हैं. वहीँ मयंक पाहवा भी बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता और अभिनेत्री सीमा और मनोज पाहवा के सुपुत्र हैं.
View this post on Instagram
ऐसा दिखा दुल्हन का अंदाज
View this post on Instagram
सना कपूर ने अपनी शादी के दिन स्काई ब्लू और रेड कलर का लहंगा पहना था. वहीं मयंक पाहवा ब्लैक लुक में नजर आए. दोनों ने शादी के लिए महाबलेश्वर की एक खूबसूरत लोकेशन को चुना था.
ननद की शादी में दिखा मीरा राजपूत का अलग अंदाज़
View this post on Instagram
अपनी ननद की शादी में मीरा राजपूत काफी अलग अंदाज़ में नज़र आई. मीरा शादी में व्हाइट कलर की खूबसूरत साड़ी पहन कर पहुंची थीं. शाहिद कपूर ने शादी की रस्मों के दौरान वाईफ मीरा के साथ जमकर पोज़ दिए. फोटोज़ में दोनों बॉलीवुड कपल कमाल के लग रहे थे.
बहन की विदाई पर इमोशनल हुए शाहिद कपूर (Shahid Kapoor)
View this post on Instagram
बहन की विदाई के समय शाहिद कपूर काफी इमोशनल हो गए. शाहिद कपूर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करके दिल का हाल बयां किया.
शाहिद कपूर ने लिखा, ‘समय कैसे बीत गया पता ही नहीं चला. मेरी बिट्टो अब दुल्हन बन गई है. मेरी बहन बड़ी हो गई है. इस नई शुरूआत के लिए मैं तुमको बधाई देता हूं.’
फैंस भी दे रहे हैं सना कपूर (Sanah Kapoor) और मयंक पाहवा (Mayank Pahwa) को बधाई
फैंस लगातार सना और मयंक को शादी की बधाई देते हुए उनके खूबसूरत भविष्य की कामना कर रहे हैं.
एकता कपूर के सुपरनैचरल शो ‘नागिन 6’ में नागिन बनी तेजस्वी प्रकाश और सिम्बा नागपाल यानी प्रथा और ऋषभ की दुश्मनी का आगाज हो चुका है. सीरियल में अब तक दिखाया गया है कि प्रथा, ऋषभ को देश का दुश्मन समझती है और उसे मारने के लिए ऋषभ के घर तक पहुँच चुकी है.
View this post on Instagram
प्रथा (तेजस्वी प्रकाश) ऋषभ के घर की बहू बनने वाली है. ऋषभ से शादी करने की लिए प्रथा ने ऋषभ के भाई को मोहरा बनाया है.यही नहीं ऋषभ से शादी करने के लिए प्रथा पहले ऋषभ की मंगेतर को अपने रस्ते से हटाएगी.
View this post on Instagram
नागिन 6 के सेट से कुछ तस्वीरें लीक हुई हैं जिन्हें देखकर यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि दोनों की शादी हो जाएगी.
घूँघट ओढ़ कर प्रथा करेगी साजिश
शादी में मंडप में जाने से पहले प्रथा ऋषभ की मंगेतर को अपने रास्ते से हटाएगी,और लम्बा घूँघट डालकर मंडप में एंट्री करेगी ताकि कोई उसे पहचान न सके.आने वाले एपिसोड में फैंस भी कंफ्यूज हो जाएंगे कि घूँघट के पीछे आखिर किसका चेहरा छिपा है.
View this post on Instagram
दूसरी और प्रथा की तरह ऋषभ भी सेहरे से अपना मुंह ढककर परिवार वालों को बेवकूफ बनाने वाला है. हैरानी की बात ये है कि दोनों की इस साज़िश का पता किसी को भी नहीं लगेगा और दोनों हेराफेरी से शादी के बंधन में बंध जाएंगे.
सोशल मीडिया पर प्रथा और ऋषभ की शादी की तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं. फैंस जानने के लिए बेताब हैं कि प्रथा किस तरह से अपने दुश्मनों का सफाया करेगी.