शादी के बाद सैक्स समस्याओं का मन में है डर

सवाल

मेरी उम्र 21 साल है और जल्द ही शादी होने वाली है. मैं शादी के बाद सैक्स को ले कर डरी हुई हूं. क्या लड़कियों में सैक्स संबंधी समस्याएं होती हैं? अगर हां, तो क्या इन का उपचार है?

जवाब

शादी के बाद सैक्स को ले कर आप नाहक डरी हुई हैं. सैक्स संबंध कुदरती बात है. लड़कियों और औरतों में भी सैक्स समस्याएं हो सकती हैं जैसे सैक्स संबंध के समय योनि में दर्द, चरमसुख की कमी, जोश में कमी आदि. मगर मर्दों की ही तरह औरतों की सैक्स समस्याओं का भी हल है. आप के लिए बेहतर यही है कि इन सब बातों से डरे बगैर खुद को शादी के लिए तैयार करें और पति के साथ सैक्स सुख का मजा लें.

इन 6 टिप्स से करें डिप्रेशन की पहचान

डिप्रेशन, एक ऐसी समस्या है जिसमें खुद उस इंसान को ही पता नहीं होता की वो इस बीमारी का शिकार है. अगर समय रहते इसका इलाज हो जाए तो इससे निजात मिल सकता है. भारत जनसंख्या के मामले है वैसे तो दुनिया में दूसरे नंबर पर आता है. पर डप्रेशन में ये दुनिया के सभी देशों को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर है. जी हां…भारतीय लोगों में डिप्रेशन के मामले पिछले कुछ सालों में बढ़ गए हैं. WHO (World Health Organization) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के 6.5% नागरिक गंभीर डिप्रेशन का शिकार हैं. ये आंकड़ा दुनिया के किसी भी अन्य देश के मुकाबले सबसे ज्यादा है.

क्या है डिप्रेशन और कैसे करें इसकी पहचान

चिंता और तनाव हम सभी को होता है. मगर जब ये तनाव सीमा से ज्यादा बढ़ जाता है, तो मानसिक रोग बन जाता है, जिसे डिप्रेशन कहते हैं. डिप्रेशन की शुरुआत में कुछ ऐसे लक्षण महसूस होते हैं, जिन्हें आप आसानी से नजरअंदाज कर सकते हैं. अगर आपको भी महसूस होते हैं ये लक्षण, तो सावधान हो जाएं और मानसिक रोग विशेषज्ञ की सलाह लें.

1. हर समय थकान महसूस होना

थकान डिप्रेशन का एक बड़ा लक्षण है. डिप्रेशन के कारण व्यक्ति का किसी काम में मन नहीं लगता है और वो हर समय थका हुआ महसूस करता है. इस दौरान व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियां सीमित हो जाती हैं. उसकी बातों में नकारात्मकता आ जाती है और वो ज्यादातर समय गुमसुम उदास रहने लगता है.

2. नींद पर भी पड़ता है बुरा असर

डिप्रेशन का दूसरा सबसे पहला लक्षण व्यक्ति की नींद का प्रभावित होना है. वे या तो बहुत कम या बहुत अधिक सोने लगते हैं. कुछ लोग 12 घंटे तक सोने के बाद भी थकान महसूस करते हैं, तो वहीं कुछ लोग रात में थोड़ी-थोड़ी देर बाद जागते रहते हैं. थकान की ही तरह नींद की समस्‍या भी अवसादग्रस्‍त पुरुषों में सामान्‍य लक्षण है.

3. चिड़चिड़ापन होना

अवसादग्रस्‍त पुरुषों का स्‍वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है. अगर वे भावनात्‍मक बातें कर रहे हों, तो दुख और चिड़चिड़ेपन का मेल सामने आ सकता है. पुरुषों में चिड़चिड़ेपन की बड़ी समस्या उनके मस्तिष्‍क में लगातार आने वाले नकारात्‍मक विचार होते है.

4. गुस्सा करना

डिप्रेशन के कारण कई बार व्यक्ति को बिना वजह गुस्सा आता है. गुस्से के कारण कई बार वे आक्रामक हो जाते हैं और लड़ने-झगड़ने भी लगते हैं. गुस्‍से में व्‍यक्ति चिढ़ के मुकाबले स्‍वयं को अधिक प्रभावी दिखाने का प्रयास करता है. ऐसे में व्‍यक्ति को परिवार और दोस्‍तों से खास मदद की जरूरत होती है.

5. डिसिजन मेकिंग पावर में कमी आना

अगर आपको लगातार निर्णय लेने में कठिनाई आ रही है, तो यह डिप्रेशन का संकेत हो सकता है. कुछ लोगों को नैसर्गिक रूप से दुविधा में रहते हैं. उन्‍हें फैसले लेने में परेशानी आ सकती है. अगर आपके साथ पहले से यह परेशानी है, तो आपको अधिक घबराने की जरूरत नहीं. लेकिन, आपके स्‍वभाव में यह आदत नयी शामिल हुई है, तो आपको सोचने की जरूरत है. जानकार मानते हैं कि डिप्रेशन आपके क्षमता लेने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है.

6. कब्‍ज या डायरिया का होना

कब्‍ज या डायरिया, और सिरदर्द और कमर दर्द जैसे स्‍वास्‍थ्‍य लक्षण, अवसादग्रस्‍त लोगों में सामान्‍य हैं. लेकिन, अक्‍सर पुरुष इस बात को नहीं समझते कि तेज दर्द और पाचन क्रिया में अनि‍यमितता का संबंध अवसाद से भी हो सकता है. डाक्‍टर बताते हैं कि अवसादग्रस्‍त लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें लगी रहती हैं. लेकिन, अक्‍सर वे इसे लेकर गंभीर नहीं होते.

अगर आप भी इन किसी समस्या से परेशान है तो आप जरुर डाक्टर से सलाह ले और कोशिश करें की आपके आस पास के लोगों के अगर व्यवहार या  इन परेशानी को आप देखते है उनका साथ दे और डाक्टर से सलाह दिलवाए.

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प्याज खाने का कौन सा तरीका है सबसे बेहतर, पका या कच्चा?

प्याज के इस्तेमाल के बिना भारतीय खाना लगभग अधूरा हैं. चाहे वो सब्जी हो या मसालेदार गोश्त. ये न हो तो काफी लोगों का जायका बिगड़ जाता है. आप इसे सलाद के तौर पर भी खाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि प्याज को पकाकर खाना ज्यादा फायदेमंद है या कच्चा सेवन करना.

प्याज का सेवन करने के दो मुख्य तरीके हैं. आप इसे पकाकर या कच्चा खा सकते हैं. हालांकि इसका चुनाव पूरी तरह से व्यक्ति के स्वाद और पसंद पर निर्भर करता है. प्याज के जरिए ज्यादा से ज्यादा सल्फर कंपाउड हासिल करने के लिए प्याज को पकाने के बजाय कच्चा खाना बेहतर है. इसके अलावा कच्चे प्याज में कई पोषक तत्व होते हैं, जो कुकिंग प्रॉसेस के दौरान नष्ट हो जाते हैं.

जब आप प्याज काटते हैं, चॉप करते हैं या क्रश करते हैं, तो ये एक एंजाइमेटिक रिस्पॉन्स से गुजरता है जिससे सल्फर कंपाउंड का निर्माण होता है. ये वही यौगिक हैं जो आपकी आंखों में पानी लाते हैं और कई फायदे भी पहुंचाते हैं, जैसे खून के थक्कों को तोड़ना, स्ट्रोक या हार्ट डिजी के जोखिम को कम करना, कैंसर से बचाव करना और ब्लड शुगर लेव को कंट्रोल करना वगैरह.

कच्चे प्याज खाने के नुकसान

इस बात में कोई शक नहीं है कि पके हुए प्याज के मुकाबले कच्चा प्याज सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है, लेकिन कुछ ऐसे नुकसान भी हैं जिनको लेकर सतर्क रहना चाहिए. जो लोग हद से ज्यादा रॉ अनियन खाते उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे मुंह की बदबू, हर्ट बर्न, एसिडिटी और इरिटिबल बाउल सिंड्रोम. बेहतर है कि अपने डाइटीशियन की सलाह के बाद ही प्याज की मात्रा तय करें.

अशिकी मे गई जान

बात 4 नवंबर, 2018 की है. उत्तर प्रदेश के जिला मीरजापुर के गांव कनकसराय के लोग

सुबह के समय अपने खेतों की तरफ जा रहे थे, तभी उन्होंने ईंट भट्ठे के पास वाले खेत में एक युवक की लाश पड़ी देखी. उस का सिर फटा हुआ था. कुछ ही देर में लाश मिलने की खबर आसपास के गांवों में फैल गई. किसी ने फोन द्वारा इस की सूचना थाना कछवां को दे दी.

सूचना पा कर एसओ वियजप्रताप सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए. मौके का निरीक्षण करने पर उन्हें लगा कि युवक की हत्या कहीं और कर के लाश यहां फेंकी गई है. उस का सिर फटा हुआ था. चेहरे पर भी खून लगा हुआ था. वह सलेटी रंग की पैंट, काली टी शर्ट और उस के ऊपर सफेद रंग की शर्ट पहने था. उस के गले में सफेद रंग का गमछा भी था.

उन्होंने वहां मौजूद लोगों से लाश की शिनाख्त करने को कहा तो कोई भी मृतक को नहीं पहचान सका. विजय प्रताप सिंह ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को हत्या की सूचना दे कर मौके की जरूरी काररवाई पूरी की और लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दी. इस से पहले उन्होंने अपने मोबाइल से लाश के फोटो खींच लिए थे.

ह काररवाई करतेकरते दोपहर हो चुकी थी. एसओ विजय प्रताप सिंह थाने पहुंच गए थे. सीओ (सदर) बी.के. त्रिपाठी भी थाने आ गए थे. लाश की शिनाख्त को ले कर दोनों पुलिस अधिकारी आपस में चर्चा कर ही रहे थे कि तभी थाना क्षेत्र के गांव मझवां के रहने वाले हाकिम अंसारी वहां पहुंच गए. उन्होंने बताया कि उन का बेटा सद्दाम अंसारी कल शाम से लापता है.

हाकिम अंसारी अपने बेटे का जो हुलिया बता रहे थे. वह हुलिया खेत से बरामद हुई अज्ञात लाश से मिल रहा था. एसओ ने अपने मोबाइल से खींचे गए बरामद लाश के फोटो हाकिम अंसारी को दिखाए. फोटो देख कर हाकिम अंसारी रोने लगे. वह उन का बेटा सद्दाम ही था.

लाश की शिनाख्त होने पर दोनों पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली. एसओ विजय प्रताप सिंह ने हाकिम अंसारी को सांत्वना देते हुए कहा कि आप चिंता न करें, हत्यारे को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

इस के बाद एसओ ने हाकिम अंसारी को मोर्चरी ले जा कर लाश दिखाई तो उन्होंने अपने बेटे सद्दाम अंसारी के रूप में उस की पुष्टि कर दी.

पुलिस ने हाकिम अंसारी की तरफ से अज्ञात के खिलाफ हत्या कर लाश छिपाने का मुकदमा दर्ज कर लिया. मीरजापुर की एसपी शालिनी ने इस केस को खोलने के लिए सीओ (सदर) बी.के. त्रिपाठी के निर्देशन में एक टीम गठित की.

टीम में एसओ विजय प्रताप सिंह, एसआई श्यामजी यादव, धनंजय पांडेय, कांस्टेबल शशिकांत, अभिषेक सिंह आदि को शामिल किया गया. पुलिस टीम जांच में जुट गई. शक के आधार पर पुलिस ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया.

उन से पूछताछ की गई लेकिन सद्दाम की हत्या से संबंधित कोई सुराग न मिलने पर उन्हें इस हिदायत के साथ घर भेज दिया कि पुलिस को सूचना दिए बगैर कहीं न जाएं.

2 दिन बाद 6 नवंबर को एक मुखबिर ने एसओ विजय प्रताप सिंह को हत्यारों के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी दी. एसओ तुरंत ही टीम के साथ मुखबिर द्वारा बताई गई जगह भैंसा रेलवे स्टेशन के पास पहुंच गए.

उस समय सुबह के सवा 7 बज रहे थे. स्टेशन के मुख्य गेट के पास ही उन्होंने कुछ दूर खड़े मुखबिर के इशारे पर गेट के पास से 2 व्यक्तियों को दबोच लिया, जो बैग ले कर कहीं जाने की तैयारी में थे.

पुलिस उन्हें ले कर थाने लौट आई. उन के नाम अवधेश चौरसिया व शिवकुमार चौरसिया थे. दोनों रामपुर पडेरी, मीरजापुर के रहने वाले थे. पूछताछ में दोनों खुद को बेकसूर बताते रहे. लेकिन जब पुलिस ने उन से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया.

पूछताछ में उन्होंने बताया कि सद्दाम उन के घर की दहलीज को कलंकित करने के साथ उन की इज्जत को तारतार करने पर तुला हुआ था. इसलिए उसे मारने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा था. उन्होंने उस की हत्या की जो कहानी बताई इस प्रकार थी—

उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद का कछवां थाना क्षेत्र वाराणसी और भदोही (संत रविदास नगर) से लगा होने के साथ गंगा नदी से सटा हुआ है. कछवां थाना क्षेत्र में ही एक गांव है रामपुर पडेरी. इसी गांव के रहने वाले अवधेश चौरसिया का गांव में अच्छाभला मकान होने के साथ भरापूरा परिवार भी है. परिवार में पत्नी के अलावा 2 बच्चे भी हैं, जिन में बड़ी बेटी मानसी (काल्पनिक) क्षेत्र के ही एक कालेज में बीकौम तृतीय वर्ष की छात्रा थी.

कह सकते हैं कि उन का हंसताखेलता परिवार था. खेती की जमीन के अलावा उन का अपना कारोबार भी था, जिस से होने वाली आय से उन का घरपरिवार चल रहा था. अवधेश गांव में सभी लोग से मिलजुल कर रहते थे.

अचानक एक दिन उन के हंसतेखेलते परिवार में ग्रहण लग गया. 3 नवंबर की रात परिवार के सब लोग खापी कर सो गए थे. देर रात अवधेश चौरसिया बाथरूम जाने के लिए उठे. उन के कमरे के बगल में उन की 20 वर्षीय बेटी मानसी का कमरा था.

अवधेश को बेटी के कमरे से किसी आदमी की आवाज आती सुनाई दी. पहले तो उन्होंने इसे अपना भ्रम समझा लेकिन बेटी बड़ी थी और देर रात तक जाग कर पढ़ाई करती थी इसलिए न चाहते हुए भी उन्होंने अपने कमरे में जा कर सोना ठीक समझा.

अभी कुछ देर ही हुई थी कि फिर वही आहट और आवाज सुनाई दी. इस से उन के कान खड़े हो गए. वह अपने कमरे से दबे पांव निकले और बेटी के कमरे के दरवाजे की ओट ले कर कुछ सुनने की कोशिश करने लगे. कुछ देर वहां खड़े रहने के बाद इस बात की पुष्टि हो गई कि बेटी के कमरे में कोई मर्द है. बस फिर क्या था, उन का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया.

उन्होंने बेटी के कमरे का दरवाजा थपथपाया तो अंदर से आहट आनी बंद हो गई. अंदर जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो उन्होंने बेटी को आवाज लगा कर दरवाजा खोलने को कहा.

जैसे ही बेटी के कमरे का दरवाजा खुला वह कमरे में घुस गए. तभी कमरे से निकल कर एक युवक भागने लगा. अवधेश चौरसिया ने उस युवक को दबोच लिया.

बेटी को कमरे से बाहर कर के उन्होंने उस युवक से पूछताछ करनी चाही तो वह उलटे उन पर आक्रामक हो कर टूट पड़ा. यह देख अवधेश ने अपने छोटे भाई शिवकुमार को भी आवाज दे कर बुला लिया.

दोनों भाइयों ने उस युवक से पूछताछ की तो उस ने अपना नाम सद्दाम अंसारी बताया. इस के बाद दोनों भाइयों ने सद्दाम की पिटाई शुरू कर दी. एक भाई ने कमरे में रखी ईंट उठा कर उस के सिर पर मारनी शुरू कर दी. जिस से सद्दाम का सिर फट गया और वह लहूलुहान हो कर नीचे गिर गया. कुछ ही देर में उस की मौत हो गई.

फिर दोनों भाइयों ने मिल कर युवक की लाश ठिकाने लगाने की सोची. वह घर में खड़ी अपनी मोपेड पर उसे बीच में बैठा कर घर से चल निकले और उस की लाश कनकसराय ईंट भट्ठे के पास फेंक कर वापस लौट आए.

बाद में जब उन्हें पता चला कि पुलिस उन्हें तलाश रही है तो पकड़े जाने के डर से दोनों भागने की फिराक में लग गए. लेकिन वे भाग पाते इस से पहले ही पुलिस ने उन्हें स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने अवधेश और शिवकुमार की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ईंट, मृतक का मोबाइल फोन व लाश छिपाने के लिए इस्तेमाल की गई मोपेड बरामद कर ली.

मारा गया युवक सद्दाम अंसारी मझवां गांव का रहने वाला था. वह भी उसी कालेज में पढ़ रहा था, जिस में मानसी पढ़ती थी. साथसाथ पढ़ाई करने की वजह से दोनों को एकदूसरे से प्यार हो गया था. कुछ दिनों से सद्दाम बीमार होने की वजह से मानसी से मिल नहीं पाया था.

3 नवंबर, 2018 की रात को मानसी के बुलावे पर वह उस से मिलने उस के घर चला गया था. जब दोनों कमरे में बैठे बातचीत कर रहे थे तभी इस की आहट मानसी के पिता को लग गई थी. जिस के बाद मानसी के पिता अवधेश चौरसिया ने अपने छोटे भाई शिवकुमार चौरसिया के साथ मिल कर सद्दाम की हत्या कर दी थी.

पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें सक्षम न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों भाइयों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

— कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित

(यह घटना 2018 की है. अपने पाठकों को जागरूक करने के उद्देश्य से इसे दोबारा पब्लिश किया जा रहा है)

मेरी सगाई हो गई है पर मैं शादी नहीं करना चाहती हूं, कृपया सलाह दें

सवाल

मैं 21 वर्षीय युवती हूं. मेरी सगाई हुए 3 महीने हो चुके हैं. मेरे घर वालों ने सगाई में काफी पैसा लगाया था. शायद इसीलिए लड़के वाले बेशर्मी से मुंह खोल कर विवाह में लेनदेन की मांग कर रहे हैं. अपनी हैसियत से तो मेरे घर वाले करेंगे ही पर इस तरह से अनापशनाप मांगें सुन कर मेरा इस शादी से मन उठ गया है. मैंने मां से साफसाफ कहा है कि वे इस रिश्ते को तोड़ दें पर उन का कहना है कि इस से बदनामी होगी और फिर मेरा भविष्य में कहीं रिश्ता नहीं होगा. मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब

आप को इस बारे में अपने मंगेतर से बात करनी चाहिए. हो सकता है कि लड़का घर वालों की इस मंशा से बेखबर हो. यदि लड़का भी इस सब में शामिल है तो आप को उस से शादी कतई नहीं करनी चाहिए. ऐसे लालची लोग ताउम्र आप को और आप के घर वालों को परेशान करते रहेंगे.

सगाई तोड़ने के बाद आप की बदनामी होगी और फिर कहीं और रिश्ता नहीं होगा, यह बात सरासर गलत है. ऐसा कुछ नहीं होगा. हां, नया रिश्ता मिलने में थोड़ा समय लग सकता है. पर अभी आप की उम्र बहुत कम है, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

लिव इन रिलेशनशिप: कितना सही कितना गलत

अगर आप भी रहती हैं लिव इन रिलेशनशिप में तो हो जाइए सावधान क्योंकि ये आपकी जिंदगी के लिए गलत और खतरा भी हो सकता हैं क्योंकि आजकल भले ही ये आम बात हो लेकिन आप आगे जाकर पछता सकती हैं क्योंकि ज़माना इतना ज्यादा खराब हो गया है कि आप भी इस जाल में फंस कर खुद की जिंदगी बर्बाद कर लेती हैं…और केवल अपनी जिंदगी ही नहीं बल्कि अपने साथ कई लोगों को जिंदगी भर का गम दे जाती हैं….लेकिन जब तक आपको इस बात का एहसास होता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है….आप वो सब कुछ हार चुकी होती हैं जो आपको दुबारा नहीं मिलता कभी……

1. अक्सर लिव इन रिलेशनशिप में लड़कियां लड़कों के साथ रहती हैं माता-पिता तक की बात नहीं सुनती लेकिन लड़का जब उसे छोड़ देता है(क्योंकि ऐसे संबंध टूटने की नौबत ज्यादातर पुरुष की तरफ से ही होती है) तब उसे एहसास होता है कि उसने कितनी बड़ी गलती की अपने मां-बाप की बात न सुनकर लेकिन तब तक आप उन्हें दर्द दे चुकी होती हैं…जिससे वो जिंदगी भर उभर नहीं पाते क्योंकि समाज में वो मुंह दिखाने लायक नहीं रहते हैं….उन्हें बुरा लगता है बाहर निकलने में भी….जिंदगी में घुट-घुट कर जीने लगते हैं उनकी जिंदगी एक बोझ बन जाती है…..और ये सिर्फ लड़की ही नहीं बल्कि लड़के के परिवार के साथ भी होता है…..लेकिन जिंदगी तो एक लड़की की ही बर्बाद होती है.

2. अक्सर लिव इन रिलेशनशिप में बच्चें भी जन्म ले लेते हैं लेकिन जब लड़का इसके लिए रेडी नहीं होता तो एक जिंदगी को दोनों मिलकर इस दुनिया में आने से पहले ही खत्म कर देते हैं जो कहीं से भी सही नहीं होता आखिर क्यों? अपनी गलतियों की सजा उस बेजान को क्यों जो इस दुनिया में अभी आया ही नहीं है.

3. अक्सर बच्चे पैदा भी हो जाते हैं अगर तो चूंकि बिना शादी के दो लोग साथ रहते हैं तो इस बात का डर हमेशा रहता है कि कब न रिश्ता टूट जाए क्योंकि कोई शादी के बंधन में बंधे नहीं होते हैं और ना ही कोई कमिटमेंट होता है और जब रिश्ता टूटता है तो ऐसे में उस बच्चे का भविष्य खराब होता है और कभी-कभी तो ऐसा होता है कि उस बच्चे को लोग अनाथालय में दे देते हैं और खुद उस जिम्मेदीरी से पल्ला झाड़ लेते हैं.भला ये हक आपको किसने दिया कि आप उस बच्चे की जिंदगी खराब करें.

4. बिना शादी के एक साथ रहने पर अक्सर आप एक-दूसरे को छोटे-छोटे ताने मारते हैं आप एक-दूसरे की जिंदगी में ज्यादा दखल नहीं देते…किसी का भी एक-दूसरे पर कोई एहसान नहीं होता है और नाही एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं…छोटी-मोटी बातों पर अक्सर झगड़े होते हैं और फिर एक दिन वो उनका रिश्ता टूट जाता है क्योंकि ऐसे रिश्ते का कोई भविष्य नहीं होता.

5. ऐसे रिश्ते को भले ही कानून ने मंजूरी दी हो कि दो लोग आपस में जब तक चाहे रह सकते हैं क्योंकि वो बालिग है उनका अपना फैसला है लेकिन ऐसे रिश्ते समाज नहीं अपनाता और ये स्वीकृत भी नहीं है….समाज कभी भी इस रिश्ते को वो आदर वो सम्मान नहीं देता जो एक वैवाहिक संबंध से जुड़ने वाले रिश्ते को देता है.क्योंकि ये प्रथा पश्चिमी देशों में ज्यादा चलन में है.विदेशों में होता हैं ऐसा.जिसे अब भारतीयों ने भी अपना लिया है.

बिस्तर पर पति की मनमानी पर चुप न रहें

रात के 9 बजे थे. कमला बिस्तर पर लेटी हुई थी, तभी उस का पति आया. उस ने अपने कपड़े उतारे और बिस्तर में घुस कर सोने की तैयारी करने लगा. कमला कुछ नहीं बोली, जबकि आज उस का मन यह काम करने को नहीं था. सीमा की हालत दूसरी है. वह पति की जल्दबाजी को उस की लालसा समझती रही, मगर जब उस ने बिस्तर पर आते ही सीमा पर झपटना नहीं छोड़ा, तो उस ने पति से कहा, ‘‘तुम मुझे समझते क्या हो?’’

‘‘क्यों, क्या हुआ तुम्हें?’’ पति ने जानना चाहा.

‘‘यही कि तुम बिस्तर पर आते ही बाज की तरह झपट पड़ते हो.’’

‘‘तो क्या हुआ?’’

पति के इतना कहते ही सीमा भड़क गई, ‘‘क्या मुझ में जान नहीं है? क्या तुम ने मुझे जानवर समझ रखा है?’’

सीमा के आंसू निकल पड़े, ‘‘मैं भी हाड़मांस की जीतीजागती इनसान हूं. मेरी भी कुछ इच्छाएं, पसंदनापसंद और भावनाएं हैं. कभी आप ने यह जानने की कोशिश की है? आप को तो अपने काम से मतलब है. बिस्तर पर आए और झपट पड़े, जैसे मैं कहीं भागी जा रही हूं.’’

सीमा बोलती रही और उस का पति चुपचाप सुनता रहा. मगर ऐसा सभी के साथ नहीं होता है. कुछ औरतें सीमा की तरह कह नहीं पाती हैं. बस, वे हालात को जैसेतैसे कबूल कर लेती हैं.

नीला का पति रोज ही उस के साथ सोने की जिद करता था, इसलिए उस ने पति की इच्छा से समझौता कर लिया. जब भी उस का पति आता, वह उस के सामने बिछ जाती. उस का पति अपनी मनमानी करता रहता.

आखिर एक दिन पति खीज उठा, ‘‘यह क्या है? तुम तो जिंदा लाश जैसी पड़ी रहती हो. मैं ही सबकुछ करता रहता हूं.’’

‘‘हुं…,’’ नीला ने टालने की गरज से कहा, तो उस के पति ने पूछा, ‘‘आखिर तुम साथ क्यों नहीं देती हो?’’

तब नीला ने बताया, ‘‘आप ने कभी यह जानने की कोशिश ही नहीं की कि मैं ऐसा क्यों करती हूं? शुरूशुरू में मेरी भी कुछ इच्छाएं और उमंगें थीं, जिन्हें मैं पूरा करना चाहती थी. मगर मैं कह नहीं पाती थी. सोचती थी कि आप प्यार से पूछेंगे.

‘‘मगर आप ने कभी यह जानने की कोशिश ही नहीं की कि मैं क्या चाहती हूं? मेरी इच्छा क्या है? बस, आप तो आते ही शुरू हो जाते थे.

‘‘कई दिनों तक मैं यह देखती रही. आखिर मैं ने ही अपनी इच्छा का दम घोंट लिया. जैसा आप चाहते थे, वैसा ही होने लगा. मैं ने कभी इस बात का विरोध नहीं किया.’’

आखिर औरतें बिस्तर पर अपनी इच्छा अनिच्छा क्यों नहीं कह पाती हैं, जबकि पति की इच्छा का सम्मान करते हुए वे बिस्तर पर पड़ी रहती हैं?

शुरूशुरू में तो पति को पत्नी की इस आदत पर हैरानी नहीं होती है, मगर जब उस की यौन जिंदगी सामान्य और सही ढर्रे पर आती है, तो पत्नी का साथ उसे अखरने लगता है.

इस के मूल में पत्नी को मिले संस्कार होते हैं. इसी वजह से वह इच्छा न होते हुए भी पति के लिए बिस्तर पर तैयार रहती है. यह इस की एक वजह है, मगर सचाई कुछ और ही है.

औरत के दिमाग में आदमी की सोच का डर बैठा रहता है, जो बिस्तर पर उसे चुप रखता है. इसी सोच के चलते वह बिस्तर पर चुप ही रहती है.

वह आदमी की दोहरी दिमागी सोच से वाकिफ होती है. वह जानती है कि अगर उस ने बिस्तर पर अपनी इच्छा या भावना जाहिर की, तो उसे दूसरे मतलब में लिया जाएगा. उसे कुलटा और बदचलन समझ कर शक की निगाह से देखा जाएगा. अगर वह चुप रही, तो उसे शर्मीली समझ लिया जाएगा. ज्यादा हुआ, तो गंवार कह दिया जाएगा.

यही वजह है कि कई पत्नियां पति की इच्छा को ही देख कर अपना वैसा बरताव बना लेती हैं. अगर यौन जिंदगी में पति अपनी पत्नी का दखल नहीं चाहता है, तो पत्नी अपनी इच्छा को दबा कर के पति की मरजी के मुताबिक चलने लगती है. पति जैसा चाहता है, वैसा ही करने देती है. वह खुद कुछ नहीं करती और कहती है.

ऐसे में एक समय ऐसा आता है, जब पति अपनी पत्नी से ऊब जाता है. ऐसी दशा में पत्नी से उस का झगड़ा हो जाता है. अकसर वह पत्नी को ठंडी मान कर दूसरी जगह संबंध बना लेता है.

अगर पति समझदार होता है, तो पत्नी से बातचीत करता है. उसे अपने भरोसे में ले कर प्यार व मनुहार से उस के दिल की बात जान लेता है. तब पत्नी के मुताबिक काम कर के अपनी यौन जिंदगी सुख से भरी बना लेता है.

औरतमर्द की जरूरत समझने वाले मर्द कभी औरत के ठंडेपन की शिकायत नहीं करते हैं. वे जानते हैं कि औरत व मर्द की जिस्मानी बनावट में बहुत फर्क होता है.

औरत एक नदी की तरह होती है, जो धीरेधीरे उफान पर आती है और धीरेधीरे ही शांत होती है, जबकि मर्द तूफान की तरह होता है, जो जल्दी आ कर जल्दी ही चला जाता है.

बेबी बंप फ्लॉन्ट करती दिखीं Rubina dilaik, फैंस ने बताया बेटी होगी या बेटा

बिग बॉस फेम टीवी की मशहूर अदाकारा रूबीना दिलैक सुर्खियों में है उनके चर्चा में आने की वजह उनका बेबी बंप है जिसकी तस्वीरें वह इन दिनों सोशल मीडिया पर शेयर कर रही है. जिनके घर जल्द ही खुशियों के किलकारी गुंजने वाली है. जी हां, रूबीका दिलैक प्रेग्नेंट है उन्होने हाल ही में फैंस के लिए अपना बेंबी बंप की फोटो शेयर की है. जिसे देख उनके फैंस बता रहे है कि रुबीका के लड़की होगी या लड़का.

 

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आपको बता दें, कि अभिनव और रूबीना ने साल 2018 में शादी की थी. जिसके 5 साल के बाद रूबीना ने सबको गुड़ न्यूज दी है. रूबीना अपनी पहली प्रेग्नेंसी को लेकर काफी एक्साइटेड है और अब वह आए दिन बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए इंस्टाग्राम पर शेयर करती है. अब हाल में रूबीना ने अपनी नई फोटो शेयर की है, इन फोटोज में रूबीना टाइट कपड़ो में नजर आ रही है जिसका रंग ब्लैक है. जिसमें वह काफी स्टाइलिश और बोल्ड नजर आ रही है.

 

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इन तस्वीरों में एक्ट्रेस रुबीना दिलैक ने अपने बालों को खुला रखा हुआ है. फोटोज में एक्ट्रेस मैटरनिटी फोटोशूट से स्टाइल स्टेटमेंट लोगों को खूब इंप्रेस कर रही हैं. इस आउटफिट के साथ रुबीना दिलैक ने ब्लैक कलर के खूबसूरत ईयररिंग्स पहनें हुए हैं. एक्ट्रेस के इन ईयररिंग्स पर फैंस की निगाहें टिक गई हैं. इन तस्वीरों के सामने आने के बाद ज्यादातर फैंस का कहना है कि रुबीना दिलैक बेटे को जन्म देंगी. एक यूजर ने लिखा, “रुबीना के बंप को देखकर लग रहा है कि उन्हें बेबी बॉय होगा.”

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