शुक्राणुओं के न होने या कम होने का दंश झेलने वाले पुरुषों को अब घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि आज विज्ञान की बदौलत ऐसे हजारों पुरुष पिता बन रहे हैं.