Yeh Rishta kya Kehlata Hai: शिवांगी जोशी ने शादी को लेकर दिया ये इंटरेस्टिंग जवाब, पढ़ें खबर

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’  फेम शिवांगी जोशी (सीरत) फैंस के बीच काफी पॉपुलर हैं. वह शो में अपनी बेहतरीन एक्टिंग और दिलकश अदाओं से फैंस का दिल जीतने में कामयाब हो रही हैं. हाल ही में सीरत ने अपने फैंस के साथ सोशल मीडिया पर सेशन रखा था. जिसमें उन्होंने फैंस के कई सवालों का जवाब दिया. एक्ट्रेस ने पर्सनल लाइफ से भी जुड़ी बातें शेयर की. आइए बताते हैं क्या कहा एक्ट्रेस ने.

इस सेशन के दौरान शिवांगी जोशी से एक यूजर ने कि वह शादी कब करेंगी. एक्ट्रेस ने काफी दिलचस्प अंदाज में जवाब देते हुए कहा, देखूंगी, सोचूंगी, कल परसो कहूंगी. शिवांगी जोशी ने अपने फैंस ये भी शेयर किया कि उन्हें खाना बनाना काफी अच्छा लगता है. और इस महामारी के दौरान उन्होंने बहुत कुछ बनाना सीखा है. एक्ट्रेस ने ये भी बताया कि इस महामारी ने उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताना सिखाया है.

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सेशन के दौरान एक अन्य यूजर ने पूछा कि वह कभी प्यार के चक्कर में पड़ी हैं?  शिवांगी जोशी ने इसका जवाब भी फिल्मी डायलॉग में देते हुए कहा कि हे! तुमने कभी किसी से प्यार किया? कभी किसी को दिल दिया? मैंने भी दिया.

 

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’  में इन दिनों कहानी एक दिलचस्प मोड़ ले रही है. सीरियल में दिखाया जा रहा है कि सीरत-कार्तिक की जिंदगी में  फिर से खुशियां आने वाली हैं. सीरत जल्द ही मां बनने वाली है और शो में एक लम्बा लीप लिया जाएगा.

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क्या अनुपमा छोड़ेगी शाह हाउस? अनुज देगा नया घर!

सुधांशु पांडे और रूपाली गांगुली स्टारर सीरियल अनुपमा में अब तक आपने देखा कि अनुज कपाड़िया ने अनुपमा को डील ऑफर किया है. जिससे शाह हाउस में सबके होश उड़ गये हैं. वनराज-काव्या, पारितोष और बा बिल्कुल नहीं चाहते हैं कि अनुपमा इस डील को एक्सेप्ट करे. बा ने तो सामने से मना कर दिया है कि अनुपमा को यह ऑफर एक्सेप्ट नहीं करना है. शो के अपकमिंग एपिसोड में महाट्विस्ट आने वाला है. आइए बताते हैं शो के नए एपिसोड के बारे में.

शो में दिखाया जा रहा है कि वनराज नहीं चाहता कि अनुपमा अनुज कपाड़िया के साथ काम करे और वह इसके लिए पारितोष को मोहरा बना रहा है ताकि अनुपमा अपने बेटे के कहने से अनुज का डील एक्सेप्ट करने से मना कर दे. तो दूसरी तरफ देविका ने अनुपमा को समझाया है कि जो चाहे वह कर सकती है. अब वनराज उसका पति नहीं है और उसका कोई हक नहीं है कि वह अनुपमा के जीवन में दखलअंदाजी करें.

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शो के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अनुपमा वनराज और बा के खिलाफ जाकर यह डील एक्सेप्ट करेगी. इस खुशी में अनुपमा-अनुज मिठाईयां बांट रहे हैं तभी वनराज पूछता है कि यह मिठाई किस खुशी में बांटी जा रही है. अनुपमा बताती है कि उसने डील एक्सेप्ट कर लिया है, यह सुनकर वनराज के होश उड़ जाते है.

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खबरों के अनुसार, अनुज कपाड़िया अनुपमा को घर भी ऑफर करेगा. जी हां खबर यह आ रही है कि अनुज, अनुपमा के नए अपार्टमेंट में रहने की व्यवस्था करेगा. रिपोर्ट के अनुसार नई बिजनेस पार्टनरशिप होने के नाते अनुज अनुपमा के लिए एक नए घर की व्यवस्था करेगा, जो अनुपमा का असली घर होगा.

 

अब देखना ये दिलचस्प होगा कि अगर अनुपमा की शाह हाउस से विदाई हो जाती है तो वनराज और काव्या अनुपमा को आगे बढ़ने से कैसे रोकेंगे. यह भी बताया जा रहा है कि इस बार बापूजी अनुपमा को घर से जाने के लिए आशीर्वाद देंगे और उससे यह भी कहेंगे कि वह अपनी मर्जी मुताबिक अपने जीवन में आगे बढ़ सकती है.

यूपी चुनाव से पहले “आप” की मुफ्त बिजली के वादे पर कृषि मंत्री ने कसा तंज

घरेलू बिजली उपभोक्ता को मुफ्त बिजली देने का वादा कर यूपी विधानसभा चुनाव जोर-आजमाइश कर रही आम आदमी पार्टी को  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आड़े हाथों लिया है. शाही ने कहा कि ‘केजरीवाल प्राइवेट लिमिटेड’ को यह तो मालूम ही है कि गरीबों, गांव में रहने वालों और किसानों का योगी सरकार ने कितना ध्यान रखा है.

योगी सरकार बिजली का मीटर रखने वाले  ग्रामीण उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 2.80 रुपए के और बगैर मीटर वालों को 4.07 रुपए की छूट शुरू से ही दे रही है. इसके अलावा एक किलोवाट लोड तक और 100 यूनिट की खपत तक के शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी चार रुपए से अधिक प्रति यूनिट छूट मिलती है.

यही नहीं गांव में मीटर और बिना मीटर वाले कृषि उपभोक्ताओं  को तो छूट क्रमशः पांच रुपए और 6.32 रूपए है. इस तरह सरकार ग्यारह हजार करोड़ की सब्सिडी तो सिर्फ गरीब और किसानों के लिए देती है.

कृषि मंत्री ने तंज किया कि केजरीवाल के पास यूपी की जनता के लिए विकास का कोई मॉडल नहीं है. दिल्ली में अब तक यह पार्टी ने कोई ऐसा काम नहीं कर सकी जिसे वह अपना बता सके. ऐसे में “मुफ्तखोरी के लालच” को उसने चुनावी हथियार बनाया है.

उन्होंने कहा कि यूपी की योगी सरकार ने जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 20 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली देने का वादा किया था और उसे पूरा किया.  यही नहीं, साढ़े चार साल  में यूपी के हर कोने को बिजली से रोशन कर दिया गया है. सौभाग्य योजना से 01 करोड़ 40 लाख घरों में बिजली आई है. चार साल पहले तक यूपी में बिजली आना अखबारों की सुर्खियां बनती थीं, आज अगर कभी बिजली कट जाए तो लोग हैरान होते हैं. यह होता है विकास, लेकिन ऐसे विकास के लिए जिस विजन की जरूरत होती है, वह न अरविंद केजरीवाल के पास है न मनीष सिसौदिया के पास. ऐसे में ले देकर मुफ्त बिजली देने का लालच ही उनके पास बचा है.

सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की बेतुकी एवं घोषणाएं राजनीति को दूषित करते हैं, जो न केवल घातक है बल्कि एक बड़ी विसंगति भी है.

सेक्सुअल पावर पर असर डालता खानपान और रहन-सहन

रेखा ने अपनी भाभी को समझाते हुए कहा. ‘‘मुझे डाक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है. अगर तुम यही सलाह अपने भाई को दो तो ठीक रहेगा. मुझे लगता है कि परेशानी उन के अंदर ही है,’’ दीपा ने जिस तरह रेखा से यह बात कही, तो रेखा सन्न रह गई. दीपा ने अपनी ननद रेखा को बताया कि उस का पति रमेश सैक्स करने में फिट नहीं है.

रेखा को अपनी भाभी की बात सच नहीं लगी. उस को लगा कि अच्छे डीलडौल वाला उस का भाई सैक्स करने में अनफिट कैसे हो सकता है? लेकिन रेखा अपने भाई से यह बात पता भी तो नहीं कर सकती थी. रेखा ने यह बात अपने पति प्रदीप को बताई और सचाई जानने के लिए मदद मांगी. रेखा के पति प्रदीप ने रमेश से बात की, तो सचाई सामने आ गई. रमेश ने बताया कि जब भी वह दीपा के साथ सैक्स करने की कोशिश करता है तो पहले ही घबरा जाता है. सच बात तो यह है कि अभी उस के और दीपा के बीच इस तरह के संबंध ही नहीं बने हैं जिस से बच्चा पैदा हो सके.

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अब तो उसे शर्म आने लगी है कि पता नहीं दीपा उस के बारे में क्या सोचती होगी. रमेश ने अपना इलाज शुरू कराया तो डाक्टर ने बताया, ‘‘तुम्हारे पास समय की कमी है और काम की जिम्मेदारियां भी ज्यादा हैं.’’ रमेश की ही तरह एक बड़ी कंपनी में काम करने वाले रूपेश की अलग किस्म की परेशानी है. शादी के कुछ दिन बाद तक तो सबकुछ ठीक चला, इस के बाद जब भी वह अपनी पत्नी के पास जाता तो उस का जिस्मानी संबंध बनाने का मन ही नहीं करता था. रूपेश को अपने अंग में तनाव ही नहीं महसूस होता था. यह बात और है कि दिन में जब वह कभी अपनी किसी सहयोगी को उस नजर से देखता था तो उस को कोई परेशानी नहीं होती थी. अंग में पूरा तनाव आता था. घर में पत्नी के साथ आने वाली परेशानी के चलते रूपेश का अब घर जाने का मन नहीं करता है. वह बैडरूम में जाने से कतराता रहता है. रूपेश ने भी कई तरह का इलाज कराया, लेकिन उस का कोई हल नहीं निकला.

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लखनऊ के मक्कड़ मैडिकल के डाक्टर जीसी मक्कड़ कहते हैं, ‘‘अंग में तनाव न होना और ऐसी ही दूसरी किस्म की कई परेशानियां ले कर तमाम लोग हमारे पास आते हैं. इन में से ज्यादातर लोग ऐसे होते हैं जो बड़ी कंपनियों में 15 से 16 घंटे काम करते हैं. जब वे घर पहुंचते हैं तो उन्हें इतनी थकान लगती है कि बैडरूम का काम आधाअधूरा ही होता है. ‘‘केवल समय का ही नहीं, बल्कि खानपान का भी असर सैक्स लाइफ पर पड़ता है. कई बार हम ऐसा खाना खाते हैं जो हमारी शारीरिक ताकत को प्रभावित करता?है. इस से सैक्स करने का मन नहीं करता है. यही वजह है कि खाने के बाद सैक्स को मना किया जाता है. ‘‘अच्छे खानपान और ऐक्सरसाइज से सैक्स की ताकत बढ़ती है.

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साथ ही, सैक्स की सही टैक्निक भी बहुत जरूरी है. अगर किसी शादीशुदा के सामने ऐसे हालात आते हैं तो उन्हें अपने डाक्टर से बात कर समस्या का समाधान खोजना चाहिए. ‘‘वैसे, आज के समय में लोगों ने सैक्स पर खुल कर बात करना शुरू कर दिया है.’’

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सौजन्य- मनोहर कहानियां

कमरे में बैठी प्रिया फोटो एलबम पलट कर उसे बड़े ध्यान से देख रही थीं. एलबम देखतेदेखते उन की नजर एक फोटो पर ठहर गई. वह फैमिली फोटो था, जिस में वह खुद, उन के पति नवीन और इकलौती बेटी निधि थी. निधि का एक हाथ मां के और दूसरा पिता के गले में था.

वह खुल कर मुसकरा रही थी. उसे देख कर प्रिया यादों में कहीं खो सी गईं. उन्हें एहसास ही नहीं हुआ कि उन के पति कब उन के पास आ कर बैठ गए. उन्होंने प्रिया के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, ‘‘क्या सोच रही हो?’’

‘‘सोच रही हूं कि समय कितना बदल जाता है. कभी कितनी अच्छी थी हमारी बेटी, हमें कितना प्यार करती थी और अब लगता है, न जाने कितनी दूर हो गई.’’ प्रिया ने आंखों में उमड़ आए अपने आंसुओं को पल्लू से साफ करते हुए अफसोसजनक लहजे में कहा तो पति ने उन्हें समझाया, ‘‘यूं परेशान होने से भी बात नहीं बनेगी, समय के साथ सब ठीक हो जाएगा. मुझे पक्का भरोसा है कि वह ठीक हो कर ही जल्द घर आएगी.’’

‘‘आप नहीं जानते, मुझे बेटी की बहुत फिक्र रहती है. जवान लड़की को हम ने घर से बाहर छोड़ा हुआ है. मजबूरी न होती तो मैं ऐसा कभी नहीं करती. कहीं वहां उस के साथ कुछ गलत न हो. एक बार उस ने मुझ से कहा था…’’ प्रिया बोलते हुए रुक गईं तो नवीन ने पूछा, ‘‘क्या कहा था?’’

‘‘वह बता रही थी कि वहां सब कुछ ठीक नहीं है.’’

‘‘मुझे तो ऐसा नहीं लगता, क्योंकि वहां और भी लड़कियां रहती हैं और फिर वह लोग इतना बड़ा सेंटर बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए ही तो चला रहे हैं. निधि का विश्वास तो मैं कर नहीं सकता, क्योंकि वह नशे के लिए हम से कितना झूठ बोलती रही है, यह तो तुम भी जानती हो.’’ नवीन ने कहा.

‘‘आप की बात भी ठीक है, लेकिन…’’

‘‘लेकिनवेकिन कुछ नहीं, उस की फिक्र करनी बंद करो, क्या पता निधि वहां से छुटकारा पाने के लिए उल्टीसीधी बातें करती हो,’’ नवीन ने पत्नी को समझाया.

‘‘आप भी सही कहते हैं, हमारा विश्वास तो वह खो चुकी है. अगर वह गलत संगत में न पड़ती, तो ऐसी नौबत ही नहीं आती. हम ने कभी उस के लिए किसी चीज की कमी नहीं छोड़ी, फिर भी हमें बुरे दिन देखने पड़े.’’

‘‘एक बात बताऊं प्रिया,’’ नवीन ने कहा.

‘‘क्या?’’

‘‘हमारी दी गई आजादी का भी उस ने गलत फायदा उठाया, हमें भी उस पर शुरू से ही नजर रखनी चाहिए थी.’’

‘‘सही कहा आप ने.’’ प्रिया बोली.

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किस की हंसतीखेलती जिंदगी में कब क्या हो जाए, इस को कोई नहीं जानता. प्रिया और नवीन के साथ भी ऐसा हुआ था. निधि उन की इकलौती बेटी थी. वह प्राइवेट नौकरी करते थे और जिंदगी में खुशियां थीं.

यह दंपति उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रहता था. हर मातापिता अपने बच्चों के अच्छे भविष्य की कल्पना करते हैं. प्रिया और नवीन के साथ भी ऐसा ही था. निधि राजधानी के ही एक नामी इंस्टीट्यूट से ग्रैजुएशन कर रही थी.

हमारे सभ्य समाज का यह एक कड़वा सच है कि बड़े शहरों में नशे का कारोबार अपनी जड़ें जमा चुका है. युवा बुरी संगत के चलते इस का शिकार हो जाते हैं. शुरू में वे मजे के लिए नशा करते हैं और बाद में इस के आदी हो जाते हैं.

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निधि भी ऐसी संगत में पड़ कर नशे की लत का शिकार हो चुकी थी. घर से पौकेटमनी के नाम पर पैसे लेना और नशे में उड़ाना, सहेलियों के साथ घूमनाफिरना, बहाने से उन के घर जाना उस की आदत बन चुकी थी.

मातापिता को पता भी नहीं था कि उन की बेटी किस डगर पर चल रही है. संगत और बुरी आदतों का असर इंसान पर वक्त के साथ दिखने लगता है.

निधि की पैसे की डिमांड बढ़ती गई और वह बारबार तरहतरह के बहानों से घर से ज्यादा बाहर जाने लगी तो मातापिता को शक होने लगा. एक दिन प्रिया ने देर रात निधि को उस के कमरे में ड्रग्स लेते पकड़ा तो उन का शक विश्वास में बदल गया.

अगले भाग में पढ़ें- निधि को लग गई ड्रग की लत

छाया : विनोद पुंडीर

गृहप्रवेश- भाग 1: किसने उज्जवल और अमोदिनी के साथ विश्वासघात किया?

पीड़ा और विश्वासघात या तो पराजित कर देते हैं या एक शक्ति प्रदान करते हैं. और वह शक्ति वेदना को प्रेरणा की दृष्टि प्रदान कर देती है. आज सोचती हूं तो लगता है, किन परिस्थितियों में मैं ने अपने स्वप्नों की मृत्यु को होते देखा और फिर अपनी बु झती जीवनज्योति को फूंकफूंक कर कुछ देर और जीवित रखने की चेष्टा करती रही.

मैं बचपन से ही साहसी रही हूं. मेरे मम्मीपापा मेरा विवाह विनय से करना चाहते थे. शुरू में मु झे भी विवाह से कोई आपत्ति नहीं थी. मेरे एमएड पूरा होने के बाद हमारा विवाह होना तय हुआ. सरल स्वभाव का विनय मेरा अच्छा मित्र था. किंतु हमारे मध्य प्रेम जैसा कुछ नहीं था. उस समय मेरा मानना था कि मित्रता, विवाह के पश्चात प्रेम का रूप खुद ही ले लेगी. परंतु तब मैं कहां जानती थी कि प्रेम एक ऐसी वृष्टि का नाम है जो अबाध्य है. जब उज्जवल नाम का एक बादल मेरे तपते जीवन में ठंडक ले कर आया, मैं पिघलती चली गई थी.

मेरा बंजर हृदय उज्जवल के प्रेम की वर्षा में भीग गया और मम्मीपापा के निर्णय के खिलाफ जा कर मैं ने उज्जवल से विवाह कर लिया था. हमारे विवाह के समय तक मेरी नौकरी एडहौक टीचर के रूप में एक प्राइवेट कालेज में लग गई थी. उज्जवल चार्टर्ड अकाउंटैंट था. थोड़े से विरोध के बाद दोनों परिवारों ने हमारा रिश्ता मंजूर कर लिया. हम प्यार में थे, खुश थे.

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परिवर्तन एक दैनिक प्रक्रिया है. हमारा जीवन भी बदला. विवाह के 12 वर्ष सपनों की नदी पर नंगे पैर चलते हुए पार हो गए.

उज्जवल के नाम और काम दोनों में बढ़ोतरी हुई. उस ने अपना कर्मस्थल लखनऊ से बदल कर इंदौर कर लिया. और मैं? मेरे वर्क प्रोफाइल में भी परिवर्तन आया था. पार्टटाइम शिक्षिका के स्थान पर अब मैं फुलटाइम प्रशिक्षक बन गई थी. मैं मां भी बन गई थी.

स्त्री के भीतर एक मां का जन्म कोई सामान्य घटना नहीं होती. एक बालिका जब एक युवती बनती है और जब यही युवती एक प्रेयसी बनती है, तो उस का हृदय अनेक भावनात्मक परिवर्तनों से हो कर गुजरता है. हृदय और शरीर में संघर्ष होता है, और फिर इन की इच्छाओं व संवेदनाओं का परस्पर मिलन हो जाता है.

किंतु जब प्रेयसी मां बनती है तो परिवर्तनों की एक अथवा दो नहीं, बल्कि अनेक स्याह गुफाओं से हो कर आगे बढ़ती है. गर्भावस्था के प्रथम प्रहर में एक प्रेयसी खुद को मां के रूप में स्वीकार ही नहीं कर पाती. फिर शरीर में आ रहे परिवर्तन उसे एक नवजीवन का खुद के भीतर अनुभव प्रदान करते हैं. मातृत्व की यह भावना शब्दों के परे होती है. मात्र शिशु को जन्म दे देने से कोई महिला मां नहीं बन जाती, खुद के भीतर मातृत्व का जन्म होना आवश्यक है.

मेरे बेटे स्नेह का जन्म हुआ और मु झे लगा, मेरी जीवन की बगिया में वसंत खिल रहा हो. किंतु, मैं अपनी बगिया के अंतिम कोने में छिप कर बैठे पत झड़ को देख ही नहीं पाई, और जब देखा, वसंत जा चुका था.

हर घर की एक गंध होती है. किंतु, इसे वह ही पढ़ सकता है जिस ने घर की दीवारों और वस्तुओं से ले कर, रिश्तों को भी सजाने व संवारने में अपना सौरभ बिखेरा हो. इसलिए, अपने घर में उस अनाधिकार प्रवेश करने वाली अजनबी गंध को मैं ने भांप लिया था.

कुछ दिन इसे अपनी भूल सम झ, मैं ने स्वीकार नहीं किया. लेकिन जब यह जिद्दी गंध अपनी उपस्थिति उज्जवल की कमीज पर छोड़ने लगी, तो मैं चुप न रह सकी.

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‘तुम कोई नया परफ्यूम लगा रहे हो?’

‘नहीं तो, क्यों?’

गालों पर शेविंगक्रीम लगी होने के कारण चेहरे के भाव स्पष्ट नहीं थे. अलबता, आंखें कुछ चुगली कर रही थीं. मैं उस की आंखों के संदेश को पढ़ने का प्रयास कर ही रही थी कि उज्जवल अपने गीले चेहरे को मेरे गालों पर मलते हुए बोला, ‘हमारी सांसों में तो आज भी आप महकती हैं. जिस के पास बगीचा हो वह कागज के फूलों में खुशबू क्यों ढूंढ़ेगा?’

मेरा मुखमंडल लज्जा से अरुण हो आया. प्यार से ‘धत’ कह कर मैं ने उसे धकेल दिया और रसोई में नाश्ता बनाने चली गई थी.

भोजपुरी एक्ट्रेस Aamrapali Dubey ने फैंस से पूछा,’बताओ मैं कैसी लग रही हूं’ तो मिला ये जवाब

भोजपुरी एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे (Aamrapali Dubey) एक बार फिर सोशल मीडिया पर एक्टिव हो गई हैं.  वह इन दिनों लगातार फोटोज और वीडियो शेयर कर रही हैं.  एक्ट्रेस के पोस्ट को फैंस खूब पसंद करते हैं. इसी बीच अब आम्रपाली दुबे की एक तस्वीर खूब चर्चा में है.

दरअसल इस फोटो में एक्ट्रेस किसी फिल्म के गेटअप में दिख रही हैं. आम्रपाली दुबे पिंक और ऑरेंज कलर की साड़ी पहने हुए बेहद खूबसूरत लग रही हैं. इस तस्वीर में वह बेहद खूबसूरत दिखाई दे रही हैं. एक्ट्रेस के इस फोटो पर लगातार कमेंट और लाइक्स आ रहे हैं.

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हाल ही में आम्रपाली ने पर लाइव सेशन रखा था. एक्ट्रेश ने इस सेशन में अपनी लाइफ से जुड़ी कई बाते शेयर की थी. उन्होंने बताया था कि वो निरहुआ के साथ ज्यादा फिल्में करना पसंद करती हैं. उन्होंने कहा था कि ‘मेरा मानना है कि दिनेश लाल यादव भोजपुरी के सबसे अच्छे एक्टर हैं. उनके साथ काम करना मुझे अच्छा लगता है.

 

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एक्ट्रेस ने ये भी बताया था कि अब हम दोनों के बीच काफी अच्छी अंडरस्टेंडिंग है. हम दोनों के बीच कंफर्ट जोन ज्यादा है. बता दें कि उन्होंने 2014 में दिनेश लाल यादव के साथ फिल्म ‘निरहुआ हिंदुस्तानी’ से अपने करियर की शुरुआत की थी.

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इमली को हराने के लिए मालिनी करेगी प्रेग्नेंट होने का नाटक! क्या आदित्य फंसेगा चाल में?

स्टार प्लस का सीरियल इमली में इन दिनों हाईवोल्टज ड्रामा चल रहा है. शो की कहानी एक नया मोड़ ले रही है. शो में दिखाया जा रहा है कि इमली मालिनी का पर्दाफाश करने की पूरी कोशिश कर रही है और वह सबूत ढूढने में लग गई है. तो दूसरी तरफ मालिनी खुद को बचाने के लिए एक बड़ी चाल चलने वाली है. शो के अपकमिंग एपिसोड में खूब धमाल होने वाला है. आइए बताते हैं शो के नए एपिसोड के बारे में.

शो में आपने देखा कि इमली ने साबित किया कि उसकी साड़ी को जलाने में मालिनी और अनु का ही हाथ था. तो वही त्रिपाठी परिवार को उसकी बात पर यकीन कर रहे हैं. तभी मालिनी एक और नया चाल चलेगी ताकि इमली आदित्य के लाइफ से हमेशा-हमेशा के लिए चली जाए.

 

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शो के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि मालिनी खुद को प्रग्नेंट बताएगी. वह कहेगी कि आदित्य के बच्चे की मां बनने वाली हूं. आदित्‍य उसका परिवार फिर से मालिनी के जाल में फंस जाएगा. आदित्‍य दोबारा मालिनी पर भरोसा करने लगेगा.

 

तो उधर इमली उसके झूठ से पर्दा उठाने की कोशिश करेगी. लेकिन आदित्‍य इमली से कहेगा कि वह मालिनी का पीछा छोड़ दे क्‍योंकि वह मां बनने वाली है.

 

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शो में आपने ये भी देखा कि इमली ने मालिनी के खिलाफ पुलिस में कम्‍प्‍लेन दर्ज कराई है. वह उस पर मॉलेश्‍टेशन का आरोप लगाती है. तो अब आदित्य के कहने पर इमली शिकायत वापस ले लेगी. अब ये देखना दिलचस्‍प होगा कि इमली मालिनी की सच्चाई  आदित्य के सामने लाने के लिए क्या कदम उठाती है.

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