Anupamaa: भूमि पूजन में पहुंचेगा वनराज, अनुज-अनुपमा से होगी भयंकर लड़ाई

सुधांशु पांडे (Sudhanshu Pandey) और रूपाली गांगुली (Rupali Ganguly) स्टारर सीरियल अनुपमा (Anupamaa) में इन दिनों हाईवोल्टेज ड्रामा चल रहा है. शो में अब तक आपने देखा कि अनुज भूमि पूजन के इनविटेशन कार्ड पर अपने नाम के साथ अनुपमा का भी नाम लिखवाता है. ये देखकर अनुपमा बहुत खुश होती है तो वहीं बा और वनराज हंगामा करते हैं. पर बापू जी और बाकी घरवाले अनुपमा का साथ देते हैं. बा मना करती है कि कोई भी सदस्य भूमि पूजन में नहीं जाएगा. लेकिन बापू जी और किंजल, बा के सामने ही कह देते हैं कि वो दोनों, पाखी और समर जरूर जाएंगे. शो के अपकमिंग एपिसोड में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है. आइए बताते हैं, शो के आगे की कहानी.

शो के आने वाले एपिसोड में आप देखेंगे कि अनुपमा और अनुज कपाड़िया भूमि पूजन के दौरान एक साथ बैठे हैं. और हवन कर रहे हैं तभी वनराज-काव्या वहां पहुंच जाएंगे. अनुपमा उन्हें देखकर हैरान हो जाएगी. वनराज फिर से अनुपमा के साथ बिताए हुए पल को याद करने लगेगा और उसका पारा चढ़ जाएगा.

ये भी पढ़ें- Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin: हॉस्टल में शिफ्ट होगी सई, विराट से हो जाएगी दूर 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by anupamaa_Official (@anupamaaians)

 

शो में आप ये भी देखेंगे कि भूमि पूजन के दौरान अनुपमा और अनुज अपने हाथ की छाप एक कागज में लगाते हैं. और वह कागज वनराज के शर्ट पर लग जाता है. वनराज के शर्ट पर उन दोनों के हाथ के निशान छप जाते हैं.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by anupamaa_Official (@anupamaaians)

 

अनुपमा और अनुज मीडिया को इंटरव्यू देते हैं. इस दौरान काव्या वनराज को समझाती है कि वह अनुज कपाड़िया से दुश्मनी न करें. क्योंकि उसका ही नुकसान होगा. वनराज कहता है उसे फर्क नहीं पड़ता, वह अनुज कपाड़िया के एहसान के नीचे नहीं दबना चाहता है.

ये भी पढ़ें- Anupamaa: ‘अनुज और अनुपमा’ का नाम साथ में देखकर भड़की बा, फाड़ा इनविटेशन कार्ड

 

तो दूसरी तरफ अनुज वनराज का प्रपोजल स्वीकार कर लेता है. वनराज घरवालों को बताएगा कि अनुज कपाड़िया ने उसका प्रपोजल भी स्वीकार कर लिया है. वह ये भी कहेगा है कि उसकी भीख मुझे नहीं चाहिए.  वह अनुज के पास जाएगा और बदतमीजी करेगा. अनुज कहेगा कि ये प्रपोजल उसने नहीं बल्कि उसकी टीम ने वनराज को भेजा है. वनराज अनुज कपाड़िया के लेटर को फाड़कर हवन यज्ञ में फेक देगा.

सीएम योगी का मनरेगा कर्मियों को बड़ा तोहफा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा कर्मियों को दशहरा और दीपावली के पहले बड़ा तोहफा दिया है. उन्होंने मनरेगा कर्मियों के मानदेय वृद्धि की इसी माह से देने की घोषणा की है.

उन्होंने मनरेगा कर्मियों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की तरह एचआर पालिसी एक माह के अंदर लाने की घोषणा की है, जिसमें आकष्मिक अवकाश 24 दिन और चिकित्सा अवकाश 12 दिन मिलेगा. यह बातें उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी सम्मेलन के दौरान कहीं.

कार्यक्रम का आयोजन डिफेंस एक्सपो मैदान वृंदावन लखनऊ में किया गया था. सीएम योगी ने मनरेगा कर्मियों के जॉब चार्ट में ग्राम्य विकास विभाग के कई अन्य कार्यों को भी जोड़ने का ऐलान किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि रोजगार सेवक की सेवा समाप्ति के पूर्व उपायुक्त मनरेगा की सहमति आवश्यक होगी. यानि कोई जबरदस्ती नहीं हटा पाएगा.

उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवक यदि नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान के निकटतम संबंधी या परिवारीजन हैं, तो उन्हें निकटतम रिक्त ग्राम पंचायत में तैनात किया जाएगा. उनकी सेवाएं समाप्त नहीं होंगी. इसी तरह उन्होंने महिला ग्राम रोजगार सेविका के विवाह के बाद उन्हें नए जिले में तैनात किया जाएगा. इसके अलावा सभी महिला संविदा कार्मिकों 180 दिन का मातृत्व अवकाश लागू कर दिया गया है.

सीएम योगी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य स्तर पर अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार आदि, विकास खंड के अधिकारियों, कई मनरेगा कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत भी किया. इस दौरान ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास विभाग के मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह और राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.

इन मनरेगा कर्मियों का बढ़ा मानदेय

सीएम योगी ने मनरेगा कर्मियों को अब ग्राम रोजगार सेवकों को 10 हजार, तकनीकी सहायकों को 15,656, कंप्यूटर आपरेटरों को 15,156, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को 34,140, लेखा सहायक को 15,156, आपरेशन सहायक को 18,320, हेल्पलाइन एक्जीक्यूटिव को 18,320, चतुर्थ श्रेणी कर्मी को नौ हजार, ब्लॉक सोशल आडिट कोआर्डिनेटर को 14,100, डिस्ट्रिक्ट सोशल आडिट कोआर्डिनेटर को 19 हजार नौ सौ रुपए का मानदेय अक्तूबर माह से देने की घोषणा की है.

भ्रष्टाचार संज्ञान में आए, तो करें कठोरता पूर्वक कार्यवाही: सीएम योगी

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यह संकल्प है कि भ्रष्टाचार मुक्त पूणर्त: पारदर्शी ढंग से लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए और जहां कहीं भी भ्रष्टाचार के प्रकरण संज्ञान में आएं, उसमें कठोरता पूर्वक कार्यवाही भी की जाए. उन्होंने कहा कि विभाग को इस वर्ष कम से कम 20 लाख परिवारों को सौ दिन का रोजगार देते हुए 13 हजार करोड़ का कार्य कराना चाहिए. महिला मेटों का समयबद्ध ढंग से प्रशिक्षण होने पर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं के स्वावलंबन में बड़ी भूमिका हो सकती है.

225 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिया ग्राम रोजगार सेवकों को मानदेय

उन्होंने कहा कि मुझे याद है, जब ग्राम रोजगार सेवकों को कई-कई वर्षों से मानदेय का भुगतान नहीं हो पाता था. यह बात अकसर हमारे सामने आती थी. हमने कहा कि यह सभी लोग शासन से अल्प मानदेय पाते हैं और इसे भी हम कई-कई वर्षों तक न दें, तो अन्याय है. तत्काल हमने शासन से 225 करोड़ रुपए स्वीकृत किए और विभाग ने समयबद्ध ढंग से पहुंचाने का कार्य किया. इसी प्रकार से अप्रैल 2020 में मनरेगा संविदा कर्मियों का भुगतान राज्य स्तरीय केंद्रीयकृत पूल के माध्यम से जो पहले नहीं हो पाता था, उसे अब सीधे उनके खाते में भेजने की व्यवस्था कर दी गई है.

Manohar Kahaniya: सेक्स चेंज की जिद में परिवार हुआ स्वाहा- भाग 2

सौजन्य- मनोहर कहानियां

लेखक- शाहनवाज

यह कहते हुए प्रवीण ने भी एक एक कर सब के नंबर पर फोन किया. जब उन का फोन भी किसी ने नहीं उठाया तो बिना देरी किए प्रवीण ने अपनी गाड़ी निकाली, उस से तुरंत ही अभिषेक के घर के लिए निकल गए और रास्ते में उन्होंने अभिषेक को फोन किया.

प्रवीण ने अभिषेक से कहा, ‘‘सुन अभिषेक, मैं अपने घर से निकल गया हूं वहां आने के लिए. तू घबरा मत. मैं 15 मिनट में पहुंच जाऊंगा. तब तक मैं कुछ जानकारों को फोन कर के वहां पहुंचने के लिए कहता हूं.’’

प्रवीण ने ये कह कर फोन काट दिया और अपनी कार में बैठेबैठे उन्होंने उसी इलाके में अपने जानकारों को फोन कर जल्द से जल्द अभिषेक के घर पर पहुंचने को कहा.

उधर देखते ही देखते मलिक परिवार के घर के आगे लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी. अभिषेक के साथ मिल कर कुछ लोग घर का दरवाजा तोड़ने में लगे थे, जोकि आसान काम बिलकुल भी नहीं था.

अभिषेक के घर से लग कर साथ वाले मकान से तमाशा देख रहे लोगों ने उसे अपनी छत से उस के घर में प्रवेश करने के लिए कहा तो अभिषेक भाग कर उन की छत पर

जा पहुंचा और छत फांद कर वह अपने घर में जा घुसा.

घर में घुसते ही उस ने सब से पहले नीचे आ कर मकान का मेन गेट खोला और एकएक कर बाकी लोग उस के घर में आ घुसे. ग्राउंड फ्लोर में जिस कमरे में अभिषेक ने आखिरी बार अपने पापा को देखा था उस के नीचे से खून बह रहा था. ये देख कर अभिषेक की आंखों से आंसू बहने शुरू हो गए और बाकी लोग दंग रह गए.

सब लोगों ने मिल कर कमरे का दरवाजा तोड़ा और अंदर प्रदीप मलिक उर्फ बबलू पहलवान की लाश सोफे पर बैठी हालत में मिली. यह देख कर अभिषेक खुद को रोक नहीं पाया और वह जोरजोर से ‘पापा…पापा’ कहते हुए चिल्लाने लगा.

ये भी पढ़ें- Crime: भाई पर भारी पड़ी बहन की हवस

इतने में उस के मामा प्रवीण आ पहुंचे और वह अपने बहनोई प्रदीप की लाश देख कर टूट गए. लेकिन हिम्मत जुटाते हुए उन्होंने अभिषेक को ले कर ऊपर कमरे की ओर जाने को कहा, जहां घर के अन्य सदस्य मौजूद हो सकते थे. अभिषेक ने भी अचानक से अपने आंसू पोंछे और ‘नेहा…नेहा’ चीखतेचिल्लाते हुए वह घर की पहली मंजिल पर बने कमरे में जा पहुंचा.

यह कमरा भी बाहर से बंद था तो सब ने मिल कर दरवाजा तोड़ा और कमरे में घुसते के साथ अभिषेक और प्रवीण समेत बाकी सभी ने जो देखा उसे देख कर सभी के पैरों के नीचे से जैसे जमीन खिसक गई.

पहली मंजिल के कमरे का दरवाजा टूटा तो अभिषेक ने सब से पहले अपनी मां संतोष देवी, उस के बाद अपनी नानी रोशनी देवी और अंत में अपनी बहन नेहा की लाश देखी. यह देख कर अभिषेक पागलों की तरह रोनेपीटने लगा. प्रवीण समेत मकान में मौजूद कुछ लोग अभिषेक को संभालने में लगे थे. अभिषेक का पूरा परिवार ही उजड़ गया था.

वक्त बरबाद न करते हुए प्रवीण ने भीड़ से हटते हुए बाहर निकल कर पुलिस को फोन कर इस घटना की सूचना दी और पलक झपकते ही रोहतक के थाना शिवाजी कालोनी के थानाप्रभारी सुरेश कुमार टीम के साथ वहां पहुंच गए.

पुलिस की टीम के आते ही सब से पहले सभी लोगों को बाहर निकाला गया ताकि वहां से कुछ सबूत जुटाए जा सकें. घटनास्थल की जांच की गई. एकएक कर मृतकों के शरीर को लपेटते हुए बाहर निकाला गया और एक टीम ने इस हत्याकांड में एकमात्र बचे शख्स, अभिषेक का बयान लिया. शुरुआती पूछताछ में अभिषेक ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि प्रौपर्टी डीलर होने की वजह से उस के पिता की लोगों से दुश्मनी थी. उस ने एकदो लोगों के नाम भी पुलिस टीम को दिए.

जानकारी मिलते ही शिवाजी कालोनी पुलिस थाने के थानाप्रभारी एसआई सुरेश कुमार ने मामले की जांच तुरंत शुरू कर दी. सभी की हत्या गोली मार कर की गई थी. घटनास्थल की काररवाई पूरी कर लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दी. टैक्निकल टीम की मदद ले कर घर के सभी लोगों की लोकेशन का पता लगाया गया और लाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया गया.

इस केस के जांच अधिकारी इंसपेक्टर बलवंत सिंह ने बारीकी से इस केस के संबंधित हर व्यक्ति की आखिरी लोकेशन का पता लगाया. लेकिन अभिषेक की लोकेशन और उस के द्वारा दिए गए बयान आपस में मेल नहीं खा रहे थे.

इस बिंदु को संज्ञान में लेते हुए इंसपेक्टर बलवंत सिंह ने फिर से अभिषेक से पूछताछ की और अभिषेक ने अपना बयान बदल दिया. थानाप्रभारी को अभिषेक पर शक गहराता गया. उसी दौरान जब मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई तो अभिषेक पर शक की सुई और गहराती चली गई.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार पीडि़तों को गोली मारने का टाइम उस समय का था, जब अभिषेक अपने घर पर ही था. अंत में जब शक की सभी सुई अभिषेक पर आ रुकीं तो अभिषेक को हिरासत में लेते हुए इंसपेक्टर बलवंत सिंह से कड़ाई से पूछताछ की.

ये भी पढ़ें- Manohar Kahaniya: जुर्म की दुनिया की लेडी डॉन

इस पूछताछ के दौरान भी अभिषेक ने पुलिस टीम को गुमराह करने का प्रयास किया लेकिन उस का यह प्रयास व्यर्थ गया. इंसपेक्टर बलवंत सिंह और थानाप्रभारी रमेश कुमार ने अभिषेक को सब कुछ सचसच बताने को कहा.

उन्होंने अभिषेक को बताया कि इस हत्याकांड के सारे सबूत उसी की ओर इशारा कर रहे हैं, बेहतर है की वह अब सच बता दे.

अभिषेक ने भी अंत में हार मान ली और जांच अधिकारी बलवंत सिंह को बताया कि उस ने अपने घर के 4 जनों को गोली मारी थी. इस चौहरे हत्याकांड की जो वजह सामने आई, वह इस प्रकार निकली.

बात 3 साल पहले की है. अभिषेक ने जब 12वीं क्लास पास की तो उस के पिता प्रदीप मलिक ने उसे कोई भी एक स्किल कोर्स करने की सलाह दी. वैसे उन के पास पैसों की कभी कोई किल्लत नहीं थी. फिर भी प्रदीप रोहतक में प्रौपर्टी डीलिंग करते थे. वह चाहते थे कि अभिषेक भी खाली न बैठे. इसलिए उन्होंने उसे कुछ भी करने की छूट दे दी थी. तब अभिषेक ने जानबूझ कर रोहतक से दूर दिल्ली में स्थित एक इंस्टीट्यूट में एयरप्लेन कैबिन क्रू का कोर्स करने की जिद की.

प्रदीप मलिक ने अपने इकलौते बेटे की इच्छा का ध्यान रखते हुए उसे कोर्स करने के लिए दिल्ली जाने की इजाजत दे दी. तब अभिषेक ने दिल्ली जा कर एक इंस्टीट्यूट में दाखिला ले लिया और उस के एक हफ्ते बाद ही उस की क्लासेज शुरू हो गईं. अभिषेक को उस दौरान पहली बार आजादी महसूस हुई थी. नए लोगों से मिलना उन से बातें करना उसे बेहद अच्छा लगने लगा.

ये भी पढ़ें- Manohar Kahaniya: जब उतरा प्यार का नशा- भाग 1

इंस्टीट्यूट में उस के बैच में सिर्फ 10-12 स्टूडेंट्स ही थे. सब से उस की अच्छी जानपहचान हो गई थी, लेकिन उन में से कार्तिक उस का करीबी दोस्त बन गया था. वह उत्तराखंड का रहने वाला था और दिल्ली में अपने रिश्तेदार के साथ रहता था.

अगले भाग में पढ़ें- खुद को लड़की मानता था अभिषेक

एक और बेटे की मां- भाग 1: रूपा अपने बेटे से क्यों दूर रहना चाहती थी?

मुन्ने के मासूम सवाल पर जैसे वह  जड़ हो गई. क्या जवाब दे वह?  सामने वाले फ्लैट में ही राजेशजी  अपनी पत्नी रूपा और मुन्ना के साथ रहते हैं. इस समय दोनों ही पतिपत्नी कोरोना पौजिटिव हो अस्पताल में भरती हैं. उन का एकलौता बेटा किशोर आया के साथ था.

आज वह आया भी काम छोड़ कर अपने घर भाग गई कि यहां जरूर कोई साया है, जो इस घर को बीमार कर जाता है. उस ने उसे कितना सम झाया कि ऐसी कोई बात नहीं और उसे उस छोटे बच्चे का वास्ता भी दिया कि वह अकेले कैसे रहेगा? मगर, वह नहीं मानी और चली गई. दोपहर में वही उसे खाना पहुंचा गई और तमाम सावधानियां बरतने की सलाह दे डाली. मगर 6 साल का बच्चा आखिर क्या सम झा होगा. आखिर वह मुन्ना से सालभर छोटा ही है.

मगर, मुन्ने का सवाल अपनी जगह था. कुछ सोचते हुए वह बोली, ‘‘अरे, ऐसा कुछ नहीं है. उस के मम्मीपापा दोनों ही बाहर नौकरी करने वाले ठहरे. शुरू से उस की अकेले रहने की आदत है. तुम्हारी तरह डरपोक थोड़े ही है.’’

‘‘जब किसी के मम्मीपापा नहीं होंगे, तो कोई भी डरेगा मम्मी,’’ वह बोल रहा था, ‘‘आया भी चली गई. अब वह क्या करेगा?’’

‘‘अब ज्यादा सवालजवाब मत करो. मैं उसे खानानाश्ता दे दूंगी. और क्या कर सकती हूं. बहुत हुआ तो उस से फोन पर बात कर लेना.’’

‘‘उसे उस की मम्मी हौर्लिक्स देती थीं. और उसे कौर्नफ्लैक्स बहुत पसंद है.’’

‘‘ठीक है, वह भी उसे दे दूंगी. मगर अभी सवाल पूछपूछ कर मु झे तंग मत करो. और श्वेता को देखो कि वह क्या कर रही है.’’

‘‘वह अपने खिलौनों की बास्केट खोले पापा के पास बैठी खेल रही है.’’

‘‘ठीक है, तो तुम भी वहीं जाओ और उस के साथ खेलो. मु झे किचन में बहुत काम है. कामवाली नहीं आ रही है.’’

‘‘मगर, मु झे खेलने का मन नहीं करता. और पापा टीवी खोलने नहीं देते.’’

‘‘ठीक ही तो करते हैं. टीवी में केवल कोरोना के डरावने समाचार आते हैं. फिर वे कंप्यूटर पर बैठे औफिस का काम कर रहे होंगे,’’ उस ने उसे टालने की गरज से कहा, ‘‘तुम्हें मैं ने जो पत्रिकाएं और किताबें ला कर दी हैं, उन्हें पढ़ो.’’

किचन का सारा काम समेट वह कमरे में जा कर लेट गई, तो उस के सामने किशोर का चेहरा उभर कर आ गया. ओह, इतना छोटा बच्चा, कैसे अकेले रहता होगा? उस के सामने राजेशजी और उन की पत्नी रूपा का अक्स आने लगा था.

पहले राजेशजी ही एक सप्ताह पहले अस्पताल में भरती हुए थे. और 3 दिनों पहले उन की पत्नी रूपा भी अस्पताल में भरती हो गई. अब सुनने में आया है कि वह आईसीयू में है और उसे औक्सीजन दी जा रही है. अगर उस के साथ ऐसा होता, तो मुन्ना और श्वेता का क्या होता. बहुत अच्छा होगा कि वह जल्दी घर लौट आए और अपने बच्चे को देखे. राजेशजी अपने किसी रिश्तेदार को बुला लेते या किसी के यहां किशोर को भेज देते, तो कितना ठीक रहता. मगर अभी के दौर में रखेगा भी कौन? सभी तो इस छूत की बीमारी कोरोना के नाम से ही दूर भागते हैं.

ये भी पढ़ें- कब होगा अग्निसंस्कार

वैसे, राजेशजी भी कम नहीं हैं. उन्हें इस बात का अहंकार है कि वे एक संस्थान में उपनिदेशक हैं. पैसे और रसूख वाले हैं. रूपा भी बैंककर्मी है, तो पैसों की क्या कमी. मगर, इन के पीछे बच्चे का क्या हाल होगा, शायद यह भी उन्हें सोचना चाहिए था. उन के रूखे व्यवहार के कारण ही नीरज भी उन के प्रति तटस्थ ही रहते हैं. किसी एक का अहंकार दूसरे को सहज भी तो नहीं रहने देता.

रूपा भी एक तो अपनी व्यस्तता के चलते, दूसरे अपने पति की सोच की वजह से किसी से कोई खास मतलब नहीं रखती. वह तो उन का बेटा, उसी विद्यालय में पढ़ता है, जिस में मुन्ना पढ़ता है. फिर एक ही अपार्टमैंट में आमनेसामने रहने की वजह से वे मिलतेजुलते भी रहते हैं. इसलिए मुन्ना जरूरत से ज्यादा संवेदनशील हो सोच रहा है. सोच तो वह भी रही है. मगर इस कोरोना की वजह से वह उस घर में चाह कर भी नहीं जा पाती और न ही उसे बुला पाती है.

शाम को उस के घर की घंटी बजी, तो उस ने घर का दरवाजा खोला. उस के सामने हाथ में मोबाइल फोन लिए बदहवास सा किशोर खड़ा था. वह बोला,  ‘‘आंटी, अस्पताल से फोन आया था,’’ घबराए स्वर में किशोर बोलने लगा, ‘‘उधर से कोई कुछ कह रहा था. मैं कुछ सम झा नहीं. बाद में कोई पूछ रहा था कि घर में कोई बड़ा नहीं है क्या?’’

वह असमंजस में पड़ गई. बच्चे को घर के अंदर बुलाऊं कि नहीं. जिस के मांबाप दोनों ही संक्रमित हों, उस के साथ क्या व्यवहार करना चाहिए. फिर भी ममता ने जोर मारा. उस में उसे अपने मुन्ने का अक्स दिखाई दिया, तो उसे घर के अंदर बुला कर बिठाया. और उस से मोबाइल फोन ले कौल बैक किया. मगर वह रिंग हो कर रह जा रहा था. तब तक मुन्ना और नीरज ड्राइंगरूम में आ गए थे. मुन्ना उछल कर उस के पास चला गया. वह अभी कुछ कहती कि नीरज बोले, ‘‘बच्चा है, उसे कुछ हुआ नहीं है. उस का भी आरटीपीसीआर हुआ था. कुछ नहीं निकला है.’’

ये भी पढ़ें- धमाका: क्यों शेफाली की जिंदगी बदल गई?

सेक्स करने का ये फायदा शायद ही कोई जानता हो

आज के जमाने में लोग अपनी सेहत को लेकर काफी जागरुक हो गए हैं और महिला और पुरुष अपने वजन को लेकर चौकन्ने रहते हैं. इसके लिए वे न सिर्फ अपने खानपान पर खास ध्यान देते हैं बल्कि फिट रहने के लिए हजारों रुपये भी खर्च करते हैं. लेकिन एक नए शोध के अनुसार अब आपको वजन कम करने के लिए न तो घंटों जिम में जाकर पसीना बहाने की जरूरत है और न ही घंटों जॉगिंग की. सेक्स एक ऐसा जरिया है जो आपको वजन बढ़ने की परेशानी से बचा सकता है.

कई शोधों से यह बात साबित हो चुकी है कि सेक्स करके आसानी से वजन कम किया जा सकता है. सेक्स करने से तेजी से कैलोरी बर्न होती है जिससे वजन कम होता है. हम यहां आपको बता रहे हैं कैसे सेक्स मददगार होता है वजन घटाने में.

एक शोध में यह सामने आया है कि अगर पुरुष 25 मिनट तक सेक्स करे तो इससे वह 101 कैलोरी जला सकता है जबकि इतने ही समय तक सेक्स करके महिला 70 कैलोरी बर्न करती है. इस अध्ययन के मुताबिक जवान और स्वस्थ पुरुष औसतन सेक्स के दौरान एक मिनट में 4.2 कैलोरीज बर्न करते हैं, जबकि ट्रेडमिल में 9.2 कैलोरीज बर्न होती हैं. वहीं महिलाएं सेक्स के दौरान एक मिनट में 3.1 कैलोरीज बर्न करती हैं.

ये भी पढ़ें- जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर जब चाहिए हो किसी का साथ

जॉगिंग ही नहीं सेक्स भी जलाती है कैलोरीज

सेक्स करके भी आप अपनी कैलोरी बर्न कर सकते हैं. अपने पार्टनर के साथ एक घंटे तक मस्ती करके आप 70 कैलोरी जलाते हैं. इस एक घंटे में फोरप्ले करके यौन संबंध को मस्ती के साथ और भी रोचक बना सकते हैं. अगर अधिक कैलोरी बर्न करना चाहते हैं तो अपने सेक्स के तरीकों को बदलें.

सेक्स कम करता है चर्बी

नियमित रूप से सेक्स संबंध बनाने से कार्टिसोल का स्तर सामान्य रहता है. कार्टिसोल ऐसा हार्मोन है जो आपकी भूख बढ़ाता है. इस हार्मोन के अधिक स्राव होने के कारण भूख अधिक लगती है. जबकि कार्टिसोल का स्तर कम रहने से शरीर से अतिरिक्त फैट जलता है.

बेहतर सेक्स और खानपान

सेक्स के मामले में अगर आप अपनी इमेज अच्छी रखना चाहते हैं और चाहते हैं कि आपका पार्टनर आपसे खुश रहे तो अपना खानपान जरूर सुधारें. आपको तले हुए खाने से बचना चाहिए और ऐसा भोजन लेना चाहिए जिससे वसा न बढ़ता हो. इसके अलावा फिटनेस पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

सेक्स करता है बीमारियों से बचाव

सेक्स करने से न केवल वजन कम होता है बल्कि कई सामान्य और गंभीर बीमारियों से भी बचाव होता है. सेक्स से हार्ट अटैक की संभावनाएं कम होती हैं और ब्लड प्रेशर भी काबू में रहता है. महिलाओं में मासिक धर्म में परेशानी नहीं होती.

तो अब आप वजन कम करने के लिए बाहर जाने की बजाय अपने पार्टनर को प्यार करें और अपने वजन को काबू में रखें, इससे आपकी सेक्स लाइफ भी खुशहाल रहेगी और आप सेहतमंद भी रहेंगे.

ये भी पढ़ें- मिडिल एज में रोमांस, रखें इन बातों का ध्यान

धुंधली सी इक याद- भाग 3: राज अपनी पत्नी से क्यों दूर रहना चाहता था?

Writer- Rochika Sharma

‘‘वैसे तो मुझे आप से बात कर के सब ठीक ही लगता है फिर भी राज आप अपने हारमोन लैवल की जांच के लिए टैस्ट करवा लें और टैस्ट रिपोर्ट मुझे दिखाएं.’’  राज की हारमोन रिपोर्ट में कोई कमी नहीं थी. वह शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ था. डाक्टर चकित थी कि आखिर ऐसा क्या है कि राज ईशा को इतना चाहता है फिर भी वह वैवाहिक सुख से वंचित है?  डाक्टर ने काफी सोचविचार कर कहा, ‘‘राज व ईशा तुम दोनों सैक्स काउंसलर के पास जाओ. मैं आप को रैफर कर देती हूं.’’  अगले ही दिन राज व ईशा सैक्स काउंसलर के पास पहुंचे. काउंसलर ने उन की समस्या को ध्यान से सुना और समझा. फिर दोनों से उन के रहनसहन और जीवनशैली के बारे में पूछा. राज व ईशा ने उन्हें जवाब में जो बताया उस के हिसाब से तो दोनों के बीच सब ठीक ही चल रहा है. राज को दफ्तर में भी कोई समस्या नहीं थी, बल्कि इन 8 सालों में उसे हाल ही में तीसरी प्रमोशन मिली थी. ‘तो फिर आखिर क्या है, जो चाहते हुए भी राज को सैक्स के समय असफल कर देता है?’ सोच काउंसलर ने राज से अकेले में बात करने की इच्छा जाहिर की. ईशा काउंसलर का इशारा समझ कमरे से बाहर चली गई. अब काउंसलर ने राज से उस की शादी से पहले की जीवनी पूछी. उस से उसे पता चला कि राज गोद लिया बच्चा है. और सब जो राज ने डाक्टर को बताया वह इस तरह था, ‘‘सर मेरे परिवार में मैं, मेरी बड़ी बहन और मेरे मातापिता थे. बहन मुझ से 10 साल बड़ी थी. उस की शादी मात्र 18 वर्ष में पापा के दोस्त के इकलौते बेटे से कर दी गई. मेरे पापा ने अपनी वसीयत का ज्यादा हिस्सा मेरे नाम और कुछ हिस्सा दीदी के नाम किया.

अचानक एक कार ऐक्सिडैंट में मम्मीपापा की मृत्यु हो गई.  उस समय मैं 8 वर्ष का था. दीदी के सिवा मेरा कोई न था. अत: दीदी अब मुझे अपने पास रखने लगी थी. जीजाजी को भी कोई ऐतराज न था. जीजाजी के मातापिता को पैसों का लालच आ गया. फिर धीरेधीरे जीजाजी भी उन की बातों में आ गए. वे रोजरोज दीदी से कहने लगे कि वह वसीयत के कागज उन्हें दे दे. लेकिन दीदी ने नहीं दिए. वे दीदी को रोज मारनेपीटने लगे. दीदी समझ गई थी कि मुझे खतरा है.  ‘‘दीदी की एक सहेली थी. उन की कोई संतान न थी. वे एक बच्चा गोद लेना चाहते थे. दीदी ने उन से बात की और मुझे गोद लेने को कहा. वे झट से राजी हो गए. दीदी ने मुझे गोद देने के कागज तैयार करवा लिए. जीजाजी का व्यवहार दिनोंदिन बिगड़ता जा रहा था. अब वे रोज शराब पी कर दीदी को मारनेपीटने लगे थे. मैं तब दीदी के पास ही रह रहा था.  ‘‘एक रात जीजाजी देर से आए. मैं उस वक्त दीदी के कमरे में था. जीजाजी बहुत ज्यादा शराब पीए थे. जीजाजी ने आते ही अंदर से कमरा बंद कर लिया और मुझे व दीदी को लातघूंसों से बहुत मारा. उस के बाद दीदी को बिस्तर पर पटक दिया और उस के साथ सैक्स किया. मैं उस वक्त 10 वर्ष का था. वह दृश्य बहुत डरावना था.  ‘‘मैं ने अपनी आंखें बंद कर लीं और मुझे वहीं नींद आ गई. सुबह दीदी जिंदा नहीं थी. सिर्फ एक लाश थी. मुझे और तो कुछ खास याद नहीं कि उस के बाद क्या हुआ, हां उस के बाद मेरे वर्तमान मातापिता मुझे अपने घर ले आए. अब जब भी मैं ईशा से करीबियां बढ़ाना चाहता हूं, मेरी आंखों के सामने उस रात की डरावनी धुंधली सी वह याद आ जाती है.

ये भी पढ़ें- तेरी मेरी कहानी: कैसे बदल गई रिश्तों की परिभाषा

‘‘मुझे लगता है दीदी की तरह कहीं मैं ईशा को भी न खो दूं. मैं ईशा से कुछ कह भी नहीं पाता हूं. हिम्मत नहीं जुटा पाता हूं. बस इसीलिए अपनेआप ही ईशा से दूर हो जाता हूं. यह सब अपनेआप होता है. मेरा अपने शरीर पर कोई नियंत्रण नहीं रहता और दीदी की लाश वहां दिखाई देती है.’’  राज की सारी बात सुन कर काउंसलर सब समझ गए कि क्यों चाह कर भी राज ईशा के साथ संबंध कायम करने में असफल रहता है. काउंसलर ने राज को घर जाने को कहा और अगले दिन आने को कहा. अगले दिन उन्होंने राज को प्यार से समझाया, ‘‘राज, तुम्हारी दीदी सैक्स के कारण नहीं मरीं, तुम्हारे जीजाजी ने उन्हें लातघूंसों से मारा. इस के कारण उन्हें कुछ अंदरूनी चोटें लगीं और वे उस दर्द को सहन नहीं कर पाईं और मौत हो गई.  ‘‘तुम ने दीदी को पिटते तो कई बार देखा था, लेकिन उस रात तुम ने जो दृश्य देखा वह पहली बार था और सुबह दीदी की लाश देखी तो तुम्हें ऐसा लगा कि दीदी सैक्स के कारण मर गई… आज इतने वर्षों बाद भी वह धुंधली सी याद तुम्हारे वैवाहिक जीवन को असफल कर रही है.’’  काउंसलर ने ईशा से भी इस बारे में बात की. उन्होंने राज के वर्तमान मातापिता को भी राज की स्थिति बताई. जब उन्हें हकीकत मालूम हुई तो उन्होंने राज की दीदी की मृत्यु की पोस्टमार्टम रिपोर्ट राज को दिखाई, जिस में साफ लिखा था कि राज की दीदी की जान दिमाग व पसलियों में चोट लगने से हुई थी और इसीलिए उस के जीजा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.

ये भी पढ़ें- अहिल्या: रज्जो को अपने चरित्र का क्यों प्रमाण देना पड़ा

अब सारी स्थिति राज के सामने थी. ईशा राज को उस पुरानी याद से दूर ले जाना  चाहती थी. अत: उस ने गोवा में होटल बुक किया और राज से वहां चलने का आग्रह किया. राज ने खुशीखुशी हामी भर दी.  ईशा वहां राज को उस की खूबियां बताते हुए कहने लगी, ‘‘राज तुम बहुत नेक और होशियार हो… तुम्हें पा कर मैं धन्य हो गई हूं. मैं तुम्हारी हर हार व जीत में तुम्हारे साथ हूं.’’  ऐसी बातें कर वह राज का मनोबल बढ़ाना चाहती थी. फिर रात के समय जैसे ही राज उस के करीब आ कर उस के बालों को सहलाने लगा, तो वह कहने लगी, ‘‘आगे बढ़ो राज. जब तक तुम मेरे साथ हो मुझे कुछ नहीं होगा, हिम्मत  करो राज.’’

7 दिन बस इसी तरह गुजर गए. अब राज का आत्मविश्वास लौटने लगा था. उस धुंधली सी याद की हकीकत वह समझ चुका था. ईशा ने राज की मम्मी व काउंसलर को खुशी से फोन कर बताया, ‘‘हम सफल हुए.’’  हालांकि राज एक बार तो डर गया था… सैक्स में सफल होने के बाद वह काफी देर  तक ईशा को टकटकी लगाए देखता रहा. फिर कहने लगा, ‘‘दुनिया तो सिर्फ तुम्हारी ऊपरी खूबसूरती देखती है ईशा… तुम्हारा दिल कितना सुंदर है… 8 वर्षों में तुम ने मेरी असफलता को एक राज रखा और हर वक्त मुसकराती रहीं.  आज मैं सफल हूं तो सिर्फ तुम्हारे कारण. तुम  ने इतनी मेहनत की, इतना सहा, विवाहित हो  कर भी 8 वर्षों तक कुंआरी का जीवनयापन करती रहीं और चेहरे पर शिकन भी न आने दी. तुम्हारा दिल कितना सुंदर है ईशा. तुम से सुंदर कोई नहीं.’’

दोनों जब गोवा से लौटे तो उन के चेहरे पर कुछ अलग ही चमक थी. वह चमक थी विश्वास और प्यार की. राज की मां भी बहुत खुश थीं. 3 महीने बाद ईशा ने खुशखबरी दी कि वह मां बनने वाली है.  राज की मां उसे ढेरों आशीर्वाद देते हुए बोलीं, ‘‘मैं दुनिया की सब से खुशहाल सास हूं, जिसे तुम जैसी बहू मिली.’’

नजर 2: फिर डायन बनेंगी भोजपुरी एक्ट्रेस Monalisa, देखें Video

भोजपुरी एक्ट्रेस (Bhojpuri Actress) मोनालिसा (Monalisa) अपनी एक्टिंग और डांस के जरिये दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब हो रही हैं. वह फैंस को एंटरटेन करने के लिए अक्सर सोशल मीडिया पर फोटोज और वीडियो शेयर करती रहती हैं.  अब वह फिर डायन बनकर नजर में जल्द ही दिखाई देने वाली हैं.

स्टार प्लस ने इंस्टाग्राम पर ‘नजर 2’ का एक प्रोमो जारी किया है. इस वीडियो में दिखाया जा रहा है कि मोनालिसा डायन के अवतार में दिखाई दे रही है. वह फ्लाइट में एयर हॉस्टेस को अपने लंबे-लंबे नाखूनों से वार करती नजर आ रही है. ‘नजर’ का यह एपिसोड 10 अक्टुबर को रात 9 बजे आप स्टार प्लस पर देख सकते हैं.

ये भी पढ़ें- Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin: हॉस्टल में शिफ्ट होगी सई, विराट से हो जाएगी दूर

 

View this post on Instagram

 

A post shared by StarPlus (@starplus)

 

हाल ही में एक्ट्रेस का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वह ‘साड़ी के फॉल सा’ पर ऐसा धमाकेदार डांस कर रही थीं. जी हां. आप यह वीडियो देखकर मोनालिसा के दीवाने हो जाएंगे.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by MONALISA (@aslimonalisa)

 

मोनालिसा ने इस  वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा था, ‘साड़ी लव’. मोनालिसा के डांस मूव्स को फैंस काफी पसंद किए. यानी एक्ट्रेस को साड़ी पहनना काफी पसंद है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था.

ये भी पढ़ें- Anupamaa: ‘अनुज और अनुपमा’ का नाम साथ में देखकर भड़की बा, फाड़ा इनविटेशन कार्ड

 

View this post on Instagram

 

A post shared by MONALISA (@aslimonalisa)

 

बता दें कि मोनालिसा अक्सर अपने पति विक्रांत सिंह राजपूत (Vikrant Singh Rajput) के साथ केशन पर जाती रहती हैं. जहां से वह वेकेशन की फोटोज सोशल मीडिया पर फैंस के साथ शेयर करती हैं.

Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin: हॉस्टल में शिफ्ट होगी सई, विराट से हो जाएगी दूर

नील भट्ट और आयशा सिंह स्टारर सीरियल गुम है किसी के प्यार में अब तक आपने देखा कि सई के एक्सीडेंट के बाद शो की कहानी एक नया मोड़ ले रही है. चौहान परिवार बड़ी मुश्किल का सामना करते नजर आ रहा है. सई की इस हालत का जिम्मेदार विराट को ठहराया जा रहा है. शो के अपकमिंग एपिसोड में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है. आइए बताते हैं शो के नए एपिसोड के बारे में.

शो में दिखाया जा रहा है कि सई जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है. तो दूसरी तरफ विराट के लिए चीजें संभालना मुश्किल होता जा रहा है क्योंकि हर कोई उस पर सई की हालत के लिए आरोप लगा रहा है.

ये भी पढ़ें- Anupamaa: ‘अनुज और अनुपमा’ का नाम साथ में देखकर भड़की बा, फाड़ा इनविटेशन कार्ड

 

सई ने विराट के कारण घर छोड़ा था. इसलिए सई के एक्सिडेंट का आरोप अनिकेत और सई के दोस्त विराट पर लगा रहे हैं. विराट खुद को दोषी भी मानता है. उसे पछतावा हो रहा है कि उसने सई के साथ ऐसा क्यों किया.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by SAIRAT💞 (@sairat_.lovely)

 

शो में आप ये भी देखेंगे कि सई अपने दोस्तों के साथ हॉस्टल में शिफ्ट होने का फैसला करेगी. वह विराट के साथ जाने से मना कर देगी. तो उघर सई की ब्रैन सर्जरी सफल हो जाएगी लेकिन सई विराट के झगड़े को याद कर कमजोर पड़ जाएगी.

ये भी पढ़ें- Udaariyaan: इस वजह से रुक गया तेजो और फतेह का तलाक, अब जैस्मिन चलेगी नई चाल

 

View this post on Instagram

 

A post shared by SAIRAT 🕊 (@sairatx_ghkkpm)

 

पुलकित सई को ठीक करने के लिए एक मनोचिकित्सक को लेकर आता है. सई की डॉक्टर चाहती है कि विराट उससे दूर रहे. शो में अब ये देखना होगा कि क्या सई विराट को माफ करेगी या हमेशा के लिए उससे दूर हो जाएगी.

ये भी पढ़ें- हिंदी फिल्म ‘‘अंधाधुन’’ की मलयालम रीमेक ‘‘भ्रामम’’ का ट्रेलर हुआ वायरल, देखें Video

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें