BB ott 2: पूजा – अभिषेक के बीच हुई फिर लड़ाई, आधी रात को किया हंगामा

सलमान खान का शो बिग बॉस ओटीटी 2 इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. शो में हर दिन कुछ नया देखने को मिल रहा है लोगों को शो काफी पसंद आ रहा है वही, शो के स्ट्रोग कंटेस्टेंट भी लोगों को बेहद पसंद आ रहे है जी हां, हम बात कर रहे है पूजा भट्ट और अभिषेक मल्हान की. जिनकी शो में अबतक बनती नहीं है इन्हे कई बार लड़ते देखा गया है. लेकिन इस बार अभिषेक मल्हान ने पूजा भट्ट को आधी रात में फटकार लगाई है.

 

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आपको बता दें, कि अभिषेक अकेले पूजा भट्ट से लड़ते हैं. वहीं बाकी कंटेस्टेंट्स पूजा के सामने अपनी आवाज भी नहीं उठाते हैं. अभिषेक, पूजा के गलत होने पर अकेले ही न सिर्फ उन्हें चुप करवाते हैं बल्कि रिस्पेक्ट के साथ उन्हें करारा जवाब भी देते हैं.अब हाल ही में अभिषेक को पूजा भट्ट पर बहुत गुस्सा आया.

दरअसल, अभिषेक रात में बरतन धो रहे थे और इस दौरान वह फलक नाज से पूछते हैं कि फलक दीदी आप बताइए कि जिस दिन साइरस सर गए थे उस दिन हमने उनके बचे हुए अंडे को लेकर जो बात की थी वो किस तरीके में की थी. फलक कहती हैं कि किस तरीके से तुम लोग मजाक कर रहे थे. अभिषेक फिर कहते हैं कि वही तो आप समझ गए, लेकिन पूजा दीदी हमें कहती हैं कि तुम तो साइरस के जाने की खुशी मना रहे थे और उनके अंडे के लिए मर रहे थे.

 

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फलक ने किया अभिषेक को स्पोर्ट

इसके बाद फलक कहती हैं कि तुम सही कह रहे हो, पूजा दीदी हमेशा सामने वाले बंदे को ऐसी बात बोलती हैं जो गेम से जुड़े नहीं होती और वह शख्स को दिल तक चुभती है. अभिषेक भी कहते हैं यही तो उनकी बात है. पूजा मैम इतनी गंदी लाइन बोलती हैं सामने वाले को. हम गेम खेलने आए हैं तो गेम खेलो, लेकिन कंटेस्टेंट को लेकर पर्सनल मत हो. कभी वह मेरी इज्जत पर आती हैं, कभी अंडे को लेकर कमेंट करती हैं.

बता दें कि शो के शुरुआत से फलक, पूजा भट्ट के काफी करीब रह रही थीं. वह पूजा के गलत होने पर भी उनका ही साथ देती थीं, लेकिन लगता है अब दोनों की दोस्ती में दरार आ रही है.

करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश हुए ट्रोलिंग का शिकार, जानें वजह

टीवी की पॉपुलर जोडी करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश इन दिनों सुर्खियों में आ गए है दोनों को पब्लिक में स्पॉट किया गया है जहां वो ज़रुरतमंद के साथ हाथ मिलाते हुए नजर आए है. जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है लोग इन्हे ट्रोल कर रहे है. जी हां, कपल ने ज़रुरतमंद को पैसे देने के बजाएं उनसे हाथ मिलाया. इस पर कई लोगों ने उन्हे ट्रोल किया तो कई लोगों ने तारीफ की है.

 

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आपको बता दें, कि करण कुंद्रा इन वायरल हो रही तस्वीरों में कूल लुक में दिखाई दे रहे हैं. करण कुंद्रा का ये लुक आते ही सोशल मीडिया पर छा गया. तेजस्वी प्रकाश इस तस्वीर में जींस और टॉप पहने हुए नजर आ रही हैं.तेजस्वी प्रकाश की इस तस्वीर को उनके फैंस काफी पसंद कर रहे हैं. करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश इस तस्वीर में साथ दिखाई दिए. करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश को साथ देख फैंस काफी खुश नजर आए.

 

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करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश इस तस्वीर में बात करते हुए नजर आ रहे हैं। करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की ये तस्वीर आते ही छा गई. तेजस्वी प्रकाश इस तस्वीर में अपने हाथ में एक बैग लिए हुए नजर आ रही हैं.तेजस्वी प्रकाश का ये बैग फैंस का ध्यान अपनी तरफ खींच रहा है. तेजस्वी प्रकाश इस तस्वीर में एक प्यारी सी स्माइल पास करती हुई नजर आ रही हैं. तेजस्वी प्रकाश की तस्वीर को उनके फैंस खूब शेयर कर रहे हैं. करण कुंद्रा इस तस्वीर में एक महिला से हाथ मिलाते हुए नजर आए. करण कुंद्रा की इस सादगी पर फैंस फिदा हो गए. करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश जरूरतमंद महिला को पैसे न देने पर सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हो रहे हैं. इसको लेकर ट्रोल्स तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं.

पुरुषों की ये आदतें बनाएंगी स्किन को ग्लोइंग और शाइनिंग

भारतीय पुरुष की जब भी स्किन को लेकर बातचीत होती है तो वो उसपर खास ध्यान नहीं देते है. इसलिए भारतीय पुरुष सजने संवरने में जरा पीछे है. लेकिन आज हम कुछ ऐसी बाते बताएंगे जिन बातों को आदत बनाकर हर पुरुष ग्लोइंग और शाइनिंग स्किन पा सकता है.अपनी डेली रूटिन में ये आदते शामिल करके खुद और सुंदर बना सकता है. तो चलिए बताते है वह कुछ खास बातें.

1. ढेर सारा पानी पीना

पानी पीना अपनी आदत बना लेना आपकी सेहत और त्वचा दोनों में ही कामगर साबित होता है. आपने ना जाने कितने लोगों से सुना होगा की ढेर सारा पानी पीना एक अच्छी आदत है यहां तक सेलिब्रिटी की डाइट में भी पानी पीना सुना होगा. क्योकि ज्यादा पानी पीने से त्वचा से टॉक्सिक बाहर आते है जो आपकी स्किन को हैल्दी बनाए रखती है.

2. सही फेस स्क्रब का यूज करना

अपनी स्किन को साफ-सुथरी रखने के लिए ज़रुरी है कि आप अपनी स्किन के लिए सही फेसवॉश का यूज करें. अपनी स्किन के हिसाब से सही फेस वॉश यूज करें. ताकि आपकी स्किन चमके और ग्लो करें.

3. सनस्क्रीन का करें यूज

भारत में कड़ी धूप होती है, इसलिए बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का उपयोग करना बहुत जरूरी है. त्वचा को धूप से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखने के लिए अच्छे एसपीएफ वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. लंबे समय तक धूप में रहने से बचें और यदि आप ऐसा करते भी हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप हर कुछ घंटों के बाद सनस्क्रीन दोबारा लगाएं.

4. हरी सब्जियों का करें सेवन

अपनी त्वचा को अंदर से स्वस्थ बनाने के लिए ढेर सारे फलों और मेवों के साथ ताजी हरी सब्जियां खाएं. सब्जियों और फलों से भरपूर आहार लेने से त्वचा निश्चित रूप से चमक उठेगी.

पैसों के लालच में बुझ गई ‘रोशनी’

11 नवंबर, 2016 की बात है. रामदुरेश के मंझले बेटे पवन कुमार की 4 दिनों बाद शादी थी. घर में शादी की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं. चूंकि वह मूलरूप से बिहार के रहने वाले थे, इसलिए वहां से भी उन के तमाम रिश्तेदार आ चुके थे. पवन का बड़ा भाई रंजन राजेश, जो दुबई में नौकरी करता था, वह भी आ चुका था. दोपहर के करीब 3 बजे रामदुरेश अपनी दोनों पोतियों, रिधिमा और रौशनी को स्टालर पर बैठा कर सड़क पर घुमा रहे थे. उन्हें आए अभी 10 मिनट हुए होंगे कि मोटरसाइकिल से आए 3 युवकों ने उन्हें रोक लिया. उन्होंने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था, इसलिए रामदुरेश उन्हें पहचान नहीं सके.

मोटरसाइकिल से आए युवकों में से 2 नीचे उतरे और रामदुरेश को धक्का मार कर गिरा दिया. उन के गिरते ही वे युवक स्टालर से 2 साल की रौशनी को उठा कर फगवाड़ा की ओर भाग गए. यह सब इतनी जल्दी में हुआ था कि रामदुरेश कुछ सोचसमझ ही नहीं पाए. जब तक वह उठ कर खड़े हुए, मोटरसाइकिल सवार काफी दूर जा चुके थे. वह मोटरसाइकिल का नंबर भी नहीं देख पाए.

रामदुरेश ने शोर मचाया तो तमाम लोग इकट्ठा हो गए. घर वाले भी बाहर आ गए. उन्होंने उन से युवकों का पीछा करने को कहा. कई लोग मोटरसाइकिलों से फगवाड़ा की ओर गए, लेकिन किसी को वे युवक दिखाई नहीं दिए. रामदुरेश काफी घबराए हुए थे. उन्हें पानी पिलाया गया. जब वह कुछ सामान्य हुए तो उन्होंने पूरी घटना कह सुनाई

घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम और थाना बहराम पुलिस को फोन द्वारा दी गई. अपहरण की सूचना मिलते ही थाना बहराम के थानाप्रभारी सुरेश चांद दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए. दिनदहाड़े बच्ची के अपहरण की बात सुन कर सभी हैरान थे. कुछ ही देर में डीएसपी बगां हरविंदर सिंह, डीएसपी (आई) राजपाल सिंह, सीआईए प्रभारी सुखजीत सिंह, थाना सदर बगां के थानाप्रभारी रमनदीप सिंह भी घटनास्थल पर आ पहुंचे. आधे घंटे बाद एसएसपी नवीन सिंगला भी आ गए थे.

रामदुरेश ने पुलिस अधिकारियों को अपनी पोती रौशनी के अपरहण की बात बता दी. एसएसपी नवीन सिंगला के निर्देश पर 2 जिलों कपूरथला और नवांशहर की पुलिस अपहृत बच्ची की तलाश में जुट गई. थानाप्रभारी सुरेश चांद ने रामदुरेश के बयान के आधार पर अज्ञात अपहर्त्ताओं के खिलाफ रौशनी के अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया था.

सुरेश चांद ने रामदुरेश और उन के परिवार वालों से पूछताछ की. उन्होंने बताया कि उन का किसी से कोई लेनादेना या झगड़ा आदि नहीं था. सभी अपने काम से काम रखते थे.

उन्होंने यह भी बताया कि 4 दिनों बाद उन के यहां लड़के की शादी है. उस का पहला रिश्ता 3 महीने पहले फगवाड़ा के एक परिवार में तय हुआ था, जो बाद में किन्हीं कारणों से उन्होंने तोड़ दिया था. रिश्ता टूटने के बाद उन लोगों ने खूब झगड़ा किया था और देख लेने की धमकी दी थी.

रामदुरेश ने जिन लोगों पर शक जाहिर किया था, सुरेश चांद ने उन लोगों को थाने बुला कर पूछताछ की. लेकिन उन्हें वे लोग बेकसूर लगे. उन का इस वारदात से कोई लेनादेना नहीं था.

डीएसपी हरविंदर सिंह के आदेश पर इलाके के सभी सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया. घटनास्थल के निकट एक कैमरा लगा था, जो काफी समय से खराब था. अन्य जगहों पर लगे कैमरों से भी कोई सुराग नहीं मिला. दोनों जिलों की पुलिस टीमें बच्ची की तलाश में जुटी थीं. लेकिन देर रात तक कोई सुराग नहीं मिला.

रामदुरेश के घर में जो खुशी का माहौल था, वह उदासी में बदल चुका था. रौशनी की मां नेहा का रोरो कर बुरा हाल था.

अगले दिन अपहर्त्ता का फोन आया. उस ने कहा कि बच्ची उस के कब्जे में है और अगर बच्ची चाहिए तो 50 लाख रुपए का इंतजाम कर लो. पैसे कब और कहां पहुंचाने हैं, यह बाद में बता दिया जाएगा. रामदुरेश ने यह बात पुलिस को बता दी. अपहर्त्ताओं के फोन नंबर से पुलिस को उन के पास तक पहुंचने की राह मिल गई थी.

पुलिस ने उस नंबर की काल डिटेल्स और लोकेशन पता की तो पता चला कि वह नंबर कस्बे के ही एक दुकानदार का था. उस की मोबाइल फोन की दुकान थी. दुकानदार ने बताया कि लगभग 2 महीने पहले यह सिम उस की दुकान से चोरी हो गया था. पुलिस ने जब उस से पूछा कि उस की दुकान पर किनकिन लोगों का ज्यादा आनाजाना है और किन लोगों से उस का दोस्ताना व्यवहार है तो उस ने 8 लोगों के नाम बताए.

उन लोगों के नामपते ले कर पुलिस ने उन के बारे में पता किया तो उन में से 5 युवक तो मिल गए, 3 फरार मिले. पुलिस का सीधा शक उन 3 फरार युवकों पर गया. अगले दिन पुलिस ने शहर के सभी छोटेबड़े रास्तों की नाकेबंदी कर दी, साथ ही अपहर्त्ताओं के फोन का भी इंतजार था, पर फोन नहीं आया.

थाना सदर बगां प्रभारी रमनदीप सिंह पौइंट फराला के नाके पर मौजूद थे. उन्होंने गांव मुन्ना की ओर से एक मोटरसाइकिल पर 3 युवकों को आते देखा. लेकिन पुलिस को देख कर उन युवकों ने मोटरसाइकिल वापस घुमा दी थी. रमनदीप सिंह ने बोलेरो जीप से उन का पीछा किया. कुछ दूरी पर ही ओवरटेक कर के उन्हें दबोच लिया गया. तीनों का हुलिया रामदुरेश द्वारा बताए गए अपहर्त्ताओं के हुलिए से मिल रहा था, इसलिए पूछताछ के लिए पुलिस तीनों को थाने ले आई.

उन्होंने अपने नाम गोयल कुमार उर्फ गोरी, हरमन कुमार उर्फ हैप्पी तथा रिशी बताए. रिशी कुमार जिला होशियारपुर के गांव टोडरपुर का रहने वाला था, जबकि गोयल और हरमन रामदुरेश के ही गांव खोथड़ा के रहने वाले थे. तीनों से जब रौशनी के अपहरण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि रौशनी का अपहरण उन्होंने ही किया था, लेकिन अब वह जीवित नहीं है. उन्होंने उस की हत्या कर लाश जला दी थी.

यह खबर जब रामदुरेश के घर वालों तक पहुंची तो उन के यहां कोहराम मच गया. जब यह खबर पूरे शहर में फैली तो अपहर्त्ताओं को देखने के लिए थाने के बाहर भीड़ लग गई. लोग अपहर्त्ताओं को अपने हवाले करने की मांग करने लगे, ताकि वे उन्हें खुद सजा दे सकें.

तीनों अपहर्त्ताओं की उम्र 18 से 20 साल थी. थाने पर जनता का जमावड़ा और आक्रोश देख कर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा. एसएसपी नवीन सिंगला ने आ कर लोगों को समझाया कि कानून के अनुसार दोषियों को सजा दी जाएगी, तब कहीं जा कर भीड़ शांत हुई.

पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को अदालत में पेश कर 3 दिनों के पुलिस रिमांड पर लिया. रिमांड अवधि के दौरान पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर होशियारपुर के गांव नडालो के पास से गुजरती ड्रेन के नजदीक एक खेत से ड्यूटी मजिस्ट्रैट भूपिंदर सिंह, तहसीलदार गढ़शंकर और एसएसपी नवीन सिंगला की मौजूदगी में रौशनी की अधजली लाश बरामद कर ली.

जरूरी काररवाई निपटाने के बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए बगां के सिविल अस्पताल भिजवा दिया गया. चूंकि शव बुरी तरह से जला हुआ था, इसलिए पोस्टमार्टम में तकनीकी दिक्कतें आने के अंदेशों के चलते वहां के डाक्टरों ने अमृतसर के मैडिकल कालेज में पोस्टमार्टम कराने का सुझाव दिया.

इस के बाद डीसी के आदेश पर शव को अमृतसर मैडिकल कालेज भिजवा दिया गया. पुलिस ने भी एफआईआर में भादंवि की धारा 364 को 364ए, 302, 34, 129 जोड़ दिया. आरोपियों से पूछताछ में रौशनी के अपहरण व हत्या की जो कहानी प्रकाश में आई, वह उन की विकृत मानसिकता और शार्टकट से करोड़पति बनने का नतीजा थी.

रिशी, हैप्पी और गौरी बचपन से ही शातिर और महत्त्वाकांक्षी किस्म के युवक थे. पढ़ाई के दौरान ही वे आवारागर्दी करने लगे थे, जिस से ज्यादा पढ़ नहीं सके. उन के गांव के तमाम युवक विदेशों में रह कर अच्छी कमाई कर रहे थे, जिस से वे भी विदेश जाना चाहते थे, पर पैसे न होने के कारण जा नहीं पा रहे थे. मजबूर हो कर वे घर पर रह कर ही आसानी से मोटी कमाई करने का उपाय खोजने लगे.

गौरी और हैप्पी की ननिहाल रिशी के गांव टोडरपुर में थी, जिस से उन का वहां आनाजाना होता रहता था. इसी वजह से उन की रिशी से दोस्ती भी हो गई थी.

खोथड़ा गांव में ही रामदुरेश का परिवार रहता था. वैसे तो रामदुरेश मूलत: छपरा, बिहार के रहने वाले थे, पर लगभग 35 सालों से वह यहीं रह रहे थे. वह फगवाड़ा की जेसीटी कपड़ा मिल में नौकरी करते थे. उन के 3 बेटे थे, रंजन राजेश, पवन कुमार और पमा कुमार.

रामदुरेश जिस इलाके में रहते थे, वहां शायद ही ऐसा कोई घर होगा, जिस घर का कोई आदमी विदेश में न हो. किसी तरह रामदुरेश ने भी अपने बड़े बेटे राजेश को सन 2005 में दुबई भिजवा दिया था. राजेश की दुबई में नौकरी लगने के बाद रामदुरेश की काया पलट हो गई थी. बेटे द्वारा दुबई से भेजे पैसों से उन्होंने खोथड़ा के सैफर्न एनक्लेव में प्लौट खरीद कर शानदार कोठी बनवाई थी. सन 2010 में उन्होंने उस की शादी कर दी थी.

राजेश 2 बेटियों का पिता बना, जिस में बड़ी बेटी रिधिमा 4 साल की और छोटी रौशनी 2 साल की थी. सन 2014 के अंत में रामदुरेश नौकरी से रिटायर हुए तो उन्हें काफी पैसा मिला. इसी बीच उन का मंझला बेटा पवन भी शादी लायक हो गया.

उन्होंने उस का रिश्ता फगवाड़ा की ही एक लड़की से तय कर दिया, पर किसी वजह से वह रिश्ता टूट गया तो बाद में दूसरी जगह उस का रिश्ता तय हो गया. 16 नवंबर, 2016 को शादी का दिन भी तय कर दिया गया था.

हैप्पी, रिशी और गौरी रामदुरेश की हैसियत जानते थे. उन्हें पता था कि उन का बड़ा बेटा दुबई से मोटी रकम भेजता है, साथ ही यह भी उम्मीद थी कि उन्हें रिटायरमेंट पर भी अच्छा पैसा मिला होगा. यही सब सोच कर उन्होंने उन के घर लूट की योजना बना डाली.

चूंकि रामदुरेश के बेटे पवन की शादी के कुछ ही दिन बचे थे. घर पर तमाम मेहमान जुट गए थे. उधर हैप्पी, रिशी और गौरी योजनानुसार लूट की घटना को अंजाम देने के लिए रैकी कर रहे थे.

कोठी पर रिश्तेदारों की भीड़भाड़ देख कर उन्हें लूट करना रिस्की लगा, इसलिए उन्होंने योजना बदल दी. रिशी ने उन के परिवार से किसी बच्चे का अपहरण करने की सलाह दी. उस की सलाह हैप्पी और गौरी को पसंद आ गई. फिरौती की रकम मांगने के लिए उन्होंने सिम का इंतजाम भी कर लिया, जो उन में से किसी के नाम पर नहीं था.

वह सिमकार्ड उन्होंने मेहली के ललित जुनेजा से साढ़े 3 सौ रुपए में खरीदा था. ललित जुनेजा की फोन एसेसरीज की दुकान थी. वह चोरी के फोन खरीदनेबेचने का भी काम करता था. ललित ने किसी से चोरी का एक मोबाइल खरीदा था, उस के अंदर जो सिमकार्ड निकला था, वही उस ने हैप्पी को बेच दिया था.

रामदुरेश के घर की रैकी करते हुए तीनों उन की पोती का अपहरण करने का मौका तलाशते रहे. इसी चक्कर में वे 11 नवंबर, 2016 को दोपहर 3 बजे उन की कोठी की तरफ आए थे. उन्होंने रामदुरेश को अपनी दोनों पोतियों के साथ देखा तो उन्हें धक्का दे कर वे उन की 2 साल की पोती रौशनी का अपहरण कर ले गए.

उस बच्ची को ले कर वे टोडरपुर पहुंचे और वहां एक खेत में छिप कर बैठ गए. बीचबीच में रिशी अपने घर और बाजार जा कर खानेपीने की चीजें लाता रहा. वहीं खेत से ही उन्होंने रामदुरेश को फिरौती के लिए फोन किया.

भूख की वजह से रौशनी जोरजोर रोने लगी. तीनों ने उसे चुप कराने की बहुत कोशिश की, पर वह चुप नहीं हुई. आसपास के खेतों में काम करने वालों ने खेत में बच्ची के रोने की आवाज सुनी तो उन्हें संदेह हुआ. लोग उधर आने लगे तो वे बच्ची को ले कर दूसरे खेत में पहुंचे. वहां भी हालात वही रहे. वह लगातार रोए जा रही थी.

बच्ची की वजह से वे पकड़े जा सकते थे, इसलिए उन्होंने रौशनी का गला दबा दिया. कुछ ही पलों में उस मासूम ने दम तोड़ दिया. इस के बाद उन्होंने उस की लाश पर पराली डाल कर जला दिया.

लाश ठिकाने लगाने के बाद सभी टोडरपुर में बैठ कर सोचने लगे कि अब क्या किया जाए. अंत में वे मोटरसाइकिल से यह देखने अपने गांव की ओर जा रहे थे कि रामदुरेश और पुलिस इस मामले में क्या कर रही है. पर उन्होंने नाके पर पुलिस देखी तो वहीं से मोटरसाइकिल मोड़ कर भागे, तभी पुलिस ने पीछा कर के उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

इन की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का सिम बेचने वाले ललित जुनेजा को भी गिरफ्तार कर लिया था. रिमांड अवधि खत्म होने के बाद 14 नवंबर, 2016 को थानाप्रभारी सुरेश चांद ने इस हत्याकांड से जुड़े तीनों अभियुक्तों, गोयल उर्फ गौरी, हेमंत उर्फ हैप्पी और रिशी को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

कथा लिखे जाने तक तीनों अभियुक्त जेल में थे. केस की जांच थानाप्रभारी सुरेश चांद कर रहे थे.

– कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित

मेरी शादी मुझसे 11 साल बड़े लड़के से हो रही है, मैं क्या करूं?

सवाल

मेरी उम्र 19 साल है और मेरे होने वाले पति की उम्र 30 साल है. क्या शादी के बाद उम्र का यह फर्क हमारे रिश्ते में आड़े तो नहीं आएगा?

जवाब

उम्र में 11 साल का फर्क आगे चल कर आड़े आ सकता है लेकिन जब शादी तय हो ही गई है तो आगे की सोचें कि आप के पति आप से जल्दी बूढ़े हो जाएंगे. आप की और उन की पसंद और नापसंद, शौक और दूसरे मामलों में भी फर्क हो सकता है. लिहाजा, अभी से खुद को पति के हिसाब से ढालना शुरू कर दें, तो यह कोई बड़ी समस्या नहीं रह जाएगी. बड़ी उम्र का पति ज्यादा अच्छी देखभाल करता है.

शिकार : क्या महेंद्र कर पाया उस लड़की का शिकार

महेंद्र थाने में आ कर बैठा ही था कि एक सिपाही ने उसे खबर दी, ‘‘साहब, निजामुद्दीन से अहमदाबाद आने वाली ‘राजधानी ऐक्सप्रैस’ ट्रेन में एक आदमी बेहोशी की हालत में मिला है.’’

यह सुन कर महेंद्र को आज से एक साल पहले की घटना याद आ गई. तब उस की बेरावल रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के थानेदार के रूप में नईनई पोस्टिंग हुई थी.

एक दिन की बात है. सुबहसुबह थाने के एक सिपाही ने आ कर बताया, ‘साहब, राजकोट से सोमनाथ आने वाली पैसेंजर ट्रेन में एक लड़की बेहोश पड़ी मिली है.’

यह सुन कर महेंद्र तुरंत उस सिपाही के साथ चल पड़ा. उस ने देखा कि इंजन से पीछे वाले डब्बे में एक लड़की, जिस की उम्र 22-23 साल होगी, ऊपर वाली बर्थ पर बेहोशी की हालत में पड़ी थी.

महेंद्र के साथ गए सिपाही रामलाल ने कहा, ‘साहब, मुझे तो मामला जहरखुरानी का लगता है. इस के पास कोई सामान भी दिखाई नहीं दे रहा है.’

महेंद्र ने रामलाल से कहा, ‘इसे तुरंत डाक्टर के पास ले जाओ और होश में आने पर मुझे बताना.’

दिन के तकरीबन 10 बजे रामलाल ने बताया, ‘साहब, उस लड़की को होश आ गया है और अब वह ठीक है.’

महेंद्र ने रामलाल से कहा, ‘उस लड़की को थाने ले आओ.’

जब वह लड़की थाने आई, तो बेहतर दिख रही थी.

महेंद्र ने पूछा, ‘क्या नाम है तुम्हारा?’

उस लड़की ने बताया, ‘मेरा नाम राजबाला है और मैं राजस्थान के भरतपुर इलाके की रहने वाली हूं.’

यह पूछने पर कि यहां और इस हालत में वह कैसे पहुंची, तो उस ने बताया कि वह प्रेमी के साथ घर से भाग कर आई है, लेकिन उस के प्रेमी ने रास्ते में उसे नशीली दवा खिला दी और उस के जेवर व पैसे ले उड़ा.

महेंद्र ने उस लड़की के मातापिता का मोबाइल नंबर पूछा, तो उस ने कहा, ‘साहब, उन्हें मत बताइए. मैं खुद ही अपने घर चली जाऊंगी.’

पता नहीं उस की बातों में क्या जादू था कि महेंद्र उस की बात मान गया.

उस लड़की ने कहा, ‘मेरे सिर में अभी भी थोड़ा दर्द है. आराम कर के मैं अपने घर चली जाऊंगी.’

महेंद्र ने रामलाल से कहा, ‘इसे मेरे रैस्टहाउस में लिटा दो. बाद में किसी ट्रेन में बिठा देना.’

महेंद्र अपने काम में लग गया, लेकिन उस के मन में राजबाला के प्रति काम भावना जाग गई थी. रात को तकरीबन 8 बजे वह अपने रैस्टहाउस में पहुंचा, तो राजबाला पलंग पर बैठी थी.

महेंद्र ने पूछा, ‘कैसी तबीयत है?’

उस ने बताया, ‘पहले से ठीक है.’

महेंद्र ने कहा, ‘रुको, मैं तुम्हारे लिए खानेपीने का इंतजाम करता हूं.’

इस के बाद महेंद्र ने बाहर आ कर एक सिपाही को बुलाया और उस लड़की के लिए खाना और अपने लिए शराब मंगाई. महेंद्र ने एक सिपाही के घर पर बैठ कर पहले जम कर शराब पी और वहीं बैठ कर खाना खाया.

रात के तकरीबन साढ़े 11 बजे महेंद्र अपने रैस्टहाउस में पहुंचा, तो देखा कि राजबाला खाना खा कर सो चुकी थी.

एक तो शराब का नशा, ऊपर से एक जवान लड़की का शबाब… महेंद्र ने आते ही दरवाजा बंद किया और राजबाला पर झपट पड़ा.

अचानक हुई इस हरकत से वह जाग गई, लेकिन महेंद्र उसे कहां छोड़ने वाला था. वह रोतीगिड़गिड़ाती रही, पर महेंद्र पर इस का कोई असर न हुआ. वह उस पर छाता गया और अपनी मंजिल पा कर ही उस से अलग हुआ.

वह बेचारी महेंद्र से अलग हो कर एक कोने में जा कर रोने लगी. महेंद्र अपनी हवस मिटाने के बाद सो गया.

सुबह तकरीबन 9 बजे एक सिपाही ने महेंद्र को जगाया. वह अधनंगी हालत में बिस्तर पर पड़ा था. महेंद्र ने जागते ही उस लड़की के बारे में पूछा, तो सिपाही ने कहा, ‘मुझे तो कुछ नहीं मालूम साहब. रात को वह इसी कमरे में ही तो सोई थी. जब आप सुबह से नहीं दिखे, तो मैं आप को देखने चला आया.’

अचानक महेंद्र का ध्यान हाथों पर गया, तो चौंक गया. उस की दोनों अंगूठियां और घड़ी गायब थी. पैंट में रखा पर्स भी नदारद था. अलमारी खुली पड़ी थी. वहां जा कर देखा, तो 50 हजार रुपए भी गायब थे.

महेंद्र ने अपना सिर पकड़ लिया. उसे समझ में आ गया कि उस ने उस लड़की का नहीं, बल्कि उस लड़की ने उस का शिकार किया था.

सेक्स लाइफ में जरूर लगाएं ‘सेक्सी मसाज थेरैपी’ का तड़का, जानें कैसे

यह आप पर ही डिपैंड करता है कि आप उसे कैसे रोमांचक बनाएं. मसाज थेरैपी एक ऐसा तरीका है, जिस के जरीए आप बोरिंग लाइफ को चटपटा बना सकते हैं और उस में रोमांच भर सकते हैं.

मसाज थेरैपी

मसाज एक ऐसी थेरैपी है, जिस के जरीए आप के शरीर को आराम तो मिलता है, साथ ही ब्लड सर्कुलेशन सुचारु रूप से चलने लगता है. यौनांगों व मांसपेशियोें को नया रूप और पोषण मिलता है. नतीजतन सैक्स उत्तेजना बढ़ जाती है.

मसाज करने के टिप्स

ऐसा स्थान चुनें जो रोमांच पैदा कर दे: एकदूसरे से रोमांस करने के लिए आप को सब से पहले एक मुलायम बेड की जरूरत तो होगी ही, लेकिन मसाज करने के लिए जगह फार्म हाउस या कोई फ्लैट ऐसा हो, जहां आप दोनों अकेले हों, तो और भी मजा आ जाएगा. इस के साथ ही अगर आप चाहें तो जमीन पर मैट्स को कई तहों में बिछा कर उस पर अपने पार्टनर को लिटा कर उस के गले, कुहनी व घुटनों के नीचे तकिए रख कर मसाज कर सकते हैं. 

सुगंधित तेल का प्रयोग: आप जब अपने हलके और गरम हाथों से पार्टनर के शरीर पर तेल लगाते हैं, तो यह उस के लिए बिलकुल नया अनुभव होता है. तेल आप के हाथों व पार्टनर के बीच घर्षण पैदा कर देता है. आप अपने पार्टनर के थके शरीर व खिंचे मसल्स को रिलैक्स कर देते हैं. मसाज के लिए नारियल, जैतून, तिल के तेल के साथसाथ अन्य सुगंधित तेलों का इस्तेमाल कर सकते हैं. यदि सुगंधित तेल इस्तेमाल करते हैं, तो यह सैक्सुअल पावर को और भी अधिक बढ़ा देता है. 

शांतिपूर्ण माहौल की व्यवस्था: आप अपने पार्टनर के सामने खुले बाल ले कर व झीनी नाइटी पहन कर न जाएं, बल्कि अपने बालों को कस कर बांध लें व टाइट फिटिंग डै्रस पहन कर जाएं. साथ ही, कमरे का वातावरण ऐसा बना दें कि वहां पूरी शांति मिल सके. इस के अलावा आप कम आवाज में संगीत चलाना चाहें तो चला सकती हैं.

शरीर का कोई हिस्सा चुन लें: आप को मसाज करते समय शरीर का कोई हिस्सा या पौइंट चुन लेना चाहिए, जिस से आप उस पर ही ध्यान दे सकें. आप साथी से पूछ कर भी जान सकते हैं कि वह कहां मसाज करवाना पसंद करेगा. इस के बाद मसाज करें.

मूवमैंट के बारे में जान लें: अच्छी मसाज के लिए जरूरी है कि आप को अपनी हथेलियों के मूवमैंट की सही जानकारी हो. इस के लिए आप को सारी जानकारी जुटा लेनी चाहिए. 

फीलिंग्स को समझें: मसाज करते समय आप को अपना ध्यान इस बात पर भी रखना चाहिए कि आप का पार्टनर उसे कैसे ले रहा है. सैक्स में टच यानी स्पर्श खास रोल अदा करता है. आप के छूने भर से साथी के दिलोदिमाग में सिहरन पैदा हो जाती है. धीरेधीरे सहलाने और स्पर्श करते रहने से प्यार के साथसाथ सैक्स की इच्छा भी बढ़ती जाती है. कभीकभी यह स्थिति आप को औरगेज्म तक भी पहुंचा देती है.

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टमाटर के बढ़ते दाम पर राखी सावंत का मजेदार कमेंट, जानें क्या बोलीं

बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन एक बार फिर सुर्खियों में है इस बार उनकी सुर्खियों में आने की वजह उनका बयान है जिससे लेकर वह इन दिनों चर्चा में बनी हुई है इतना ही नही, राखी ने टमाटर के बढते के दामों पर भी चुटकी ली है और बताया है कि वह अब घर पर टमाटर के पौधे उगाएंगी.

 

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आपको बता दें, कि राखी सावंत ने अपने बयान में कहा कि आप सबको मिलकर राखी स्वयंवर पार्ट 2 शुरु करवाना है कौन राखी सावंत के बच्चों का पिता बनना चाहेगा? मैं मां बनना चाहती हूं और अब मैं ऐसा पार्टनर तलाश कर रही हूं.जो मेरे बच्चों का पिता बनना चाहे. तो चलो एक नया कान्टेस्ट शुरु करते है. इन सब बातों के अलावा राखी ने टमाटर के दामों पर चुटकी ली है.

 

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राखी सावंत ने टमाटर के बढ़ते दामो पर चुटकी लेते हुए कहा कि जिस तरह टमाटर के दाम बढ़ रहे है उससे देखते हुए मैं अपने घर पर टमाटर का पौधा लगाऊंगी और उसी के टमाटर तोड़कर खाऊंगी.बता दें, वायरल हो रहे वीडियो में राखी सावंत एक फोटोग्राफर से कहती हुई नजर आ रही है कि रोज आकर मेरा टमाटर का पौधा चेक करते रहना कि कितने टमाटर उगे है. बाद में एक मीडिया पर्सन ने चुटकी लेते हुए कहा कि- आप टमाटर बेच मत देना.

लंकी सिंह को लेकर भी बोली राखी

मीडिया ने राखी से लंकी सिंह के बारे में भी बातचीत की है. उनसे कई सवाल किए गए. लेकिन राखी सावंत ने कहा कि आप मुझसे लंकी सिंह के बारे में ना पूछे. वह मीडिया में नही आना चाहते है. वह बहुत अच्छे इंसान है. वह अपनी पर्सनल लाइफ को पर्सनल ही रखना चाहते है. इसलिए अब मैं लंकी सिंह के बारे में और बात नहीं करना चाहूंगी.बता दें, कि राखी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो और लकी एक-दूसरे के काफी क्लोज है.

भोजपुरी: मनोज तिवारी ने लगाया रवि किशन पर इल्जाम, फिल्म का रखा था अश्लील नाम

भोजपुरी फिल्मों के सितारे मनोज तिवारी और रवि किशन एक बार फिर चर्चा में है. मनोज तिवारी ने दोनों के बारें में मीडिया से खुलकर बात की है. उन्होने खुद को और रवि किशन को भोजपुरी इंडस्ट्री का सलमान खान और शाहरुख खान बताया है. इतना ही नही, ये भी बताया कि दोनों के बीच अब कोई रंजीश नहीं है.हालांकि मनोज तिवारी ने रवि किशन पर फिल्म का अश्लील नाम रखने का आरोप लगाया है. कि उन्हे कैसे फिल्म का नाम रखने के लिए मजबूर किया गया.

 

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आपको बता दें, कि मनोज तिवारी से आपकी अदालत में रजत शर्मा ने ये आरोप लगाया कि फिल्म का नाम अश्लील रखा गया है तो मनोज तिवारी ने कहा कि इसका जवाब आप रवि किशन जी से मांगना. अब क्या बालूं, कुछ बोलूंगा तो बवाल हो जाएगा.मैं इस नाम के पक्ष में नहीं था.बता दें, कि फिल्म का नाम रखा था, ‘एक चुम्मा दे दो राजा’ . जिसका इल्जाम मनोज तिवारी, रवि किशन पर लगाया है. ये फिल्म भाग्यश्री ने बनाई थी.बता दें, उनकी इस फिल्म में दो मुख्य किरदार थे.एक गांव का किरदार था और एक मुंबई के दूधवाला का किरदार था.रवि किशन ने दूध वाले की भूमिका निभाई थी. फिल्म तो पूरी अच्छी साबित हुई. लेकिन लास्ट में लड़की कहती है कि ‘अगर आप परेशान है तो मेरे गालों पर किस दे दो’.

 

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मनोज तिवारी ने आगे कहा कि, इस डायलोग पर पूरी फिल्म का नाम रख दिया. जबकि मैने मना कर दिया था. कि ये नाम सही नहीं है. भाग्यश्री को समझ आ गया था. मैने उनसे कहा कि ये नाम उनकी छवी के अनुरूप नहीं है.क्योकि उन्होने स्क्रीन पर साफ-सुथरे किरदार निभाएं. लेकिन रवि नहीं माने. उन्होने कहा कि यही चलता है और देखिए जैसा कि अनुमान लगाया था फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया.

लड़का हो या लड़की, जरूरी है Sex की जानकारी

गांव हो या शहर लड़के और लड़कियों में सेक्स की जानकारियां बेहद कम होती है. जो भी जानकारियां होती भी है वह बेहद सतही होती है. इसकी वजह यह है कि पढने लिखने की जगह सोशल मीडिया से यह जानकारियां मिलती है. जो भ्रामक होती है. सोशल मीडिया के अलावा पोर्न फिल्मों से सेक्स की जानकारियां मिलती है. यह दोनो ही पूरी तरह से गलत होती है. कई बार लडकियों को पता ही नहीं होता है और गर्भवती हो जाती है. बात केवल लडकियों में नासमझी की नहीं होती लडकों को भी सेक्स की पूरी जानकारी नहीं होती है.

स्त्री रोगो की जानकार डाक्टर रमा श्रीवास्तव कहती है ‘बहुत सारी घटनाये हम लोगो के सामने आती है. जिनमें लड़की को पता ही नही चलता है कि उसे साथ क्या हो गया है. इसीलिये इस बात की जरूरत है कि किशोर उम्र में ही लड़की सेक्स शिक्षा दी जाय. घर में मां और स्कूल में टीचर ही यह काम सरलता से कर सकती है. मां और टीचर को पता होना चाहिये कि बच्चो को सेक्स की क्या और कितनी शिक्षा देनी चाहिये. इसके लिये मां को खुद भी जानकारी रखनी चाहिये.

गर्भ निरोधक की जानकारी हो:

डाक्टर रमा श्रीवास्तव का कहना है ‘जिस तरह की बाते सामने आ रही है उनसे पता चलता है कि कम उम्र में लडकियो के साथ होने वाला शारीरिक शोशण उनके रिश्तेदारो या फिर घनिष्ठ दोस्तो के द्वारा किया जाता है. इसलिये जरूरी है कि लड़की को यह 10 से 12 साल के बीच यह बता दिया जाय कि सेक्स क्या होता है और यह बहलाफुसला कर किस तरह किया जा सकता है.  लड़कियांे को बताया जाना चाहिये कि वह किसी के साथ एंकात में न जाय. अगर भी इस तरह की कोई घटना हो जाती है तो लड़की को यह बता दे कि मां को अपनी बात बता दे ताकि मां उसकी मदद कर से.

शारीरिक संबंधो से यौन रोग हो सकते है. इनका स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड सकता है.  इन बीमारियो में एडस जैसी जानलेवा बीमारियां भी शामिल है. जिनऽका इलाज तक नही है.  इसी तरह स्कूल में टीचर को चाहिये कि वह लडकियो को बताये कि गर्भनिरोधक गोलियां क्या होती है ? इनऽका उपयोग क्यो किया जाता है. बहुत सारी लडकियों के साथ बलात्कार जैसी घटना हो जाती है तो वह या तो मां बन जाती है या फिर आत्महत्या कर लेती है. ऐसी लडकियो को इस बात की जानकारी दी जानी चाहिये कि अब इस तरह की गोली भी आती है जिसके खाने से अनचाहे गर्भ ऽको रोका जा सकता है. मार्निग आफ्टर पिल्स नाम से यह दवा की दुकानो पर मिलती है.

अस्पतालों में मिले मुफ्त:

डाक्टर रमा श्रीवास्तव का कहना है कि प्राइवेट अस्पतालो में महिला डाक्टरो को एक दिन कुछ घण्टे ऐसे रखने चाहिये जिसऽके दौरान किशोरियो की परेशानियो को हल किया जा सके. यहां पर परिवार नियोजन की बात होनी चाहिये. स्कूलो को भी समय समय पर डाक्टरो को साथ लेकर ऐसी चर्चा करानी चाहिये. जिससे छात्र और टीचर दोनो को सही जानकारी मिल सके.

किशोर उम्र में सबसे बडी परेशानी लडकियो में माहवारी को लेकर होती है. आमतौर पर माहवारी आने की उम्र 12 साल से 15 साल केे बीच की होती है. अगर इस बीच में माहवारी न आये तो डाक्टर से मिल कर पता करना चाहिये कि ऐसा क्यो हो रहा है. डाक्टर रमा का कहना है कि माहवारी में देरी का कारण खानपान में मी पारिवारिकऽइतिहास जैसे मां और बहन को अगर माहवारी देर से आयी होगी तो उसके साथ भी देरी हो सकती है. इसके अलावा कुछ बीमारियो  चलते भी ऐसा होता है. इन बीमारियो में गर्भाशय का न होना, उसका छोटा होना, अण्डाशय में कमी हो, क्षय रोग और एनीमिया के कारण भी देरी हो सकती है. डाक्टर के पास जाकर ही पता चल सकता है कि सही कारण क्या है.

यह बात भी ध्यान देने केे योग्य है किऽभीऽभी लड़की उस समय भी गर्भधारण कर लेती है जब उसऽके माहवारी नही होती है. डाक्टर रमा कहती है ऐसा तब होता है जब लड़की को शरीर गर्भ धारण के योग्य हो जाता है लेकिन माहवारी किसी कारण से नही आती है. यह नही सोचना चाहिये कि जब तक माहवारी नही होगी गर्भ नही ठहर सकता है.

माहवारी में रखे ख्याल:

माहवारी में दूसरी तरह की परेशानी भी आती है. कभी कभी यह समय से शुरू तो हो जाता है लेकिन बीच में एक दो माह का गैप भी हो जाता है. शुरूआत में यह नार्मल होता है लेकिन अगर यह परेशानी बारबार हो तो डाक्टर से मिलना जरूरी हो जाता है. कभी कभी माहवारी का समय तो ठीक होता है लेकिन यह ज्यादा मात्रा में होता है. अगर ध्यान न दिया जाय तो लड़की का हीमोग्लोबिन कम हो जाता है और उसका विकास कम हो जाता है.

डाक्टर रमा कहती है परेशानी की बात यह है किऽकुछ लोग अपनी लडकियो को डाक्टर के पास लाने से घबराती है उनका मानना होता है कि अविवाहित लड़की की जांच कराने से उसके अंग को नुकसान हो सकता है. जिससे पति उस पर शक कर सकता है. ऐसे लोगो को पता होना चाहिये की अब ऐसा नही है. अल्ट्रसाउण्ड और दूसरे तरीको से जांच बिना किसी नुकसान के हो सकती है.

जानकारियां जो दी जानी चाहिये:

  • वैक्सिन द्वारा बचाव – रूबैला, चिकन पाक्स, टिटनेस, हैपिटाइटस और पोलियो के टीके स्कूल समय में लगने चाहिये.
  • युवा उम्र में खाना ऐसा होना चाहिये जो ज्यादा से ज्यादा पौष्टिक हो. इस उम्र में शरीर का विकास होता है इसके लिये पौष्टिक खाना जरूरी होता है.
  • लड़के और लडकियों को गर्भ से बचाव के तरीके बताये जाने चाहिये. जिससे उनको गर्भपात की परेषानियों से निपटना ना पडे.
  • एनीमिया और माहवारी में ज्यादा रक्तस्त्राव होना खतरनाक होता है. इसको छिपाया नही जाना चाहिये.
  • लड़के लडकियों दोनो में त्वचा सबंधी बीमारियां भी हो सकती है. इनमें मुंहासे निकलना सबसे प्रमुख समस्या होती है.
  • पढाई का बोझ और नयेनये दोस्त बनने से कुछ मनोवैज्ञानिक परेशानियां भी हो सकती है.  इस उम्र में पढाई, कैरियर और प्रेम संबंधों को लेकर तनाव को संभालने के लिये काउंसलर से सलाह लेनी जरूरी हो जाती है.
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