‘प्रोजेक्ट के’ का पोस्टर हुआ रिलीज, लोगों ने प्रभास को कहा- सस्ता आयरमैन

इन दिनों एक से बढ़कर एक फिल्म रिलीज हो रही है जिन्हे लेकर लोग जमकर कमेंट करते नजर आ रहे है अब हाल ही में बुधवार को फिल्म ‘प्रोजक्ट के’ का पोस्टर रिलीज किया गया. जिसमे फिल्म के लीड एक्टर प्रभास का फर्स्ट लुक सामने आया है. जिसे लेकर सोशल मीडिया पर जमकर मजाक बनाया जा रहा है तो वही कुछ लोग पोस्टर की तारीफ करते दिख रहे है.

आपको बता दें, कि प्रोजेक्ट के का पोस्टर सामने आते ही लोगों ने कमेंट की बौछार लगा दी. कोई फर्स्ट लुक देखकर पोस्टर की तारीफ करता दिख रहा है तो कई उसका मजाक बनाते दिख रहे है दरअसल, पोस्टर में प्रभास आयर मैन की तरह पोज देते दिख रहे है इसलिए लोगों ने उन्हे सस्ता आयरन मैन कहना शुरु कर दिया है यहां तक कि लोगों ने कहा कि ये भारतीय सिनेमा का आयरमैन है. ट्विटर पर लोगों ने प्रभास के पोस्टर और रॉबर्ट डाउनी जूनियर के ‘आयरन मैन 3’ पोस्टर के बीच तुलना करना शुरू कर दिया.

नाग अश्विन के डायरेक्शन में बनी साइंस-फिक्शन ‘प्रोजेक्ट के’ फिल्म में दीपिका पादुकोण, अमिताभ बच्चन, कमल हासन और दिशा पटानी भी हैं. फिल्म के प्रोडक्शन हाउस ने फर्स्ट लुक पोस्टर को कैप्शन दिया, ‘हीरो उठता है. अब से, गेम बदल जाता है. यह प्रोजेक्ट के से रिबेल स्टार प्रभास हैं.’ प्रभास और दीपिका 20 जुलाई को सैन डिएगो कॉमिक-कॉन (एसडीसीसी) के पहले दिन फिल्म के आधिकारिक टाइटल, ट्रेलर और रिलीज की तारीख की घोषणा करेंगे.

राज कुंद्रा पोर्नोग्राफी केस पर बनेगी फिल्म, पत्नी Shilpa संग खुद करेंगे लीड रोल

शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा इन दिनों सुर्खियों में है, उनके चर्चा में आने की वजह उनकी आने वाली फिल्म है जी हां, राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी को लेकर एक फिल्म बनाई जा रही है जो कि राज कुंद्रा के पोर्नोग्राफी केस को लेकर बनाई जा रही है जब राज कुंद्रा ने ऑर्थर रोड जेल में 60 दिन से अधिक समय बिताया था. उसी जर्नी को लेकर फिल्म बनाई जा रही है खास बात ये है कि इस फिल्म राज कुंद्रा खुद डेब्यू करेंगे और लीड रोल में नजर आएंगे.

रिपोर्टस के मुताबिक, ‘फिल्म में राज कुंद्रा द्वारा ऑर्थर रोड जेल में बिताए गए वक्त के बारे में दिखाया जाएगा. फिलहाल इस फिल्म के निर्देशक के नाम का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन राज कुंद्रा प्रोडक्शन से लेकर स्क्रिप्ट तक हर पहलू में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं. फिल्म में राज कुन्द्रा पर लगे आरोपों को लेकर पहली मीडिया रिपोर्टिंग से लेकर जेल में वक्त बिताने और फिर उन्हें जमानत मिलने तक पूरी यात्रा को शामिल किया जाएगा. फिल्म की कहानी का फोकस ज्यादातर राज कुंद्रा और उनकी फैमिली पर होगा’.

 

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गौरतलब है कि राज कुंद्रा के खिलाफ पोर्नोग्राफी मामले में अदालत में चल रहा केस सबसे विवादित मुद्दों में से एक है. राज कुंद्रा पर फ़रवरी 2021 में पोर्न फ़िल्में बनाने और उन्हें बेचने के आरोप लगा था. गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की मांग की थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली थी. जुलाई 2021 में मुंबई पुलिस ने उन्हें अरेस्ट किया था और वे लगभग 2 महीने ऑर्थर रोड जेल में रहे थे। सितम्बर 2021 में उन्हें जमानत मिली थी और वे जेल से बाहर आए थे.

मैं 50 साल की ब्याहता औरत हूं, मेरे पति सेक्स करने से बाज नहीं आते है, मैं ये समस्या अपनी 23 साल की बेटी को बता सकती हूं?

सवाल

मैं 50 साल की एक ब्याहता औरत हूं और 2 बच्चों की मां भी. अब मेरी माहवारी बंद हो गई है और मन चिड़चिड़ा रहता है. पर मेरे पति रात को बिस्तरबाजी करने से बाज नहीं आते हैं. वे मुझे आज भी 20 साल की लड़की समझ कर टूट पड़ते हैं और मेरे मन के दर्द को समझ नहीं पाते हैं.

मेरी बड़ी बेटी 23 साल की है. क्या मैं उसे कहूं कि वह इस समस्या का कोई हल बताए या इशारोंइशारों में अपने पिता को समझाए कि वे मां के मन को टटोल कर ही प्यार करें. क्या यह करना सही होगा, क्योंकि मेरे पति मेरी तो सुनते ही नहीं हैं?

जवाब

-माहवारी बंद होते समय औरतों में चिड़चिदपर होना आम बात है, जिसे मर्द नहीं समझ पाते हैं. उन्हें तो सैक्स चाहिए रहता है फिर पत्नी की इच्छा हो न हो, इस से उन्हें कोई फर्क नही पड़ता. लेकिन एक लिहाज से यह अच्छी बात भी है कि अभी भी आप के पति आप को 20 साल की लडकी समझ कर टूट पड़ते हैं. आप भी 20 साल की लडकी की तरह पेश आते हुए बिस्तरबाजी का मजा लें. सेहत के लिए डाक्टर से सलाह लें. कुछ दिनों में सब ठीक हो जाएगा. जब तक कोई बड़ी परेशानी न हो, बेटियों को बीच में न लाएं.

अब चाय करेंगी वजन कम, बस बदलना होगा पीने का तरीका

सुबह-सुबह की चाय तो सबको पसंद होती है चाय पीने का शौक भी बहुत लोगों को होता है. ऐसे में चाय कितनी फायदेमंद है ये हम आज आपको बताएंगे, कि चाय अपना वजन कम कर सकता है. चाय से आप किसी भी तरह अपना वजन कम कर सकते है इसके लिए बस आपको चाय पीने का तरीका और बनाने के तरीके में बदलाव लाना होगा. जिससे आप अपने आपको फिट बना सकते है.

1. खाने पर कंट्रोल

वजन घटाने के लिए सबसे जरूरी होता है खाने-पीने की चीजों पर खुद का कंट्रोल. ज्यादा चाय पीने से आपके शरीर में कैफीन और उसमें पाए जाने वाले अनहेल्दी चीजें जो आपके स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव डालता है. हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो प्रतिदिन दो कप से ज्यादा चाय नहीं पीनी चाहिए.

2. चाय और खाने में रखें समय

खाना खाने के तुरंत बाद या पहले चाय का सेवन नहीं करना चाहिए. इससे खाना के पचने और अवशोषण में बाधा होती है. चाय खाना खाने से 30 मिनट पहले या बाद में पीना चाहिए.

3. सोने से ठीक पहले न पीये चाय

अगर आपकों सोने से ठीक पहले चाय पीने की आदत है तो ऐसा न करें इससे पाचन क्रिया में गड़बड़ होती है और खाना सही से नहीं पचता है. वजन कम करने के लिए भरपूर नींद आवश्यक है. सही नींद लेने से हार्मोन सही रहता है और हेल्थ भी सही रहता है. अच्छी नींद के लिए सोने से 2 घंटे पहले ही चाय पी लेना चाहिए.

सुखदायक सेक्स से पहले जरूर जान लें ये बातें

अकसर प्रेमीप्रेमिका सेक्स को सुखदायक मानते हैं, लेकिन कई बार सहवास ऐंजौय के साथसाथ कई समस्याओं को भी सामने लाता है. अनुभव के आधार पर इन को दूर कर प्रेमीप्रेमिका सेक्स का सुख उठाते हैं.

1. शरारती बनें

सेक्स को मानसिक व शारीरिक रूप से ऐंजौय करने के लिए प्रेमीप्रेमिका को शरारती बनना चाहिए. उत्साह, जोश, तनावमुक्त, हंसमुख, जिंदादिल, शरारती प्रेमीप्रेमिका ही सेक्स को संपूर्ण रूप से भोगते हैं.

2. आत्मविश्वास की कमी न हो

कई बार आत्मविश्वास की कमी हो जाती है. प्रेमी सेक्स के समय उतावलेपन के शिकार हो कर सेक्स के सुखदायक एहसास से वंचित रह जाते हैं.

सेक्स संबंध बनाते समय प्रेमीप्रेमिका के मन में यदि पौजिटिव सोच होगी, तभी दोनों पूर्ण रूप से संतुष्ट हो पाएंगे और सेक्स में कभी कमजोर नहीं पड़ेंगे.

3. पोर्न फिल्मों से प्रेरित न हों

प्रेमीप्रेमिका अकसर पोर्न फिल्में देख कर, किताबें पढ़ कर सेक्स में हर पल लिप्त रहने की कोशिश करते हैं. अत्यधिक मानसिक कामोत्तेजना की स्थिति में शीघ्रपतन व तनाव में कमी हो जाती है.

4. सेक्स में जल्दबाजी

कई बार सेक्स में प्रेमीप्रेमिका जल्दबाजी कर जाते हैं. शराब पी कर सेक्स करना चाहते हैं जोकि ठीक नहीं है. हमेशा मादक पदार्थों से दूर रहें. सेक्स के दौरान प्रेमिका ही मादकता का काम करती है.

5. बढ़ाएं शारीरिक आकर्षण

सहवास के लिए प्रेमी का शारीरिक आकर्षण, स्मार्टनैस, सैक्सी लुक, साफसफाई काफी महत्त्वपूर्ण है. पुरुषोचित्त गुण के साथसाथ गठीले बदन वाले चतुर सुरुचिपूर्ण वस्त्र, रसिक स्वभाव के प्रेमी ही सेक्स में सफल होते हैं.

6. रोमांटिक स्वभाव रखें

प्रेमिका सहवास के दौरान चाहती है कि उस का प्रेमी रोमांस व ताजगी द्वारा उसे कामोत्तेजित करे. अत: रोमांस की बातें कर सेक्स को सुखदायक बनाएं.

7. जब सेक्स का मौका मिले

प्रेमीप्रेमिका अकसर सेक्स के लिए मौके की तलाश में रहते हैं. जैसे ही उन्हें मौका मिलता है, वे एकदूसरे में समाने के लिए बेताब हो जाते हैं, लेकिन इस दौरान कई बार ऐसे अचानक किसी का दरवाजा खटखटाना व फोन की घंटी बज जाती है. ऐसी बाधाओं को दूर कर सहवास को मानसिक व शारीरिक रूप से सुखदायक बनाएं.

दर्द में डूबी जिंदगी, न प्यार मिला न पति

21 अक्तूबर, 2016 की रात साढ़े 10 बजे के करीब अभिनव पांडेय ससुराल पहुंचा तो नशा अधिक होने की वजह से उस के कदम डगमगा रहे थे. पति की हालत देख कर नेहा का पारा चढ़ गया. ससुर घनश्याम शुक्ला को भी दामाद की यह हरकत अच्छी नहीं लगी, इसलिए वह उठ कर दूसरे कमरे में चले गए. अभिनव ने नेहा से साथ चलने को कहा तो उस ने उस के साथ जाने से मना कर दिया. अभिनव नशे में तो था ही, उसे भी तैश आ गया. गुस्से में वह नेहा से मारपीट करने लगा. पहले तो घनश्याम शुक्ला ने बेटी को बचाने का प्रयास किया, लेकिन जब वह उसे नहीं छुड़ा पाए तो उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर के घटना की सूचना दे दी.

थोड़ी ही देर में मोटरसाइकिल से 2 पुलिस वाले उन के घर आ गए और पत्नी के साथ मारपीट करने के आरोप में अभिनव को हिरासत में ले लिया. अभिनव को पता था कि उस के ससुर घनश्याम शुक्ला ने फोन कर के पुलिस वालों को बुलाया है. वह वैसे भी दुखी और परेशान था, क्योंकि उन्हीं की वजह से नेहा ससुराल नहीं जा रही थी. पुलिस को देख कर उस का गुस्सा और बढ़ गया. उस ने आगेपीछे की चिंता किए बगैर अपना लाइसेंसी रिवौल्वर निकाला और पुलिस के सामने ही घनश्याम शुक्ला के सीने में 2 गोलियां उतार दीं. गोली लगते ही घनश्याम शुक्ला जमीन पर गिर पड़े. उन्हें अस्पताल ले जाया जाता, उस के पहले ही उन की मौत हो गई.

इस के बाद अभिनव नेहा की ओर बढ़ा, लेकिन तब तक पुलिस वालों ने उसे पकड़ कर उस का रिवौल्वर कब्जे में ले लिया था. कंट्रोल रूम की सूचना पर आए सिपाहियों ने घटना की सूचना थाना कैंट के थानाप्रभारी बृजेश कुमार वर्मा को दी तो थोड़ी ही देर में वह भी सहयोगियों के साथ घटनास्थल पर आ पहुंचे. अभिनव को गिरफ्तार कर लिया गया था. थाने आ कर थाना कैंट पुलिस ने नेहा की तहरीर पर घनश्याम शुक्ला की हत्या का मुकदमा दर्ज कर के अभिनव को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. अभिनव द्वारा दिए गए बयान एवं नेहा ने पुलिस को अपनी जो आपबीती सुनाई, उस के अनुसार नेहा की जो दर्दभरी कहानी सामने आई, वह सचमुच द्रवित करने वाली थी.

37 वर्षीया नेहा उत्तर प्रदेश के जिला गोरखपुर के थाना कैंट के रहने वाले घनश्याम शुक्ला की दूसरे नंबर की बेटी थी. जनरल कंसल्टेंट का काम करने वाले घनश्याम शुक्ला की पत्नी कुसुम शुक्ला भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की एजेंट थीं. शहर में घनश्याम शुक्ला की गिनती रईसों में होती थी. पतिपत्नी खुले विचारों के थे, शायद इसी का असर था कि उन की बड़ी बेटी नम्रता ने रुस्तमपुर निवासी विष्णु तिवारी से प्रेम विवाह कर लिया था. विष्णु तिवारी उन्हीं की जाति का था, इसलिए शुक्ला दंपति ने इस रिश्ते को स्वीकार कर बेटीदामाद को आशीर्वाद दे दिया था.

उस समय नेहा 8वीं में पढ़ रही थी. लेकिन जब उस ने जवानी की दहलीज पर कदम रखा तो उस के जीजा विष्णु तिवारी का दिल उस पर आ गया. जीजासाली का रिश्ता तो वैसे भी हंसीमजाक का होता है, इसलिए विष्णु तिवारी इस रिश्ते का फायदा उठाते हुए नेहा से हंसीमजाक के बहाने छेड़छाड़ करने लगा.

जीजा के मन में क्या है, उस की हरकतों से नेहा को जल्दी ही इस का अंदाजा हो गया. जीजा की नीयत का अंदाजा होते ही वह होशियार हो गई. विष्णु तिवारी ने पहले तो राजीखुशी से नेहा को अपनी बनाने की कोशिश की, लेकिन जब उस ने देखा कि नेहा राजीखुशी से उस के वश में आने वाली नहीं है तो नेहा को घर में अकेली पा कर उस ने जबरदस्ती करने की भी कोशिश की. लेकिन नेहा ने जीजा को अपने मकसद में कामयाब नहीं होने दिया. उस ने खुद को किसी तरह बचा लिया.

विष्णु तिवारी की हरकतों से परेशान हो कर नेहा ने आत्महत्या करने की कोशिश की. क्योंकि वह जानती थी कि उस की बातों पर घर में कोई विश्वास नहीं करेगा. नेहा फांसी का फंदा गले में डाल पाती, संयोग से कुसुम आ गईं और उन्होंने उसे बचा कर आश्वासन दिया कि वह विष्णु तिवारी को रोकेगी. पर शायद उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, क्योंकि इस के बाद भी वह नेहा से पहले की ही तरह छेड़छाड़ करता रहा.

तंग आ कर नेहा ने जीजा की शिकायत बहन से कर दी. लेकिन बहन ने भी पति को कुछ कहने के बजाय उसे ही डांटा और भविष्य में पति के चरित्र पर कीचड़ न उछालने की हिदायत भी दी. इस के बाद नेहा विष्णु तिवारी से बच कर रहने लगी.

जिन दिनों नेहा बीए कर रही थी, उन्हीं दिनों उस की मुलाकात विष्णु तिवारी के भांजे अभिनव पांडेय उर्फ बोंटी से हुई. दोनों एकदूसरे को दिल दे बैठे. अभिनव नेहा के घर भी आनेजाने लगा. उसे नेहा के घर आनेजाने में कोई दिक्कत न हो, इस के लिए उस ने नेहा के भाई कपिल उर्फ मोहित से दोस्ती कर ली.

अभिनव पांडेय उर्फ बोंटी कैंट थाना के बेतियाहाता मोहल्ले में अपनी मां और छोटे भाई उत्कर्ष के साथ रहता था. विष्णु तिवारी के रिश्ते से अभिनव नेहा का भांजा लगता था, लेकिन प्यार रिश्तेनाते कहां देखता है. बोंटी भी रिश्तेनाते भूल कर नेहा के प्रेम में डूब गया था.

अभिनव नेहा से शादी करना चाहता था, लेकिन इस के लिए नेहा के मातापिता से बात करना जरूरी था. उसे लगा कि अगर वह मामा से कहे तो शायद बात बन जाए. उस ने नेहा से अपने प्रेम की बात बता कर विष्णु तिवारी से मदद मांगी तो मदद करने के बजाय वह भड़क उठा. उस ने अभिनव को हद में रहने की हिदायत दी.

पर अभिनव ने तो नेहा से प्रेम किया था, इसलिए मामा की धमकी की चिंता किए बगैर अपने प्रेम के बारे में मां को बता कर उन्हें नेहा का हाथ मांगने के लिए उस के घर जाने को कहा. अभिनव की मां नेहा का रिश्ता मांगने घनश्याम शुक्ला के घर जातीं, उस के पहले ही विष्णु तिवारी ने सासससुर से अभिनव और नेहा के प्रेम के बारे में नमकमिर्च लगा कर बता कर उन्हें भड़का दिया.

इस का नतीजा यह निकला कि अभिनव की मां नेहा का रिश्ता मांगने आईं तो कुसुम ने उन्हें जलील कर के खाली हाथ लौटा दिया. इस की एक वजह यह भी थी कि कुसुम ने नेहा के लिए एलआईसी के मुंबई के एग्जीक्यूटिव डाइरेक्टर राधेमोहन पांडेय के बेटे मनीष कुमार पांडेय को पसंद कर रखा था.

मनीष लखनऊ सचिवालय में दलाली कर के अच्छी कमाई कर रहा था. कुसुम ने जल्दी से मनीष से नेहा का विवाह कर दिया. नेहा मनीष की दुलहन बन कर ससुराल चली गई. ससुराल में कुछ दिनों तक तो सब ठीक रहा, लेकिन कुछ दिनों बाद ससुराल वालों की असलियत सामने आ गई. वे मायके से दहेज लाने के लिए नेहा को परेशान करने लगे.

नेहा को परेशान करने की एक वजह यह भी थी कि विष्णु तिवारी ने नेहा से बदला लेने के लिए अभिनव से उस के संबंधों की बात मनीष को बता दी थी. इस के अलावा अभिनव नेहा की ससुराल फोन कर के उस से बातचीत किया करता था. नेहा को परेशान करने वाली बात घनश्याम और कुसुम को पता चली तो लखनऊ जा कर वे उसे गोरखपुर ले आए.

मायके में ही नेहा ने बेटी को जन्म दिया, जिस का नाम मौलि रखा गया. मौलि के पैदा होने की सूचना घनश्याम शुक्ला ने नेहा की ससुराल वालों को भी दी थी, लेकिन वहां से कोई नहीं आया था. धीरेधीरे एक साल बीत गया. जब ससुराल से नेहा को लेने कोई नहीं आया तो अगस्त, 2004 में उस ने गोरखपुर के महिला थाना में भादंवि की धाराओं 498ए, 323, 342, 313 व 3/4 के तहत ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया.

संकट की इस घड़ी में अभिनव ने नेहा का हर तरह से साथ दिया. परिणामस्वरूप उन का प्यार एक बार फिर से जाग उठा. इस की जानकारी विष्णु तिवारी को हुई तो वह ईर्ष्या की आग में जल उठा. उस ने साली का साथ देने के बजाय मनीष का साथ दिया और नेहा पर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव डालने लगा. इस की एक वजह यह भी थी कि वह मनीष के साथ मिल कर ठेकेदारी करने लगा था.

चूंकि अभिनव हर तरह से नेहा का साथ दे रहा था, इसलिए 25 नवंबर, 2005 को उसे सबक सिखाने के लिए विष्णु तिवारी कुछ लोगों के साथ उस के घर जा पहुंचा. संयोग से उस समय अभिनव घर पर नहीं था. बाद में उस ने विष्णु तिवारी के खिलाफ थाना कैंट में भादंवि की धारा 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कराया.

अभिनव द्वारा मुकदमा दर्ज कराने के बाद कुसुम नेहा से नाराज हो गईं. बेटी से नाराज होने के बाद उस की मदद करने वाले अभिनव के खिलाफ उन्होंने 16 फरवरी, 2006 को थाना कैंट में ही भादंवि की धाराओं 498ए, 506, 328, 352, 307 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया.

उन का कहना था कि 15 फरवरी को अभिनव ने जान से मारने के लिए उन पर हमला किया था. उस समय नेहा ने विष्णु तिवारी और मनीष की वजह से जहर खा लिया था, जिस की वजह से वह अस्पताल में भरती थी. दरअसल विष्णु तिवारी ने रिवौल्वर की नोक पर मनीष के सामने ही उस के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की थी. तब अपनी इज्जत बचाने के लिए उस ने घर में रखा जहर खा लिया था.

17 फरवरी, 2006 को अस्पताल में पत्रकारों के सामने अभिनव पांडेय ने ऐलान किया कि वह नेहा और उस की बेटी को अपनाने को तैयार है. इस के अगले दिन 18 फरवरी को अस्पताल में ही नेहा पर जानलेवा हमला हुआ. अगले दिन 19 फरवरी को अभिनव नेहा को एंबुलैंस से एसएसपी दीपेश जुनेजा के आवास पर ले गया, जहां उस ने उन्हें पूरी बात बताई.

इस के बाद एसएसपी के आदेश पर थाना कैंट में विष्णु तिवारी के खिलाफ भादंवि की धाराओं 147, 323, 354, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ, जिस की जांच बेतियाहाता चौकीप्रभारी मनोज पटेल को सौंपी गई. मनोज पटेल ने जांच में सारे आरोप सत्य पाए. लेकिन वह उसे गिरफ्तार कर पाते, उस के पहले ही उस ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे ले लिया.

अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद नेहा अभिनव के साथ लिवइन रिलेशन में रहने लगी. चूंकि नेहा का अभी मनीष से तलाक हुआ नहीं था, इसलिए वह अभिनव से शादी नहीं कर सकती थी. आखिर घनश्याम शुक्ला ने कोशिश कर के किसी तरह नेहा को मनीष से आजादी दिला दी.

मनीष से छुटकारा मिलने के बाद नेहा ने अभिनव पांडेय से मंदिर में शादी कर ली. नेहा को अभिनव से भी 2 बेटियां पैदा हुईं. रियल एस्टेट कंपनी में मैनेजर की नौकरी करने वाले अभिनव ने शादी के बाद नौकरी छोड़ दी और प्रौपर्टी डीलिंग का काम करने लगा. इस धंधे से उस ने खूब कमाई की, लेकिन उसी बीच वह शराब पीने लगा. नेहा को अभिनव का शराब पीना अच्छा नहीं लगता था. वह उसे रोकती तो अभिनव उस से मारपीट करता. जब अभिनव नेहा को ज्यादा परेशान करने लगा तो उस ने मांबाप से की शिकायत की. घनश्याम शुक्ला ने अभिनव को समझाया कि वह पत्नी को सलीके से रखे. ससुर की यह बात उसे काफी बुरी लगी. इस के बाद नेहा के प्रति उस का व्यवहार और खराब हो गया. दुर्भाग्य से उसी बीच नेहा की मां कुसुम की अचानक मौत हो गई. कुसुम की मौत की बाद घनश्याम शुक्ला अकेले पड़ गए. नेहा पिता को अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी, इसलिए अभिनव से बात कर के वह बच्चों को ले कर मायके चली आई. अभिनव जबतब शराब पी कर ससुराल आता और लड़ाईझगड़ा कर के नेहा से मारपीट करता. घनश्याम शुक्ला उसे समझाते, पर उस की तो आदत पड़ चुकी थी. वह भला कैसे सुधरता.

उस दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ था. लेकिन उस दिन नशे में अभिनव ने जो किया, उस की तो किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. आखिर नशे में उस ने अपना घर ही नहीं, जिंदगी भी बरबाद कर ली.

पूछताछ के बाद पुलिस ने अभिनव को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. अभिनव के जेल जाने के बाद उस के घर वाले नेहा पर मुकदमा वापस लेने का दबाव डाल रहे हैं, जिस की वजह से नेहा बच्चों को ले कर छिप कर रह रही है. कथा लिखे जाने तक अभिनव पांडेय उर्फ बोंटी की जमानत नहीं हुई थी. थाना कैंट के थानाप्रभारी इंसपेक्टर ओमहरि वाजपेयी अभिनव पांडेय के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर न्यायालय में दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं.

राजनीति में ऐसे टिकें

रा जनीति में जाने वालों के लिए सब से बड़ी दिक्कत की बात यह है कि राजनीति में कैरियर कैसे बनाएं, यह बताने वाला कोई नहीं है. इस की पढ़ाई कहीं नहीं होती. ऐसे में राजनीति में कैरियर बनाने वालों के लिए मुश्किलें ज्यादा हैं. उन को लगता है कि केवल नेताओं के पीछे घूमने से ही काम हो सकता है. ऐसा नहीं है.

राजनीति में कैरियर बनाने के लिए जरूरी है कि आप सफल नेताओं के बारे में पढ़ें, उन को सम?ों, उन गुणों को अपने अंदर पैदा करें. आप को खुद से सीखना है, यह बड़ी चुनौती है.

सब के नाम याद रखें

उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव का नाम हर किसी को पता है. गरीब परिवार में पैदा हुए, लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर राजनीति में सब से बड़ा परिवार बना लिया. एक दौर वह था कि भारत में जनता द्वारा चुने गए पदों पर सब से अधिक लोग मुलायम परिवार के थे. 40-50 साल के राजनीतिक जीवन में उन्होंने यह चमत्कार कैसे किया?

राजनीति में कैरियर बनाने वाले हर युवा को मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक यात्रा को सम?ाना और स्टडी करना चाहिए. सब से बड़ी बात कि उन के प्रबल विरोधी भी उन के कायल थे. मुलायम सिंह का सब से बड़ा गुण था कि वे बेहद सरल स्वभाव के थे. उन को अपने हर कार्यकर्ता का नाम याद रहता था. वे सभा के बीच भी किसी आम कार्यकर्ता का नाम ले कर बुलाते थे.

किसी के घर कोई अवसर होता था, सुख या दुख का, तो वे पहुंचते जरूर थे. उन के दौर में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए पैदल, साइकिल, किराए की कार जैसे साधन थे तब भी और जब सरकारी सुविधा मिली तब भी, वे एकजैसा बरताव करते थे.

कानपुर देहात के एक गांव में एक देशराज नाम का साधारण कार्यकर्ता मुलायम सिंह यादव को अपने घर कई बार बुला चुका था. वे नहीं पहुंच पाए थे. साल 2002 के आसपास की बात है.

देशराज का अपना तिलक समारोह था. उस ने मुलायम सिंह को निमंत्रणपत्र दे कर बुलाया. उसे लगा कि नेताजी आएंगे तो हैं नहीं, तो वह अपने घर कामकाज में लग गया.

सरलता सब से बड़ा गुण

जिस दिन देशराज का तिलक था, सुबह 8 बजे उस के क्षेत्र के थाने का दारोगा उस के घर पहुंचा. तब मोबाइल इतना प्रयोग में नहीं होता था. दारोगा ने कहा कि 10 बजे मुलायम सिंह का कार्यक्रम आप के घर पर है. अभी एसपी साहब का मैसेज आया है. देशराज हैरान कि कैसे इतनी जल्दी इंतजाम होगा. समारोह तो शाम का था. वह जैसेतैसे मैनेज करने लगा.

सुबह 10 बजे मुलायम सिंह यादव अपने काफिले के साथ उस के घर आ गए. वे बिना किसी उम्मीद के साथ सहज भाव से मौजूद रहे. गांव और वहां मौजूद लोगों से मिलते रहे. आज भी पूरे इलाके में इस बात की चर्चा होती है. अपने कार्यकर्ता की इज्जत तब ज्यादा होती है, जब नेता पर्सनल बरताव रखता है.

बिहार के नेता लालू प्रसाद यादव का भी ऐसा ही स्वभाव था. होली में फाग वे सब के बीच में आ कर खेलते थे. अपने कार्यकर्ता से ही मांग कर खैनी खा लेते थे. कार्यकर्ता से खैनी मांगने में कोई संकोच नहीं होता था उन्हें.

आज के दौर में तमाम नेता हैं, जो पद हासिल होते ही अपने कार्यकर्ता को सब से पहले भूल जाते हैं. ऐसे में वे कभी भी लंबी रेस की राजनीति नहीं कर पाते. नए नेताओं में तेजस्वी यादव का स्वभाव भी इसी तरह का है.

बिहार में वे अपने एक कार्यकर्ता के घर पर शादी में गए, तो वहां गाली गाने का रिवाज था. महिलाएं थोड़ा संकोच कर रही थीं. तेजस्वी को जैसे ही गानों का मजा लेते सुना, वे गाली गाने लगीं. तेजस्वी यादव ने संकोचसंकोच में ही डांस में भी साथ दिया.

कार्यकर्ता से जुड़ने के लिए यह जरूरी नहीं कि केवल पैसा खर्च हो, उस के ज्यादातर मामलों में उन के बीच जा कर उन की हंसीखुशी में हिस्सा ले कर भी जुड़ा जा सकता है.

ऐसी आदत डालें

भारतीय जनता पार्टी के संगठन मंत्री हैं नागेंद्र. अभी वे बिहार में संगठन मंत्री हैं. पहले उत्तर प्रदेश में सगठन मंत्री रहे. उन को कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच काम करना होता है. वे अपने पास एक छोटी सी नोटबुक रखते हैं, जिस में हर नेता और कार्यकर्ता का नाम व उस का ब्योरा एक पेज पर लिखा होता है. जब वे जिस क्षेत्र रहते हैं, वहां के नेता और कार्यकर्ता से बात कर उस से मिलने की कोशिश करते हैं.

जो लोग राजनीति में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, उन को इन टिप्स को ध्यान रखना चाहिए. मोबाइल के इस जमाने में डायरी रखना लोग बंद कर चुके हैं. डायरी में लिखना पड़ता है.

मनोविज्ञानी मानते हैं कि जो बातें लिखी जाती हैं, वे लंबे समय तक याद रहती हैं. ऐसे में डायरी लिखना जरूरी होता है. डायरी में अपनी रोज की गतिविधियों को लिखना चाहिए.

डायरी लिखने के साथ ही साथ राजनीति में कदम रखने वालों को पढ़ना भी चाहिए. पढ़ने से विचार बनते हैं, जिन को बोलने से सामने वाले पर असर  पड़ता है. नेता के लिए जरूरी होता है कि लोग उस के बोलने को सुनें. जैसे  प्रधानमंत्री रह चुके अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में कहा जाता है कि वे कठोर से कठोर बात भी बड़े सहज लहजे में कह जाते थे. उन के बोलने की ताकत ऐसी थी कि गंभीर बहस के बीच भी हंसी छूट जाए. इस की वजह यह थी कि वे लिखते और पढ़ते दोनों ही बहुत थे.

एक बार संसद में बहस चल रही थी. विपक्ष के नेताओं ने आवाजें करनी शुरू कर दीं. माहौल को हलका करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी बोले, ‘मेरा नाम केवल अटल नहीं है, मैं बिहारी भी हूं.’ यह सुनते ही पूरे सदन की हंसी छूट गई. माहौल बदल गया.

बड़े काम की छोटीछोटी बातें राजनीति में अगर कैरियर बनाने जा रहे हैं, तो छोटीछोटी बातें बहुत काम की हैं. जिन कार्यक्रमों में आप को बुलाया गया है, वहां तो जाएं ही, साथ ही जहां आप को कैरियर के हिसाब से बेहतर लग रहा हो, वहां जरूर जाएं. जिन नए लोगों से मिलें, उन के नाम और परिचय ले लें, जिस से आगे मेलजोल बना रहे.

कभी भी ?ागड़ा न करें. ?ागड़ा करने से फालतू का तनाव ?ोलना पड़ता है, अपने काम की जगह पर थानाकचहरी करनी पड़ती है. कई बार छोटी सी गलती कैरियर को खत्म कर सकती है.

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान इस का उदाहरण हैं. वे बोलते हैं तो ऐसा लगता है कि शायद छुरी से वार हो रहा हो. चुनाव के दौरान अधिकारियों को ले कर कहे गए ऐसे ही शब्द उन के गले में फांस बन गए.

दमदार नेताओं से अपने संबंध रखें, लेकिन एक सावधानी रखें कि उन के साथ सैल्फी या फोटो सोशल मीडिया पर न डालें. सोशल मीडिया पर डालने से विरोधी को पता चल जाता है कि आप के किस से संबंध हैं. आप का विरोध करने वाले इस का लाभ उठाने में नहीं चूकते.

अपने से छोटे कार्यकर्ता के साथ संबंध अच्छे रखें. उन का हौसला बढ़ाते रहें और समयसमय पर बिना काम के भी बैठक करते रहें. कार्यकताओं पर खर्च भी करते रहें. अगर कहीं से पैसा मिल रहा है, तो उसे बचा कर रखें. उस का इस्तेमाल राजनीति में आगे बढ़ने के लिए करें. गलत तरह से पैसा न कमाएं.

उत्तर प्रदेश के पिछले चुनाव में डाक्टर राजेश्वर सिंह और असीम अरुण पुलिस अफसर की नौकरी छोड़ कर विधायक बनने के लिए चुनाव लड़े. दोनों ही चुनाव जीत गए. असीम अरुण तो योगी सरकार में मंत्री भी बन गए. दिल्ली में आम आदमी पार्टी में वे ही विधायक बने, जो कुछ दिनों पहले तक एनजीओ चला रहे थे. इस तरह से दूसरे कैरियर में कामयाब होने के बाद भी राजनीति में कामयाब हो सकते हैं.

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Video: शो Ajooni के सेट पर हुआ हादसा, तेदूंए ने किया हमला

शो Ajooni के बारे में तो आप सभी ने सुना होगा, स्टार भारत पर प्रसारित होने वाला शो में इन दिनों कुछ ऐसा हादसा हुआ . जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे. जी हां, शो के सेट पर एक हादसा हुआ जिसमें 300 लोगों की जान सकंट में आ गई. शो के सेट में तेंदूआ पहुंच गया था. जिसने सारे शो पर अफरा-तफरी मचा दी. शो पर सभी लोग तेंदूए को देख दंग रह गए और अपनी जान बचाने लगे.

आपको बता दें, कि इस बात की जानकारी ऑल इंडिया सिने वर्कर एसोसिएशन ने एक ट्वीट के जरिए दी है. इसके साथ ही ट्वी के साथ एक वीडियो भी शेयर किया गया है, जिसमें तेंदुआ से ज़ुडी घटना का जिक्र किया गया और बताया कि तेदूंआ सेट पर आराम से घूम रहा है. ऑल इंडिया सिने वर्कर एसोसिएशन ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मुंबई के फिल्म सिटी मे अजूनी सीरियल के सेट पर तेंदुए ने आज हमला कर दिया.” वीडियो में देखा जा सकता है कि तेंदुआ बेखौफ होकर सेट पर इधर से उधर घूम रहा है, साथ ही वीडियो में देखा जा सकता है कि तेंदुए ने एक कुत्ता पर हमला करके उसे मार दिया है. सिने वर्कर्स के अध्यक्ष श्यामलाल गुप्ता ने भी एक वीडियो में इस पूरी घटना की जानकारी दी.

श्यामलाल गुप्ता ने कहा, “आज गोरेगांव फिल्म सिटी मुंबई में, अजूनी सीरियल की शूटिंग चल रही थी.सुबह 9.45 मिनट पर एक तेंदुए ने सेट पर हमला किया, उस दौरान सेट पर करीबन 300 से अधिक मजदूर और कलाकार मौजूद थे, सभी की जान खतरे में थी. सभी की जान बाल-बाल बच गई लेकिन तेंदुए ने कुत्ते को मार दिया. AICWA के अध्यक्ष ने इस मुद्दे को कई बार उठाया है.साथ ही सरकार तक पहुंचाया है और AICWA के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता की मांग पर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष श्री नाना पटोले जी ने महाराष्ट्र के पिछले विधानसभा में ये मुद्दा को उठाया था लेकिन बावजूद इसके अभी तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. तेंदुए का हमला फिल्म सिटी में लगातार हो रहा है.हर समय कई हजारों लोग सेट पर काम करते हैं पूरी फिल्म सिटी में. सभी की जान खतरे में हैं. मैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से जल्द से जल्द इस मामले में ठोस कदम उठाने की अपील करता है. लेकिन अगर ठोस कदम नहीं उठाया गया तो शूटिंग होनी कम हो जाएगी और लोग वहां आना बंद कर देंगे.”

 

BB OTT 2: एल्विश यादव ने अभिषेक के आगे खोले बड़े राज, गर्लफ्रेंड का किया जिक्र

सलमान खान को शो बिग बॉस ओटीटी 2  इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है शो में हर दिन नए ट्विस्ट देखने को मिल रहे है शो में कोई किसी का सच्चा दोस्त है तो कई जानी दुश्मन बने हुए है ऐसे में एल्विश यादव और अभिषेक मल्हान काफी अच्छे दोस्त है लोगों को इनकी दोस्ती काफी अच्छी लगती है अब इन दिनों के बीच गहरी बात हुई है जिसमें एल्विश अभिषेक से अपने दिल की सारी बातें शेयर करते हुए नजर आए है. एल्विश ने बातों-बातों में अपने गर्लफ्रेंड का भी जिक्र किया है जिससे जानना वाकई दिलचस्प है.

 

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आपको बता दें, कि अभिषेक और एल्विश एक साथ बात करने के लिए बैठे हुए थे, तभी एल्विश कहते है कि उन्हे अपनी गर्लफ्रेंड की याद आ रही है. इसपर अभिषेक पूछते है कि कितने साल का रिलेशनशिप है तो एल्विश इस पर जवाब देते हुए कहते है कि ये सब मैं यहां नही बताने वाला हूं. लेकिन बहुत सारी चीजे में गलत कर बैठा हूं. एल्विश आगे कहते है कि मैं ठीक से उसे बाय भी नही बोल पाया, ना ठीक से मिल पाया. इस बात पर अभिषेक कहते है कि बेटा रुक जा कुछ दिन तू खुद नाम भी बताएगा और कितने महीने का रिलेशनशिप है ये भी बताएगा.

 

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गर्लफ्रेंड से शादी करेंगे एल्विश यादव

एल्विश आगे कहते है कि मै बताऊंगा लेकिन सही समय आने पर. जबतक शादी नहीं हो जाती मैं कुछ नहीं बताऊंगा. शादी हो जाएगी फिर मैं सब बता दूंगा. फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर करूंगा और सारी स्टोरी भी बताऊंगा. इन सब बातों को सुनकर अभिषेक कहते है कि पूरा देवदास लग रहा है. बता दें, कि एल्विश ये सब बाते करते हुए काफी इमोशनल हो गए थे और उन्हे सच में बहुत याद आ रही है और वह उन्हे बहुत प्यार करते है. अब एल्विश की इन सब बातों के बाद लोग एल्विश की गर्लफ्रेंड के बारे में जानने के लिए बहुत एक्साइटेड है.

 

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