ट्रोल हुई एश्वर्या राय, वजन को लेकर लोगों ने उड़ाया मजाक

इन दिनों एश्वर्या राय बच्चन लॉरियल पैरिस फैशन शो को लेकर सुर्खियों में थीं कि अब हाल में उन्हें एक इवेंट में स्पॉट किया गया, जहां उनको बॉडिंग शेमिंग का सामना करना पड़ा. इतना ही नहीं, इस इवेंट में उनकी ड्रेस को लेकर भी लोगों ने तरह-तरह के कमेंट किए, जिन्हें लेकर वे ट्रोल हो रही हैं. ऐश की ये तस्वीरें आते ही सोशल मीडिया पर छा गई हैं.

 

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आपको बता दें कि मुबंई के एक इवेंट में ऐश्वर्या राय बच्चन ब्लैक कलर की ड्रेस पहने पहुंची थीं, जहां उन्होंने एक से बढ़कर एक पोज दिए. हालांकि लोगों को उनका यह लुक खास पसंद नहीं आया. सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को लेकर उनको ट्रोल किया जा रहा है. लेकिन जब एश्वर्या ने इवेंट में एंट्री ली तो उन्होंने सभी का दिल जीत लिया. उनका यह लुक आते ही सुर्खियों में छा गया.

ऐश्वर्या राय बच्चन इस तस्वीर में काफी सुंदर मेकअप किए हुए दिखाई दीं. ऐश्वर्या राय बच्चन का ये मेकअप लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच रहा है.

 

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ऐश्वर्या राय बच्चन की ये तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं लेकिन कई लोगों ने इन तस्वीरों को देखकर उनका मजाक बनाया. लोगों ने पहले उनके वजन को लेकर कमेंट किया है कि उनका वजन ज्यादा ही बढ़ गया है. दूसरा, लोगों ने उनके फैशन सेंस को लेकर कमेंट किए हैं कि वह हर जगह ब्लैक पहनती हुई नजर आती हैं और कलर क्यों नहीं पहनती हैं? इस तरह से एक्ट्रेस बुरी तरह सोशल मीडिया पर ट्रोल हुई हैं.

अक्षरा सिंह हैं भोजपुरी की मलाइका अरोड़ा, जिम का वीडियो हुआ वायरल

भोजपुरी इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह इन दिनों सुर्खियों में हैं. वे अक्सर ही अपनी वीडियो और फोटो को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं. ऐसा ही अब उनका एक दिल की धड़कन बढ़ा देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है. जी हां, अक्षरा सिंह जिम में पसीने बहाती हुई नजर आ रही हैं. लोग उनकी तुलना एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा से कर रहे हैं. अक्षरा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

 

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एक्ट्रेस अक्षरा सिंह आए दिन अपने फैंस के साथ तस्वीरें और वीडियोज शेयर करती नजर आती हैं. अक्षरा सिंह के हर पोस्ट पर लाखों लोग दिल खोलकर प्यार बरसाते हैं. इस बीच अक्षरा सिंह का एक नया वीडियो सामने आया है, जो इंटरनेट पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. अक्षरा सिंह इस क्लिप में नए अवतार में नजर आ रही हैं. फैंस उनकी यह वीडियो देखकर उनके दीवाने हुए जा रहे हैं.

एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने इंस्टाग्राम अपडेट करते हुए ये रील शेयर किया है. इस क्लिप में वे जिम में पसीने बहाती हुई नजर आ रही है. एक्ट्रेस का ये अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है. अक्षरा के इस वीडियो पर लोग जमकर कमेंट बरसा रहे हैं.

 

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जहां कई लोग अक्षरा सिंह की तारीफ कर रहे है तो वही, कुछ लोग अक्षरा को मलाइका अरोड़ा बता रहे है. लेकिन कुछ यूजर्स उन्हें ट्रोल करते भी नजर आ रहे हैं. अक्षरा सिंह की इस वीडियो ने लोगों को लिए यह साफ कर दिया है कि वे कितनी मेहनत करती हैं तभी वे अपने कैरियर में भी आगे बढ़ रही हैं.

पॉपुलर है अक्षरा सिंह

बताते चलें कि भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपने फैंस को विजुअल ट्रीट देती रहती हैं.

अक्षरा सिंह ने भोजपुरी से लेकर टीवी इंडस्ट्री तक में अपना जलवा बिखेरा हैं. पहले तो अक्षरा सिंह ने भोजपुरी फिल्मों में अपनी पहचान बनाई. फिर वे ‘बिग बॉस’ ओटीटी में नजर आईं. इस शो को करने के बाद अक्षरा सिंह की लोकप्रियता और भी ज्यादा बढ़ गई है.

सोना निकालने के लिए सांप का सहारा

उत्तर प्रदेश के जिला मीरजापुर स्थित विंध्याचल देवी का मंदिर विख्यात है. यहां साल के बारहों महीने लाखों की संख्या में देश के कोनेकोने से श्रद्धालु आते हैं. दूर से आने वाले श्रद्धालु यहां स्थित होटलों, लौज आदि में ठहरते हैं तो कुछ यहां के पुरोहितों से ले कर अपने जानपहचान वालों या फिर ऐसे लोगों के यहां भी ठहर जाते हैं, जो पैसे ले कर कमरा आदि मुहैया कराते हैं.

रोज की भांति 22 जुलाई, 2017 को विंध्याचल के कंतित निवासी सुराज कुमार पांडेय के घर वाले रात का खाना खा कर रात 10 बजे के करीब सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन के दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी.

दरवाजे की कुंडी बजने पर सुराज ने छोटे बेटे आकाश को आवाज दी, ‘‘बेटा आकाश, देखो तो दरवाजे पर कौन आया है. कहीं कोई यजमान तो नहीं है.’’ सुराज भी सेवा शुल्क ले कर यजमान को अपने यहां ठहरा लेते थे.

पिता की बात सुन कर आकाश दरवाजे के पास पहुंचा. उस ने दरवाजा खोला तो बाहर कुछ लोग खड़े थे, जिन्हें वह आदरपूर्वक अंदर ले आया. तब तक पीछे से सुराज भी वहां आ गए थे. उन लोगों में से एक को देखते ही उन्होंने कहा, ‘‘अरे भाई नन्हकू, आप इतनी रात को अचानक? सब ठीक तो है न…’’

नन्हकू सुराज की बहन के देवर का दोस्त था. सुराज अपनी बात अभी पूरी भी नहीं कर पाए थे कि नन्हकू ने कहा, ‘‘हां भाई, सब ठीकठाक है.’’

फिर वह अपने साथ आए लोगों की तरफ इशारा करते हुए बोला, ‘‘ये हमारे मेहमान हैं. सोचा कि इन्हें मां विंध्यवासिनी के दर्शन करा दूं. इधर आया तो सोचा आप से भी मिलता चलूं.’’

‘‘यह तो आप ने बड़ा अच्छा किया जो चले आए.’’ इतना कह कर सुराज उन लोगों के भोजन आदि की व्यवस्था में जुट गए.

जब सभी ने भोजन कर लिया तो उन के सोने की व्यवस्था करा कर सुराज भी उन्हीं के बगल के कमरे में सो गए.

रात का दूसरा पहर शुरू हुआ होगा कि सुराज के परिचित नन्हकू के साथ आया एक आदमी अचानक उठ कर बैठ गया. अपनी नजर को इधरउधर घुमाते हुए वह कुछ बुदबुदाने लगा. फिर कमरे से बाहर आ कर टहलने लगा. घर आए मेहमान को आधी रात को टहलता देख कर सुराज जाग गए. उस के पास आ कर उन्होंने पूछा, ‘‘क्या हुआ, आप अभी तक सोए नहीं हैं. कोई बात है क्या या पानी वगैरह चाहिए?’’

‘‘बात है, तभी तो मेरी नींद उड़ गई है.’’ उस आदमी ने कहा.

‘‘क्या बात है?’’ सुराज ने व्यग्रता से पूछा.

‘‘बताता हूं. दिल थाम कर रहिएगा, क्योंकि सुनेंगे तो आप भी दंग रह जाएंगे. आप को भरोसा नहीं होगा, लेकिन भरोसा करना होगा. क्योंकि मेरी इंद्रियां जो कह रही हैं, वह शत प्रतिशत सच है.’’ उस आदमी ने कहा.

इस के बाद सुराज का भी जी घबराने सा लगा कि आखिर ऐसी कौन सी बात है, जो यह आधी रात के बाद उठ कर बैठ गया और दिल थाम कर रखने को कह रहा है.

बहरहाल, अभी वह इन्हीं खयालों में खोए थे कि उस आदमी की आवाज ने उन के खयालों को भंग कर दिया. वह सुराज की ओर मुखातिब हुआ, ‘‘सुराजजी, आप के मकान के नीचे सोना है सोना. और इसे थोड़ी मेहनत कर के पाया जा सकता है.’’

‘‘सोना…क…क्….क्या कहा आप ने? सोना है?’’

सोना होने की बात सुन कर सहसा सुराज आश्चर्यचकित हो उठे. उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जिस घर में वह बरसों से रहते आ रहे हैं, उस के नीचे सोना है.

बहरहाल, सोना होने की बात सुन कर सुराज के मन में भी लालच आ गया और वह हकलाती आवाज में पूछ बैठे, ‘‘भाई सोना है तो वह कहां है और कैसे मिलेगा?’’

‘‘बताता हूं भाई, सब बताता हूं.’’ उस ने कहा, ‘‘ज्यादा बेचैन हो रहे हो तो सुनो, सोना मकान के नीचे है. अगर इसे नहीं निकाला गया तो परिवार में कोई अनहोनी हो सकती है. इसलिए उस का यहां से निकाला जाना बहुत जरूरी है. क्योंकि धन का स्थान तिजोरी में होता है, न कि जमीन में.’’

इस के बाद वह आदमी आंखें बंद कर के ध्यानमग्न हो गया. सुराज उस के पास खड़े थे. कुछ देर बाद आंखें खोल कर उस ने कहा, ‘‘जानते हो, मकान के नीचे कितना सोना है? पूरे 5 किलोग्राम की सिल्ली है, जिसे अगर नहीं निकाला गया तो आप लोगों के जीवन पर संकट आ सकता है.’’

5 किलोग्राम सोने की बात सुन कर सुराज बहुत खुश हुए. वह उतावलेपन में उन्होंने कहा, ‘‘बताओ वह सोना निकलेगा कैसे?’’

सुराज की बात सुन कर उस आदमी ने कहा, ‘‘इस के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सब से उपयुक्त होगा. उसी समय खुदाई करनी होगी. हां, एक जरूरी बात है. इस के एवज में आप को 7 लाख रुपए खर्च करने होंगे.’’

7 लाख रुपए खर्च करने की बात सुन कर सुराज थोड़ा सशंकित हुए. लेकिन बात 5 किलोग्राम सोने की थी, इसलिए उस के आगे 7 लाख रुपए की रकम कुछ भी नहीं थी, सो उन्होंने तुरंत हां कह दी, तब इस के लिए अगले दिन यानी 23 जुलाई की रात तय कर दी गई.

अगले दिन रात होने पर जब सोना निकालने के लिए घर में खुदाई की तैयारी होने लगी तो सुराज ने नन्हकू से इस विषय पर कुछ बात की तो वह उन्हें कुछ दूर ले जा कर उन के कानों में जो कहा, उस के बाद सुराज ने सहमति में सिर हिला दिया.

सुराज की मौजूदगी में आधी रात के बाद मकान के आंगन में 3 फुट गहरा गड्ढा खोदा गया. गड्ढा खुद जाने के बाद उस तथाकथित तांत्रिक ने सुराज से एक बाल्टी पानी लाने को कहा. जब वह पानी लेने चले गए तो उस ने लोगों की नजरें बचा कर एक नारियल और पीतल की सिल्लियों के साथ एक सांप को उस गड्ढे में डाल दिया.

कुछ देर में सुराज पानी ले कर आए तो उस ने उन के हाथ से पानी की बाल्टी ले कर पानी गड्ढे में उड़ेल दिया. इस के बाद उस ने सुराज से गड्ढे से मिट्टी निकालने को कहा. उस की बातों पर विश्वास कर के सुराज गड्ढे से मिट्टी निकालने लगे, तभी मिट्टी के नीचे दबा सांप मिट्टी हटते ही उन के हाथों को लिपट गया.

हाथों में अचानक सांप के लिपट जाने से सुराज की मानो सांसें ही थम गईं. चाह कर भी उन के मुंह से चीख नहीं निकल सकी. यह देख कर वह तथाकथित तांत्रिक खुश हो गया. सुराज के हाथ से सांप को हटा कर उस ने कहा, ‘‘मुबारक हो! सोना मिल गया. चिंता की कोई बात नहीं, यह सांप खजाने का रखवाला है. अब यह बात तय है कि खजाना यहीं है.’’

उस की बातें सुन कर सुराज को भी यकीन हो गया कि सच में खजाना निकलने वाला है. इस के बाद उस आदमी ने थोड़ी मिट्टी कुरेदी तो वहां एक नारियल निकला, जिस पर धागा लिपटा था. उस ने नारियल उठा कर उस में लिपटे धागे को सुराज को थमाते हुए कहा, ‘‘इस धागे के एक सिरे को ले कर घर की तिजोरी से टच करा लाओ.’’

सुराज को यह बात थोड़ी अजीब लगी. लेकिन बात करोडों के सोने की थी, सो वह कुछ कहने, बोलने के बजाय धागे का एक सिरा घर के एक कमरे में रखी तिजोरी के पास ले जा कर उस से टच करा कर वापस आए तो देखा एक बाल्टी में वही सांप, नारियल का गोला तथा कुछ मिट्टी व एक धातु रखी है, जो दूर से सोने जैसी प्रतीत हो रही थी.

उसे देख कर सुराज को ऌूरा विश्वास हो गया कि सोना मिल गया है. यह सब होतेहोते सुबह होने को आ गई थी. तभी अचानक वहां सुराज का छोटा भाई सोनू आ गया. उसे यह सब थोड़ा अटपटा लगा. घर पर आए इन मेहमानों के हावभाव भी कुछ ठीक नहीं लग रहे थे.

जमीन में दबे सोने को निकालने के लिए धागे के एक छोर को घर की तिजोरी से स्पर्श कराने की बात उसे कुछ अटपटी सी लगी, साथ ही उसे माजरा कुछ उलटा नजर आने लगा तो किसी से कुछ कहे बिना ही उस ने 100 नंबर पर फोन कर के इस की सूचना पुलिस को दे दी.

परिजनों के बीच घर में सोना मिलने को ले कर खुसरफुसर होने लगी थी. उधर सोना निकलने के बाद सुराज और घर आए मेहमानों के बीच लेनदेन को ले कर बातें हो रही थीं कि तभी अचानक दरवाजे पर विंध्याचल कोतवाली के इंसपेक्टर अजय कुमार श्रीवास्तव मय फोर्स के पहुंच गए. अलसुबह मोहल्ले में पुलिस को आया देख कर सुराज के पड़ोसी इकट्ठा हो गए तो वहीं खुद सुराज भी अचानक दरवाजे पर पुलिस को देख कर चकित हो उठे.

पुलिस को देख कर उन के घर आए मेहमानों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं. जब तक वह कुछ समझ पाते, तब तक उन के घर आए मेहमानों में से नन्हकू मौका देख धीरे से भीड़ में गुम हो गया. उसे गायब देख कर उस के साथ आए अन्य लोग भी खिसकने की ताक में थे कि सभी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

पुलिस जब उन्हें थाने ले जाने लगी तो वे दुहाई देने लगे, ‘‘साहब, हम लोग कोई ऐसेवैसे व्यक्ति नहीं हैं. माता रानी के भक्त हैं और अपनी दिव्यशक्ति के जरिए जान लेते हैं कि कहां क्या है.’’

‘‘अच्छा, अब तुम लोग यह बताओ कि तुम्हारे साथ आगे क्या होने वाला है?’’ थानाप्रभारी अजय कुमार श्रीवास्तव ने पूछा.

‘‘साहब हम समझे नहीं…’’ उन में से एक बोला.

‘‘कोई बात नहीं, थाने पहुंच कर सब कुछ आसानी से समझ जाओगे.’’ अजय कुमार ने कहा.

इस के बाद सभी के चेहरे की रंगत बदलने लगी. कोतवाली पहुंचने पर जब उन से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपने नाम शिवलाल सिंह निवासी अतरहट, जिला बांदा, रमेश कुमार दुबे निवासी कादीपुर, जिला सुलतानपुर, सुरेंद्र कुमार पांडेय निवासी शिवकटरा, जिला कानपुर नगर, प्रभाकर सिंह निवासी बहुचरा, प्रतापगढ़, रामप्रताप निवासी रतनपुर, जिला फतेहपुर तथा कांत तिवारी निवासी जंघई, जिला जौनपुर बताया.

नामपता पूछने के बाद थानाप्रभारी ने पूछा, ‘‘अब यह बताओ कि तुम लोग यह धंधा कब से कर रहे हो और अब तक कितने लोगों को अपने झांसे में ले कर ठग चुके हो?’’

उन की बात अभी पूरी भी नहीं हो पाई थी कि उन में से एक ने कहा, ‘‘नहीं साहब, आप हम लोगों को गलत समझ रहे हैं. हम लोगों ने किसी को नहीं ठगा है.’’

‘‘देखो, आप लोग अगर प्यार से नहीं बताओगे तो सच्चाई उगलवाने के लिए मुझे दूसरे तरीके भी आते हैं.’’ अजय कुमार ने धमकाया. उन के इतना कहते ही वे सभी एकदूसरे का मुंह देखने लगे. फिर बोले, ‘‘साहब, आप हमें मारनापीटना मत, हम सब सचसच बताते हैं.’’

इस के बाद उन्होंने ठगी की जो अनोखी कहानी बताई, वह अंधविश्वास, लालच से भरी होने के साथ हैरान कर देने वाली निकली.

दरअसल, शिवपाल सिंह, रमेश कुमार दुबे, सुरेंद्र कुमार पांडेय, प्रभाकर सिंह, रामप्रताप कोरी तथा कांत तिवारी का ठगी का अपना एक गिरोह था, जो पहले सीधेसादे लोगों और परिवारों का पता लगाते थे. उस के बाद उन की हैसियत आदि का आंकलन कर के उन्हें अपने जाल में फांस कर जमीन, मकान में सोना होने का लालच दे कर ठगी का जाल फेंकते थे. इस के लिए वे किसी परिचित का सहारा लेते थे तो कभी स्वयं आगे बढ़ कर खुद शिकार को फांसते हैं.

सुराज के घर पर ये लोग ताराशंकर उर्फ नन्हकू तिवारी निवासी गांव चेकसारी, मीरजापुर के माध्यम से पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि वह ब्रह्म मुहूर्त में ठगी की तैयारी करते थे. इस की वजह यह थी कि इस वक्त अधिकांश लोग गहरी नींद में होते हैं, जिस से उन के काम में खलल नहीं पड़ता था.

सुराज के यहां आने से एक दिन पहले इन्हीं ठगों ने विंध्याचल के कंतित गांव में बाबा श्रीवास्तव के मकान में गड्ढा खोदा था. वहां से ये मेहनताना के तौर पर 2 हजार रुपए ले भी चुके थे. सुराज पांडेय के बाद इन का निशाना यही घर होने वाला था, लेकिन इस के पहले ही ये पुलिस के हत्थे चढ़ गए.

पुलिस की मानें तो ये कोई मामूली ठग नहीं थे, इन का जाल पूर्वांचल में ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में फैला था. ये प्रदेश के विभिन्न जिलों में जमीन से सोना निकालने से पहले किसी होटल, ढाबा या फिर किसी व्यक्ति के घर जा कर ठहरते थे. इस के बाद किसी ऐसे आदमी की तलाश करते थे, जो तांत्रिक क्रिया व अंधविश्वास में यकीन रखता हो.

पकड़े गए ठगों को 24 जुलाई, 2017 को पुलिस लाइन स्थित सभागार में मीडिया के समक्ष पेश करते हुए एसपी आशीष कुमार तिवारी ने बताया कि यह गिरोह पूरे प्रदेश के कई जिलों में घूमघूम कर लोगों को झांसा दे कर मोटी ठगी करता आ रहा है. जिस धातु को ये सोने की सिल्ली बताते थे, वह लोहे की या पीतल की होती थी. लोहे की सिल्ली पर ये पीतल की पौलिश करा लेते थे. वह सिल्ली कानपुर के एक मशहूर मेटल हाउस से लाते थे.

पकडे़ गए ठगों ने पुलिस को पूछताछ में बताया था कि ये 4-5 सौ रुपए में एक मदारी से सांप ले लेते और उस के दांत उखड़वा देते थे, जिस से सांप डस न सके.

पुलिस ने पकड़े गए 6 ठगों के पास से लोहे की 3 चौकोर सिल्लियां बरामद कीं, जिन पर पीतल का पानी चढ़ा हुआ था. गिल्ट के पुराने 2 सिक्के, एक नारियल सफेद धागा लिपटा हुआ, 7 मोबाइल फोन, एक काला सांप बरामद किया. पुलिस ने सांप वन विभाग की टीम को सौंप दिया.

पुलिस ने सभी ठगों के खिलाफ सुराज पांडेय की तहरीर पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर के सभी को जेल भेज दिया. पुलिस को मौके से फरार हुए ताराशंकर उर्फ नन्हकू तिवारी की सरगर्मी के साथ तलाश है.

एसपी आशीष कुमार तिवारी ने शातिर ठगों को गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल थानाप्रभारी इंसपेक्टर अजय कुमार श्रीवास्तव, कांस्टेबल रूपेश पांडेय, रविकांत यादव, पीआरवी के हैड कांस्टेबल शिवनाथ, भानुप्रताप, रिजवान आदि को पुरस्कृत करने की घोषणा की है, तो वहीं कंतित गांव में पुलिस को फोन करने वाले सोनू की खूब तारीफ हो रही है, जिस की सजगता से न केवल उस का परिवार ठगी का शिकार होने से बच गया, बल्कि विंध्याचल क्षेत्र के उन लोगों को भी ठगने से बचा लिया, जो ठगों के निशाने पर थे.

उधर फरार चल रहे नन्हकू तिवारी ने भी पुलिस का दबाव बढ़ता देख कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, जहां से उसे पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी में लिया गया. विस्तार से पूछताछ करने के बाद उसे भी जेल भेज दिया गया.

कथा पुलिस तथा मीडिया सूत्रों पर आधारित

शहद के साथ मिलाकर खाएं ये चीजे, हर तरह की खांसी भागेगी दूर

शहद हमारे सभी के घरों में पाएं जाना वाला आम पदार्थ है जिसका सेवन इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए किया जाता है लेकिन क्या आप इस बात से वाकिफ है कि इसका सेवन कई चीजों के साथ किया जाता है जो आपकी पुरानी से पुरानी खांसी को खत्म कर देंगी. साथ ही इंफेक्शन से भी आपको दूर रखेंगी. आइए जानते है कुछ ऐसी चीजे जिन्हे आप शहद के साथ मिलाकर खाते है तो इसका आपकी सेहत पर काफी असर पडेगा. जो की सेहत के लिए लाभदायक होगा.

हर तरह की खांसी की छुट्टी

बदलते मौसम में काली, गीली और सूखी खांसी तेजी से फैलती है. खांस-खांसकर परेशान हो जाते हैं तो लौंग को भूनकर शहद के साथ सेवन करें. इससे खांसी जड़ से खत्म हो सकती है. यह काफी कारगर दवा मानी जाती है.

गले की खराश खत्म

शहद में कफ को दबाने वाले गुण होते हैं. गले की खिंच-खिंच से परेशान हैं तो उससे राहत दिलाने में यह मदद कर सकता है. लौंग सर्दी-खांसी रोकने में मदद करता है. दोनों का सेवन कई तरह से लाभकारी हो सकता है.

सर्दी-जुकाम से राहत

शहद के साथ लौंग मिलाकर सेवन करना नेचुरल कफ सिरप का काम करता  है. इनमें एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जिससे खांसी और सर्दी की समस्या से राहत मिल सकती है.

पाचन बनाए बेहतर

शहद प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक गुणों वाला माना जाता है. यह आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में अहम रोल निभाता है. लौंग और शहद को साथ लेने से पेट से जुड़ी बीमारियां दूर हो सकती हैं. इसका सेवन पाचन को बेहतर बनाने का काम करता है.

वजन कम करने में मददगार

वजन कम करने में लौंग और शहद काफी कारगर माने जाते हैं. यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वेट लॉस में मदद कर सकता है. इसलिए अगर आप मोटापे और वजन की समस्या से परेशान हैं तो लौंग शहद का साथ में सेवन करें.

मुंह के छालों का अंत

अगर आप मुंह के छालों से परेशान हैं तो लौंग और शहद का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है. यह छालों का अंत कर सकता है. लौंग का चूर्ण और शहद के साथ हल्दी मिलाकर छाती पर लेप लगाना चाहिए.

मैं अपने दोस्त की एक्स गर्लफ्रेंड से प्यार करता हूं, क्या करूं?

सवाल

मेरी एक दोस्त है जिसे मैं बेहद प्यार करता हूं, लेकिन प्रौब्लम यह है कि वह मेरे दोस्त की एक्स गर्लफ्रैंड है. उन दोनों के रिलेशनशिप में आने से ब्रेकअप तक की पूरी कहानी मैं जानता हूं और यह भी जानता हूं कि गलती दोनों की बराबर थी. वे दोनों ही मेरे दोस्त थे, लेकिन मुझे अपना समय दोनों में बांटना पड़ा क्योंकि वे एकदूसरे के करीब नहीं रहना चाहते थे. मुझे अपनी दोस्त से प्यार हो गया और यह बात मैं ने उसे बताई तो उस ने भी यही कहा कि उसे भी मुझ से प्यार है. लेकिन मैं रिलेशनशिप में आया या यह बात अपने दोस्त को बताई, तो हो सकता है उसे धक्का लगे और वह मुझ से अपनी दोस्ती तोड़ ले. मैं ऐसा होने नहीं देना चाहता. मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मैं ने अपने दोस्त को धोखा दिया हो. मैं अपनी दोस्ती और प्यार में से किसी एक को नहीं चुन सकता. क्या इस समस्या का कोई साधारण हल नहीं हो सकता?

जवाब

आप के पास अपने दोस्त को सच बताने के सिवा कोई रास्ता नहीं है. आप बात को छिपाते भी हैं तो कभी न कभी तो सच उस के सामने आएगा ही और तब उसे ज्यादा धक्का लगेगा. प्यार और दोस्ती के बीच में चुनने जैसा कुछ नहीं है, आप इंसान हैं और किसी इंसान के बस में नहीं है कि उसे कब किस से प्यार हो जाए. वैसे भी वह आप के दोस्त की एक्स से पहले आप की भी तो दोस्त थी न, फिर धोखे जैसी तो कोई बात ही नहीं है.

आप अपने दोस्त को बता दीजिए कि आप दोनों को एकदूसरे से प्यार है और यह सब इंटैंशनल नहीं था. वह आज नहीं तो कल इस बात को समझ ही जाएगा. उसे बुरा लग सकता है लेकिन आप के लिए उसे सच बताना ही सही होगा.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

प्लंबर बनें और कमाई करें

प्लंबिंग के काम का इतिहास बहुत पुराना है. सिंधु घाटी की सभ्यता में ऐसे सुबूत मिले हैं जब पानी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए इस तरह की तकनीक को अपनाया जाता था.

प्लंबिंग का काम कम पढ़ेलिखे लोगों के लिए रोजगार का अच्छा जरीया है और आज के दौर में तो प्लंबर की अकसर जरूरत पड़ती है. खेतखलिहानों से ले कर घर, औफिस या फैक्टरी सभी जगह प्लंबर की काफी मांग बनी रहती है.

प्लंबिंग का काम किसी कुशल प्लंबर के साथ रह कर सीखा जा सकता है. इस के अलावा इस काम को सिखाने के लिए अनेक संस्थाएं हैं जैसे आईटीआई, पौलीटैक्निक जो इस काम की ट्रेनिंग देती हैं.

इस कोर्स को करने के बाद डिप्लोमा या सर्टिफिकेट मिलता है. प्राइवेट संस्थानों में ट्रेनिंग की फीस ज्यादा हो सकती है लेकिन सरकारी संस्थानों में फीस काफी कम होती है.

आईटीआई और पौलीटैक्निक से प्लंबिंग में डिप्लोमा लेने के लिए कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है. आईटीआई में एक साल का डिप्लोमा कोर्स होता है. इस के अलावा 8वीं जमात पास लोगों के लिए भी 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स है, जिसे सोसाइटी फोर सैल्फ एंप्लौयमैंट (स्वरोजगार समिति) दिल्ली सरकार के तहत कराया जाता है.

स्वरोजगार समिति में प्लंबिंग के मास्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 8वीं जमात पास नौजवान भी इस कोर्स को कर सकते हैं. ट्रेनिंग पूरी होने पर एक सर्टिफिकेट दिया जाता है. अगर छात्र 10वीं पास है तो वह दिल्ली जल बोर्ड में लाइसैंस के लिए भी अप्लाई कर सकता है. लाइसैंस मिलने पर वह सरकारी व प्राइवेट काम के ठेके भी ले सकता है.

मास्टर सुरेंद्र सिंह ने आगे बताया कि प्लंबिंग में 3 तरह की ट्रेनिंग दी जाती है. सब से पुरानी तकनीक है जीआई पाइप (ग्लैवनाइज्ड आयरन पाइप) की फिटिंग. इस में लोहे के पाइपों की फिटिंग की जाती है. दूसरी सीपीवीसी तकनीक है जिस में पीवीसी पाइपों को सोल्वैंट सीमेंट (एक तरह का तरल पदार्थ) के जरीए फिटिंग की जाती है. तीसरी है पीपीआर तकनीक. इस के तहत पीपीआर मशीन से पाइपों के किनारों को गरम कर के फिटिंग की जाती है.

प्लंबिंग में घरेलू फिटिंग, फैक्टरी की फिटिंग, बिजली मोटर पंप लगाना, गीजर लगाना, सिंक, वाशवेसिन वगैरह लगाने के अलावा सीवर लाइन की फिटिंग जैसे काम भी आते हैं और आज तरक्की के इस दौर में खाना बनाने वाली घरेलू गैस भी बड़े शहरों में पाइपों के जरीए घरों में सप्लाई की जा रही है. मतलब, नौब खोलो और गैस का इस्तेमाल कर खाना बनाओ. यानी अब गैस के सिलैंडर की जरूरत ही नहीं. इस दिशा में भी रोजगार के अच्छे मौके मिल सकते हैं.

आज के समय में लोहे के पाइपों की फिटिंग की जगह दूसरी नई तकनीकों ने ले ली है. इन तकनीकों में लोहे के पाइपों की फिटिंग के मुकाबले खर्च भी कम होता है और इस में मेहनत भी कम लगती है लेकिन मजदूरी पूरी मिलती है.

6 महीने की ट्रेनिंग लेने के बाद कोई भी बहुत ही कम खर्च में अपना धंधा शुरू कर सकता है. अपनी दुकान खोल सकता है या घर पर रह कर भी अपना कामधंधा शुरू कर सकता है.

2,000 से 5,000 रुपए तक में औजार खरीद कर अपना काम शुरू किया जा सकता है. कुछ औजार सैनेटरी हाईवेयर वालों से किराए पर भी मिल जाते हैं. औसतन हर महीने कम से कम 15 से 20,000 रुपए की कमाई आसानी से हो सकती है. कई दफा ठेके पर काम ले कर ज्यादा कमाई भी हो जाती है. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत लोन ले कर भी अपने रोजगार को बढ़ाया जा सकता है.

अगर आप प्लंबिंग का कोर्स करना चाहते हैं या इस बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो प्लंबिंग मास्टर सुरेंद्र सिंह के मोबाइल फोन नंबर 9899102589 पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक फोन कर सकते हैं या सोसाइटी फोर सैल्फ एंप्लौयमैंट के दिल्ली दफ्तर ई-3, फ्लैटेड फैक्टरीज, झंडेवाला कांप्लैक्स, नई दिल्ली-110055 से भी फोन नंबर 011-23673098 जानकारी ले सकते हैं.

मर्द ही नहीं औरत भी ले सैक्स का मजा

‘‘और्गेज्म क्या होता है? क्या यह सैक्स से जुड़ा है? मैं ने तो कभी इस का अनुभव नहीं किया,’’ मेरी पढ़ीलिखी फ्रैंड ने जब मुझ से यह सवाल किया तो मैं हैरान रह गई.

‘‘क्यों, क्या कभी तुम ने पूरी तरह से सैक्स को एंजौय नहीं किया?’’ मैं ने उस से पूछा तो वह शरमा कर बोली, ‘‘सैक्स मेरे एंजौयमैंट के लिए नहीं है, वह तो मेरे पति के लिए है. सबकुछ इतनी जल्दी हो जाता है कि मेरी संतुष्टि का तो सवाल ही नहीं उठता है, वैसे भी मेरी संतुष्टि को महत्त्व दिया जाना माने भी कहां रखता है.’’

यह एक कड़वा सच है कि आज भी भारतीय समाज में औरत की सैक्स संतुष्टि को गौण माना जाता है. सैक्स को बचपन से ही उस के लिए एक वर्जित विषय मानते हुए उस से इस बारे में बात नहीं की जाती है. उस से यही कहा जाता है कि केवल विवाह के बाद ही इस के बारे में जानना उस के लिए उचित होगा. ऐसा न होने पर भी अगर वह इसे प्लैजर के साथ जोड़ती है तो पति के मन में उस के चरित्र को ले कर अनेक सवाल पैदा होने लगते हैं. यहां तक कि सैक्स के लिए पहल करना भी पति को अजीब लगता है.

इस की वजह वे सामाजिक हालात भी हैं, जो लड़कियों की परवरिश के दौरान यह बताते हैं कि सैक्स उन के लिए नहीं बल्कि मर्दों के एंजौय करने की चीज है.

सैक्स चर्चा है टैबू

भारत में युगलों के बीच यौन अनुभवों के बारे में चर्चा करना अभी भी एक टैबू माना जाता है, जिस की वजह से यह एक बड़ा चिंता का विषय बनता जा रहा है. दांपत्य जीवन में सैक्स संबंध जितने माने रखते हैं, उतनी ही ज्यादा उन की वर्जनाएं भी हैं. एक दुरावछिपाव व शर्म का एहसास आज भी उन से जुड़ा है. यही वजह है कि पतिपत्नी न तो आपस में इसे ले कर मुखर होते हैं और न ही इस से जुड़ी किसी समस्या के होने पर उस के बारे में सैक्स थेरैपिस्ट से डिस्कस ही करते हैं. पुरुष अपनी कमियों को छिपाते हैं. भारत में लगभग 72% स्त्रीपुरुष यौन असंतुष्टि के कारण अपने वैवाहिक जीवन से खुश नहीं हैं.

मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि जब भी महिलाएं अपनी किसी समस्या को ले कर उन के पास आती हैं और वजह जानने के लिए उन के सैक्स संबंधों के बारे में पूछा जाता है तो 5 में से 1 महिला इस बारे में बात करने से इनकार कर देती है. यहां तक कि अगली बार बुलाने पर भी नहीं आती. कानूनविद मानते हैं कि 20 फीसदी डाइवोर्स सैक्सुअल लाइफ में संतुष्टि न होने की वजह से होते हैं. पुरुष अपने साथी को यौनवर्धक गोलियां लेने के बावजूद संतुष्ट न कर पाने के कारण तनाव में रहते हैं.

पुरुष अपने सैक्सुअल डिस्फंक्शन को ले कर चुप्पी साध लेते हैं और औरतें अपनी शारीरिक इच्छा को प्रकट न कर पाने के कारण कुढ़ती रहती हैं. वैवाहिक रिश्तों में इस की वजह से ऐसी दरार चुपकेचुपके आने लगती है, जो एकदम तो नजर नहीं आती, लेकिन बरसों बाद उस का असर जरूर दिखाई देने लगता है.

सैक्स से जुड़ी है सेहत

एशिया पैसेफिक सैक्सुअल हैल्थ ऐंड ओवरआल वैलनैस द्वारा एशिया पैसेफिक क्षेत्र में 12 देशों में की गई एक रिसर्च के अनुसार एशिया पैसेफिक क्षेत्र में 57 फीसदी पुरुष व 64 फीसदी महिलाएं अपने यौन जीवन से संतुष्ट नहीं हैं. इस में आस्ट्रेलिया, चीन, हांगकांग, भारत, इंडोनेशिया, जापान, मलयेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, ताइवान आदि देशों को शामिल किया गया था.

यह रिसर्च 25 से ले कर 74 वर्ष के यौन सक्रिय स्त्रीपुरुषों पर की गई थी. सब से प्रमुख बात, जो इस रिसर्च में सामने आई, वह यह थी कि पुरुषों में इरैक्टाइल हार्डनैस में कमी होने के कारण पतिपत्नी दोनों ही सैक्स संबंधों को ले कर खुश नहीं रहते हैं. ऐसा इसलिए, क्योंकि इरैक्टाइल हार्डनैस का संबंध सैक्स के साथसाथ प्यार, रोमांस, पारिवारिक जीवन व जीवनसाथी की भूमिका निभाने के साथ जुड़ा है. जीवन के प्रति देखने का उन का नजरिया भी काफी हद तक सैक्स संतुष्टि के साथ जुड़ा हुआ है.

सिडनी सैंटर फौर सैक्सुअल ऐंड रिलेशनशिप थेरैपी, सिडनी, आस्ट्रेलिया की यौन स्वास्थ्य चिकित्सक डा. रोजी किंग के अनुसार, ‘‘एशिया पैसेफिक के इस सर्वे से ये तथ्य सामने आए हैं कि यौन जीवन संतुष्टिदायक होने पर ही व्यक्ति पूर्णरूप से स्वस्थ रह सकता है. आज की व्यस्त जीवनशैली में जबकि यौन संबंध कैरियर की तुलना में प्राथमिकता पर नहीं रहे, पुरुष व महिलाओं दोनों में ही यौन असंतुष्टि उच्च स्तर पर है. इस की मूल वजह अपनी सैक्स संबंधित समस्याओं के बारे में न तो आपस में और न ही डाक्टरों से बात करना है. चूंकि सैक्स संबंधों का प्रभाव जीवन के अन्य पहलुओं पर भी पड़ता है, इसलिए सैक्स के मुद्दे पर बोलने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.’’

जीवन के इस महत्त्वपूर्ण पक्ष को नजरअंदाज कर के युगल जहां एक तरफ तनाव का शिकार होते हैं, वहीं संतुष्टिदायक सैक्स संबंध न होने के कारण उन के जीवन के अन्य पहलू भी प्रभावित होते हैं. स्वास्थ्य के साथसाथ उन की सोच व जीवनशैली पर भी इस का गहरा असर पड़ता है. यौन संतुष्टि संपूर्ण सेहत के साथसाथ प्रेम व रोमांस से भी जुड़ी है.

कम होती एवरेज

कामसूत्र की भूमि भारत में, जहां की मूर्तियों तक पर सदियों पहले यौन क्रीडा से जुड़ी विभिन्न भंगिमाओें को उकेरा गया था, अभी भी अपने यौन अनुभव के बारे में बात करना एक संकोच का विषय है. भारतीय पुरुष के जीवन में सैक्स जीवन की प्राथमिकताओं में 17वें नंबर पर आता है और औरतों के 14वें नंबर पर.

आज अगर हम शहरी युगलों पर नजर डालें तो पाएंगे कि वे दिन में 14 घंटे काम करते हैं, 2 घंटे आनेजाने में गुजार देते हैं और सप्ताहांत यह सोचते हुए बीत जाता है कि सफलता की सीढ़ियां कैसे चढ़ें. इन सब के बीच सैक्स संबंध बनाना एक आवश्यकता न रह कर कभीकभी याद आ जाने वाली क्रिया मात्र बन कर रह जाता है.

लीलावती अस्पताल, मुंबई के ऐंड्रोलोजिस्ट डा. रूपिन शाह का इस संदर्भ में कहना है, ‘‘प्रत्येक 2 में से 1 भारतीय शहरी पुरुष में पर्याप्त इरैक्टाइल हार्डनैस नहीं होती, फिर भी 40 से कम उम्र के पुरुष अपनी कमजोरी मानने को तैयार नहीं हैं. 40 से कम उम्र की औरतों की सैक्स की मांग अत्यधिक होने के कारण वे एक तरफ जहां अपनी सैक्स संतुष्टि को ले कर सजग रहती हैं, वहीं वे पार्टनर के सुख न दे पाने के कारण परेशान रहती हैं. नीमहकीमों के पास जाने के बजाय डाक्टर व काउंसलर की मदद से यौन संबंधों में व्याप्त तनाव को दूर किया जा सकता है.’’

ड्यूरैक्स सैक्सुअल वैलबीइंग ग्लोबल सर्वे के अनुसार भारतीय पुरुष व महिलाएं अपने सैक्स जीवन से संतुष्ट नहीं हैं. और्गेज्म तक पहुंचना प्रमुख लक्ष्य होता है और केवल 46 फीसदी भारतीय मानते हैं कि उन्हें वास्तव में और्गेज्म प्राप्त हुआ है, जबकि ऐसी महिलाएं भी हैं, जो यह भी नहीं जानतीं कि और्गेज्म होता क्या है, क्योंकि एक महिला को इस तक पहुंचने में पुरुष से 10 गुना ज्यादा समय लगता है. पुरुष 3 मिनट में संतुष्ट हो जाता है, ऐसे में वह औरत को और्गेज्म प्राप्त होने का इंतजार कैसे कर सकता है. वैसे भी आज भी भारतीय पुरुष के लिए केवल अपनी संतुष्टि माने रखती है.

संवाद व सम्मान आवश्यक

असंतुष्टि की वजह कहीं न कहीं पतिपत्नी के बीच मानसिक जुड़ाव का न होना भी है. आपस में निकटता को न महसूस करना, सम्मान न करना भी उन की संतुष्टि की राह में बाधक बनता है. सैक्स के बारे में खुल कर बात न करना या किस तरह से उस का भरपूर आनंद उठाया जा सकता है, इस पर युगल का चर्चा न करना या असहमत होना भी यौन क्रिया को मात्र मशीनी बना देता है. अपने साथी से अपनी इच्छाओं को शेयर कर सैक्स जीवन को सुखद बनाया जा सकता है, क्योंकि यह न तो कोई काम है और न ही कोई मशीनी व्यवस्था, बल्कि यह वैवाहिक जीवन को कायम रखने वाली ऐसी मजबूत नींव है, जो प्लैजर के साथसाथ एकदूसरे को प्यार करने की भावना से भी भर देती है.

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‘द कपिल शर्मा शो’ की ‘लॉटरी’ फेम एक्ट्रेस ने दिया बेटी को जन्म

टीवी जगत की जानी-मानी एक्ट्रेस रोशेल राव इन दिनों सुर्खियों में हैं. पहले ‘द कपिल शर्मा शो’ में नजर आने वाली फिर बिग बॉस से फेम पाने वाली इस एक्ट्रेस ने सबको गुड न्यूज दी है. जी हां, एक्ट्रेस रोशेल राव मां बन गई हैं. वे शादी के पांच साल बाद मां बनी हैं. उनके घर एक प्यारी सी बेटी का जन्म हुआ है जिसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके दी है.

 

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आपको बता दें कि टीवी की दुनिया में अपनी एक्टिंग का जलवा दिखाने वाली एक्ट्रेस रोशेल राव कीथ सेक्विएरा से शादी करने के 5 साल बाद मां बन गई हैं. एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर मां बनने की खबर को लेकर वायरल हो रही हैं. रोशेल राव की कई फोटो भी वायरल हो रही हैं. साथ ही उनके पति कीथ सेक्विएरा के साथ भी उनकी फोटो वायरल हो रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कीथ सेक्विएरा और रोशेल राव के घर बेटी का जन्म 1 अक्टूबर को हुआ था. इसके बाद कपल ने एक वीडियो जारी कर इस खबर पर मुहर लगा दी.

एक्ट्रेस ने वीडियो शेयर कर बताया कि वे मां बन गई हैं. वीडियो को शेयर करते हुए कपल ने एक प्यारा सा कैप्शन दिया था. वीडियो के इस कैप्शन में रोशेल राव और कीथ सेक्विएरा का ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो पर रोशेल राव और कीथ सेक्विएरा को फैंस बधाई देते हुए नजर आए. फैंस के साथ-साथ कई स्टार्स ने भी इस पोस्ट पर जमकर कमेंट्स किए.


बताते चलें कि रोशेल राव सलमान खान के सबसे फेमस शो बिग बॉस के 9वें सीजन में नजर आ चुकी हैं. इसके अलावा एक्ट्रेस ने ‘द कपिल शर्मा शो’ में भी अपनी एक्टिंग का जलवा दिखाया है. इन दोनों शो के अलावा एक्ट्रेस ‘फीयर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी 5’, ‘नच बलिए 9’ और ‘इंडियाज लाफ्टर चैंपियन’ में भी नजर आ चुकी हैं.

क्या ‘बिग बॉस17’ शो में हिस्सा लेंगी ‘भाभी जी’, बना सस्पेंस!

इन दिनों सभी का फेवरेट रियलिटी शो ‘बिग बॉस 17’ की खबरें चर्चाओं में हैं. सभी ये जानने के लिए उत्सुक हैं कि इस बार शो में कौन-कौन हिस्सा ले रहा है. ऐसे में टीवी एक्ट्रेस सौम्या टंडन के आने की चर्चा तेज हो रही है. शो में अबतक अकिंता लोखंडे की आने की खबर पक्की है. इससे पहले इस शो में टीवी एक्ट्रेस जूही परमार, दीपिका कक्कड़ और रूबिका दिलैक ने तो ट्रॉफी भी अपने नाम की हुई है.

 

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आपको बता दें कि ‘बिग बॉस सीजन17’ शुरू होने जा रहा है, जिसका जल्द ही टीवी पर प्रसारण किया जाएगा. ऐसे में खबर है कि टीवी की जानी-मानी एक्ट्रेस और सीरियल ‘भाभी जी घर पर है’ की फेमस एक्ट्रेस अनीता भाभी यानी सौम्या टंडन शो में हिस्सा लेने जा रही हैं की नहीं, जिसकी खबर उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट कर दी है. इससे पहले ‘पवित्रा रिश्ता’ की एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे  अपने पति के साथ हिस्सा लेंगी. उन्होंने शो में आने की शॉपिंग भी शुरू कर दी है.

सौम्या टंडन ने शेयर किया पोस्ट

पिछले कुछ सीजन से ही सौम्या टंडन का नाम सामने आ रहा है. उनके कई सोशल मीडिया फैंस अकाउंट पर उनका जाना कन्फर्म किया है. इस पर एक्ट्रेस ने स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसके साथ उन्होंने बताया कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है. उन्होने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि ‘यह बिलकुल भी सच नहीं है’.  उनका ये पोस्ट देखकर फैंस का दिल जरूर टूट गया. सौम्या इन दिनों वीडियो बनाने में बिजी चल रही हैं. उन्होंने साल 2015 से 2020 तक ‘भाभी जी  घर पर हैं’ शो में काम किया था. हालांकि किसी निजी परेशानी के चलते उन्हें शो बीच में ही छोड़ना पड़ा था.

 

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बताते चलें कि ‘बिग बॉस 17’ अक्टूबर की 15 तारीख से शुरू होने जा रहा है. इस बार शो का थीम भी अलग होगा, जहां सिंगल्स वर्सेज डबल्स में घमासान मचेगा.

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