धोखाधड़ी : ‘मेवा’ खा कर फरार मेवालाल

बिहार कृषि विश्वविद्यालय में हुए बहाली घोटाले में कुलपति रह चुके और जनता दल (यू) से बाहर निकाले गए विधायक मेवालाल चौधरी पर एफआईआर दर्ज होने के बाद रोज नएनए खुलासे हो रहे हैं. पटना हाईकोर्ट के जस्टिस रह चुके एसएम आलम की एकल जांच कमेटी के सामने मेवालाल चौधरी को दोषी पाया गया. जांच रिपोर्ट के मुताबिक, मेवालाल चौधरी ने माना कि पावर प्रैजेंटेशन के अलावा रीमार्क्स, इंटरव्यू और एग्रीमैंट कालम उस ने खुद भरे थे. इस से यह बात साफ हो गई कि ऐक्सपर्टों ने उम्मीदवारों को जो नंबर दिए थे, उन के लिफाफों को खोला भी नहीं गया. असिस्टैंट प्रोफैसरों की बहाली में चहेतों को दिल खोल कर नंबर दिए गए. नियमों को ताक पर रख कर बाहर से ऐक्सपर्टों को बुलाया गया.

नैट में फेल 40 उम्मीदवारों को चुना गया. बहाल हुए प्रोफैसरों में से ज्यादातर का संबंध पश्चिम बंगाल के कृषि विश्वविद्यालय से रहा है. रिपोर्ट में पक्षपात, जोड़तोड़ और घपले करने का जिक्र किया गया है. कई नाकाबिल उम्मीदवारों से टैस्ट लिए बगैर ही अच्छे नंबर दे दिए गए, वहीं काबिल उम्मीदवारों को 10 में से 0.1 नंबर दिए गए.

22 फरवरी, 2017 को सबौर थाने में मेवालाल चौधरी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि साल 2011 में सबौर के बिहार कृषि विश्वविद्यालय में तकरीबन 161 प्रोफैसरों व जूनियर साइंटिस्टों की बहाली में जम कर हेराफेरी की गई.

कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव अशोक कुमार की अर्जी पर मेवालाल चौधरी को आरोपी बनाया गया. नौकरी देने के लिए 15 से 20 लाख रुपए तक की बोली लगाई गई थी.

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मेवालाल चौधरी को पार्टी से निकाल दिया है.

बिहार कृषि विश्वविद्यालय से रिटायर होने के बाद साल 2015 में मेवालाल चौधरी ने जद (यू) के टिकट पर मुंगेर जिले की तारापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत गया था.

मेवालाल चौधरी का कहना है कि उसे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है. जिस ऐक्सपर्ट कमेटी ने बहाली की थी, वह उस कमेटी का अध्यक्ष तो था, लेकिन बहाली में उस का कोई लेनादेना नहीं था, इसलिए उसे कोई जानकारी नहीं है.

भागलपुर के एसएसपी मनोज कुमार ने बताया कि मेवालाल चौधरी का पासपोर्ट जब्त करने की कार्यवाही शुरू की गई है. कोर्ट के बारबार बुलाने के बाद भी वह हाजिर नहीं हो रहा है.

पुलिस ने धारा-164 के तहत 5 गवाहों के बयान दर्ज किए और मेवालाल चौधरी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को पुख्ता सुबूत मिल चुके हैं. रिटायर्ड जज और पुलिस की जांच रिपोर्ट, केस डायरी और गवाहों के बयान पूरी तरह से मेवालाल चौधरी के खिलाफ हैं. सभी गवाहों के बयान फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए जा चुके हैं.

साल 2010 में जब भागलपुर कृषि कालेज को नीतीश कुमार की सरकार ने विश्वविद्यालय का दर्जा दिया था, तो मेवालाल चौधरी को ही उस का पहला कुलपति बनाया गया था.

मेवालाल चौधरी नीतीश कुमार का इतना भरोसेमंद था कि जब वह रिटायर हुआ, तो उसे विधानसभा चुनाव में तारापुर सीट से चुनाव लड़ने के लिए जद (यू) का टिकट दे दिया. उस से पहले जब वह कुलपति था, तो साल 2010 के चुनाव में उस की बीवी नीता चौधरी तारापुर से विधायक बनी थी.

मेरे मोहल्ले में आवारा जानवरों का बड़ा जोर है, इस का समाधान बताएं?

सवाल-

मैं लखनऊ के एक ऐसे महल्ले में रहता हूं, जहां आवारा जानवरों का बड़ा जोर है. आवारा कुत्ते, गाय और सांड़. लोगों का गली से निकलना मुश्किल कर देते हैं. नगर-निगम भी सुनवाई नहीं करता है. बच्चों का गली में खेलना मुश्किल हो गया है. इस का समाधान बताएं?

जवाब-

यह समस्या हमारी और आप की खुद की ही देन है. रिहाइशी इलाकों में लोग पुण्य कमाने के लिए खूब तबीयत से कुत्तों और गायों को खाना खिलाते हैं, जिस से ये जानवर वहीं रहने लगते हैं और लोग इन्हें भगाते भी नहीं हैं. पर जब ये नुकसान पहुंचाने लगते हैं, तो हर कोई हायहाय करने लगता है.

यह ठीक है कि इन्हें खदेड़ने का काम नगरनिगम का है, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं करता. आप महल्ले वालों को ले कर शिकायत करें, लोकल मीडिया वालों को बुला कर हकीकत दिखाएं. बिना हल्ला मचाए काम नहीं बनने वाला.

जानें कौन सा समय है सेक्स के लिए सबसे सुरक्षित

बेहतर सेक्स लाइफ न सिर्फ पति-पत्नी के संबंधों को रुमानी बनाने के लिए जरूरी है बल्कि सेहत के लिए भी इसके फायदे किसी से छिपे नहीं हैं. ऐसे में अगर सेक्स उस समय हो जब इसका फायदा न सिर्फ आपका मूड बनाएगा बल्कि आपके लिए सेहत से जुड़े कई फायदों की वजह हो सकता है. क्वीन्स यूनिवर्सिटी के शोध के आधार पर जानिए सुबह के समय सेक्स करने के बड़े फायदों के बारे में.

दिन भर रहेंगे टेंशन फ्री

सेक्स की प्रक्रिया के दौरान शरीर से ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन रिलीज होते हैं जो मूड अच्छा रखने और आपको तनावमुक्त रखने में सहायक होता है.

इंफेक्शन से दूर

यूनिवर्सिटी ऑफ वाइक बैरे के अनुसार, सुबह के समय सेक्स के दौरान शरीर में इम्यूनोग्लोबिन ए नामक एंडीबॉडी तत्व बनता है जो शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है और दूसरों की अपेक्षा संक्रमण का खतरा 30 प्रतिशत तक कम करता है.

वजन घटाने में मददगार

शोधों में माना जा चुका है कि एक घंटे तक संभोग की प्रक्रिया के दौरान करीब 300 कैलोरी बर्न होती है जो वजन घटाने के लिए किसी दिलचस्प कसरत से कम नहीं.

वीर्य की गुणवत्ता

सिडनी आईवीएफ क्लीनिक के शोध की मानें तो सुबह के समय सेक्स से वीर्य की गुणवत्ता 12 प्रतिशत बढ़ जाती है. इससे सेक्स संबंधी कई समस्याओं में आराम हो सकता है.

ग्लोइंग स्किन

यूवायर यूनिवर्सिटी के शोध की मानें तो सुबह के समय सेक्स से शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर अधिक तेजी से बढ़ता है जिससे ऑक्सीजन का संचार त्वचा और बालों में अच्छी तरह होता है.

खुल गई आंखें : रवि के सामने आई कैसी हकीकत

Story in Hindi

मुश्किल में फंसे khesari lal Yadav, कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव हमेशा की किसी ना किसी वजह से सुर्खियों में रहते है. इसी बीच उन्हे लेकर नई खबर सामने आ रही है लेकिन खेसरी लाल यादव मुश्किल में फंसते नजर आ रहे है. जी हां, उनके खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है यहां तक की उन्हे जेल तक जाना पड़ सकता है.

 

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आपको बता दें, कि खेसरी लाल यादव भोजपुरी इंडस्ट्री का जाना-माना नाम है जो कि हर दिन किसी ना किसी वजह से चर्चा में बने रहते है ऐसा ही इन दिनों उनके साथ चल रहा है उन्हे कोर्ट से गिरफ्तारी का वारंट मिला है. बिहार के छपरा की एक जिला अदालत ने चेक बाउंसिंग मामले में भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव के खिलाफ एक्शन लिया है.

क्या है पूरा मामला

दरअसल भोजपुरी के स्टार एक्टर खेसारी लाल यादव ने 4 साल पहले यानी 2019 में अपनी पत्नी चंदा देवी के नाम पर एक जमीन खरीदने का सौदा किया था, जिसके पैसे नहीं दिए गए.पहले तो इस मामले में कोर्ट ने खेसारी लाल को राहत दे दी थी लेकिन अब सुनवाई में उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जिसके चलते कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है. एफआईआर के मुताबिक मृत्युंजय पांडे नाम के एक शख्स से 2019 में खेसारी ने अपनी पत्नी के नाम पर 22 लाख 7 हजार रुपये में जमीन खरीदा था. खेसारी ने पहले तो मृत्युंजय को 18 लाख रुपये का चेक दिया था. हालांकि ये चेक बाउंस हो गया. इसी मामले में मृत्युंजय पांडे ने खेसारी लाल यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी.

 

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बताते चले कि खेसारी लाल यादव और पवन सिंह के बीच सुलह हुआ है. सुपरस्टार रवि किशन ने पवन इन दोनों के बीच फिर से दोस्ती करवाई थी. मालूम हो कि पवन सिंह और खेसारी लाल यादव के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था. लेकिन अब इन दोनों के बीच सबकुछ ठीक हो गया है. खेसारी लाल और पवन सिंह दोनों ही भोजपुरी के सुपरस्टार हैं.

 

उर्फी जावेद के कपड़ो को लेकर हुई एक शख्स से लड़ाई, एक्ट्रेस ने कहा – तेरे बाप का..

उर्फी जावेद सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती है वो सोशल मीडिया के जरिए अपनी अपडेट फैंस के साथ शेयर करती रहती है. उर्फी हमेशा ही अपने कपड़ो को लेकर चर्चाओं में बनी रहती है.उनका फैशन सेंस लोगों को खूब पसंद आता है लेकिन कई बार उन्हे ट्रोलिंग का भी शिकार होना पड़ता है ऐसा ही कुछ इस बार हुआ है कि उनके कपड़ो को लेकर एक शख्स से लड़ाई हो गई. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

 

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आपको बता दें, कि हमेशा की तरह ही उर्फी जावेद ने रिवीलिंग कपड़े पहने हुए थे, वो एयरपोर्ट पर अपनी बहन के साथ थी. तभी एक शख्स आता है, जिसके हाथ में पानी का गिलास होता है वो उर्फी के कपड़ो को देखकर कहता है कि ‘ऐसे कपड़े पहनते हो और इंडिया का नाम खराब करते हो’, इस बात पर उर्फी उस शख्स से लड़ने लगती है और कहती है कि ‘तेरे बाप का कुछ जा रहा है जाकर अपना काम करो’ इतने में उर्फी की बहन दोनों को अलग करती है और उस शख्स को खरी-खोटी सुनाती है.अब उर्फी के इस वीडियो पर तमाम लोग कमेंट कर रहे है.

 

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बताते चले कि उर्फी जल्द ही फिल्म में डेब्यू करने जा रही है एकता कपूर की फिल्म लव सेक्स और धोखा के लिए उर्फी को चुना गया है हालांकि इससे पहले उर्फी कई रिएलटी शो में नजर आ चुकी है बिग बॉस और स्पिल्टविला’ जैसे रियलिटी शोज में भी नजर आईं.

Date पर जाना हो तो, पुरुष ये टिप्स ज़रुर अपनाएं

Date का नाम सुनते है बड़ा अच्छा लगता है और सबसे पहला ध्यान पुरुषों का आता है क्योकि डेटिंग के लिए पहले अप्रोच लड़के करते है जिसके लिए जरुरी है कि आप जब भी डेट पर जाए तो कुछ टिप्स ज़रुर अपनाएं. लड़कों के लिए फ्लर्टिंग, डेटिंग और रिलेशनशिप कोई आसान काम नहीं है, क्योंकि न तो वे इस पर किसी से सलाह मांग सकते हैं और न ही दोस्तों के साथ इन चीजों के बारे में खुलकर बात कर सकते हैं. यदि आप भी इनमें से एक हैं और अभी तक आपको अपना कोई खास नहीं मिला है, तो हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे टिप्स, जो पुरुषों के लिए बेहद मददगार हैं.

1. अपने आप को बाहर निकालें

किसी खास से मिलना लगभग असंभव हो जाता है, यदि आप खुद को अपनी स्थिति से बाहर नहीं निकालते हैं. हो सकता है कि आपका दिल पहले कभी टूट गया हो या आप शर्म महसूस कर रहे हों-आपकी झिझक का कारण जो भी हो, यह महत्वपूर्ण है कि आप इससे बाहर आएं और और नए लोगों से मिलना शुरू करें. याद रखें कि डेटिंग के लिए आपको संवेदनशील होने और नए अनुभवों के लिए खुले रहने की आवश्यकता है.

2. लोगों से ऑनलाइन और वास्तविक जीवन में मिलें

हो सकता है कि आप डेटिंग ऐप्स की दुनिया में जाने के बजाय लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलना पसंद करते हों. लेकिन अगर आप जवान हैं, तो किसी अजनबी के साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत शुरू करने का विचार अच्छा और बुरा दोनों हो सकता है. इसलिए किसी से मिलने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप दोनों एक दूसरे को समझने का प्रयास करें। कुछ ऑनलाइन डेटिंग सेवाओं का आप लाभ उठा सकते हैं और वास्तविक जीवन में लोगों से मिलने का प्रयास भी कर सकते हैं.

3. अपनी फ़्लर्टिंग तकनीक के बारे में ज़्यादा न सोचें

फ़्लर्टिंग करना हमेशा आसान नहीं होता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह तब विफल हो जाता है जब आप इसके बारे में कुछ ज्यादा ही सोचते हैं या फिर खुद पर भरोसा करने बजाय किसी को प्रभावित करने के लिए तरकीबें आजमाते हैं. किसी भी नए इंसान से बात करते समय एक अच्छा तरीका ये है कि आप कल्पना करें कि आप किसी मित्र या परिवार के सदस्य के साथ चैट या बातचीत कर रहे हैं. इससे दबाव कम हो जाता है, जिससे आप आराम से अपनी पर्सनलिटी को सामने रख सकते हैं.

4. काफी सवाल पूछे

पुरुषों के लिए एक पसंदीदा फर्स्ट-डेट टिप बहुत सारे सवाल पूछना है. यदि आप शर्मीलेपन से जूझ रहे हैं, तो यह विशेष रूप से अच्छी सलाह है। बस याद रखें कि बहुत अधिक गहराई में न जाएं.उनके काम, शौक और ट्रैवल प्लान्स पर बात कर सकते हैं. रिश्ते की शुरुआत में किसी के निजी जीवन के बारे में ओवरशेयरिंग या बहुत ज्यादा नासमझ होना एक टर्न-ऑफ हो सकता है और बहुत दखल देने वाला लग सकता है.

जब चढ़ा प्यार का नशा : नाजायज संबंधों की राह

उत्तरपश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी के भलस्वा गांव के रहने वाले सोहताश की बेटी की शादी थी. उन के यहां शादी में एक रस्म के अनुसार, लड़की की मां को सुबहसुबह कई घरों से पानी लाना होता है. रस्म के अनुसार पानी लाने के लिए सोहताश की पत्नी कुसुम सुबह साढ़े 5 बजे के करीब घर से निकलीं. यह 20 जून, 2017 की बात है.

पानी लेने के लिए कुसुम पड़ोस में रहने वाली नारायणी देवी के यहां पहुंचीं. नारायणी देवी उन की रिश्तेदार भी थीं. नारायणी के घर का दरवाजा खुला था, इसलिए वह उस की बहू मीनाक्षी को आवाज देते हुए सीधे अंदर चली गईं. वह जैसे ही ड्राइंगरूम में पहुंची, उन्हें नारायणी का 40 साल का बेटा अनूप फर्श पर पड़ा दिखाई दिया. उस का गला कटा हुआ था. फर्श पर खून फैला था. वहीं बैड पर नारायणी लेटी थी, उस का भी गला कटा हुआ था.

दोनों को उस हालत में देख कर कुसुम पानी लेना भूल कर चीखती हुई घर से बाहर आ गईं, उस की आवाज सुन कर पड़ोसी आ गए. उस ने आंखों देखी बात उन्हें बताई तो कुछ लोग नारायणी के घर के अंदर पहुंचे. नारायणी और उस का बेटा अनूप लहूलुहान हालत में पड़े मिले.

crime

अनूप की पत्नी मीनाक्षी, उस की 17 साल की बेटी कनिका, 15 साल का बेटा रजत बैडरूम में बेहोश पड़े थे. दूसरे कमरे में नारायणी की छोटी बहू अंजू और उस की 12 साल की बेटी भी बेहोश पड़ी थी. नारायणी का छोटा बेटा राज सिंह बालकनी में बिछे पलंग पर बेहोश पड़ा था.

मामला गंभीर था, इसलिए पहले तो घटना की सूचना पुलिस को दी गई. उस के बाद सभी को जहांगीरपुरी में ही स्थित बाबू जगजीवनराम अस्पताल ले जाया गया. सूचना मिलते ही एएसआई अंशु एक सिपाही के साथ मौके पर पहुंच गए थे. वहां उन्हें पता चला कि सभी को बाबू जगजीवनराम अस्पताल ले जाया गया है तो सिपाही को वहां छोड़ कर वह अस्पताल पहुंच गए. अस्पताल में डाक्टरों से बात करने के बाद उन्होंने घटना की जानकारी थानाप्रभारी महावीर सिंह को दे दी.

घटना की सूचना डीसीपी मिलिंद डुंबरे को दे कर थानाप्रभारी महावीर सिंह भी घटनास्थल पर जा पहुंचे. उस इलाके के एसीपी प्रशांत गौतम उस दिन छुट्टी पर थे, इसलिए डीसीपी मिलिंद डुंबरे के निर्देश पर मौडल टाउन इलाके के एसीपी हुकमाराम घटनास्थल पर पहुंच गए. क्राइम इनवैस्टीगेशन टीम को भी बुला लिया गया था. पुलिस ने अनूप के घर का निरीक्षण किया तो वहां पर खून के धब्बों के अलावा कुछ नहीं मिला. घर का सारा सामान अपनीअपनी जगह व्यवस्थित रखा था, जिस से लूट की संभावना नजर नहीं आ रही थी.

कुसुम ने पुलिस को बताया कि जब वह अनूप के यहां गई तो दरवाजे खुले थे. पुलिस ने दरवाजों को चैक किया तो ऐसा कोई निशान नहीं मिला, जिस से लगता कि घर में कोई जबरदस्ती घुसा हो. घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारी जगजीवनराम अस्पताल पहुंचे. डाक्टरों ने बताया कि अनूप और उस की मां के गले किसी तेजधार वाले हथियार से काटे गए थे. इस के बावजूद उन की सांसें चल रही थीं. परिवार के बाकी लोग बेहोश थे, जिन में से 2-3 लोगों की हालत ठीक नहीं थी.

कनिका, रजत और राज सिंह की बेटी की हालत सामान्य हुई तो डाक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी. पुलिस ने उन से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि रात उन्होंने कढ़ी खाई थी. खाने के बाद उन्हें ऐसी नींद आई कि उन्हें अस्पताल में ही होश आया.

इस से पुलिस अधिकारियों को शक हुआ कि किसी ने सभी के खाने में कोई नशीला पदार्थ मिला दिया था. अब सवाल यह था कि ऐसा किस ने किया था? अब तक राज सिंह को भी होश आ चुका था. पुलिस ने उस से पूछताछ की तो उस ने बताया कि खाना खाने के बाद उसे गहरी नींद आ गई थी. यह सब किस ने किया, उसे भी नहीं पता.

पुलिस को राज सिंह पर ही शक हो रहा था कि करोड़ों की संपत्ति के लिए यह सब उस ने तो नहीं किया? पुलिस ने उस से खूब घुमाफिरा कर पूछताछ की, लेकिन उस से काम की कोई बात सामने नहीं आई.

मामले के खुलासे के लिए डीसीपी मिलिंद डुंबरे ने थानाप्रभारी महावीर सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित कर दी, जिस में अतिरिक्त थानाप्रभारी राधेश्याम, एसआई देवीलाल, महिला एसआई सुमेधा, एएसआई अंशु, महिला सिपाही गीता आदि को शामिल किया गया.

नारायणी और उस के बेटे अनूप की हालत स्थिर बनी हुई थी. अंजू और उस की जेठानी मीनाक्षी अभी तक पूरी तरह होश में नहीं आई थीं. पुलिस ने राज सिंह को छोड़ तो दिया था, पर घूमफिर कर पुलिस को उसी पर शक हो रहा था. उस के और उस के भाई अनूप सिंह के पास 2-2 मोबाइल फोन थे.

शक दूर करने के लिए पुलिस ने दोनों भाइयों के मोबाइल फोनों की कालडिटेल्स निकलवाई. इस से भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला. अनूप का एक भाई अशोक गुड़गांव में रहता था. उस का वहां ट्रांसपोर्ट का काम था. पुलिस ने उस से भी बात की. वह भी हैरान था कि आखिर ऐसा कौन आदमी है, जो उस के भाई और मां को मारना चाहता था?

21 जून को मीनाक्षी को अस्पताल से छुट्टी मिली तो एसआई सुमेधा कांस्टेबल गीता के साथ उस से पूछताछ करने उस के घर पहुंच गईं. पूछताछ में उस ने बताया कि सभी लोगों को खाना खिला कर वह भी खा कर सो गई थी. उस के बाद क्या हुआ, उसे पता नहीं. पुलिस को मीनाक्षी से भी कोई सुराग नहीं मिला.

अस्पताल में अब राज सिंह की पत्नी अंजू, अनूप और उस की मां नारायणी ही बचे थे. अंजू से अस्पताल में पूछताछ की गई तो उस ने भी कहा कि खाना खाने के कुछ देर बाद ही उसे भी गहरी नींद आ गई थी.

जब घर वालों से काम की कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस ने गांव के कुछ लोगों से पूछताछ की. इस के अलावा मुखबिरों को लगा दिया. पुलिस की यह कोशिश रंग लाई. पुलिस को मोहल्ले के कुछ लोगों ने बताया कि अनूप की पत्नी मीनाक्षी के अब्दुल से अवैध संबंध थे. अब्दुल का भलस्वा गांव में जिम था, वह उस में ट्रेनर था. पुलिस ने अब्दुल के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह जहांगीरपुरी के सी ब्लौक में रहता था.

पुलिस 21 जून को अब्दुल के घर पहुंची तो वह घर से गायब मिला. उस की पत्नी ने बताया कि वह कहीं गए हुए हैं. वह कहां गया है, इस बारे में पत्नी कुछ नहीं बता पाई. अब्दुल पुलिस के शक के दायरे में आ गया. थानाप्रभारी ने अब्दुल के घर की निगरानी के लिए सादे कपड़ों में एक सिपाही को लगा दिया. 21 जून की शाम को जैसे ही अब्दुल घर आया, पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया.

थाने पहुंचते ही अब्दुल बुरी तरह घबरा गया. उस से अनूप के घर हुई घटना के बारे में पूछा गया तो उस ने तुरंत स्वीकार कर लिया कि उस के मीनाक्षी से नजदीकी संबंध थे और उसी के कहने पर मीनाक्षी ने ही यह सब किया था. इस तरह केस का खुलासा हो गया.

इस के बाद एसआई देवीलाल महिला एसआई सुमेधा और सिपाही गीता को ले कर मीनाक्षी के यहां पहुंचे. उन के साथ अब्दुल भी था. मीनाक्षी ने जैसे ही अब्दुल को पुलिस हिरासत में देखा, एकदम से घबरा गई. पुलिस ने उस की घबराहट को भांप लिया. एसआई सुमेधा ने पूछा, ‘‘तुम्हारे और अब्दुल के बीच क्या रिश्ता है?’’

‘‘रिश्ता…कैसा रिश्ता? यह जिम चलाता है और मैं इस के जिम में एक्सरसाइज करने जाती थी.’’ मीनाक्षी ने नजरें चुराते हुए कहा.

‘‘मैडम, तुम भले ही झूठ बोलो, लेकिन हमें तुम्हारे संबंधों की पूरी जानकारी मिल चुकी है. इतना ही नहीं, तुम ने अब्दुल को जितने भी व्हाट्सऐप मैसेज भेजे थे, हम ने उन्हें पढ़ लिए हैं. तुम्हारी अब्दुल से वाट्सऐप के जरिए जो बातचीत होती थी, उस से हमें सारी सच्चाई का पता चल गया है. फिर भी वह सच्चाई हम तुम्हारे मुंह से सुनना चाहते हैं.’’

सुमेधा का इतना कहना था कि मीनाक्षी उन के सामने हाथ जोड़ कर रोते हुए बोली, ‘‘मैडम, मुझ से बहुत बड़ी गलती हो गई. प्यार में अंधी हो कर मैं ने ही यह सब किया है. आप मुझे बचा लीजिए.’’

इस के बाद पुलिस ने मीनाक्षी को हिरासत में लिया. उसे थाने ला कर अब्दुल और उस से पूछताछ की गई तो इस घटना के पीछे की जो कहानी सामने आई, वह अविवेक में घातक कदम उठाने वालों की आंखें खोल देने वाली थी.

उत्तर पश्चिमी दिल्ली के थाना जहांगीरपुरी के अंतर्गत आता है भलस्वा गांव. इसी गांव में नारायणी देवी अपने 2 बेटों, अनूप और राज सिंह के परिवार के साथ रहती थीं. गांव में उन की करोड़ों रुपए की संपत्ति थी. उस का एक बेटा और था अशोक, जो गुड़गांव में ट्रांसपोर्ट का बिजनैस करता था. वह अपने परिवार के साथ गुड़गांव में ही रहता था. करीब 20 साल पहले अनूप की शादी गुड़गांव के बादशाहपुर की रहने वाली मीनाक्षी से हुई थी. उस से उसे 2 बच्चे हुए. बेटी कनिका और बेटा रजत. अनूप भलस्वा गांव में ही ट्रांसपोर्ट का बिजनैस करता था.

नारायणी देवी के साथ रहने वाला छोटा बेटा राज सिंह एशिया की सब से बड़ी आजादपुर मंडी में फलों का आढ़ती था. उस के परिवार में पत्नी अंजू के अलावा एक 12 साल की बेटी थी. नारायणी देवी के गांव में कई मकान हैं, जिन में से एक मकान में अनूप अपने परिवार के साथ रहता था तो दूसरे में नारायणी देवी छोटे बेटे के साथ रहती थीं.

तीनों भाइयों के बिजनैस अच्छे चल रहे थे. सभी साधनसंपन्न थे. अपने हंसतेखेलते परिवार को देख कर नारायणी खुश रहती थीं. कभीकभी इंसान समय के बहाव में ऐसा कदम उठा लेता है, जो उसी के लिए नहीं, उस के पूरे परिवार के लिए भी परेशानी का सबब बन जाता है. नारायणी की बहू मीनाक्षी ने भी कुछ ऐसा ही कदम उठा लिया था.

सन 2014 की बात है. घर के रोजाना के काम निपटाने के बाद मीनाक्षी टीवी देखने बैठ जाती थी. मीनाक्षी खूबसूरत ही नहीं, आकर्षक फिगर वाली भी थी. 2 बच्चों की मां होने के बावजूद भी उस ने खुद को अच्छी तरह मेंटेन कर रखा था. वह 34 साल की हो चुकी थी, लेकिन इतनी उम्र की दिखती नहीं थी. इस के बावजूद उस के मन में आया कि अगर वह जिम जा कर एक्सरसाइज करे तो उस की फिगर और आकर्षक बन सकती है.

बस, फिर क्या था, उस ने जिम जाने की ठान ली. उस के दोनों बच्चे बड़े हो चुके थे. अनूप रोजाना समय से अपने ट्रांसपोर्ट के औफिस चला जाता था. इसलिए घर पर कोई ज्यादा काम नहीं होता था. मीनाक्षी के पड़ोस में ही अब्दुल ने बौडी फ्लैक्स नाम से जिम खोला था. मीनाक्षी ने सोचा कि अगर पति अनुमति दे देते हैं तो वह इसी जिम में जाना शुरू कर देगी. इस बारे में उस ने अनूप से बात की तो उस ने अनुमति दे दी.

मीनाक्षी अब्दुल के जिम जाने लगी. वहां अब्दुल ही जिम का ट्रेनर था. वह मीनाक्षी को फिट रखने वाली एक्सरसाइज सिखाने लगा. अब्दुल एक व्यवहारकुशल युवक था. चूंकि मीनाक्षी पड़ोस में ही रहती थी, इसलिए अब्दुल उस का कुछ ज्यादा ही खयाल रखता था.

मीनाक्षी अब्दुल से कुछ ऐसा प्रभावित हुई कि उस का झुकाव उस की ओर होने लगा. फिर तो दोनों की चाहत प्यार में बदल गई. 24 वर्षीय अब्दुल एक बेटी का पिता था, जबकि उस से 10 साल बड़ी मीनाक्षी भी 2 बच्चों की मां थी. पर प्यार के आवेग में दोनों ही अपनी घरगृहस्थी भूल गए. उन का प्यार दिनोंदिन गहराने लगा.

मीनाक्षी जिम में काफी देर तक रुकने लगी. उस के घर वाले यही समझते थे कि वह जिम में एक्सरसाइज करती है. उन्हें क्या पता था कि जिम में वह दूसरी ही एक्सरसाइज करने लगी थी. नाजायज संबंधों की राह काफी फिसलन भरी होती है, जिस का भी कदम इस राह पर पड़ जाता है, वह फिसलता ही जाता है. मीनाक्षी और अब्दुल ने इस राह पर कदम रखने से पहले इस बात पर गौर नहीं किया कि अपनेअपने जीवनसाथी के साथ विश्वासघात कर के वह जिस राह पर चलने जा रहे हैं, उस का अंजाम क्या होगा?

बहरहाल, चोरीछिपे उन के प्यार का यह खेल चलता रहा. दोढाई साल तक दोनों अपने घर वालों की आंखों में धूल झोंक कर इसी तरह मिलते रहे. पर इस तरह की बातें लाख छिपाने के बावजूद छिपी नहीं रहतीं. जिम के आसपास रहने वालों को शक हो गया.

अनूप गांव का इज्जतदार आदमी था. किसी तरह उसे पत्नी के इस गलत काम की जानकारी हो गई. उस ने तुरंत मीनाक्षी के जिम जाने पर पाबंदी लगा दी. इतना ही नहीं, उस ने पत्नी के मायके वालों को फोन कर के अपने यहां बुला कर उन से मीनाक्षी की करतूतें बताईं. इस पर घर वालों ने मीनाक्षी को डांटते हुए अपनी घरगृहस्थी की तरफ ध्यान देने को कहा. यह बात घटना से 3-4 महीने पहले की है.

नारायणी की दोनों बहुओं मीनाक्षी और अंजू के पास मोबाइल फोन नहीं थे. केवल घर के पुरुषों के पास ही मोबाइल फोन थे. लेकिन अब्दुल ने अपनी प्रेमिका मीनाक्षी को सिमकार्ड के साथ एक मोबाइल फोन खरीद कर दे दिया था, जिसे वह अपने घर वालों से छिपा कर रखती थी. उस का उपयोग वह केवल अब्दुल से बात करने के लिए करती थी. बातों के अलावा वह उस से वाट्सऐप पर भी चैटिंग करती थी. पति ने जब उस के जिम जाने पर रोक लगा दी तो वह फोन द्वारा अपने प्रेमी के संपर्क में बनी रही.

एक तो मीनाक्षी का अपने प्रेमी से मिलनाजुलना बंद हो गया था, दूसरे पति ने जो उस के मायके वालों से उस की शिकायत कर दी थी, वह उसे बुरी लगी थी. अब प्रेमी के सामने उसे सारे रिश्तेनाते बेकार लगने लगे थे. पति अब उसे सब से बड़ा दुश्मन नजर आने लगा था. उस ने अब्दुल से बात कर के पति नाम के रोड़े को रास्ते से हटाने की बात की. इस पर अब्दुल ने कहा कि वह उसे नींद की गोलियां ला कर दे देगा. किसी भी तरह वह उसे 10 गोलियां खिला देगी तो इतने में उस का काम तमाम हो जाएगा.

एक दिन अब्दुल ने मीनाक्षी को नींद की 10 गोलियां ला कर दे दीं. मीनाक्षी ने रात के खाने में पति को 10 गोलियां मिला कर दे दीं. रात में अनूप की तबीयत खराब हो गई तो उस के बच्चे परेशान हो गए. उन्होंने रात में ही दूसरे मकान में रहने वाले चाचा राज सिंह को फोन कर दिया. वह उसे मैक्स अस्पताल ले गए, जहां अनूप को बचा लिया गया. पति के बच जाने से मीनाक्षी को बड़ा अफसोस हुआ.

इस के कुछ दिनों बाद मीनाक्षी ने पति को ठिकाने लगाने के लिए एक बार फिर नींद की 10 गोलियां खिला दीं. इस बार भी उस की तबीयत खराब हुई तो घर वाले उसे मैक्स अस्पताल ले गए, जहां वह फिर बच गया.

मीनाक्षी की फोन पर लगातार अब्दुल से बातें होती रहती थीं. प्रेमी के आगे पति उसे फूटी आंख नहीं सुहा रहा था. वह उस से जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाहती थी. उसी बीच अनूप की मां नारायणी को भी जानकारी हो गई कि बड़ी बहू मीनाक्षी की हरकतें अभी बंद नहीं हुई हैं. अभी भी उस का अपने यार से याराना चल रहा है.

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अनूप तो अपने समय पर औफिस चला जाता था. उस के जाने के बाद पत्नी क्या करती है, इस की उसे जानकारी नहीं मिलती थी. उस के घर से कुछ दूर ही मकान नंबर 74 में छोटा भाई राज सिंह अपने परिवार के साथ रहता था. मां भी वहीं रहती थी. कुछ सोचसमझ कर अनूप पत्नी और बच्चों को ले कर राज सिंह के यहां चला गया. मकान बड़ा था, पहली मंजिल पर सभी लोग रहने लगे. यह घटना से 10 दिन पहले की बात है. उसी मकान में ग्राउंड फ्लोर पर अनूप का ट्रांसपोर्ट का औफिस था.

इस मकान में आने के बाद मीनाक्षी की स्थिति पिंजड़े में बंद पंछी जैसी हो गई. नीचे उस का पति बैठा रहता था, ऊपर उस की सास और देवरानी रहती थी. अब मीनाक्षी को प्रेमी से फोन पर बातें करने का भी मौका नहीं मिलता था. अब वह इस पिंजड़े को तोड़ने के लिए बेताब हो उठी. ऐसी हालत में क्या किया जाए, उस की समझ में नहीं आ रहा था?

एक दिन मौका मिला तो मीनाक्षी ने अब्दुल से कह दिया कि अब वह इस घर में एक पल नहीं रह सकती. इस के लिए उसे कोई न कोई इंतजाम जल्द ही करना होगा. अब्दुल ने मीनाक्षी को नींद की 90 गोलियां ला कर दे दीं. इस के अलावा उस ने जहांगीरपुरी में अपने पड़ोसी से एक छुरा भी ला कर दे दिया. तेजधार वाला वह छुरा जानवर की खाल उतारने में प्रयोग होता था. अब्दुल ने उस से कह दिया कि इन में से 50-60 गोलियां शाम के खाने में मिला कर पूरे परिवार को खिला देगी. गोलियां खिलाने के बाद आगे क्या करना है, वह फोन कर के पूछ लेगी.

अब्दुल के प्यार में अंधी मीनाक्षी अपने हंसतेखेलते परिवार को बरबाद करने की साजिश रचने लगी. वह उस दिन का इंतजार करने लगी, जब घर के सभी लोग एक साथ रात का खाना घर में खाएं. नारायणी के पड़ोस में रहने वाली उन की रिश्तेदार कुसुम की बेटी की शादी थी. शादी की वजह से उन के घर वाले वाले भी खाना कुसुम के यहां खा रहे थे. मीनाक्षी अपनी योजना को अंजाम देने के लिए बेचैन थी, पर उसे मौका नहीं मिल रहा था.

इत्तफाक से 19 जून, 2017 की शाम को उसे मौका मिल गया. उस शाम उस ने कढ़ी बनाई और उस में नींद की 60 गोलियां पीस कर मिला दीं. मीनाक्षी के दोनों बच्चे कढ़ी कम पसंद करते थे, इसलिए उन्होंने कम खाई. बाकी लोगों ने जम कर खाना खाया. देवरानी अंजू ने तो स्वादस्वाद में कढ़ी पी भी ली. चूंकि मीनाक्षी को अपना काम करना था, इसलिए उस ने कढ़ी के बजाय दूध से रोटी खाई.

खाना खाने के बाद सभी पर नींद की गोलियों का असर होने लगा. राज सिंह सोने के लिए बालकनी में बिछे पलंग पर लेट गया, क्योंकि वह वहीं सोता था. अनूप और उस की मां नारायणी ड्राइंगरूम में जा कर सो गए. उस के दोनों बच्चे बैडरूम में चले गए. राज सिंह की पत्नी अंजू अपनी 12 साल की बेटी के साथ अपने बैडरूम में चली गई.

सभी सो गए तो मीनाक्षी ने आधी रात के बाद अब्दुल को फोन किया. अब्दुल ने पूछा, ‘‘तुम्हें किसकिस को निपटाना है?’’

‘‘बुढि़या और अनूप को, क्योंकि इन्हीं दोनों ने मुझे चारदीवारी में कैद कर रखा है.’’ मीनाक्षी ने कहा.

‘‘ठीक है, तुम उन्हें हिला कर देखो, उन में से कोई हरकत तो नहीं कर रहा?’’ अब्दुल ने कहा.

मीनाक्षी ने सभी को गौर से देखा. राज सिंह शराब पीता था, ऊपर से गोलियों का असर होने पर वह गहरी नींद में चला गया था. उस ने गौर किया कि उस की सास नारायणी और पति अनूप गहरी नींद में नहीं हैं. इस के अलावा बाकी सभी को होश नहीं था. मीनाक्षी ने यह बात अब्दुल को बताई तो उस ने कहा, ‘‘तुम नींद की 10 गोलियां थोड़े से पानी में घोल कर सास और पति के मुंह में सावधानी से चम्मच से डाल दो.’’

मीनाक्षी ने ऐसा ही किया. सास तो मुंह खोल कर सो रही थी, इसलिए उस के मुंह में आसानी से गोलियों का घोल चला गया. पति को पिलाने में थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन उस ने उसे भी पिला दिया.

आधे घंटे बाद वे दोनों भी पूरी तरह बेहोश हो गए. मीनाक्षी ने फिर अब्दुल को फोन किया. तब अब्दुल ने सलाह दी कि वह अपनी देवरानी के कपड़े पहन ले, ताकि खून लगे तो उस के कपड़ों में लगे. देवरानी के कपड़े पहन कर मीनाक्षी ने अब्दुल द्वारा दिया छुरा निकाला और नारायणी का गला रेत दिया. इस के बाद पति का गला रेत दिया.

इस से पहले मीनाक्षी ने मेहंदी लगाने वाले दस्ताने हाथों में पहन लिए थे. दोनों का गला रेत कर उस ने अब्दुल को बता दिया. इस के बाद अब्दुल ने कहा कि वह खून सने कपड़े उतार कर अपने कपड़े पहन ले और कढ़ी के सारे बरतन साफ कर के रख दे, ताकि सबूत न मिले.

बरतन धोने के बाद मीनाक्षी ने अब्दुल को फिर फोन किया तो उस ने कहा कि वह उन दोनों को एक बार फिर से देख ले कि काम हुआ या नहीं? मीनाक्षी ड्राइंगरूम में पहुंची तो उसे उस का पति बैठा हुआ मिला. उसे बैठा देख कर वह घबरा गई. उस ने यह बात अब्दुल को बताई तो उस ने कहा कि वह दोबारा जा कर गला काट दे नहीं तो समस्या खड़ी हो सकती है.

छुरा ले कर मीनाक्षी ड्राइंगरूम में पहुंची. अनूप बैठा जरूर था, लेकिन उसे होश नहीं था. मीनाक्षी ने एक बार फिर उस की गरदन रेत दी. इस के बाद अनूप बैड से फर्श पर गिर गया. मीनाक्षी ने सोचा कि अब तो वह निश्चित ही मर गया होगा.

अपने प्रेमी की सलाह पर उस ने अपना मोबाइल और सिम तोड़ कर कूड़े में फेंक दिया. जिस छुरे से उस ने दोनों का गला काटा था, उसे और दोनों दस्ताने एक पौलीथिन में भर कर सामने बहने वाले नाले में फेंक आई. इस के बाद नींद की जो 10 गोलियां उस के पास बची थीं, उन्हें पानी में घोल कर पी ली और बच्चों के पास जा कर सो गई.

मीनाक्षी और अब्दुल से पूछताछ कर के पुलिस ने उन्हें भादंवि की धारा 307, 328, 452, 120बी के तहत गिरफ्तार कर 22 जून, 2017 को रोहिणी न्यायालय में महानगर दंडाधिकारी सुनील कुमार की कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया. रिमांड अवधि में अन्य सबूत जुटा कर पुलिस ने उन्हें फिर से न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

मीनाक्षी ने अपनी सास और पति को जान से मारने की पूरी कोशिश की थी, पर डाक्टरों ने उन्हें बचा लिया है. कथा लिखे जाने जाने तक दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा था.

मीनाक्षी के मायके वाले काफी धनाढ्य हैं. उन्होंने उस की शादी भी धनाढ्य परिवार में की थी. ससुराल में उसे किसी भी चीज की कमी नहीं थी. खातापीता परिवार होते हुए भी उस ने देहरी लांघी. उधर अब्दुल भी पत्नी और एक बेटी की अपनी गृहस्थी में हंसीखुशी से रह रहा था. उस का बिजनैस भी ठीक चल रहा था. पर खुद की उम्र से 10 साल बड़ी उम्र की महिला के चक्कर में पड़ कर अपनी गृहस्थी बरबाद कर डाली.

बहरहाल, गलती दोनों ने की है, इसलिए दोनों ही जेल पहुंच गए हैं. निश्चित है कि दोनों को अपने किए की सजा मिलेगी.

– कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित

मणिपुर में इंसानियत शर्मसार

मणिपुर के हालात से सभी वाकिफ हैं. वहां पर बिते कई दिनों से हिंसा चल रही लेकिन बुधवार को जो वायरल वीडियो आया, जिसमें दो महिलाओं को नग्न करके सड़क पर दौड़ाया गया. जिसनें इंसानियत और महिलाओं की इज्जत को तार-तार किया वो बेहद ही शर्मनाक है. मणिपुर हिंसा को लेकर अभी तक कोई कार्रवाई भी नहीं हुई, लेकिन जैसे ही ये वायरल वीडियो सबके सामने आया इस पर हंगामा शुरू हो गया. मणिपुर में इस घटना ने इंसानियत पर सवाल उठा दिया. वहशी दरिंदों के नए चेहरे दिखा दिए. मणिपुर में कुछ लोग इतने वहशी हो गए कि उन्होंने दो लड़कियों को निर्वस्त्र किया, उन्हें बिना कपड़ों के घुमाया.

प्रधानमंत्री अब तक चुप क्यों ?

मणिपुर में 3 मई से हिंसा हो रही थी, वायरल वीडियो 4 मई का है. 77 दिन तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस मामले में कोई कमेंट नहीं आया जबकि विपक्षी नेता लगातार इस मामले में पीएम के दखल की मांग कर रहे थे. गृह मंत्री अमित शाह ने मोर्चा जरूर संभाला लेकिन उनके दिल्ली वापस होते ही हिंसा से शुरु हो गई. संसद के मानसून सत्र का पहला दिन था प्रधानमंत्री मीडिया के सामने आए और वायरल वीडियो के मामले में 36 सेकंड में अपनी बात कह गए. इस दौरान उन्होंने राजस्थान और छत्तीसगढ़ का नाम भी गिना दिया. अब सवाल यह उठता है कि मणिपुर जैसे जघन्य अपराध को किसी दूसरे अपराध से तुलना कैसे की जा सकती है ? सवाल यह भी उठता है आखिरकार कब तक दूसरे अपराधों की तुलना में अपने अपराधों को छुपाया जाएगा ? जब भी कभी भाजपा पर सवाल उठते हैं तो वह तुरंत कांग्रेस के 70 सालों का इतिहास बनाने लगते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी इसलिए भी सवाल खड़ी करती है कि वह हर छोटे छोटे मसलों पर ट्वीट करते हैं लेकिन मणिपुर 77 दिनों से जल रहा था लेकिन पीएम खामोश थे. वायरल वीडियो और मणिपुर हिंसा को देखते हुए पीएम मोदी ने चुप्पी तो तोड़ी, साथ ही दो और प्रदेशों का नाम जोड़कर उन्होंने यह जता दिया कि सिर्फ बीजेपी शासित राज्य में ऐसे कांड नहीं होते जहां पर कांग्रेस की सरकार है वहां पर भी ऐसी शर्मनाक हरकतें हो रही हैं

मणिपुर में जब से हिंसा हो रही है तब से प्रधानमंत्री ने एक भी शब्द मणिपुर पर नहीं कहा ना ही किसी एक्शन की बात कही. मानसून सत्र की शुरुआत में मीडिया से सिर्फ इतना कहा कि- मणिपुर की घटना से मेरा हृदय दुख से भरा है. ये घटना शर्मसार करने वाली है. पाप करने वाले कितने हैं, कौन हैं वो अपनी जगह है, पर बेइज्जती पूरे देश की हो रही है. 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. नारी का सम्मान सर्वोपरि.

संसद में क्यों मणिपुर पर बहस नहीं कर रहे पीएम ?

विपक्ष लगातार सवाल कर रहा है कि आखिर प्रधानमंत्री संसद में मणिपुर पर चर्चा क्यों नहीं कर रहे हैं. इस मुद्दे पर बात करना बाकी सभी मुद्दों से ज्यादा जरूरी है, क्योंकि बाकी सभी मुद्दों की तुलना में ये महत्वपूर्ण मुद्दा है. समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं जबकि मणिपुर पर नियम के तहत चर्चा चाहता है विपक्ष. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने मणिपुर सीएम पर हमला बोला, कहा- अपने बयान के बाद भला सीएम की कुर्सी पर कैसे बैठे है मुख्यमंत्री. और देखा जाए तो बात सही भी है.इतने दिनों से मणिपुर जल रहा लेकिन सरकार ने चुप्पी साध रखी है.

मणिपुर मामला है क्या ?

दरअसल मणिपुर में तीन मई को मैतेई (घाटी बहुल समुदाय) और कुकी जनजाति (पहाड़ी बहुल समुदाय) के बीच हिंसा शुरू हुई थी. मणिपुर में मैतेई समाज की मांग है कि उसको कुकी की तरह राज्य में ST का दर्जा दिया जाए, लेकिन कुकी समुदाय को ये बात नागवार गुजरी. वो नहीं चाहता कि मैतेई समाज के लोग उनके बराबर आए और यही कारण है कि इसके खिलाफ कुकी समाज ने आवाज उठाई और आदिवासी एकजुटता रैली निकाली. जिसका विरोध होते-होते बात हिंसा तक पहुंच गई और मणिपुर इतने दिनों से हिंसा की आग में जल रहा है.

BBC के रिपोर्ट के मुताबिक- वायरल वीडियो को शर्मनाक बताते हुए मैतेई समुदाय से आने वाले फ़िल्ममेकर निंगथोउजा लांचा ने कहा- हम किसी अपराध या अपराधी के बचाव में ये नहीं कह रहे लेकिन हमारे पास इससे भी भयावह वीडियो हैं. पीएम मोदी को टिप्पणी करने से पहले इस वीडियो की जाँच होनी चाहिए थी. इसके बिना किसी एक समुदाय पर आरोप लगाना गलत है.” बहुत से ऐसे वीडियो और तस्वीरें हैं जिनमें कुकी समुदाय के लोग मैतेई लोगों को मार रहे हैं. पीएम उन पर क्या कहेंगे? इतना एकतरफ़ा रुख क्यों? प्रधानमंत्री को हमेशा निष्पक्ष रहना चाहिए.”

मणिपुर में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक- सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के इस वायरल वीडियो पर स्वत: संज्ञान लिया, कहा- इस मामले में 28 जुलाई को सुनवाई करेगा कोर्ट.
चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सरकार को इस मामले में दखल देना चाहिए और एक्शन लेना चाहिए. ये पूरी तरह अस्वीकार्य है. ये संविधान और मानवाधिकारों का उल्लंघन है. कोर्ट ने कहा कि “सरकार बताए कि ऐसी घटनाएं फिर ना हो, इसके लिए क्या कदम उठाए गए, सरकार इसका जवाब दे.

मेरे छोटे भाई की बीवी का सीना एकदम सपाट है वह उसे रखना नहीं चाहता, हम लोग क्या करें?

सवाल
मेरे छोटे भाई की शादी कुछ महीने पहले ही हुई है. उस की बीवी का सीना एकदम सपाट है. लिहाजा, वह उसे रखना नहीं चाहता. हम लोग क्या करें?

जवाब
लड़कियों के सीने का उभार हार्मोनों पर निर्भर रहता है. आप लोगों को शादी से पहले लड़की को ठीक से देखना चाहिए था. शादी के बाद इस तरह की बातें फुजूल होती हैं.

वैसे, बच्चा होने के बाद सीना कुछ हद तक ठीक हो जाएगा. आप अपने भाई को समझाएं कि बीवी जैसी भी है, उसे ही प्यार करे. आप इस बारे में लेडी डाक्टर से भी बात कर सकते हैं.

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जब करें इनरवियर का चुनाव

फैशनेबल दिखने के लिए इनरवियर्स का सही चुनाव बहुत जरूरी है, क्योंकि इनरवियर्स ही ड्रैस की फिटिंग को उभारते हैं. यदि सही इनरवियर्स नहीं होंगे तो बौडी शेप भी खराब दिखेगी. लेकिन इनरवियर किसे दिखाने हैं, यह सोच कर लड़कियां अकसर सस्ते इनरवियर खरीद लेती हैं और यहीं हो जाती है उन से फैशन मिस्टेक. जबकि आजकल बाजार में हर ड्रैस के लिए तरहतरह के इनरवियर्स उपलब्ध हैं.

आइए, जानते हैं किस ड्रैस के साथ कौन सा इनरवियर पहनना चाहिए:

– मिनिमाइजर ब्रा स्लिम फिट टौप के लिए है यदि आप अपनी हैवी ब्रैस्ट का साइज कम दिखाना चाहती हैं तो यह ब्रा आप के लिए परफैक्ट है.

– टी शर्ट पहन रही हैं तो टीशर्ट ब्रा ही पहनें. यह ब्रा आप की ब्रैस्ट को सही आकार देगी और टीशर्ट की फिटिंग भी सही आएगी.

– पैडेड ब्रा उन ड्रैसेज के लिए है, जो बहुत ही महीन फैब्रिक मसलन सिल्क, कौटन और लिनेन से बनी होती हैं.

– यदि डीपनैक ड्रैस पहनने जा रही हैं तो डैमी ब्रा पहनना न भूलें. यह ब्रा औफशोल्डर और ट्यूब टौप के नीचे भी पहनी जा सकती है.

– हाल्टरनेक ब्रा को ढीलेढाले स्पोर्टवियर के नीचे पहनना चाहिए. यह न केवल ब्रैस्ट को स्थाई रखती है, बल्कि पसीने को भी सोखती है. यह पसीने को आप के आउटरवियर पर नहीं आने देती.

फैशन ऐक्सपर्ट विनीता कहती हैं, ‘‘ब्रैस्ट और बंप्स महिलाओं के शरीर के बहुत ही अहम हिस्से होते हैं. ये दोनों ही हिस्से महिलाओं को अच्छी फिगर देते हैं और ड्रैस को अच्छी शेप. यदि किसी महिला की ब्रैस्ट का साइज कम है तो उसे आर्टिफिशियली बढ़ाने के लिए पैडेड ब्रा पहनी जा सकती है. ब्रा की ही तरह बंप्स को बढ़ाने के लिए पैडेड पैंटीज भी मिलती हैं.’’

टीनऐजर्स के इनरवियर

दरअसल, आज की युवा पीढ़ी में इनरवियर्स से जुड़ी सही जानकारी का ज्ञान होना बहुत जरूरी है खासतौर पर जब हम टीनऐजर्स की बात करते हैं, तब यह और भी महत्त्वपूर्ण विषय बन जाता है.

वर्तमान समय में कई तरह के पर्यावरण बदलाव हो रहे हैं, जिन का सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है. इन बदलावों का ही असर है, जो आज लड़कियों में बहुत से शारीरिक बदलाव देखे जा रहे हैं.

इस की एक बड़ी वजह आजकल का खानपान भी है. मासिकधर्म शुरू होने पर लड़कियों के शारीरिक अंगों में विकास होता है. स्तनों का विकास भी मासिकधर्म पर निर्भर करता है.

इस तरह कम उम्र से ही लड़कियों को ब्रा पहननी होती है. यह एक ऐसी उम्र होती है जब अधिकतर लड़कियों को इस बात का आभास भी नहीं होता कि उन के स्तनों में उभार आ रहा है और वे आकार ले रहे हैं. ऐसे में एक मां ही अपनी बेटी को ब्रैस्ट केयर और ब्रा के सही चुनाव की जानकारी दे सकती है.

पेश है, कुछ खास जानकारी जो मां को अपनी बढ़ती बेटी को जरूर देनी चाहिए:

जब बेटी के स्तन आकार लेने लगें, तो तुरंत अपनी बेटी को इस बदलाव के बारे में समझाएं और उसे ट्रेनिंग या स्पोर्ट ब्रा खरीद कर पहनने को दें.

– विकसित होते स्तन कभीकभी लड़कियों को अवसाद में ले जाते हैं. इस बदलाव को लड़कियां आसानी से स्वीकार नहीं कर पातीं. दरअसल, खुद के शारीरिक अंगों में हो रहे बदलाव के बारे में दूसरों के मुंह से सुनती हैं, तो उन्हें यह परिस्थिति अटपटी लगती है, साथ ही विकसित होते स्तनों की बनावट भी अटपटी सी ही होती है. ऐसे में बेटी को कप्ड ब्रा पहनने का सुझाव दें. ऐसी ब्रा स्तनों के आकार को पौइंटेड दिखाने की जगह गोल आकार देती है. इस ब्रा में लगे अंडरवायर भी स्तनों को अच्छी सपोर्ट देते हैं.

– स्कूल में बहुत सारी ऐक्टिविटीज होती हैं, जिन में शारीरिक क्षमता का बहुत प्रयोग करना होता है. इन गतिविधियों में इस उम्र की लड़कियों को भी हिस्सा लेना होता है. मगर इस से पहले मां का फर्ज बनता है कि वह बेटी को समझाए कि उसे विकसित होते स्तनों का ध्यान रखना है और इस का ध्यान वह एक अच्छी स्पोर्ट ब्रा पहन कर ही रख सकती है. स्पोर्ट ब्रा पहनने से स्तनों के टिशूज पर प्रभाव नहीं पड़ता. इसलिए इस ब्रा को किसी स्पोर्ट में हिस्सा लेते या व्यायाम करते वक्त बेटी को पहनने को कहें.

– सवाल होते हैं. मसलन, फिटिंग, साइज और ब्रा पहनने के बाद कितना सहज महसूस हो सकता है. बेटी के मन में चल रही इस उथलपुथल को एक अच्छी फिटेड ब्रा के साथ मां ही खत्म कर सकती है.

– बेटी को डार्क कलर की ब्रा की जगह हलके रंग, हो सके तो स्किन टोन से मैच करते रंग की ब्रा पहनने की सलाह दें. दरअसल, डार्क रंग की ब्रा कपड़ों पर फ्लांट हो सकती है, लेकिन स्किन टोन कलर की ब्रा में यह दिक्कत नहीं आती.

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