फ्लाइट में हुई छेड़छाड़ पर उर्फी जावेद ने दिया इंटरव्यू, कही यें बातें

रिएलटी शो से टीवी इंडस्ट्री में अपना नाम जमाने वाली एक्ट्रेस उर्फी जावेद अक्सर ही किसी ना किसी बात को लेकर सोशल मीडिया पर छाई रहती है अपने ड्रेसिंग सेंस को लेकर वो हमेशा ही मीडिया की लाइमलाइट में बनी रहती है यहां तक कि कई बार उन्हे ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ता है. अब हाल ही में उनका सोशल मीडिया पर एक शख्स से लड़ाई करने का वीडिया खूब वायरल हो रहा था, इतना ही नहीं, फ्लाइट में उनके साथ हुई छेड़छाड़ का मुद्दा भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो हुआ. अब इसी मुद्दे पर एक्ट्रेस ने चुप्पी तोड़ी है और फ्लाइट में हुए हादसे की आपबीती सुनाई है.

 

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आपको बता दें, कि एक्ट्रेस उर्फी जावेद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की स्टोरी पर एक वीडियो साझा की थी, जिसमें कुछ लोग उनके साथ फ्लाइट में छेड़छाड़ करते नजर आ रहे थे. अब इसी वीडियो को लेकर एक्ट्रेस ने उस दिन का हाल बयां किया है और एक मीडिया अखबार को इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होने बताया है कि लोग मुझे अलग-अलग नाम से बुला रहे थे’. इसके अलावा कई लोग तरह-तरह के कमेंट्स करते हुए नजर आए. ‘अरे इसने आज कपड़े पहने है.’ लेकिन इसके बाद भी मैं शांत रही क्योंकि मैं फ्लाइट में कोई विवाद नहीं करना चाहती थी.’ इसके आगे एक्ट्रेस ने कहा कि ‘मैं सॉफ्ट टारगेट हूं, क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में मेरा कोई गॉडफादर नहीं है.

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बताते चले कि उर्फी जावेद टीवी के कई बड़े शो में नजर आ चुकी है लेकिन अब जल्द ही वो बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही है. एकता कपूर की फिल्म लव सेक्स एंड धोखा में उर्फी जल्द ही बड़े पर्दे पर सबके सामने नजर आएंगी. हालांकि इससे पहले उर्फी जावेद  बिग बॉस ओटीटी के अलावा स्प्लिट्सविला 14, ‘मेरी दुर्गा’, ‘साथ फेरों की हेरा फेरी’, ‘बेपनाह’, ‘डायन’, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’, और ‘बड़े भैया’ जैसे शो में नजर आ चुकी हैं.

भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने अग्रेंजी गाने पर लगाएं ठुमके, फैंस हुए घायल

भोजपुरी की मशहूर एक्ट्रेस अक्षरा सिंह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है वो समय-समय पर फोटो और वीडियो अपडेट करती रहती है. अक्षरा सिंह की वीडियो आते ही सोशल मीडिया पर छा जाती है वही. अक्षरा सिंह जितनी बेहतरीन एक्ट्रेस है उतनी ही वह जबरदस्त डांसर है जो अपने डांस मूव्स से सबको दिवाना बनाती है. ऐसा ही एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर शेयर किया है जिसमें वो अग्रेंजी गाने पर थिरकती हुई नजर आ रही है और फैंस उनकी जमकर तारीफ करते दिख रहे है.

 

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आपको बता दें, कि अक्षरा सिंह ने ये वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है. जिसमें अक्षरा ब्लैक आउटफिट में नजर आ रही है. अक्षरा इस वीडियो में केटी पेरी के गाने ‘हार्लेज इन हवाई’ पर अपने लटके- झटके दिखाती नजर आ रही हैं. इस वीडियो में अक्षरा के डांस मूव्स से लेकर उनका अंदाज भी फैंस को दीवाना बना रहा है. इस वीडियो को शेयर करते हुए अक्षरा ने कैप्शन में लिखा, “मेरे साथ वाइब करें, बस.” अक्षरा सिंह के इस वीडियो पर लोग खूब कमेंट कर रहे हैं और अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

 

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अक्षरा सिंह के इस डांस वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “वाह, सुपर से भी ऊपर हो आप.” तो वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा, “आप बहुत ही क्यूट और खूबसूरत हो. मैं आपकी क्यूटनेस पर फिदा हूं.” एक और यूजर ने अक्षरा सिंह के हुस्न की तारीफों के कसीदे पढ़ते हुए लिखा, “आप बहुत खूबसूरत लग रही हैं. बताते चले कि एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने भोजपुरी के साथ-साथ टीवी में भी अपना जलवा बिखेरा है. एक्ट्रेस सलमान खान के शो बिग बॉस ओटीटी के पहले सीजन में दिखाई दी थीं, जहां उन्हें काफी लोकप्रियता मिली. अक्षरा सिंह की इंस्टाग्राम पर लंबी- चौड़ी फैन फॉलोइंग है. एक्ट्रेस को इंस्टाग्राम पर 5.8 मिलियन से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं.

 

त्वचा की टैनिंग से लेकर एलर्जी तक को दूर करने के ये है तरीकें

चिलचिलाती मौसम के साथ त्वचा पर टैनिंग और एलर्जी की समस्या भी होने लगती है. ऐसे में आपको खुद को बचाने की कोशिश करनी होती है. धूप में जानें से पहले आपको कई बातों का खास ध्यान रखना होता है. हालांकि, लोगों को सही सनस्क्रीम का चुनाव करने में दिक्कत होती है.

1. त्वचा एलर्जी का उपचार

हल्की एलर्जी प्रतिक्रियाओं के लिए, त्वचा को ठंडे पानी से धोने से आम तौर पर मदद मिलती है, साथ ही सीधी धूप में बाहर न निकलने की सावधानी भी बरतनी पड़ती है. बच्चों के लिए, प्रभावित क्षेत्र पर थोड़ी मात्रा में पेट्रोलियम जेली लगाने से त्वचा को आराम मिलेगा और पोषण मिलेगा. प्रभावित क्षेत्र को ठंडे पानी से धोने के बाद त्वचा को नमी देने के लिए कैलामाइन लोशन का भी उपयोग किया जा सकता है. एंटीहिस्टामाइन खुजली को कंट्रोल कर सकता है, जबकि सामयिक कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स और एंटीबायोटिक्स त्वचा की सूजन को कम करता है और माध्यमिक संक्रमण में मदद करता है.

2. सनस्क्रीन के प्रकार

भौतिक और रासायनिक सनस्क्रीन के प्रकार होते हैं, जहां पहले वाले में जिंक ऑक्साइड और टाइटेनियम डाइऑक्साइड जैसे खनिज होते हैं, जो यूवी किरणों को प्रतिबिंबित या बिखेरते हैं जो यूवी किरणों को विक्षेपित करते हैं, और बाद वाले अवशोषित करते हैं. यूवी किरणें और यूवी किरणों को त्वचा तक पहुंचने से रोकती हैं.

हालांकि, उनमें मौजूद सामग्री त्वचा की लालिमा या सूजन, खुजली या चुभन, उभरे हुए उभार या पित्ती, स्केलिंग या रक्तस्राव, और दाने या तरल पदार्थ से भरे घावों जैसे लक्षणों के साथ कई त्वचा एलर्जी को ट्रिगर कर सकती है.

3. सनस्क्रीन की भूमिका

सनस्क्रीन शरीर को पराबैंगनी यानी कि यूवी विकिरण के हानिकारक प्रभावों से स्किन को बचाता है. इन प्रभावों में समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ना और त्वचा कैंसर शामिल हैं. आजकल, सनस्क्रीन के कई अलग-अलग विकल्प बाजार में मौजूद हैं जिनमें कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो त्वचा की एलर्जी, लालिमा और सूजन का कारण बन सकते हैं.

मेरे पति बिना बात के मारते हैं और गालियां देते हैं, मैं क्या करूं?

सवाल-

मेरी शादी 10 साल पहले हुई थी. मेरे 2 बच्चे हैं. मेरे पति बिना बात के मुझे मारते हैं, गालियां देते हैं. लड़ाई के बाद वे कईकई दिनों के लिए बाहर चले जाते हैं. मैं क्या करूं?

जवाब-

आप ने यह नहीं बताया कि आप नौकरी करती हैं या नहीं? सामान्यतया कोई व्यक्ति तभी किसी पर अत्याचार करता है जब वह जानता है कि उस का कोई और ठिकाना नहीं.

यदि आप पढ़ीलिखी हैं तो सब से पहले आप अपने लिए कोई अच्छी नौकरी ढूंढ़ें और खुद को स्वावलंबी बनाने का प्रयास करें. इस से पति का आप पर एकाधिकार खत्म होगा. यदि आप के पति का व्यवहार शुरू से ऐसा ही है तो आप को अपना रास्ता अलग कर लेना चाहिए और यदि ऐसा कुछ समय से है तो कारण जानने का प्रयास करें.

कहीं उन की संगत तो गलत नहीं या फिर वे किस तरह की परेशानी में तो नहीं फंसे हैं. आप का खुद के प्रति बेपरवाह रहना भी एक कारण हो सकता है. अपने पहनावे और मेकअप पर ध्यान दें. स्वयं को थोड़ा सजाएंसंवारें. अपने व्यवहार पर भी ध्यान दें. इस से आप के पति का प्यार आप के प्रति लौट सकता है.

यदि घर में आप के सासससुर हैं तो उन से भी इस संदर्भ में चर्चा कर सकती हैं. नारीहित में काम करने वाली किसी संस्था से भी संपर्क कर सकती हैं. वह संस्था आप को रास्ता दिखाने के साथसाथ आप की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी.

ये है 37 अरब का फर्जीवाड़ा डौट कौम

हम भारतीय हर माने में देश को अमेरिका बनाना चाहते हैं, पर यह नहीं देखते कि अमेरिका ने किस तरह अपनी एक टौप की ऐनर्जी कंपनी ‘एनरौन’ के खातों में घपला पाए जाने पर न सिर्फ कंपनी के मालिक को पकड़ कर जेल में डाल दिया, बल्कि इस की नीलामी से मिले पैसे धोखाधड़ी के शिकार निवेशकों में बांट दिए. अमेरिका ही नहीं, इंडस्ट्री के बल पर चल रहे दक्षिण कोरिया में दुनिया की 35वीं अर्थव्यवस्था के बराबर ताकत रखने वाली इलैक्ट्रौनिक्स कंपनी सैमसंग के मालिक ली जी योंग के साथ इस साल की शुरुआत में ऐसी रगड़ाई की खबरें आई थीं कि उन के बारे में हमारे देश में कल्पना तक नहीं की सकती.

यहां के उद्योपतियों के साथ वैसा बरताव होने पर कई राजनीतिक दल ही उन का पक्ष ले कर हंगामा करने सड़कों पर उतर आए. यहां तो हाल यह है कि विजय माल्या जैसा फ्रौड व्यक्ति बैंक अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर करोड़ों रुपए ले कर विदेश भाग गया और उस से हुए नुकसान की भरपाई के लिए देश पर नोटबंदी थोप दी गई. इसी तरह वोडाफोन ने भारत में 12 अरब डौलर लगा कर हचिंसन को खरीद लिया, लेकिन टैक्स के रूप में एक पैसा तक सरकारी खजाने में जमा नहीं किया. ताजा उदाहरण साल की शुरुआत में पकड़ में आए साइबर ठगी मामले में महज 3 लोगों ने मिल कर नोएडा में चिटफंड कंपनी के रूप में 37 अरब का औनलाइन फर्जीवाड़ा कर डाला और सरकार को इस फर्जीवाड़े की खबर तक न हुई. यदि धोखाधड़ी के शिकार कुछ लोगों ने शिकायतें दर्ज न कराई होतीं, तो शायद यह घोटाला खरबों की रकम डकारने के बाद भी न रुकता. ध्यान रहे कि शारदा घोटाले में 17.4 लाख लोगों से 20 हजार करोड़ रुपए, रोज वैली में 60 हजार करोड़ और सहारा मामले में 36 हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई थी, कोई शक नहीं कि सोशल ट्रेड के नाम पर ठगी का यह सिलसिला 3,700 करोड़ रुपए के पार जा कर कहीं थमता, अगर कुछ लोगों ने इस की शिकायत न की होती.

वैसे तो इंटरनैट के प्रचारप्रसार का दौर शुरू होने के बाद लगातार यह कहा जाता रहा है कि भविष्य की सब से बड़ी चुनौती आपराधिक साइबर गतिविधियां ही होंगी, जिन से इंटरनैट के माध्यम से संचालित होने वाली इन आपराधिक और आतंकी गतिविधियों को कोई व्यक्ति या संगठन देशदुनिया और समाज को नुकसान पहुंचाने की चेष्टा करे. अभी तक देश में इस तरीके से कई गैरकानूनी काम हुए हैं, जैसे औनलाइन ठगी, बैंकिंग नैटवर्क में सेंध, लोगों खासकर महिलाओं को उन के गलत प्रोफाइल बना कर परेशान करना.

सोशल नैटवर्किंग के जरिए एक किस्म की पोंजी स्कीम (चिटफंड कंपनी जैसी योजना) चलाने का यह पहला बड़ा मामला है जो नोएडा में पकड़ में आया. नोएडा लाइक स्कैम नामक इस साइबर घोटाले का खुलासा यूपी एसटीएफ ने फरवरी के आरंभ में यह कहते हुए किया कि देशभर के करीब साढ़े 6 लाख लोगों से सोशल ट्रेड के नाम पर एक कंपनी ने 3,700 करोड़ रुपए ठग लिए हैं.

इस फर्जीवाड़े में 3 लोगों को गिरफ्तार करते हुए एसटीएफ ने दावा किया था कि एब्लेज इंफो सौल्यूशंस नाम की कंपनी नोएडा से अपना औफिस संचालित कर रही थी. यह कंपनी सोशल ट्रेड डौट बिज के नाम पर निवेशकों से मल्टी लैवल मार्केटिंग के जरिए डिजिटल मार्केटिंग के लिए पैसा ले रही थी, जिस में कंपनी के केनरा बैंक खाते में जमा 524 करोड़ रुपए सीज किए गए. कंपनी पर पड़े छापे में एसटीएफ को साढ़े 6 लाख लोगों के फोन नंबर डाटाबेस में मिले, जबकि 9 लाख लोगों के पहचानपत्र बरामद किए गए.

एसटीएफ ने कंपनी पर छापा मार कर कंपनी के निदेशक अनुभव मित्तल, सीईओ श्रीधर प्रसाद और तकनीकी प्रमुख महेश को गिरफ्तार किया. अनुभव मित्तल पुत्र सुनील मित्तल हापुड़ जनपद के पिलखुवा का

रहने वाला है, जबकि कंपनी का सीईओ श्रीधर पुत्र पीएस रमया मूलरूप से विशाखापट्टनम निवासी है और फिलहाल नोएडा के 53बी, सैक्टर-53 में रह रहा था. एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार तीसरा अभियुक्त कंपनी का टैक्निकल हैड महेश दयाल पुत्र गोपाल मथुरा जनपद के थाना बरसाना क्षेत्र स्थित कमई गांव का रहने वाला है. इस मामले में केनरा बैंक के एक मैनेजर की गिरफ्तारी हुई.

फर्जीवाड़े को कैसे दिया अंजाम

यों तो कंपनी ने दावा किया कि उस ने अपने निवेशकों से मिले अधिकतर पैसे निवेशकों को लौटा दिए थे पर जिस तरह से कंपनी के खातों में सैकड़ों करोड़ रुपए मिले, उस से साफ है कि कंपनी कुछ और रकम जमा होने के बाद यहां से रफूचक्कर हो जाती और इस में फंसे लाखों लोग हाथ मलते हुए रह जाते.

हालांकि निवेशकों से पैसा लेने की इस कंपनी की स्कीम शारदा, सहारा और रोज वैली जैसी पोंजी स्कीमों से काफी अलग थी. कंपनी की स्कीम लेने वालों को तयशुदा रकम देने पर एक विशेष आईडी के जरिए सोशल ट्रेड डौट बिज पोर्टल से जोड़ा जाता था और उन्हें अपनी आईडी पर दिखने वाले विज्ञापनों को फेसबुक और ट्विटर की तरह रोजाना ‘लाइक’ यानी क्लिक करना पड़ता था, जिस के बदले प्रति लाइक रकम देने का वादा था. ‘घर बैठे कुछ वैबसाइट लिंक्स पर क्लिक करें और बदले में अच्छे पैसे कमाएं’, इस स्लोगन के साथ कंपनी ने कुछ ही समय में लाखों लोगों को अपने साथ जोड़ लिया था. आईडी यानी सदस्यता हासिल करने के लिए कंपनी सोशल ट्रेड डौट बिज पोर्टल से जोड़ने के नाम पर 5,750 रुपए, 11,500 रुपए, 28,750 रुपए तथा 57,500 रुपए सदस्यता के तौर पर लेती थी. आईडी मिलने पर जब सदस्य पोर्टल पर मिलने वाले लिंक को लाइक करता था, तो उसे एक लाइक पर कंपनी सदस्य के खाते में 5 रुपए के हिसाब से पेमैंट करती थी. यही नहीं, अन्य पोंजी स्कीमों की तरह इस योजना में भी हर सदस्य को 21 दिन में अपने साथ 2 और लोगों को जोड़ना होता था, जिस के बाद सदस्य को पोर्टल पर रोजाना मिलने वाले लिंक दोगुने हो जाते थे.

सदस्यों को शुरुआत में रोजाना पेमैंट दी जाती थी, लेकिन बाद में उसे साप्ताहिक कर दिया जाता था. इस के अलावा सदस्यों को प्रमोशनल इनकम के रूप में भी कुछ रकम देने का झांसा दिया जाता था.

हालांकि कंपनी दावा करती थी कि वह विभिन्न कंपनियों के विज्ञापनों को लाइक कराने के बदले ज्यादा रकम पाती थी, जिस में से अपना हिस्सा काट कर वह बाकी सदस्यों में बांट देती थी, पर सचाई यह है कि यह कंपनी खुद ही इस तरह के फर्जी विज्ञापन डिजाइन कर के पोर्टल पर डालती थी और नए सदस्यों से हासिल रकम का कुछ हिस्सा पुराने सदस्यों को वापस करती थी.

कंपनी की मनशा फर्जीवाड़े की ही थी, इस का खुलासा इस बात से होता है कि सरकारी जांच एजेंसियों की पकड़ से बचने के लिए यह कंपनी कुछ समय से लगातार नाम बदल रही थी.

कंपनी में लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ने के पीछे की वजह यह थी कि असल में मामूली रकम लगाने के बाद इस में कोई विशेष दिमागी काम तो करना ही नहीं था. बस, घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर पर दिखने वाले लिंक्स पर क्लिक करने के मोह ने दिल्लीएनसीआर से ले कर विदेशों में बैठे लोगों को भी आकर्षित किया.

यही नहीं, जब नवंबर, 2016 में कंपनी के एक समारोह में बौलीवुड अभिनेत्री सन्नी लियोनी और अमीषा पटेल जैसी अभिनेत्रियां शामिल हुईं तो लोगों का भरोसा और पुख्ता हो गया. यही वजह है कि इस के झांसे में आए लोगों ने एक नही कई अकाउंट खोल रखे थे और कुछ ने तो क्लिक की मेहनत करवाने के लिए भी 300-400 रुपए रोजाना दे कर लड़के तक रख लिए थे. सब से आश्चर्यजनक बात तो यह है कि इस कंपनी का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद भी लोग इस के समर्थन में मुहिम चलाते रहे.

आंखों में धूल झोंकने की नीयत

यह कंपनी कैसे लोगों की आंखों में धूल झोंक रही थी, इस का खुलासा इस बात से हुआ कि पोर्टल पर विज्ञापनों के जिन लिंक्स के खुलने का दावा किया जाता था, खुद क्रिएट करती थी, जबकि कंपनी का दावा था कि लिंक उसे विज्ञापनदाता कंपनियां भेजती हैं.

शुरुआती जांच में ही नोएडा पुलिस ने साफ कर दिया कि इस में विज्ञापनदाता कोई थर्ड पार्टी नहीं थी. कंपनी के पोर्टल पर दिखने वाले सभी लिंक फर्जी होते थे जो लाइक के बाद कंपनी के सर्वर में डंप कर दिए जाते थे. कंपनी सिर्फ पैसा बनाने के लिए मल्टी लैवल मार्केटिंग के जरिए अपनी जेब भर रही थी.

खास बात यह है कि देश में इस तरह की मल्टी लैवल मार्केटिंग पर मनी सर्कुलेशन ऐक्ट, 1978 के तहत प्रतिबंध लगा है, लेकिन बावजूद इस के न तो ऐसी फ्रौड कंपनियों पर कोई प्रतिबंध है और न ही उन से धोखा खाने वालों का सिलसिला रुक रहा है. सोशल ट्रेड बिज से पहले स्पीक एशिया और क्यू नैट जैसी कंपनियां इसी तरह मल्टी लैवल मार्केटिंग के नाम पर लोगों को चूना लगा चुकी हैं.

व्यक्तिगत लालच एक वजह

इंटरनैट और सोशल मीडिया पर ठगी के दर्जनों तरीके हैं जिन के जरिए लोगों को फंसाया जाता है और उन से रकम ऐंठी जाती है. लौटरी का झांसा देना, किसी दूसरे मुल्क में वसीयत में छोड़ी गई संपत्ति आप के नाम ट्रांसफर करने के बदले फीस मांगना, विदेश से आए तोहफे की ड्यूटी चुका उसे आप तक पहुंचाना, क्रैडिट व एटीएम कार्ड की हैंकिंग जैसी अनगिनत वारदातें तकरीबन रोज होती हैं और एक किस्सा बंद होते ही साइबर ठगी का कोई दूसरा नया उदाहरण हमारे सामने उपस्थित हो जाता है.

ऐसे हादसे साबित करते हैं कि इंटरनैट और सोशल मीडिया के इस्तेमाल के बारे में सजगता का सारा मामला एकतरफा है. लोग इंटरनैट का इस्तेमाल करना तो सीख गए हैं, पर उस के विभिन्न मंचों पर क्याक्या सावधानियां बरतें, इस का उन्हें कोई आइडिया ही नहीं है. सरकार भी कानून पर कानून तो बनाती है, पर उस के पहरुओं की नींद तब टूटती है. जब अरबों का घोटाला हो चुका होता है और लाखों लोग अपनी पूंजी गंवा चुके होते हैं.

वैसे साइबर ठगी की इस बड़ी घटना की 2 अहम वजह हैं. एक तो यह कि सूचना प्रौद्योगिकी के मामले में भारत खुद को अगुआ मानता रहा है, उस के आईटी ऐक्सपर्ट दुनियाभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं और अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थापित सिलीकौन वैली की स्थापना तक में भारतीय आईटी विशेषज्ञों की भूमिका मानी जाती है.

साइबर खतरों को भांपते हुए सरकार 2013 में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति जारी कर चुकी है, जिस में देश के साइबर सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर की रक्षा के लिए प्रमुख रणनीतियों को अपनाने की बात कही गई थी. इन नीतियों के तहत देश में चौबीसों घंटे काम करने वाले एक नैशनल क्रिटिकल इन्फौर्मेशन प्रोटैक्शन सैंटर (एनसीईआईपीसी) की स्थापना शामिल है, जो देश में महत्त्वपूर्ण इन्फौर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए एक नोडल एजेंसी के रूप में काम कर सके.

सवाल है कि क्या इन उपायों को अमल में लाने में कोई देरी या चूक हुई है अथवा यह हमारे सूचना प्रौद्योगिकी तंत्र की कमजोर कडि़यों का नतीजा है कि एक ओर हैकर जब चाहे सरकारी प्रतिष्ठानों की वैबसाइट्स ठप कर रहे हैं और दूसरी ओर साइबर आतंकी भी अपनी गतिविधियां चलाने में सफल हो रहे हैं?

जो सरकार और पुलिस ठगी की बड़ी घटना के बाद संदिग्ध लोगों की धरपकड़ से ले कर उन के नैटवर्क का पता लगाने में मुस्तैद नजर आती है, वह किसी कंपनी के कामकाज शुरू करने से पहले यह पड़ताल क्यों नहीं करती कि आखिर वह किस तरह का काम कर रही है? क्या कंपनी ऐक्ट उसे ऐसी जानकारियां लेने से रोकता है या फिर सरकार का काम सिर्फ कागजी खानापूर्ति मात्र है?

सवाल कमाई के ऐसे आसान तरीके खोजने और उस में अपनी पूंजी फंस कर सिर पीटने वाली युवापीढ़ी से भी है, जो वैसे तो बेरोजगारी का रोना रोती है, लेकिन आसान काम के बदले बड़ी रकम के लालच में फंस जाती है. युवा यह क्यों नहीं सोचते कि किसी जरिए से उस के पास थोड़ेबहुत पैसे आते हैं, तो वह उन का इस्तेमाल ऐसे गैरकानूनी कामों में करती है जो आगे चल कर मुसीबत करते हैं. ऐसे लोगों के दिमाग में यह बात क्यों नहीं आती कि मात्र एक क्लिक के बदले कोई भी कंपनी 5-7 रुपए क्यों दे रही है, जबकि उस से किसी किस्म की आर्थिक सेवा का सर्जन नहीं हो रहा है?

निवेश से पहले की सावधानियां

 यदि आम लोग किसी भी वित्तीय योजना अथवा निवेश कराने वाली कंपनी में पैसा लगाने से पहले कुछ सावधानियां बरतें, तो ठगे जाने से बच सकते हैं :

– कंपनी के कामकाज पर नजर डालें कि क्या वे जमा कराई गई रकम या ली गई फीस के बदले कोई विश्वसनीय सेवा कर रही हैं या कोई व्यवसाय कर रही हैं.

– कंपनी के उच्चाधिकारियों के बारे में पूरी तरह से जांचपड़ताल करें. यह देखें कि उन का प्रोफैशनल अनुभव क्या है? क्या पहले उन्होंने इस तरह की कंपनियों या चिटफंड कंपनियों का संचालन किया है?

– कंपनियों के उच्चाधिकारियों की राजनीतिक नहीं, वित्तीय पोजिशन देखी जाए. यह पता करने की कोशिश हो कि कंपनी की कुल परिसंपत्तियां क्या हैं. यदि कंपनी के उच्चाधिकारी किसी प्रकार की धोखाधड़ी कर के भागते हैं तो क्या उन की परिसंपत्ति बेच कर निवेशकों का पैसा लौटाया जा सकता है?

– निवेश पर रिटर्न की दर की तुलना मार्केट रेट से की जानी चाहिए. यह जरूर देखा जाए कि अन्य वित्तीय कंपनियां क्या रिटर्न दे रही हैं.

– बाजार विशेषज्ञों की राय अवश्य ली जानी चाहिए और शुरुआत में छोटी रकम का ही निवेश करना चाहिए.

क्या आप जानते हैं सेक्सुअलिटी के राज, पढ़ें खबर

क्या आप जानते हैं कि सेक्स का संबंध जितना दैहिक आकर्षण, दिली तमन्ना, परिवेश और भावनात्मक प्रवाह से है, उतना ही यह विज्ञान से भी जुड़ा हुआ है. हर किसी के मन में उठने वाले कुछ सामान्य सवाल हैं कि किसी पुरुष को पहली नजर में अपने जीवनसाथी के सुंदर चेहरे के अलावा और क्या अच्छा लगता है? रिश्ते को तरोताजा और एकदूसरे के प्रति आकर्षण पैदा करने के लिए क्या तौरतरीके अपनाने चाहिए?

सेक्स जीवन को बेहतर बनाने और रिश्ते में प्यार कायम रखने के लिए क्या कुछ किया जा सकता है? रिश्ते में प्रगाढ़ता कैसे आएगी? हमें कोई बहुत अच्छा क्यों लगने लगता है? किसी की धूर्तता या दीवानगी के पीछे सेक्स की कामुकता के बदलाव का राज क्या है? खुश रहने के लिए कितना सेक्स जरूरी है? सेक्स में फ्लर्ट किस हद तक किया जाना चाहिए?

इन सवालों के अलावा सब से चिंताजनक सवाल अंग के साइज और शीघ्र स्खलन की समस्या को ले कर भी होता है. इन सारे सवालों के पीछे वैज्ञानिक तथ्य छिपा है, जबकि सामान्य पुरुष उन से अनजान बने रह कर भावनात्मक स्तर पर कमजोर बन जाता है या फिर आत्मविश्वास खो बैठता है.

वैज्ञानिक शोध : संसर्ग का संघर्ष

हाल में किए गए वैज्ञानिक शोध के अनुसार, यौन सुख का चरमोत्कर्ष पुरुषों के दिमाग में तय होता है, जबकि महिलाओं के लिए सेक्स के दौरान विविध तरीके माने रखते हैं. चिकित्सा जगत के वैज्ञानिक बताते हैं कि पुरुष गलत तरीके के यौन संबंध को खुद नियंत्रित कर सकता है, जो उस की शारीरिक संरचना पर निर्भर है.

पुरुषों के लिए बेहतर यौनानंद और सहज यौन संबंध उस के यौनांग, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी पर निर्भर करता है. पुरुषों में यदि रीढ़ की हड्डी की चोट या न्यूरोट्रांसमीटर सुखद यौन प्रक्रिया में बाधक बन सकता है, तो महिलाओं के लिए जननांग की दीवारें इस के लिए काफी हद तक जिम्मेदार होती हैं और कामोत्तेजना में बाधक बन सकती हैं.

शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि एक पुरुष में संसर्ग सुख तक पहुंचने की क्षमता काफी हद तक उस के अपने शरीर की संरचना पर निर्भर है, जिस का नियंत्रण आसानी से नहीं हो पाता है. इस के लिए पुरुषों में मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और शिश्न जिम्मेदार होते हैं.

मैडिसन के इंडियाना यूनिवर्सिटी स्कूल और मायो क्सीविक स्थित वैज्ञानिकों ने सैक्सुअल और न्यूरो एनाटोमी से संबंधित संसर्ग के प्रचलित तथ्यों का अध्ययन कर विश्लेषण किया. विश्लेषण के अनुसार,

डा. सीगल बताते हैं, ‘‘पुरुष के अंग के आकार के विपरीत किसी भी स्वस्थ पुरुष में संसर्ग करने की क्षमता काफी हद तक उस के तंत्रिकातंत्र पर निर्भर है. शरीर को नियंत्रित करने वाले तंत्रिकातंत्र और सहानुभूतिक तंत्रिकातंत्र के बीच संतुलन बनाया जाना चाहिए, जो शरीर के भीतर जूझने या स्वच्छंद होने की स्थिति को नियंत्रित करता है.’’

डा. सीगल अपने शोध के आधार पर बताते हैं कि शारीरिक संबंध के दौरान संवेदना मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी द्वारा पहुंचती है और फिर इस के दूसरे छोर को संकेत मिलता है कि आगे क्या करना है. इस आधार पर वैज्ञानिकों ने पाया कि उत्तेजना 2 तथ्यों पर निर्भर है.

एक मनोवैज्ञानिक और दूसरी शारीरिक, जिस में शिश्न की उत्तेजना प्रत्यक्ष तौर पर बनती है. इन 2 कारणों में से सामान्य मनोवैज्ञानिक तर्क की मान्यता में पूरी सचाई नहीं है. डा. सीगल का कहना है कि रीढ़ की हड्डी की चोट से शिश्न की उत्तेजना में कमी आने से संसर्ग सुख की प्राप्ति प्रभावित हो जाती है. इसी तरह से मस्तिष्क में मनोवैज्ञानिक समस्याओं में अवसाद आदि से तंत्रिका रसायन में बदलाव आने से संसर्ग और अधिक असहज या कष्टप्रद बन जाता है.

स्त्री की यौन तृप्ति

कोई युवती कितनी कामुक या सेक्स के प्रति उन्मादी हो सकती है? इस के लिए बड़ा सवाल यह है कि उसे यौन तृप्ति किस हद तक कितने समय में मिल पाती है? विश्लेषणों के अनुसार, शोधकर्ता वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि ऐसे लोगों को चिकित्सकीय सहायता मिल सकती है और वे सुखद यौन संबंध में बाधक बनने वाली बहुचर्चित भ्रांतियों से बच सकते हैं.

इस शोध में यह भी पाया गया है कि युवतियों के लिए यौन तृप्ति का अनुभव कहीं अधिक जटिल समस्या है. इस बारे में पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने माइक्रोस्कोप के जरिए युवतियों के अंग की दीवारों में होने वाले बदलावों और असंगत प्रभाव बनने वाली स्थिति का पता लगाया है. वैज्ञानिकों ने एमआरआई स्कैन के जरिए महिला के दिमाग में संसर्ग के दौरान की  सक्रियता मालूम कर उत्तेजना की समस्या से जूझने वाले पुरुषों को सुझाव दिया है कि वे अपनी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं. उन्हें सैक्सुअल समस्याओं के निबटारे के लिए डाक्टरी सलाह लेनी चाहिए, न कि नीम हकीम की सलाह या सुनीसुनाई बातों को महत्त्व देना चाहिए. इस अध्ययन को जर्नल औफ क्लीनिकल एनाटौमी में प्रकाशित किया गया है.

महत्त्वपूर्ण है संसर्ग की शैली

डा. सीगल के अनुसार, महिलाओं के लिए संसर्ग के सिलसिले में अपनाई गई पोजिशन महत्त्वपूर्ण है. विभिन्न सैक्सुअल पोजिशंस के संदर्भ में शोधकर्ताओं द्वारा किए गए सर्वेक्षणों में भी पाया गया है कि स्त्री के यौनांग की दीवारों को विभिन्न तरीके से उत्तेजित किया जा सकता है. आज की भागदौड़भरी जीवनशैली में मानसिक तनाव के साथसाथ शारीरिक अस्वस्थता भी सेक्स जीवन को प्रभावित कर देती है.

ऐसे में कोई पुरुष चाहे तो अपनी सेक्स संबंधी समस्याओं को डाक्टरी सलाह के जरिए दूर कर सकता है. कठिनाई यह है कि ऐसे डाक्टर कम होते हैं और जो प्रचार करते हैं वे दवाएं बेचने के इच्छुक होते हैं, सलाह देने में कम. वैसे, बड़े अस्पतालों में स्किन व वीडी रोग (वैस्कुलर डिजीज) विभाग होता है. अगर कोई युगल किसी सेक्स समस्या से जूझ रहा है तो वह इस विभाग में डाक्टर को दिखा कर सलाह ले सकता है.

मियांबीवी राजी : क्यों करें रिश्तेदार दखलअंदाजी

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BB OTT 2: अभिषेक के सामने जिया ने किया प्यार का इजहार, मिला ये जवाब

बिग बॉस एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां रिश्ते बनते और बिगड़ते है या तो किसी कपल के बीच प्यार हो जाता है या फिर कुछ दुश्मन बन कर घर से बाहर आते है ऐसा ही कुछ लव एंगल इन दिनों बिग बॉस में देखने को मिल रहा है. पहले फलक नाज और अविनाश सचदेव का लव एंगल देखने को मिल रहा था. जिसमें अविनाश ने फलक नाज के लिए फीलिंग्स भी जाहिर की थी, लेकिन फलक नाज के एविक्शन ने सारा मामला खराब कर दिया था. अब घऱ में एक और जोड़ी बनती दिख रही है जिसमें जिया शंकर, फुकरा इंसान के लिए अपनी भावनाओ का इजहार करती दिख रही है.

 

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आपको बता दें, कि इन दिनों शो में लव एंगल देखने को मिल रहा है जिया शंकर, अभिषेक मल्हान के करीब आती दिख रही है साथ ही जिया ने पहली बार अभिषेक के लिए भावनाओं को जाहिर किया है लेकिन इस पर फुकरा इंसान कुछ अलग ही रिएक्ट करते दिख रहे है. दोनों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बिग बॉस हाउस के इस वीडियो में अभिषेक मल्हान और जिया शंकर गार्डन में बने छोटे से एरिया में बैठे हुए हैं और दोनों से पूजा भट्ट कहती हैं कि मैंने तुम दोनों को शुरुआत में एक बात कही थी कि प्यार लड़ाई के बाद शुरू होता है. इस पर अभिषेक कहते हैं, ‘बेबिका को बुला लो फिर तो.’ इस पर हंसते हुए पूजा भट्ट वहां से निकल जाती हैं. जिया शंकर कहती हैं, ‘हमारी ऐसे ही शुरुआत हुई थी. मैं हम दोनों के बारे में सुनकर ऐसे ही कहती थी, ये कहां और मैं कहा….लेकिन अब कुछ और…’ इस पर अभिषेक कहते हैं, ‘सच क्या है और झूठ क्या है. भगवान मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा.

अभिषेक इसके आगे कहते हैं, ‘टास्क के बाद बता दियो रियल और फेक में क्या किसमें डालना है.’ इस पर जिया बोलती हैं, ‘तू बता. मुझे तो पसंद है तू.’ अभिषेक ये बात सुनकर वहां से उठ जाते हैं और कहते हैं, ‘मैं चला अपने घर. नया टारगेट ढूंढो आई एम सॉरी.’ वीडियो में पूरे मौके पर जिया शंकर खूब हंसती नजर आई हैं. बता दें कि सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

Rodies 19 : प्रिंस नरूला और रिया चक्रवती के बीच हुई लड़ाई, एक्ट्रेस ने गैंग लीडर के खिलाफ लिया एक्शन

टीवी का पॉपुलर शो एमटीवी रोडीज 19 जल्द ही टेलीकास्ट होने वाला है. इस सीजन में गैंग लीडर के रूप में रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) नजर आने वाली हैं. रिया का साथ गौतम गुलाटी और प्रिंस नरुला भी बतौर गैंग लीडर नजर आएंगे. शो शुरू होने से पहले ही तीनों के बीच झगड़े की खबरें आ रही है. खबरों के अनुसार रोडीज के सेट पर तीनों लीडर्स की आपस में झड़प हो गई थी.

 

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प्रिंस नरूला गौतम गुलाटी और रिया चक्रवर्ती से पंगा लेने की कोशिश कर रहे हैं. इस दौरान गौतम गुलाटी ने अपने शांत नेचर की वजह से रिएक्ट नहीं किया. वहीं रिया चक्रवर्ती ने भी खुद को कंट्रोल करने की कोशिश की थी. खबरों की माने तो प्रिंस ने रिया को कुछ ऐसा कह दिया जिसके बाद रिया भड़क गई. प्रिंस ने रिया को डिसरिस्पेक्ट करते हुए उनसे बात की और धमकी दी भी.  जिसके बाद रिया ने ये बर्ताव को स्वीकार नहीं किया. ऐसे में रिया अपनी शिकायत लेकर क्रू के पास पहुंची. इस घटना के बाद शूटिंग करने से मना कर दिया.

सुशांत सिंह राजपूत केस के बाद रिया चक्रवर्ती ने फिल्मी दुनिया से काफी दूरी बना ली है. लेकिन अब रिया टीवी पर वापसी करने जा रही है. रिया के फैन्स उन्हें जल्द ही पर्दे पर देखेंगे. दरअसल, रिया चक्रवर्ती ‘रोडीज 19’ में गैंग लीडर बनकर नजर आएंगी.

लैपटॉप पर बैठने से होती है ड्राई आंखे, इससे बचने के लिए खाएं ये फूड्स

लगातार लैपटॉप पर काम करने या ज्यादा देर तक मोबाइल टीवी आदि देखने के कारण आंखों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं. आंखों की इन्हीं बीमारियों में शामिल है ड्राई आई सिंड्रोम की समस्या. इस बीमारी के मुख्य लक्षण सिर दर्द गर्दन दर्द धुंधला दिखना जलन आंखों का लाल होना आदि हैं. इस समस्या से बचने के लिए डाइट में कुछ फूड्स शामिल कर सकते हैं.

ड्राई आई सिंड्रोम (Dry Eye Syndrome) के हाल ही में काफी केसेस आ रहे हैं. इस बीमारी में व्यक्ति के आंखों का पानी सूख जाता है. जिस कारण उसे काफी परेशानी होती है. लगातार मोबाइल, लैपटॉप, टीवी पर आंखें गड़ाए रहने से आंखों से जुड़ी कई समस्याएं आजकल बढ़ती जा रही हैं. जिसमें ड्राई आई सिंड्रोम मुख्य है.

1. ओमेगा-3 फैटी एसिड (Omega-3 Fatty Acid)

आंखों को ड्राई आई सिंड्रोम से बचाने के लिए आप अपनी डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड से युक्त फूड्स को शामिल करना चाहिए. यह पोषक तत्व आंखों में ड्राईनेस और जलन को कम करता है. विशेष रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड आपकी पलकों में या आपकी आंखों की सतह पर सूजन को कम करता है. साथ ही यह आंखों में मौजूद पानी को अपना काम बेहतर तरीके से करने में मदद करता है. ओमेगा-3 फैटी टूना फिश, सैल्मन फिश, नट्स और सीड्स, अखरोट, कद्दू के बीच, अलसी, चिया सीड, हरे पत्ते वाली सब्जियां आदि में भरपूर मात्रा में एसिड पाया जाता है.

2. एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants)

आंखों की बीमारियों को सही करने में और आंखों के मसल्स को हेल्दी रखने में एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) अहम भूमिका निभाते हैं।. इसलिए ऐसे फूड का सेवन करें, जो एंटीऑक्सिडेंट में हाई हों.जैसे बेरीज, पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली, पालक आदि.

3. विटामिन-E (Vitamin E)

विटामिन-E आंखों के लिए बेहद जरूरी है. ये आंखों के सेल्स को नुकसान होने से बचाता है. इसलिए विटामिन ई रिच फूड का सेवन करने से आंखों की रोशनी बेहतर रह सकती है. साथ ही आई ड्राईनेस से भी बचाव होता है.इसलिए आप अपनी डाइट में बादाम, पीनट बटर, अखरोट आदि शामिल करें.

 

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