मैं इन दिनों बहुत अकेला महसूस करता हूं किसी से भी बात करने का मन नहीं करता, क्या करूं?

सवाल

मेरी उम्र 21 साल है, कालेज के थर्ड ईयर में हूं. मेरी अपने दोस्तों से बातचीत अब लगभग खत्म हो चुकी है. मेरा सोशल मीडिया से भी मन ऊब चुका है. पढ़ना चाहता हूं तो किताबों में मन नहीं लगता. किसी दोस्त से बात करना भी चाहता हूं तो सब इतनी ऊपरी बातें करते हैं कि लगता है आखिर बात शुरू ही क्यों की थी. मम्मीपापा या छोटी बहन के साथ बैठता हूं तो उन्हें फोन से सिर उठा कर बात करने का मन नहीं होता. मम्मी अपनी सहेलियों से ब्यूटी टिप्स लेनेदेने में लगी रहती हैं और पापा राजनीतिक बहसों में, बहन को तसवीरें पोस्ट करने से फुरसत नहीं है. इतना अकेलापन महसूस होने लगा है कि समझ नहीं आता, इस से छुटकारा कैसे मिलेगा.

जवाब

इंग्लिश में एक बात कहते हैं कि ‘इट्स औल इन योर हैड’ यानी जो है आप के दिमाग में है. कोई बात नहीं कर रहा है और आप को समय नहीं दे रहा है तो आप कुछ नहीं कर सकते. लेकिन आप अपना मूड जरूर ठीक कर सकते हैं. अकेले रहने में कोई बुराई नहीं है. यह प्रोडक्टिव रहने का सब से अच्छा समय है. बुक नहीं पढ़ी जा रही तो वैब सीरीज देखिए, कोई फिल्म देख लीजिए. खुद की कंपनी एंजौय कीजिए. अपना मन नैगेटिव चीजों से हटाएंगे तभी पौजिटिव चीजें देख पाएंगे. छोटे पैराग्राफ या कविता आदि पढ़ेंगे तो किताबें पढ़ने में भी मन लगेगा. आप का थर्ड ईयर है और यह समय कैरियर के बारे में सोचने का है. इस समय को लोगों में गलतियां छांटने या समय गंवाने की जगह खुद पर और अपनी पढ़ाई पर इन्वैस्ट कीजिए.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

नेता के प्यार में दिल दिया और जान भी दी

जहां पर भी राजनीति व प्यार का मिलन हुआ है, वहां पर ज्यादातर लड़कियों के साथ धोखा ही होता रहा है. बहुत कम ऐसे नेता हैं, जिन्होंने अपने प्यार को निभाया और प्रेमिकाओं की जान बची रही.

उत्तर प्रदेश में एक बड़े नेता हुए, जिन के प्यार में गिरफ्तार हुई कमसिन लड़की को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था. वह लड़की जिस दबंगता से कविता पढ़ती थी, उसी दिलेरी से प्यार के मैदान में नहीं टिकी रह सकी. इस का नतीजा यह हुआ कि जब उस के पेट में नाजायज प्यार की निशानी आई, तो उस के नाम की सुपारी दे दी गई.

इस तरह एक होनहार लड़की तथाकथित प्यार की भेंट चढ़ गई. उसे क्या पता था कि जिस शादीशुदा नेता के प्यार में वह गिरफ्तार है, वही उस की जान का दुश्मन निकलेगा. लड़की की जान गई और नेता जेल पहुंच गए.

इसी तरह एक और बड़े नेता के प्यार की आंच में से एक पत्रकार लड़की पेट से हो गई, तो उसे भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ गया.

एक एयरलाइंस चलाने वाले नेता ने भी अपनी तथाकथित प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया और खुद जेल यात्रा पर निकल गए. वैसे, यह राज हमेशा बना रहेगा कि इन सारे मामलों में कौन कुसूरवार था, नेता या जानबूझ कर प्यार की आग में कूदने वाली वह लड़की, जो शायद नेता के जाल में फंस कर उलझ गई?

हरियाणा के भी एक नेता के प्यार में फिदा हो कर एक वकील औरत ने अपने प्राण गंवा दिए थे.

इस तरह की घटना राजस्थान में भी घटी, जहां एक नेता के प्यार में उलझी औरत की सुपारी मंत्री की पत्नी ने दी और वह बच न सकी.

क्या वजह होती है कि ज्यादातर मामलों में शादीशुदा नेता के जाल में लड़कियां ऐसी फंसती हैं कि उन्हें अपनी जान की भी परवाह नहीं रहती है? वे यह भूल जाती हैं कि इन नेताओं के रुतबे के साथ उन के परिवार का भी वजूद होता है, जो हकीकत में उन से ज्यादा ताकतवर होता है.

इसी तरह एक बड़े नामी मंत्री की पत्नी ने जब बड़े होटल में खुदकुशी की, तब नेता पर शक किया गया. हालांकि यह मौत आज भी राज ही है.

दरअसल, अपने दबदबे के चलते नेता मजे तो लूट लेते हैं, पर लड़की को गले में अटकी हड्डी की तरह न निगल सकते हैं, न उगल सकते हैं. हां, सांपछछूंदर जैसे हालात में फंसे इन नेताओं के प्यार के किस्से देश के राजनीतिक हलकों में सुर्खियां जरूर बटोरते रहे हैं. ज्यादातर मामलों में इस तरह के प्यार का नतीजा लड़की की जान जाने के रूप में होता है.

विधायक को जवाब : निशा किस वारदात से डरी हुई थी

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GQ Best Dressed 2023: इवेंट में पहुंचे कई सितारे, पलक तिवारी पर टिकी सबकी निगाहें

बीती रात मुंबई में जीक्यूट इंडिया बेस्ट ड्रेस्ड 2023 इवेंट हुआ, जहां बी- टाउन के कई बड़े स्टार्स ने शिरकत की. इस इवेंट में जहां एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया अपने बॉयफ्रेंड विजय वर्मा के साथ धांसू एंट्री मारी थी तो वहीं ‘बिग बॉस’ विनर और फेमस रैप एमसी स्टेन बड़े ही स्टाइलिश अंदाज में इवेंट में शामिल हुए. वहीं पलक तिवारी, नुसरत भरूचा और ओरहान अवात्रामणि जैसे सितारे भी इस इवेंट में शामिल हुए.

 

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जीक्यू बेस्ट ड्रेस्ड इवेंट में पलक तिवारी ब्लैक कलर के आउटफिट में पहुंची थीं. इस दौरान पलक ने व शॉल्डरग ब्लैक ड्रेस पहनी थी, जिसमें वह बेहद ही खूबसूरत लग रही थीं. एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया बॉयफ्रेंड विजय वर्मा संग इस इवेंट में शामिल हुई थीं. इस दौरान तमन्ना पर्पल कलर की बॉडीकॉन ड्रेस में बेहद ही स्टाइलिश लग रही थीं तो वहीं विजय वर्मा ने कूल लुक में लाइमटलाइट लूट ली.

 

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‘जीक्यू बेस्ट ड्रेस्ड अवॉर्ड’ नाइट में फेमस रैपर एमसी स्टेन ने भी शिरकत की. इस दौरान एमसी स्टेन ब्लैक कलर के अतरंगी आउटफिट में बहुत स्टाइलिश लग रहे थे.इस इवेंट में एक्ट्रेस श्रिया शरन सिल्वर कलर का शॉर्ट आउटफिट पहनें नजर आईं. इस आउटफिट में श्रिया बेहद ही बोल्ड लग रही थीं.

 

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इस इवेंट में ‘जवान’ एक्ट्रेस सान्या मल्होत्रा ब्लैक कलर का शॉर्ट आउटफिट पहनकर पहुंची थीं. इस आउटफिट में सान्या शॉर्ट ड्रेस में अपने टोन्ड लेग्स फ्लॉन्ट करती नजर आ रही थीं. इस इवेंट में ‘जवान’ एक्ट्रेस सान्या मल्होत्रा ब्लैक कलर का शॉर्ट आउटफिट पहनकर पहुंची थीं. इस आउटफिट में सान्या शॉर्ट ड्रेस में अपने टोन्ड लेग्स फ्लॉन्ट करती नजर आ रही थीं.

बी-टाउन के फेमस सेलेब्रिटी ओरहान अवात्रामणि ने भी इस इवेंट में शिरकत की. इस दौरान ओरहान ग्रीन कलर के आउटफिट नजर आए. इस आउटफिट में ओरहान बेहद ही हैंडसम लग रहे थे. इस इवेंट में एक्ट्रेस नुसरत भरूचा मैरून कलर की शॉर्ट ड्रेस में बेहद ही कातिलाना लग रही थीं. इस आउटफिट में नुसरत बेहद ही खूबसूरत लग रही थीं।.

 

Shehnaz gill के शो में पहुंचे Elvish Yadav, दोनों ने ऐसे की मस्ती

बिग बॉस फेमस शहनाज गिल इन दिनों अपने शो ‘देसी वाइब्स विद शहनाज गिल’  को लेकर चर्चा में है. इस शो में शहनाज फेमस सेलेब्रिटिज का इंटरव्यू लेती है औऱ दिल खोलकर उनसे बात करती है.अब हाल ही में उनके शो में एल्विश यादव पहुंचे. जो कि बिग बॉस ओटीटी2 के विनर है. जहां दोनों ने खूब मस्ती की है. अब एल्विश और शहनाज की लेटेस्ट तस्वीरें सामने आई है.

 

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शहनाज गिल के टॉक शो के लिए एल्विश यादव ने व्हाइट कलर की टी-शर्ट के साथ ब्लैक लैदर जैकेट पहनी थी. इस आउटफिट में राव साहब बेहद ही हैंडसम लग रहे हैं. इस तस्वीर में एल्विश यादव ब्लैक चश्मा लगाकर स्वैग दिखाते नजर आ रहे हैं तो वहीं शहनाज गिल भी ब्लैक आउटफिट में बहुत खूबसूरत लग रही हैं. इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि शहनाज गिल एल्विश यादव को डांटती नजर आ रही हैं. शहनाज और एल्विश की यह तस्वीरें इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं.

इस तस्वीर में शहनाज गिल और एल्विश यादव ठहाके मारकर हंसते नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर में बिग बॉस के ये दोनों सितारे बेहद ही अच्छे लग रहे हैं. इस तस्वीर में शहनाज गिल और एल्विश यादव ठहाके मारकर हंसते नजर आ रहे हैं. इस तस्वीर में बिग बॉस के ये दोनों सितारे बेहद ही अच्छे लग रहे हैं. इन तस्वीरों को शेयर करते हुए शहनाज गिल ने कैप्शन में लिखा, “आ शो पर सोशल मीडिया सेंसेशन एल्विश यादव आए। एल्विश एनर्जी से भरपूर हैं. यह एपिसोड में जल्द ही यूट्यूब पर शेयर करूंगी. ”

 

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शहनाज गिल और एल्विश यादव की इन तस्वीरों पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “सिस्टम हैंग होने वाला है.” तो वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा, “वाओ जस्ट वाओ. बता दें कि एल्विश यादव शहनाज गिल के चैट शो में अपने नए गाने को प्रमोट करने के लिए पहुंचे थे. एल्विश यादव जल्द ही उर्वशी रौतेला के साथ नए सॉन्ग में नजर आने वाले हैं. बता दें कि इंस्टाग्राम पर शहनाज गिल की लंबी- चौड़ी फैन फॉलोइंग है. एक्ट्रेस को इंस्टा पर 15.9 मिलियन से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं.

 

तंत्र मंत्र के चक्कर में मासूम बेटे की बलि

35 साला उमेश परिहार के पास वह सब कुछ था जिसकी दरकार किसी को भी होती है मसलन अपना बड़ा आलिशान सा घर खूबसूरत स्मार्ट बीबी चार मासूम बच्चे माँ बाप और खुद की कार , और यह सब उस ने अपनी मेहनत से हासिल किया था . पेशे से ड्राइवर उमेश मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य  जिले धार के गाँव घाटबिल्लोदा के चन्दननगर मोहल्ले में रहता था . काम के सिलसिले में अक्सर उसका आना जाना इन्दोर और उज्जैन लगा रहता था . लेकिन जब से धार्मिक शहर उजैन में महाकाल लोक बना है तब से उसके फेरे उज्जैन ज्यादा लग रहे थे .

पिछले कुछ महीनों से वह उज्जैन में ही रहने लगा था अपनी बुलेरो कार उसने किराये पर उठा दी थी ..उज्जैन का माहौल दूसरे धार्मिक शहरों की तरह पूरी तरह धार्मिक है , जहां अल सुबह से बम बम भोले के नारे लगना शुरू होते हैं तो देर रात तक यही सिलसिला चलता रहता है . इस शहर में धर्म गुरुओं , ज्योतिषियों , बाबाओं और तांत्रिकों के इफरात से आश्रम और अड्डे हैं जिनमें ख्वाहिशमंद लोगों की लाइन लगी रहती है .

किसी को घरेलू कलह और लाईलाज बीमारी से छुटकारा चाहिए रहता है तो किसी को नौकरी की दरकार रहती है . बेटी की शादी के लिए भी लोग इन डेरों के चक्कर काटते नजर आते हैं तो किसी को पितृ दोष से मुक्ति के लिए यह शहर मुफीद लगता है . धन दौलत चाहने बालों का तो कहना ही क्या . यहाँ के काल भैरव  मन्दिर में  शराब का भोग लगता है जहाँ शनि उतरवाने दुनिया भर के लोग आते हैं . उजैन के महाकाल मन्दिर में शिव अभिषेक करने तो हस्तियों का तांता लगा रहता है

ऐसे माहौल का अलग अलग किस्म के लोगों पर अलग अलग असर पड़ता है . उमेश पर असर पड़ा तंत्र मन्त्र का और उसमें भी मरघट यानी श्मशान सिद्धि का जिसके लिए उजैन खासतौर से जाना जाता है .क्षिप्रा नदी के किनारे अघोरियों की श्मशान साधना होती है जिसके बारे में तरह तरह के मनगढ़ंत किस्से कहानिया फैलाने बालों ने फैला रखे हैं जिनमे से एक यह भी है कि अगर मरघटों में तत्र मत्र और क्रियाएं करते रहने बाले बाबा किसी को आशीर्वाद दे दें तो उसके वारे न्यारे होने से कोई नही रोक सकता .ये बाबा आमतौर पर नंगे रहते हैं और अपने शरीर पर श्मशान की राख या भभूत लपेटे रहते हैं चौबीसों घंटे गांजे और भंग के नशे में धुत रहने के चलते इनकी आँखे सुर्ख लाल रहती हैं इन्हें देखने भर से आम लोग डरते हैं क्योंकि ये बेहद डरावने एक हद तक खूंखार लगते हैं . इन्हें नागा बाबा भी कहा जाता है .

यानी उज्जैन में मुरादें पूरी करने होने की छोटी मोटी दुकानों सहित बड़े बड़े और शो रूम और माल्स भी हैं जिसकी जैसी हैसियत होती है उसके मुताबिक वह आशीर्वाद खरीद लेता है जिसकी कोई गारंटी नही होती . इस खालिस ठगी के धंधे में कैसे कैसे लोग उल्लू बनते हैं इसकी एक बानगी उमेश परिहार भी है जिसके सर रातों रात रईस बनने का भूत कुछ ऐसे सवार हुआ कि उसने अपने ही हाथों अपने 2 साल के बेटे भीम का इतनी बेरहमी से क़त्ल किया कि देखने बाले तो दूर की बात हैं सुनने बालों की भी रूह काँप उठे .

लालच में गड़े धन के

कोई बिरला ही शख्स होगा जिसने गड़े धन के किस्से कहानी नही सुने होंगे जिनका सार यह रहता है कि जमीन के नीचे इफरात से सोना चांदी हीरे जवाहरात गड़े रहते हैं जिन्हें तंत्र मन्त्र के जरिये निकाला जा सकता है . लेकिन यह काम आसान नही है क्योंकि जमीन में गड़े धन की हिफाजत खतरनाक जहरीले सांप करते हैं इसलिए यह पैसा माहिर गुरुओं जो तांत्रिक ही होते हैं  की सरपरस्ती और देखरेख में ही निकाला जाना चाहिए नही तो लेने के देने पड़ जाते हैं और 90 फीसदी मामलों में गडा धन या खजाना निकालने बाला बेमौत मारा जाता है

उज्जैन आते जाते उमेश ने भी ऐसी चमत्कारी कहानिया सुनी थीं सो जल्द ही अमीर बनने के सपने ने उसकी रात की नींद और दिन का चैन छीन लिया यहाँ तक कि उसने अपनी कार के बोनट पर भी खोपड़ी का निशान बनबा लिया था . बुलेरो किराये पर उठाने के बाद वह ऐसे किसी सिद्ध बाबा की तलाश में जुट गया जो तंत्र मन्त्र सिखा दे जिससे वह गडा धन निकालकर बिना मेहनत किये एशो आराम की जिन्दगी जिए .इसके पहले वह किन्नरों का ड्राइवर हुआ करता था जिन्होंने उसे खूब पैसा दिया था . लेकिन तंत्र मन्त्र के फेर में पडकर वह नशा करने लगा और काम में भी अलाली बरतने लगा तो किन्नरों ने भी उससे किनारा कर लिया .

उसकी यह तलाश बम बम बाबा की शक्ल में पूरी हुई . उज्जैन में बम बम बाबा का बड़ा नाम है जो अघोरी हैं और श्मशान साधना के स्पेशलिस्ट माने जाते हैं . इस बाबा के बारे में भी कई चमत्कारिक किस्से उज्जैन के लोग सुनाते हैं कि वे पहुंचे हुए सिद्ध पुरुष हैं . एक बार जिस पर खुश हो जाएँ उसकी हर मुराद पूरी हो जाए और जिससे गुस्सा हो जाएँ तो खड़े खड़े ही उसे भस्म कर दें . उमेश ने इस बाबा के बारे में सुना तो उसे लगा कि यही बाबा उसे गडा धन दिला सकते हैं . लिहाजा वह बम बम बाबा के चक्कर काटने लगा .

कई दिनों की मिन्नत और मनुहार के बाद बाबा उसे अपना चेला बनाने तैयार हुआ लेकिन इस शर्त के साथ कि पहले किसी की बलि चढ़ाओ तभी अपना चेला बनाऊंगा . लालच में अँधा हो चुका उमेश पूरी तरह बाबा की गिरफ्त में आ चुका था इसलिए यह मूर्खता करने भी तैयार हो गया . लेकिन आजकल के जमाने किसी की बलि लेना यानी उसकी हत्या कर देना आसान काम नही रह गया है सो वह परेशानी और चिंता में पड़ गया कि किस की बलि दे . तंत्र मन्त्र किस तरह अच्छे खासे आदमी की अक्ल हर लेता है यह अब उमेश को देख सहज समझा जा सकता था जिसके जेहन में में बलि के लिए अपने ही जिगर के टुकड़े मासूम भीम के चेहरा कौंध गया .

बेरहमी से कुचल डाला

एक तरफ बेटा था तो दूसरी तरफ करोड़ों की काल्पनिक दौलत जिसके बूते पर वह एशोआराम के ख्याली पुलाव पका रहा था . अन्धविश्वास की दलदल में गहरे तक धंस चुके उमेश को भीम साफ्ट टारगेट लगा था क्योंकि वह विरोध नही कर सकता था और आसानी से उसे मारा जा सकता था . लिहाजा बीती 5 सितम्बर को उज्जैन से वह सीधा अपने घर घाट बिल्लोदा जा पहुंचा . घर पहुँचते ही उमेश ने उटपटांग हरकतें शुरू कर दी . पहले तो उसने पूजा का सारा सामान जमाया और फिर एक कटोरे में आग जला ली .

घर पर मौजूद उसकी पत्नी , माँ और पिता हैरान थे कि वह यह क्या कर रहा है . पूरे घर को आग का धुंआ देता वह मन्त्र भी बुदबुदाता जा रहा था और अपने साथ लाई भभूत भी वह घर में बिखराता जा रहा था . ये हरकतें देख पिता और पत्नी ने उसे टोका तो उसने इन दोनों को पीट डाला ..इसके बाद अचानक ही उसने भीम को उठाया और उसे भी पीटने लगा तो पत्नी और घबरा गई क्योंकि अब उमेश के सर पागलपन सवार हो चुका था . किसी अनहोनी से डरी पत्नी ने भीम को उससे छुड़ाना चाहा तो उमेश और बिफर उठा और खुद को बेटे सहित दूसरे कमरे में लेजाकर शटर बंद कर लिया .

घर के लोग चिल्लाते रह गये लेकिन पगलाया उमेश भीम को मारता रहा तो पत्नी ने पास के थाने की तरफ दौड़ लगा दी . पुलिस तुरंत आ गई लेकिन लाख कहने और धमकाने के बाद भी उसने शटर नही खोला . देखते ही देखते वह बेटे को जमीन पर ऐसे पटकने लगा जैसे धोबी कपडा धोता है . उस मासूम के रोने चिल्लाने और चीखने का इस वहशी दरिब्दे पर कोई असर नही हुआ . वह लगातार उसे पटकता रहा जिससे उसकी मौत हो गई . नजारा इतना वीभत्स था कि पुलिस बाले भी काँप उठे क्योंकि भीम के शरीर की चटनी बन चुकी थी और सारा कमरा खून से लाल हो चुका था .

कोई और चारा न देख पुलिस ने शटर काटने गेस कटर का इंतजाम किया लेकिन तब तक यह हैवान अपने मकसद कामयाब हो चुका था . पुलिस को धमकाते उसने घर को गेस सिलेंडर से ब्लास्ट करने की धमकी भी दी थी . शटर काटकर पुलिस बाले अंदर कमरे में गए तब भी उमेश बमुश्किल काबू आया . उसने आग लगाने की कोशिश की और एक सिपाही को काट भी खाया . खुद को भी उसने सब्बल से नुकसान पहुँचाया .

गिरफ्तारी के बाद उमेश को पीथमपुर के अस्पताल में भर्ती किया गया क्योंकि उसकी दिमागी हालत ठीक नही थी . पुलिस बाले जंजीर से बांधकर उसे ले गये इस वक्त मौजूद सारे लोग उमेश और उसके तंत्र मन्त्र को कोस रहे थे लेकिन सबक कितनीं ने लिया कि इस फरेब में नही पड़ेंगे कहा नही जा सकता .

मेहनत से मिलता है धन

उमेश के लालच और अंधविश्वास ने उससे ही काफी कुछ छीन लिया है जबकि उसके पास सब कुछ था . देश में रोज कहीं न कहीं कोई न कोई ऐसे ही किसी अन्धविश्वास मसलन तंत्र मन्त्र , झाड फूंक , ज्योतिष और टोन टोटकों के फरेब में पडकर बर्बाद हो रहा होता है और खुद का और दूसरों का नुकसान कर रहा होता है लेकिन सब कुछ जानने समझने के बाद भी लोग संभलते नही तो इसके जिम्मेदार वे खुद तो हैं ही लेकिन इफरात से हर कहीं धूनी रमाये बैठे चिलम फूंकते बम बम बाबा जैसे तांत्रिक भी कम गुनाहगार नही ठहराए जा सकते जो लोगों को बहलाते फुसलाते हैं . उमेश को तो सजा होना तय है लेकिन जब तक ऐसे बाबाओं पर काररवाई नही होगी तब तक कोई न कोई भीम तंत्र मन्त्र की बलि चढ़ता रहेगा .

रही बातों रातों रात अम्बानी और अडाणी बन जाने के ख्वाव और ख्वाहिश की तो वह अगर तंत्र मन्त्र से पूरी होना मुमकिन होती तो देश में सभी अमीर होते . कम से कम वे बाबा तो होते ही जो करोडपति बनने का रास्ता हजार पांच सौ रु में दिखाया करते हैं . लेकिन खुद भिखारियों सी जिन्दगी जीते हैं . इसकी वजह शीशे की तरह साफ़ है कि इन चीजों में कोई दम नही होता . पैसा सिर्फ मेहनत और मेहनत से ही आता है और उमेश इसे कमा भी रहा था लेकिन अक्ल मारी गई तो बर्बाद भी हो गया .

दूध और छुहारा साथ खाने से क्यों बढ़ जाती है पुरुषों की ‘ताकत’?

भागदौड़ भरी इस जिंदगी में ज्यादातर पुरुष अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते. हेल्थ एक्सपर्ट्स करते हैं कि रोजाना की डाइट में उल्टा-सीधा खान-पान होने से शरीर में कमजोरी आने लगती है. जब लोग शरीरिक कमजोर के शिकार होने लगते हैं तो उनके यौन स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है, इसलिए आज हम दूध और छुहारे के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं.

दूध और छुहारा के 4 जबरदस्त फायदे

दूध और छुहारा कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. छुहारे में काफी मात्रा में कैलिशियम, फाइबर, जिंक, मैग्नीशियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा इसमें इसमें विटामिन A, C, E, K, B2, B6, नियासिन और थियामिन सहित कई विटामिन पाये जाते हैं, जो पुरुषों में स्टेमिना बढ़ाने का काम करते हैं. वहीं दूध में पाए जाने वाला कैल्शियम, सोडियम, पौटेशियम शरीर को एनर्जी देता है.

1. वजन बढ़ाने में मददगार

अगर आपका वजन कम है और आप वजन बढ़ाने की सोच रहे हैं तो यह ड्रिंक आपके लिए कारगर हो सकता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा पायी जाती है. जो वजन बढ़ाने के लिए भी फायदेमंद हो सकता है. शायद यही वजह है कि जिम ट्रेनर भी वजन बढ़ाने के लिए छुहारा खाने की सलाह देते हैं

2. एनीमिया से बचाने में मददगार

छुहारा और दूध का एक साथ सेवन आपको एनीमिया की बीमारी से बचा सकता है. एनीमिया एक ऐसी बीमारी है, जो ज्यादातर प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को होती है. इस स्थिति में शरीर में खून की कमी हो जाती है और पीड़ित इंसान को थकावट भी महसूस होती है. छुहारे में मौजूद आयरन खून को बनाने में मदद करता है. यही वजहद है कि डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को छुहारे का सेवन करने की सलाह देते हैं.

3. अस्थमा रोगियों के लिए भी फायदेमंद

अगर आप रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी बीमारियों से परेशान हैं तो छुहारा और दूध का सेवन करना चाहिए. दूध और छुहारे का एक साथ सेवन करने से  रेस्पिरेटरी हेल्थ को मेंटेन रखने में मदद मिल सकती है. अस्थमा रोगियों के लिए दूध और छुहारे काफी फायदेमंद माने जाते हैं.

4. मेल फर्टिलिटी में मददगार

दूध और छुहारे का सेवन उन पुरुषों के लिए कारगर साबित हो सकता है, जो शारीरिक कमजोरी और यौन स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहे हैं. इन दोनों चीजों का नियमित सेवन करने से पौरुष शक्ति में इजाफा होता है. छुहारा में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को बढ़ाने का गुण मौजूद रहता है. जो पुरुषों की सेहत पर प्रभाव डालता है, जबकि दूध को ताक बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता. आप रात को सोने से पहले छुहारे को दूध में उबालकर उसका सेवन करें.

स्टेज डांसर : जान पर खेल कर करती हैं मनोरंजन

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले की बात है. शादी का दावत समारोह चल रहा था. एक तरफ दावत में आए लोग लजीज खाने का स्वाद ले रहे थे, तो दूसरी तरफ मस्त अदाओं का जादू बिखेरती एक स्टेज डांसर अपने डांस से सब के दिल खुश कर रही थी. कई लोग शराब के नशे में स्टेज के नीचे डांस कर रहे थे. पूरी तरह से मस्ती भरा माहौल था. डांस के लिए अलगअलग गानों की फरमाइश भी हो रही थी. इस बीच ‘नथनियां पे गोली मारे सैयां हमार…’ गाना बजने लगा. स्टेज पर अपने दिलकश अंदाज दिखाती वह डांसर गाने की धुन पर लहराने लगी. उस की मस्त अदाओं का जादू नीचे डांस कर रहे लोगों पर छाने लगा. एक नौजवान पर यह नशा कुछ इस कदर छाया कि वह अपने साथ लाई बंदूक लहराते हुए डांस करने लगा और डांस करतेकरते डांसर के करीब जाने लगा.  डांसर स्टेज पर डांस कर रही थी और वह नौजवान नीचे था. नाचतेनाचते उस की बंदूक का ऊपरी नली वाला हिस्सा डांसर की स्कर्ट के नीचे पहुंच जाता था.

डांसर ने जब यह देखा, तो वह स्टेज पर पीछे की तरफ खिसक गई. उस के संकेत पर गाने के बोल बदल गए, पर वह नौजवान उसी गाने को फिर से बजाने की बात करने लगा. उस की जिद पर ‘नथनियां पे गोली मारे सैयां हमार…’ गाना दोबारा बजने लगा. डांसर अनमनी सी डांस करने लगी.

अब वह नौजवान स्टेज पर चढ़ कर उस डांसर के साथ डांस करने लगा. इस से परेशान हो कर वह स्टेज से वापस जाने लगी, तो उस नौजवान ने बंदूक लहराते हुए उसे रोका. जब वह नहीं रुकी, तो उस पर गोली चला दी.

इस कांड में अच्छी बात यह रही कि गोली डीजे के स्पीकर पर जा लगी. हां, गोली चलने से शादी समारोह में हंगामा जरूर मच गया.

लेकिन एक डांसर…

गोली चले और डांसर को न लगे, ऐसा हर बार नहीं होता है. 3 नवंबर, 2016 को पंजाब के भटिंडा में मैरिज पैलेस हाल में एक शादी समारोह में डांसर कुलविंदर कौर 3 लड़कियों के साथ स्टेज पर डांस कर रही थी. डांस पंजाबी गानों पर हो रहा था.

डांस करने वाली लड़कियों ने शालीन कपड़े पहन रखे थे. इस के बाद भी समारोह में हिस्सा ले रहे बहुत से लोग उन डांसरों को देखदेख कर मस्त हो रहे थे. कई तो ऐसे थे, जो डांसरों के ग्रीनरूम में घुसे जा रहे थे. उन में से एक लक्की उर्फ बिल्ला भी था. वह डांसर कुलविंदर कौर के ग्रीनरूम में घुस कर उस से अपने साथ डांस करने को कहने लगा. कुलविंदर कौर ने उसे समझाया, पर वह माना नहीं.

थोड़ी देर बाद बिल्ला ग्रीनरूम से बाहर चला आया और जब कुलविंदर कौर डांस करने आई, तो वह अपनी बंदूक लहरा कर डांस करने लगा.

वह बीचबीच में बंदूक दिखा कर कुलविंदर कौर को डराने की कोशिश कर रहा था. कुलविंदर ने जब उस की ओर ध्यान नहीं दिया, तो बिल्ला ने डांस करतेकरते अपनी बंदूक से गोली चला दी. गोली सीधी कुलविंदर कौर को जा लगी और वह वहीं स्टेज पर गिर गई.

गोली की आवाज गाने की तेज आवाज में तुरंत समझ में नहीं आई. स्टेज के पास खड़े लोगों ने कुलविंदर के शरीर को घसीट कर स्टेज से नीचे किया. इसी बीच चारों तरफ अफरातफरी मच गई. बिल्ला भाग गया.

कुलविंदर कौर की एक साथी डांसर पूजा ने बताया कि बिल्ला कुलविंदर को पहले से परेशान कर रहा था. डीजे वालों ने उसे मना कर दिया था, इस के बाद भी वह माना नहीं. डीजे वालों ने आयोजकों से भी शिकायत की, पर वे लोग कुछ कर नहीं सके.

पुलिस ने 3 दिन बाद बिल्ला को पकड़ लिया और जेल भेज दिया.

दर्ज न करा सकी मुकदमा

 मुंबई की एक डांसर रेखा को डीजे चलाने वाले कई लोग बुलाते थे. उसे एक डांस के 10 हजार रुपए मिलते थे. वह मुंबई से बाहर भी डांस करने जाती थी. एक बार में वह हफ्तेभर के लिए अपने कार्यक्रम बनाती थी और 70 से 80 हजार रुपए कमा कर वापस मुंबई चली जाती थी.

एक बार रेखा समस्तीपुर, बिहार में शादी में डांस करने गई, तो कुछ लोग उस से मिले और पैसे दे कर सैक्स करने का औफर दिया. रेखा को यह सब पसंद नहीं था. उस ने मना कर दिया. इस के बाद वह स्टेज पर डांस करने लगी. रात में 2 बजे उस का काम खत्म हुआ, तो वह डीजे वालों की कार से वापस अपने होटल जाने लगी.

रास्ते में 5 लोग आए और उस की गाड़ी को रोक लिया. उन्होंने डीजे वालों को जान से मारने की धमकी दे कर रेखा को उठा कर अपनी कार में डाल लिया. जातेजाते वे लोग डीजे वालों से कह गए, ‘अगर किसी को बताया, तो रेखा को मार देंगे. अगर चुप रहे, तो रेखा को यहीं छोड़ जाएंगे.’

रेखा भी कुछ नहीं कर सकी. उन लोगों ने रेखा को 2 दिन तक अपने पास रखा और उस के साथ रेप किया. 2 दिन बाद रात को रेखा को वहीं छोड़ दिया गया, जहां से उसे उठाया था.

रेखा होटल गई. वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराना चाहती थी, पर डीजे वालों ने उसे मना किया. तब मजबूरी में वह चुप हो गई. रेखा अब बिहार ही नहीं, उत्तर प्रदेश के किसी भी कार्यक्रम में नहीं जाती है.

डांसर को दी धमकी

भोजपुरी फिल्मों में डांस करने वाली एक लड़की शादी के समारोह में गैस्ट बन कर डांस करने गई थी. वहां उसे कुछ खास लोगों के सामने ही डांस करने को कहा गया था. गैस्ट हाउस के कमरे में एक जगह डांस हो रहा था. कई लोग डांसर से चिपकचिपक कर डांस करने लगे.

डांस करते समय एक नौजवान डांसर के बेहद करीब आ कर डांस करने लगा. डांसर ने उस को अपने से दूर करने की कोशिश की, इस के बाद भी वह नहीं माना और डांसर के अंगों को यहांवहां छूने लगा.

डांसर ने उसे मना किया, तो रिवौल्वर निकाल कर उस की कनपटी पर लगा दी. यह बात आयोजक और गैस्ट हाउस के मालिक तक पहुंच गई. वे लोग भाग कर आए, तो डांसर की जान बच सकी.

डांसर रेखा कहती है, ‘‘डांसर भले ही सब के मनोरंजन का ध्यान रख कर स्टेज पर अपनी कला दिखाती हो, पर नशे में चूर देखने वालों की नजर में उस की कीमत देह बेचने वाली जैसी होती है. उन्हें लगता है कि डांसर का परिवार नहीं होता. वह अच्छे चालचलन वाली नहीं होती है. ऐसे लोग डांसर की तुलना धंधे वाली से करते हैं.

‘‘इस के उलट डांसर अपनी मेहनत से पैसे कमाती है. उस का भी पसीना निकलता है. डांस करना उस का पेशा होता है. उस के पास सरकारी नौकरी नहीं होती. उसे समाज से भी सिक्योरिटी नहीं मिलती.

‘‘स्टेज डांस से लोगों का मनोरंजन होता है, पर डांसर की जान पर बनी रहती है. लोग यह नहीं सोचते कि अपने घरपरिवार को पालने के लिए डांसर ऐसा करती है.’’

शर्म से झुक गया शहर

लखनऊ के एक रिसोर्ट में पार्टी चल रही थी. पार्टी में डांस और खाना परोसने के लिए कुछ लड़कियों को इवैंट मैनेजर ने बुलाया था. पार्टी के लिए हाल के साथ 3 कमरे भी किराए पर लिए गए थे.

पार्टी के समय ही कुछ लोगों ने नशे में डांस कर रही लड़कियों और खाना परोस रही लड़कियों से छेड़छाड़ शुरू कर दी. जब लड़कियों ने विरोध किया, तो उन को एक कमरे में जबरन बंद कर उन के साथ जोरजबरदस्ती शुरू कर दी.

लड़कियों ने किसी तरह से इस बात की जानकारी इवैंट मैनेजर को दी, तब जा कर वे अपनी जान बचा सकीं.

इस बात की शिकायत लखनऊ पुलिस से की गई. पुलिस ने रिसोर्ट के मैनेजर और पार्टी के आयोजकों समेत वहां मौजूद कई लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया.

पुलिस की तेजी के चलते लड़कियों की इज्जत बच गई. इस के बाद भी घटना की जानकारी जब लोगों के सामने आई, तो अदब के शहर में रहने वालों का सिर शर्म से झुक गया. लखनऊ भी ऐसे शहरों की लाइन में खड़ा हो गया, जिस में बाकी शहर खड़े थे.

लखनऊ में डांस शो का आयोजन करने वाले एक इवेंट मैनेजर कहते हैं, ‘‘डांस करने वाली लड़कियों को ले कर समाज की सोच में बदलाव आने के साथ ही साथ ऐसे लोगों में कानून का डर होना चाहिए. डांसर के साथ इस तरह की घटनाएं ज्यादातर ऐसे प्रदेशों में होती हैं, जहां की कानून व्यवस्था खराब है. जहां शिकायत करने पर पुलिस समय पर नहीं पहुंचती है.

‘‘महाराष्ट्र और दूसरी जगहों पर उत्तजेक डांस होने के बाद भी कोई घटना नहीं होती, वहीं दूसरी तरफ पंजाब में शालीन कपड़े पहन कर डांस करने वाली डांसर पर गोली चल जाती है. इस की चर्चा एक  महीने के बाद तब होती है, जब घटना का वीडियो वायरल होता है.’’

लेनदेन पर मनमानी

केवल डांस देखते समय ही मनमानी नहीं होती है, बल्कि डांस के बदले पैसा देते समय भी इवैंट मैनेजर और डांस ग्रुप चलाने वालों को तरहतरह से परेशान किया जाता है.

आगरा की रहने वाली सरिता डांस ग्रुप चलाती हैं. उन के ग्रुप में 4 लड़कियां और 3 लड़के होते हैं. वे अपने शो के लिए 35 से 50 हजार रुपए लेती हैं.

सरिता कहती हैं, ‘‘डांस ग्रुप को बुक कराते समय लोग पूरा पैसा नहीं देते. कई बार कुछ पैसे दे कर बाकी का चैक दे देते हैं, जो बाउंस हो जाता है. ऐसे में पैसा लेने के लिए हमें कईकई चक्कर लगाने पड़ते हैं.

‘‘कई बार लोग पैसा देने के नाम पर डांसर लड़कियों के साथ सैक्स संबंध बनाने का दबाव डालते हैं. परेशानी की बात यह है कि कई डांस ग्रुप वाले ज्यादा पैसा लेने के लिए ऐसे समझौते कर जाते हैं, जिस से दूसरों पर भी ऐसा करने का दबाव बनता है.’’

डांस ग्रुप में डांस करने वाली एक लड़की विशाखा बताती है, ‘‘स्टेज पर डांस करते समय या पार्टी में डांस के समय लोग चाहते हैं कि डांसर कम से कम कपड़े पहने. कई बार तो ऐसे कपड़ों को पहनने की डिमांड करते हैं, जिन को पहन कर डांस करना मुनासिब नहीं होता है.

‘‘डांस ग्रुप चलाने वाले लोग पैसा कमाने के लिए हर तरह के समझौते करते हैं. हमें तो कम पैसे मिलते हैं, पर सब से ज्यादा मुसीबत हमें ही झेलनी पड़ती है. डांस करने वाली ज्यादातर लड़कियां कम उम्र की होती हैं. उन में उतना अनुभव भी नहीं होता. इस वजह से वे हालात को संभाल नहीं पाती हैं.’’

किसी डांसर को तमाम तरह के समझौते करने पड़ते हैं, तब कहीं उस को चार पैसे मिलते हैं. डांस ग्रुप के लोग भी उसे तब तक ही बुलाते हैं, जब तक वह नई रहती है.

डांस ग्रुप चलाने वाले लोग कई बार डांसर को बंधुआ मजदूर की तरह रखना चाहते हैं. वे यह कोशिश करते हैं कि डांसर केवल उन के ग्रुप के साथ ही डांस करे. जब डांसर ज्यादा पैसे देने वाले दूसरे ग्रुप के साथ जाना चाहती है, तो वे लोग उस का विरोध करते हैं.

विशाखा बताती है कि डांसर के सामने भी तमाम परेशानियां होती हैं, इस के बाद भी वह खुल कर अपनी बात कह नहीं पाती है. अगर कोई डांसर अपने साथ हुई वारदात की शिकायत करती है, तो डीजे चलानेवाले और डांस ग्रुप चलाने वाले उसे झगड़ा करने वाली मान कर उस के साथ काम नहीं करते. ऐसे में डांसर भी छोटीछोटी वारदातों में चुप रह जाती है.

एक गेस्ट मेरे घर आकर रहना चाहते हैं पर उनसे मैं अनकंफर्टेबल फील करती हूं, मैं क्या करूं?

सवाल

मेरी ननद के पति यानी ननदोई कुछ दिन हमारे घर आ कर रहना चाहते हैं. मैं नहीं चाहती कि वे हमारे घर में रहें. उन के यहां आते ही मेरी सारी खुशी खत्म हो जाती है. लेकिन मेरे पति यह बात नहीं समझते. उन का कहना है कि हमें रिश्ते निभाने चाहिए और अतिथि का आदर करना चाहिए. मगर अतिथि एक दिन के लिए आए तो अच्छा है न, घर में 15 दिन बसने के लिए आ जाए, यह तो सही नहीं है. उन के आने के एक मिनट बाद से ही मैं अनकंफर्टेबल फील करने लगती हूं, पर पति को कैसे समझाऊं?

जवाब

आप यदि नहीं चाहतीं कि कोई आप के घर में इतने लंबे समय के लिए आए तो अपने पति से साफ शब्दों में कह दीजिए, यह भी बताएं कि आप अनकंफर्टेबल महसूस करती हैं. हो सकता है इस बात से आप पतिपत्नी की आपस में बहस भी हो लेकिन अपनी बात रखना गलत नहीं है. आखिर आप किसी के प्रति खुशी जाहिर तभी कर सकते हैं न जब आप सच में खुश हों. आप अपने पति को समझाइए कि 15 दिन ज्यादा हैं, बात एकदो दिन की हो तो आप एडजस्ट करने के लिए तैयार हैं.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

क्या है जेंडर इक्वैलिटी और ज्यादा सेक्स का संबंध

औस्टेलियाई महिलाओं के औसतन 11 सेक्स पार्टनर्स होते हैं और अमेरिकी महिलाओं के 4. भारतीय महिलाओं का एक ही सेक्स पार्टनर होता है. ये आंकड़े फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी के रौय बौमीस्टर के अध्ययन को सही साबित करते हैं. उनका अध्ययन, सेक्शुअल इकोनौमिक्स : ए रिसर्च बेस्ड थ्योरी औफ सेक्शुअल इंटरैक्शन और व्हाय दि मैन बायज डिनर, कहता है कि ऐसे देश, जहां लैंगिक समानता (जेंडर इक्वैलिटी) का स्तर ऊंचा है, वहां महिलाओं के एक से अधिक सेक्शुअल पार्टनर्स बनते हैं.

वे जनरल औफ सोशल साइकोलौजी सर्वेइंग में प्रकाशित उस रिसर्च की ओर ध्यान दिलाते हैं, जिसमें 37 देशों के 3 लाख लोगों पर सर्वे करने के बाद पाया गया था कि जिन देशों में लैंगिक समानता का स्तर ऊंचा है, वहां महिलाएं कैशुअल सेक्स में ज्यादा लिप्त थीं. हमने जानने की कोशिश की कि भारतीय महिलाओं के संदर्भ में इसका क्या औचित्य है?

सेक्स, आपूर्ति व मांग से अछूता नहीं है

इस असमानता के पीछे कई सांस्कृतिक और आर्थिक कारण हैं. रौय की थ्योरी कहती है कि (औसतन) महिलाओं की तुलना में पुरुषों में सेक्स की चाहत ज्यादा होती है और रिश्तों में सेक्स तभी संभव है, जब महिला यह चाहे. यहां भी आपूर्ति और मांग का नियम लागू होता है. जिस लिंग का अभाव होता है, उसके पास शक्ति होती है. ‘‘यदि महिलाओं के पास खुद पैसे कमाने के ज्यादा अवसर नहीं हैं तो वे सेक्स को बहुत मूल्यवान बनाए रखना चाहेंगी, क्योंकि सेक्स ही वह मुख्य चीज है, जो वे किसी पुरुष को दे सकती हैं,’’ रौय कहते हैं.

पुरुषों के लिए महिलाओं की सेक्शुएलिटी की बहुत अहमियत होती है; एक पुरुष जिसे किसी महिला से सेक्स की जरूरत है, उसे इसके बदले में उस महिला को कोई मूल्यवान चीज देनी होगी, जैसे-विवाह का प्रस्ताव. ‘‘ऐसे देश, जहां महिलाओं की दशा अच्छी नहीं है, महिलाएं सेक्स पर अंकुश रखती हैं, ताकि इसका मूल्य ऊंचा रहे और पुरुष सेक्स पाने के लिए ताउम्र प्रतिबद्घता का वचन दें,’’ रौय कहते हैं. ‘‘और पुरुष सेक्स के लिए कुछ भी कर सकते हैं.’’

साइकोलौजिस्ट की राय में

साइकोलौजिस्ट डा. छवि खन्ना रौय के निष्कर्षों से पूरी तरह सहमत हैं. ‘‘अध्ययन बताते हैं कि जहां लैंगिक समानता का स्तर ऊंचा है, वहां महिलाएं वर्जनाओं को तोड़ती हैं और वहां के सामाजिक नियम भी सेक्शुअल गतिविधियों को प्रतिबंधित नहीं करते. ऐसे समाज में महिलाएं कैशुअल सेक्स में लिप्त भी रहती हैं और उन्हें सेक्स संबंधों का पहला अनुभव भी अपेक्षाकृत कम उम्र में हो जाता है,’’ यह बताते हुए वे कहती हैं, ‘‘लैंगिक समानता से महिलाओं को अपनी सेक्शुएलिटी को अपनी इच्छा के अनुसार व्यक्त करने का अवसर मिलता है.’’

आम लोगों की राय में

इन्वेस्टमेंट बैंकर, प्रिया नायर, 28, कहती हैं कि मेरी परवरिश ऐसे परिवार में हुई है, जहां महिलाओं को बिल्कुल बराबरी के अधिकार मिलते हैं. उन्हें हमेशा से पता था कि उनकी इच्छाओं को उतना ही महत्व मिलेगा, जितना किसी पुरुष की इच्छा को मिलता. ‘‘इस अध्ययन के बारे में जानकर मुझे लगता है कि, क्योंकि मैं आत्मनिर्भर और बुद्घिमान हूं इसलिए मेरे पास पुरुष को देने के लिए सेक्स के अलावा भी बहुत कुछ है,’’ वे कहती हैं. ‘‘इसका ये भी मतलब है कि मैं इतनी आत्मविश्वासी और खुले विचारों की हूं कि किसी पुरुष को ये बता सकती हूं कि मैं क्या चाहती हूं.’’

वहीं मीडिया कंसल्टेंट, पुरंजय मेहता, 26, का मानना है कि भारत के संदर्भ में ये अध्ययन केवल शहरों के लिए सही है. ‘‘जब महिलाएं आत्मविश्वास के साथ अपनी सेक्शुएलिटी का अन्वेषण करती हैं, तब उनके ज्यादा सेक्शुअल पार्टनर्स बनते हैं. ऐसा छोटे कस्बों की युवतियों के साथ नहीं होता, क्योंकि उन्हें अब भी पारंपरिक, लैंगिक असमानता वाले मूल्यों के साथ परवरिश मिलती है.’’

वहीं साइकोलौजिस्ट डा. सोनाली गुप्ता रोहित की बातों से सहमत हैं. ‘‘यह सच है कि शहरों में लैंगिक समानता ज्यादा होती है और महिलाएं जो पाना चाहती हैं, खुलकर उसे पाने का प्रयास करती हैं,’’ वे कहती हैं. ‘‘मैं उनके एक से अधिक सेक्शुअल पार्टनर्स होने के बारे में तो नहीं कह सकती, पर ये जरूर कह सकती हूं कि ऐसी महिलाओं के साथ सेक्स एक आनंददायक प्रक्रिया होती है, क्योंकि उन्हें पता होता है कि उन्हें क्या चाहिए.’’

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