नए अवतार में नजर आईं काजल राघवानी

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अदाकारा राजल राघवानी का वीडियो आए दिन इंटरनेट पर वायरल होता रहता है. इन दिनों इनका और वीडियो इंटरनेट पर काफी पसंद किया जा रहा है, जो उनकी फिल्म ‘बलमजी आई लव यू’ के गाने ‘अढ़ाई बजे’ का है. पिछले साल रिलीज हुई काजल की इस फिल्म में वह खेसारीलाल यादव के साथ नजर आई थीं. अब यह गाना इंटरनेट पर तेजी के साथ देखा जा रहा.


इस गाने को अब तक 18 लाख से ज्यादा व्यूज मिले हैं. आपको बता दें, 20 साल की उम्र में काजल ने भोजपुरी फिल्म में एंट्री मारी. काजल खुद को बहुत लकी मानती हैं कि उनके फैन्स ने उन्हें इतना सपोर्ट किया और वह पिछले 7 सालों से भोजपुरी फिल्म जगत से जुड़ी हुई हैं.

दरअसल, काजल गुजराती हैं और वह लगातार भोजपुरी फिल्मों में काम करती आ रही हैं, तो ऐसे में क्या उन्हें भाषा की समस्या कभी हुई या नहीं. इस पर काजल का कहना है कि भाषा को लेकर ज्यादा समस्याएं नहीं आई, क्योंकि भोजपुरी भाषा बहुत स्वीट है और हिंदी से काफी मिलती जुलती है. इसलिए इस भाषा को अपनना बहुत ही आसान था.

अपनी शादी पर सलमान ने कही बड़ी बात, जानिए आप भी

इस साल ईद पर सलमान अपने फैंस के लिए फिल्म भारत ले कर बड़े पर्दे पर आ रहे हैं. फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो चुकी है. फिल्म का निर्देशन अली अब्बास जफर कर रहे हैं. इसी बीच एक दिलचस्प वाकया सामने आया. आपको बता दें कि हाल ही में सलमान कपिल शर्मा के शो में शामिल हुए. शो के दौरान उन्होंने फिल्म से जुड़ी एक दिलचस्प बात शेयर की है.

शो में कपिल ने फिल्म भारत में सलमान के किरदार पर सवाल किए. सलमान ने कहा कि वो जिस किरदार को फिल्म में निभा रहे हैं वो 72 साल बाद भी कुंआरा रहता है. इसी में आगे उन्होंने कहा कि इसी किरदार को वो अपने रियल लाइफ में भी फौलो कर रहे हैं. आपको बता दें कि सलमान अपनी शादी की बात पर खुद ही माजक बनाते रहते हैं. अब ऐसे में भले ही सलमान के फैन्स को यह न पता चल पाए कि सलमान की रियल लाइफ में शादी कब होगी, लेकिन भारत में उनका किरदार क्या होगा. उसका राज उन्होंने खोल दिया है.

आपको बता दें कि सलमान खान की फिल्म भारत का अंतिम शेड्यूल शुरू हो चुका है. फिल्म के डायरेक्टर अली अब्बास जफर कहते हैं, “फिल्म भारत का अंतिम शूटिंग शेड्यूल आज से शुरू हो गया है. अब ईद दूर नहीं.” यह फिल्म ईद के मौके पर रिलीज होने वाली है. फिल्म भारत में सलमान खान के अलावा तब्बू, दिशा पाटनी और कटरीना कैफ की अहम भूमिका है इस फिल्म में पहले कटरीना की जगह प्रियंका चोपड़ा थी. लेकिन शादी के कारण उन्होंने फिल्म से अपना नाम वापिस ले लिया था.

भोजपुरी क्वीन का वायरल हुआ ये वीडियो

भोजपुरी  फिल्म की क्वीन रानी चटर्जी का कोई जवाब नहीं. चाहे फिल्म हो या म्यूजिक एल्बम, हर जगह रानी का सिक्का चलता है. रानी चटर्जी के वीडियोज आए दिन यूट्यूब पर वायरल  होते ही रहते हैं. 2018 से लेकर अब तक रानी के कई वीडियोज इंटरनेट पर छाए रहे. लेकिन अब बात सिर्फ यूट्यूब की नहीं रही, अब तो रानी डिजिटल मीडिया की नई खोज टिक टौक पर भी छाई हुई हैं.

इस मुकाम को हासिल करने के लिए रानी को बहुत मेहनत करनी पड़ी है. वह अपना वजन कम करने के लिए दिन-रात एक कर चुकी हैं. आए दिन वह अपने इंस्टा पर इससे जुड़े कई वीडियो भी शेयर करती रहती हैं.

 

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दरअसल, रानी ने शनिवार को टिक टौक पर एक वीडियो बनाया था, जिसे काफी ज्यादा व्यूज मिले है. इस वीडियो को लाखों बार देखा गया है. यूं तो आज कल भोजपुरी इंडस्ट्री की तमाम कलाकार टिक टौक वीडियो को पोस्ट कर रहे हैं. मगर, इतने कम समय में इतने व्यूज सिर्फ रानी के वीडियो को ही मिल पाया है.

फिल्म ‘भारत’ के सेट से आई सलमान की ये तस्वीर

बिग बौस 12 सीजन खत्म करने के बाद सलमान खान अपनी फिल्म भारत की शूटिंग में बिजी हो गए हैं. फिल्म की शूटिंग गोवा में होनी है. इसके लिए फिल्म का पूरा क्रू गोवा पहुंच गया है. इस बीच सलमान खान का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वे आर्चरी करते नजर आ रहे हैं. सलमान फिल्मों की तहर इसमें भी परफेक्ट खेल दिखाते नजर आ रहे हैं.

वीडियो में सलमान स्पोर्टी लुक में हैं. अक्सर शूटिंग से टाइम निकाल कर वो अपना इंटरटेनमेंट करते हैं. आर्चरी में उन्होंने तीर बिल्कुल निशाने पर लगाया. जिसके बाद आसपास के लोग उन्हें चियर्स कर रहे हैं. आपको बता दें कि सलमान को निशानेबाजी का शौक काफी पुराना है. यही नहीं, वे खाली समय में पेंटिंग करना भी खूब पसंद करते हैं.

salman khan bharat movie

कुछ दिनों पहले फिल्म के प्रोड्यूसर अतुल अग्निहोत्री ने एक वीडियो शेयर किया था जिसमें फिल्म की टीम गोवा लैंड करती नजर आई थी. यहीं नहीं अतुल बीच-बीच में भारत की शूटिंग के बिटविन द सीन्स वीडियोज शेयर करते रहते हैं. इससे पहले फिल्म के माल्टा, पंजाब दिल्ली और अबु धाबी के शेड्यूल की शूटिंग हो गई है. फिल्म इस साल ईद के मौके पर रिलीज की जाएगी. फिल्म की कास्ट में सलमान के अलावा कटरीना कैफ, दिशा पाटनी, सुनील ग्रोवर और तब्बू अहम रोल में हैं.

तलाक पर अड़े रहे तेज प्रताप

बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रह चुके तेज प्रताप यादव ने अपनी पत्नी ऐश्वर्या के साथ तलाक लेने के मामले में परिवार वालों, अपने शुभचिंतकों और दोस्तों तक की बातें नहीं सुनीं और अपने फैसले पर ही अडिग रहे. 29 नवंबर, 2018 को परिवार कोर्ट, पटना में अर्जी पर सुनवाई हुई, जहां तेज प्रताप यादव खुद हाजिर हुए.

एकांत में सुनवाई करते हुए सवालजवाब के बाद जज उमाशंकर द्विवेदी ने ऐश्वर्या को अदालत में खुद हाजिर होने या वकील के जरीए हाजिर होने का नोटिस दिया. अदालत ने ऐश्वर्या को 8 जनवरी, 2019 को कोर्ट में हाजिर होने का समय दिया. वहीं तेज प्रताप यादव को नोटिस दे कर इस मामले में जरूरी परिपत्र पेश करने का निर्देश दिया.

तेज प्रताप यादव की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट के वकील अमित खेमका, पटना के वकील यशवंत कुमार शर्मा और विवेकानंद मलिक थे.

जज ने तेज प्रताप यादव से 5 मिनट तक सवालजवाब किए. पेशी के बाद तेज प्रताप यादव ने कहा, ‘‘मैं अपने पुराने स्टैंड पर कायम हूं. पीछे नहीं हटूंगा.’’

तेज प्रताप यादव की शादी को 6 महीने भी नहीं गुजरे थे कि उन्होंने अपनी पत्नी ऐश्वर्या से तलाक के लिए पटना सिविल कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी. इस की वजह से लालू प्रसाद यादव के परिवार में कुहराम मच गया है. तेज प्रताप यादव को समझाने की हर कोशिश नाकाम सी दिख रही है. तेज प्रताप यादव अपनी बातों पर अडिग हैं और बोल रहे हैं कि वे घुटघुट कर नहीं जी सकते.

6 महीने पहले हुई थी शादी

12 मई, 2018 को तेज प्रताप यादव की शादी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके और वर्तमान विधायक चंद्रिका प्रसाद की बेटी ऐश्वर्या के साथ हुई थी. ऐश्वर्या बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके दरोगा राय की पोती हैं.

तेज प्रताप यादव विधायक हैं और बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ महागठबंधन में स्वास्थ्य मंत्री के पद पर भी रह चुके हैं.

इस शादी समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके अखिलेश यादव, उन की पत्नी डिंपल यादव, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान समेत काफी तादाद में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी व आम नागरिक शामिल हुए थे.

ऐश्वर्या पर लगाए आरोप

पटना सिविल कोर्ट के चीफ जस्टिस उमाशंकर द्विवेदी की फैमिली कोर्ट में तेज प्रताप यादव ने तलाक की अर्जी दाखिल कर दी है. यह मामला हिंदू मैरिज ऐक्ट 13(1ए) के तहत दायर किया गया है, जिस का केस नंबर 1208/2018 है.

तेज प्रताप यादव ने ऐश्वर्या पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. जैसे ऐश्वर्या मुझे तेजस्वी से लड़ाना चाहती थी. वह कहती थी कि तेजस्वी तुम से जलता है. 2 जून, 2018 को ऐश्वर्या ने कहा था कि तुम्हारे यहां सब गंवार हैं. 9 और 11 जून को आपस में लड़ाई हुई थी. जुलाई और अगस्त में भी लड़ाई हुई थी. दोनों ने एकदूसरे पर पानी फेंक दिया था. मारपीट भी हुई थी.

ऐश्वर्या अपने पिता को छपरा लोकसभा से टिकट दिलवाने के लिए दबाव बना रही थी. वह कानूनी मामले में फंसाने की बात भी कहती थी. मीसा ने जब समझाने की कोशिश की तो उस ने कहा कि तुम समझाने वाली कौन होती हो.

तेज प्रताप यादव की तरफ से अदालत में याचिका दायर करने वाले वकील यशवंत कुमार शर्मा के मुताबिक, हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13ए के तहत तलाक मांगा गया है जिस में पति या पत्नी दोनों में से एक एकतरफा तरीके से तलाक मांग सकता है. तेज प्रताप यादव और उन की पत्नी ऐश्वर्या के बीच तालमेल नहीं है और इसलिए वे तलाक चाहते हैं.

तलाक के मामले में तेज प्रताप यादव का कहना है, ‘‘मैं घुटघुट कर नहीं जी सकता. मैं ने अपने मातापिता को भी बताया था कि अभी मेरी शादी करने की इच्छा नहीं है, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी.

‘‘हमारी जोड़ी सही नहीं मिली. मैं साधारण आदमी हूं और वे दिल्ली में पढ़ीलिखी बड़ी हुई महानगरीय जिंदगी जीने वाली असाधारण और आधुनिक महिला हैं.

‘‘मैं तो शादी नहीं करना चाहता था. मैं धार्मिक आदमी हूं. मम्मीपापा ने मुझे फंसा दिया. वे कहते थे कि शादी कर लो, नहीं तो यह हो जाएगा, वह हो जाएगा. मैं ने घर वालों के कहने पर शादी की लेकिन अब घुटघुट कर नहीं जी सकता.

‘‘मैं नार्थ पोल हूं और ऐश्वर्या साउथ पोल है. प्रधानमंत्री भी आ जाएं तो मैं अपने फैसले से पीछे नहीं हटूंगा.’’

डिलीट किया फोटो

सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले तेज प्रताप यादव ने तलाक की अर्जी देने से पहले ही अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर से ऐश्वर्या का फोटो डिलीट कर दिया.

सोशल मीडिया पर तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या के एक फोटो को खूब लाइक्स और कमैंट मिले थे जिस में साइकिल पर तेज प्रताप यादव और ऐश्यर्या बैठे थे. दोनों एकदूसरे को प्यारभरी नजरों से देख रहे थे. दोनों की उस बेहद रोमांटिक तसवीर को काफी पसंद किया गया था. लोगों ने बेहद खूबसूरत बताते हुए इस फोटो को शेयर किया था.

एक यूजर ने यह भी लिखा था,” यह काफी अजीब है कि एमेटी यूनिवर्सिटी से एमबीए की ऐश्वर्या 12वीं पास तेज प्रताप के गले से बांध दी गई.”

किसने क्या कहा

तेज प्रताप के छोटे भाई और उपमुख्यमंत्री रह चुके तेजस्वी यादव ने कहा है कि यह परिवार का आपसी मामला है और पारिवारिक मामले को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए.

राजद के वरिष्ठ नेता और लालू परिवार के शुभचिंतक रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि तेज प्रताप की तलाक याचिका राजनीतिक रूप से प्रभावित नहीं करेगी. उदाहरण के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्नी को छोड़ दिया, फिर भी वे देश के प्रधानमंत्री बने.

मनाने की कोशिश जारी

तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या के बीच तलाक की खबर फैलते ही दोनों सियासी परिवारों के बीच सुलह की कोशिश शुरू हो गई है.

लालू परिवार का हर सदस्य ऐश्वर्या के साथ है. वे लोग चाहते हैं कि किसी तरह मामला शांत हो जाए. लालू प्रसाद यादव ने रिम्स अस्पताल, रांची में 3 घंटे तक समझाने की कोशिश की.

तेज प्रताप यादव यह भी बोल रहे हैं कि उन के परिवार के सदस्य ऐश्वर्या को सपोर्ट कर रहे हैं. तेज प्रताप की हिम्मत ऐश्वर्या के सामने कुछ भी कहने की नहीं है.

तेज प्रताप यादव कभी बोधगया तो कभी चुपके से बनारस के विश्वनाथ मंदिर और मथुरा के मंदिरों और गलियों में कृष्ण के रोल में बांसुरी बजाते, पूजा करते देखे गए हैं. दर्शन के बहाने वे भागते चल रहे हैं. वे मीडिया वालों से भी आंख मिलाने में कतरा रहे हैं.

सोशल मीडिया भी नाकाम

सोशल मीडिया से भी तेज प्रताप यादव को समझाने की कोशिश लोगों ने की. जब तेज प्रताप ने लिखा कि टूटे से फिर न जुड़े, जुड़े गांठ पड़ जाए. इस पर रिंटू यादव ने लिखा कि सोना और सज्जन लाख बार टूटे और जुड़े.

रजनीकांत ने लिखा कि सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहा जा सकता.

आनंदी देवी यादव ने कहा कि शादी होने के बाद थोड़ीबहुत खटपट तो होती है लेकिन समस्याओं का समाधान भी है. समस्याओं से भागना समाधान नहीं है.

लोगों ने पिता की बीमारी और पार्टी की जरूरत का हवाला दे कर भी लिखा, लेकिन इस का भी तेज प्रताप यादव पर कोई असर नहीं हुआ. उन की मां राबड़ी देवी, भाई तेजस्वी यादव, सास पूर्णिमा राय लगातार कोशिश कर रहे थे कि संबंध सामान्य हो जाएं.

राबड़ी देवी के बंगले से तेज प्रताप यादव की सास पूर्णिमा राय को रोते हुए निकलते देखने से साफ हो गया था कि हालात सामान्य होने की दूरदूर तक उम्मीद नहीं है.

समाजसेवी अभय कुमार पिंटू ने आरोप लगाया है कि इस मामले में ऐश्वर्या का क्या कहना है, मीडिया में उस की बातें नहीं आ रही हैं, जबकि ऐश्वर्या से मीडिया वालों को मिलने ही नहीं दिया जा रहा है.

नाकामी छिपाने को मंदिर मुद्दा

जीएसटी, कालेधन को रोकने में असफलता, नोटबंदी, रुपए की गिरती कीमत, बढ़ते दामों, किसानों की बढ़ती आत्महत्याओं, बढ़ती बेरोजगारी आदि से ध्यान भटकाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने मंदिरमसजिद मामला फिर से उछाल दिया है. 9 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में हजारों लोग जमा हुए, मानो यहीं देश की समस्याओं का हल हो जाएगा.

पर इस भीड़ में थे कौन? ज्यादातर खाली बैठेठाले लफंगे, निकम्मे जिन्हें साधुसंत कहा जाता है जो मंदिरों, अंधविश्वासों, झूठी कहानियों, मनगढ़ंत उपचारों, तावीजों, अंगूठियों, यज्ञों, हवनों, रातदिन की पूजाओं, आरतियों जैसे ढकोसलों के बलबूते पागल मेहनतकश लोगों को रातदिन लूटने में लगे रहते हैं. उन के साथ उन के अंधभक्त थे जिन्होंने तर्क को ताक पर रख रखा है.

मंदिर का मामला जिंदा रखा जा रहा है, क्योंकि इसी बहाने सारे देश में लगातार चंदा जमा हो रहा है. मुगलों के 700 सालों के राज का बदला लेने के नाम पर हिंदुओं को उकसाया जा रहा है. पर याद रखिए इन हिंदुओं में पहले सिर्फ ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य थे. अब इन में शूद्रों के संपन्न वर्ग, जिन के पास भूमिसुधारों के कारण जमीनें आ गई हैं, भी शामिल कर लिए गए हैं. कुछ दलित पंडे भी पैदा कर दिए गए हैं, जो सवर्णों की बराबरी पाने के लालच में ‘मंदिर वहीं बनाएंगे, आज ही बनाएंगे’ के नारे भी लगाने लगे हैं.

इस भीड़ में कोई हनुमान बना था, कोई शिव, कोई मंदिर का फोटो लिए घूम रहा था तो कोई कपड़े उतार तपस्वी होने का स्वांग रच रहा था. क्या इन के बलबूते हिंदुओं की इज्जत लौटेगी? क्या इन की बदौलत और मंदिर बना कर, हिंदू उस कलंक को धो पाएंगे जो उन के माथे पर लगा है कि उन्हें विदेशियों ने हर बार मुट्ठीभर लड़ाकों के बलबूते हराया है.

न महमूद गजनवी, न अब्दाली, न हुमायूं, न नादिरशाह, न बाबर, न मोहम्मद गौरी, न मोहम्मद तुगलक और न ही अंगरेज लाखों की फौज ले कर भारत आए थे. वे सब मुट्ठीभर थे. ज्यादातर आक्रमणकारियों ने यहीं के लोगों की सेना बनाई और फिर उन्हीं के जरिए यहां के राजाओं को हराया. यह बात मंदिर के बनाने पर नहीं भुलाई जा सकेगी. 1950-55 में सोमनाथ का मंदिर बनाने के बाद हिंदुस्तान कोई अमेरिका नहीं बन गया था. सोमनाथ के मंदिर बनवाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की सब से ऊंची मूर्ति बनवा दिए जाने से विदेशियों की वहां कतारें नहीं लग गई हैं.

मंदिर का मुद्दा, दरअसल, मंदिर से होने वाली आमदनी का मुद्दा है. ये लोग मंदिर के नाम पर होने वाली आमदनी में रुचि रखते हैं, भारत के विकास में नहीं. ये देश के लोगों का 3 बित्ते का कपड़ा छीन कर उस का भगवा झंडा बनाना चाहते हैं. ये ठाटबाट बनाए रखना चाहते हैं. भक्तों को मरनेमारने का उपदेश देते हैं, कर्मठ बन कर देश को ऊंचाइयों पर ले जाने का नहीं.

कैसे परखें अपने प्यार को  

जिंदगी में कई दफा हम किसी ऐसे शख्स से प्यार कर बैठते हैं जो हमारे लिए बना ही नहीं है. 2 एकदम उलट स्वभाव के लोग कुछ समय तक तो साथ निभा सकते हैं मगर वह रिश्ता हमेशा कायम नहीं रह पाता.

सामने वाले की दमदार शख्सीयत पर उसे दिल दे बैठना आप के अपने भविष्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि इस दुनिया में ज्यादातर लोग एक मुखौटा लगा कर रहते हैं और समय आने पर जब मुखौटा उतरता है तो शख्स खुद को ठगा हुआ सा महसूस करता है.

किसी के साथ रिश्ता जोड़ने से पहले उस शख्स के असली चेहरे को जरूर परखें. कुछ ऐसे तरीके जिन्हें आप भी आसानी से आजमा सकती हैं:

कितना ईमानदार है वह

2 तरह की ईमानदारी परखनी जरूरी होती हैं. एक तो यह कि वह अपने रिश्तों के प्रति कितना ईमानदार है और दूसरा यह कि रुपएपैसों के मामले में कैसा है. जब बात रिश्तों की आती है तो इनसान के स्वभाव को समझना जरूरी हो जाता है.

वह अपने रिश्ते को ले कर कितना ईमानदार है, यह जानने के लिए ध्यान दें कि वह दूसरी खूबसूरत लड़कियों के सामने कैसे पेश आता है? उन के सामने आप को कितनी अहमियत देता है? क्या उस की निगाहें हर खूबसूरत लड़की की तरफ घूम जाती हैं? क्या वह हमेशा दूसरी लड़कियों को इंप्रैस करने के चक्कर में लगा रहता है? क्या वह छोटीछोटी बातों पर झूठ बोल जाता है? क्या फोन पर धीरेधीरे बातें करता है और बात करते वक्त अकसर आप से दूर चला जाता है? क्या वह खुल कर अपने दोस्तों, रिश्तेदारों या घर वालों से आप को मिलाना पसंद करता है या किसी उलझन में फंसा नजर आता है? क्या उस ने अपने अतीत के बारे में आप को सबकुछ बताया है या वह बातें छिपाता है? इन बातों से आप अंदाजा लगा सकती हैं कि भविष्य में उस के साथ आप का रिश्ता कैसा रहेगा.

रिश्तों के साथसाथ रुपएपैसों से जुड़ी ईमानदारी भी अहम है. आप किसी बहाने उसे कुछ रुपए उधार के रूप में दे कर देखें. क्या वह याद कर के रुपए आप को वापस करता है? यहां बात

50 या 100 या 5 सौ, 5 लाख की नहीं बल्कि उस की ईमानदारी की है. अगर वह अकसर रुपए लौटाना भूल जाता है तो समझिए कि मामला गड़बड़ है. उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता. जो इनसान रुपयों के मामले में ईमानदार नहीं है उस से भला रिश्तों के मामले में ईमानदारी बरतने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

क्या वह इज्जत देता है

ध्यान दीजिए कि क्या वह दूसरों के आगे आप की इज्जत की परवाह करता है या फिर कहीं भी कभी भी आप से ऊंची आवाज में बातें करने लगता है? क्या वह आप को गलत साबित करने की कोशिश करता है? क्या वह दूसरों के आगे छोटी सी बात पर भी आप का मजाक उड़ा देता है या अपनी बात को ऊंचा रखने की कोशिश में लगा रहता है?

ऐसा इनसान कतई आप के लायक नहीं हो सकता. जो शख्स दूसरों के आगे आप की इज्जत बरकरार रखे, आप के साथसाथ आप के परिवार वालों की इज्जत करे, आप की आंखों में आंसू न देख सके और हमेशा आप को आगे बढ़ने के लिए कहे, आप की कामयाबी पर खुश हो और आप के परेशान होने पर हर मुमकिन मदद करने को तैयार रहे, वही आगे चल कर आप के लिए बेहतर साथी बन सकता है.

कितना मेल है आप दोनों में

आप एकदूसरे के साथ कितने सहज हैं, एकदूसरे को कितना समझते हैं, इस बात पर ध्यान जरूर दें. जब प्यार नयानया होता है तब तो सामने वाला शख्स आप की हर बात मानता ही है, पर थोड़ा समय गुजरने के बाद धीरेधीरे हकीकत सामने आती है.

वह आप का कितना खयाल रखता है, यह जानने के लिए एकसाथ कहीं सफर पर जा कर देखें. तब आप उस के बरताव को निकट से पढ़ सकेंगी.

सफर के दौरान आप को काफी वक्त साथ गुजारना होता है. अनजान जगह पर एकसाथ रहते हुए आप उस के बारे में अच्छी तरह जान पाएंगी. आप के और दूसरों के साथ उस का बरताव नोटिस कर सकेंगी.

सफर के लिए बसटैंपों चुनने से ले कर खाने की जगह चुनते वक्त आप नोटिस कर सकती हैं कि आप का साथी आप की पसंद को कितनी तवज्जुह देता है. क्या वह समझौता करने को तैयार होता है या अपनी मरजी चलाना चाहता है? ऐसी बातें आगे जा कर रिश्ते टूटने की खास वजहें बनती हैं.

सफर के दौरान उस की पैसा संभालने करने की आदत भी आप बखूबी परख सकेंगी. आप का पार्टनर कितना रोमांटिक है? वह भीड़भाड़ वाली जगह पसंद करता है या एकांत जगह पर आप के और निकट रह कर खुश है? क्या वह बाहर जा कर भी कामकाज की बातों में लगा हुआ है? आप के बजाय फोन कौल्स या बिजनैस चैटिंग में ज्यादा वक्त लगा रहा है? अगर ऐसा है तो समझ जाइए कि अभी यह हाल है तो भविष्य में वह आप को कितना अनदेखा करेगा.

क्या वह झप्पी लेता है

प्यार का इजहार करने के लिए हाथों में लेना जरूरी है पर वह झप्पी ले तो आप को सुकून का एहसास हो, सैक्स का नहीं. वह इस दौरान छेड़छाड़ कर रहा हो तो समझ लें कि छिछोरा है. उस की बांहों में आप को सुरक्षा नजर आए तो समझें कि आप का बौयफ्रैंड सही है.

बेवफा आशिक को दी मौत की सजा

पीड़ित का नाम-विभाष कुमार कनेरिया. उम्र-35 साल. पिता का नाम-परसराम कनेरिया. पेशा-जमीन की दलाली. निवासी-बैतूल. हालमुकाम 307, 2 सी, साकेत नगर, भोपाल. जुर्म-माशूका से बेवफाई. सजा-सजा ए मौत. कातिल-मोंटी उर्फ योगेश्वरी बरार. यह वाकिआ 5 जून, 2016 का है, जब विभाष कुमार को उस की ही माशूका मोंटी ने चाकू से हमला कर मौत के घाट उतार दिया था. विभाष कुमार उन लाखों नौजवानों में से एक था, जो रोजगार की तलाश में भोपाल आ कर रहने लगा था. कुछ और उसे आता नहीं था, इसलिए वह दिखने में सब से आसान लगने वाला जमीनों की दलाली का काम करने लगा और इमारतें बनाने के धंधे में भी उतरने वाला था.

भोपाल जैसे बड़े शहर में अपनी आमदनी के दम पर 10 साल गुजार देना यह बताता है कि विभाष कुमार अपने धंधे में माहिर हो गया था और उस की कमाई ठीकठाक हो रही थी. लेकिन 35 साल का हो जाने के बाद भी उस ने शादी नहीं की थी, तो वजह उस की 28 साला माशूका मोंटी थी, जिस के साथ वह बीते 9 सालों से लिव इन रिलेशनशिप में था यानी वे दोनों बगैर शादी किए मियांबीवी की तरह रहते थे, जो हर्ज की बात इस लिहाज से थी कि मोंटी रिश्ते में उस की बहन लगती थी.

पहले प्यार और फिर जिस्मानी संबंध बना कर उन दोनों ने कोई समझदारी का काम नहीं किया था. अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज की खूबसूरत दिखने वाली मोंटी 9 साल पहले जब जवानी की दहलीज पर दाखिल हुई होगी, तो कितनी खूबसूरत रही होगी.

मोंटी भी लाखों लड़कियों की तरह भोपाल पढ़ने आई थी. पढ़ाई तो उस ने की, पर साथसाथ चचेरे भाई के साथ मुहब्बत की भी डिगरी ले डाली थी.

मोंटी पढ़ेलिखे घर की लड़की है, जिस के पिता टिमरनी, हरदा के एक स्कूल में टीचर और मां होस्टल वार्डन थीं. बेटी भी अच्छे से पढ़लिख कर कुछ बन जाए, इसलिए उन्होंने मोंटी को पढ़ाई के लिए भोपाल भेज दिया था, पर गलती यह की थी कि सहूलियत और हिफाजत के लिए उसे अपने दूर के रिश्ते के भाई विभाष कुमार के पास रहने छोड़ दिया था, जिस के पास उस की बहन भी रहती थी.

विभाष कुमार और मोंटी जवानी के जोश के चलते रिश्ते की हदें ज्यादा दिनों तक निभा नहीं पाए और सबकुछ भूल कर एकदूसरे में ऐसे खोए कि उन्होंने अपने आने वाले कल के बारे में कुछ नहीं सोचा.

गलती आशिक की

 9 साल का अरसा कम नहीं होता. एक कली को फूल बना चुके विभाष कुमार का दिल अपनी माशूका से उचटने लगा था, क्योंकि जैसेजैसे पैसा आता गया, वैसेवैसे उसे नईनई तितलियां भी मिलने लगी थीं.

उधर, मोंटी तो विभाष को ही अपना सबकुछ मान बैठी थी. शादी हो न हो, उसे इस बात से कोई मतलब नहीं था, वह तो बस हर हाल में आशिक का साथ चाहती थी.

ऐसा भी नहीं था कि वह एकदम नादान या देहाती लड़की थी, बल्कि बेहद समझदार और सधी हुई लड़की थी, जिस ने भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी से साइकोलौजी में एमए की डिगरी ली थी. लिहाजा, कुदरती तौर पर वह जाननेसमझने लगी थी कि कौन कब क्या बरताव करेगा.

लेकिन पढ़ाईलिखाई या डिगरियों का जिंदगी की सचाई से कोई लेनादेना नहीं होता. यह बात मोंटी को समझाने वाला कोई नहीं था.

भड़की माशूका

 विभाष कुमार की कम होती दिलचस्पी को मोंटी बखूबी समझ रही थी, पर उसे ज्यादा अफसोस इस बात का रहने लगा था कि उसे छोड़ कर उस का आशिक इधरउधर मुंह मारने लगा था. भले ही वे पतिपत्नी नहीं बने थे, लेकिन मियांबीवी की तरह रह रहे थे, इसलिए मोंटी की बेचैनी या तिलमिलाहट कुदरती बात थी.

मोंटी ने कई बार विभाष कुमार को समझाया था कि दूसरी लड़कियों से प्यार की पींगे मत बढ़ाओ. यह मुझ से बरदाश्त नहीं होता है, लेकिन अब तक विभाष कुमार उस की कमजोरी ताड़ चुका था कि वह यों ही कलपती रहेगी, पर कुछ कर नहीं पाएगी.

अब से तकरीबन 4 साल पहले विभाष कुमार की बहन आभा, जिस का एक नाम रीना भी है, भी भोपाल में उन्हीं के साथ आ कर रहने लगी थी, तो मोंटी ने साकेत नगर में किराए पर अलग मकान ले लिया था, जो इस नाजायज रिश्ते को बनाए रखने में काफी मददगार साबित हुआ था.

हालांकि रीना इन दोनों के मियांबीवी सरीखे रिश्ते को ताड़ चुकी थी. मोंटी का मकान उस के घर से पैदल की दूरी पर था, इसलिए रीना से कुछ छिपा नहीं था.

रीना के जरीए ही इस रिश्ते की बात विभाष कुमार की मां तक पहुंची थी, जो पति की मौत के बाद से ही अपनी औलादों को ले कर परेशान रहने लगी थीं. विभाष कुमार की कमाई से ही उन का बैतूल का खर्च चलता था.

विभाष कुमार और मोंटी के रिश्ते के बारे में सुन कर मां का डरना लाजिम था, इसलिए उन्होंने उसे ऊंचनीच समझाई, तो वह मान गया. वैसे भी विभाष कुमार का जी अब मोंटी से ऊबने लगा था, इसलिए उस ने माशूका से दूरी बनाना शुरू कर दिया. लेकिन मोंटी किसी भी शर्त पर उस का साथ या पीछा छोड़ने को तैयार नहीं थी.

ऐसे लिया बदला

5 जून, 2016 को मोंटी विभाष कुमार के घर पहुंची और रातभर वहीं रही. जब दूसरे कमरे में आभा यानी रीना सो गई, तो उस ने विभाष कुमार को लताड़ना शुरू कर दिया. इसी कहासुनी में विभाष कुमार ने उसे अपनी सगाई के फोटो मोबाइल पर दिखाए, जिन में एक लड़की यानी उस की मंगेतर उसे केक खिला रही थी.

फोटो देख कर मोंटी के तनबदन में आग लग गई. हालांकि वह पहले से काफीकुछ जानती थी, पर नौबत यहां तक आ जाएगी, इस का उसे अंदाजा नहीं था.

रातभर दोनों तूतूमैंमैं करते रहे. मोंटी की दलीलें अपनी जगह ठीक थीं कि जब उस ने अपना सबकुछ उसे सौंप दिया है, तो वह किसी और का कैसे हो सकता है? विभाष कुमार का यह कहना था कि उस की मरजी जिस से चाहे शादी करे.

इस कहासुनी के बाद कोई हल न निकलता देख विभाष कुमार जब गहरी नींद में सो गया, तो नागिन सी तिलमिलाई मोंटी ने चाकू से उस के सीने पर हमला किया और फिर कहीं वह जिंदा न बच जाए, इसलिए ताबड़तोड़ हमले करती रही.

शोर सुन कर रीना जागी और बाहर आई तो नजारा देख कर हैरान रह गई. उस ने मोंटी को पकड़ने की कोशिश की, पर वह मोबाइल और चाकू फेंक कर भाग खड़ी हुई.

रीना कुछ पड़ोसियों की मदद से जैसेतैसे उसे अस्पताल ले गई, पर डाक्टरों ने उसे मरा घोषित कर दिया.

विभाष कुमार की हत्या करने के बाद मोंटी को होश आया, तो उस ने खुद को भी खत्म करने की ठान ली. शायद उस के लिए विभाष के बाद दुनिया में कुछ रह नहीं गया था. उस ने पहले खुद पर चाकू से हमला किया, पर घबरा गई, क्योंकि इस में मरने की गारंटी नहीं थी.

घाव बड़ा नहीं था, इसलिए उस ने उस को ढक लिया और नजदीकी आरआरएल चौराहे पर जा कर पैट्रोल पंप से बोतल में पैट्रोल खरीदा और खुद पर उड़ेल लिया, पर खुद को आग लगाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई.

जाहिर है, मोंटी अपना आपा खो चुकी थी, इसलिए खुदकुशी की तीसरी कोशिश उस ने कुएं में कूद कर की, पर जिस कुएं में वह कूदी, उस में 4 फुट ही पानी था. लिहाजा, वह फिर बच गई.

इधर, पुलिस को कत्ल की वारदात की खबर लग चुकी थी, इसलिए वह तुरंत मोंटी की तलाश में जुट गई थी. राह चलते लोगों से पूछताछ की बिना पर पुलिस वाले कुएं के पास पहुंचे, तो मोंटी अंदर ही थी. पिपलानी के गांधी मार्केट का यह कुआं 20 फुट गहरा है.

मोंटी को बाहर निकालने के लिए डायल 100 के ड्राइवर बलवीर ने हिम्मत दिखाई और कुएं में उतर कर उसे सहीसलामत ऊपर ले आया. थाने जा कर मोंटी फरियाद करती रही कि विभाष को तो उस ने मार दिया है, लेकिन उसे अब कब फांसी दोगे.

पुलिस वालों ने उसे प्यार से पुचकारा और खाने के लिए सैंडविच मंगा कर दिए, तो मोंटी कुछ सामान्य हुई और उस ने बताया कि विभाष की सगाई के फोटो देख कर मैं आपे से बाहर हो गई थी, इसलिए उसे चाकू से गोद कर मार डाला. यह चाकू उस ने कुछ दिन पहले ही औनलाइन शौपिंग कर के मंगाया था.

अगले दिन सुबह के 9 बज चुके थे. सारा शहर जाग उठा था. ‘एक माशूका ने आशिक की बेरहमी से हत्या की’ यह खबर जिस ने भी सुनी, उस ने कलयुग को कोसा, प्यारमुहब्बत और वफा पर उंगलियां उठाईं. अब तक लोगों ने यही सुना था कि बेवफाई के चलते आशिक ने माशूका की हत्या की, पर इस मामले में उलटा हुआ.

कइयों ने रिश्ते की बहन से मुहब्बत करने को ही गलत ठहराया, पर कोई मोंटी का दर्द नहीं समझ पाया, जो बेवफा आशिक को अपने हाथों मौत की सजा देने की बात कहते हुए खुद अपने लिए फांसी का फंदा मांग रही है.

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