सावधान इंडिया : पुलिस, पत्रकार और हसीनाएं

9 नवंबर, 2016 को पवन कुमार अपने औफिस में था, तभी उस के मोबाइल पर किसी का फोन आया. वह दिल्ली के रोहिणी सैक्टर-15 स्थित ईएसआई अस्पताल में असिस्टैंट था. वह दिल्ली से सटे हरियाणा के जिला सोनीपत के गांव खेड़ी मानाजात का रहने वाला था. पवन ने फोन रिसीव किया तो दूसरी ओर से किसी लड़की ने कहा, ‘‘मेरा नाम प्रिया है, मैं रोहित से बात करना चाहती हूं.’’

‘‘रोहित, यहां तो कोई रोहित नहीं है और न ही मैं किसी रोहित को जानता हूं.’’ पवन ने कहा.

‘‘सौरी, रौंग नंबर लग गया.’’ कह कर प्रिया ने फोन काट दिया.

पवन ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया, उस ने सोचा गलती से फोन लग गया होगा.  लेकिन 2-3 दिन बाद प्रिया का फोन फिर आया तो आवाज पहचान कर पवन ने कहा, ‘‘मैडम, मैं ने तो उसी दिन बता दिया था कि यहां कोई रोहित नहीं है.’’

‘‘कोई बात नहीं सर, आप तो हैं. क्या मैं आप से बात नहीं कर सकती?’’ प्रिया ने कहा.

‘‘मुझ से..?’’ पवन ने हैरान हो कर कहा, ‘‘मेरी तो आप से कोई जानपहचान भी नहीं है, फिर आप मुझ से क्यों बात करेंगी?’’

‘‘बात करने के लिए जानपहचान जरूरी है क्या? पहले तो सभी अपरिचित होते हैं, बातचीत के बाद ही जानपहचान होती है.’’ प्रिया ने कहा.

‘‘शायद आप ठीक कह रही हैं. बताइए, आप क्या चाहती हैं मुझ से?’’ पवन ने पूछा.

‘‘मैं ने तो आप को अपना नाम बता ही दिया है. मैं दिल्ली में उत्तमनगर में रहती हूं. वैसे रहने वाली यूपी के शाहजहांपुर की हूं. आप अपने बारे में बताइए.’’ प्रिया ने अपने बारे में बता कर पवन के बारे में पूछा.

‘‘मेरा नाम पवन कुमार है. मैं हरियाणा के सोनीपत के एक गांव का रहने वाला हूं और दिल्ली में रोहिणी सैक्टर-15 स्थित ईएसआई अस्पताल में नौकरी करता हूं.’’ पवन ने अपने बारे में बताया.

‘‘पवनजी, आप से इतनी बातें कर के ही लग गया कि आप बहुत अच्छे और भले आदमी हैं.’’ पवन की तारीफ करते हुए प्रिया ने कहा.

‘‘धन्यवाद मैडम.’’

‘‘मैडम नहीं, आप मेरा नाम ले सकते हैं.’’ प्रिया ने कहा.

इस तरह पवन और प्रिया की बातचीत की शुरुआत हुई तो वह पवन को रोज फोन कर के बातें करने लगी. पवन को भी उस से बातें करना अच्छा लगता था. लेकिन जब प्रिया ने उस से मिलने की इच्छा जाहिर की तो वह बहाने करने लगा. वह उस से मिलना नहीं चाहता था.

17 नवंबर को भी प्रिया ने पवन को फोन कर के इधरउधर की बातें करते हुए उस से मिलने के लिए कहा तो पवन ने उसे टालना चाहा. तब प्रिया ने कहा, ‘‘देखिए पवनजी, मैं आज अपने घर शाहजहांपुर जा रही हूं. पता नहीं फिर कब लौटूं. इसलिए जाने से पहले मैं एक बार आप से मिलना चाहती हूं.’’

प्रिया की इस बात पर पवन ने कहा, ‘‘बताइए प्रियाजी, आप कहां मिलना चाहती हैं?’’

‘‘ऐसा कीजिए, आप बुराड़ी चौक पर आ जाइए. आप से मिलने के बाद मैं वहां से नई दिल्ली स्टेशन चली जाऊंगी.’’ प्रिया ने कहा.

पवन ने मोटरसाइकिल से बुराड़ी चौक पर पहुंच कर प्रिया को फोन किया तो उस ने कहा, ‘‘आप वहीं रुकिए, मैं अपनी दोस्त पूजा को भेज रही हूं. वह आप को यहां ले आएगी.’’

पवन ने प्रिया को अपनी मोटरसाइकिल का नंबर बता दिया था. कुछ देर बाद पूजा आई और उसे बुराड़ी की बंगाली कालोनी स्थित एक मकान में ले गई. वह प्रिया से मिला तो उस के मन में प्रिया की जो तसवीर थी, वह उस से कहीं ज्यादा खूबसूरत थी. थोड़ी बातचीत के बाद पवन ने कहा, ‘‘प्रिया, हम किसी रेस्टोरेंट में चलते हैं. वहीं बैठ कर बातें करेंगे.’’

‘‘मैं अभी बाहर नहीं जा सकती, क्योंकि कुछ देर में मुझे घर के लिए निकलना है.’’ प्रिया ने कहा.

पूजा चायपानी लाने की बात कह कर चली गई तो प्रिया ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और पवन के नजदीक बैठ कर बातें करने लगी. प्रिया की बातें पवन को अच्छी लग रही थीं. बातचीत करते हुए अभी कुछ ही देर हुई थी कि किसी ने दरवाजा खटखटाया. प्रिया फुसफुसाई कि पता नहीं कौन आ गया तो पवन ने कहा, ‘‘तुम रहने दो, मैं दरवाजा खोलता हूं.’’

पवन ने जैसे ही दरवाजा खोला 2 आदमी और एक मोटी सी औरत अंदर आ गई. उस के हाथ में कैमरा था. वह पवन और प्रिया के फोटो खींचने लगी. जो 2 आदमी थे, उन्होंने पवन से कहा, ‘‘यहां सैक्स रैकेट चलाता है न?’’

‘‘सैक्स रैकेट…यह क्या कह रहे हैं आप लोग?’’ पवन ने कहा, ‘‘पहले तो यह बताइए कि आप लोग हैं कौन?’’

‘‘हम दिल्ली पुलिस से हैं और हमारे साथ यह महिला प्रैस रिपोर्टर है.’’ उन में से एक व्यक्ति ने कहा, ‘‘हमें सूचना मिली है कि यहां धंधा होता है.’’

पुलिस का नाम सुन कर पवन के होश उड़ गए. उस ने कहा, ‘‘सर, मैं ईएसआई अस्पताल में नौकरी करता हूं. यहां मैं पहली बार प्रिया से मिलने आया था. मैं ने कोई गलत काम नहीं किया. आप प्रिया से पूछ सकते हैं.’’

‘‘सरकारी नौकरी करते हुए यह गैरकानूनी काम करने में तुझे शरम नहीं आई?’’ उसी आदमी ने डांटते हुए कहा.

‘‘सर, मैं ने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया.’’ पवन ने कहा.

‘‘एक तो गलत काम करता है, ऊपर से बहस करता है.’’ कह कर उस ने पवन की पिटाई शुरू कर दी.

पवन लाख सफाई देता रहा, लेकिन उन लोगों ने उस की एक नहीं सुनी. प्रिया बोली तो उसे भी डांट दिया. इस के बाद उस ने कहा, ‘‘जब जेल जाएगा तो तेरी हकीकत सब के सामने आएगी.’’

‘‘सर, मुझे यह किस गलती की सजा दी जा रही  है?’’ पवन ने कहा.

‘‘अब तू रेप के मामले में अंदर जाएगा, तब पता चलेगा.’’ उसी आदमी ने कहा. पवन फंस चुका था. उस की समझ में नहीं आ रहा था कि अब वह क्या करे. प्रिया को दूसरे कमरे में भेज कर उन्होंने पवन से कहा, ‘‘देख, जेल जाने के बाद तेरी नौकरी तो जाएगी ही, जब यह न्यूज टीवी पर चलेगी तो समाज में तेरी जो बदनामी होगी, वह अलग से. अगर तू इस मामले को यहीं निपटाना चाहता है तो तुझे 25 लाख रुपए की व्यवस्था करनी होगी.’’

‘‘25 लाख तो बहुत ज्यादा हैं, कहां से लाऊंगा मैं इतने रुपए. अगर 2 लाख में काम हो जाए तो मैं इंतजाम कर दूं.’’ पवन ने कहा.

‘‘कोई बात नहीं, फिर सालोंसाल तक कोर्ट के चक्कर लगाते रहना.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जानता है, तेरे ऊपर जो केस बन रहा है, उस में तेरी जमानत भी नहीं होगी.’’

‘‘नहीं सर, ऐसा मत करो. मैं बरबाद हो जाऊंगा. मामले को यहीं रफादफा कर दो.’’ पवन गिड़गिड़ाया.

‘‘यह मामला फोकट में थोड़े ही न निबटेगा,’’ उस व्यक्ति ने अपने कब्जे में लिया गया पवन का फोन उस के हवाले करते हुए कहा, ‘‘ले फोन और पैसे का इंतजाम कर.’’

पवन ने अपने दोस्तों को फोन करने शुरू किए. काफी देर तक इधरउधर बातें करने के बाद 15 लाख रुपए का इंतजाम हो पाया. यह बात पवन ने उन्हें बताई तो रुपए कहां मंगाए जाएं, इस बारे में सलाह करने लगे. अंत में उन्होंने रुपए मुकुंदपुर मेनरोड पर लाने को कहा. पवन ने दोस्त की गाड़ी का नंबर और फोन नंबर बता दिया था. इस के बाद वे मोटी महिला को साथ ले जा कर पैसे ले आए.

जाते समय वे पवन का मोबाइल फोन अपने साथ ले गए थे. उन्होंने उसे धमकी भी दी थी कि अगर पैसे लेने वाली बात उस ने किसी को बताई तो उस के खिलाफ काररवाई की जा सकती है. पवन पछता रहा था कि वह प्रिया की बातों में फंस कर यहां न आया होता तो यह सब न होता. जिस लड़की ने उसे बुलाया था, वह वहां से जा चुकी थी. पवन को प्रिया पर शक हो रहा था. जो लोग 15 लाख रुपए लेने गए थे, उन पर भी संशय हो रहा था. पर अब वह क्या कर सकता था.

बदनामी के डर से वह अपने साथ घटी इस घटना को किसी से बताने की हिम्मत भी नहीं कर पा रहा था. लेकिन जिस दोस्त से पवन ने 15 लाख रुपए मंगाए थे, उसे उस ने अपने साथ घटी घटना बता दी. दोस्त समझ गया कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया था. उस ने पुलिस से शिकायत करने की सलाह दी.

पवन को दोस्त की सलाह सही लगी, पर वह किसी काम में व्यस्त हो गया, जिस से पुलिस के पास नहीं जा सका. 4-5 दिनों बाद पवन को फोन कर के फिर 10 लाख रुपए और मांगे गए, साथ ही पैसे न देने पर उसे बदनाम करने की धमकी दी गई. पवन ने जब कहा कि उस दिन जब बात निपट गई थी तो अब 10 लाख रुपए किस बात के मांगे जा रहे हैं?

दूसरी ओर से कहा गया कि बात 25 लाख रुपए की हुई थी, जिस में से तुम ने 15 लाख दे दिए थे, 10 लाख बाकी रह गए थे, इसलिए 10 लाख रुपए का जल्दी इंतजाम कर के दे दो, वरना अंजाम तुम समझते ही हो.

परेशान पवन ने दोस्त से बात की तो वह उसे पुलिस मुख्यालय ले गया. वहां क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव को शिकायतीपत्र दे कर पवन ने उन्हें अपने साथ घटी घटना विस्तार से बता दी. रविंद्र यादव ने पवन को क्राइम ब्रांच दरियागंज भेज दिया, जहां उन की मुलाकात एसीपी संदीप लांबा से हुई. उस की शिकायत थाना क्राइम ब्रांच में दर्ज कर ली गई.

एसीपी संदीप लांबा ने इस केस को सुलझाने के लिए एक पुलिस टीम गठित की, जिस में इंसपेक्टर आशीष कुमार दुबे, एसआई विनीत कुमार, एएसआई विजय कुमार, अजीत सिंह, जोगेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, राकेश कुमार, हैडकांस्टेबल सुधीर कुमार, प्रवीण कुमार, राजीव त्यागी, मूलचंद्र, साहिल खान, प्रवीण कुमार रमाला, कांस्टेबल कर्नल यादव, निशांत, परवीन कुमार, महिला कांस्टेबल कोमल को शामिल किया.

जिस फोन नंबर से पवन को फोन किया गया था, वह नंबर इंसपेक्टर आशीष दुबे को दिया गया. पुलिस ने उस नंबर के बारे में पता किया तो वह बंद मिला. पुलिस टीम उस मकान पर भी गई, जहां पवन के साथ घटना घटी थी.

पुलिस को मुखबिर द्वारा पता चला कि बुराड़ी के उस मकान में निधि रहती थी. उस के पास अकसर आराधना और तबस्सुम उर्फ टीना आती थीं, जो यूपी के शाहजहांपुर जिले की रहने वाली थीं. उस ने यह भी बताया कि तबस्सुम 18 दिसंबर, 2016 को काशी विश्वनाथ एक्सप्रैस से शाहजहांपुर जाएगी.

पुलिस पवन को साथ ले कर 11 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंच गई. पवन को वहां प्रिया दिखाई दे गई तो उस ने पुलिस को उस की ओर इशारा कर दिया. पुलिस ने प्रिया से उस का नाम पूछा तो उस ने अपना नाम तबस्सुम बताया. जबकि पवन को उस ने अपना नाम प्रिया बताया था.

पुलिस उसे पकड़ कर औफिस ले आई, जहां एसीपी संदीप लांबा के सामने उस से पूछताछ की गई तो उस ने न सिर्फ अपना जुर्म कबूल कर लिया, बल्कि उस ने उन साथियों के नाम भी बता दिए, जो उस के साथ ब्लैकमेलिंग के धंधे में शामिल थे.

तबस्सुम पुलिस टीम को बुराड़ी की बाबा कालोनी स्थित एक अखबार के औफिस ले गई, जो कृष्णनंद भट्ट के साप्ताहिक अखबार का था. वहां पुलिस टीम ने कृष्णनंद भट्ट, आराधना उर्फ अंकिता और निधि को हिरासत में लिया. इन की निशानदेही पर पुलिस ने 28 दिसंबर को ही जितेंद्र और प्रदीप को भी हिरासत में लिया. प्रदीप दिल्ली पुलिस का सिपाही था. उस की पोस्टिंग थाना बुराड़ी की झड़ौदा पुलिस चौकी में थी.

ये सभी मिल कर जिस तरह शातिराना तरीके से हनीट्रैप का धंधा चला रहे थे, उसे जान कर क्राइम ब्रांच की टीम हैरान रह गई.

उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी के प्रधान एनक्लेव का रहने वाला 48 साल का कृष्णनंद भट्ट ‘आदर्श भारत टाइम्स’ नाम का साप्ताहिक हिंदी समाचारपत्र निकालता था. उस के यहां निधि नौकरी करती थी, जो उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की रहने वाली थी. लेकिन उस की पढ़ाईलिखाई दिल्ली में ही हुई थी. उस की शादी हो चुकी थी, लेकिन शादी के कुछ सालों बाद उस की किसी वजह से पति से अनबन हो गई थी, जिस के बाद वह पत्रकार कृष्णनंद भट्ट के संपर्क में आई और उस के साथ काम करने लगी.

वह आंगनवाड़ी में भी काम करती थी. बाद में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं तो वे लिवइन रिलेशन में रहने लगे.

कृष्णनंद ने उसे बुराड़ी की बंगाली कालोनी में 2 कमरों का सेट किराए पर दिलवा दिया था. पत्रकार होने की वजह से कृष्णनंद का थाने में आनाजाना लगा रहता था, जिस से उस के कई पुलिसकर्मियों से अच्छे संबंध बन गए थे. थाना बुराड़ी की झड़ौदा पुलिस चौकी में तैनात कांस्टेबल प्रदीप से भी उस की गहरी दोस्ती हो गई थी. प्रदीप सन 2010 में दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भरती हुआ था.

निधि की आराधना शर्मा उर्फ अंकिता से दोस्ती थी. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक अंकिता बुराड़ी में ही टाइपिंग और शौर्टहैंड सिखाने का इंस्टीट्यूट चलाती थी. वह रहने वाली करावलनगर के प्रकाश विहार की थी. उस के पिता एमटीएनएल में नौकरी करते थे, जो अब रिटायर हो चुके हैं.

जल्दी और ज्यादा पैसे कमाने के लिए कृष्णनंद भट्ट ने एक योजना बनाई. अखबारों में आए दिन हनीट्रैप के जरिए मोटी रकम वसूले जाने की खबरें वह पढ़ता और छापता रहता था. पुलिस वालों के साथ रह कर वह पुलिस के बात और व्यवहार से अच्छी तरह वाकिफ हो चुका था. इस बारे में उस ने निधि से बात की तो वह तैयार हो गई.

बिना किसी रिस्क के उसे इस काम में मोटी कमाई दिखाई दे रही थी. उस ने अपनी सहेली अंकिता और तबस्सुम उर्फ रीना से बात की तो पैसे के लालच में वे भी तैयार हो गईं.

तबस्सुम मूलरूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की रहने वाली थी. वह दिल्ली की एक प्रिंटिंग प्रैस में काम करती थी. तबस्सुम को जिम्मेदारी दी गई कि वह शिकार को फोन कर के अपनी मीठीमीठी बातों में फांस कर कमरे पर बुलाएगी. पत्रकार कृष्णनंद ने फरजी पुलिस वाला बनने का फैसला किया.

कृष्णनंद ने अपने दोस्त बाबा कालोनी बुराड़ी के 28 वर्षीय जितेंद्र उर्फ जीत  से संपर्क किया. उसे उस के साथ केवल पुलिस वाला बन कर रहना था. निधि का रोल कृष्णनंद और जितेंद्र के साथ पत्रकार बन कर जाने का था. इस तरह इन्होंने योजना के तहत लोगों को फांस कर अपना धंधा शुरू कर दिया.

कृष्णनंद ही तबस्सुम को ऐसे लोगों के फोन नंबर उपलब्ध कराता था. उस के बाद तबस्सुम प्रिया बन कर शिकार फांसती थी.

शिकार बंगाली कालोनी स्थित निधि के कमरे पर आ जाता था तो कृष्णनंद, जितेंद्र उर्फ जीतू और निधि वहां पहुंच जाते और तबस्सुम के साथ बैठे व्यक्ति को रेप के आरोप में बंद करने की धमकी दे कर उस से लाखों रुपए ऐंठ लेते थे. बाद में कृष्णनंद ने दोस्त प्रदीप, जो दिल्ली में सिपाही था, को भी इस धंधे में शामिल कर लिया गया.

प्रदीप भले ही उन लोगों के साथ मौके पर नहीं जाता था, पर वह उन्हें ऐसे मोटे आसामी के फोन नंबर दे देता था, जिन से मोटी रकम ऐंठी जा सके. प्रदीप ने ही कृष्णनंद को पवन कुमार का नंबर दिया था. वह प्रदीप का दूर के रिश्ते का बहनोई था.

पुलिस ने प्रदीप की निशानदेही पर उस के घर से 6 लाख रुपए बरामद कर लिए थे. इस के अलावा इन लोगों से एक कैमरा, जिस मोबाइल फोन से पवन से बात की गई थी, वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया था.

पुलिस ने आरोपी कृष्णनंद भट्ट, जितेंद्र उर्फ जीत, प्रदीप, निधि, तबस्सुम उर्फ टीना उर्फ प्रिया, आराधना उर्फ अंकिता को गिरफ्तार कर तीसहजारी कोर्ट में चीफ मैट्रोपौलिटन मजिस्ट्रैट सौरभ कुलश्रेष्ठ की कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया. रिमांड अवधि में पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद इन लोगों को फिर से कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया. केस की तफ्तीश एसआई विनीत कुमार कर रहे हैं.

– कथा पुलिस सूत्रों और जनचर्चा पर आधारित

VIDEO : ब्यूटीफुल गोल्डन कैवियार नेल आर्ट डिजाइंस
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तहलका मचा रहा निरहुआ की ये वीडियो

भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार दिनेशलाल यादव ‘निरहुआ’ अपनी फिल्म ‘निरहुआ चलल लंदन’ की वजह से सुर्खियों में छाए हुए हैं. इस फिल्म में उनके साथ मशहूर अदाकारा आम्रपाली दुबे नजर आ रही हैं. इसी बीच इंटरनेट पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो उनकी फिल्म ‘आशिक आवारा’ के एक गाने ‘नथुनिया तार लेवे द’ का है. इस वीडियो में उनके साथ काजल राघवानी नजर आ रही हैं.


आपको बता दें, हिन्दी गानों की तरह भोजपुरी गानों को भी काफी पसंद किया जा रहा है. वर्ल्डवाइड रिकौर्ड्स भोजपुरी द्वारा अपलोड किए गए इस गाने के वीडियो को अब तक 8,867,749 बार देखा जा चुका है. इससे पहले निरहुआ की बहुचर्चित फिल्म ‘निरहुआ चलल लंदन’ का एक गाना ‘चोंए चोंए’ इंटरनेट पर वायरल हो गया था. गाने में निरहुआ के साथ एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे की जोड़ी काफी जमती नजर आई.

फिल्म की शूटिंग चार अलग-अलग चरणों में मुंबई, नेपाल और लंदन सहित कई देशों में हुई है. भोजपुरी सिनेमा में निरहुआ और एक्‍ट्रेस आम्रपाली की जोड़ी काफी हिट है. इस फिल्‍म में भी निरहुआ के साथ आम्रपाली बेहद अलग अंदाज में नजर आईं इस फिल्म के निर्देशक हैं चंद्रा पंत जबकि फिल्म में दिनेशलाल यादव निरहुआ, आम्रपाली दुबे, सुनील थापा, सबीन श्रेष्ठ, मनोज सिंह टाईगर आदि मुख्य भूमिकाओं में हैं.

पाकिस्तान ने दिया भारत में कलाकारों पर बैन का जवाब

जब भी पाकिस्तान भारत पर हमला करता है दोनों देशों की राजनैतिक फ्रंट पर गर्मागर्मी तो होती ही है, साथ में सांस्कृतिक, मनोरंजन, खेल समेत सारे क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित होते हैं. यही हालत एक बार और देखी जा रही है. हाल ही में पुलवामा हमले के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते बहुत खराब हो गए हैं. एक ओर कूटनीतिक दबाव बनाते हुए भारत ने आर्थिक मोर्चे पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाएं तो वहीं बौलीवुड ने भी पाकिस्तानी कलाकारों का बहिष्कार किया. बीते शुक्रवार रिलीज हुई टोटल धमाल को भी पाकिस्तान में रिलीज नहीं किया गया. भारत की ओर से इस सख्ती का जवाब पाकिस्तान ने भी दिया है.

बीते दिन पाकिस्तान के लाहौर कोर्ट में एक याचिका दायर कर भारतीय फिल्मों के व्यापार, प्रदर्शन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है. पाकिस्तान के एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक शेख मुहम्मद लतीफ ने अपने वकील के माध्यम से याचिका कर इस प्रतिबंध की मांग की है. मुहम्मद लतीफ ने अपनी याचिका में कहा है कि 2016 में संघीय सरकार ने भारतीय फिल्मों समेत अन्य कंटेंट के आयात पर प्रतिबंध लगाया था, पर तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने 31 जनवरी 2017 में एक अधिसूचना जारी कर इस प्रतिबंध को हटाने की बात कही थी. अपने इस अधिसूचना के लिए सरकार ने पाकिस्तानी सिनेमा उद्योगों के पुनरुद्धार करने की आड़ ली है.

उन्होंने आगे कहा कि पुलवामा हमले के बाद औल इंडियन सिने वर्कर्स ने भारतीय फिल्म उद्योग में काम करने वाले पाकिस्तानी अभिनेताओं पर आधिकारिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. इसके जवाब में कार्रवाही की मांग करते हुए वो आग्रह करते हैं कि 2017 के नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया जाए और फिल्मों समेत अन्य भारतीय कंटेंट्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाए.

जाति और धर्म से बाहर ना निकल सका एम्स

दिल्ली के औल इंडिया इंस्टीट्यूट औफ मैडिकल साइंसेज ने हाल में डाक्टरों का डाटाबेस बनाने के लिए एक फार्म बंटवाया ताकि डाक्टरों के सही नाम, पते, फोन नंबर आदि जमा करे जा सकें. इस में धर्म और जाति के भी कालम थे और इस पर जम कर हंगामा खड़ा हो गया. प्रशासकीय विभाग ने इन कालमों को डालने का खेद जताया पर जो नुकसान होना था, वह हो चुका था.

सारी शिक्षा, शैक्षणिक जानकारी, तकनीकी ज्ञान के बावजूद देश आज भी धर्म और जाति के इर्दगिर्द घूम रहा है. इस से इंकार नहीं किया जा सकता. धर्म और जाति हमारे सामाजिक के अभिन्न अंग हैं. सदियों पुरानी विभाजक रेखाएं आज भी उतनी ही गहरी हैं और स्कूलों में साथ पढ़ने, दफ्तरों में साथ काम करने वालों में साथ चलने के बावजूद लोग अपने धर्म और जाति को सिर पर कलगी की तरह पहने रहते हैं.

चुनावी मौसम में विश्लेषक सब से बड़ी बात यह नहीं कर रहे कि नरेंद्र मोदी को कौन क्यों वोट देगा बल्कि यह कर रहा है कि कौन सी जाति या धर्म के लोग किसे वोट देंगे. 2014 के चुनावों में अगर कुछ हिंदुओं ने जाति का सवाल भुला कर वोट दिया भी था तो अब यह सवाल फिर से उभर आया है. यह ऐसा फोड़ा है जो मंत्रों और पंडितजी की दवाओं के कारण बारबार उभर आता है.

इस देश में कहीं 20 जने इकट्ठे हो जाएं, वे अपनी जाति के लोगों को ढूंढ़ने लगते हैं और जैसे ही एक जाति के लोग मिलते हैं, अनजान भी रिश्तेदार बन जाते हैं. नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी और जीएसटी ने सारे व्यापारियों को कालाबाजारी, करचोर, बेइमान, समाज का गुनाहगार घोषित कर दिया और लाखों का व्यापार ठप्प कर दिया पर वे जाति एक पार्टी को ही वोट देंगे, ऐसा लगता है. भारतीय जनता पार्टी यदि मायावती, अखिलेश, लालू यादव से ज्यादा राहुल और ममता बनर्जी से डरी हुई है तो इसीलिए उन्हें चुनने में जाति का सवाल नहीं खड़ा होता.

आरक्षण से उम्मीद थी कि निचले तबकों के कुछ लाख लोग ऊंचों के बराबर हो जाएंगे और उन में सामाजिक भेदभाव कम होने लगेगा पर जमीनी हालत वहीं के वहीं हैं. वैवाहिक विज्ञापन चाहे समाचारपत्रों में छपे हों या वैबसाइटों में हों, जाति, गोत्र पूछे बिना आगे नहीं बढ़ते. आंकड़े तो उपलब्ध नहीं हैं पर 90% से ज्यादा विवाह निर्धारित गोत्रों, जाति भी छोडि़ए, के हिसाब से होते होंगे.

ऐसे में प्रशासनिक अफसर जिन्हें हर समय पता रखना होता है कि किस डाक्टर को कब, कहां, क्या देना है. जाति न पूछें, ऐसा कैसे हो सकता है. जाति से देश का समाज हमेशा टुकड़ेटुकड़े रहा है और बेचारा संविधान भी उस से हार माने हुआ है.

एक्टर नहीं, मेहमान बन कर कपिल के शो में आएंगे सुनील

कपिल शर्मा का शो ‘द कपिल शर्मा शो’ हमेशा से सेलेब्रिटीज का पसंदीदा जगह रही है. फिल्में प्रमोट करने के लिए ये एक अच्छा प्लैटफौर्म रहा है. जब भी किसी हस्ती की कोई फिल्म बड़े पर्दे पर आने वाली होती है तो सबसे पहले प्रमोशन का अड्डा बनता है कपिल शर्मा का सेट.

खबरों की माने तो कपिल के पुराने साथ सुनील ग्रोवर जल्दी ही फिर से शो में नजर आने वाले हैं. पर इस बार वो शो के एक्टर के तौर पर नहीं बल्कि बतौर मेहमान नजर आएंगे. सुनील अपनी आने वाली फिल्म ‘भारत’ के प्रमोशन पर कपिल के सेट पर नजर आएंगे. खबरों की माने तो सुनील के साथ एक्ट्रेस कटरीना और सलमान खान भी होंगे. ये फिल्म दर्शकों को ईद पर बड़े पर्दे पर दिखेगी. फिल्म के डायरेक्टर अली अब्बास हैं.

गौरतलब है कि कपिल और सुनील के बीच लंबे वक्त से झगड़ा चल रहा था. अंदर के लोगों की माने तो दोनों के बीच बातचीत भी बंद है. आपको बता दें कि ‘द कपिल शर्मा शो’ के दूसरे सीजन का अनाउंसमेंट के बाद शो के प्रोड्यूसर सलमान खान ने सुनील और कपिल के बीच सुलाह कराने की कोशिश की थी. सुनील ने सलमान की ही फिल्म भारत के बिजी  शेड्यूल का हवाला देते हुए कपिल के शो का हिस्सा बनने से इंकार कर दिया. इसके बाद सुनील ने अपने एक शो के साथ टीवी पर कमबैक किया, पर ये शो ज्यादा दिन तक ना चल सका. कम टीआरपी के कारण शो को बंद करना पड़ा.

तीन साल बाद इस फिल्म के साथ बड़े पर्दे पर दिखेंगी प्रियंका चोपड़ा

करीब तीन साल के लंबे ब्रेक के बाद प्रियंका चोपड़ा अपनी फिल्म के साथ बड़े पर्दे पर नजर आने वाली हैं. प्रियंका फरहान अख्तर के साथ अपनी अगली फिल्म ‘दी स्काई इज पिंक’ में नजर आएंगी. फिल्म 11 अक्टूबर को रिलीज होगी. इसकी जानकारी ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने दी है. तरण ने अपने ट्वीट में लिखा कि- ‘रिलीज डेट फाइनल हो गई है. प्रियंका चोपड़ा, फरहान अख्तर और जायरा वसीम की फिल्म द स्काई इज पिंक 11 अक्टूबर को रिलीज होगी.’ आपको बता दें कि फिल्म का निर्देशन सोनाली बोस कर रही हैं.


प्रियंका पहली बार सोनाली के साथ काम कर रही हैं. फरहान के साथ इससे पहले वो दिल धड़कने दो में काम कर चुकी हैं, फिल्म का निर्देशन जोया अख्तर ने किया था. आपको बता दें  कि दी स्काई इज पिंक की स्टोरी आयशा चौधरी के जीवन पर है. आयशा एक मोटिवेशनल स्पीकर हैं. उन्हें 13 साल की उम्र में pulmonary fibrosis नामक बीमारी हो गई थी, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी.

आयशा कम उम्र में ही TEDx, INK जैसी जगहों से बोल चुकी हैं. 18 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था. उन्हें जन्म से ही SCID (Severe Combined Immuno-Deficiency) नाम की बीमारी थी. आयशा ने ‘माई लिटिल एपिफनीज’ नाम की एक किताब भी लिखी थी.

राफेल पर सरकार का बहाना

राफेल हवाई जहाजों की बढ़ी कीमतों के बारे में एक बहाना जो मोदी सरकार दे रही है कि वे पूरी तरह सुसज्जित हैं. भाजपा समर्थक वैबसाइटों और ग्रुपों पर फोटो प्रचारित किए जा रहे हैं कि पहले जो राफेल खरीदे जा रहे थे वेबस चेसिस की तरह के थे और अब जो आएंगे वे लक्जरी टूरिस्ट बस की तरह के हैं. अगर यह तथ्य सच है तो सरकार बनाने में क्यों हिचक रही है कि क्या बदलाव लाए गए हैं और क्या खर्चा हुआ है.

रक्षा मामलों को गुप्त रखा जाना चाहिए पर इस का मतलब यह तो नहीं कि रक्षा खरीद और सैनिक मामलों में कुछ लोग मनमानी कर सकें. सेना की कौन सी ऐसी बात है जो दूसरे देश की सेना को नहीं मालूम होती. हर देश भारी पैसा और लोहो लगाता है कि दुश्मन की हर जानकारी मिलती रहे. आम जनता से छिपा कर रखने से तो लाभ तब हो जब वही एकमात्र जानकारी स्रोत हो.

भारत ये जहाज खुद नहीं बना रहा. फ्रांस की कंपनी डोसा बना रही है. वह यह जहाज किसी को भी बेच सकती है. पाकिसतान, चीन, श्रीलंका, बांग्लादेश और यहां तक कि चाहे तो भूटान भी इन्हें खरीद सकता है. ये सब देश जब खरीदने जाएंगे तो कंपनी निश्चित रूप से अपनी नई से नई तकनीक बनाएगी और कहेगी कि भारत ने भी इसे खरीदा है और यदि भारत की तकनीक की मार या ….. उन के पास होगी तो वे क्यों न बेचेंगी.

ऐसे मामले में हमारी सुरक्षा धरी की धरी नहीं रह जाएगी क्या, फ्रांस और इंजिप्स ने राफेल हवाई जहाज खरीद ही रखे हैं. इंजिप्स से उन की जानकारी दूसरे मुसलिम  देश पाकिस्तान को न देगा इस की गारंटी क्या है?

वैसे भी आजकल जो इलैक्ट्रौनिक्स इन हवाई जहाहों की तो छोडि़ए आप की महंगी गाडि़यों तक में लग रही है वह दूर बैठे बनाने वाले के हाथों में पलपल में पहुंच रही है. हमारे मोबाइल की हर गतिविधि चाहे तो बनाने वाली कंपनी कभी भी खोल सकती है, यहां तक कि हम ने क्या बात की.

राफेल विमानों में गुप्त बातों का बहाना तो बेमतलब की बात है क्योंकि ये बातें हर खरीदार या संभावित खरीदार देश को बनानी ही होगी और इस तरह के लड़ाकू विमानों के हर समय दुनिया में 20-25 देश ग्राहक होते हैं. कतार और ब्रूनेई जैसे छोटे अमीर देश भी हवाई बेड़े रखते हैं. कतार भी राफेल के खरीदारों में से एक है.

अगर यह विवाद नहीं उठता, अगर 15 दिन पुरानी कंपनीको औफसेट पार्टनर नहीं बनाया जाता जिस के मालिक अनिल अंबानी हैं, अगर फैसला नरेंद्र मोदी की जगह रक्षा मंत्री और रक्षा अधिकारी करते तो बात दूसरी थी. अब जब लग रहा है कि घड़े में पानी के साथ कुछ और तो सिर्फ अमृत कहने से बला नहीं टल जाएगी. उस में गंगाजल नहीं यह गारंटी कहां है, नरेंद्र मोदी को इस को निबटाना होगा ही. उन के आराध्य विष्णु और शिव कहीं मोहिनी अवतार और विष पीने वाले बन कर आएं तो बात बने.

सनी सिंह और सोनाली सहगल की जोड़ी की वापसी

फिल्म ‘‘प्यार का पंचनामा 2’’ की सनी  और सोनाली सहगल की जोड़ी अब भूषण कुमार, अंकुर गर्ग व लव रंजन निर्मित और नवोदित निर्देशक नवज्योत गुलाटी निर्देशित फिल्म “‘जय मम्मी दी’’ से एक बार फिर वापसी कर रही है.

जिसमें इनकी मां के किरदार क्रमश: सुप्रिया पाठक और पूनम ढिल्लों ने निभाया हैं. इस पारिवारिक हास्य फिल्म में सनी सिंह और सोनाली सहगल एक दूसरे के प्रति समर्पित प्रेमी के किरदार में हैं. कई फिल्मों में दो मां दिखायी जा चुकी हैं, मगर इस फिल्म में इन दो मांओं के अपने अपने मुद्दे हैं, जिनसे सनी सिंह व सोनाली को जूझना पड़ता है.

sunny singh

फिल्म के निर्माता लव रंजन कहते हैं- ‘‘फिल्म ‘जय मम्मी दी’ में पारिवारिक गतिशीलता से युक्त कहानी है, जिसे हर दर्शक देखना चाहता हैं.’’

भूषण कुमार कहते हैं- ‘‘समाज में आ रहे बदलाव के साथ ही सिनेमा भी बदल रहा है. अब दर्शक मनोरंजक, भरोसेमंद और दिलचस्प सिनेमा देखना चाहता है. हमारी नई फिल्म ‘जय मम्मी दी’ आपके, मेरे व हम सभी के आस पास के परिवारों की कहानी है.’’

एक्टर से फिल्म प्रोड्यूसर बनेंगे शाहिद कपूर

मशहूर अभिनेता पंकज कपूर के बेटे व अभिनेता शाहिद कपूर हमेशा अपनी अभिनय प्रतिभा की बजाय अपने प्रेम संबंधों या अपने बयानों की वजह से ही चर्चा में रहे हैं. ‘शानदार’, ‘रंगून’, ‘वेलकम टू न्यूयार्क’ और‘बत्ती गुल मीटर चालू’ सहित कई असफल फिल्में देने के बाद अब शाहिद कपूर को फिल्म ‘कबीर सिंह’ से ही उम्मीदें हैं, तो दूसरी तरफ वह भी प्रियंका चोपड़ा व अनुष्का शर्मा जैसे कलाकारों के पदचिन्हों पर चलते हुए फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने जा रहे हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मणिपुर के मशहूर बौक्सर नंगमा डिंगको सिंह की बायोपिक फिल्म का निर्माण करने के साथ साथ इसमें खुद मुख्य भूमिका निभाने वाले हैं. नंगमा डिंगको सिंह पर फिल्म बनाने के अधिकार शाहिद कपूर के ही पास हैं. इस फिल्म का निर्देशन करने के साथ साथ सह निर्माण दक्षिण के मशहूर निर्देशक राजा कृष्ण मेनन करेंगे. यूं तो पहले कहा जा रहा था कि इस फिल्म का फिल्मांकन जनवरी 2019 में शुरू हो जाएगा, मगर ऐसा नहीं हो पाया. सूत्र दावा कर रहे हैं कि अभी तक फिल्म की पटकथा पर काम हो रहा है. जब तक पटकथा से शाहिद कपूर संतुष्ट नहीं हो जाएंगे, तब तक शूटिंग शुरू नहीं की जाएगी. फिल्म को मणिपुर व दिल्ली के साथ साथ विदेशों में भी फिल्माया जाएगा.

नंगमा डिंगको सिंह ने 19 वर्ष की उम्र में बैंगकौक एशियन गेम्स में गोल्ड मैडल जीता था. 2017 में उन्हें कैंसर की बीमारी हुई थी, जिससे निजात पाने के लिए उन्हे 13 बार कीमोथिरैपी करानी पड़ी, जिसके लिए उन्हें अपने इम्फाल के घर को बेचना पड़ा. 2013 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया था. इन दिनों वह ‘साई स्पेल एरिया गेम्स’ में कोच की हैसियत से काम कर रहे हैं. अब तक वह 12 से 14 वर्ष की उम्र के 150 बच्चों को प्रशिक्षित कर चुके हैं.

अब देखना है कि इस कदम से शाहिद कपूर का करियर किस दिशा में जाएगा?

भोजपुरी आदाकारा मोनालिसा ने डांस से बरपाया कहर

भोजपुरी इंडस्ट्री की मशहूर आदाकारा मोनालिसा के डांस के दर्शक कायल हो गए हैं. फिर से मोनालिसा सोशल मीडिया पर धमाल मचाने आ गई हैं. इन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो एक पंजाबी सौन्ग पर गजब का डांस कर रही हैं.

 

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मोनालिसा  का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वो कहर ढा रही हैं. इस वीडियो में वो येलो कलर की फ्राक में नजर आ रही हैं और काफी खूबसूरत भी दिख रही है.

 

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आपको बता दें, मोनालिसा भोजपुरी फिल्में और टीवी सीरियल्स करने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं. वो आए दिन अपने इवेंट्स के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करती रहती हैं. फिलहाल ये स्टार प्सस के पौपुलर शो ‘नजर’ में दिखाई दे रही हैं. मोनालिसा इस सीरियल में मोहना के रोल में हैं.

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