Serial Story: उल्टी पड़ी चाल- भाग 2

लेखक- एडवोकेट अमजद बेग

‘‘आप ने खुद किस्सा कह कर बात साफ कर दी. यह सरासर मनघडंत कहानी है. वह सरासर झूठ बोल रहा है. घर की तलाश में वह मेरे औफिस में आता रहता था. 14 अक्तूबर की शाम भी वह आया था. मैं ने उस से कहा था जल्द ही अच्छा घर बताऊंगा.

‘‘बातोंबातों में मैं ने एक लाख का जिक्र किया था कि पार्टी ने एक लाख रुपए की पेमेंट कर के सेल एग्रीमेंट बनवा लिया है, जिस के अनुसार पार्टी एक माह के अंदर बाकी के 5 लाख रुपए अदा कर के मेरे घर का कब्जा ले लेगी. इस बीच बिक्री के पूरे दस्तावेज तैयार हो जाएंगे.’’

‘‘यानी आप ने मुल्जिम को यह बता दिया था कि आप के घर में एक लाख की रकम रखी है?’’ वकील इस्तेगासा ने चालाकी से पूछा.

‘‘जी हां, बिलकुल उसे यह बात खबर हो गई थी. अगले दिन ही शैतान ने मेरे घर पर धावा बोल दिया और ऐसा वक्त चुना जब मैं घर पर नहीं था. उसे मालूम था मेरी बीवी रशीदा कमजोर और बीमार है. उस ने इस का फायदा उठाते हुए मेरे घर से एक लाख उड़ा लिए और जब रशीदा ने उस का विरोध किया तो उस का गला घोंट कर मार डाला.

‘‘इत्तफाक से मैं उस दिन जल्दी घर आ गया और मैं ने उसे तेजी से मेरे घर से जाते हुए देख लिया. मैं समझा अपना कोई बचा हुआ सामान लेने आया होगा, पर जब मैं बेडरूम में दाखिल हुआ, मैं ने अपनी बीवी को मुर्दा हालत में पड़े देखा.’’ काजी ने रोनी आवाज में कहा.

वकील इस्तेगासा ने अपनी जिरह खत्म करते हुए कहा, ‘‘योर औनर, यह इंसान नहीं वहशी दरिंदा है. इसे जितनी सख्त सजा दी जाए कम है.’’

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अपनी बारी पर जज से इजाजत ले कर मैं बिटनेस बौक्स के करीब पहुंच गया.

‘‘काजी साहब, मैं आप से सादा सा सवाल पूछूंगा. सच बताइए क्या आप वाकई अपना मकान बेचना चाहते थे?’’ मैं ने चुभते लहजे में पूछा.

‘‘आप का क्या मतलब है? अगर मुझे मकान बेचना ना होता तो मैं पार्टी से एक लाख रुपए वसूल कर के सेल एग्रीमेंट पर दस्तखत क्यों करता?’’ उस ने गुस्से से कहा.

‘‘इस सेल एग्रीमेंट के अनुसार पार्टी को एक माह के अंदर 5 लाख रुपए अदा कर के मकान का कब्जा ले लेना था. क्या आप ने मकान पार्टी के हवाले कर दिया है?’’

‘‘नहीं, मैं अभी तक अपने ही मकान में रह रहा हूं.’’

‘‘एग्रीमेंट के मुताबिक इस शर्त पर आप अमल नहीं करते तो आप को पार्टी को डील कैंसल कर के 2 लाख देने पड़ते क्या आप ने 2 लाख अदा किए?’’

‘‘दुनिया में सब इंसान मुल्जिम की तरह फरेबी और मतलबी नहीं होते. मेरी बीवी के कत्ल और एक लाख की चोरी के बाद पार्टी ने मुझ पर कोई दबाव नहीं डाला और कहा कि अगर मैं घर ना बेचना चाहूं तो उन के एक लाख रुपए सहूलियत से वापस कर दूं. और मैं ने उधार ले कर रकम लौटा दी. इस तरह मामला सेटल हो गया.’’

‘‘इस तरह के मामलात इतनी आसानी से सेटल नहीं होते. सेल एग्रीमेंट की एक नकल जिस में आप ने एक लाख एडवांस लिए थे, अदालत में पेश करते तो यह एक पक्का सबूत होता.’’

‘‘अगर अदालत का हुक्म होगा तो मैं एग्रीमेंट की कौपी ले आऊंगा.’’

‘‘और अगर पार्टी की गवाही की जरूरत पड़ी तो?’’

‘‘तो मैं पार्टी को भी अदालत में ला सकता हूं.’’

‘‘क्या मैं इस पार्टी का नामपता जान सकता हूं?’’

‘‘मैं आप को कोई भी जवाब देने का पाबंद नहीं हूं. अगर अदालत मुझ से कहेगी तो बता दूंगा.’’

‘‘काजी साहब, आप अदालत में ना तो सेल एग्रीमेंट की कौपी पेश कर सकते हैं और ना पार्टी को हाजिर कर सकते हैं. यह बिक्री सिर्फ एक साजिशी ड्रामा था जो आप ने मेरे क्लाइंट को फंसाने के लिए रचा था. हकीकत तो यह है, काजी साहब, आप इस मकान को बेचने का हक ही नहीं रखते. फिर कहां की पार्टी और कहां का सेल एग्रीमेंट?’’

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काजी का चेहरा पीला पड़ गया. वह हकलाया, ‘‘यह…यह… आप क्या कह रहे हैं?’’

‘‘एक लाख दे कर 2 कमरे मिलने पर वह बेहद खुश था, पर काजी ने अपनी मक्कारी और साजिश से उसे कटघरे में खड़ा कर दिया. उस का कसूर बस इतना है कि उस ने काजी की बातों का भरोसा किया. काजी से उसे जज्बात की मार मारी थी, जिस की वजह से वह बिना किसी लिखापढ़ी के इतना बड़ा सौदा कर बैठा.’’

विपक्ष के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा, ‘‘मुलजिम पढ़ालिखा समझदार आदमी है. बैंक में काम करता है. वह इतना बेवकूफ हरगिज नहीं हो सकता कि आंख बंद कर के किसी के बहकावे में एक लाख इनवेस्ट कर दे. यह बेहद चालाक आदमी है. अपनी मजबूरी का रोना रो कर काजी का किराएदार बना. फिर बीमार बीवी की खिदमत कर के उन के दिल में जगह बना ली. काफी दिनतक वह उन के घर में रहा, जब उस का मकसद पूरा हो गया तो उस ने काजी वहीद साहब से घर छोड़ कर जाने की बात की और साथ ही एक लाख रुपए की डिमांड भी की.

‘‘जब काजी ने कहा कि घर पर उस का एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ है, तब वह गुस्से से पागल हो गया. दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ. तभी मुलजिम ने उन्हें खतरनाक अंजाम भुगतने की धमकी दी और 15 अक्तूबर की शाम को धमकी पूरी कर दिखाई.

‘‘मौका पा कर वह ऐसे वक्त पर मकतूला के घर में घुसा, जब उस का शौहर नहीं था. उस ने अलमारी से एक लाख रुपए चोरी किए. मकतूला के विरोध करने पर उस ने उसे गला घोंट कर मार दिया. जब वह घर से फरार हो रहा था, तभी काजी वहां पहुंच गया.

‘‘उस ने उसे जाते देख लिया, काजी फौरन घर में घुसा. हकीकत किसी बम की तरह उस के सिर पर फटी. उस की बीवी बेडरूम में मुर्दा पड़ी थी. उसे गला घोंट कर मार दिया गया था और खुली अलमारी से एक लाख रुपए गायब थे.’’

मैं ने अपने मुवक्किल की जमानत पर जोर देते हुए कहा, ‘‘योर औनर, विपक्ष के वकील सच्चाई को तोड़मरोड़ कर सामने रख रहे हैं. ना तो मेरे मुवक्किल ने उस की बीवी का कत्ल किया और ना ही उस की अलमारी से एक लाख रुपए चुराए.

Rani Chatterjee ने शेयर की बोल्ड तस्वीर, कहा ‘स्वीमिंग करना कर रही हूं मिस’

भोजपुरी  इंडस्ट्री की फेमस एक्ट्रेस रानी चटर्जी सोशल मीडिया पर इन दिनों काफी एक्टिव रहती हैं. वह आए दिन फोटोज और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं. फैंस को एक्ट्रेस के बारे में सोशल मीडिया से जानकारी मिलती रहती है.

अब एक्ट्रेस ने पुराने दिनों को याद करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. दरअसल कोरोना वायरस के कारण रानी चटर्जी घर से बाहर नहीं जा रही हैं. ऐसे में वह पुराने वक्त को काफी याद कर रही हैं.

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जी हां, नॉर्मल डेज में एक्ट्रेस खूब खूब एन्जॉय करती थीं. रानी चटर्जी ने इंस्टाग्राम पर एक बोल्ड फोटो शेयर किया है. जिसमें वो स्वीमिंग पूल के पास बैठी दिखाई दे रही हैं. इस तस्वीर में रानी चटर्जी ने मोनोकिनी पहनी हुई है. रानी चटर्जी ने तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है कि उन्हें स्वीमिंग किए हुए एक साल हो गया है. वो स्वीमिंग करना काफी मिस कर रही हैं.

 

रानी चटर्जी ने बताया है कि उन्हें  स्वीमिंग किए एक साल से ज्यादा टाइम हो गया है. उन्होंने ये भी कहा कि मैं मुझे उम्मीद है कि जल्दी ही सब ठीक हो जाएगा.

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वर्क फ्रंट की बात करे तो उन्होंने भोजपुरी फिल्में करना कम कर दी हैं. एक इंटरव्यू के दौरान एक्ट्रेस ने बताया कि उन्हें भोजपुरी फिल्में करते हुए यह फील होने लगा था कि उनका करियर आगे नहीं जा रहा है. जिस कारण वो बहुत सोचकर फिल्में साइन करने लगी हैं.

कोरोना संक्रमण से बचाव में बच्चों के लिये ‘रक्षा कवच’ बनेगा ‘पीआईसीयू’

लखनऊ . मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के बच्चों को कोविड के प्रकोप से बचाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर अधिकारियों को कार्य करने के निर्देश दिए हैं. जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं. प्रदेश में युद्धस्तर पर आईसीयू की तर्ज पर बच्चों के उपचार की व्यवस्था की जा रही है. प्रदेश के सभी जिलों में विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस पीडियाट्रिक वार्ड पीकू तैयार किया जा रहा है. जहां बच्चों को  एक जगह पर सभी तरह का इलाज मिलेगा.

लखनऊ समेत सभी महानगरों के अस्पतालों में बच्चों को बीमारी से बचाने के लिये आधुनिक संसाधनों से युक्त पीडियाट्रिक बेड ‘रक्षा कवच’ तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है. बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद विशेषज्ञों और डॉक्टरों से बातचीत करने में जुटे हैं. कोरोना की दूसरी वेव से लड़ाई लड़ने के दौरान उन्होंने भविष्य की संभावित आंशका को देखते हुए तत्काल सभी शहरों में 50 से 100 बेड के पीडियाट्रिक बेड (पीआईसीयू) बनाने के निर्देश दिये हैं.

यह बेड विशेषकर एक महीने से ऊपर के बच्चों के लिए होंगे. इनका साइज छोटा होगा और साइडों में रेलिंग लगी होगी. गंभीर संक्रमित बच्चों को इसी पर इलाज और ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

प्रतापगढ़, प्रयागराज, जालौन व कौशांबी में  पीडियाट्रिक वार्ड किए जा रहे तैयार

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ विशेष गुप्ता ने बताया कि प्रतापगढ़, प्रयागराज, जालौन कौशांबी में एक हफ्ते के भीतर ही पीकू बनकर तैयार हों जाएंगे. जिसमें प्रयागराज में 25, प्रतापगढ़ में 30,जालौन में 10 और कौशांबी में 20 बेड वाले पीडियाट्रिक वार्ड तैयार किए जा रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि झांसी, अमेठी, मथुरा, मुरादाबाद, अयोध्या, गोरखपुर, मेरठ, चित्रकूट, लखनऊ, आजमगढ़ में तेजी से कार्य चल रहा है.

डॉक्टरों ने कहा कि बच्चों के लिये वरदान साबित होंगे पीडियाट्रिक बेड

लखनऊ में डफरिन अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान खान ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से तत्काल सभी बड़े शहरों में 50 से 100 पीडियाट्रिक बेड बनाने के निर्णय को बच्चों के इलाज में कारगर बताया है. उन्होंने बताया कि एक महीने से ऊपर के बच्चों के लिये पीआईसीयू (पेडरिएटिक इनटेन्सिव केयर यूनिट), एक महीने के नीचे के बच्चों के उपचार के लिये एनआईसीयू (नियोनेटल इनटेन्सिव केयर यूनिट) और महिला अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों के लिये एसएनसीयू (ए सिक न्यूबार्न केयर यूनिट) बेड होते हैं. जिनमें बच्चों को तत्काल इलाज देने की सभी सुविधाएं होती हैं.

कोविड-19 महामारी में उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों एवं कामगारों को देगी भरण-पोषण भत्ता

लखनऊ . प्रदेश सरकार कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण पंजीकृत श्रमिकों, अन्य श्रमिकों, सभी पटरी व रेहड़ी दुकानदारों, रिक्शा व ई-रिक्शा चालको, नाविकों, कुली, पल्लेदारों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि रोज कमाकर खाने वालों को 1000 रुपये प्रतिमाह का भरण-पोषण भत्ता देगी.

शासन ने अभी फिलहाल 01 माह के लिए इन सभी को भरण-पोषण भत्ता दिए जाने का निर्णय लिया है. इस संबंध में मुख्य सचिव श्री राजेंद्र कुमार तिवारी ने अपर मुख्य सचिव श्रम विभाग, समस्त मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकार के निर्णय के अनुपालन में समस्त पंजीकृत श्रमिकों को उनके बैंक खाते में 1000 रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किया जाए

जिन श्रमिकों का पंजीकरण नहीं हुआ है, उन्हें भी पंजीकृत कर उनके बैंक खाते में 1000 रुपये डीबीटी के माध्यम से धनराशि अंतरित कराई जाएगी.

उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि वर्ष 2020-21 में श्रम विभाग में पंजीकृत 20.37लाख निर्माण श्रमिकों के बैंक खाते में 1000 रुपये प्रतिमाह की धनराशि हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए थे. इसमें से जिन श्रमिकों के बैंक खातों का डेटाबेस उपलब्ध नहीं था, उनका शीघ्र ही डेटाबेस तैयार कर सहायता राशि उपलब्ध कराई गई थी. अतः गत वर्ष की भांति इस वर्ष 2021-22 में भी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बैंक खाते में 1000 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जायेगी.कोविड-19 महामारी में उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों एवं कामगारों को देगी भरण-पोषण भत्ता

राशन वितरण अभियान से मिलेगा उत्तर प्रदेश के लोगों को राशन

लखनऊ . योगी सरकार गुरुवार को देश का सबसे बड़ा मुफ्त राशन वितरण अभियान शुरू करने जा रही है. प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना के तहत प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जाएगा . सरकारी राशन दुकानों से पात्रों को 3 महीने मुफ्त राशन दिया जाएगा.

हर कार्ड धारक को 3 किलो गेहूं के साथ 2 किलो चावल दिया जाएगा . कम्‍युनिटी किचन और फूड पैकेट के जरिये रोज हजारों गरीबों तक भोजन पहुंचा रही योगी सरकार ने देश के सबसे बड़े राशन वितरण अभियान के लिए चाक चौबंद तैयारी की है. योगी सरकार ने अपने  मंत्रियों, विधायकों और अफसरों को मुफ्त राशन वितरण अभियान की निगरानी के लिए जिलों में तैनात रहने के निर्देश दिए हैं.

प्रदेश सरकार के मंत्री और विधायक अलग अलग जिलों में मौजूद रह कर राशन वितरण अभियान की शुरुआत करेंगे.

राशन वितरण की निगरानी के लिए सरकारी दुकानों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है. पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्‍टाचार मुक्‍त बनाने के लिए राशन वितरण ई पॉस मशीनों के जरिये किया जाएगा.

पात्र गृहस्‍थी योजना के 13,41,77,983 लोगों के साथ अंत्‍योदय अन्‍न योजना के 1,30,07,969 पात्रों को भी मुफ्त राशन वितरण योजना का लाभ मिलेगा . यूपी के कार्ड धारकों के अलावा पोर्टबिलिटी के आधार पर कोई भी पात्र कार्ड धारक प्रदेश की सरकारी राशन दुकानों से मुफ्त राशन प्राप्‍त कर सकेगा. मई महीने का राशन वितरण गुरुवार से शुरू हो कर 31 मई तक चलेगा.

29 से 31 मई तक पोर्टबिलिटी के आधार पर पात्र लोगों को राशन वितरण किया जाएगा.  कम्‍युनिटी किचन और फूड पैकेट के जरिये पहले ही गरीबों तक भोजन पहुंचा रही योगी सरकार ने अब मुफ्त राशन वितरण अभियान के लिए बड़े स्‍तर पर तैयारी की है. प्रदेश की लगभग 80 हजार सरकारी राशन दुकानों तक खाद्यान्‍न पहुंचाने के साथ कोविड प्रोटोकाल के पालन के भी निर्देश जारी किए गए हैं .

खाद्यान्‍न वितरण में सोशल डिस्‍टेंसिंग के साथ टोकन सिस्‍टम लागू किया जा रहा है, ताकि भीड़ जुटने से रोका जा सके . राज्‍य सरकार ने हर राशन दुकान पर सेनिटाइर, साबुन और पानी की उपलब्‍धता अनिवार्य की है. ई पास मशीनों के इस्‍तेमाल से पहले सेनिटाइजेशन जरूरी होगा. एक दुकान पर एक समय में अधिकतम 5 उपभोक्‍ता ही मौजूद रह सकेंगे .

गौरतलब है कि कोरोना की पहली लहर के दौरान भी योगी सरकार ने पात्र कार्ड धारकों को 8 महीने तक मुफ्त राशन वितरण किया था. 5 किलो खाद्यान्‍न प्रति यूनिट की दर से राज्‍य सरकार ने सरकारी दुकानों से पिछले साल अप्रैल से नवंबर तक 60 लाख मी टन खाद्यान्‍न का मुफ्त वितरण किया था, जो कि देश में एक रिकार्ड है .

कोरोना से लड़ाई युवाओं के सहयोग से

लखनऊ. सरकार के साथ कदमताल करते हुए लखनऊ शहर के युवाओं ने कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने की जिम्‍मेदारी उठा ली है. इन युवाओं में पेशे से कोई एमबीए एचआर है, तो एमबीए ट्रेनर है. लॉकडाउन के दौरान जब पूरा शहर कोरोना से जूझ रहा था तो इन युवाओं ने आगे आते हुए नगर निगम के साथ खुद शहर को सेनीटाइज करने की जिम्‍मेदारी उठाई. यह युवा अब तक शहर के तीन हजार से अधिक मकानों को सेनीटाइज कर चुके हैं.

गोमतीनगर निवासी एमबीए एचआर नूर आलम सिद्दीकी कहते हैं कि कोरोना से लड़ाई सिर्फ सरकार की जिम्‍मेदारी नहीं है. हम सभी को कोरोना से लड़ाई जीतने के लिए आगे आना होगा. मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ पूरे प्रदेश में सेनीटाइजेशन अभियान चला रहे हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में. सरकार के प्रयासों को देखते हुए हमारे दोस्‍तों ने इस लड़ाई में आगे आने का निर्णय लिया. इसके लिए हम लोगों ने शहर में सेनीटाइजेशन अभियान चलाने का निर्णय लिया. ग्रुप में शामिल करीब आधा दर्जन युवा अब तक तीन हजार से अधिक मकानों को सेनीटाइज कर चुके हैं.

यहां चला अभियान

एमबीए एचआर व एनएस साल्‍यूशन में शिक्षक नूर सिद्दीकी बताते हैं  सेनीटाइजेशन कार्य में वह केमिकल वाइरेक्‍स 256 का इस्‍तेमाल कर रहे हैं. गोमतीनगर उजरियांव से उन्‍होंने सेनीटाइजेशन काम को शुरू किया .

यहां पर उनकी टीम इसमें शहनवाज, शहजाद, शादाब व आरिज ने करीब 1500 से अधिक मकानों को सेनीटाइज किया. इसके बाद उन्‍होंने कैसरबाग, भीमनगर में 1200 से अधिक मकानों व अपार्टमेंट का सेनीटाइज करने काम किया है. नूर का कहना है कि हम सभी को कोरोना से लड़ाई में सरकार का सहयोग करना चाहिए.

बच्‍चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जुटा उत्तर प्रदेश

लखनऊ. कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए योगी सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है. विशेषज्ञ तीसरी लहर में बच्‍चों के लिए खतरनाक बना रहे हैं. ऐसे में अस्‍पतालों में अभी से बच्‍चों के इलाज से जुड़ी तैयारियां शुरू हो गई है. वहीं, आयुष विभाग ने भी कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है. आयुष विभाग अपने सभी अस्‍पतालों में बच्‍चों के स्‍वस्‍थ्‍य को लेकर एक हेल्‍प डेस्‍क बनाने जा रहा है. साथ ही आयुष कवच एप पर बच्‍चों की सेहत से जुड़ा एक नया फीचर भी जोड़ने जा रहा है.

तीसरी लहर की तैयारी 

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने आयुष विशेषज्ञों से आयुर्वेद की पुरानी परम्‍पराओं से कोरोना संक्रामित लोगों के इलाज की बात कहीं थी. इसके बाद से आयुष विभाग लगातार होमआइसोलेटेड मरीजों को आयुर्वेदिक दवाएं, काढ़ा आदि वितरित करा रहा है. अब आयुष विभाग ने अब संभावित कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी शुरू कर दी है. आयुष विभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ अशोक कुमार दीक्षित के मुताबिक कोरोना काल में आयुष कवच मोबाइल एप लोगों में काफी लोकप्रिय हुआ है. ढ़ाई लाख से अधिक लोग इसका इस्‍तेमाल कर रहे हैं.

उन्‍होंने बताया कि आयुष कवच एप पर जल्‍दी बच्‍चों की सेहत से जुड़ा एक फीचर जोड़ने की तैयारी चल रही है. इसमें बच्‍चों की सेहत का मौसम के हिसाब से कैसे ख्‍याल रखें, किस तरह से बच्‍चों में रोग प्रतिरोधक क्षमताओं को बढ़ाया जाए, कौनसी घरेलू औषद्यीय के जरिए उनकी सेहत बेहतर बनाए, इसकी जानकारी लोगों को दी जाएगी.

अस्‍पतालों में बनेगी बच्‍चों के लिए हेल्‍प डेस्‍क

डॉ अशोक बताते हैं कि प्रदेश में आयुष विभाग के करीब 2104 चिकित्‍सालय हैं. इनमें से लखनऊ, बनारस, पीलीभीत समेत अन्‍य जिलों में 8 बड़े अस्‍पताल है. इन सभी अस्‍पतालों में बच्‍चों के स्‍वस्‍थ्‍य से जुड़ी एक हेल्‍पडेस्‍क बनाई जाएगी. जहां पर आयुष डॉक्‍टर लोगों को बच्‍चों की सेहत और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाई जाए इसकी जानकारी देंगे. इसके अलावा यहां से बच्‍चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं का वितरण भी किया जाएगा. अस्‍पतालों में ओपीडी खुलने पर बच्‍चों का इलाज भी यहां शुरू किया जाएगा.

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: इस विलेन की वजह से रुक जाएगी रणवीर-सीरत की शादी, आएगा नया ट्विस्ट

स्टार प्लस का मशहूर सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ (Yeh Rishta Kya Kehlata Hai) में इन दिनों हाईवोल्टेज ड्रामा चल रहा है. जिससे दर्शकों को एंटरटेनमेंट का डबल डोज मिल रहा है. शो के बीते एपिसोड में कार्तिक-सीरत-रणवीर के बीच लव ट्रायंगल देखने को मिला. अब शो में महाट्विस्ट होने वाला है. आइए जानते हैं, शो में आगे क्या होगा.

शो के नए प्रोमो के अनुसार सीरत ने रणवीर से शादी करने का फैसला कर लिया है और वो उसके लिए तैयार हो रही है. इससे फैंस का दिल टूट गया है. और वो सीरत-कार्तिक की शादी की मांग कर रहे है.

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खबरों के अनुसार मेकर्स ये रिश्ता क्या कहलाता है में जबरदस्त ट्विस्ट लाने की तैयारी कर रहे हैं. इस शो में जाने-माने एक्टर शहबाज खान की एंट्री होने वाली है. जी हां, बताया जा रहा है कि शहबाज खान की एंट्री से सीरत-रणवीर की शादी में रुकावट पैदा होगी.

 

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रिपोर्ट के अनुसार शहबाज खान ये रिश्ता क्या कहलाता है में नरेन्द्र नाथ चौहान का किरदार में नजर आएंगे. शो के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि कार्तिक के पिता मनीष गोयनका एक बिजनेस डील के लिए नरेन्द्र नाथ चौहान के साथ मुलाकात करेंगे.

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नरेन्द्र नाथ रणवीर के पिता हैं, जिन्हें सीरत से नफरत है. खबरों के अनुसार उन्होंने पहले भी सीरत को मारने की कोशिश की थी लेकिन रणवीर ने उसे बचा लिया था. ऐसे में जब वो रणवीर-सीरत की शादी में पहुंचेंगे तो शो में जबरदस्त ट्विस्ट देखने को मिलेगा.

Ghum Hai KisiKey Pyaar Meiin: सई देगी भवानी को धमकी, क्या अपना लेगी देवयानी और पुलकित को?

टीआरपी चार्ट में शामिल होने वाला सीरियल ‘गुम है किसी के प्यार में’ में खूब धमाल होने वाला है. कहानी में दिलचस्प मोड़ आ चुका है. शो के बीते एपिसोड में आपने देखा कि सई को देवयानी के मरे हुए बच्चे का राज पता चल गया है. ऐसे में वह भवानी के पास जाती है और उसके मुंह से सच सुनना चाहती है. शो के नए एपिसोड में महाट्विस्ट होने वाला है. आइए जानते हैं, शो में क्या होने वाला है.

सई, भवानी से कहती है कि वह देवयानी की बेटी का राज जानती है. तो वहीं सई उसे जमकर खरी खोटी सुनाती है. सई कहती है कि उसने एक मां और बेटी को अलग किया है. सई ये भी कहती है कि वह इतना गलत काम कैसे कर सकती है.

 

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इतना ही नहीं सई भवानी को देवयानी की बेटी की फोटो भी दिखाती है. सई कहती है कि अगर भवानी, पुलकित और देवयानी को नहीं अपनाएगी तो वह उसका सच विराट को जाकर बता देगी. सई की बात सुनकर भवानी के होश उड़ जाते है. और उसकी बोलती बंद हो जाती है.

तो उधर देवयानी कहती है कि वो अपने पति की बेइज्जती होते नहीं देख सकती. सई के रोकने के बाद भी देवयानी घर से जाने लग जाती है.

 

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इसी बीच भवानी कुछ ऐसा करती है जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. शो के अपकमिंग एपिसोड में ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या सई के डर से भवानी देवयानी और पुलकित के रिश्ते को अपना लेगी या फिर कोई नयी चाल चलेगी.

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देसी मेम- भाग 4: क्या राकेश ने अपने मम्मी-पापा की मर्जी से शादी की?

लेखक- शांता शास्त्री

अब मैं उन के मनोविज्ञान को आईने में तसवीर की तरह साफसाफ देख रहा था. इस डर से कि कहीं किसी विदेशी मेम को मैं घर न ले आऊं, इन लोगों ने मेरे इर्दगिर्द देशी मेमों की भीड़ लगा दी थी.

मुझे लगा कि मम्मी मेरा निर्णय आज सुन कर ही दम लेंगी, इसीलिए उन्होंने फिर से पूछ लिया, ‘‘अब तो तेरे जाने का समय आ चुका है. तू ने बताया नहीं कि तुझे कौन सी भा गई.’’

मैं ने उन के प्रश्न को अनसुना करते हुए कहा, ‘‘फिक्र क्यों करती हो, मां? एकाध दिन में अंतिम फैसला खुद ब खुद आप लोगों के सामने आ जाएगा.’’

मां न कुछ समझीं. न कुछ बोलीं, और न ही शायद अध्यक्ष महोदय से सलाह करना चाहती थीं. हुआ भी वही. अगले दिन मैं पिताजी के निशाने पर था. बड़ी मुश्किल से उन्हें समझा पाया कि बस, आप एक दिन और रुक जाइए.

‘‘मगर परसों तो तू जा रहा है,’’ मां ने परेशान स्वर में कहा.

‘‘हां, मां, बिना यह मामला तय हुए मैं नहीं जाऊंगा, बस?’’ संदेह भरी नजरों से देखती हुई मां चुप हो गईं.

पिताजी सोच में पड़ गए.

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अगले दिन शाम को पिताजी घर पर ही थे. मधु अपने पिकनिक के फोटो मां और पिताजी को दिखा रही थी. मैं बनठन कर बाहर निकलने ही वाला था कि पिताजी की आवाज आई, ‘‘राकेश, यहां आओ.’’

मैं आज्ञाकारी बच्चे की तरह उन के पास आ कर खड़ा हो गया तो मां बोलीं, ‘‘सचसच बता, तू ने क्या खेल रचाया?’’ मम्मी ने मेरे बैठने से पहले ही गुस्से से पूछा.

‘‘कैसा खेल, मां?’’ मैं ने बडे़ भोलेपन से पूछा.

‘‘इन लड़कियों से तू ने क्या कहा है कि वे बिदक गईं. अब न पूछना कि कौन सी लड़कियां?  मैं जानती हूं कि तू सब समझता है.’’

‘‘मां, मेरा विश्वास कीजिए. मैं ने उन से ऐसा कुछ नहीं कहा.’’

‘‘देखो राकेश, बात को घुमाने के बजाय साफ और सीधी करो तो सभी का समय बचेगा,’’ पिताजी ने कहा.

‘‘इस ने जरूर कुछ उलटासीधा किया है वरना सारे के सारे रिश्ते इस तरह पलट नहीं जाते. कोई कहती है आगे पढ़ना है, किसी की कुंडली नहीं जमी तो कोई मंगली है….वाह, 9 के 9 रिश्ते अलगअलग बहाने बना कर छिटक गए. रिश्ते लड़कों की तरफ से मना होते हैं पर लड़कियों की तरफ से ना होना कितने अपमान की बात है. वह भी एक सुंदर, पढे़लिखे, अमेरिका में नौकरीशुदा नौजवान के लिए. बोल, क्या शरारत की तू ने? सचसच बता, वरना तू वापस अमेरिका नहीं जाएगा. हमारी तो नाक ही कट गई,’’ मां को इतना बिफरते हुए किसी ने कभी नहीं देखा था.

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मैं मां की साथ वाली कुरसी पर बैठ गया और उन के कंधे पर हाथ रखते हुए बोला, ‘‘मां, क्या तुम्हें अपने बेटे पर विश्वास नहीं है? मैं ने ऐसा कुछ नहीं किया है. वे जब अमेरिका में मेरी गर्ल फ्रेंड्स के बारे में पूछ रही थीं तब मैं ने सूसन के बारे में बताया था.’’

पिताजी ने कहा, ‘‘हूं,’’ और उस एक ‘हूं’ में  हजार अर्थ थे.

मां ने कहा, ‘‘अब समझी, यह बात क्या कम है?’’

‘‘नहीं मां, आप गलत समझ रही हैं. उन में से किसी भी लड़की को इस बात पर एतराज नहीं है.’’

पिताजी गरजे, ‘‘बकवास बंद कर. तू कैसे जानता है कि तेरे सूसन से परिचय में इन लड़कियों को कोई एतराज नहीं है?’’

‘‘क्योंकि उन में से एक ने कहा कि अमेरिकन कल्चर में यह आम बात है. दूसरी ने कहा कि वहां तो सुबह शादी होती है और शाम को डिवोर्स. तीसरी बोली कि मैं सती सावित्री की पुण्य भूमि में जन्मी हूं. मैं उस के चंगुल से आप को छुड़ा लूंगी.’’

मैं ने देखा कि पिताजी के होंठों पर मुसकराहट थी. मां का मुंह खुला का खुला रह गया.

‘‘इसी तरह सभी ने इस बात को घास के तिनके की तरह उड़ा दिया था.’’

‘‘अगर किसी को इस बात पर एतराज न था तो समस्या कहां आई,’’ पिताजी ने असमंजस में भर कर पूछा.

अब मेरे सामने सच बोलने के सिवा कोई रास्ता नहीं था सो मैं ने तय कर लिया कि मुझे साफसाफ सबकुछ बताना ही होगा.

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‘‘हर किसी ने मुझ से यही पूछा कि इस समय मेरी तनख्वाह क्या है और आगे चल कर कितनी बढ़ सकती है और मुझे ग्रीन कार्ड कब मिलेगा? इस पर मैं ने केवल इतना कहा कि मेरा वीजा मुझे 1 साल और वहां रहने की इजाजत देता है. मैं इस समय जो एसाइनमेंट कर रहा हूं वह ज्यादा से ज्यादा 6 महीने के अंदर खत्म हो जाएगा. उस के बाद मैं भारत आ कर यहीं बसना चाहता हूं,’’ मैं ने बडे़ भोलेपन से मां और पिताजी की ओर देख कर जवाब दिया.

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