औरत को पीटना मर्दानगी नहीं कमजोरी है

हरियाणा के जींद जिले के गांव बरौली में एक अजब घटना हुई. एक आदमी को अपनी बीवी पर शक हो गया कि उस के किसी गैरमर्द से ताल्लुकात हैं और गुस्से में उस ने सरेआम पड़ोसियों के सामने उसे कुल्हाड़ी से मारना शुरू कर दिया. आमतौर पर ऐसे मामलों में पड़ोसी आगे आते हैं और चाहे औरत गुनाहगार क्यों न हो, उसे बचाते जरूर हैं. पर यहां जो मौजूद था, उस ने फटाक से मोबाइल निकाला और वीडियो बनाना शुरू कर दिया और मिनटों में वीडियो सैकड़ों के हाथ पहुंच गया, पर कोई हाथ उस औरत को बचाने नहीं आया.

लहूलुहान औरत को अब अस्पताल पहुंचा दिया है और पति को जेल में. पर यह इशारा करता है कि देश में एकदूसरे का खयाल रखने की भावना मरने लगी है. लोग अब मारनेपीटने की खबरों के इतने आदी हो गए हैं कि आंखों के सामने किसी बेचारी औरत को पिटते देख कर भी हाथ में सिर्फ मोबाइल ले कर खड़े रहते हैं. मर्द की मर्दानगी औरतों को पीटने में नहीं, किसी भी जुल्म में जुल्म करने वाले को रोकने में होती है, पर लगता है कि देश में नामर्दी मोबाइल की स्क्रीन से निकल कर हरेक को डस रही है.

हमारे गांवों में आज भी लठैतों का बोलबाला रहता है. बातबात में मार दूंगा, जमीन में गाड़ दूंगा, चार टुकड़े कर दूंगा जैसे बोल अनजाने में कह दिए जाते हैं. ये बोल मर्द अपने बच्चों को भी सिखाते हैं, बीवियों को भी और आसपास के पड़ोसियों और जानेअनजानों को भी. सड़क पर कोई जरा सी टक्कर मार दे तो मारने की धमकी चालू हो जाती है. खेत में दो कदम चले जाएं तो लाठी निकल आती है.

जब तक गांवों का समाज यह नहीं समझेगा कि यह मारपीट साजिश के तहत गांव वालों को सिखाई जा रही है, वे तरक्की नहीं करेंगे. अमीर और ऊंचे लोग चाहते हैं कि गांव वाला हर समय किसी न किसी मामले में फंसा रहे, पुलिस केस बनते रहें.

पुलिस केस बनेंगे तो ही नेताओं की दाल गलेगी. मामले अदालत में जाएंगे तो ही वकीलों, थानेदारों को पैसा मिलेगा. अगर गांव वालों के पास चार पैसे जमा हो गए तो वे आंख दिखाने लगेंगे, इसलिए एक तरफ उन्हें पूजापाठ में उलझाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ लाठियां चलाने में.

घरवाली को मारपीट कर कोई घर खुश नहीं रह सकता. ऐसी घरवाली मर्द को बिस्तर पर कोई सुख नहीं दे सकती, घर ढंग से नहीं चला सकती, बच्चेबूढ़ों का खयाल नहीं रख सकती. बीवी पर शक करने से पहले खुद को देखना जरूरी है. औरतें जानती हैं कि गांवों में इश्क और मुश्क छिपते नहीं. वे चाहें भी तो ऐसा कुछ नहीं करतीं और कर लें, तो कमजोरी तो मर्द की ही साबित होती है.

एक दिन में पांच बार सेक्स करता है ये अभिनेता..!

फिल्म ‘लॉर्ड्स ऑफ द रिंग्स’ में अपने शानदार अभिनय की बदौलत दुनियाभर के सिनेप्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले अभिनेता एंडी सेरकिस ने अपने बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, इसमें उनकी सेक्स लाइफ से लेकर नहाने तक की बातें शामिल हैं.

रोज चार से पांच बार सेक्स

अभिनेता एंडी ने गार्जियन की मशहूर मैगजीन को दिए इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के बारे में काफी कुछ कहा है. जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने एक ही दिन में कितनी बार सेक्स किया है तो उन्होंने जवाब दिया कि चार से पांच बार.

‘रोजाना नहीं नहाता’

53 साल के एंडी ने एक और मजेदार बात अपने बारे में बताई और वो ना नहाने की आदत. उन्होंने कहा कि वो रोजाना नहीं नहाते हैं और उन्हें इसकी आदत है. एंडी ने इसकी वजह टाइम का ना होना बताया.

मेरे शरीर को लेकर लोगों का भ्रम

एंडी ने कहा कि उनके शरीर को लेकर दर्शकों में भ्रम था कि उनका बॉडी में काफी लचक है लेकिन जो पर्दे पर दिखता है वो मोशन का ही कमाल होता है ना कि बॉडी का. 90 के दशक में लॉरेन से शादी करने वाले एंडी तीन बच्चों के पिता हैं.

वायरल हुआ कन्नड़ अभिनेत्री का ये वीडियो

कन्नड़ फिल्मों की हीरोइन संजना गलरानी का एक वीडियों इंटरनेट पर तेजी ये वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी उनको न्यूड कर यातनाएं दे रहे हैं. वीडियो को लेकर शुरू में कई तरह की बातें कही गईं लेकिन अब साफ हो गया है कि ये एक फिल्म का है. इसको लेकर मीडिया पर भी कई तरह की बातें कही जा रही हैं और हीरोइन के न्यूड होने को लेकर एतराज भी जताया जा रहा है.

फिल्म ‘दंडुपाल्या-2’ का है लीक वीडियो

संजना गलरानी का जो वीडियो इंटरनेट पर लीक वीडियो बताया जा रहा है, वो उनकी फिल्म ‘दंडुपाल्या-2’ का सीन है. दरअसल ये सीन फिल्म का हिस्सा था लेकिन बताया जा रहा है कि सेंसर की आपत्ति के बाद इसे हटा लिया गया. वीडियो पर मीडिया में भी ‘मोरल पुलिसिंग’ देखने को मिल रही है और संजना के न्यूड होने पर आलोचना देखने को मिल रही है. हालांकि इस सीन में हीरोइन को पुलिसकर्मी न्यूड करता है और इसमें पुलिस की यातनाओं को दिखाने की कोशिश है.

क्या है वीडियो में

फिल्म के लीक वीडियो में जेल के अंदर कुछ पुलिसवाले संजना को बुरी तरह से यातनाएं दे रहे हैं. उनके हाथ बंधे हुए हैं और पुलिस ऑफिसर संजना के कपड़े फाड़ देता है. ये फिल्म एक गैंग की कहानी है.

क्या जान-बूझकर लीक की गई वीडियो!

लीक वीडियो को लेकर ये भी कहा जा रहा है कि ये सब पब्लिसिटी पाने के लिए फिल्म के निर्माताओं ने ही किया है. वहीं अभिनेत्री का संजना का इस पर कहना है कि फिल्म बढ़िया बिजनेस कर रही है और दर्शक इसकी तारीफ भी कर रहे हैं, ऐसे में ये सब करने की हमें कोई जरूरत नहीं है.

दुनिया से अलग थलग पड़ते अमेरिका और भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका जाने से पहले जिस तरह मीडिया में बड़ीबड़ी बातों को प्रचारित किया जा रहा था, वैसा कुछ भी नहीं हुआ. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुई पिछली 4 यात्राओं के बाद नया यह था कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद मोदी की यह पहली यात्रा थी. सनकी ट्रंप से मोदी की इस पहली मुलाकात को ले कर आशंकाएं थीं. इन दोनों नेताओं की मुलाकात पर दुनियाभर की निगाहें थीं. खासतौर से चीन और पाकिस्तान मोदी के दौरे को उत्सुकता से देख रहे थे.

मोदी की दुनिया के सब से ताकतवर मुल्क के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कुछ ऐसी ही थी जिस तरह भारतीय पुराणों में भरी कहानियों में कहा गया है कि दुश्मन के शक्तिशाली होने या किसी भी तरह की  मुसीबत आने पर देवता लोग ब्रह्मा की शरण में जाते थे. धर्म की ध्वजा थाम कर सत्ता में आए दोनों ही नेताओं के बीच खूब प्रेमालाप हुआ. एकदूसरे की जमकर तारीफें हुईं. दोनों नेताओं में कई बार गलबहियां हुईं. दोनों ने एकदूसरे को महान करार दिया लेकिन जो ठोस काम होने चाहिए थे वे नहीं हुए, केवल जबानी जमाखर्च देखने को मिला. दोनों नेताओं द्वारा एकदूसरे की मजेदार तारीफों के पुल पर गौर करते हैं :

मोदी ने फरमाया–

भारत और अमेरिका विकास के ग्लोबल इंजन हैं.

अमेरिका भारत का सच्चा मित्र है.

अमेरिका सब से पुराना और भारत सब से बड़ा लोकतंत्र है.

भारत और अमेरिका दुनिया के लिए बहुतकुछ कर सकते हैं.

यह मेरा नहीं, सवा सौ करोड़ भारतीयों का सम्मान है.

आप की बेटी इवांका को भारत आने का निमंत्रण देता हूं.

ट्रंप ने फरमाया–

पीएम मोदी जैसे महान प्रधानमंत्री का यहां होना सम्मान है.

भारत, अमेरिका का सच्चा दोस्त है.

सोशल मीडिया पर मैं और मोदी वर्ल्ड लीडर हैं.

आर्थिक मोरचे पर मोदी ने बेहतरीन काम किया है.

मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं.

भारत सब से तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है.

मोदी ने कई शानदार काम किए हैं.

आतंकवाद के खिलाफ दोनों देश लड़ाई लड़ रहे हैं.

अमेरिका से सैन्य उपकरण की खरीद के लिए भारत का धन्यवाद.

120 करोड़ लोगों को अपने प्रधानमंत्री से जिन समस्याओं को ले कर जो उम्मीदें थीं, उन पर वे बात करने की हिम्मत जुटाते नहीं दिखे. न कोई लिखित व्यापारिक सौदे हुए, न समझौते. सब से बड़ी उम्मीद देश के नौजवानों को एच1 वीजा पर अमेरिकी राष्ट्रपति को झु़काने को ले कर थी, इस मामले में निराशा हाथ लगी. पेरिस क्लाइमेट डील पर भी कोई बात नहीं हुई. ट्रंप ने कुछ समय पहले कहा था कि भारत इस समझौते में इसलिए शामिल हुआ था क्योंकि उसे इस के बदले में विकसित देशों से अरबों डौलर दिए जा रहे हैं. इस पर भी मोदी ने कोई जवाब नहीं दिया. यह आश्चर्यजनक है.

आतंकवाद पर बेमकसद बातचीत

पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, चीन के बढ़ते रुतबे को ले कर भारत व अमेरिका बयानबाजी करते नजर आए. अमेरिका ने यह जरूर किया कि उस ने मोदी की यात्रा से पहले ही जमाते इसलामी के 71 वर्षीय मुखिया आतंकवादी सैयद सलाहुद्दीन को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी करार दे दिया. इस से मोदी के कट्टर हिंदू समर्थकों को जरूर खुशी हुई होगी लेकिन सलाहुद्दीन कोई ऐसा आतंकी नहीं है जिसे जम्मूकश्मीर के बाहर कोई जानता हो. उधर, करोड़ों डौलर का इनामी हाफिज सईद पाकिस्तान में खुलेआम बैठा है.

दोनों देशों के बीच आतंकवाद पर बातचीत पहली बार नहीं हो रही. जौर्ज डब्लू बुश, बिल क्लिंटन, बराक ओबामा के समय से बातचीत चल रही है पर अमेरिका को आतंकवाद से खतरा अपना अलग है. भारत को खतरा मूलरूप से पाकिस्तान की ओर से है. अमेरिका ने अब तक पाकिस्तानी आतंकवाद पर ढुलमुल रवैया अपनाया है. कार्यवाही के नाम पर कुछ नहीं दिखाई देता. उलटे, वह इस देश को अपने हथियार बेचता आया है. मोदी खुल कर पाकिस्तान को बेचे जाने वाले अस्त्रशस्त्रों के खिलाफ अमेरिका को आंखें कभी नहीं दिखाते.

भारत और अमेरिका बाहरी आतंकवाद के खात्मे का संकल्प लेते तो नजर आते हैं पर दोनों ही अपनेअपने देशों के भीतर बढ़ती नस्लीय, जातीय, धार्मिक भेदभाव, हिंसा के आतंक पर खामोश हैं. यह भीतरी आतंक ज्यादा खतरनाक है और यह दोनों देशों की सामाजिक एकता, आर्थिक तरक्की व लोकतांत्रिक प्रणाली को खोखला कर रहा है.

यह सच है कि अब पाकिस्तान को अमेरिका की खास मदद की जरूरत भी नहीं है. अब उसे चीन के रूप में एक मजबूत आर्थिक व सामरिक मददगार मिल गया है.

चीन की विश्व में बढ़ती ताकत से घबराए अमेरिका और भारत का यह मिलन ‘दुश्मन का दुश्मन हमारा मित्र’ जैसा था. भारत व अमेरिका की ओर से जारी संयुक्त बयान में मूलभूत ढांचे के पारदर्शी विकास और संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने का आह्वान किया गया जिस का इशारा साफतौर पर चीन की ‘वन बेल्ट वन रोड’ परियोजना की ओर था.

दरअसल, चीन का वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट विश्व को जोड़ने की बहुत बड़ी परियोजना है. विश्वगुरु बनने के लिए इस तरह की परियोजना भारत को शुरू करनी चाहिए थी पर बाजी चीन मार रहा है. चीन दुनिया के देशों को साथ ले कर चलने की कोशिश में दिखता है पर भारत और अमेरिका न केवल अपने पड़ोसी देशों से दूर जा रहे हैं, बल्कि चीन को दुश्मन समझ कर उस के साथ मिल कर काम करने से कतरा भी रहे हैं.

चीन केवल एशिया में ही नहीं, विश्व का आर्थिक, सामरिक शक्ति का सिरमौर बनता जा रहा है. अमेरिका से अब चक्रवर्ती की पदवी छिनती लग रही है और भारत के विश्वगुरु बनने के सपने में चीन गहरी सेंध लगाता दुनिया को साफ नजर आ रहा है. आर्थिक तरक्की की योजनाओं की बजाय दोनों देशों में धार्मिक ताकतें मजबूत होती जा रही हैं और ये आर्थिक, सामाजिक व लोकतांत्रिक मूल्यों को बिगाड़ कर तानाशाही सोच विकसित करने में जुटी हैं.

भारत और अमेरिका में आएदिन जातीय, नस्लीय, धार्मिक हिंसा की घटनाओं में वृद्घि हो रही है. विकास का एजेंडा हाशिए पर चला गया है. ऐसे में भारत और अमेरिका विश्व में अलगथलग पड़ते दिख रहे हैं.

अहंकार की मार

भारत की बात करें तो पड़ोसी देश चीन, रूस, पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका से रिश्तों का मधुर दौर खत्म हो रहा है. चीन बंगलादेश को भी अपने गुट में शामिल करने की कोशिश में है. अब ये देश चीन के गहरे दोस्त बन गए हैं. चीन बारबार भारत से भी मिल कर चलने की गुहार कर रहा है पर भारत का अहंकार अपने ऋषियों और हैहय वंशी राजाओं की भांति बरकरार है.

चीन के सरकारी प्रकाशन ग्लोबल टाइम्स ने लिखा था कि चीन का सहयोगी बनने में ही भारत का भला है पर भारत को अहंकार है कि उस के पास विशाल बाजार है. वन बेल्ट वन रोड योजना में अपनी संप्रभुता से जुड़े मुद्दे पर चीन के तरजीह न देने से भारत इस में शामिल नहीं हो रहा है.

भारत एशिया के अपने पड़ोसियों के करीब भी नहीं है. उन से भी अलगथलग पड़ रहा है. भारत जब एशियागुरु ही नहीं बन रहा तो कहां विश्वगुरु  वहीं चीन, एशिया में सब को साथ ले कर चलने की कोशिश कर रहा है. भले ही यह उस की कूटनीति हो या व्यापार बढ़ा कर तरक्की करने की नीति, पर वह बड़ी परियोजनाओं पर काम करता दिखाई दे रहा है. भारत है कि अपने धार्मिक भक्तों को कैलाश यात्रा पर जाने की जिद ठाने है. ताज्जुब है संहारक कहे जाने वाले भगवान, भक्तों के बीच आने वाले चीन का संहार क्यों नहीं कर देते

चीन और पाकिस्तान एकदूसरे को अपने सब से करीब मानते हैं. चीन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के साथ खड़ा है, वह चाहे आतंकवाद का मुद्दा हो या कूटनीति का. आतंकी संगठन जैशे मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में शामिल कराने की भारत की कोशिशों पर चीन का अड़ंगा इस बात का सुबूत है. और तो और, चीन ने रूस को भी मित्र बना लिया.

उधर अमेरिका अपने सामरिक गठबंधन वाले देशों आस्टे्रलिया और जरमनी को लताड़ लगा चुका है. वह यूरोपीय देशों से छिटकता जा रहा है. यूरोपियन यूनियन से अलग होने के बाद ब्रिटेन-अमेरिका रिश्तों में गरमजोशी नहीं दिखती.

अमेरिका ने एच1 वीजा और प्रवासियों व मुसलमानों पर रोक जैसे कदमों से कई देशों से रिश्ता खटाईर् में डाल लिया. अमेरिकी श्रम बाजार ने शुरू से ही पूरी दुनिया से प्रवासियों को आकर्षित किया है और वहां प्रवास की दर विश्व में सर्वाधिक रही है. 2008-2009 के आर्थिक संकट के कारण वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अमेरिका पहले से दूसरे स्थान पर आ चुका है. प्रवासियों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार में भरपूर सहयोग दिया है. अमेरिका में परिवहन, आवास, मनोरंजन और सेवासत्कार के क्षेत्र में एकचौथाई कंपनियां प्रवासियों की हैं. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इमीग्रेशन से अमेरिकी समाज का बुढ़ापा कम करने में मदद मिल रही है.

भारत और अमेरिका चीन के प्रभाव को कम नहीं कर पाएंगे. भारत की आधी से ज्यादा आबादी 35 साल से कम उम्र की है. वहीं, चीन और दूसरे विकसित देश बूढ़ी होती आबादी की समस्या से जूझ रहे हैं. इस के बावजूद भारत चीन से पिछड़ रहा है.

वन बेल्ट वन रोड चीन द्वारा प्रायोजित एक योजना है जिस में पुराने सिल्क रोड के आधार पर एशिया, अफ्रीका और यूरोप के देशों को सड़कों व रेलमार्गों से जोड़ा जाना है. यह योजना मूलरूप से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दिमाग की उपज है. यह 68 से अधिक देशों में फैले यूरेशिया और प्रशांत महासागर में कारोबार और आधारभूत संरचना वाली परियोजनाओं का एक संग्रह है. इस की परिधि में 4.4 अरब लोग और विश्व जीडीपी का 40 प्रतिशत हिस्सा आता है. करीब एक दशक पहले आई वैश्विक मंदी में चीन की अर्थव्यवस्था डगमगा गई थी. इस ने निर्यातकेंद्रित चीनी अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया था.

शी जिनपिंग ने पहले चरण में 124 अरब डौलर के निवेश का वादा किया है. बाद के चरणों में परियोजना में ट्रिलियन डौलर जोड़े जाएंगे. परियोजना का मुख्य उद्देश्य चीन को अफ्रीका, मध्य एशिया और रूस से होते हुए यूरोप से जोड़ना है. शी जिनपिंग ने इसे प्रोजैक्ट औफ सैंचुरी बताया है.

चीन का मकसद

विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से जुड़े देशों की सरकारों को 1.1 अरब डौलर टैक्स मिलेगा. इस से इन देशों की आय में बढ़ोतरी होगी, बेरोजगारी कम होगी. पाकिस्तान के लिए यह परियोजना फायदेमंद साबित होगी. दुनिया से अलगथलग पड़ा पाकिस्तान अब चीन के सहारे आगे बढ़ पाएगा. आतंकवादियों को समर्थन देने का जो ठप्पा उस पर लगा हुआ था वह चीनी मौजूदगी से फीका हो सकता है.

अगर यह प्रोजैक्ट सफल हुआ तो यह दुनिया में होने वाले व्यापार की तसवीर बदल देगा. दुनिया में होने वाले कुल व्यापार का 90 प्रतिशत हिस्सा समुद्री रास्ते से हो कर जाता है और इस तरह मालवाहक पोत एक देश से दूसरे देश को जाते हैं. यह परियोजना समुद्री रास्तों पर निर्भरता को कम कर सकती है जिस पर अब तक अमेरिका का वर्चस्व है.

चीनी राष्ट्रपति की यह योजना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उन के ‘अमेरिकी फर्स्ट’ मंत्र के बिलकुल विपरीत है. ट्रंप प्रशासन ने ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप से हाथ खींच लिया जो कि अमेरिका के नेतृत्व में बना एक व्यापारिक समझौता था जिस की स्थापना चीन के बढ़ते वर्चस्व को रोकने के लिए की गई थी.

इस तरह चीन दुनियाभर के देशों से जुड़ कर अपना कारोबार बढ़ाने के रास्ते तैयार कर रहा है जबकि भारत योग जैसे पाखंडों को फैला कर विश्वगुरु बनने का झूठा दंभ भर रहा है.

चीनी राष्ट्रपति ने कहा भी था कि  संरक्षणवाद के रास्ते पर चलने का मतलब है खुद को एक अंधेरे कमरे में बंद कर लेना. पर भारत और अमेरिका इस चीनी पहल को ले कर सुरक्षात्मक रवैया अपनाए हुए हैं क्योंकि वे चीन के रणनीतिक उद्देश्यों को ले कर सशंकित है.

हालांकि चीन ने इस परियोजना के लिए न्यू सिल्क रूट सम्मेलन नाम से बुलाई करीब 100 देशों की बैठक में भारत को भी आमंत्रित किया था पर भारत ने भाग नहीं लिया. यह सब से बड़ी गलती थी. इसे विदेश नीति के मोरचे पर मोदी सरकार की बड़ी विफलता बताया गया है. असल में भारत की नाराजगी की वजह चीनपाकिस्तान इकोनौमिक कौरिडोर है. पाक अधिकृत कश्मीर से गुजरने वाला यह कौरिडोर वन बेल्ट वन रोड का ही हिस्सा है. भारत के विरोध के बावजूद दक्षिण एशियाई देशों ने बेल्ट ऐंड रोड फोरम में शामिल होना स्वीकार किया था. पड़ोसी देशों के इस फोरम में शामिल होने से भारत की स्थिति कमजोर हुई है. इस से देश की क्रिएटिविटी भी कमजोर पड़ेगी.

भारत-चीन के पेचीदा रिश्ते

भारत और अमेरिका की दोस्ती चीन की बराबरी नहीं कर सकती. इस दोस्ती की वजह विश्व में चीन का बढ़ता प्रभाव है जो भारत और अमेरिका को नहीं सुहा रहा है. भारत अपनी गुटनिरपेक्ष नीति का त्याग कर अमेरिका का पिछलग्गू बनता जा रहा है. अलगथलग पड़ कर भारत अपनी तरक्की के रास्ते बंद करता जा रहा है.

इसी का जवाब देने के लिए वह चीन से एतराज दर्ज कराता रहा है कि जिस से दुनिया को यह एहसास रहे कि सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश विवादित क्षेत्र हैं.

यह सच है कि चीनी सेना की टुकड़ी ने सिक्किम की नियंत्रणरेखा पार कर भारतीय डोका ला के लालटेन क्षेत्र में घुसपैठ की और भारतीय सेना के पीपल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों से हाथापाई की, जबकि चीन ने आरोप लगाया है कि भारतीय सेना ने चीनी सीमा में घुसपैठ की. सिक्किम में अंतर्राष्ट्रीय वास्तविक नियंत्रणरेखा लांघ कर चीनी सेना ने भारत के 2 बंकरों को नष्ट कर दिया था. नाथुला दर्रे के रास्ते मानसरोवर जा रहे यात्रियों को रोका गया. यह मार्ग भारत और चीन के बीच 2015 में हुए द्विपक्षीय समझौते के तहत खोला गया था.

एनएसजी के मुद्दे पर भारत और चीन की कड़वाहट पहले से ही बनी हुई है. भारत ग्वादर मामले में अपनी संप्रभुता की बात करता है पर उस का कोई औचित्य नहीं है. भारत कूटनीति में चीन के सामने फेल हो रहा है. चीन हर स्तर पर भारत को मात दे रहा है. पाकिस्तान ने 1963 में पाक अधिकृत कश्मीर का 5,180 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र चीन को भेंट कर दिया था. तब से चीन पाकिस्तान का मददगार बना हुआ है.

उधर, एशियाईर् देशों के छोटेबड़े देशों में चीन का निवेश और व्यापार बढ़ेगा ही, सामरिक भूमिका भी बढ़ जाएगी. यह रणनीति वह भारत और अमेरिका के खिलाफ रच रहा है. उधर, अमेरिका अपनी ही बनाई नीतियों व समझौतों को रद्द कर रहा है. भारत तिब्बत के धर्मगुरु दलाईर्लामा को शरण दे कर अपना नुकसान कर रहा है. चीन, भारत के लामा प्रेम से नाराज है.

कोई नतीजा नहीं

मोदी की तरह ट्रंप भी धर्म की पीठ पर सवार हो कर सत्ता में आए थे. नफरत, भय फैला कर धु्रवीकरण कर के तमाम अनुमानों को झुठलाते हुए सत्तासीन हुए ट्रंप के कई हास्यास्पद, बेवकूफीभरे फैसले अखबारों की सुर्खियों में रहे. घृणा फैलाने में माहिर ट्रंप के आने के बाद अमेरिका में, भारत की तरह, आएदिन हेट क्राइम की घटनाएं सामने आ रही हैं. अमेरिका में यहूदियों, मुसलमानों और समलैंगिकों पर हमलों की तरह भारत में दलितों, मुसलमानों के साथ भेदभाव व हिंसा की घटनाओं पर दोनों ही नेता कभी खुल कर नहीं बोलते सुने गए.

सब से बड़े और सब से पुराने लोकतंत्र होने पर गर्व करने वाले भारत और अमेरिका दोनों देशों की राजनीति में धर्म का बहुत प्रभाव रहा है. मोदी की तरह ट्रंप के बाकायदा कई धार्मिक नेताओं से संबंध हैं. कुछ समय पहले उन्होंने अपने धार्मिक सलाहकारों की एक लिस्ट भी जारी की थी. इन दोनों नेताओं की ताकत वाकपटुता और उन के अपने धार्मिक  समर्थक संगठन हैं.

मोदी-ट्रंप मुलाकात के कोई सार्थक नतीजे निकलने तो दूर, विश्व में इन दोनों देशों के अलगथलग पड़ने के आसार बनते जरूर नजर आ रहे हैं.

अमेरिका की फर्स्ट लेडीज से जुड़ी कुछ रोचक बातें

दुनिया की आंखें अमेरिका के नए 45वें प्रैसिडैंट डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप पर टिकी हैं. भूतपूर्व यूगोस्लाविया में जन्मी 46 वर्षीया मेलानिया ने 2006 में अमेरिकी नागरिकता ग्रहण की. विवाह से पहले वे मौडलिंग करती थीं. वे अपने रईस व आशिकमिजाज पति ट्रंप से 24 वर्ष छोटी हैं. सीक्रेट सर्विस ने मेलानिया ट्रंप को कोड नाम दिया है ‘म्यूज,’ जिस का अर्थ सुबुद्धिदाता. काफी हद तक अक्खड़ स्वभाव के प्रैसिडैंट ट्रंप को ऐसी ही पत्नी चाहिए भी थी.

महिलाओं के प्रति डोनाल्ड ट्रंप के जानेअनजाने अशिष्ट रिमार्क्स को मीडिया खूब उछालता रहा है. मेलानिया ने दबी जबान से उन रिमार्क्स का विरोध किया है और अपेक्षा की है कि भविष्य में वे पति को ऐसी बयानबाजी करने से रोक सकेंगी.

तीन बार विवाहित प्रैसिडैंट ट्रंप यों तो अपने बड़े कुनबे को यथासंभव लाइमलाइट में रखते हैं लेकिन उन्हें इस बात का विशेष ध्यान भी रखना होगा कि विशिष्ट दंपती द्वारा औपचारिक स्वागत के समय वे अपनी पत्नी को बगल में ले कर चलेंगे. एक प्रमुख मैगजीन ने ओबामा दंपती द्वारा व्हाइटहाउस में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के अवसर पर डोनाल्ड ट्रंप को अकेले आगे बढ़ आते और मेलानिया ट्रंप को कई कदम पीछे छूटते दिखाया भी है.

अपने 11 वर्षीय पुत्र बैरन की शिक्षादीक्षा को समर्पित वर्तमान फर्स्ट लेडी मेलानिया गरमी तक न्यूयौर्क में ही रहेंगी, लेकिन फर्स्ट लेडी की भूमिका निबाहने के लिए व्हाइटहाउस में आती रहेंगी. डोनाल्ड ट्रंप और उन की पूर्व पत्नी इवाना की पुत्री इवांका अपने पति जैरेड कश्नर सहित पिता के बहुत निकट हैं और उन की विश्वासपात्र हैं. जैरेड और इवांका ने वाश्ंिगटन में घर खरीद लिया है और आवश्यकता पड़ने पर वे संभवतया पिता की औफिशियल हौस्टैस का रोल अदा करेंगी. यह असामान्य नहीं. बैचलर 15वें पै्रसिडैंट जेम्स ब्यूकैनन की भतीजी भी हैरियट लेन व्हाइटहाउस में फर्स्ट लेडी के सारे दायित्व पूरे करती थीं.

35वीं फर्स्ट लेडी जैकलीन केनेडी ने पति जौन फिटजेरल्ड केनेडी की प्रैसिडैंसी की शुरुआत में अपने नवजात शिशु पैट्रिक को खो दिया था. जीवनभर वे इस सदमे से पूरी तरह न उबर पाईं. पुत्री कैरोलाइन तथा पुत्र जौन जूनियर के पालनपोषण और व्हाइटहाउस में अपनी गृहस्थी के संचालन में उन्होंने खुद को बिलकुल रमा लिया था. प्रैसिडैंट केनेडी के भाषणों के लिए वे अनेक ऐतिहासिक व साहित्यिक तथ्य जुटाती थीं. जैकलीन केनेडी के अथक प्रयासों से राष्ट्रीय स्तर पर कला व मानविकी के उत्थान के लिए दानकोष की स्थापना हुई. उन का ‘पिल्बौक्स हैट’ लोकप्रिय फैशन प्रतीक था. अभिनेत्री मर्लिन मुनरो के साथ प्रैसिडैंट केनेडी का अफेयर उन दिनों सब की जबान पर था. मर्लिन के अलावा अन्य सुंदरियों के साथ भी उन के अफेयर्स का जिक्र अकसर होता है.

ऐयाशी और रंगीले मिजाज के लिए मशहूर विश्व के सब से बड़े प्राइवेट जहाजी बेड़े के मालिक ग्रीक शिपिंग टायकून ऐरिसटोटल ओनैसिस ऊंचे हलकों में घूमने के शौकीन थे और अपनी दौलत से हाई सोसायटी की महिलाओं को रिझाया करते थे. अमेरिकी फर्स्ट कपल के नजदीक आने की उन की कोशिश से प्रैसिडैंट केनेडी भलीभांति अवगत थे. मशहूर औपेरा सिंगर मारिया कैलस के साथ ओनैसिस की तूफानी मोहब्बत जगजाहिर थी.

जौन केनेडी देखते थे कि विधुर ओनैसिस जैकलीन केनेडी को प्रभावित करने की हर संभव कोशिश करते रहते हैं. निजी स्टाफ को उन का आदेश था कि मिसेज केनेडी को ओनैसिस से दूर रखा जाए. पति की असामयिक मृत्यु के कुछ वर्ष बाद जैकलीन केनेडी ने ओनैसिस से विवाह किया जिस के चलते वे न सिर्फ सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा से ही वंचित हुईं बल्कि आम जनता ने भी अपनी चहेती फर्स्ट लेडी को दिल से उतार दिया.

ओनैसिस की बेवफाई से दुखी हो कर उन्होंने तलाक ले लिया. उस के बाद वे न्यूयौर्क लौट आईं और जनता ने भी उन्हें फिर दिल से लगा लिया. 1994 में कैंसर से उन की मृत्यु हो गई. केनेडी दंपती के होनहार पुत्र जौन 1999 में अपनी पत्नी सहित हवाई दुर्घटनाग्रस्त हो गए. लेखक, कलाकार और डिजाइनर एडविन श्लौसबर्ग की पत्नी और जौन व जैकलीन केनेडी की एकमात्र वारिस कैरोलाइन 2013 से ले कर 18 जनवरी, 2017 तक जापान में अमेरिकी राजदूत रहीं.

कुछ अन्य फर्स्ट लेडीज ने भी अपने पतियों की आशिकमिजाजी भुगती है:

34वें प्रैसिडैंट ड्वाइट डेविड आयजेन्हौवर की ड्राइवर उन की प्रेमिका रहीं. बिल क्लिंटन के अफेयर्स के कारण उन पर महाभियोग की नौबत आने वाली थी. पत्नी हिलेरी क्लिंटन का सपोर्ट उन्हें महासंकट से उबार सका था. येल यूनिवर्सिटी से डौक्टरेट की डिगरी प्राप्त हिलेरी क्लिंटन बालाधिकार और जनस्वास्थ्य मुद्दों को समर्पित हैं.

36वीं फर्स्ट लेडी क्लौडिया जौनसन सुशिक्षित ही नहीं, कुशल प्रबंधक व चतुर निवेशक भी थीं. अपने पति लिंडन जौनसन की प्रारंभिक राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अपना निजी धन लगाया. जिद्दी स्वभाव के प्रैसिडैंट जौनसन संपर्क में आने वाले कई लोगों को नाराज कर देते थे जबकि ‘लेडी बर्ड’ के नाम से लोकप्रिय, व्यवहारकुशल क्लौडिया जौनसन सब की नाराजगी दूर कर देती थीं.

प्रैसिडैंट जौनसन से खिन्न एक फोटोग्राफर ने तो यहां तक कहा कि अपनी नाराजगी के बावजूद वह ‘लेडी बर्ड’ के लिए अंगारों पर भी चल लेगा. पत्नियों से बेवफाई करने वाले अन्य प्रैसिडैंट्स से भी आगे प्रैसिडैंट जौनसन ने बजर सिस्टम लगवा रखा था. उन के स्टाफ को मिस्ट्रैसेज की जानकारी गुप्त रखने की हिदायत थी, लेकिन ‘लेडी बर्ड’ उन के ‘हरम’ से भलीभांति अवगत थीं.

29वें प्रैसिडैंट वारेन हार्डिंग की पत्नी फ्लौरेंस ज्यादा सहिष्णु नहीं थीं. एक कोठरी में अपने पति और एक युवती के सैक्स में लिप्त होने की भनक पा कर दरवाजा पीटपीट कर तोड़ डालने पर आमादा फ्लौरेंस को मुश्किल से रोका गया था.

7वें प्रैसिडैंट ऐंड्रू जैकसन दिलफेंक प्रैसिडैंट्स से अलग थे और अफवाहों को काटते थे. अपनी पत्नी रेचल की मर्यादा रक्षा के लिए उन्होंने अनेक द्वंद्व किए और सीने व बांह में गोली भी खाई.

अमेरिका में अनेक प्रैसिडैंट्स अपनी पत्नियों को समुचित आदर व मान देते थे. कई फर्स्ट लेडीज पत्नियां प्रशासन से बाहर रह कर भी मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, साक्षरता, मानवाधिकार और पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों को आगे बढ़ाती थीं.

39वें प्रैसिडैंट जिमी कार्टर की पत्नी रोजलिन कार्टर को सीक्रेट सर्विस ने कोड नाम दिया था डांसर. व्हाइटहाउस के कुशल संचालन करने के अलावा वे कैबिनेट मीटिंग्स में भी बैठती थीं. वे नीतिगत मामलों में पति की निजी सलाहकार थीं. व्हाइटहाउस की ईस्ट विंग में उन का अपना औफिस था.

32वें राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डेलानो रूजवेल्ट की पत्नी ऐन्ना एलिनोर रूजवेल्ट प्रगतिशील विचारों वाली थीं. बहुत लोग उन्हें आज भी आदर्श फर्स्ट लेडी मानते हैं. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना में उन की अहम भूमिका थी. वे संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की प्रथम अध्यक्ष थीं. 1933 में उन्होंने विश्व की प्रथम महिला विमानचालक अमीलिया ईयरहार्ट के साथ एक छोटी फ्लाइट ली थी.

41वीं फर्स्ट लेडी बारबरा मानसिक रोगों के निवारण व साक्षरता को समर्पित हैं.

43वें प्रैसीडैंट जौर्ज वौकर बुश की पत्नी लारा बुश टीचर और लाइब्रेरियन रह चुकी हैं और साक्षरता व शिक्षा का प्रबल समर्थन करती रहीं. मिशेल ओबामा से उन की दोस्ती राजनीतिक मतभेदों से परे रही.

मेरी बीवी की सेक्स करने की इच्छा बहुत कम होती है. क्या इस की कोई दवा है.

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सवाल
मेरी बीवी की सैक्स करने की इच्छा बहुत कम होती है. क्या इस की कोई दवा है?

जवाब
आप अपनी बीवी को रोमांटिक किताबें पढ़ने को दें और नियमित रूप से रोमांटिक व सैक्सी फिल्में भी दिखाएं. इस से बीवी की फितरत पर फर्क पड़ेगा. हमबिस्तरी से पहले उसे देर तक फोरप्ले कर के जोश में लाएं.

फोटोशूट में फिर नजर आया दिशा पटानी का बोल्‍ड अंदाज

दिशा पटानी ने जीक्‍यू मैगजीन के लिए फोटोशूट कराया है जिसमें वह काफी हॉट नजर आ रही हैं. अभी तक जीक्‍यू मैगजीन के ऑफिशल इंस्‍टाग्राम अकाउंट ने दिशा के फोटोशूट के चार फोटो शेयर किए हैं,

दिशा पटानी जल्‍द ही ‘बागी 2’ में टाइगर श्रॉफ के साथ नजर आने वाली हैं. फिल्‍म ‘एम एस धोनी: द अनटोल्‍ड स्‍टोरी में अपने छोटे से किरदार के बाद भी इंडस्‍ट्री में नाम कमा चुकी दिशा पटानी पिछले कुछ समय से अपने इंस्‍टाग्राम पर शेयर किए जाने वाले फोटो के लिए सुर्खियां बटोरती रही हैं.

कभी अपने कथित बॉयफ्रेंड टाइगर श्रॉफ से अपने रिश्‍ते को लेकर तो कभी अपने बोल्‍ड पिक्‍चर्स को लेकर दिशा अक्‍सर ही खबरों में रही हैं. जैकी चेन के साथ फिल्‍म ‘कुंग फू योगा’ का हिस्‍सा रह चुकी दिशा पटानी एक बार फिर अपने बोल्‍ड फोटोशूट के लिए चर्चाओं में आ गई हैं.

दरअसल दिशा पटानी ने जीक्‍यू मैगजीन के लिए फोटोशूट कराया है जिसमें वह काफी हॉट नजर आ रही हैं. अभी तक जीक्‍यू मैगजीन के ऑफिशल इंस्‍टाग्राम अकाउंट ने दिशा के  फोटोशूट के चार फोटो शेयर किए हैं, जिनमें दिशा काफी हटके अंदाज में नजर आ रही हैं.

दिशा पटानी पहली बार अपने बोल्‍ड फोटो के लिए सुर्खियां नहीं बटोर रही हैं. हाल ही में दिशा पटानी ने अपने इंस्‍टाग्राम अकाउंट पर स्विम सूट में एक हॉट तस्‍वीर फैन्‍स के साथ शेयर की थी. फोटो में दिशा ने फ्लोरल स्विमसूट पहन रहा था. उनका चेहरा तो इसमें नजर नहीं आ रहा, लेकिन उनकी बैक बॉडी फोटो में काफी खूबसूरत दिख रही है.

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जब बॉलीवुड की ये हसीनाएं नजर आई ब्रा लैस अवतार में

हॉलीवुड के बाद अब धीरे धीरे बॉलीवुड में भी ब्रा लैस ड्रेसेज का फैशन परवान चढ़ता जा रहा हैं. इंटरनेशनल आइकन प्रियंका चोपड़ा हो या छोटे पर्दे की निया शर्मा, इंडियन ब्‍यूटिज कई इवेंट पर ब्रा लैस स्‍पॉट हो चुकी है. अब इंडियन फिल्‍म इंडस्‍ट्री में भी ब्रा लैस ड्रेस ट्रेंड बनता जा रहा है.

कई मौकों पर बेहद रिवीलिंग ड्रेस में पहुंची बॉलीवुड एक्ट्रेसेस को कई बार बिना ब्रा के स्पॉट किया गया है. जिसके चलते ये एक्ट्रेसेस ऊप्स मूमेंट और निगेटिव कमेंट्स का शिकार भी हुई हैं. वहीं हाल ही में आईफा में भी नरगिस फखरी समेत कई बॉलीवुड एक्ट्रेसेस को ऐसी ही ड्रेस पहने देखा गया है.

आइए देखते है कि आखिर किन किन एक्‍ट्रेस को ब्रा लैस लुक भा रहा हैं.

नरगिस फाखरी

हाल ही में आईफा अवॉर्ड में शिरकत करने आई बेहद सेक्सी अभिनेत्री को ब्रा लेस ड्रेस में हॉट फिगर फ्लॉन्‍ट करते हुए देखा गया था.

दीपिका पादुकोण

कुछ समय पहले अपने हॉलीवुड मूवी के प्रमोशन के दौरान अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ब्रा लैस ड्रेस में प्रमोशनल इवेंट पर पहुंची थी.

उर्वशी रौतेला

उर्वशी रौतेला भी कई बार एक्‍सपोजिव ड्रेस में क्‍लीवेज दिखाते हुए नजर आ चुकी है.

प्रियंका चोपड़ा

इंटरनेशनल आइकन अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा कई बार ब्रा लैस अवतार में नजर आ चुकी हैं.

निया शर्मा

एशिया की सेक्‍सी वुमन की लिस्‍ट में अपना नाम दर्ज करवाने वाली छोटे पर्दे की अभिनेत्री निया शर्मा भी एक अवार्ड फंक्शन के दौरान ब्रा लेस ड्रेस में कुछ इस अंदाज में दिखाई दी थीं.

दिशा पटानी

यंग जनरेशन में पॉपुलर दिशा पटानी भी ब्रा लेस फैशन को खूब फॉलो कर रही हैं. एक इवेंट में ब्रा लैस पहुंचने पर इनकी फोटो खूब सोशल मीडिया में वायरल हुई थी.

सनी लियोन

अभिनेत्री सनी लियोनी अक्‍सर रिवीलिंग ड्रेसेस में दिखाई देती हैं. वहीं इनकी ब्रा लेस ड्रेस ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं.

सोनम कपूर

कांस फेस्टिवल में सुनहरे रंग के ब्रा लैस गाउन में सोनम ने रेड कार्पेट पर अपना सेक्‍सी फिगर फ्लॉन्‍ट किया था.

पूनम पांडे

हालांकि पूनम पांडे सोशल मीडिया पर अपने हॉट और बिंदास अंदाज के लिए जानी जाती हैं. सोशल मीडिया में वो आए दिन ब्रा लैस ड्रेसेज में अपनी फोटोज शेयर करती रहती हैं.

पाकिस्तानी एंकर वीना मलिक का लीक MMS देखा आपने

पाकिस्तानी एक्ट्रेस वीना मलिक बौलीवुड में हाथ आजमाने के बाद अब एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल में बतौर एकंर काम कर रही हैं. वीना का नाता हमेशा कॉन्ट्रोर्वसियों से गहरा रहा है. कभी न्यूड फोटोशूट तो कभी गायब होने का नाटक और कभी टॉवल में इंटीमेट सीन. वीना हर वक्त गलत वजहों के कारण ही सुर्खियों में रहती हैं. साल 2013 में उनका एक एमएमएस सामने आया था जो एक बार फिर सोशल मीडिया पर लीक हो चुका है.

पाकिस्तानी ड्रामा क्वीन वीना मलिक का एमएमएस यूट्यूब पर एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है. इस एमएमएस ने खूब धूम मचा रखी है. एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट वीना इस एमएमएस में बॉलीवुड एक्टर राजन वर्मा के साथ दिखाई दे रही है. 44 सेंकेड के इस वीडियो में राजन और वीना अश्लीलता की सारी हदें पार करते नजर आ रहे हैं.

रियलिटी शो के बाद उन्होंने बॉलीवुड में भी कमद रखा था, वीना ने  ‘जिंदगी 50-50’ और ‘मुंबई 125 KM’ जैसी फिल्मों में काम किया है. वीना उस वक्त सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने एक मैगजीन कवर के लिए न्यूड फोटो शूट भी करवाया था. इसके कारण वह विवादों में फंस गई थी जिससे उन्हें अपने ही देश पाकिस्तान में काफी जिल्लत का सामना करना पडा था क्योंकि उन्होंने अपने शोल्डर पर आईएसआई का टैटू बना रखा था.

साल 2013 वीना ने में दुबई के बिजनेसमैन असद खटक से शादी की थी. दोनों के दो बच्चे हैं. हालांकि पिछले दिनों ये खबर आई कि वीना ने अपने पति असद को तलाक दे दिया है. वीना ने अपने पति पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था.

यहां देखें वीना का लीक्ड एमएमएस

बाप के सामने बोली बेटी, मैं सनी लियोनी बनना चाहती हूं, देखें वीडियो

अपने विवादित बयानों से हमेशा चर्चा में बने रहने वाले फिल्म डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा उर्फ रामू ने इस बार कुछ ऐसा कर दिया है कि आप खुद शर्मा जाये. सरकार-3 के फ्लॉप होने के बाद अब रामू एक वेब सीरीज लेकर आये हैं जिसे देखने के बाद आप बस ऐसा महसूस होगा की अब सब खत्म सा हो गया है, इसके बाद तो अब कुछ बचा ही नहीं देखने के लिए.

रामू ने यूट्यूब पर ‘मेरी बेटी सनी लियोन बनना चाहती है’ को पेश किया है. इसमें एक लड़की अपने मां-बाप से इस बात के लिए लड़ाई करती है कि उसे सनी लियोन जैसा बनना है.

इस 12 मिनट की वेब सीरिज में उन्होंने वो सब कुछ परोसने की कोशिश की है जो वो फिल्मो में नहीं परोस पाते हैं. यहां पर तो कोई सेंसर बोर्ड और न ही उसकी कैंची काम करती है. इसलिए रामू ने यूट्यूब का सहारा लिया और सब उगल दिया जो अभी तक वो फिल्मों में नहीं दे पाए थे.

इस फिल्म में एक लड़की अपने माता पिता से कहती नजर आ रही है कि वह सनी लियोनी की तरह बनना चाहती है. वह आजादी चाहती है, समाज की दकियानूसी सोच से. इसके साथ ही अगर आपको और संवाद जानने हैं, तो आपको पूरा वीडियो देखना होगा. फिल्म में नैना गांगुली मुख्य किरदार में हैं. इस किरदार में ढल कर उन्होंने साथ ही ये संदेश ​देने की कोशिश की है कि समाज कई बार अपनी हम पर मर्जी थोपने की कोशिश करता है, जो कि गलत है.

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