महेंद्र सिंह धोनी के बाद क्या होगा भारतीय क्रिकेट का?

भारत में 15 अगस्त को आजादी का दिन माना जाता है, शायद इसीलिए क्रिकेट के ‘कैप्टन कूल’ महेंद्र सिंह धोनी ने इसे अपना ‘रिटायरमैंट डे’ बना कर खुद को इस खेल से ही आजाद कर दिया. जैसा कि उन का स्टाइल है, सब को चौंकाते हुए उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘आप लोगों के प्यार और सहयोग के लिए धन्यवाद. शाम 7.29 बजे से मुझे रिटायर समझा जाए.’

हालांकि अगले इंडियन प्रीमियर लीग में महेंद्र सिंह धोनी चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से मैदान में क्रिकेट खेलते दिखेंगे, पर अगर उन के शुरुआती दिनों की बात करें, तब शायद किसी को यकीन भी नहीं था कि रांची का यह लड़का क्रिकेट की रेस का इतना तेज घोड़ा निकलेगा. यही वजह है कि वे भारतीय क्रिकेट के सब से कामयाब कप्तान रहे.

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वर्ल्ड क्रिकेट में भी महेंद्र सिंह धोनी एकलौते ऐसे कप्तान रहे हैं, जिन्होंने साल 2007 में आईसीसी का वर्ल्ड टी20, साल 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप और साल 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीत कर नया इतिहास बनाया.

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में ही भारतीय टीम साल 2009 में टैस्ट क्रिकेट में नंबर वन बनी थी. उन्होंने अपनी शानदार कप्तानी की बदौलत भारत को घरेलू मैदानों पर 21 टैस्ट मैचों में जीत दिलाई थी, जो किसी भी भारतीय कप्तान का सब से बेहतर रिकौर्ड है.

निजी जिंदगी में फर्राटा मोटरसाइकिलों के शौकीन महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट भी तेज रफ्तार से खेला. विकेटकीपर से ले कर मैच फिनिशर का रोल उन्होंने बड़े उम्दा तरीके से निभाया. लेकिन पिछले कुछ समय से उन का और टीम का तालमेल सही नहीं बैठ रहा था. काफी समय से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन का पहले जैसा जलवा नहीं रहा है. वे बतौर बल्लेबाज मैदान पर सुस्त दिखने लगे हैं, जबकि वे अभी भी पूरी तरह फिट नजर आ रहे थे. यही वजह है कि उन के इस संन्यास पर उन के कोच रह चुके चंचल भट्टाचार्य ने कहा कि यह चौंकाने वाला फैसला है.

कोच की बात में दम है, क्योंकि फिलहाल तो भारतीय क्रिकेट टीम में महेंद्र सिंह धोनी की टक्कर कोई विकेटकीपर नहीं दिखाई दे रहा है. ऋषभ पंत और केएल राहुल में टक्कर है, पर ये दोनों ही फिलहाल उस लैवल के नहीं दिखाई दे रहे हैं, जो लैवल धोनी ने इतने सालों में सैट कर दिए हैं. दिनेश कार्तिक को भी बतौर विकेटकीपर जगह बनाने में बड़ी मेहनत करनी होगी.

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इस के अलावा महेंद्र सिंह धोनी ने बतौर कप्तान और विकेटकीपर विपक्षी टीमों पर इतना जबरदस्त दबाव बना कर रखा था कि भारतीय टीम उन पर मनोवैज्ञानिक रूप से हावी रहती थी. खेल को ले कर उन्होंने इतने ज्यादा प्रयोग कर दिए थे और नए टैलेंट पर इतना ज्यादा भरोसा जता दिया था कि धीरेधीरे टीम बहुत मजबूत हो गई थी.

याद रहे कि महेंद्र सिंह धोनी ने अपना पिछला मैच वर्ल्ड कप 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सैमीफाइनल खेला था. भारत यह मैच 18 रन से हार गया था. इस के बाद 27 नवंबर 2019 को मुंबई के एक कार्यक्रम में उन्होंने क्रिकेट में वापसी के सवाल पर मीडिया से कहा था कि इस बारे में उन से जनवरी, 2020 तक कुछ न पूछा जाए.

अब जबकि वे क्रिकेट को अलविदा कर चुके हैं तो यह सवाल उठना भी लाजिमी है कि बतौर कप्तान विराट कोहली उन के बिना टीम को कैसे हैंडल करेंगे, जबकि पहले तो मैदान पर हर छोटी से छोटी समस्या पर वे ‘मही’ का मुंह ताकते थे?

विराट कोहली ने ‘कैप्टन कूल’ खोया है. डीआरएस (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) लेने में धोनी जैसा कोई नहीं था. आकाश चोपड़ा तो इसे ‘धोनी रिव्यू सिस्टम’ बोलते थे. इस के अलावा फंसे हुए मैच को अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से अपनी तरफ मोड़ने की कला भी धोनी को बखूबी आती थी. अब टीम में उन की जगह बल्लेबाजी करने वाला कोई मजबूत चेहरा नहीं दिखाई दे रहा है. ईशान किशन, संजू सैमसंग अभी उतने नहीं मंजे हैं कि मैच फिनिशर का भार अपने कंधे पर ले सकें.

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बल्लेबाजी में रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद कोई दिग्गज नहीं दिखाई दे रहा है. लिहाजा, अब भारतीय टीम को गंभीरता से सोचना होगा और इस बात पर गौर करना होगा कि महेंद्र सिंह धोनी जैसा हरफनमौला खिलाड़ी कैसे पैदा किया जाए, वरना विराट कोहली ऐंड टीम को आने वाले समय में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

सावधान! अगर आप भी हैं सचिन, धोनी के फैन तो हो सकता है वायरस अटैक

कई बार तो ऐसे वायरस हमारे डिवाइस में आ जाते हैं जिनसे हमारे डिवाइस खराब हो जाते हैं इससे भी ज्यादा खतरनाक ये होता है कि ये वायरस आपके फोन की गोपनीय सामाग्री भी चुरा सकते हैं. ऐसे वायरसों से सावधान रहना चाहिए. इसके अलावा एक और चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है.

भारत को दो बार विश्व खिताब दिलाने वाले देश के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में से एक महेंद्र सिंह धोनी मैकफे की मोस्ट डेंजरस सेलिब्रिटी सूची में पहले स्थान पर हैं. अपने 13वें संस्करण में मैकफे की शोध ने लोकप्रिय सेलिब्रिटीज की पहचान की है, जो सर्वाधिक जोखिमभरे सर्च परिणाम निर्मित करते हैं और जिनसे उनके फैंस को मैलिशियस वेबसाइट्स एवं वाइरस का खतरा रहता है.

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धोनी ने 2011 के विश्व कप में 28 सालों के बाद भारत के सर पर ताज का सेहरा बांधने के लिए टीम का नेतृत्व किया था. धोनी पूरी दुनिया में अपने धैर्य व स्थिर चित्त के लिए मशहूर हैं. उनकी अपार लोकप्रियता ने साइबर अपराधियों को उपभोक्ताओं को मैलिशियस वेबसाइट्स की ओर लुभाने का मौका दे दिया, जो मालवेयर इंस्टॉल कर व्यक्तिगत जानकारी एवं पासवर्ड चुरा सकते हैं.

सूची में दूसरे स्थान पर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर हैं. सर्वाधिक जोखिमभरे सर्च परिणाम निर्मित करने वाली टॉप-10 हस्तियों में धोनी और सचिन के अलावा महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, विश्व चैम्पियनशिप जीत चुकीं बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु और पुर्तगाल के महान फुटबाल खिलाड़ी क्रिस्टीयानो रोनाल्डो शामिल हैं.

साथ ही टौप-10 में रियल्टी टीवी शो-बिग बौस के विजेता गौतम गुलाटी, बौलीवुड अभिनेत्री सनी लियोन, पौप आइकौन बादशाह, अभिनेत्री राधिका आप्टे और श्रृद्धा कपूर भी शामिल हैं. मैकफे इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंजीनियरिंग एवं मैनेजिंग डायरेक्टर वेंकट कृष्णापुर ने कहा, “इंटरनेट की आसान उपलब्धता एवं अनेक कनेक्टेड डिवाईसेस ने यूजर्स को पूरी दुनिया से कंटेंट प्राप्त करना आसान बना दिया है.

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जहां भारत में सब्सक्रिप्शन पर आधारित कंटेंट प्लेटफार्म बढ़ रहे हैं, वहीं नेटिजंस बड़ी स्पोटिर्ंग ईवेंट्स, मूवीज, टीवी शो एवं अपने चहेते सुपरस्टार की इमेजेस के लिए निशुल्क एवं पायरेटेड कंटेंट तलाशते हैं. दुर्भाग्य से उन्हें इस तरह का कंटेंट प्रदान करने वाली मैलिशियस वेबसाइट्स द्वारा उत्पन्न जोखिम का अनुमान नहीं होता.”

उन्होंने आगे कहा, “साइबर अपराधी इस अवसर का लाभ उठाकर उपभोक्ताओं की कमजोरियों पर सेंध लगाते हैं, क्योंकि वो सुविधा के बदले अपनी सुरक्षा से समझौता करते हैं. उपभोक्ताओं के लिए यह जरूरी है कि वो इन जोखिमों को समझें, क्लिक करने से पहले विचार करें और ऐसे संदेहास्पद लिंक्स पर न जाएं, जो उन्हें निशुल्क कंटेंट दिखाने के लिए लुभाता हो. ऐसे में मैकफे ने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन सुरक्षित रखने में मदद करने के लिए कुछ सुझाव जारी किए हैं.

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  1. आप क्लिक करने से पहले सावधान रहें. एमएस धोनी से संबंधित कंटेंट मुफ्त में प्राप्त करने के इच्छुक यूजर्स सावधान रहें और केवल भरोसेमंद स्रोत से ही कंटेंट स्ट्रीम व डाउनलोड करें. सबसे सुरक्षित यह है कि आप मालवेयर युक्त थर्ड पार्टी वेबसाइट पर विजिट करने की बजाए ऑफिशल रिलीज का इंतजार कर लें.
  2. गैरकानूनी स्ट्रीमिंग साइट्स का उपयोग न करें। जोखिमभरे ऑनलाइन व्यवहार के मामले में गैरकानूनी स्ट्रीमिंग साइट्स का उपयोग आपकी डिवाइस के लिए उतना ही खतरनाक है, जितनी खतरनाक जंगल की आग होती है. कई गैरकानूनी स्ट्रीमिंग साइट्स पर पाइरेटेड वीडियो फाइल के रूप में मालवेयर या एडवेयर छिपे होते हैं. इसलिए वीडियो केवल प्रतिष्ठित स्रोत से ही स्ट्रीम करें.
  3. अपनी ऑनलाइन दुनिया को साइबर सिक्योरिटी समाधान की सुरक्षा दें. मैकफे टोटल प्रोटेक्शन जैसे विस्तृत सिक्योरिटी समाधान की मदद से मैलिशियस जोखिमों को अलविदा कर दें. इससे आप मालवेयर, फिशिंग के हमलों एवं अन्य जोखिमों से सुरक्षित रहेंगे.
  4. वेब रेप्युटेशन टूल का इस्तेमाल करें. वेब रेप्यूटेशन टूल, जैसे निशुल्क मैकफे वेब एडवाईजर का उपयोग करें, जो आपको मैलिशियस वेबसाईट के बारे में सचेत कर देता है.
  5. पैरेंटल कंट्रोल सॉफ्टवेयर का उपयोग करें. बच्चे भी सेलिब्रिटीज के फैन होते हैं, इसलिए डिवाइस पर अपने बच्चे के लिए लिमिट्स सुनिश्चित कर दें और मैलिशियस एवं अनुचित वेबसाइट्स से उनको सुरक्षित रखने के लिए पैरेंटल कंट्रोल सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें.

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तकनीकि के युग में जहां हम बहुत तेजी से आगे बढ़ते जा रहे हैं. लेकिन तकनीकि की बारीक जानकारियां हमें नहीं होती जिसकी वजह से हम किसी बड़ी समस्या में फंस सकते हैं. हम अपने मोबाइल में तरह-तरह के मोबाइल एप डाउनलोड करते हैं. इन ऐप्स को जब आप इन्सटॉल करते हैं तो ये आपसे परमिशन मांगते हैं आपके मोबाइल के कॉन्टेक्ट, फोटोज, वीडियो, कैमरा आदि के एक्सेस का. हम आप बड़ी आसानी से उसको ओके कर देते हैं. हम जाने अनजाने में उस ऐप को ये एक्सेस दे देते हैं कि वो हमारी हर चीज को देख सके. इस तरह हम खुद ही अपनी प्राइवेसी को ऐप के हवाले कर देते हैं.

धोनी मामले में बड़ा खुलासा, पीठ दर्द की समस्या के कारण नहीं हैं टीम का हिस्सा

धोनी इस वक्त टीम का हिस्सा नहीं हैं लेकिन उनकी खबरें हमेशा से ही सुर्खियों में बनी रहती हैं. हाल ही में हुए हुई दो महत्वपूर्ण सीरीज पहली वेस्टइंडीज और दूसरी साउथ अफ्रीका के साथ खेली गई लेकिन इसमें धोनी टीम का हिस्सा नहीं थे. विश्व कप के बाद से ही टीम का हिस्सा नहीं है. हर बार चयनकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने अपने आपको अनुपलब्ध बताया है. विश्व कप के बाद धोनी ने परिवार संग कुछ वक्त बिताया और फिर वो सेना के साथ पैरा कमांडोंज की ट्रेनिंग करने लगे थे. इस दौरान भारत ने वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के साथ सीरीज खेली थी लेकिन इस वक्त धोनी टीम का हिस्सा नहीं थे. अब खबर आ रही है कि धोनी के पीठ में दर्द की शिकायत है जिसकी वजह से वो टीम से बाहर चल रहे हैं.

धोनी के टीम से बाहर होने पर तरह-तरह की बातें की जा रहीं थी. कोई कह रहा था कि धोनी की खराब प्रदर्शन के कारण उनको टीम में जगह नहीं मिली कोई कह रहा था कि वो सीधे अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप में दिखेंगे लेकिन अब जो खुलासा हो हुआ है वो वाकई चौंकाने वाला है. रिपोर्ट्स की मानें, तो बीसीसीआई सूत्रों ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा है कि धोनी के नवंबर तक फिट हो जाने की उम्मीद है. धोनी की उम्र 38 साल की है और वो हमेशा से ही उनकी गिनती फिट खिलाड़ियों में की जाती है लेकिन इस वक्त धोनी पीठ दर्द की समस्या से गुजर रहे हैं इस वजह से धोनी टीम का हिस्सा नहीं है.

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रिपोर्ट्स के मुताबिक धोनी पीठ में दर्द की शिकायत के साथ वर्ल्ड कप खेलने गए थे. और उनके पीठ का दर्द वर्ल्ड कप के दौरान और बढ़ गया. इसके अलावा विश्व कप के दौरान उन्हें कलाई में भी चोट लगी थी. टीम इंडिया के वर्ल्ड कप से बाहर हो जाने के बाद धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से ब्रेक ले लिया. धोनी वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारत के सीमित ओवरों के स्क्वॉड से बाहर रहे. उन्होंने इस दौरान टेरिटोरियल आर्मी यूनिट के साथ कश्मीर में 15 दिन बिताए. वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में संपन्न तीन मैचों की घरेलू टी-20 इंटरनेशनल सीरीज में भी नहीं खेले.

धोनी पीठ की चोट से पिछले सीजन में भी परेशान रहे थे. पिछले साल मोहाली में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ आईपीएल मैच में उन्होंने नाबाद 79 रन बनाए थे. मैच के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान धोनी ने अपनी चोट के बारे में बात की थी. उन्होंने कहा था, ‘यह बुरा है. यह कितना बुरा है, मैं नहीं जानता.’ इस साल (2019) आईपीएल के दौरान भी धोनी ने अपनी चोट का जिक्र किया था और माना था कि वर्ल्ड कप आ रहा है और यह उनके लिए बेहद अहम है.

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इस बीच भारतीय टीम प्रबंधन ने संकेत दिया कि पूर्व कप्तान को ‘बाहर’ मानकर नहीं चला जा सकता. धर्मशाला में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 मैच से पहले विराट कोहली ने कहा था, ‘उनके (धोनी) बारे में एक बड़ी बात यह है कि वह भारतीय क्रिकेट के लिए सोचते हैं. और जो भी हम (टीम प्रबंधन) सोचते हैं, वह भी वही सोचते हैं. ‘ कोहली ने कहा था कि युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और उन्हें अवसर देने के बारे में उनकी जिस तरह की मानसिकता थी, वह आज भी है.

टीम की चिंता या फिर तेंदुलकर जैसी विदाई की चाहत रखते हैं धोनी

लंबे बालों के साथ जब वो पहली बार क्रीज पर आया तो सभी ने उस खिलाड़ी की हेयर स्टाइल की तारीफ की लेकिन उसके बाद केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया ही उनकी मुरीद हो गई. शायद आप समझ गए होंगे हम किसकी बात कर रहे हैं. हम बात कर रहे हैं महेंद्र सिंह धोनी की. वो धोनी जितने भारत को क्रिकेट विश्व कप भी जिताया, टी-20 विश्व कप भी जिताया, एशिया कप भी जिताया और चैंपियन ट्रॉफी भी हम जीतकर आए. लेकिन समय के साथ सबके खेल में बदलाव आता है. ये हमने पहले भी कई खिलाड़ियों के साथ देखा है. क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी आखिरी समय स्ट्रगल कर रहे थे. उनके भी संन्यास की बातें उठने लगीं थीं. लेकिन उस खिलाड़ी के जैसे हर किसी के नसीब पर वैसी विदाई नसीब नहीं होती.

विश्व कप 2019 में लोगों ने अनुमान लगाया था कि लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर टीम इंडिया विश्व कप उठाएगी और एम एस धोनी की विदाई भी उसी तरह होगी जैसे 2011 में मुंबई के वानखेड़े मैदान पर सचिन तेंदुलकर की हुई थी. लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. भारत की आकांक्षाओं को न्यूजीलैंड से मुकम्मल नहीं होने दिया और भारत को सेमीफाइनल में ही हार कर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता देखना पड़ा. विश्व कप के दौरान पूरी टीम अस्त-व्यस्त दिखी. धोनी को लेकर सवाल उठते रहे. कहा जाने लगा कि धोनी को अब मैनेजमेंट ढो रहा है, सच यो ये था कि धोनी को टीम में जगह उनके खेल को लेकर नहीं था बल्कि मैदान में उनके अनुभवों को लेकर था. इंग्लैंड के साथ मैच हारने के बाद भी धोनी के ऊपर सवाल उठे. सवाल तभी भी उठे जब न्यूजीलैंड के खिलाफ धोनी का रन बनाने के औसत 50 से भी कम का होने लगा. ऐसा लगने लगा था कि हेलीकॉप्टर शॉट्स खेलने वाला ये बल्लेबाज आज एक-एक रन में स्ट्रगल कर रहा है. धोनी क्रीज पर जम तो जाते थे लेकिन वो बड़े शॉट्स नहीं खेल पा रहे थे. सेमीफाइऩल में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में रवींद्र जडेजा की पारी जब तक चल रही थी जब तक धोनी की बल्लेबाजी पर कोई ज्यादा गौर नहीं कर रहा था लेकिन उसके बाद धोनी का खेल वाकई जीत वाला नहीं था.

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धोनी को संन्यास लेना चाहिए या नहीं ये उऩका निजी फैसला है लेकिन टीम मैनेंजमेंट को ये सोचना चाहिए कि धोनी से रिटायरमेंट की बात करें और उनसे पूछें कि उनका क्या प्लान है. भारत के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी खुलासा किया था कि चयनकर्ताओं ने उनसे कोई भी बात नहीं कि और सीधे टीम से निकाल दिया गया. ऐसा ही गौतम गंभीर के साथ भी हुआ.

भारतीय टीम वेस्टइंडीज के दौरे पर है जहां पर टीम दो टेस्ट, दो टी20 और तीन वनडे खेलने है. दौरा पूरा भी हो गया है. केवल एक टेस्ट मैच खेला जा रहा है. यहां पर भी धोनी का चयन नहीं किया गया. बाद में चयनकर्ताओं की तरफ से ये कहा गया कि धोनी ने इस दौरे के लिए अपने आपको अनुप्लब्ध बताया था. लेकिन सच्चाई यही है कि धोनी को टीम मे जगह ही नहीं दी गई थी. धोनी पैरा-कमांडो की ट्रेनिंग के लिए कश्मीर चले गए. वहां वो आर्मी के साथ ट्रेनिंग करते रहे और सोशल मीडिया में कई वीडियो उनके आते रहे जिसमें वो वॉलीबॉल खेलते दिखे कहीं पर वो एक्सरसाइज करते दिखे.

वेस्टइंडीज दौरे के बाद भारतीय क्रिकेट टीम का चयन दक्षित अफ्रीका के खिलाफ होने वाले टी-20 के लिए किया गया. उसमे भी धोनी का चयन नहीं किया गया. यहां भी चयनकर्ताओं का वहीं घिसा पिटा बयान आया कि धोनी उपलब्ध नहीं है. जबकि यहां भी सच्चाई छिपाई गई. अब धोनी को लेकर कहा जा रहा है कि उनको टीम की चिंता है इसलिए वो संन्यास नहीं ले रहे. मतलब कि धोनी को लगता है कि अभी तक उनके जगह पर कोई परफेक्ट खिलाड़ी नहीं आया इसलिए वो संन्यास नहीं आया. लेकिन धोनी को और टीम दोनों को एक दूसरे के बगैर रहने की आदत डालती होगी. इस बात में कोई शक नहीं है कि धोनी महान खिलाड़ी है लेकिन मुझे याद सुनील गावस्कर की एक बात याद आती है उन्होंने कहा था कि आपको तब संन्यास ले लेना चाहिए जब लोग ये कहने लगें कि ये संन्यास कब लेगा. मसलन की धोनी को अब खुद संन्यास की घोषणा कर देनी चाहिए.

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धोनी के मन में क्या है ये तो महज धोनी ही जानते हैं लेकिन मेरे अनुसार धोनी टी-20 विश्व कप के बाद संन्यास की घोषणा जरुर करेंगे. धोनी हमेशा से चौंकाने वाले फैसले लेते रहे हैं. जब उन्होंने कप्तानी छोड़ी थी तभी भी चौंका दिया था उसके बाद क्रिकेट के मैदान पर भी उनके कई निर्णय चौंकाने वाले होते हैं. फिलहाल वक्त यही कह रहा है कि धोनी को संन्यास ने लेना चाहिए.

VIDEO: 38 साल के हुए धोनी, टीम ने यूं मनाया जश्न

7 जुलाई, 1981 को जन्मे भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी 38 साल के हो गए हैं. पूरे देश में धोनी के फैंस ने धूमधाम से उनका जन्मदिन मनाया और पार्टी की. खुद धोनी ने पत्नी साक्षी, बेटी जीवा और अपनी पूरी टीम के साथ जन्मदिन का केक काटा और जमकर सेलिब्रेशन किया. इस सेलिब्रेशन की फोटोज और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. जिनमें धोनी मस्ती के मूड में नजर आ रहे हैं. धोनी इन दिनों वर्ल्ड कप के लिए इंग्लैंड में हैं.

विराट ने कहा- बड़े भाई की तरह….

विराट कोहली ने भी धोनी को जन्मदिन की बधाई दी और कहा कि आप टीम में बड़े भाई की तरह हैं. खबर है 2019 का वर्ल्ड कप धोनी का आखिरी वर्ल्ड कप होगा क्योंकि इसके बाद वो क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे. ज्ञात हो कि धोनी पर फिल्म भी बन चुकी है जिसमें उनकी पूरी कहानी को दिखाया गया था. धोनी भारतीय टीम के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से हैं और इनकी निजी जिंदगी भी काफी रोमांचक भरी है ये बात तो फिल्म ‘एमएस धोनी- ए अनटोल्ड स्टोरी’ से सबको पता ही चल गई होगी.

 

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You just have to say something says cutie #zivadhoni ❤❤❤❤

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धोनी का विनिंग छक्का…

याद होगा जब 2011 में वर्ल्ड कप में धोनी ने लास्ट में छक्का मारकर इंडिया को जिताया था. उस वक्त टीम इंडिया में वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, आशीष नेहरा जैसे क्रिकेटर टीम में थे और महेंद्र सिंह धोनी इस टीम की कप्तानी कर रहें थे. वे दिन कोई नहीं भूल सकता जब इंडिया विश्वकप जीती थी.

कैप्टन कूल…

कैप्टन कूल के नाम से मशहूर महेंद्र सिंह धोनी जब फील्ड पर उतरते थे तो लोग कहते थें धोनी धो डाल और आज भी उनका खेलने का अंदाज बेहद अलग है. टीम इंडिया को धोनी के रूप में बहुत ही मजबूत और दमदार खिलाड़ी मिला है, जो फील्ड पर उतरते ही चौके छक्के की लड़ी लगा देता था. धोनी को पद्मभूषण से सम्मानित भी किया गया है. भारतीय क्रिकेट का इतिहास धोनी द्वारा रचा गया है.

2011 में जब इंडिया ने विश्वकप जीता था तो सचिन तेंदुलकर ने उनकी तारीफ करते हुए कहा था की महेंद्र सिंह धोनी एक दमदार कप्तान है, जिनके अंडर में मैंने खेला है. मैंने ऐसी कप्तानी अपने 22 साल के करियर में नहीं देखी. अब तक धोनी 90 टेस्ट, 348 वन-डे और 98 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. उनकी बल्लेबाजी भले ही आज उतना कमाल न दिखाती हो लेकिन उनका अब तक का रिकौर्ड काफी अच्छा रहा है.

 

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Happy Bday ❤️

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फिल्मी है लव स्टोरी…

अगर उनके निजी जिंदगी की बात की जाए तो उनकी शादी की कहानी भी काफी दिल्चस्प रही है. महेंद्र सिंह धोनी के जीवन पर बनी फिल्म ‘एमएस धोनी-ए अनटोल्ड स्टोरी’ में धोनी और साक्षी की पहली मुलाकात एक फाइव स्टार होटल में होना दिखाया गया है. लेकिन ये सच नहीं है. महेंद्र सिंह धोनी और साक्षी एक दूसरे को बचपन से जानते थे. दोनों की मुलाकात हुई, दोस्ती हुई और फिर शादी हो गई. आज उनकी एक बेटी है. मार्च 2008 में दोंनों ने एक दूसरे को डेट करना शुरू किया था. इसके बाद साक्षी टीम इंडिया के कप्तान के जन्मदिन में भी शामिल हुईं. रिलेशन में आने के बाद भी किसी को नहीं पता चला था कि दोनों रिलेशन में हैं लेकिन एक दिन तो सच सबको पता चलना ही था. कुछ ऐसी ही बहुत सी बातें है धोनी के बारे में जिनको जान कर आपको हैरानी होगी.

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साक्षी धोनी और अनुष्का का वो रिश्ता जिसके बारे में नहीं जानते लोग

अनुष्का शर्मा और साक्षी धोनी भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े खिलाड़ियों से शादी की है. पर इन दोनों के बीच एक और चीज है जो दोनों को जोड़ती है, जो दोनों के बीच में कौमन है.

इस खबर में हम आपको दोनों के बीन का एक बेहद खास कनेक्शन बताएंगे. क्या आपको पता है कि दोनों एक समय में स्कूलमेट्स थीं? दोनों के बचपन से जुड़ी इस बास का खुलासा ‘Quora’ के जरिए हुआ.

असल में अनुष्का के पिता कर्नल अजय कुमार खर्मा का ट्रांसफर असम में हुआ था. उस वक्त अनुष्का का एडमिशन ‘सेंट मैरी स्कूल, मार्गरीटा’ में करवाया गया था. उस वक्त साक्षी उसी स्कूल में थीं. इस तस्वीर में आप देख सकते हैं कि अनुष्का और साक्षी एक फैंसी ड्रेस प्रोग्राम के लिए तैयार हुई हैं. फेयरी वाली ड्रेस में साक्षी हैं. वहीं अनुष्का ने पिंक लहंगा पहना है.

sakshi dhoni and anushka sharma classmates

आपको बता दें कि अनुष्का ने साक्षी के साथ अपने इस कनेक्शन का जिक्र साल 2013 में एक इवेंट के दौरान किया था. अनुष्का ने कहा था कि, ‘साक्षी और मैं एक छोटे शहर में साथ रहे हैं. जब उन्होंने मुझे बताया कि वह असम में रहीं तो मैं कहा ‘Wow’ और जब उन्होंने स्कूल का नाम बताया तो मैंने उन्हें बताया कि मैं भी उसी स्कूल में पढ़ी हूं.’

sakshi dhoni and anushka sharma classmates

अनुष्का ने बताया ये जानने के बाद जब उन्होंने ढूंढा तो उन्हें स्कूल की एक तस्वीर मिली जहां वह साक्षी के साथ हैं. ये वही तस्वीर है.

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