जो भाजपा सत्ता के बाहर रहते हुये विरोधी दलों के नेताओं को चूडियां और साडी भेंट कर अपना विरोध प्रदर्शन करती थी उसे आज दलित संगठनों का योगी आदित्य नाथ के लिये गुजरात से आया साबुन भेंट करना पंसद नहीं है.