बेहतर सेक्स ड्राइव के लिए क्या करना चाहिए?

सवाल

मेरी उम्र 28 वर्ष है. जल्दी ही मेरी शादी होने वाली है. मैं शादी के लिए बहुत एक्साइटिड हूं. मुझे ऐसा क्या खानापीना चाहिए जिस से मेरी सैक्स ड्राइव बेहतर हो?

मैं कैसे पता करूं कि कोई लड़का मुझे पसंद करता है?

जवाब

हैल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि बेहतर सैक्स ड्राइव के लिए पुरुषों को कुछ चीजें हर दिन खानी चाहिए. ये सुपरफूड से कम नहीं. हरी पालक एक ऐसी चीज है जो अकेले तीन सब्जियों के बराबर है. ये पुरुषों की कार्यक्षमता को बेहतर करती है. कोई जरूरी नहीं कि सब्जी के तौर पर ही खाएं. इसे प्रोटीन शेक या स्मूदी में मिला कर भी पी सकते हैं.

बादाम में भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम सामान्य मांसपेशियों और तंत्रिका को सक्रिय बनाए रखता है. ये ऊर्जा बनाने में कोशिकाओं की मदद करता है. दही का सेवन रोज करें. इस में कैल्शियम की मात्रा हड्डियों को मजबूती देती है. आप रोजाना एक्सरसाइज करते हैं तो आलू खा सकते हैं. आलू में पाया जाने वाला कार्बोहाइड्रेट शरीर में एनर्जी देता है जिस की वजह से शरीर में ऊर्जा महसूस होती है.

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अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz

 सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

पति से परेशान,जब पत्नी करती है अग्नि स्नान!

पहली घटना-
राजधानी रायपुर के वीआईपी कॉलोनी में एक संभ्रांत महिला में पति की प्रताड़ना से परेशान होकर अंततः अग्नि स्नान कर आत्महत्या कर ली. सुसाइड नोट से सच्चाई हुई उजागर.

दूसरी घटना-
जुआरी और शराबी पति के नित्य प्रतिदिन के प्रताड़ना और प्रकोप को झेलते झेलते एक नवविवाहिता ने किरोसीन तेल से आग लगाकर घर पर ही आत्महत्या कर ली.

तीसरी घटना-
अपने दो बच्चों के साथ एक महिला ने पति से परेशान होकर अंततः अग्नि स्नान कर लिया. बच्चों के साथ साथ महिला की भी अग्नि स्नान में मौत हो गई. दोषी पति पर पुलिस ने किया मामला दर्ज.

इन दिनों ये खबरें सुर्खियों में हैं – कोई महिला अग्नि स्नान कर रही है अथवा जहर खाकर आत्महत्या कर रही है. हमारे सामाजिक ढांचे में यह एक कटु सत्य है कि महिला अपने पति को भगवान का दर्जा देती है और विवाह को सात जन्मों का बंधन माना गया है. ऐसे में जब पुरुष अपनी  पत्नी पर अत्याचार करने लगता है तो महिला के सामने आगामी जिंदगी में अंधेरा ही अंधेरा होता है.और वह एक बहुत बड़ी गलती करके आत्महत्या का रास्ता अख्तियार कर लेती है.आज हम इस रिपोर्ट में आपको ऐसे ही घटनाक्रम से रूबरू कराते हुए बताना चाहेंगे कि महिलाओं के सामने आत्महत्या अग्नि स्नान अथवा जहर खाकर आत्महत्या से आगे दरअसल, एक खुशहाल जिंदगी इंतजार कर रही होती है…

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और पुलिस ने की कठोर कार्रवाई
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आमतौर पर पत्नी के आत्महत्या करने के पश्चात मामला रफा-दफा हो जाता है मगर छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला की पुलिस ने एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है जो अपने आप में महत्वपूर्ण है दरअसल, हुआ यह कि शराबी पति की मारपीट से तंग आकर पत्नी के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपी पति को गिरफ्तार कर अभियोग पत्र के साथ न्यायालय में पेश कर दिया. पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. ग्राम गुड़ेली, थाना सारंगढ़ निवासी 27 वर्षीय बीना सिदार ने अपने घर में केरोसीन डालकर आग लगा ली थी, जिसकी इलाज के दौरान  रायगढ़ के केजीएच अस्पताल में मौत हो गई थी. मर्ग की जांच में मृतिका अपने पति आरोपी लोचन सिदार के शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर और आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित किए जाने पर केरोसीन डालकर स्वयं को आग लगाकर आत्महत्या करना पाया गया. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जो कार्रवाई की उसकी समाज में सकारात्मक प्रतिक्रिया हुई है .
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जुआ और शराब महत्वपूर्ण कारक
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महिलाओं की आत्महत्या के अनेक प्रकरण की गहराई से पड़ताल करने पर यह तथ्य सामने आता है कि इसके पीछे पति की जुआ और शराब की लत हुआ करती है ऐसी ही एक घटना छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला के थाना बांकीमोंगरा के गजरा में घटी पुलिस के अनुसार  जयपाल  की पत्नी पिंकी बाई उम्र 24 ने पति की शराब और जुआ की लत से तंग आकर मिट्टी का तेल डालकर खुद को आग लगा दी आग से उसके दोनों बच्चे 2 वर्षीय बेटा  और 5 वर्षीय बेटी  भी झुलस गये. आसपास के लोगों ने आग बुझाकर सबको अस्पताल पहुंचाया वहां दोनों बच्चों की मौत हो गई. पुलिस ने पत्नी के बयान के आधार पर पति के ऊपर कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया.
ऐसे मामलों की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी इंद भूषण सिंह के   मुताबिक मेरे 30 वर्ष के कार्यकाल में अनेक मामले ऐसे जांच में आए हैं जिम में महिलाओं ने आत्महत्या कर ली इसका प्रमुख कारण था पुरुषों का अवैध संबंध, जुआ अथवा शराब की लत. साथ ही पत्नी और बच्चों के साथ प्रताड़ना करना ऐसे पुरुष अपने परिवार को प्रताड़ित करने के कारण एक तरह से अपना जीवन तबाह कर लेते हैं.”
उच्च न्यायालय के अधिवक्ता डॉ उत्पल अग्रवाल के अनुसार ऐसे मामलों में  पुरुष  दोषी होते हैं और अंततः सजा भुगतते हैं.
पिंकीबाई की हालत नाजुक बनी हुई है अस्पताल में पुलिस को दिये बयान में बताया कि उसका पति जुआ शराब का आदी है, इस कारण वह घर से बचत के पैसे भी ले जाता था विरोध करने पर मारपीट करता था, इससे तंग आकर अग्नि स्नान किया है.

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मैं बीवी को खुश करने के लिए ताकत की गोलियां खाता हूं, क्या ऐसा करना सही है?

सवाल
मैं 39 साल का हूं और मेरी बीवी 20 साल की है. मेरी सेहत अच्छी है, पर बीवी को पूरा मजा देने के लिए 7 दिनों में एक बार सैक्स की गोली खाता हूं. क्या यह ठीक है?

जवाब

बेवजह सेक्स की दवाएं खाना सेहत के लिए घातक होता है. 19 साल छोटी बीवी को बगैर दवा के भी खुश किया जा सकता है.

आज कल लोगों में सेक्स टाइमिंग को लेकर कई तरह की बातें होती है और इसी वजह से लोग वियाग्रा का उपयोग करते ताकि उनकी सेक्स करने पावर बढ़ जाती है. कई वैज्ञानिको और डॉक्टर्स के 30000 पुरुषों पर किये गए अध्यन के दौरान पता चला की जो पुरुष इरेक्टाइल डिस्फंक्‍शन की समस्‍या के लिए वियाग्रा का इस्‍तेमाल करते है, उनके शरीर में मेलेनोमा का स्तर उच्‍च होता है जो कि जानलेवा होता है. लेकिन इसके एक खुराख प्रतिदिन लेने से आपको ज्यादा नुकसान तो नहीं होता है लेकिन ये आपको कई रोगों से घेर लेती है है और इसकी ली गई खुराक और आवृत्ति मेलेनोमा जोखिम से जुड़ी है.

वियाग्रा के उपयोग से आपको सेक्स करने का मज़ा तो आता ही लेकिन इसके उपयोग से आप अंधे हो सकते है क्योंकि जिन लोगों ने वियाग्रा का प्रयोग किया है रंग का अंधापन आ जाता है वियाग्रा के साइड इफेक्ट के कारण अचानक अँधा होने की नौबत आ जाती है और इससे सब कुछ धुंधला दिंख्ने लगता है और नीला और हरा रंग के बीच का अंतर रोगी को नहीं दीखता है जिससे उसे कलर ब्लाइंडनेस की समस्या हो जाती है क्योंकि वियाग्रा के सेवन आँखों की ऑप्टिक तंत्रिका में रक्त प्रवाह के अवरुद्ध हो जाता है जिससे यह अंधापन धीरे धीरे बढ़ता ही चला जाता है.

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वियाग्रा के सेवन आंखों पर ही नहीं कानों पर भी इसका बुरा असर पड़ता है, वियाग्रा सेवन करके के बाद आपको खुद को आसमान में महसूस करते हो लेकिन क्या आप जानते है आसमान से गिरे और खजूर में अटके का अर्थ वो यही है की आप अपनी सेक्स टाइमिंग की समस्या को दूर कर देते है लेकिन वियाग्रा के साइड इफ़ेक्ट इतने बुरे है की यह आपको पूर्णतः बेहरा बना देता है और अचानक ही आपकी जो सुनने की शक्ति वो चली जाती है. और आप वियाग्रा के उपयोग से  आप ठीक तरह से तेज आवाज भी नहीं सुन पाते है.

सीने में दर्द में होना एक आम बात है लेकिन यदि आप वियाग्रा का सेवन कर रहे है तो यह आपके लिए काफी नुकसान दायक है और इसे पीडीइ5 इन्हिबिटर्स और नाइट्रोग्लिसरीन (दिल की समस्याओं के लिए दवाओं) का मिश्रण इसी तरह की अन्‍य दवाओं के सेवन के साथ रक्तचाप में अचानक खतरनाक गिरावट का कारण बनता है इसलिए अन्‍य दवाओं के साथ वियाग्रा को लेने से पहले अपने डॉक्‍टर से सलाह लें.और वियाग्रा आपके इरेक्‍शन के समय को बढ़ा देती है, जिससे हालत दर्दनाक हो सकती है. दुर्लभ मामलों में, इरेक्‍शन दर्दनाक और लंबे समय यानी 4 या उससे अधिक घंटे तक हो सकता है. इसलिए वियाग्रा के उपयोग को रोककर तुरंत चिकित्‍सा सहायता लें, नहीं तो यह समस्‍या स्‍थायी हो सकती है.

वियाग्रा के सेवन करने से आपको कई प्रकार की समस्याएं होती है जैसे  सांस लेने में कठिनाई और चेहरा, होंठ, जीभ, या गले की सूजन आदि जैसी कठिनाई होने पर किसी भी प्रकार की एलर्जी आपको होती है तो बिलकुल भी देर न करें और तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ क्योंकि कुछ समस्यांए ऐसे होती है जिनका इलाज बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं हो सकता है. वियाग्रा के सेवन के बाद कई बार लोगो सेक्स करते समय चक्कर और मतली भी आने लगती है जो सिर और शरीर दोनों को ही काफी नुकसान पहुँचता है.वियाग्रा के साइड इफ़ेक्ट के कारण मर्दानगी भी ख़त्म होती है.आज कल लोगों में सेक्स टाइमिंग को लेकर कई तरह की बातें होती है और इसी वजह से लोग वियाग्रा का उपयोग करते ताकि उनकी सेक्स करने पावर बढ़ जाती है.

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“दूसरी औरत” और सड़क पर हंगामा

“पति पत्नी और वह” फिल्म तो आपने देखी होगी. बड़े ही शालीनता के साथ पति पत्नी और दूसरी औरत का रिश्ता इस बॉलीवुड की मूवी में दिखाया गया है. मगर ऐसा हमेशा नहीं होता. अक्सर “दूसरी औरत’ के चक्कर में पत्नी चंडी और कभी-कभी रण चंडी भी बन जाती है. और तब ऐसा हंगामा होता है कि देखने वाले देखते रह जाते हैं . ऐसा ही किस्सा विगत दिवस छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर वीआईपी कॉलोनी में घटित हुआ जब.  एक व्यक्ति दूसरी महिला के साथ कार में उसेद दिख गया.महिला ने गुस्से में आकर कार की विंडो स्क्रीन पर हमला किया.महिला बार-बार कार के विंड स्क्रीन पर हमला करने लगी. धर्मपत्नी गुस्से में कार के बोनट पर  चढ़ गई और अपनी चप्पल से कार के शीशे पर वार कर रही थी. जब हंगामा बढ़ने लगा मजबूर  पतिदेव कार से बाहर आया. अब तो धर्म पत्नी ने पतिदेव का कॉलर पकड़ लिया और हाथ पांव चलाने लगी.

काफी देर तक हंगामा चलता रहा और लोगों का हुजूम आ जुटा. ऐसी कुछ घटना है आज हम आपको बताने जा रहे हैं और साथ ही उसके सार स्वरूप यह तथ्य भी की पुरुषों को ऐसी स्थितियों से बचना चाहिए.

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पहला मामला-भिलाई के  दुर्ग जाने वाले मार्ग में जुलाई महीने में ही एक श्रीमतीजी ने अपने पति को दूसरी महिला के साथ बाइक पर देख लिया आपत्तिजनक स्थिति में देखते ही उसका पारा चढ गया और पतिदेव को रोककर उसने साथ बैठी महिला पर हमला कर दिया.और फिर बीच सड़क पर हंगामा हो गया. बीच बचाओ करने पुलिस पहुंची तब मामला शांत हुआ.

दूसरा मामला-औद्योगिक नगर कोरबा में एक बड़े अफसर की भद पिट गई जब उसकी धर्मपत्नी ने उसे रंगे हाथ उसकी सहेली के साथ पकड़ लिया. इसका वीडियो भी बन गया और घटनास्थल पर जो हंगामा हुआ वह चर्चा का सबब बन गया.

तीसरा मामला-छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी बिलासपुर में एक पति देव अपनी सहेली के साथ होटल में धर्मपत्नी को ही पकड़ में आ गया और फिर हुआ जोरदार हंगामा. जिसमें पतिदेव की सहेली की खूब पिटाई हुई और वह देख कर देख कर भाग खड़ी हुई.

ऐसी अनेक घटनाएं अक्सर घटित हो जाती हैं और यह संदेश दे जाती हैं की पति पत्नी और वह के बीच “वह” दोनों के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है.

पति आखिर यह “गलती” क्यों करता है?

पति पत्नी और वह का किस्सा संभवत दुनिया का सबसे पुराना किस्सा है जो चला आ रहा है और चलता रहेगा. जब जब पुरुष फिसलता है तब तब ऐसी परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं कि परिवार टूट जाते हैं. ऐसे में समझदारी तो यह कहती है कि पुरुष को “एक पत्नी व्रत धारी” होना चाहिए.

अक्सर पुरूष अपने नैसर्गिक, प्राकृतिक स्वभाव के कारण दूसरी महिलाओं को देखकर फिसल जाता है और अगर महिला भी उसी स्वभाव की हुई तो फिर कहानी आगे बढ़ती है. निसंदेह ऐसे मामलों में गलती दोनों पक्षों की होती है.

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जहां पुरुष को अपनी सीमाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए वहीं महिलाओं को भी यह समझकर कदम आगे बढ़ाना चाहिए साथी पुरुष शादीशुदा तो नहीं है उसे धोखा तो नहीं दे रहा है. क्योंकि ऐसे हालात में पुरुष का तो कुछ भी नहीं बिगड़ता मगर महिला की अपनी इज्जत सम्मान के साथ  धोखा होता है तो उन्हें लगता है कि वह लुट गई हैं और कहीं के नहीं रही. दोनों ही स्थितियों में महिला को कथित सहेली को ही दर्द और पीड़ा सहनी पड़ती है.

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वीके शुक्ला के अनुसार उनके लगभग 40 वर्ष के प्रैक्टिस में अनेक मामले उनके पास ऐसे आए हैं जिसमें परिवार दूसरी महिला के प्रवेश के बाद  टूटन की दहलीज पर पहुंच गए. ऐसी परिस्थितियों में जो कि निस्संदेह विकट होती है परिवार टूटने के कगार पर पहुंच जाता है और यहां एक अधिवक्ता, लायर का कर्तव्य हो जाता है किसी तरह परिवार बचा पाए. मनोविज्ञान विशेषज्ञ डॉक्टर जीआर पंजवानी के अनुसार पति पत्नी और वह के बीच जब मामला भयावह रूप धारण कर लेता है तब विकट स्थिति पैदा हो जाती है. एक सामाजिक डॉक्टर के रूप में मैं तो हमेशा यही सलाह देता हूं कि दोनों ही पक्षों को ऐसी परिस्थितियों में समझदारी का परिचय देना चाहिए. पुरुष को अपनी गलती स्वीकार कर लेनी चाहिए और वह के प्रति तोबा कर लेनी चाहिए. वही धर्मपत्नी का भी कर्तव्य है की पति को एक मौका देते हुए, परिवार को टूटने से बचाना चाहिए.

पति की मार को प्यार समझती पत्नियां

एक तरफ औरतों के हालात में सुधार लाने के लिए दुनियाभर में कोशिशें की जा रही हैं, घरेलू हिंसा को पूरी तरह बंद करने के लिए कोशिशें हो रही हैं, इस के बाद भी हमारे देश में आज भी कुछ पत्नियां पति से पिटाई होने को भी प्यार की बात समझती हैं.

समाज पर मर्दवादी सोच की छाप के चलते कुछ औरतें पति से मार को प्रसाद के रूप में ग्रहण करती हैं. और तो और वे यह सोचती हैं कि अगर उन के पति उन्हें मारतेपीटते नहीं हैं, तो वे उन से प्यार नहीं करते हैं.

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भले ही शारीरिक हिंसा के दौरान पैर, हाथ समेत शरीर के दूसरे अंगों में फ्रैक्चर हो जाए, लेकिन यह बहुत आम बात है. सब से ज्यादा चिंता की बात यह है कि सरकार इस तरह की हिंसा को बंद करने के लिए कानून भी बना चुकी है और सजा का प्रावधान भी है, लेकिन कुछ औरतों या समाज पर इस का कोई असर नहीं पड़ रहा है.

अभी हाल की ही घटना है. कुछ दिनों के लिए मेरा बिहार में रहना हुआ था. वहां अकसर पड़ोस से शाम के समय एक पड़ोसन के चीखनेचिल्लाने की आवाजें आती थीं. एक बार दिन के समय मेरा अपनी उस पड़ोसन से आमनासामना हो गया और धीरेधीरे बोलचाल भी शुरू हो गई. जल्द ही वह पड़ोसन काफी घुलमिल गई. लेकिन मु झे यह जान कर हैरानी हुई कि आज के समय में भी पढ़ेलिखे लोगों में भी यह सोच हो सकती है.

उस पड़ोसन के मुताबिक, अपने पति से रोज की मारपीट की अब उस को आदत हो गई है. ऐसा कोई दिन नहीं जाता, जब पड़ोसन के पति ने उस की धुनाई न की हो.

उस ने अपनी बात को सही साबित करने के लिए यह भी बोला, ‘‘मेरे साथ की कुछ जानकार औरतों को तो लातघूंसों और गालियों का प्रसाद मिलता ही रहता है. 7 साल पहले सिर पर भारी कर्ज उठा कर पिता ने मेरी शादी की थी. 5 तरह की मिठाइयां अलग से बनवाई थीं और अपनी बिरादरी के लिए भोज रखा था. दानदहेज भी खूब दिया था.’’

पिछले 7 सालों में पति ने सिर्फ लिया हो, ऐसा नहीं था. उस ने रचना के शरीर पर ढेरों निशान और 2 बेटियों का तोहफा दे दिया था.

मैं ने पूछा ‘‘क्यों बरदाश्त करती हो इतना?’’

उस पड़ोसन ने बड़ा अजीब सा जवाब दिया, ‘‘हमारी मां, दादी, बूआ, मौसी ने हम लड़कियों को बताया था कि उन के पति उन को कैसे पीटते थे. वे उन का प्यार मान कर गृहस्थी चलाती रहीं. पति खुश रहता है तो घर में बिखराव नहीं होता. वही हम कर रहे हैं. ऐसे घर टूट कर नहीं बिखरते.’’

मैं ने कहा, ‘‘यह तो पागलपन है.’’

पड़ोसन ने अपनी मजबूरी जताते हुए कहा, ‘‘मैं अगर पिटाई की खिलाफत करूंगी, तो मेरा पति मु झे छोड़ देगा.’’

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फख्र समझती हैं

इस सिलसिले में जब एक गैरसरकारी संस्था से बात की गई तो पता चला कि पत्नियों की पिटाई कुछ तबकों में इस कदर स्वीकार की जा चुकी है कि इसे दूर करना बेहद मुश्किल हो जाता है. कोईकोई पति तो जितनी बेरहमी से पिटाई करता है, उस की पत्नी सम झती है कि वह उस से उतना ही ज्यादा प्यार करता है. उन को अपने पति से पिटने में कोई शर्म नहीं आती, बस उन की कोशिश रहती है कि घर की बात घर में रहे.

ये औरतें जब आपस में मिलती हैं, तो इस तरह से दिखाती हैं जैसे उन का पति उन्हें कितना प्यार करता है. उन के पति से ज्यादा बढि़या पति शायद किसी दूसरी औरत का हो, जबकि हकीकत में हर औरत एकदूसरे की कहानी जानती है.

तलाक का खौफ

जानकारों का कहना है कि ऐसी औरतें तलाक से बचने के लिए पति के जोरजुल्म को खुशी से सहती हैं. एक

35 साला औरत ने बताया कि उस का पति घर की छोटी से छोटी बातों में दखल देता है और खिलाफत करने पर उसे बेरहमी से पीटता है. कभीकभार

तो इतनी बुरी तरह से मारता है कि पूरा शरीर दर्द से कराह उठता है. लेकिन उसे बिलकुल बुरा नहीं लगता.

‘‘जहां प्यार होगा, वहीं तो तकरार होगी,’’ वह औरत हंसते हुए बोलती है. वह अपने पति से बेहद खुश है.

डर है बेबुनियाद

सीमा नाम की एक औरत का तलाक हो चुका है. हालांकि यह सबकुछ इतना आसान भी नहीं था. उस ने बताया, ‘‘मु झे कुछ दिनों तक क्या महीनों तक यही लगा जैसे सबकुछ खत्म हो चुका है. अब मेरी जिंदगी आगे बढ़ ही नहीं सकती. वह खत्म हो गई है, लेकिन आज मेरा खयाल बदल चुका है.

‘‘आज मैं यह कह सकती हूं कि वक्त चाहे अच्छा हो या फिर बुरा, कुछ न कुछ सिखाता ही है. तलाक ने भी बहुतकुछ सिखाया है.

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‘‘तलाक के बाद सब से बड़ी सीख यह मिली है कि किसी एक इनसान के नहीं होने से दुनिया खत्म नहीं हो सकती.’’

अपने ब्रेस्ट की वजह से मुझे काफी शर्मिंदगी का अहसास होता है, मैं क्या करूं?

सवाल
मेरी उम्र 16 साल है. मेरी समस्या यह है कि मेरे ब्रेस्ट बहुत भारी है जिस कारण मुझे बहुत अनकंफर्टेबल लगता है. इस की वजह से मैं अपने दोस्तों से ज्यादा मिल भी नहीं पाती और अपनी पसंद के कपड़े भी नहीं पहन पाती. कृपया उपाय बताएं?

जवाब
आकर्षक वक्षस्थल हर युवती की चाह होती है. इन का बहुत बड़ा होना जहां अनकंफर्टेबल लगता है वहीं सौंदर्य पर भी असर पड़ता है. आकर्षक वक्षस्थल सैक्सुअली अट्रैक्शन बढ़ाता है. आप को अपने शरीर की अतिरिक्त वसा कम करने की जरूरत है साथ ही ऐरोबिक्स, जौगिंग जैसी ऐक्सरसाइज कीजिए, तेज चलना, साइकिल चलाना आदि इस से भी आप ब्रैस्ट के आकार को कम कर सकती हैं. इस से आप का सौंदर्य भी निखरेगा.

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