कार्तिक आर्यन ने आम लोगों के साथ किया प्लेन में ट्रैवल लेकिन बन गए ट्रोलर्स का निशाना

इन दिनों कार्तिक आर्यन अपनी आने वाली फिल्म सत्यप्रेम की कथा का लेकर सुर्खियों में है वो अपनी फिल्म के प्रमोशन में बीजी चल रहे है ऐसे में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसे देख कुछ लोग उनकी तारीफे कर रहे है तो कुछ लोग उन्हे ट्रोल कर रहे है.

आपको बता दें, कि कार्तिक आर्यन की ये फिल्म 29 जून को रीलिज होने जा रही है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए कार्तिक पूरी कोशिश में लगे हुए है. हाल ही में कार्तिक को इंडिगो एयरलाइन में इकोनॉमी क्लास में उड़ान भरते देखा गया. लोगों ने जब उन्हें अपने बीच देखा, तो खुशी से गदगद हो उठे. एक्टर का मुंबई में लैंड करने से पहले ही फ्लाइट वाला वीडियो वायरल हो गया.वीडियो शेयर किया गया है.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)

कियारा अडवाणी (Kiara Advani) भी लगभग उसी समय मुंबई एयरपोर्ट पहुंची थीं, लेकिन वीडियो में उनकी झलक नहीं दिख रही. इससे ये साफ है कि उन्होंने इकोनॉमी क्लास में ट्रैवल नहीं किया. विरल भयानी ने कार्तिक का वीडियो इस कैप्शन के साथ शेयर किया, ‘क्या सच में!!! कार्तिक आर्यन ने आज इंडिगो फ्लाइट के इकोनॉमी सेक्शन में अपनी जर्नी का आनंद लिया, कहना होगा कि पैसेंजर्स लकी रहे होंगे.’

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)

कार्तिक आर्यन के इकोनॉमी क्लास में ट्रैवल करने को कुछ लोगों ने तारीफे की है, तो कुछ ने इसे पब्लिसिटी स्टंट बताया है. वीडियो पर कई तरह के कमेंट्स आए हैं। एक यूजर ने लिखा, “हां ये रियल है क्योंकि नई मूवी रिलीज होने वाली होगी शायद.” एक अन्य ने लिखा, ”प्रमोशन्स के टाइम पर बहुत हंबल नेचर हो जाता है.” इसी तरह एक यूजर ने कमेंट किया, ”मूवी को हिट कराने के लिए अब आम आदमी का दिखावा करेगा.”

वहीं, कुछ लोगों ने कार्तिक के लिए अच्छी बातें भी लिखी हैं. एक यूजर ने लिखा, ”आखिरकार वह भी एक सिटिजन है.” दूसरे पर्सन ने अपना ओपिनियन शेयर किया, ”सेलिब्रिटी इंडिया में नॉर्मल लाइफ जीना चाहते हैं, लेकिन मीडिया उन्हें ऐसा करने नहीं देना चाहती.’

Bigg Boss OTT2: मनीषा रानी से पहले यूपी-बिहार की इन 6 एक्ट्रेस ने मचाया था धमाल

बिग बॉस ओटीटी2 इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है शो में एक से बढकर एक कंटेस्टेंट है. जो कि दर्शकों का दिल जीतने में लगे हुए है ऐसे में शो में कई ऐसी हसीनाएं है जो कि शो की लाइमलाइट में बनी हुई है जी हां, मनीषा रानी इन दिनों चर्चा में चल रही है वह बिहार की रहने वाली है और शो में खूब एंटरटेन कर रही है. इतना ही नहीं, मनीषा पर सलमान खान भी फिदा होते नजर आए है वही, मनीषा से पहले ऐसी कई हसीनाएं बिग ब़ॉस में आ चुकी है जिन्होंने अपन जलवे बिखेरे है. तो आइए बताते है ऐसी कौन सी हसीनाएं है जिन्होने दर्शकों के दिल पर राज किया.

1. मनीषा रानी

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Manisha Rani (@manisharani002)

सलमान खान के शो बिग बॉस ओटीटी 2 की मनीषा रानी की तुलना शहनाज गिल से होने लगी है. लोगों की मानें तो मनीषा, उनसे भी ज्यादा एंटरटेनिंग हैं. मनीषा रानी बिहार के मुंगेर की रहने वाली हैं.

2. अक्षरा सिंह

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Akshara Singh (@singhakshara)

भोजपुरी इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस अक्षरा सिंह आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है. वो बिग बॉस ओटीटी के पहले सीजन में नजर आई थीं. वो बिहार के पटना की रहने वाली हैं.

3. अर्चना गौतम

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Archana Gautam (@archanagautamm)

बिग बॉस 16 की स्टार कंटेस्टेंट अर्चना गौतम ने ऐसा धमाल मचाया था कि सभी उनके फैन हो गए थे.अर्चना गौतम यूपी के मेरठ की रहने वाली हैं.

4. श्वेता तिवारी

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Shweta Tiwari (@shweta.tiwari)

बिग बॉस सीजन 4 की विनर श्वेता तिवारी उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं. वो हर मामले में बॉलीवुड एक्ट्रेसेस को टक्कर देती हैं.

5. पवित्रा पुनिया

 

View this post on Instagram

 

A post shared by PAVITRAA PUNIYA (@pavitrapunia_)

टीवी एक्ट्रेस पवित्रा पुनिया उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं. वो बिग बॉस 14 में नजर आई थीं.

6. रतन राजपूत

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Ratan Raajputh (@ratanraajputh)

रतन राजपूत इन दिनों छोटे पर्दे से दूर हैं. बिहार की रहने वाली रतन राजपूत ने बिग बॉस में धमाल मचा दिया था.

7. ज्योति कुमारी

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Jyoti kumari (@jyotikumari.official)

बिग बॉस 11 की कंटेस्टेंट ज्योति कुमारी भी बिहार की रहने वाली हैं. उन्होंने इस शो में जमकर धमाल मचाया था.

भाजपा लगाएंगी सभी ट्रको में एयरकंडीशनर!

राहुल गांधी से भाजपा कितनी डरती है, यह उन की भारत और अमेरिका में ट्रकों में सफर के वीडियो रीलीज होने के बाद सरकार का ट्रक केबिन को एयरकंडीशंड करने के फैसले से साफ है. नीतिन गडकरी ने आदेश दिया है कि 2025 से सभी ट्रकों में ड्राइवर केबिन में एयरकंडिशनर लगाना जरूरी होगा.

यह लक्जरी नहीं है. ट्रक ड्राइवरों को वैसे गर्मी, बरसात और सर्दी सभी की अच्छी आदत होती है क्योंकि वे मूलत: किसानों के बेटे होते हैं जो हर मौसम में खुले में काम करते हैं. यह तो ट्रकों को एक्सीडेंटों से बचाने का तरीका है. ट्रक ड्राइवर आदतन गर्मी के कारण बदन का पसीना पोंछते रहते हैं और एक हाथ स्टेयङ्क्षरग पर रहता है चाहे स्पीड 80-90 किलोमीटर हो. यह एक्सीडेंट का समय होता है.

12-14 घंटे लगातार ड्राइङ्क्षवग में जो थकान होती है वह एयरकंडीशंड केबिन होने पर जरूर कम हो जाएगी. ट्रक आमतौर पर खुद शोर करते है और ऊपर से यदि खिडक़ी खुली हो तो उन का ध्यान दूसरे बाहर के शोर जाएगा ही एयरकंडीशंड केबिन थोड़े से एक्स्ट्रा दाम में जो बचत करेगा वह कहीं ज्यादा फायदेमंद होगी.

ट्रकों को सुविधाजनक न बनाने के पीछे बड़ी वजह है कि हमारे पौलिसी बनाने वाले उन्हें सूई समझ कर गुलाम का गुलाम समझते हैं. ट्रक इंडस्टी में भी यही लोग भरे हैं और ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री में भी.

ट्रकों में अगर एयरकंडीशंड केबिन की वजह से थोड़े से एक्सीडेंट भी कम होंगे तो आम ऊंची जातियों के लोगों को भी फायदा होगा क्योंकि जिन गाडिय़ों से एक्सीडेंट होते हैं वे तो ऊंची जातियों वाले चला रहे होते हैं या उन में ऊंची जातियों के लोग सवार होते हैं. उन्हें अगर गरीब ड्राइवरों की फिक्र न हो तो अपनी फिक्र के लिए तो वे यह सुविधा दें.

जिस दिन अखबार में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर का यह आदेश छपा था उसी दिन दिल्ली के पास रात 4 बजे एक गाड़ी की सडक़ के बीच खड़ी एक शराब ट्रक से एक्सीडेंट से टक्कर में एक भद्र जन की मौत की खबर छपी है.

आज की तकनीकी ङ्क्षजदगी इस तरह ऊंचीनीची, अमीरगरीब से गुमशुम हो गई है कि सिर्फ इसीलिए कोई सुविधा गरीबों को देने से इंकार नहीं किया जा सकता. देश जो बिखराबिखरा रहता है, पुल टूटते रहते हैं, रेलों के एक्सीडेंट होते रहते हैं, बुलडोजर चला कर कच्चे कमान ढहाए जाते रहते है, बाढ़, तूफान में मरते रहते हैं तो चलिए कि हम साजिश के तौर पर अपने गरीबों को जीने का सलीका ही सिखाते, हमारे यहां उन्हें इस्तेमाल करने की संस्कृति है, इसी का ढोल बजाया जाता है.

ट्रक ड्राइवर अगर कष्ट भोगते हैं तो भोगें. यह उन के पिछले जन्मों के पापों का फल है जिसे वे इस जन्म में भोग रहे हैं. यह सोच ट्रक उत्पादकों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों के मालिकों के मन से नहीं निकलती. मोदी जी ने राहुल गांधी के ट्रक सवारों से सबक तो सीखा पर यह फैसला है दिखावटी ही. होगा कुछ नहीं.

यही सच है: आखिर क्या थी वह त्रासदी?

Story in Hindi

सूरज की ऊर्जा से चलने वाला वाटर प्यूरीफायर : बेहतर भविष्य की ओर सफल कदम

इनसान की एक अनोखी ईजाद सैटेलाइट से भेजी गई तसवीरों में भले ही कहने को धरती के तीनचौथाई हिस्से में नीले रंग का पानी अपनी मौजूदगी दिखाता है, पर एक कड़वा सच यह भी है कि पूरी दुनिया में मौजूद कुल पानी में से महज 0.6 फीसदी पानी ही पीने लायक है, जो नदियों, तालाबों, झीलों आदि में ही मौजूद है. 8 अरब लोगों और धरती के दूसरे प्राणियों व वनस्पति के लिए यह आने वाले महासंकट का संकेत है.

शहरों, कसबों और उन के आसपास के देहाती इलाकों में तो लोग आरओ जैसी करामाती मशीन ने अपने हलक में उतारने लायक पानी जमा कर ही लेते हैं, पर दूरदराज के इलाकों और गरीब बस्तियों में हालात हमारी सोच से भी ज्यादा खराब हैं.

औद्योगिक कचरे ने तो नाक में दम कर रखा है. भारत के केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक, गंभीर प्रदूषण फैलाने वाली तकरीबन 11 फीसदी औद्योगिक इकाइयां नियमों का पालन भी नहीं कर रही हैं. झारखंड में 87 फीसदी और पंजाब में 60 फीसदी गंभीर प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयां बिना किसी शोधन के अपना कचरा नदियों में गिरा रही हैं.

देश में गंभीर प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की संख्या 2,497 है. इन में से 11 फीसदी इकाइयां नियमों का पालन नहीं कर रही हैं, वहीं 84 फीसदी औद्योगिक इकाइयां अकेले 4 राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और गुजरात में मौजूद हैं.

अगर इनसानी गलतियों की वजह से पीने के पानी का यह संकट विकराल हो रहा है, तो इस का हल भी इसी प्रजाति को सोचना होगा. इस दिशा में छोटे प्रयास भी बड़े कमाल दिखाने की उम्मीद जता रहे हैं.

प्रदूषित पानी को साफ करना ही आज की जरूरत है. इसी कड़ी में स्कूली बच्चे भी अपना हुनर दिखा रहे हैं. वे ऐसे प्रोजैक्ट पर काम कर रहे हैं, जिन से प्रदूषित पानी को पीने लायक बनाया जा सके.

श्रीराम मिलेनियम स्कूल, नोएडा के एक छात्र ईशान अवी गुप्ता इसी तरह के एक प्रोजैक्ट से जुड़े हैं, जिस में ऐसा क्लोरक्षार वाटर प्यूरीफायर बनाया गया है, जो सोलर पावर से काम करता है. यह वाटर प्यूरीफायर उन दूरदराज के इलाकों को ध्यान में रख कर बनाया गया है, जहां प्रदूषित पानी तो छोडि़ए, पानी की ही बड़ी किल्लत है.

solar power
solar power

अपने इस प्रोजैक्ट के बारे में छात्र ईशान अवी गुप्ता ने बताया, ‘‘यह सिस्टम इस्तेमाल करने में बड़ा आसान है. मेरी डिवाइस में सोलर पैनल का इस्तेमाल होता है, जिस से बिजली पैदा होती है और फिर इलैक्ट्रोलसिस प्रक्रिया पानी में मौजूद नमक को सोडियम और क्लोरीन 2 हिस्सों में बांट देती है. इसी सोडियम का इस्तेमाल उस पानी में मौजूद नुकसानदायक जीवाणुओं, कीटाणुओं, विषाणुओं और दूसरे गैरजरूरी तत्त्वों को खत्म करने में किया जाता है, जिस से वह पानी पीने लायक हो जाता है.

‘‘मेरा ऐसा ही एक वाटर प्यूरीफायर उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद इलाके में लगा हुआ है. इस से उन लोगों को अपनी घरेलू जरूरतों के लिए पीने का साफ पानी मिल रहा है, जो प्रवासी मजदूर हैं और कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करते हैं.

‘‘इसी तरह ‘मानव मंदिर मिशन ट्रस्ट’ के सहयोग से एक वाटर प्यूरीफायर दिल्ली के सराय काले खां इलाके में बने एक स्कूल में लगा हुआ है और दूसरा दिल्ली के ही मजनू का टीला इलाके में लगाया गया है, जो प्रवासी रिफ्यूजियों को पीने का साफ पानी मुहैया कराता है.’’

ईशान अवी गुप्ता जैसे छात्रों के ऐसे प्रोजैक्ट साफ पानी की समस्या को हल करने में मददगार साबित हो सकते हैं और यह आज की जरूरत भी है.

मेरी गर्लफ्रैंड मुझे बिल्कुल भी टाइम नहीं देती, मैं क्या करूं?

सवाल-

मेरी गर्लफ्रैंड हर समय अपने औफिस के काम में बिजी रहती है. औफिस में तो बात करती नहीं और मैं भी उस पर जोर नहीं डालता लेकिन घर आ कर तो उसे मुझ से बात करनी चाहिए, इस रिलेशनशिप पर थोड़ा ध्यान देना चाहिए. शुरू-शुरू में तो मैं उसे कुछ कह भी देता था लेकिन अब कहने का मन ही नहीं होता.

हमारे बीच दूरियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं. मुझे उस से प्यार है लेकिन ऐसे प्यार का क्या फायदा जिस में केवल मैं ही एफर्ट करता रहूं और वह नहीं. क्या करूं?

जवाब-

पहले तो यह जान लें कि प्यार में इस तरह शर्तें नहीं लगाई जातीं, मैं यह कर रहा हूं वह नहीं कर रही जैसी बातें नहीं की जातीं. हो सकता है वह अपने करियर को ले कर किसी तरह की उलझन में हो या किसी तरह की परेशानी में हो जो आप को न बता रही हो. कहने का मतलब यह है कि आप उस से इतना प्यार करते हैं तो उस से साफ-साफ कह दीजिए कि आप को क्या बुरा लग रहा है. उस से पूछिए कि वह समय क्यों नहीं दे रही या आप को इस तरह नजरअंदाज क्यों कर रही है. हो तो यह भी सकता है कि वह थोड़ा स्पेस चाहती हो.

आप उस से मिलिए और इस बारे में बात कीजिए. वह क्या सोच रही है, क्या चाहती है जानिए और फिर आप को ही रिलेशनशिप में रहना है या नहीं, सोचिए. अगर उस की कन्वीनिएंस के लिए आप को थोड़े ज्यादा एफर्ट्स करने भी पड़ रहे हैं तो कर लीजिए न. आखिर प्यार में ज्यादा एफर्ट्स करने वाली हमेशा लड़की ही क्यों रहे.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

बच्चों की सुरक्षा के लिए सतर्कता जरूरी

7 साल का प्रद्युम्न ठाकुर गुड़गांव के ख्यातिप्राप्त रायन इंटरनैशनल स्कूल की कक्षा 2 का छात्र था. रोजाना की तरह गत 8 सितंबर को मां ने प्यार से तैयार कर उसे पढ़ने के लिए स्कूल भेजा. पिता द्वारा प्रद्युम्न को स्कूल में पहुंचाने के आधे घंटे के अंदर घर पर फोन आ गया कि बच्चे के साथ हादसा हो गया है. प्रद्युम्न को संदिग्ध परिस्थितियों में ग्राउंडफ्लोर पर मौजूद वाशरूम में खून से लथपथ मृत अवस्था में पाया गया. देखने से स्पष्ट था कि उस की हत्या की गई है. उस पर 2 बार चाकू से वार किए गए थे. अत्यधिक खून बहने से उस की मौत हो गई.

प्रारंभिक जांच में बस कंडक्टर को दोषी पाया गया मगर बाद की जांच में उसी स्कूल की 11वीं कक्षा के एक छात्र को हिरासत में लिया गया. आरोपी छात्र ने स्वीकार किया कि महज परीक्षा की तिथि और टीचर पेरैंट्स मीटिंग की तारीख आगे बढ़वाने के मकसद से उस ने, जानबूझ कर, इस घटना को अंजाम दिया.

वैसे, इस केस में स्कूल प्रशासन पर सुबूत छिपाने के इलजाम भी लगे और एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की लचर सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई.

बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता ऐसा ही मामला द्वारका, दिल्ली के एक स्कूल का है. यहां 4 साल की बच्ची के साथ यौनशोषण की घटना सामने आई. आरोप बच्ची की ही कक्षा में पढ़ने वाले 4 साल के बच्चे पर लगा. छोटी सी बच्ची से बलात्कार का एक मामला 14 नवंबर को दिल्ली के अमन विहार इलाके में भी सामने आया. यह नाबालिग बच्ची अपने मातापिता के साथ किराए के मकान में रहती थी. आरोपी युवक उसी मकान में पहली मंजिल पर रहता था.

दिल्ली के एक स्कूल में 5 साल की बच्ची के साथ स्कूल के चपरासी द्वारा बलात्कार की घटना ने भी सभी को स्तब्ध कर दिया. इन घटनाओं ने स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा को ले कर कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं. स्कूल परिसरों में मासूम लड़कियां ही नहीं, लड़के भी यौनशोषण के शिकार हो रहे हैं.

इस संदर्भ में सभी राज्य सरकारों, स्कूल प्रशासनों और मातापिता को सतर्क होने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न घट सकें.

स्कूल की जिम्मेदारियां

कोई भी मातापिता जब अपने बच्चे के लिए किसी स्कूल का चुनाव करते हैं तो स्कूल की आधारभूत संरचना और वहां की पढ़ाई के स्तर को जांचने के साथ ही उन का विश्वास भी होता है जो उन्हें किसी विशेष स्कूल को अपने बच्चे के लिए चुनने हेतु प्रेरित करता है. ऐसे में स्कूल प्रशासन की पूरी जिम्मेदारी बनती है कि वह न सिर्फ बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध कराए, बल्कि मातापिता के विश्वास पर भी खरा उतरे.

मातापिता की जिम्मेदारियां

हर मातापिता का कर्तव्य है कि वे घरबाहर अपने बच्चों की सुरक्षा को ले कर सतर्क रहें. घर के बाद बच्चे सब से अधिक समय स्कूल में बिताते हैं. ऐसे में स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है. द्य मातापिता को चाहिए कि जिस स्कूल में वे बच्चे को दाखिल कराने जा रहे हैं, वहां की सुरक्षा व्यवस्था की वे विस्तृत जानकारी लें.

हमेशा टीचरपेरैंट्स मीटिंग में जाएं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कोई कमी नजर आए तो टीचर से उस की चर्चा जरूर करें. द्य बच्चों से स्कूल में उन के अनुभवों के बारे में खुल कर चर्चा करें. अगर अचानक बच्चा स्कूल जाने से घबराने लगे या उस के नंबर कम आने लगें तो इन संकेतों को गंभीरता से लें और इन का कारण जानने का प्रयास करें.

बच्चों को अच्छे और बुरे टच के बारे में समझाएं ताकि यदि कोई उन्हें गलत मकसद से छुए तो वे शोर मचा दें. द्य बच्चों को यह भी समझाएं कि यदि कोई बच्चा उन्हें डराधमका रहा है तो वे टीचर या मम्मीपापा को सारी बात बताएं.

बच्चों को मोबाइल और दूसरी कीमती चीजें स्कूल न ले जाने दें. द्य अगर आप के बच्चे का व्यवहार कुछ दिनों से बदलाबदला नजर आ रहा है, वह आक्रामक होने लगा है या ज्यादा चुप रहने लगा है तो इस की वजह जानने का प्रयास करें.

रोज स्कूल से आने के बाद बच्चे का बैग चैक करें. उस के होमवर्क, क्लासवर्क और ग्रेड्स पर नजर रखें. उस के दोस्तों के बारे में भी सारी जानकारी रखें. द्य छोटे बच्चे को बस में चढ़नाउतरना सिखाएं.

बसस्टौप पर कम से कम 5 मिनट पहले पहुंचें. द्य आप अपने बच्चों को सिखाएं कि किसी आपातकालीन स्थिति में किस तरह के सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकते हैं. हो सके तो बच्चों को सैल्फडिफैंस के गुर, जैसे मार्शल आर्ट व कराटे वगैरा सिखाएं.

मनोवैज्ञानिक पहलू तुलसी हैल्थ केयर, नई दिल्ली के मनोचिकित्सक डा. गौरव गुप्ता बताते हैं कि गुड़गांव के प्रद्युम्न केस की बात हो या 4 साल की बच्ची का यौनशोषण, इस तरह की घटनाएं बच्चों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति व गलत कामों के प्रति आकर्षण को चिह्नित करती हैं.

इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि आज लोगों के पास वक्त कम है. हर कोई भागदौड़भरी जिंदगी में व्यस्त है. संयुक्त परिवारों की प्रथा खत्म होने के कगार पर पहुंच चुकी है. नतीजा यह है कि बच्चों का लालनपालन एक मशीनी प्रक्रिया के तहत हो रहा है. परिवार वालों के साथ रह कर जीवन की वास्तविकताओं से अवगत होने और टीवी धारावाहिक व फिल्में देख कर जिंदगी को समझने में बहुत अंतर है. एकाकीपन के माहौल में पल रहे बच्चों के मन की बातों और कुंठाओं को समझना जरूरी है. मांबाप द्वारा बच्चों के आगे झूठ बोलने, बेमतलब की कलह और विवादों में फंसने, छोटीछोटी बातों पर हिंसा करने पर उतारू हो जाने जैसी बातें ऐसी घटनाओं का सबब बनती हैं क्योंकि बच्चे बड़ों से ही सीखते हैं.

स्कूल भी पीछे कहां हैं? स्कूल आज शिक्षाग्रहण करने का स्थान कम, पैसा कमाने का जरिया अधिक बन गए हैं. स्कूल का जितना नाम, उतनी ही महंगी पढ़ाई. जरूरी है कि शिक्षा प्रणाली में बाल मनोविज्ञान का खास खयाल रखा जाए. अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है. यदि हम सब आज भी अपनी आने वाली पीढ़ी के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और उसे सही ढंग से निभाएं तो अवश्य ही हम उन्हें बेहतर भविष्य दे सकते हैं.

साइबर बुलिंग

बुलिंग का अर्थ है तंग करना. इतना तंग करना कि पीडि़त का मानसिक संतुलन बिगड़ जाए. बुलिंग व्यक्ति को भावनात्मक और दिमागी दोनों ही तौर पर प्रभावित करती है. बुलिंग जब इंटरनैट के जरिए होती है तो इसे साइबर बुलिंग कहते हैं.

साइबर बुलिंग के कहर से भी स्कूली बच्चे सुरक्षित नहीं हैं. हाल ही में 174 बच्चों पर किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, 17 फीसदी बच्चे बुलिंग के शिकार हैं. स्टडी में पाया गया कि 15 फीसदी बच्चे शारीरिक तौर पर भी बुलिंग के शिकार हो रहे हैं. इस में मारपीट की धमकी प्रमुख है. लड़कियों की तुलना में लड़के इस के ज्यादा शिकार होते हैं.

अपराध के बढ़ते मामले चिंताजनक

एनसीआरबी द्वारा हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2015 और 2016 के बीच बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की संख्या में 11 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. क्राइ यानी चाइल्ड राइट्स ऐंड यू द्वारा किए गए विश्लेषण दर्शाते हैं कि पिछले एक दशक में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध तेजी से बढ़े हैं. 2006 में 18,967 से बढ़ कर 2016 में यह संख्या 1,06,958 हो गई. राज्यों के अनुसार बात करें तो 50 फीसदी से ज्यादा अपराध केवल 5 राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में दर्ज किए गए है. उत्तर प्रदेश 15 फीसदी अपराधों के साथ इस सूची में सब से ऊपर है. वहीं महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश क्रमश: 14 और 13 फीसदी अपराधों के साथ ज्यादा पीछे नहीं हैं.

अपराध की प्रवृत्ति और कैटिगरी की बात करें तो सूची में सब से ऊपर अपहरण रहा. 2016 में दर्ज किए गए कुल अपराधों में से लगभग आधे अपराध इसी प्रवृत्ति (48.9 फीसदी) के थे. इस के बाद अगली सब से बड़ी कैटिगरी बलात्कार की रही. बच्चों के खिलाफ दर्ज किए गए 18 फीसदी से ज्यादा अपराध इस श्रेणी में दर्ज किए गए.

42 की उम्र श्वेता तिवारी ने कराया हॉट फोटोशूट, बाथरूम फोटो देख उड़ जाएंगे होश

कसौटी जिंदगी की फेम एक्ट्रेस श्वेता तिवारी को आज कौन नहीं जानता है अपने ग्लैमर को लेकर मशहूर एक्ट्रेस अपनी हॉट फोटो को लेकर सुर्खियों में है, हाल ही में श्वेता तिवारी ने बाथरूम फोटो शूट कराया है फोटो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. जिसपर लोग जमकर कमेंट करते हुए नजर आ रहे है. इन फोटोज में श्वेता शॉवर में बोल्ड पोज दे रही हैं. एक्ट्रेस के इन स्टीमी फोटोज को देख फैंस के भी पसीने छूट गए हैं.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Shweta Tiwari (@shweta.tiwari)

आपको बता दें, कि इन तस्वीरों में श्वेता तिवारी क्रीम कलर का लाइनिंग बॉडीकॉन आउटफिट पहनें नजर आ रही हैं.फोटो में एक्ट्रेस बाथटब के पास बैठकर पोज रही हैं. श्वेता तिवारी अपने भीगे बालों और नशीली निगाहों से फैंस को घायल कर रही हैं. फोटो में एक्ट्रेस बाथरूम में खड़ी होकर पोज दे रही हैं. श्वेता तिवारी अपनी मदमस्त अदाओं से फैंस के होश उड़ा रही हैं. फोटो में एक्ट्रेस अपना क्लीवेज फ्लॉन्ट कर रही हैं.

श्वेता तिवारी शॉवर में फोटोशूट करवाती नजर आ रही हैं. फोटो में एक्ट्रेस काफी बोल्ड लग रही हैं. श्वेता तिवारी के इन फोटोज पर फैंस जमकर रिएक्ट कर रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “कौन यकीन करेगा कि यह 42 की हैं.” तो वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा, “डायरेक्टर भी कंफ्यूज हो जाएगा कि फिल्म में मां को हीरोइन लें या फिर बेटी को.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Shweta Tiwari (@shweta.tiwari)

इन फोटो के अलावा एक्ट्रेस ब्राउन कलर का आउटफिट पहनें नजर आ रही हैं. फोटो में एक्ट्रेस ने बॉडीफिट रोब पहना हुआ है. इस तस्वीर में श्वेता तिवारी खूबसूरत अंदाज में पोज देती नजर आ रही हैं. एक्ट्रेस की इन तस्वीरों को 2 लाख से ज्यादा बार लाइक किया जा चुका है.

Bigg Boss OTT2: पूजा भट्ट ने दिखाया लेडी बॉस का रुप, पलक को सुनाई खरी-खोटी

इन दिनो बिग बॉस ओटीटी2 (Bigg Boss OTT 2) चर्चा में चल रहा है सलमान खान का हिट रिएयलटी शो में शुरुआत मं ही लड़ाई-झगड़े देखने को मिले है. शो में सभी कंटस्टेंट अपनी मजबूती दिखाई दिए है अबतक शो में पुनीत सुपरस्टार को घर से बेघर कर दिया गया है. और पूजा भटट् ने वीवीआईपी एंट्री ली है. वह घर की पहली कंटस्टेंट बनी है जिन्हे सारी सुविधाएं मिली है. मेकर्स की इस हरकत के चलते पूजा भट्ट को ट्रोल भी किया गया. वहीं, अब दर्शक पूजा भट्ट की तारीफ करते नजर आ रहे हैं.शो में पूजा भट्ट (Pooja Bhatt) को मनीषा रानी का सपोर्ट करते हुए देखा गया है. इस दौरान एक्ट्रेस ने पलक पुरसवानी को खरी-खोटी सुनाई.

दरअसल, बिग बॉस ओटीटी 2 में जेल टास्क के दौरान मनीषा रानी के मुंह से जैद के लिए पगलेट शब्द निकल गया, जिस वजह से घर में बवाल खड़ा हो गया. इस दौरान पूजा ने मनीषा का सपोर्ट किया था और जैद को पगलेट का असली मतलब बताया था.इसी बीच, जब पूजा मनीषा को किचन एरिया में शांत करवा रही थीं, तब वह सबको बोल रही थीं, ‘आप लोग मनीषा के बचकानी हरकतों पर मत जाओ। ये सबसे स्मार्ट है.’ इसी दौरान पूजा ने पलक और जिया को भी कहा कि वह तुम दोनों से भी स्मार्ट हैं. ये स्ट्रगल करके यहां तक आई है. पूजा भट्ट की इस बात पर जब पलक कुछ जवाब देने लगीं, तो दोनों के बीच बहस हो गई. पूजा ने पलक को साफ शब्दों में कहा कि तुम किसी की सुनती नहीं है. तुम्हें सिर्फ अपनी बोलनी होती है. दूसरी तरफ पलक भी बोलती दिखीं कि मैम आप किसी को बोलने का मौका ही नहीं देतीं.

पूजा भट्ट के इस एटीट्यूड को बिग बॉस के दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं. हर कोई पूजा की तारीफ करते हुए मनीषा को सही बता रहा है. एक फैन ने लिखा, ‘ओएमजी… क्या धोया है पूजा मैम ने.’ दूसरे ने लिखा, ‘वह सिर्फ बोलती नहीं है. वह बहुत प्यारी स्माइल भी करती हैं.’ एक अन्य फैन ने लिखा, ‘पूजा भट्ट बहुत ही स्ट्रोंग पर्सनैलिटी हैं. हालांकि, इस बीच कुछ ऐसे दर्शक भी देखे गए, जो पूजा भट्ट को कॉन्ट्रोलिंग बता रहे हैं.

धन दौलत से बढ़ कर रिश्ते नाते

भरतपुर, राजस्थान के ओमी पटवारी अपनी छोटी बहन से बहुत स्नेह करते थे. जब उन की बहन की शादी हुई, तो वे भरतपुर में ही एक किराए के मकान में रहने लगी थी. उस समय ओमी पटवारी की नौकरी धौलपुर में थी. जब उन्हें अपनी बहन के किराए के मकान में रहने का पता लगा, तो वे उसे अपने साथ ही मकान में रहने के लिए ले आए थे.

ऐसा करते समय उन्होंने सोचा था कि अपने घर में रखने से उन की गरीब बहन को किराए के रुपयों की बचत ही नहीं होगी, बल्कि उस के वहां रहने पर मां की देखभाल होती रहेगी, क्योंकि उन की मां का धौलपुर में रहने पर मन नहीं लगता था.

सालों तक बहन उन के मकान में रहते हुए उस मकान को हथियाना चाहती थी. उस ने मां को बहला फुसला कर उन से अपने नाम गुपचुप तरीके से वसीयत करवा ली थी, क्योंकि वह मकान ओमी पटवारी ने अपनी मां के नाम पर खरीदा था.

एक दिन जब उन की मां की मौत हुई, तो उस ने मां का गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार भी कर दिया था. मां की मौत की सूचना उस ने अपने भाई को भी नहीं दी थी.

पड़ोस के लोगों ने जब बहन से उस के भाई ओमी पटवारी के बारे में पूछा, तो उस ने झूठमूठ ही कह दिया था कि उस ने तो उन्हें फोन पर सूचना दी थी, मगर उन्होंने आने से मना कर दिया था. ओमी पटवारी अपनी मां की मौत के समय जयपुर में थे.अपने बड़े भाई का मकान हथियाते समय उन की बहन ने सोचा था कि अब उसे अपने बड़े भाई से क्या मतलब है? उसे उन की अहमियत उस समय महसूस हुई, जब वह अपने बीमार बेटे को उपचार के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल ले कर आई थी.

महीनों तक उपचार के लिए जयपुर में रहते हुए परेशान हो कर वह दिनरात अपनी भूल पर पछतावा कर रोते हुए यही सोचती रहती थी कि अगर वह अपने भाई के मकान को हथियाने की भूल नहीं करती, तो उसे अपने भाई की बहुत मदद मिलती.

इसी तरह की भूल गांव के गरीब किसान रामलाल की दोनों बेटियों ने की थी. रामलाल ने वहां के सेठजी से कर्ज ले कर धूमधाम से अपनी दोनों बेटियों की शादियां की थीं.

जब रामलाल की मौत हुई, तो उन दोनों बेटियों ने उन की जमीन में अपना हिस्सा ले कर उसे बेच दिया था.

रामलाल का बेटा अपने हिस्से की जमीन बेच कर उस पैसे से उन की शादियों में लिए हुए कर्ज को चुका कर आजकल शहर के एक कारखाने में काम कर के अपनी गुजरबसर कर रहा है. उस की दोनों बहनें अपने भाई से रिश्ता खत्म करने की भूल पर पछतावा करते हुए आंसू बहाती रहती हैं.

इसी तरह से एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय में तृतीय श्रेणी के शिक्षक श्यामलाल ने बड़े भाई से अपना रिश्ता खत्म करने की बहुत बड़ी भूल की थी.

जब वे बहुत छोटे थे, तभी उन के पिताजी की मौत हो गई थी. बड़े भाई ने अपने हिस्से की खेती की जमीन को बेच कर न सिर्फ श्यामलाल को पालापोसा था, बल्कि पढ़ा लिखा कर राजकीय शिक्षक भी बनवाया था.

शादी के बाद श्याम लाल की बीवी ने सिखा पढ़ा कर बड़े भाई से अलग करवा दिया था. बड़ा भाई शहर में जा कर अपनी बीवी के साथ मेहनतमजदूरी करने लगा था. उस ने अपने दोनों बेटों को खूब पढ़ाया लिखाया था. वे दोनों बेटे अब पुलिस के बड़े अफसर हैं. श्यामलाल की दोनों बेटियों के साथ उन के गांव के दबंग लोगों के बेटे हमेशा छेड़छाड़ करते रहते थे. एक दिन तो उन्होंने उन के साथ बलात्कार ही कर दिया था.

जब बलात्कार करने वाले नौजवानों के पिताओं से उन की शिकायत की, तो उन्होंने उस शिक्षक और बेटे की इतनी पिटाई की कि वे उस समय अपने बड़े भाई से अलग होने की भूल पर पछतावे के आंसू बहा रहे थे. वे सोच रहे थे कि अगर अपनी बीवी के कहने में आ कर बड़े भाई से अलग हो कर रिश्ता खत्म नहीं करते, तो आज उन की यह हालत नहीं होती. बड़े भाई के दोनों पुलिस अफसर बेटे उन की मदद करते.

लिहाजा, हमें धनदौलत के लिए घर वालों और रिश्तेदारों से अपने रिश्ते खत्म नहीं करने चाहिए, क्योंकि पैसों से भी बढ़ कर होते हैं रिश्तेनाते, जो जरूरत के समय काम आते हैं.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें