सौजन्य- मनोहर कहानियां
वह सुरेंद्र में पलकों पर बिठा कर रखने वाले सपनों के राजकुमार की छवि देखने लगी. लगभग 4 साल पहले शुरू हुई दोनों की पे्रम कहानी दिनप्रतिदिन मधुरता से भरती चली गई. इसी बीच सुरेंद्र ने रूपाली से शादी करने का वादा किया. रूपाली ने भी हां करते हुए अपना सब कुछ उसे न्यौछावर कर दिया. दोनों शादी से पहले ही शारीरिक संबंध कायम करते रहे.
रूपाली प्यार के मामले में सुरेंद्र से भी ज्यादा हिम्मती थी. नेमावर छोटी जगह थी, जिस कारण उसे सुरेंद्र से मिलते रहने में बाधा आती थी. इसे देखते हुए रूपाली ने एक योजना के तहत हरदा में एक कमरा किराए पर ले लिया. वहीं वह सुरेंद्र के साथ लिवइन रिलेशन में रहने लगी.
उन्हीं दिनों इलाके के हाइवे निर्माण से सुरेंद्र के परिवार को अच्छा मुआवजा मिला. अचानक आए पैसे से सुरेंद्र को शराब की लत लग गई. दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हुए रूपाली चमकदमक और यौनसुख की भूखी बन चुकी थी. उस ने सुरेंद्र के अलावा कई युवकों से दोस्ती कर ली. उन में ज्यादातर युवक हरदा व उस के आसपास के रहने वाले थे.
सुरेंद्र को रूपाली के दूसरे दोस्तों से मिलने वाली बात मालूम थी. फिर भी वह इसलिए चुप रहता था, क्योंकि उस के लिए भी रूपाली महज मनोरंजन का साधन भर थी. वह उस के प्यार से कहीं अधिक वासना के नशे में खोया रहता था. जबकि रूपाली सुरेंद्र के द्वारा किए गए वादे को सच मान बैठी थी.
लेकिन इस कहानी में नया मोड़ तब आया, जब कुछ समय पहले सुरेंद्र के परिवार वाले उस की शादी के लिए तैयारी करने लगे थे. इस बात की जानकारी रूपाली को लगी. इस बात से वह नाराज हो गई और उस ने इंस्टाग्राम पेज पर अपनी अंतरंग तसवीरें पोस्ट कर सुरेंद्र को बदनाम कर दिया.
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वह उस पर दबाव बनाने लगी कि वह अपनी सगाई तोड़ कर उस के साथ ही शादी करे. रूपाली की छोटी बहन दिव्या को भी दोनों के संबंधों की जानकारी थी, इसलिए वह भी रूपाली का ही साथ देती थी.
सुरेंद्र की सगाई तोड़ने के लिए रूपाली ने करीब 20 दिन पहले ही इंस्टाग्राम पर उस की होने वाली पत्नी को काफी गंदी टिप्पणियां कर दी थीं, जब सुरेंद्र ने उसे ऐसा करने से मना किया तो उस का कहना था कि यह तो शुरुआत है. अगर उस के साथ शादी नहीं की तो पूरे परिवार का जीना हराम कर देगी.
उस के द्वारा दी गई धमकियों से सुरेंद्र को लग गया कि वह अपनी बात मनवाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. इसलिए उस ने उसे खत्म कर देने का फैसला कर लिया. उस ने अपनी योजना में दोस्त विवेक तिवारी के अलावा छोटे भाई वीरेंद्र, राजकुमार, मनोज, करण व राकेश को शामिल कर लिया.
सुरेंद्र ने अपने खेत में ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर गहरा गड्ढा करवा लिया. इस के बाद योजना के अनुसार उस ने 13 मई, 2021 को रूपाली को शाम के समय फोन कर के खेत पर बुलाया.
वह खुशीखुशी अपनी गाड़ी ले कर खेत पर आ गई. उस समय तक सुरेंद्र और उस के साथी शराब के नशे मे चूर हो गए थे. रूपाली ने आते ही शादी की बात शुरू कर दी तो सुरेंद्र ने उसे उसी समय अपने साथ सुहागरात मनाने की जिद की.
रूपाली ने सब के सामने ऐसा करने से मना किया तो सुरेंद्र ने जबरदस्ती सब के सामने उस के साथ संबंध बनाए और जब वह उठ कर अपने कपड़े पहनने लगी. तभी सुरेंद्र ने उस का गला दबा दिया. इस के बाद उन सभी ने लोहे की रौड से पीटपीट कर उस की हत्या कर दी. फिर शव गड्ढे में डाल दिया.
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रूपाली और सुरेंद्र के संबंधों के बारे में उस की मां ममता व बहन दिव्या सब कुछ जानती थीं, इसलिए रूपाली के घर वापस नहीं पहुंचने पर सुरेंद्र को पकड़े जाने का पूरापूरा डर था.
इसलिए उन में से एक व्यक्ति रूपाली के घर जा कर उस की मां और बहन को शादी की बात करने के नाम पर खेत पर ले आया, जहां उन्होंने उन दोनों की भी हत्या कर दी.
सुरेंद्र को यह पता चला कि रूपाली के घर उस की मौसी के बच्चे भी आए हुए हैं. दोनों पुलिस को पूरी कहानी बता सकते थे. इसलिए मौसी के दोनों बच्चों को खेत पर इस बहाने से बुला लिया कि खेत पर उन्हें उन की मौसी बुला रही हैं. बच्चे खेत पर गए तो उन की भी हत्या कर लाश को गड्ढे में दफन कर दिया. गड्ढे को नमक, यूरिया व मिट्टी डाल कर भर दिया.
धीरेधीरे घटना को डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने पर भी जब पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लगा था. तब सुरेंद्र और उस के साथियों को भरोसा हो गया कि अब पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाएगी.
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एसपी (देवास) शिवदयाल के निर्देशन और एएसपी सूर्यकांत शर्मा के नेतृत्व में नेमावर थाने की टीम में शामिल टीआई शिवमुराद यादव, एसआई शिवपाल सिंह, मनीष मीणा के साथ आरक्षक भरत शर्मा व अर्पित जायसवाल की टीम ने दिनरात मेहनत कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.
पुलिस ने युवती के प्रेमी सुरेंद्र सिंह चौहान व उस के भाई वीरेंद्र सिंह चौहान सहित विनय तिवारी, राजकुमार, करण, मनोज को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया




