मैं कैसे पता करूं कि मेरी होने वाली पत्नी अच्छी है या नहीं? कृपया सुझाव दें

सवाल

हाल ही में मेरे पैरेंट्स ने मेरे लिए एक लड़की पसंद की है. वह मेरे पापा के फ्रैंड की बेटी है. लड़की मु झे भी अच्छी लगी और मैं ने शादी के लिए रजामंदी दे दी. लेकिन फिर भी मैं ने घरवालों से कह दिया है कि मैं पहले लड़की से 2-3 महीने मिलजुल कर, बातें कर के फाइनल हां बोलूंगा. मुझे बताइए किन बातों पर ध्यान देना चाहिए जिस से मैं पता लगा सकूं कि यह लड़की मेरे लिए एक अच्छी बीवी साबित होगी क्योंकि शादी को लेकर मेरे विचार सीरियस हैं. शादी मेरे लिए कोई गुड्डेगुड़ियां का खेल नहीं. मैं एक सुखी पारिवारिक जीवन बिताना चाहता हूं.

जवाब

बहुत अच्छी बात है कि आप शादी को एक अटूट बंधन मानते हैं. वाकई इस रिश्ते की नींव ही मजबूत होनी चाहिए. इसीलिए हम भी यही चाहेंगे कि 2-3 महीने में आप उस लड़की से बातचीत कर के, मेलजोल रख कर उस के व्यवहार, आचार से परिचित हो जाएं कि वह आप की उम्मीदों पर खरी उतरती भी है या नहीं.

इस बात पर जरूर ध्यान दें वह आलसी और दूसरों पर निर्भर रहने वाली तो नहीं. ऐसी लड़कियां घर नहीं संभाल पातीं और यही बात  झगड़े की वजह बनती है.

छोटीछोटी बातों को ले कर  झगड़ने या नाराज होने की आदत तो नहीं. अगर हां तो शादी के बाद ये चीजें बढ़ ही जाएंगी. अगर उस लड़की का व्यवहार सब के साथ कठोर है तो आप को दोबारा सोचने की जरूरत है. ऐसे में इस बात की चिंता होना जायज है कि वह आप के मातापिता के साथ कैसा व्यवहार करेगी.

कहीं उसे बातें छिपाने की आदत तो नहीं? क्योंकि आने वाले समय में यही बात बड़े मनमुटाव की वजह बन सकती है.

एक बात खास, यदि वह हर समय आप को बदलने के बारे में ही बातें करे या उसे आप की आदतों में बुराई नजर आए तो उस से तुरंत कन्नी काटने में ही भलाई है.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz

 सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

Sexting: बड़े काम के हैं सेक्सटिंग टिप्स

Sexting Tips in Hindi: हम टेबल पर, बिस्तर पर, वौशरूम में, सार्वजनिक जगहों पर, मूवी थिएटर में, डिनर टेबल के नीचे सभी जगह तो करते हैं शरारतभरी बात… है ना? पर हम फोन के इस्तेमाल की बात कर रहे हैं. भई, जब तकनीक आपके पास है तो इसका इस्तेमाल दिलों को वाइब्रेट करने के लिए क्यों न किया जाए? और एक समय हम उस जगह भी तो जाते थे-जब सेक्सटिंग (Sexting) को साइबर सेक्स (cyber Sex) के नाम से जाना जाता था, वो अस्त-व्यस्त से चैट रूम्स, जहां लोग औनलाइन (Online) बड़े ही व्यस्त नजर आते थे-तब हम एज/सेक्स/लोकेशन की भाषा में बात करते थे. हमें लगता है कि सेक्सटिंग कूल है, क्योंकि लोग इसे बार-बार पढ़ना चाहते हैं. पर सच्चाई ये भी है कि ये आसान और बहुत सुविधाजनक भी है. हम आपको इस कला के कुछ सामान्य नियमों का पालन करने कहेंगे.

साथी को जानें

क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ सेक्सटिंग कर रही हैं, जिसे जानती हैं और जिसपर भरोसा कर सकती हैं? तो थम्स अप, आगे बढ़ने के लिए. यदि आप उसे नहीं जानती हैं तो सावधानीपूर्वक आगे बढ़ें. व्यक्तिगत जानकारियां न दें और तस्वीरें भेजने से बचें. टेलेग्राम जैसे ऐप का इस्तेमाल करें, जो आपके और उनके, दोनों ही ओर के सेक्स्ट को ‘सेव’ ना करने का विकल्प देता है.

चैट-अप लाइन तय करें

रियल लाइफ के लिए पिक-अप लाइन्स होती हैं तो आपके औनलाइन वर्जन के लिए चैट-अप लाइन क्यों न हो? ऐसी लाइन का चुनाव करें, जो आपके लिए सही हो, जो सेक्स्ट-स्टार्टर की तरह काम करे. सामनेवाले व्यक्ति की इसपर मिली प्रतिक्रिया आपको बताएगी कि आपको रोमांटिक गीत गाने हैं या अपने लिए किसी दूसरे चौकलेट केक की तलाश करनी है. हां, यदि वे रात 11 बजे के बाद आपके साथ सेक्सटिंग कर रहे हैं तो फिर चाहे जो भी बातें हो रही हों-आप उनकी नजरों में आ चुकी हैं.

स्पष्ट रहें

केवल लिखे हुए शब्दों के माध्यम से आपको अस्पष्ट व सांकेतिक और स्पष्ट व ग्रैफिक होने की पतली-सी रेखा के बीच अंतर रखना है. थंब रूल ये है कि जितना हौट आपका ऐक्शन होगा, उतना ही मुश्किल होगा सेक्सटिंग को समाप्त कर पाना. आपका सेक्स-टेंशन ऐसा होना चाहिए, जो उन्हें फोन से चिपके रहने पर मजबूर कर दे. यहां इमोजीज का इस्तेमाल न करें. शब्द और वाक्य यहां आपके दोस्त बनेंगे, इमोजीज पर्याप्त नहीं हैं.

अजीबोगरीब अब्रीविएशन्स से बचें

कुछ अब्रीविएशन्स आपकी बातों को अंदाजा तो दे देते हैं, लेकिन लोगों को पसंद नहीं आते. प्रसन्नता जैसे मनोभावों को जताना कठिन होता है, पर एलओएल या एलएमओज से बचें.

वैज्ञानिकता न बघारें

अपने नारीत्व का विवरण देने के लिए क्लीनिकल टर्म्स का इस्तेमाल करने से बचें.

सेक्सटिंग के आंकड़े

33% युवा वयस्क (20-26) कभी न कभी सेक्स्ट भेज चुके होते हैं. जुलाई 2011 में हुए एक सर्वे में सामने आया कि सोशल नेटवर्किंग और डेटिंग साइट्स पर मौजूद दो तिहाई महिलाओं ने कभी न कभी सेक्स्ट किया है, इनकी तुलना में यहां मौजूद केवल आधे पुरुषों ने ही सेक्स्ट किया है.

महिलाएं (48%), पुरुषों (45%) से ज़्यादा सेक्स्ट करती हैं, कुछ सर्वेज़ का कहना है. महिलाओं की तुलना में पुरुष सेक्सटिंग की पहल ज़्यादा करते हैं. आंकड़े बताते हैं कि 60% सेक्स्ट उस साथी को भेजे जाते हैं, जिसके साथ महिला/पुरुष रिश्ते में हैं और 33% संभावित बॉयफ्रेंड्स या गर्लफ्रेंड्स को.

41 की उम्र में मोनोकिनी पहन पूल में दिखीं मोनालिसा, फोटो हुई वायरल

भोजपुरी और टीवी इंडस्ट्री की फेमस एक्ट्रेस मोनालिसा (Monalisa) ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा रखा है. मोनालिसा अपनी बोल्डनेस (Boldness) के लिए मशहूर हैं इस बात की गवाही उनका इंस्टाग्राम अकाउंट (Instagram Account) देता है. मोनालिसा इन दिनों अपने फैंस को विजुअल ट्रीट (Visual Treat) देने में बिजी हैं. हर दिन उनकी कोई न कोई नई तस्वीर सामने आ रही है. मोनालिसा का ये अंदाज फैंस को काफी पसंद आ रहा है लेकिन ट्रोल्स उनके पीछे पड़ गए हैं. इस बीच मोनालिसा की कुछ फोटोज सामने आई हैं, जो कि इंटरनेट पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है.

 

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भोजपुरी क्वीन मोनालिसा ने फिर से अपने फैंस का बज हाई कर दिया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिनसे लोगों की नजरें नहीं हट रही हैं. सामने आई तस्वीरों में मोनालिसा मोनोकिनी मे किलर पोज दे रही हैं. उनका हर एक पोज इंटरनेट पर वायरल हो रहा है. इन फोटोज को देखने के बाद लोग ये कह रहे हैं कि मोनालिसा ने पूल में आग लगा दी है. हालांकि ट्रोल्स को मोनालिसा का ये रूप बिल्कुल भी पसंद नहीं आया. एक ने लिखा, ‘तुम इतने भी कपड़े मत पहनो अब.’ दूसरे ने लिखा, ‘समाज को गंदा कर रही हो.

 

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बताते चलें कि मोनालिसा (Monalisa) अपने बोल्ड लुक के लिए जानी जाती हैं. मोनालिसा का अंदाज इतना कातिलाना है कि हर कोई घायल हो जाता है. उनके पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने साल 2017 में बिग बॉस के घर में मोनालिसा विक्रांत ने एक दूसरे के साथ शादी रचाई थी. इससे पहले मोनालिसा और विक्रांस सिंह एक दूसरे को काफी लंबे समय तक डेट किया था. फैंस को मोनालिसा और विक्रांत की जोड़ी काफी पसंद है.

South Movies : नयनतारा की एक तसवीर ने किया फैंस को किया परेशान

साउथ सुपरस्टार्स की दुनिया में आज कई खबरों को लेकर हलचल बनी रही. आज बॉलीवुड स्टार रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) और रश्मिका मंदाना स्टारर निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा की मूवी एनिमल (Animal) ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में भी खासा बज क्रिएट किया. तो वहीं, आज कॉलीवुड की लेडी सुपरस्टार नयनतारा (Nayanthara) ने अपनी एक तस्वीर शेयर कर नए सफर की शुरुआत का इशारा दिया. इधर, तमिल फिल्म स्टार चियान विक्रम (Chiyaan Vikram) की मूवी ध्रुव नचथिरम (Dhruva Natchathiram) को लेकर काफी बज बना रहा.

तय वक्त पर नहीं रिलीज हो पाई चियान विक्रम की ध्रुव नचथिरम

तमिल फिल्म स्टार गौतम वसुदेव मेनन ने हाल ही में चियान विक्रम स्टारर फिल्म ध्रुव नचथिरम के तय वक्त पर सिनेमाघर न पहुंच पाने पर एक सोशल मीडिया पोस्ट कर फैंस से माफी मांगी. साथ ही फिल्म स्टार ने कहा कि ये मूवी जल्दी ही सिनेमाघर पहुंचेगी. जिसका दोबारा ऐलान किया जाएगा. यहीं नहीं, फिल्म को वर्ल्ववाइड स्तर पर बकायदा एडवांस बुकिंग शुरू कर रिलीज किया जाएगा. एंटरटेनमेंट वर्ल्ड में इस खबर ने लोगों को निराश कर दिया था. ये फिल्म कानूनी पचड़े की वजह से 24 नवंबर के दिन रिलीज नहीं हो सकी है.

डायरेक्टर बनीं नयनतारा

तमिल फिल्म स्टार नयनतारा ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपनी लेटेस्ट तस्वीर शेयर कर इशारा दिया कि वो निर्देशन के क्षेत्र में कदम बढ़ा रही हैं. अदाकारा ने कैमरे में झांकती हुए अपनी एक तस्वीर शेयर कर लिखा, ‘नए सफर के जादू पर विश्वास करें’ इस तस्वीर को देख लोगों ने अधाकारा से पूछा कि क्या वो वाकई डायरेक्शन फील्ड में आ रही हैं.

 

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प्रभास संग काम करना चाहते हैं रणबीर कपूर

बॉलीवुड स्टार रणबीर कपूर इन दिनों अपनी मूवी एनिमल के प्रमोशन में बिजी हैं. इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान फिल्म स्टार रणबीर कपूर ने निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा से पूछा कि प्रभास स्टारर उनकी अगली फिल्म स्पिरिट में क्या उनके लिए कोई किरदार होगा. एक्टर ने इच्छा जताते हुए कहा कि वो प्रभास अन्ना संग काम करना चाहेंगे.

रणबीर कपूर ने रश्मिका मंदाना की जमकर खींची टांग

तेलुगु फिल्म स्टार रणबीर कपूर ने हाल ही में अदाकारा रश्मिका मंदाना के साथ तेलुगु फिल्म स्टार नंदामुरी बालकृष्ण के चैट शो में हिस्सा लिया. जहां फिल्म स्टार ने रश्मिका मंदाना की विजय देवरकोंडा को लेकर जमकर टांग खींची. जिसके वीडियोज सोशल मीडिया पर दिन भर वायरल हुए.

थलापति विजय ने लियो प्रोड्यूसर के बेटे की शादी में मारी धांसू एंट्री

तमिल फिल्म स्टार थलापति विजय ने हाल ही में फिल्म निर्माता लियो के प्रोड्यूसर के बेटे की शादी के रिसेप्शन पार्टी में हिस्सा लिया. जहां थलापति विजय डैशिंग अंदाज में पहुंचे थे. जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुईं.

प्यार अपने से: जब प्यार ने तोड़ी मर्यादा

Story in Hindi

बीच रास्ते में दुल्हन का अपहरण

40साल पहले सन 1979 में बौलीवुड की एक हौरर थ्रिलर फिल्म आई थी ‘जानी दुश्मन’. निर्देशक राजकुमार कोहली की इस फिल्म में उस जमाने के फिल्मी सितारों की पूरी फौज थी. ‘जानी दुश्मन’ में संजीव कुमार, सुनील दत्त, शत्रुघ्न सिन्हा, जितेंद्र, विनोद मेहरा, अमरीश पुरी और प्रेमनाथ के अलावा 4 हीरोइनें थीं रीना राय, रेखा, नीतू सिंह और योगिता बाली.

इस सुपरहिट फिल्म में सस्पेंस भी था और भयावह दृश्य भी. कहानी के अनुसार फिल्म में ज्वाला प्रसाद का करेक्टर प्ले करने वाले रजा मुराद ने अपने सपनों की शहजादी से शादी की थी. लेकिन उस दुलहन ने सुहागरात को ही ज्वाला प्रसाद को जहर मिला दूध पिला कर उस की जान ले ली.

मृत्यु के बाद ज्वाला प्रसाद ने दैत्य का रूप धारण कर लिया. उसे लाल जोड़े में सजी दुलहनों से नफरत हो गई. वह दूसरों के शरीर में समा कर लाल जोड़े में सजी दुलहनों को डोली से उठा ले जाता था. इस फिल्म का गीत ‘चलो रे डोली उठाओ कहार पिया मिलन की ऋतु आई…’ आज भी शादियों में दुलहन की विदाई के समय बजाया जाता है.

जानी दुश्मन नाम से बाद में भी कई फिल्में बनीं. राजकुमार कोहली ने ही 2002 में ‘जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी’ नाम से फिल्म बनाई. इस में राज बब्बर, सनी देओल, रजत बेदी, शरद कपूर, मनीषा कोइराला, आदित्य पंचोली, अमरीश पुरी आदि कलाकार थे. लेकिन यह फिल्म 1979 वाली फिल्म जैसी कामयाबी हासिल नहीं कर सकी.

फिल्म ‘जानी दुश्मन’ का जिक्र हम ने इसलिए किया क्योंकि इस कहानी का घटनाक्रम भी काफी कुछ ऐसा ही है. दुलहन को डोली से उठा ले जाने की यह कहानी राजस्थान के सीकर जिले की है.

बीते 16-17 अप्रैल की आधी रात के बाद सात फेरे लेने के बाद ढाई पौने 3 बजे नागवा गांव में गिरधारी सिंह के घर से 2 बेटियों की बारातें विदा हुईं. ये बारातें मोरडूंगा गांव से आई थीं. मोरडूंगा निवासी भंवर सिंह की शादी गिरधारी सिंह की बड़ी बेटी सोनू कंवर से हुई थी और राजेंद्र सिंह की शादी छोटी बेटी हंसा कंवर से.

दोनों दुलहनें और उन के दूल्हे एक सजीधजी इनोवा कार में सवार थे. कार में दूल्हों के रिश्तेदार कृष्ण सिंह, शानू और दुलहन का भाई करण सिंह भी थे. ये लोग धोद हो कर मोरडूंगा जा रहे थे. बारात में आए अन्य रिश्तेदार और गांव के लोग पहले ही दूसरे वाहनों से जा चुके थे. केवल दूल्हादुलहन और उन के 3 रिश्तेदार ही वैवाहिक रस्में पूरी कराने के लिए रुके रहे थे.

दूल्हादुलहन विदा हो कर नागवा गांव से करीब 4 किलोमीटर दूर ही आए थे, तभी रामबक्सपुरा स्टैंड के पास एक बोलेरो और पिकअप में आए बदमाशों ने अपनी गाडि़यां दूल्हेदुलहनों की इनोवा कार के आगेपीछे लगा दीं. इनोवा में सवार दोनों दूल्हे और उन के रिश्तेदार कुछ समझ पाते, इस से पहले ही बोलेरो और पिकअप से 7-8 लोग लाठीसरिए ले कर उतरे. इन्होंने इनोवा कार को घेर कर तोड़फोड़ शुरू कर दी.

कार से दुलहन का अपहरण

मायके से विदा होने पर जैसा कि होता है दोनों बहनें घूंघट में सुबक रही थीं. उन्होंने तोड़फोड़ की आवाज सुन कर अपने चेहरे से घूंघट उठाया, लेकिन अंधेरा होने की वजह से उन्हें कुछ समझ में नहीं आया. इनोवा कार के अंदर जल रही मद्धिम रोशनी में बाहर कुछ नजर नहीं आ रहा था. तोड़फोड़ होती देख दोनों दुलहन बहनें सहम कर अपनेअपने दूल्हों के हाथ पकड़ कर बैठ गईं.

इनोवा के शीशे तोड़ने के बाद हमलावरों में से एक बदमाश ने पिस्तौल निकाल कर हवा में लहराते हुए कहा, ‘‘कोई भी हरकत की तो गोली मार देंगे.’’ इस के बाद वे कार में बैठे पुरुषों से मारपीट करने लगे. दोनों दूल्हों भंवर सिंह और राजेंद्र सिंह ने बदमाशों से मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन हथियारबंद बदमाशों के आगे उन के हौसले पस्त हो गए.

इस बीच एक बदमाश ने इनोवा का दरवाजा खोल कर दुलहन हंसा कंवर को बाहर खींच लिया. हंसा चीखनेचिल्लाने लगी. यह देख हंसा की बहन सोनू ने बदमाशों से उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह उन से मुकाबला नहीं कर सकी. बदमाशों ने नईनवेली दुलहन सोनू कंवर से भी मारपीट की.

दूल्हों के रिश्तेदार मौसेरे भाई करण सिंह ने मोबाइल निकाल कर फोन करने की कोशिश की तो बदमाशों ने उस से मोबाइल छीन कर तोड़ दिया. बदमाशों ने हंसा कंवर को अपनी गाड़ी में बैठाया और दूल्हों व दुलहन सोनू कंवर के साथ उन के रिश्तेदारों को पिस्तौल दिखा कर धमकी दी. बदमाशों ने इनोवा कार की चाबी भी निकाल ली थी. इस के बाद बदमाश अपनी दोनों गाडि़यां दौड़ाते हुए वहां से चले गए.

यह सब मुश्किल से 10 मिनट के अंदर हो गया. बदमाशों के जाने के बाद दूल्हों ने मोबाइल फोन से नागवा गांव में अपनी ससुराल वालों को सूचना दी. कुछ ही देर में नागवा के कई लोग मोटरसाइकिलों पर वहां पहुंच गए. पुलिस को भी सूचना दे दी गई. थोड़ी देर बाद धोद थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने आसपास के इलाके में नाकेबंदी कराई, लेकिन बदमाशों का कोई पता नहीं चला.

दुलहन को डोली से उठा ले जाने की खबर कुछ ही घंटों में आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई. जिस ने भी इस वारदात के बारे में सुना, सहम गया. ससुराल पहुंचने से पहले ही दुलहन को डोली से उठा ले जाने की ऐसी वारदात किसी ने न तो देखी थी और न सुनी थी. अलबत्ता लोगों ने फिल्मों में ऐसी घटनाएं जरूर देखी थीं.

इस घटना को ले कर 17 अप्रैल को सुबह से ही राजपूत समाज के लोगों में आक्रोश छा गया. नागवा गांव के कृष्ण सिंह ने धोद पुलिस थाने में अपने ही गांव के अंकित सेवदा और भड़कासली गांव के रहने वाले मुकेश रेवाड़ को नामजद करते हुए 5-6 अन्य लोगों के खिलाफ हंसा कंवर के अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया.

पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया कि हंसा कंवर ने करीब 5 लाख रुपए के गहने पहन रखे थे, साथ ही उस के पास कन्यादान के 20 हजार रुपए नकद भी थे. आरोपी हंसा कंवर के साथ उस के गहने और नकदी भी ले गए. डोली से दुलहन को उठा ले जाने का मामला गंभीर था. पुलिस ने नामजद आरोपियों के परिजनों से पूछताछ की. उन से कुछ जानकारियां मिलने पर पुलिस ने 2 टीमें बना कर जयपुर और गाजियाबाद के लिए रवाना कर दीं.

पूरा राजपूत समाज एक साथ खड़ा हो गया

पुलिस की टीमें अपने तरीके से जांचपड़ताल में जुट गईं. मुख्य आरोपी चूंकि नागवा गांव का था, इसलिए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि कोई अनहोनी न हो. इस बीच यह मामला सीकर से ले कर जयपुर तक गरमा गया. दुलहन के अपहरण की सूचना मिलने पर उदयपुरवाटी के विधायक राजेंद्र गुढ़ा सीकर के राजपूत छात्रावास आ गए. वहां राजपूत समाज के प्रमुख लोगों की बैठक हुई.

इस के बाद लोगों ने सीकर कलेक्टर सी.आर. मीणा को ज्ञापन दे कर 18 अप्रैल को सुबह साढ़े 10 बजे तक दुलहन की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दे कर कहा कि अगर काररवाई नहीं हुई तो पूरा राजपूत समाज कलेक्ट्रैट के सामने धरने पर बैठ जाएगा. साथ ही लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा.

बाद में शाम को राजपूत समाज के लोगों ने सीकर में कलेक्टर और एसपी के बंगले के सामने प्रदर्शन किया. लोगों ने कहा कि 18 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों का पता नहीं लगा सकी है.

प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जाम लगा कर नारेबाजी की. इस दौरान उदयपुरवाटी के विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने पैट्रोल छिड़क कर आत्मदाह करने का प्रयास किया. लेकिन समाज के लोगों ने विधायक को बचा लिया.

सूचना मिलने पर डीएसपी सौरभ तिवाड़ी, कोतवाल श्रीचंद सिंह और उद्योग नगर थानाप्रभारी वीरेंद्र शर्मा मौके पर पहुंच गए. पुलिस अधिकारियों ने विधायक को समझाया. राजपूत समाज के लोगों ने सीकर कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन की शर्त पुलिस को भी बता दी कि अगर 18 अप्रैल को सुबह साढ़े 10 बजे तक दुलहन की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो कलेक्ट्रैट के बाहर धरनाप्रदर्शन किया जाएगा. पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद लोगों ने जाम हटाया और प्रदर्शन समाप्त कर दिया.

दुलहन के अपहरण का मामला तूल पकड़ता जा रहा था. लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया के दौरान हुई इस वारदात ने पुलिस के सामने चुनौती खड़ी कर दी थी. पुलिस के लिए चिंता की बात यह थी कि पूरा राजपूत समाज इस घटना को ले कर लामबंद होने लगा था.

पुलिस के सामने एक समस्या यह भी थी कि दुलहन के अपरहण का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा था. इस तरह की वारदात किसी पुरानी रंजिश, लूट, दुष्कर्म या प्रेम प्रसंग के लिए की जाती हैं.

लेकिन इस मामले में स्पष्ट रूप से ऐसा कारण उभर कर सामने नहीं आ रहा था. पुलिस को जांचपड़ताल में इतना जरूर पता चला कि आरोपी अंकित सेवदा और दुलहन हंसा कंवर के परिवार के खेत आसपास हैं. दोनों के बीच प्रेम प्रसंग जैसा कोई सबूत सामने नहीं आया.

वारदात का तरीका भयावह था. पुलिस ने कई जगह दबिश दे कर 2-4 लोगों को हिरासत में लिया. दरजनों लोगों से पूछताछ की गई. इस के अलावा आरोपी अंकित सेवदा के मोबाइल नंबर को भी सर्विलांस पर लगा दिया गया.

18 अप्रैल को सीकर में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. अपहृत दुलहन की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज राजपूत समाज के लोगों ने सुबह 10 बजे सड़क पर जाम लगा दिया और नारेबाजी करते हुए कलेक्टर के बंगले के बाहर एकत्र हो गए.

सुबह से शाम तक करीब 7 घंटे प्रदर्शन जारी रहा. प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे राजपूत समाज के नेता पहले बैरीकेड्स पर चढ़ कर अपनी मांग करते रहे. बाद में वे जेसीबी मशीन पर चढ़ कर लोगों को संबोधित करने लगे. एकत्र लोग सड़क पर बैठ गए. एडीएम जयप्रकाश और एडीशनल एसपी देवेंद्र शास्त्री व तेजपाल सिंह ने उन्हें समझायाबुझाया.

इस दौरान जिला प्रशासन और पुलिस ने राजपूत समाज के प्रतिनिधियों से बात कर के आरोपियों को पकड़ने और दुलहन को बरामद करने के लिए 3 दिन का समय मांगा.

प्रदर्शन में उदयपुरवाटी के विधायक

राजेंद्र गुढ़ा, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव गोगामेड़ी, राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महीपाल मकराना, पूर्व विधायक मनोज न्यांगली सहित राजपूत समाज के अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे.

हालात पर नजर रखने के लिए जयपुर रेंज के आईजी एस. सेंगाथिर भी सीकर पहुंच गए थे. वे रानोली थाने में बैठ कर प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे. बाद में शाम को राजपूत समाज के लोगों ने राजपूत छात्रावास के पास टेंट लगा कर धरना देना शुरू कर दिया.

पुलिस पूरी कोशिश में जुटी थी

राजपूत समाज के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने दुलहन की बरामदगी के प्रयास तेज कर दिए. पुलिस की 5 टीमें 3 राज्यों में भेजी गईं. इस बीच पुलिस ने दुलहन का अपहरण करने के मामले में एक नामजद आरोपी भड़कासली निवासी मुकेश जाट के अलावा नेतड़वास के महेंद्र सिंह जाट, दुगोली निवासी राजेश बगडि़या उर्फ धौलिया और भड़कासली निवासी अशोक रेवाड़ को गिरफ्तार कर लिया.

इन से पूछताछ में पता चला कि दुलहन का अपहरण करने के बाद वे लोग अंकित और उस के साथियों से अलग हो गए थे. ये चारों धोद में छिपे थे. पुलिस ने इन से मुख्य आरोपी अंकित सेवदा के छिपने के संभावित ठिकानों के बारे में पूछताछ की. इसी के आधार पर पुलिस की टीमें विभिन्न स्थानों पर भेजी गईं.
19 अप्रैल को भी पुलिस अपहृत दुलहन की बरामदगी और आरोपियों को पकड़ने के प्रयास में जुटी रही. दूसरी ओर राजपूत समाज के आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. सीकर शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर सशस्त्र पुलिस तैनात की गई.

पुलिस को जांचपड़ताल में यह बात साफ हो गई थी कि दुलहन हंसा कंवर के अपहरण की साजिश उसी के गांव नागवा के अंकित ने रची थी. उस ने हंसा और उस की बड़ी बहन की शादी के दिन 16 अप्रैल की शाम अपने दोस्तों मुकेश रेवाड़, विकास भामू, महेंद्र फौजी, राजेश व अशोक आदि को तलाई पर बुलाया था. वहां उस ने सभी दोस्तों को शराब पिलाई.

योजनानुसार अंकित ने अपने एक साथी को गिरधारी सिंह के घर के बाहर बैठा दिया था. वह मोबाइल पर अंकित को शादी के हर कार्यक्रम की जानकारी दे रहा था. फेरे लेने के बाद रात ढाई पौने 3 बजे जैसे ही सोनू कंवर और हंसा कंवर अपने दूल्हों के साथ घर से विदा हुईं तो अंकित के साथी ने मोबाइल पर उसे यह खबर दे दी.

इस के बाद तलाई पर बैठे अंकित और उस के दोस्तों ने बोलेरो और पिकअप से दूल्हेदुलहनों की इनोवा कार का पीछा किया. रामबक्स स्टैंड पर इन लोगों ने उन की इनोवा को आगेपीछा गाड़ी लगा कर घेर लिया गया. अंकित ने हंसा को बाहर निकाला और वे सभी साथी बोलेरो में उस का अपहरण कर ले गए.

जांच में पुलिस को पता चला कि हंसा का अपहरण करने के बाद अंकित के दोस्त रास्ते में उतरते गए. अंकित, महेंद्र फौजी और विकास भामू हंसा को साथ ले कर नागौर जिले के जायल गांव गए. वहां से वे छोटी खाटू पहुंचे. फिर उन्होंने एक व्यक्ति से हिमाचल प्रदेश जाने के लिए इनोवा गाड़ी किराए पर मांगी.
लेकिन उस दिन ज्यादा शादियां होने के कारण इनोवा नहीं मिली. इस के बाद हंसा कंवर को साथ ले कर अंकित और विकास भामू छोटी खाटू से बस में बैठ कर जयपुर चले गए. महेंद्र फौजी बोलेरो ले कर नागवा आ गया था.

पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों मुकेश रेवाड़, महेंद्र सिंह, राजेश बगडि़या और अशोक रेवाड़ को अदालत में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया.

बिना लड़े आमनेसामने थे राजपूत समाज के नेता और पुलिस

दुलहन के अपहरण की घटना को ले कर राजपूत समाज तीसरे दिन भी आंदोलित रहा. कलेक्टर के बंगले के सामने लगातार दूसरे दिन भी राजपूत समाज के लोग धरना देते रहे. समाज के नेताओं ने कहा कि धरना आरपार की लड़ाई तक जारी रहेगा.

विधायक राजेंद्र गुढ़ा के अलावा राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव गोगामेड़ी, राजपूत करणी सेना के महीपाल मकराना, पूर्व विधायक मनोज न्यांगली सहित राजपूत महासभा व करणी सेना के तमाम नेता धरने पर बैठे रहे. उधर दुलहन के अपहरण को ले कर नागवा गांव और उस की ससुराल मोरडूंगा में दोनों परिवारों में घटना के बाद से ही सन्नाटा पसरा रहा. दोनों परिवारों की शादियों की खुशियां काफूर हो गई थीं. नागवा में दुलहन के घर 4 दिनों से चूल्हा नहीं जला था. दुलहन की मां बारबार बेहोश हो जाती थी.

पूरे परिवार का रोरो कर बुरा हाल हो गया. दुलहन के पिता गिरधारी सिंह ने संदेह जताया कि आरोपी उस की बेटी की हत्या कर सकते हैं. अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों ने नागवा में पीडि़त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और दोषियों को सख्त सजा दिलाने का भरोसा दिया.

इस बीच एक हिस्ट्रीशीटर कुलदीप झाझड़ ने दुलहन के अपहरण के मामले में एक वीडियो जारी कर प्रशासन को धमकी दे डाली. कई आपराधिक मामलों में फरार कुलदीप ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती है. अगर पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ सकती तो वह खुद उन्हें तलाश कर गोली मार देगा. उस के कई साथी आरोपियों की तलाश कर रहे हैं.

राजपूत समाज के आक्रोश को देखते हुए कानूनव्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने 20 अप्रैल को सीकर में सुबह 6 से शाम 6 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं. हालांकि इस की सूचना मीडिया के माध्यम से पुलिस व प्रशासन ने एक दिन पहले ही दे दी थी. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन के अधिकारी राजपूत समाज के प्रतिनिधियों से बराबर संपर्क में रहे.

इंटरनेट बंद होने से दिन भर बवाल मचता रहा. पुलिस ने राजपूत छात्रावास की बिजली बंद करा दी. इस से माइक बंद हो गया तो राजपूत युवा भड़क गए. इस के बाद विधायक गुढ़ा ने कलेक्टर आवास में घुस कर वहां कब्जा करने की चेतावनी दे दी. इस से पुलिस के हाथपैर फूल गए.

पुलिस ने वहां घेराबंदी कर बड़ी तादाद में सशस्त्र बल तैनात कर दिया. इस बीच विधायक गुढ़ा युवाओं के साथ मौन जुलूस निकालने लगे तो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सख्ती से रोक दिया. दिन भर आंदोलनकारी और पुलिस आमनेसामने होते रहे.

आईजी एस. सेंगाथिर ने मोर्चा संभाल कर प्रदर्शनकारियों को बताया कि जयपुर से एटीएस और एसओजी सहित 11 टीमें जांच में जुटी हुई हैं. पुलिस अपराधियों के निकट पहुंच चुकी है और जल्द से जल्द हंसा कंवर को बरामद कर लिया जाएगा.

चौथे दिन 20 अप्रैल की शाम तक यह सूचना सीकर पहुंच गई कि पुलिस ने देहरादून से दुलहन हंसा कंवर को बरामद कर लिया है और 2 आरोपी पकड़े गए हैं. इस के बाद राजपूत समाज ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी.

दुलहन हंसा को देहरादून से बरामद करने की कहानी बड़ी रोचक है. हंसा का अपहरण कर अंकित, महेंद्र फौजी और विकास भामू जायल हो कर छोटी खाटू पहुंचे. वहां वे आरिफ से मिले. आरिफ किराए पर गाडि़यां चलाता है.

अंकित ने आरिफ से देहरादून जाने के लिए किराए की गाड़ी मांगी, लेकिन उस समय उस की सभी गाडि़यां शादियों की बुकिंग में गई हुई थीं. आरिफ ने अंकित को शादी के रजिस्ट्रेशन के बारे में बताया था. पुलिस को आरिफ से ही यह सुराग मिला कि अंकित दुलहन हंसा को ले कर देहरादून जा सकता है.

अंकित अपने दोस्त विकास भामू और दुलहन हंसा के साथ छोटी खाटू से बस में बैठ कर जयपुर पहुंचा और जयपुर से सीधे देहरादून चला गया. देहरादून में ये लोग एक गेस्टहाउस में रुके. ये लोग गेस्टहाउस पर बाहर से ताला लगवा देते थे.

जानकारी मिलने पर सीकर से सबइंसपेक्टर सवाई सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम देहरादून पहुंच गई. पुलिस दोनों आरोपियों और दुलहन हंसा की फोटो ले कर होटल और गेस्टहाउसों में तलाश कर रही थी. 19 अप्रैल को पुलिस उस गेस्टहाउस पर भी पहुंची, जहां अंकित और विकास ने हंसा को ठहरा रखा था, लेकिन वहां बाहर ताला लगा देख कर पुलिस लौट गई.

कैसे पता लगा हंसा कंवर का

इस बीच पुलिस टीम ने हाथों में मेहंदी लगी लड़की के दिखाई देने पर सूचना देने की बात कह कर काफी लोगों को अपने मोबाइल नंबर दिए. 20 अप्रैल को एक वकील ने पुलिस टीम को फोन कर बताया कि एक युवती के हाथों में मेहंदी लगी हुई है और उस के साथ 2 युवक हैं.

पुलिस टीम ने वाट्सऐप पर वकील को दुलहन और आरोपियों की फोटो भेजी, तो कंफर्म हो गया कि हंसा उन्हीं युवकों के साथ है. वकील ने बताया कि ये लोग कोर्ट के पास हैं और एक वकील उन की शादी के कागजात बनवाने गया है.

सीकर से गई पुलिस टीम ने एक मिनट की देरी करना भी उचित नहीं समझा. वे गाड़ी ले कर पूछते हुए कोर्ट की तरफ भाग लिए. लेकिन रास्ते में निकलती एक शोभायात्रा की वजह से सीकर पुलिस की गाड़ी जाम में फंस गई. इस पर पुलिसकर्मी मोटरसाइकिलों पर लिफ्ट ले कर कोर्ट के पास पहुंचे.

वहां सादे कपड़ों में गए पुलिसकर्मियों ने अंकित और उस के साथी विकास भामू को फोटो से पहचान कर दबोच लिया. दुलहन हंसा कंवर भी वहीं मिल गई. इस पर देहरादून के वकील एकत्र हो कर सीकर पुलिस से बहस करने लगे. हाथ में आई बाजी पलटती देख सबइंसपेक्टर सवाई सिंह ने जयपुर आईजी सेंगाथिर को फोन पर सारी बात बताई. जयपुर आईजी ने राजस्थान के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) बी.एल. सोनी से बात की. सोनी ने देहरादून के पुलिस अधिकारियों से फोन कर बात कर पूरी घटना बता दी.

इस के करीब डेढ़ घंटे बाद देहरादून पुलिस वहां पहुंची. देहरादून पुलिस ने वकीलों को दुलहन हंसा के अपहरण की घटना के बारे में बताया. इस के बाद सीकर पुलिस हंसा और दोनों आरोपियों को कोर्ट से बाहर ले आई.

देहरादून से 20 अप्रैल की रात को पुलिस दल तीनों को ले कर सीकर के लिए रवाना हुआ. पुलिस को आरोपियों पर हमले या दुलहन के दोबारा अपहरण की आशंका थी इसलिए कई रास्ते बदल कर और कई जगह एस्कार्ट ले कर पुलिस टीम 21 अप्रैल को उन्हें ले कर सीकर पहुंची.

सीकर में पुलिस ने दुलहन हंसा कंवर से पूछताछ के आधार पर अंकित सेवदा और उस के दोस्त विकास भामू को गिरफ्तार कर लिया. दुलहन हंसा कंवर ने पुलिस और मजिस्ट्रैट को दिए बयान में मां के साथ बुआ के घर जाने की इच्छा जताई.

इस के बाद हंसा को उस के घर वालों को सौंप दिया. हंसा ने पुलिस को बताया कि अंकित और उस के साथी उस का अपहरण कर ले गए थे. अंकित देहरादून में उस से जबरन शादी करना चाहता था. इसीलिए वह कोर्ट पहुंचा था और वकील के माध्यम से कागजात तैयार करवा रहा था. पुलिस ने 22 अप्रैल को आरोपी अंकित और विकास का मैडिकल कराया. इस के बाद दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया.

सच्चाई नहीं आई सामने

बरामद दुलहन हंसा ने प्रारंभिक बयानों में अंकित और उस के साथियों पर जबरन अपहरण कर ले जाने का आरोप लगाया है. गिरफ्तार हुए मुख्य आरोपी अंकित सेवदा ने भी पुलिस को हंसा के अपहरण का स्पष्ट कारण नहीं बताया.

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हंसा और अंकित एक ही गांव के हैं और उन के खेत भी आसपास हैं. गांव के नाते अंकित पहले से ही हंसा को जानता था. अंकित मन ही मन हंसा से प्यार करता था. यह उस का एकतरफा प्यार था. न तो उस ने कभी हंसा से यह बात कही और न ही हंसा ने कभी इस बारे में सोचा. अंकित जबरन उस से शादी करना चाहता था.

एक कारण और सामने आया. इस में अंकित के विदेश में रहने वाले दोस्त गंगाधर से बातचीत के दो औडियो वायरल हो रहे हैं. इस में कहा गया है कि अंकित का हंसा के परिवार से कुछ समय पहले झगड़ा हुआ था. इसलिए अंकित बदला लेना चाहता था. बदला लेने के लिए उस ने हंसा का अपहरण करने की योजना बनाई.

अंकित का मकसद लूट का भी हो सकता है, क्योंकि हंसा या अंकित के पास से पुलिस को कोई भी जेवर या नकदी नहीं मिले हैं. पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक हंसा ने शादी में विदाई के समय 5 लाख रुपए के जेवर पहन रखे थे. उस के पास 20 हजार रुपए नकद भी थे.

हंसा ने पुलिस को बताया कि अंकित और उस के साथियों ने उस के जेवर व रुपए ले लिए थे. पुलिस के सामने भी यह बात आई है कि अपहरण में शामिल अंकित के दोस्तों ने हंसा के जेवर बेच दिए.

पुलिस इन गहनों को खरीदने वालों की तलाश कर उन्हें बरामद करने का प्रयास कर रही है. कथा लिखे जाने तक पुलिस सभी कडि़यों को जोड़ कर हंसा के अपहरण के असली मकसद का पता लगाने में जुटी थी.

चाहे पुलिस हो, चाहे हंसा के परिवार वाले या फिर अंकित सेवदा, इस मामले का सच अभी तक सामने नहीं आया है. आएगा ऐसा भी नहीं लगता. अगर आम आदमी की तरह सोचें तो एक इज्जतदार परिवार और उस परिवार की लड़की के लिए ऐसे किसी भी सच का सामने आना ठीक नहीं है, जो उन्हें प्रभावित करे.
हां, यह जरूर कह सकते हैं कि अंकित ने अपने दोस्तों के साथ मिल कर जो किया, वह बड़ा अपराध तो है ही.

इसी बीच जाट समुदाय के लोगों ने गिरफ्तार किए गए लड़कों को छोड़ने और अपहरण की सच्चाई को सामने लाने के लिए 25 अप्रैल को कलक्टे्रट पर धारना दिया.

मेरे पेरेंट्स मुझे पढ़ाना चाहते हैं पर रिलेटिव शादी के लिए फोर्स कर रहे हैं, मैं क्या करूं?

सवाल
मैं 18 साल की एक लड़की हूं और पढ़ाई में बहुत अच्छी हूं. मेरे मातापिता मुझे खूब पढ़ाना चाहते हैं, पर मेरे संयुक्त परिवार के दूसरे लोग मेरी शादी के पीछे पड़े हैं कि जल्दी  से पराए घर भेज कर चिंता से मुक्त  हो जाएं. इस वजह से मुझे बहुत मानसिक पीड़ा होती है. मैं ऐसा क्या करूं कि इस शादी से बच जाऊं?
जवाब
संयुक्त परिवार वालों की बातों में न आएं, जिन की इच्छा शादी में मालपुए उड़ाने की ज्यादा है और आप के भविष्य की चिंता कम है. आप खुल कर विरोध करें, जो बगावत न लगे.  अपनी इच्छाओं और भविष्य के बारे में उन्हें साफसाफ बता दें कि इस से  आप किसी भी कीमत पर कोई सम झौता नहीं करेंगी.
आप की उम्र अभी शादी की कम पढ़लिख कर कैरियर संवारने की ज्यादा है, उस पर ध्यान दें. अपने मांबाप को भरोसे में लें. रिश्तेदार तो समय के साथसाथ खुद ब खुद दूर हो जाएंगे, जो आप के मांबाप की कमजोरी का फायदा उठा रहे हैं.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz

 सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem
                 

मर्द की मार कब तक सहेंगी महिलाएं

कुछ साल पहले एक फिल्म देखी थी. फिल्म का नाम था ‘मृत्युदंड’. सिनेमाघर के अंदर मिडिल क्लास परिवारों के मर्द औरत बैठे थे. फिल्म के एक सीन में तालाब के किनारे 2 औरतें बैठ कर आपस में बातचीत कर रही थीं. पहली औरत ने पूछा, ‘तुझे तेरा मरद मारता है?’

दूसरी औरत बोली, ‘हां, मारता है. अब जब बैल के सींग में खुजली होती है तो सिर हिलाता ही है.’

पहली औरत ने कहा, ‘तुम विरोध नहीं करती हो.’

दूसरी औरत ने बताया, ‘अब क्या है दीदी… मरद कभी कभी हाथ चला देता है. सहना तो पड़ता ही है.’

‘सींग में खुजली’ वाली बात पर आसपास बैठे फिल्म देख रहे दर्शक हंस पड़े. मैं ने गौर किया कि एक भी औरत नहीं हंसी थी. हो सकता है कि डायलौग में मजाक होने की वजह से हंसी आई हो और सिनेमाघर में बैठे दर्शक औरतों के प्रति वैसा नजरिया न रखते हों, जैसा परदे पर दिखाया जा रहा था. पर क्या इस हंसी में कहीं वह न दिखने वाला राज तो नहीं छिपा था जो औरतों पर जोर जुल्म के लिए जाने अनजाने ही सही रजामंदी देता है?

फिल्म का ऐंड एक संदेश के साथ पूरा होता है. साथ ही, इस फिल्म में सालों से समाज में हो रहे जोर जुल्म के खिलाफ विद्रोह को बहुत अच्छी तरह से दिखाया गया, जिस में जमींदार, सामंत, महंत और ठेकेदार शामिल हैं. पूरे दक्षिण एशिया में औरतों पर जोर जुल्म होता है. गरीबी, पढ़ाईलिखाई की कमी, कुपोषण और ज्यादा आबादी जैसी समस्याएं यहां अपनी हद पर हैं.

सामान्य हालात में देखा जाए तो औरतों पर जोर जुल्म के 2 रूप सामने आते हैं. सरकारी आंकड़े तो 2 बिंदुओं पर सिमट जाते हैं. ये हैं बलात्कार और दहेज. पर समाज में औरतों पर कई स्तरों पर जोर जुल्म फैले हुए हैं.

गांवों के सामाजिक हालात शहरों से अलग हैं या फिर तरक्की भी हुई है तो अधकचरी, बेमतलब और उलटी दिशा में.

यहां के समाज में औरतों की दशा तालाब में जमे पानी जैसी है. उन्हें अपने हकों तक का पता नहीं है. यहां के छोटे किसान और मजदूर समाज के पास अपनी जमीन नहीं है, जो मजदूरी या दूसरे के खेतों के सहारे ही अपनी रोजीरोटी चलाता है. इन घरों की औरतें बहुत मुश्किल हालात में अपनी जिंदगी बिताती हैं. घर और बाहर दोनों मोरचों पर इन्हें काम करना पड़ता है.

बीमार और जिस्मानी तौर पर कमजोर औरतें न सिर्फ घर के सारे काम करती हैं, बल्कि उन्हें खेतों, ईंटभट्ठों या दूसरों के घर बनवाने में मजदूरों की तरह भी काम करना पड़ता है. यहां पर एक सामाजिक बीमारी आसानी से देखी जा सकती है कि मर्द घर के काम नहीं करते हैं.

औरतों पर जोरजुल्म का एक दूसरा रूप छोटे शहरों और गांवों में देखा जा सकता है. देश के कई हिस्सों में आज भी सामंती और जमींदारी प्रथा बरकरार है. चाहे बिहार का मैदानी भाग हो या उत्तर प्रदेश का पूर्वी इलाका या फिर भारत का सब से पढ़ालिखा राज्य केरल.

ऐसी बात नहीं है कि मर्द सिर्फ बाहरी औरतों के साथ ही ऐसा बरताव करते हैं, बल्कि अपने घर की औरतों के साथ भी कोई बेहतर सुलूक नहीं करते हैं.

औरतें जागरूक नहीं

इन इलाकों में औरतों पर जोरजुल्म के लिए जाति प्रथा की जकड़ भी कम कुसूरवार नहीं है. ऊंची जाति वालों के तथाकथित नियम निचली जाति की औरतों से जिस्मानी संबंध तो बनाते हैं, पर शादी उन की शान में रुकावट होती है. दलितों पर जोरजुल्म को ऊंची जाति वाले अपना हक मानते हैं.

इसी तरह औरतों को भोग की चीज, बच्चा जनने और पालने के लायक ही मानते हैं, इसलिए यह साफ है कि औरतों की हालत आज के दलितों से अलग कर के नहीं देखी जा सकती है.

तरक्की के इस बदलाव के दौर में कई नए तरह के हालात सामने आए हैं. इलैक्ट्रौनिक मीडिया के चलते इस की पहुंच गांवगांव तक हो गई है. टैलीविजन और अखबार नए रूप में हमारे सामने हैं.

गांव के गरीब और निचले तबके के परिवार काम की तलाश में शहरों में आते हैं और न बयां करने वाली मुसीबतें झेलते हैं. इस से अंदाजा लगाया जा सकता है कि झुग्गीझोंपडि़यों में रहने वाली औरतों का क्या हश्र होता होगा.

यहां जोरजुल्म के कई रूप देखने को मिलते हैं. गांव की गरीब औरतें पढ़ाईलिखाई की कमी, कुपोषण के चलते पिसती हैं तो शहर की औरतें खुलेपन के खौफ में.

यहां अपराध के नएनए रूप भी देखने को मिलते हैं. ‘समाज में खुलापन आया है’ इस वाक्य को न जाने हम कितना दोहराते हैं, पर यह खुलापन किसलिए?

राष्ट्रीय महिला आयोग ने औफिसों में औरतों पर हो रहे जोरजुल्म को काफी गंभीरता से लिया है. जिन औफिसों में औरतों का यौन शोषण या दूसरी तरह के जोरजुल्म होते हैं, इस को रोकने के लिए कई तरह के नियम बनाए गए हैं.

उदारीकरण यानी खुलेपन के इस दौर में यह भरम फैल गया है कि अगर औरत माली तौर पर आजाद हो जाएगी तो ऐसे जोरजुल्म बंद हो जाएंगे. पर ऐसी आजादी औरतों पर हो रहे जोरजुल्म को कम नहीं करती. औफिसों में हो रहा जोरजुल्म तो महज एक उदाहरण है.

हमारे समाज में तो ज्यादातर हुनर इसलिए कुंद हो जाते हैं कि यहां शादी सब से बड़ी बात होती है. कई लड़कियों का ‘कैरियर’ अगर शादी के नाम पर कुरबान कर दिया जाता है, तो इस के पीछे वही छिपी हुई साजिश होती है जो औरतों पर जोरजुल्म करने को मंजूरी दिए हुए है.

जरूरत है सोच बदलने की

खुलेपन ने जहां निजी आजादी और शख्सीयत को बनाने के मौके दिए हैं, वहीं परंपरागत सोच को बदलने का कोई उपाय नहीं बताया. असल समस्या की जड़ यही है. औरत एक ‘शख्सीयत’ के रूप में ताकतवर हो, यह हमें गवारा नहीं. हम नहीं चाहते कि औरत अपने तर्क के सहारे दुनिया की रचना करे.

यहां हमें उदारीकरण या खुलापन कोई सहयोग नहीं देता, बल्कि जोरजुल्म करने के लिए उकसाता है, इसलिए सामाजिक तौर पर उदारीकरण ‘अफीम की गोली सा’ लगता है, जो हमें नशे में रखता है.

पुरुषों की इन 4 बातों पर मर मिटती हैं औरतें, क्या आपको हैं मालूम?

महिलाएं या लड़कियां पुरुषों से क्या चाहती हैं? इस सवाल ने कई सालों से दुनिया को परेशान कर रखा है. कई किताबों, पेपर, ब्लॉग्स, कलाकारों के सेमिनार, फिल्मों, कला और संगीत हर एक ने अपने-अपने ढंग से इस विषय पर अपनी बात रखी है.

अगर हम महिलाओं की पत्रिकाओं पर विश्वास करें, तो महिलाओं को पुरुषों में कई बातें अच्छी लगती हैं, जिनकी वें दीवानी होती हैं.

जाहिर है, विज्ञान ने भी इस सवाल के जवाब ढूंढ़ने के लिए कई प्रयास किए होंगे. कई अध्ययनों से और प्रयासों के बाद इस बात का निष्कर्ष निकला है कि आखिर महिलाओं को पुरुषों में सबसे ज्यादा क्या पसंद आता है. इन अध्ययनों से जो नतीजे निकले वे काफी चौकाने वाले रहें हैं.

बढ़ी हुई दाढ़ी या बीर्ड

पिछले साल अप्रैल में विकास और मानव व्यवहार में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि महिलाओं को बढ़ी दाढ़ी वाले पुरुष ज्यादा आकर्षित करते हैं, विशेष रूप से 10 दिन पुरानी दाढ़ी. जबकि इस अध्ययन में पुरुषों ने पूरी तरह से क्लीन सेव को अधिक रेटिंग दी, लेकिन महिलाओं को क्लीन सेव वाले पुरुष कम पसंद आए.

ऑयल, लेदर, प्रिंटर इंक

Daz नाम कि एक साबुन कंपनी बनाने वाली कंपनी ने 2,000 लोगों को शामिल कर एक सर्वेक्षण किया जिसमें यह बात सामने आई कि ब्रिटिश महिलाओं को लेदर, ऑयल, पेंट, और प्रिंटर इंक की गंध से उत्तेजना होती है. जबकि पुरुष लिपस्टिक, बेबी लोशन या की खुशबू से अधिक उत्तेजित होते हैं.

इस प्रकार का सेक्स

योनि की संवेदनशीलता पर साल 1984 में किए गये अध्ययन में कोलंबिया के शोधकर्ताओं की एक टीम ने 16 वेश्याओं और 32 आम महिलाओं पर टेस्ट किया. हैली, जो एक चिकित्सक और सेक्सोलॉजी की प्रोफेसर थी, उन्होंने यौनकर्मियों को सेक्स के साथ एक विशेष प्रकार का फ्रिक्शन दिया और मारी लाडी, जो एक मनोचिकित्सक थीं उन्होंने आम महिलाओं को सेक्स  के दौरान इस विशेष फ्रिक्शन से दूर रखा. परिणाम यह रहा कि आठ आम महिलाओं कि तुलना में तीन-चौथाई से अधिक वेश्याओं को इस फ्रिक्शन कि वजह से ऑरगम हुआ.

पुरुषों की गंध

अध्ययन के मुताबिक, महिलाओं को डियोडोरेंट लगाने वाले पुरुष आकर्षक नजर आते हैं. ऐसे में यह शोध आपके लिए मददगार साबित हो सकता है. यूनिवर्सिटी ऑफ स्टरलिंग के मनोवैज्ञानिकों ने इस अध्ययन के लिए 130 महिलाओं और पुरुषों को फोटोग्राफ्स दिखाई और उनसे इन फोटोज के आधार पर मैस्क्यलिनटी और फेमनिनिटी का अंदाजा लगाने को कहा. उसके बाद 239 पुरुषों और महिलाओं को अपोजिट सेक्स की गंध के आधार पर उन्हें जज करने को कहा गया. विशेषज्ञों ने पाया कि महिलाएं, पुरुषों की गंध के प्रति ज्यादा आकर्षित होती हैं. वहीं पुरुषों को भी सुगंध लगाने वाली महिलाएं ज्यादा भाती हैं.

डीपनेक ड्रेस में वायरल हुई आलिया भट्ट की फोटो, बोल्डनेस का लगाया तड़का

बॉलीवुड एक्ट्रेस और रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की पत्नी आलिया भट्ट (Alia bhatt) अभी हाल ही में जीक्यू मेन अवॉर्ड्स ऑफ द ईयर इवेंट में पहुंची थीं. इस इवेंट के दौरान आलिया भट्ट बेहद बोल्ड लुक में नजर आईं. आलिया भट्ट इस दौरान डीपनेक बोल्ड ड्रेस (Deepneck bold Dress) पहने दिखाई दीं. आलिया भट्ट के इस लुक को लेकर सोशल मीडिया (Social Media) पर खूब चर्चा हो रही है.

 

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आलिया भट्ट का जो नया लुक सामने आया है, वो आते ही सोशल मीडिया पर छा गया. एक्ट्रेस के इस लुक को लेकर खूब चर्चा हो रही है. आलिया भट्ट को इस ड्रेस में देखने के बाद हर कोई हैरान हो गया. आलिया भट्ट की ये डीपनेक ड्रेस लोगों का दिल लूट रही है. आलिया भट्ट की ड्रेस के साथ-साथ एक्ट्रेस की फिटनेस भी लोगों को अपना दीवाना बना रही है.

आलिया भट्ट ने इस इवेंट में बोल्ड ड्रेस पहन धांसू एंट्री मारी है. आलिया भट्ट की झलक देखने के बाद फैंस बेकाबू हो गए. आलिया भट्ट अपनी इस नई ड्रेस में बेहद बोल्ड लग रही हैं. आलिया भट्ट ने बोल्डनेस में कई एक्ट्रेसेस को पीछे छोड़ दिया. आलिया भट्ट इस तस्वीर में एक प्यारी सी स्माइल पास करती हुई नजर आ रही हैं. आलिया भट्ट की इस स्माइल पर फैंस अपना दिल हार बैठे है.

 

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आलिया भट्ट इस वायरल हो रही तस्वीर में अपने लेग्स फ्लॉन्ट करती हुई नदर आईं. आलिया भट्ट की इस तस्वीर को फैंस खूब शेयर कर रहे हैं. आलिया भट्ट ने फोटोज के लिए पैप्प को कई प्यारे-प्यारे पोज दिए. इस तस्वीर में एक्ट्रेस अपने हाथ से दिल बनाती हुई दिखाई दीं. बता दें आलिया भट्ट के इस लुक को देखने के बाद फैंस उनकी तुलना उर्फी जावेद से कर रहे हैं.

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