Lawrence Bishnoi की ताजा धमकी पर टाइट होगी सलमान खान की सिक्योरिटी, क्या चाहता है गैंगस्टर

बौलीवुड (Bollywood) के सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) इन दिनों अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ की वजह से चर्चा में बने हुए हैं. उनकी फिल्म टाइगर 3 (Tiger 3) हाल ही में रिलीज हुई है. सलमान खान की फिल्म टाइगर 3 ने बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर काफी अच्छा परफॉर्म किया है. इस मूवी को दर्शकों ने दिल खोलकर प्यार दिया है. वहीं सलमान को आए दिन लॉरेंस बिश्नोई की तरफ से धमकी मिल रही है. हाल ही में पंजाबी सिंगर गिप्पी ग्रेवाल (Gippy Grewal) के कनाडा स्थित घर पर देर रात हमला किया गया था. उन्हें फेसबुक(Facebook) पर ये धमकी मिली थी कि वो सलमान के दोस्त है इसलिए उनपर हमला किया जाएगा. इस बीच अब मुंबई पुलिस (Mumbai Police) एक्शन में आ गई है.

 

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गिप्पी ग्रेवाल पर हमला होने के बाद अब मुंबई पुलिस ने सलमान खान (Salman Khan) की सिक्योरिटी का रिव्यू किया गया है. इसके अलावा पुलिस ने सलमान को इस धमकी के बारे में बताया है. पुलिस उस फेसबुक पोस्ट का जांच कर रही है जिसमें सलमान खान को धमकी दी गई थी. दरअसल, लॉरेंस बिश्नोई के नाम से एक पोस्ट किया गया था जिसमें गिप्पी ग्रेवाल को जान से मारने की धमकी दी गई थी. इसमें सलमान खान का भी जिक्र हुआ है. पोस्ट के मुताबिक, ‘गिप्पी ग्रेवाल तुम सलमान को अपना भाई मानते हो इसलिए तुम्हारे साथ ऐसा हो रहा है. तुम्हें कोई बचाने नहीं आने वाला है. सिद्धू मूसेवाला की मौत के बाद भी तुमने बहुत ड्रामा किया था. तुम्हें पता नहीं था कि वो कैसा इंसान था और किन लोगों से उसके सबंध थे.’ इसके अलावा भी इस पोस्ट में काफी कुछ लिखा हुआ था.

 

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बता दें कि वही घटना के बाद गिप्पी ग्रेवाल ने एक इंटरव्यू में कहा कि वो सलमान खान से बस एक दो बार ही मिले है. सलमान उनके दोस्त नहीं है. वही, इससे पहले मार्च में सलमान को बिश्नोई गैंग के सदस्य द्वारा भेजा गया धमकी भरा मेल मिला था. इसे लेकर मुंबई पुलिस ने सलमान के घर के बाहर उनकी सुरक्षा बढ़ा दी थी और मामला भी दर्ज किया थी. वहीं बिश्नोई फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा जांच किए गए ड्रग्स तस्करी मामले में सलाखों के पीछे है.

फिल्म Animal पर चली सैंसर बोर्ड की कैंची, इस खास सीन को लेकर हुआ बवाल

बौलीवुड (Bollywood) स्टार रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) और रश्मिका मंदाना ( Rashmika Mandana) की फिल्म एनिमल का इन दिनों जोरों शोरों से प्रमोशन (Promotion) चल रहा है. इस फिल्म का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे है. हाल ही में फिल्म एनिमल (Animal) का ट्रेलर रिलीज हुआ था, जिसे लोगों ने काफी अच्छा रिस्पॉन्स दिया था. बता दें कि इस मूवी में रश्मिका मंदाना और रणबीर कपूर ने काफी किंसिंग सीन्स (Kissing Scenes) भी दिए हैं. जिसे लेकर बताया जा रहा है कि इस मूवी पर सेंसर बोर्ड (Censor Board) ने कैंची चला दी है. इतना ही नहीं, हिंदी के कुछ शब्द बदलने की बात कही गई है.


रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल (Animal) का क्रेज हर तरफ देखने को मिल रहा है. हाल ही में मेकर्स ने फिल्म का प्री रिलीज इंवेंट रखा था. इस समारोह में साउथ के कई बड़े स्टार्स नजर आए थे. इस बीच एनिमल को लेकर एक खबर वायरल होने लगी है. सेंसर बोर्ड ने ‘एनिमल’ को A सर्टिफिकेट देने के साथसाथ कुछ सीन्स हटाने को कहा है. सेंसर बोर्ड ने रणबीर-रश्मिका के क्लोज-अप किसिंग सीन समेत कुछ डायलॉग बदलवाए है. हिंदी के कुछ शब्द को भी सेंसर बोर्ड ने बदलने की मांग की है. मालूम हो कि फिल्म में ऐसे काफी सीन्स है जो कि बेहद हिंसक है इसलिए एनिमल को को 18 साल की उम्र से कम के लोग नहीं देख पाएंगे.

इस दिन रिलीज होगी एनिमल मूवी

बताते चलें कि रणबीर कपूर और रश्मिका मंदाना की फिल्म एनिमल 1 दिसंबर को थिएटर्स पर रिलीज होने वाली है. इस मूवी के लिए साउथ से लेकर नॉर्थ बेल्ट तक के लोग एक्साइटेड हैं. इस फिल्म में बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल निगेटिव रोल में है. मूवी में उनका लुक बेहद खतरनाक है. फैंस रणबीर कपूर और बॉबी देओल को साथ देखने के लिए बेताब है. लोगों का मानना है कि एनिमल बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने वाली है.

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सेक्स ब्राइब : रिश्वत में सेक्स की मांग करने वालों से ऐसे बचें

Sex News in Hindi: गुरुग्राम (Gurugram), हरियाणा (Haryana) की एक गृहिणी विनीता (बदला हुआ नाम) बताती हैं, ‘‘मैं मकान की रजिस्ट्री के सिलसिले में रजिस्ट्री कार्यालय (Registry Office) गई. वेहां कागजात तैयार करवाने के सिलसिले में कई लोगों से मिली. हर जगह यही जवाब मिला, 30 से 40 हजार रुपए लगेंगे. यह मेरे लिए मुश्किल था, क्योंकि मैं इतना खर्च करने की स्थिति में नहीं थी. ‘‘उन का तर्क था कि यदि आप अंदर से खुद कागजात पास करवा लें तो हम यह काम 5 हजार रुपए में करवा देंगे. कई जगह इस से मिलताजुलता जवाब पा कर मैं ने खुद ही कागजात बनवाने का निर्णय लिया. सब का यही कहना था कि तुम ने बेकार ही यह पचड़ा मोल लिया. ‘‘खैर, पहले कागजात तैयार करा कर, नियम के मुताबिक स्टैंप ड्यूटी (Stamp Duty), ड्राफ्ट (Draft) आदि बनवाए. मेरी उम्र 50 साल से अधिक है. कार्यालय में कैमरे लगे होने के बावजूद मुझ से वहां औफिस इंचार्ज (Office Incharge) ने सेक्स की मांग की. मैं घबरा गई. मैं ने उन्हें समझाया कि आप बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं. काम करना तो आप का काम है, मैं इसे करवा कर रहूंगी. इस की फीस जो सरकार ने तय की है उसे मैं दे ही रही हूं.

‘‘खैर, मैं एफआईआर कराने की सोच रही थी, पर घर वालों ने मेरा जरा भी साथ नहीं दिया. अब मैं सोशल ऐक्टिविस्ट बन गई हूं. कई महिलाओं की मदद कर चुकी हूं.’’

पैसा भी, सेक्स भी

सरकारी, निजी और ऐसी ही तमाम जगहों पर जहां पब्लिक डीलिंग है, वहां यह बात बहुत कौमन है. पैसा भी चाहिए और देहसुख भी. सीधे तरीके से मिल जाए तो ठीक अन्यथा काम रोकने, अटकाने तथा जोरजबरदस्ती में भी कोई कमी नहीं है. गरीब की जोरू वाला हाल है.

प्रेरणा एक एनजीओ में नौकरी के लिए गई. उस का आकर्षक व्यक्तित्व देखते हुए एनजीओ की फाउंडर ने कहा, ‘‘आप का काम हमारे लिए फंड लाना और उसे सैंक्शन कराना रहेगा. आप इस कार्य के लिए ट्रैंड हैं, आप को कोई दिक्कत तो नहीं है न.’’

मैं उन का इशारा नहीं समझी, इसलिए इस काम के लिए तुरंत हां कर दी. लेकिन पहले ही असाइनमैंट पर मुझे असली बात समझ में आ गई जब मुझ से हमबिस्तर होने के लिए कहा गया. मैं उस व्यक्ति पर आक्रामकता दिखा कर फाउंडर के पास गई तो वे बोली, ‘मैं ने तो आप से पहले ही कह दिया था और आप ने ही हामी भरी. तभी आप को भेजा गया.’ मैं ने शिकायत भी दर्ज कराई पर कुछ नहीं हुआ. उलटे, मेरी ही फजीहत करने की पूरी कोशिश की गई.

छात्रा कुमारी नैना का कहना है, ‘‘आज नौकरी पाना मेरे लिए मुश्किल हो गया है. जहां भी मेरे साथ कोई हरकत करता है, मैं उस का जम कर विरोध करती हूं. इस वजह से हर जगह मुझे बदनाम करने की कोशिश की जाती है. अब हर कोई मुझ से डरता है, कोई काम करवा कर राजी नहीं है. इतनी पूंजी भी नहीं है कि मैं अपना ही कोई काम शुरू कर सकूं.’’

तमाम नियमकायदों के बावजूद महिलाओं का जीवन काफी कठिन है. किसी के प्रति आवाज उठाना खतरे से खाली नहीं है. बाहरी दुनिया के खतरों को जानना तथा उन्हें हल करना जितना आसान दिखता है उतना वास्तव में है नहीं.

एक छात्रा रुचिका का कहना है कि जब उस ने अपने क्लास टीचर द्वारा छात्राओं को छूने की बात घर आ कर पेरैंट्स को बताई तो भाई ने 2 झापड़ उसी को जड़ दिए और बोला कि उस की हिम्मत तुम्हारे ही साथ ऐसा करने की कैसे हो गई और लड़कियां भी तो क्लास में हैं. यह मेरे लिए काफी बड़ा आघात था.

रुचिका ने घर वालों को बताया कि टीचर ने अन्य युवतियों के साथ भी ऐसा किया हो, इस का मुझे यह उसे क्या पता. खैर, यह बात प्रिंसिपल तक पहुंची. माफीनामे और टीचर को स्कूल से निकाल देने पर मामला शांत हुआ. कानूनी ऐक्शन न लेने का मलाल रुचिका को आज भी है.

अंकिता कहती है कि एक प्रोजैक्ट की स्वीकृति पर अनुभाग अधिकारी जब मेरे जिस्म को छूने लगा तो मैं ने उसे वहीं रोक दिया. पति को ये बातें बताईं. उन्होंने जब उस से बात की तो वह मेरे कागज दाएंबाएं न कर सका. सरकारी कार्यालय में सैक्सुअल हैरासमैंट के खिलाफ कमेटी भी बनी होती है.

नियति ने डाक्टर की आशिकमिजाजी की बात अपने पति को बताई तो वह उस पर ही आरोप मढ़ने लगा और जबतब इस बात का ताना मारने लगा. ऐसे में नियति ने परिवार में इस मुद्दे को उठाया तो सब ने उस के पति को समझाया कि गलत समझे जाने के फेर में बातों को दबाना ठीक नहीं है. यदि घर का कोई सदस्य अन्याय के खिलाफ आप के साथ खड़ा न हो और आप को ही दोषी ठहराए तो उस के खिलाफ भी आवाज बुलंद करने में देरी न करें.

अपनी ओर से कोई संकेत न दें : सेक्स ब्राइब की मांग करने वाले लोग सौफ्ट टारगेट की तलाश में रहते हैं. सो, ऐसे लोगों से बेकार की बातचीत न करें और ऐसा कोई संकेत भी न दें जिस से उन्हें अनुचित काम करने का मौका मिले.

लक्ष्मीकांता बताती हैं, ‘‘मैं बिजली के दफ्तर गई तो वहां एक कर्मचारी मुझ से व्यक्तिगत बातें पूछता रहा. फिर बोला कि ब्याज तो मैं 10 हजार रुपए भी माफ करा दूंगा पर कभी बाहर मिलें.’’ लक्ष्मीकांता ने आगे बताया, ‘‘कहने लगीं कि शायद मेरी बातों से उस ने मेरे विधवा होने का पता लगा लिया, इसीलिए वह ऐसा प्रस्ताव रख रहा था. लेकिन मैं ने उसी समय तय कर लिया कि इस दफ्तर में मुझे दोबारा नहीं आना है. मैं ने उपभोक्ता फोरम से निवेदन किया. ट्रेन के टिकट पेश कर के अपनी अनुपस्थिति जताई. तब मेरा गलत बिल ठीक हुआ. हां, आधे घंटे के इस काम में 6 महीने जरूर लग गए.

शौर्टकट न तलाशें 

कोई भी काम करने के लिए अवैध शौर्टकट या ऐसा कोई तरीका न अपनाएं जिस से कोई व्यक्ति आप से गलत मांग करे. ईमानदार व तेजतर्रार व्यक्ति के सामने हर कोई अमान्य, अवैध प्रस्ताव रखते हुए डरता है.

बस, साहब को खुश कर दो

रचना कहती है कि साहब के पीए ने मुझ से यह प्रस्ताव रखा कि ‘बस, साहब को खुश कर दो’ तो मैं सन्न रह गई पर हिम्मत कर के मैं ने कहा, ‘‘साहब सरकार द्वारा हमारा काम करने के लिए रखे गए हैं. तुम्हें पता है ऐसा कहने से तुम्हारी नौकरी और जिंदगी पर बात आ सकती है. तुम अपनेआप को समझते क्या हो.’’ पीए बजाय डरने के मुझे ही धमकाते हुए बोला, ‘‘अपना लैक्चर अपने पास रखो. आप जैसी दोचार महिलाएं रोज आती हैं औफिस में और तीसरे दिन साहब की शरण में होती हैं.’’

खैर, मैं ने संबंधित अथौरिटी से शिकायत की. लेकिन जब मैं ने जानना चाहा कि पीए को क्या सजा हुई, यह पूछने पर कहा गया कि हम बाहर के लोगों को जानकारी नहीं दे सकते. आखिर, 6 महीने बाद उस पर कार्यवाही हुई.

प्रमाण नहीं होता

सेक्स की मांग करने वालों के खिलाफ पुख्ता सुबूत जुटाना मुश्किल होता है. मोबाइल में रिकौर्डिंग व फोटोग्राफी की व्यवस्था होने पर भी उस का उपयोग कई विभागों में सुरक्षा के नाम पर प्रतिबंधित होता है. फिर भी महिलाओं को चुप्पी साधने के बजाय अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए. कोर्ट तक में नारी की इस बात पर संज्ञान लिया जाता है कि ऐसी गैरवाजिब बातों के कोईर् प्रमाण नहीं छोड़ता.

घर वालों को विश्वास में लें

यदि किसी भी विभाग में आप से काम करने के एवज में कोई कर्मचारी अनुचित मांग यानी सेक्स या ऐसी ही कोई दूसरी मांग करता है तो तुरंत अपने घर वालों को इस की जानकारी दें.

सूचना का अधिकार तथा ऐसे ही जनफ्रैंडली टूल आ रहे हैं, जिन से सरकारी बाबुओं को काम को रोकना मुश्किल होता है. हर महकमे का विजिलैंस विभाग भी है जहां शिकायत दर्ज होने पर उन्हें ऐक्शन लेना पड़ता है. फिर अब तो सैक्सुअल हैरासमैंट औन वर्कप्लेस जैसे कानून भी महिला फ्रैंडली हो रहे हैं.

कहीं भी कोई भी जोरजबरदस्ती या नम्रता से सेक्स की सीधे या छद्म मांग करे तो उस को मुंहतोड़ जवाब दें तथा कानूनी कार्यवाही करें. सहने और टालने से काम हो जाने पर नजरअंदाज करने से आप सिर्फ अपने को बचा पाती हैं. कानूनी ऐक्शन ले कर आप अपने जैसी कई महिलाओं को बचाती हैं और समाज में नारी गरिमा की मिसाल पेश करती हैं.

हरप्रीत कौर तेजाब कांड: बदला लेने की ये थी अजीब सनक

Crime News in Hindi: हरप्रीत कौर तेजाब कांड (Harpreet Kaur Acid Attack Case) के नाम से मशहूर मामले का फैसला सुनाया जाना था, इसलिए लुधियाना (Ludhiana) के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (Additional District And Session Judge) श्री संदीप कुमार सिंगला की अदालत में अन्य दिनों की अपेक्षा कुछ ज्यादा ही चहलपहल थी. इस की वजह यह थी कि अपने समय का यह काफी चर्चित मामला था. इस की वजह यह थी कि यह तेजाब कांड उस समय घटित हुआ था, जिस दिन हरप्रीत कौर की शादी होने वाली थी. दुख की बात यह थी कि इस मामले में दोष किसी और का था, दुश्मनी किसी और से थी और सजा भुगतनी पड़ी थी निर्दोष हरप्रीत कौर को. तमाम पीड़ा सहने के बाद उस की असमय मौत भी हो गई थी. इस मामले में क्या सजा सुनाई गई, उस से पहले आइए इस पूरे मामले के बारे में जान लें. पंजाब (Punjab) के जिला बरनाला (Barnala) के ढनोला रोड पर स्थित है बस्ती फत्तहनगर. जसवंत सिंह यहीं के रहने वाले थे. उन्होंने अपने घर के एक हिस्से में सैलून खोल रखा था. उसी की कमाई से परिवार का गुजरबसर हो रहा था. उन के परिवार में पत्नी दविंदर कौर के अलावा 2 बेटे और एक बेटी हरप्रीत कौर थी.

बेटी पढ़लिख कर शादी लायक हुई तो जसवंत सिंह ने उस के लिए वर की तलाश शुरू कर दी. लुधियाना में उन की बहन रहती थी भोली. उसी के माध्यम से हरप्रीत कौर की शादी की बात कोलकाता के रहने वाले रंजीत  सिंह के बेटे हरप्रीत सिंह उर्फ हनी से चली.

रंजीत सिंह मूलरूप से दोराहा लुधियाना के रहने वाले थे. लेकिन अपनी जवानी में वह कोलकाता जा कर बस गए थे. वहां उन का होटल एंड रेस्टोरैंट का बहुत बड़ा कारोबार था. उन के पास किसी चीज की कमी नहीं थी.

वह बहू के रूप में गरीब और शरीफ परिवार की प्रतिभाशाली लड़की चाहते थे. इसीलिए उन्होंने ही नहीं, उन के बेटे हरप्रीत सिंह ने भी हरप्रीत कौर को देख कर पसंद कर लिया था. यह मार्च, 2013 की बात थी. बातचीत के बाद शादी की तारीख 7 दिसंबर, 2013 रख दी गई थी.

जसवंत सिंह और रंजीत सिंह की आर्थिक स्थिति में जमीन आसमान का अंतर था. शादी तय होने के कुछ दिनों बाद ही जसवंत सिंह को फोन कर के धमकी दी जाने लगी कि वह यह रिश्ता तोड़ दें अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहें. जसवंत सिंह ने यह बात रंजीत सिंह को बताई तो उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों से हमारी रंजिश हैं, शायद वही फोन कर के आप को धमका रहे हैं. लेकिन आप को चिंता करने की जरूरत नहीं है. हमारी तरफ से कोई बात नहीं है. आप शादी की तैयारी करें.’’

इस के बाद भी जसवंत सिंह के पास धमकी भरे फोन आते रहे. कुछ अंजान युवकों ने बरनाला स्थित उन के घर आ कर भी शादी तोड़ने को कहा, लेकिन जसवंत सिंह परवाह किए बिना बेटी की शादी की तैयारी करते रहे.

शादी की तारीख नजदीक आ गई तो जसवंत सिंह परिवार सहित लुधियाना के जनता  नगर की गली नंबर 16 में रहने वाले अपने रिश्तेदार रजिंदर सिंह बगा के घर आ गए. दूसरी ओर रंजीत सिंह का परिवार भी बेटे की शादी के लिए कोलकाता से लुधियाना आ गया था. विवाह के लिए उन्होंने परवोवाल रोड स्थित शहर का सब से महंगा स्टर्लिंग रिजौर्ट बुक करा रखा था.

7 दिसंबर, 2013 को शादी वाले दिन हरप्रीत कौर अपनी मां, पिता और 2 सहेलियों के साथ सजने के लिए सुबह 7 बजे कार से सराभानगर स्थित लैक्मे ब्यूटी सैलून॒ पहुंची. मातापिता बाहर कार में ही बैठे रहे, जबकि हरप्रीत कौर सहेलियों के साथ सैलून में चली गई. चूंकि सैलून पहले से ही बुक कराया गया था, इसलिए उस के पहुंचते ही उस का मेकअप करना शुरू कर दिया गया.

ठीक साढ़े 7 बजे एक युवक हाथ में प्लास्टिक का डिब्बा लिए सैलून में दाखिल हुआ. उस ने अपना चेहरा ढक रखा था. सैलून में दाखिल होते ही उस ने हरप्रीत कौर को इस तरह पुकारा, जैसे वह उस का परिचित हो. हरप्रीत कौर के बोलते ही वह वहां गया, जहां हरप्रीत कौर का मेकअप हो रहा था. सैलून में काम करने वाले कर्मचारियों ने उसे अंदर आते देखा जरूर था, पर किसी ने उसे रोका नहीं. क्योंकि युवक जिस आत्मविश्वास के साथ अंदर आया था, सब ने यही समझा कि वह दुलहन का मेकअप करा रही हरप्रीत कौर का कोई रिश्तेदार है.

हरप्रीत कौर के पास पहुंच कर युवक ने थोड़ा ऊंचे स्वर में कहा, ‘‘मैं ने तुझ से ही नहीं, तेरे घर वालों से भी कितनी बार कहा था न कि मैं यह शादी नहीं होने दूंगा.’’

इस के बाद उस ने प्लास्टिक का डिब्बा खोला, जिस में वह तेजाब ले कर आया था. उस ने डिब्बे का सारा तेजाब हरप्रीत कौर के ऊपर उडे़ल दिया. इसी के साथ वह एक कागज फेंक कर जिस तरह तेजी से आया था उस से भी ज्यादा तेजी से बाहर निकल गया. तेजाब ऊपर पड़ते ही हरप्रीत चीखनेचिल्लाने लगी. उस के चीखनेचिल्लाने से वहां काम करने वाले कर्मचारियों को जब घटना का भान हुआ तो सभी डर के मारे चीखनेचिल्लाने लगे. शोरशराबा सुन कर सैलून के मैनेजर संजीव गोयल तुरंत आ गए. वह उस युवक के पीछे दौड़े भी, पर उन के बाहर आने तक वह बाहर खड़ी कार में सवार हो भाग गया था.

कार में शायद कुछ और लोग भी बैठे थे. हरप्रीत कौर के अलावा उस के बगल वाली सीट पर मेकअप करवा रही अमृतपाल कौर तथा 2 ब्यूटीशियनों पर भी तेजाब पड़ गया था. हरप्रीत कौर की हालत सब से ज्यादा खराब थी. मैनेजर संजीव गोयल ने थाना सराभानगर पुलिस को घटना की सूचना देने के साथ हरप्रीत कौर सहित सभी घायलों को डीएमसी अस्पताल पहुंचाया.

प्राथमिक उपचार के बाद अन्य सभी घायलों को तो छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन हरप्रीत कौर का पूरा चेहरा एवं छाती बुरी तरह जल गई थी, इसलिए उसे अस्पताल में भरती करा दिया गया था.

मैनेजर संजीव गोयल, मेकअप करवाने वाली अमृतपाल कौर, 2 ब्यूटीशियनों के अलावा हरप्रीत कौर के मातापिता इस घटना के चश्मदीद थे. हरप्रीत कौर के पिता जसवंत सिंह की ओर से थाना सराभानगर में इस तेजाब कांड का मुकदमा दर्ज हुआ. घटनास्थल के निरीक्षण में इंसपेक्टर हरपाल सिंह ग्रेवाल को सैलून से युवक द्वारा फेंका गया कागज मिला तो पता चला कि वह प्रेमपत्र था.

उन्होंने सैलून के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली थी. बाद में जांच में पता चला कि युवक ने सैलून में जो प्रेमपत्र फेंका था, वह पुलिस की जांच को गुमराह करने के लिए फेंका था. हरप्रीत कौर का किसी से कोई प्रेमसंबंध नहीं था.

जब स्पष्ट हो गया कि मामला प्रेमसंबंधों का या एकतरफा प्रेम का नहीं था तो पुलिस सोच में पड़ गई कि आखिर दुलहन पर तेजाब क्यों फेंका गया, वह भी फेरों से मात्र एक घंटे पहले? यह बात मामले की जांच कर रहे हरपाल सिंह ग्रेवाल की समझ में नहीं आ रही थी. हरप्रीत कौर बयान देने की स्थिति में नहीं थी. तेजाब पड़ने के बाद वह बेहोश हुई तो फिर होश में नहीं आई. उस की हालत दिनोंदिन नाजुक ही होती जा रही थी.

जब डीएमसी अस्पताल के डाक्टरों ने हरप्रीत कौर के इलाज से हाथ खड़े कर दिए तो लुधियाना के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर निर्मल सिंह ढिल्लो और इंसपेक्टर हरपाल सिंह ने खुद और कुछ पुलिस फंड से मदद कर के इलाज के लिए दिसंबर, 2013 को विशेष विमान द्वारा उसे मुंबई भिजवाया.

इंसपेक्टर हरपाल सिंह ने रंजीत सिंह और उन के बेटे हरप्रीत सिंह, जिस से हरप्रीत कौर की शादी हो रही थी, दोनों लोगों से विस्तार से पूछताछ करते हुए उन की पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में गहराई से छानबीन की तो आखिर पूरा मामला उन की समझ में आ गया.

इस के बाद अपने अधिकारियों से रायमशविरा कर के उन्होंने सबइंसपेक्टर मनजीत सिंह को साथ ले कर एक पुलिस टीम बनाई और पटियाला के रंजीतनगर स्थित एक कोठी पर छापा मारा. उन के छापा मारने पर भागने के लिए एक युवक कोठी की छत से कूदा, जिस से उस की एक टांग टूट गई और वह पकड़ा गया. उस का नाम पलविंदर सिंह उर्फ पवन था. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. उस के अलावा 30-32 साल की एक महिला को गिरफ्तार किया गया, जिस का नाम अमृतपाल कौर था.

दोनों को क्राइम ब्रांच औफिस ला कर पूछताछ की गई तो पता चला कि इस तेजाब कांड की मुख्य अभियुक्ता अमृतपाल कौर थी, जो हरप्रीत सिंह की भाभी थी.

उस का हरप्रीत सिंह के भाई से तलाक हो चुका था. उसी ने अपने ससुर रंजीत सिंह और उन के घर वालों से बदला लेने के लिए हरप्रीत कौर पर तेजाब डलवाया था. अमृतपाल कौर से पूछताछ में इस तेजाब कांड की जो कहानी प्रकाश में आई, वह बेहद चौंकाने वाली थी.

अमृतपाल कौर उर्फ डिंपी उर्फ हनी उर्फ परी, लुधियाना के दुगड़ी के रहने वाले सोहन सिंह की बेटी थी. आधुनिक विचारों वाली अमृतपाल कौर अपनी मरजी से जिंदगी जीने में विश्वास करती थी, जिस से उस की तमाम लड़कों से दोस्ती हो गई थी. जिद्दी और झगड़ालू स्वभाव की होने की वजह से मांबाप भी उसे नहीं रोक पाए.

सन 2003 में रंजीत सिंह के बड़े बेटे तरनजीत सिंह से अमृतपाल कौर का विवाह हो गया तो वह कोलकाता आ गई थी. ससुराल आ कर जब उसे पता चला कि तरनजीत सिंह नपुंसक है तो वह सन्न रह गई. पति का साथ न मिलने की वजह से वह चिड़चिड़ी हो गई.

इस के बाद घर में क्लेश शुरू हो गया. बातबात पर अमृतपाल कौर ससुर और पति को ताने देने लगी. धीरेधीरे वह परिवार पर हावी होती गई. शारीरिक कमजोरी और समाज में बदनामी के डर से तरनजीत सिंह ही नहीं, घर का कोई भी सदस्य उस के सामने कुछ नहीं कह पाता था.

इस क्लेश से बचने के लिए तरनजीत सिंह अमृतपाल कौर को ले कर विदेश चला गया, जहां उस ने जुड़वा बेटों अनंत और मिरर को जन्म दिया. बच्चों के जन्म के बाद दोनों कोलकाता आ गए. विदेश से लौटने के बाद घर में क्लेश कम होने के बजाए इतना बढ़ गया कि अमृतपाल कौर ने दोनों बेटों को पति को सौंप कर उस से तलाक ले लिया. इस तलाक में अमृतपाल कौर ने 70 लाख रुपए नकद और लुधियाना के दोहरा में एक प्लौट लिया था.

तलाक के बाद अमृतपाल कौर  पूरी तरह से आजाद हो गई. पैसों की उस के पास कमी नहीं थी. वह अपनी मरजी की मालिक थी. सन 2013 में उस ने एक एनआरआई अमेंदर सिंह के शादी कर ली. वह वेस्ट लंदन में रहता था. शादी के कुछ दिनों बाद वह लंदन चला गया तो अमृतपाल कौर मायके में रहने लगी. पति के विदेश जाने के बाद उस की मुलाकात पलविंदर सिंह उर्फ पवन से हुई. वह आपराधिक प्रवृति का था, जिस की वजह से उस के पिता अजीत सिंह ने उसे घर से बेदखल कर दिया था.

अमृतपाल कौर को सहारे की जरूरत थी, इसलिए उस ने उस से नजदीकियां बढ़ाईं. पलविंदर से उस के संबंध बन गए तो वह उस के इशारे पर नाचने लगा. अमृतपाल कौर अपनी जिंदगी अपने तरीके से जी रही थी. लेकिन तलाक के बाद उस की ससुराल वालों ने चैन की सांस ली थी.

अमृतपाल कौर को पता चला कि उस के पति तरनजीत सिंह के छोटे भाई हरप्रीत सिंह की शादी बरनाला की एक खूबसूरत लड़की हरप्रीत कौर से हो रही है तो उसे जैसे सनक सी चढ़ गई कि कुछ भी हो, वह उस परिवार के किसी भी लड़के की शादी नहीं होने देगी. उस ने तुरंत अपने ससुर रंजीत सिंह को फोन कर के कहा, ‘‘रंजीत सिंह, तुम कान खोल कर सुन लो, मैं तुम्हारे घर में अब कभी शहनाई नहीं बजने दूंगी.’’

रंजीत सिंह ने उस की इस धमकी को गंभीरता से नहीं लिया और वह बेटे की शादी की तैयारी करते रहे. अमृतपाल कौर के पास ना तो शैतानी दिमाग की कभी थी और ना ही दौलत की. उस ने अपने मन की बात पलविंदर को बता कर उस के साथ योजना बनाई गई कि कोलकाता जा कर रंजीत सिंह के परिवार का कुछ ऐसा अनिष्ट किया जाए कि शादी करने की हिम्मत न कर सके.

पर उन के लिए यह काम इतना आसान नहीं था. इसलिए अमृतपाल कौर ने विचार किया कि जिस लड़की के साथ हरप्रीत सिंह की शादी होने वाली है, अगर उस लड़की की सुंदरता खराब कर दी जाए तो शादी अपने आप रुक जाएगी. पलविंदर को भी उस का यह विचार उचित लगा. उस ने कहा कि अगर हरप्रीत कौर के चेहरे पर तेजाब डाल दिया जाए तो शादी अपने आप रुक जाएगी.

इस योजना पर सहमति बन गई तो अमृतपाल कौर ने यह काम करने के लिए पलविंदर को 10 लाख रुपए दिए. पलविंदर ने अपनी इस योजना में अपने चचेरे भाई सनप्रीत सिंह उर्फ सन्नी को भी शामिल कर लिया. यह काम सिर्फ 2 लोगों से नहीं हो सकता था, इसलिए सन्नी ने अपने दोस्तों, राकेश कुमार प्रेमी, जसप्रीत सिंह और गुरसेवक को शामिल कर लिया. पलविंदर और सन्नी हरप्रीत कौर पर तेजाब डालने के लिए 3 बार बरनाला स्थित उस के घर गए, पर वहां मौका नहीं मिला.

इस के बाद अमृतपाल कौर ने पलविंदर को लुधियाना बुला लिया. क्योंकि उसे पता चल गया था कि 5 दिसंबर को हरप्रीत कौर का परिवार लुधियाना आ गया है. 6 दिसंबर, 2013 को पलविंदर भी अपने साथियों के साथ लुधियाना आ गया था. उस ने अपने फूफा की मारुति जेन कार यह कह कर मांग ली थी कि उसे अपने दोस्त की शादी में जाना है. इसी कार में पलविंदर ने फरजी नंबर पीबी11जेड-9090 की प्लेट लगा कर घटना को अंजाम दिया था.

पलविंदर सिंह ने तेजाब पटियाला के एक मोटर मैकेनिक अश्विनी कुमार से लिया था. अमृतपाल कौर ने अपने सूत्रों से पता कर लिया था कि हरप्रीत कौर सजने के लिए लैक्मे ब्यूटी सैलून जाएगी. इसलिए पलविंदर ने एक दिन पहले रेकी कर के हरप्रीत कौर पर तेजाब फेंक कर भागने का रास्ता देख लिया था.

अमृतपाल कौर से पूछताछ के बाद इंसपेक्टर हरपाल सिंह ने तेजाब कांड से जुड़े अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर के 9 दिसंबर, 2013 को ड्यूटी मजिस्ट्रैट की अदालत में पेश कर के सबूत जुटाने के लिए 3 दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया. रिमांड अवधि में सारे सबूत जुटा कर सभी अभियुक्तों को पुन: अदालत में पेश कर के जेल भेज दिया गया. मुंबई के नैशनल बर्न अस्पताल में भरती हरप्रीत कौर ने 27 दिसंबर की सुबह 5 बजे दम तोड़ दिया था. तमाम पुलिस काररवाई पूरी कर के हरपाल सिंह उस की लाश विमान द्वारा मुंबई से दिल्ली और वहां से सड़क मार्ग से बरनाला ले आए थे.

पुलिस ने इस मामले में अमृतपाल कौर उर्फ परी, परविंदर सिंह उर्फ पवन, सनप्रीत सिंह उर्फ सन्नी, राकेश कुमार प्रेमी, गुरुसेवक सिंह, अश्विनी कुमार और जसप्रीत सिंह को अभियुक्त बनाया था. इस मामले में लैक्मे ब्यूटी सैलून की ब्यूटीशियनों एवं मैनेजर संजीव गोयल सहित 38 गवाह थे. घटनास्थल से बरामद सीसीटीवी फुटेज भी अदालत में पेश की गई थी.

अभियोजन पक्ष की ओर से सीनियर पब्लिक प्रौसीक्यूटर एस.एम. हैदर ने जबरदस्त तरीके से दलीलें देते हुए माननीय जज से सभी दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की गुजारिश की थी. जबकि बचाव पक्ष के वकील ने सजा में नरमी बरतने का आग्रह किया था. लंबी सुनवाई और बहस के बाद अदालत ने 6 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 20 दिसंबर, 2016 को सजा की तारीख तय कर दी थी.

तय तारीख पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार सिंगला ने अपना फैसला सुनाया. माननीय न्यायाधीश ने अमृतपाल कौर और पलविंदर सिंह उर्फ पवन के इस कृत्य को अमानवीय मानते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

लेकिन उन्होंने इस सजा में एक शर्त यह रख दी थी कि दोनों दोषी पूरे 25 साल तक जेल में रहेंगे. इस के अलावा उन पर 9 लाख 60 हजार रुपए का जुरमाना भी लगाया था.

जुरमाने की इस राशि से 6 लाख रुपए मृतका हरप्रीत कौर के घर वालों को दिए जाएंगे. 1 लाख रुपया ब्यूटीपार्लर में घायल अमृतपाल कौर को तथा 50-50 हजार रुपए ब्यूटीपार्लर की घायल दोनों ब्यूटीशियनों को दिए जाएंगे.

इस तेजाब कांड में शामिल अन्य अभियुक्तों सनप्रीत सिंह उर्फ सन्नी, राकेश कुमार, गुरुसेवक सिंह और जसप्रीत सिंह को भी दोषी करार देते हुए अदालत ने इन्हें उम्रकैद की सजा के साथ सवासवा लाख रुपए जुरमाने की सजा सुनाई थी. अभियुक्त अश्विनी कुमार को सबूतों के अभाव में दोष मुक्त कर दिया गया था.

इन अभियुक्तों की वजह से एक बेकसूर को उस समय मौत के मुंह में जाना पड़ा, जब वह अपने जीवन के हसीन पल जीने जा रही थी. इसलिए इन्हें जो सजा मिली, शायद वह कम ही कही जाएगी.

मुझे सेक्स के दौरान दर्द होता है, मैं क्या करूं?

सवाल
मैं 23 साल की युवती हूं. मैं दिल्ली में रहती हूं और एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती हूं. पिछले तीन महीने से मैं रिलेशनशिप में हूं. हम दोनों जल्दी ही शादी भी करने वाले हैं. कुछ दिनों पहले मैंने अपने बौयफ्रैंड के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किया. हालांकि इस दौरान बौयफ्रैंड ने कंडोम का प्रयोग कर सैक्स किया. उस समय तो मुझे पता नहीं चला, पर दूसरे दिन सुबह मेरे यूटरस में दर्द होने लगा और मुझे बुखार भी हो गया. अत: बताएं कि सुरक्षित संबंध बनाने के बाद भी दर्द क्यों हुआ? क्या यह कोई गंभीर बीमारी तो नहीं है और इसका हमारे वैवाहिक जीवन पर कोई बुरा असर तो नहीं पडे़गा?
जवाब
सैक्स संबंध हमेशा सुरक्षित ही बनाना चाहिए. सैक्स क्रिया में कंडोम एक सरल व सहज गर्भनिरोधक है, जिस से अनचाहे गर्भधारण से बचा जा सकता है. यूटरस में दर्द और बुखार होने का सुरक्षित सैक्स संबंध बनाने से कोई वास्ता नहीं है. संभव है कि आप के साथ कोई अंदरूनी वजह रही होगी. बेहतर होगा कि आप अपने डाक्टर से मिल कर सलाह लें.
अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

भीख मांगने के अनोखे तरीके, कैसे काम करता है रैकेट

Society News in Hindi: भारत में ट्रैफिक सिगनल (Traffic Signal) की लाल बत्ती पर किसी फटेहाल औरत का अपनी गोद में बच्चा लिए किसी कार की तरफ दौड़ना या किसी छोटे बच्चे के साथ विकलांग (Handicap) बूढ़े का भीख मांगना दिखाई देना आम बात है. आप को रेलवे स्टेशनों (Railway Station), मैट्रो स्टेशनों (Metro Station), पर्यटन स्थलों (Tourist Places), मंदिरों में भीख मांगते हुए कई लोग मिलेंगे और कई ऐसी जगहों पर तो रोजाना मिलेंगे जहां भीड़ ज्यादा होती है. ऐसी ही कुछ वजहों के चलते भारत में भीख (Begging) मांगना सब से गंभीर सामाजिक बुराइयों (Social Evils) में से एक है. देश में कुछ भिखारी असली हैं, जो काम करने में नाकाम हैं क्योंकि वे बूढ़े या शरीर से लाचार हैं. उन्हें बुनियादी जरूरतों के लिए पैसे की जरूरत है, इसीलिए वे भीख मांगते हैं. ऐसे कई लोग हैं जो गरीबी रेखा (Poverty line) से नीचे हैं और अपना पेट भरने के लिए भीख मांगते हैं.

कुछ मामले ऐसे हैं जिन में पूरे परिवार के सदस्य भीख मांगने में शामिल हैं. इस तरह के परिवारों के बच्चे स्कूल नहीं जाते, बल्कि भीख मांगते हैं. वे भीख इसलिए भी मांगते हैं क्योंकि उन के परिवार की एक दिन की आमदनी में पूरे परिवार को खिलाने के लिए जरूरत के मुताबिक पैसा नहीं है.

भीख मांगना एक घोटाला

भारत में भीख मांगने वालों का एक बड़ा रैकेट बन गया है. कई लोगों के लिए भीख मांगना किसी दूसरे पेशे की तरह है. वे पैसे कमाने के लिए बाहर जाते हैं. वे काम कर के नहीं बल्कि भीख मांग कर कमाना चाहते हैं.

ऐसे लोग गिरोह के साथ दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, मुंबई, कोलकाता जैसे शहरों में भीख मांग रहे हैं. इन गिरोहों के अपने नेता होते हैं. हर नेता भिखारियों के एक समूह को खास इलाका बांटता है और रोजाना की कमाई उन के बीच साझा करता है.

भिखारियों का नेता अपने पास बड़ा हिस्सा रखता है और बाकी हिस्सा भिखारियों में बांट देता है. ये भिखारी भीख मांगने में इतने लीन हो जाते हैं कि इस के अलावा और कोई काम नहीं करना चाहते हैं.

यह पता लगाना मुश्किल है कि कौन असली भिखारी है और कौन बनावटी भिखारी है क्योंकि दोनों देखने में एकजैसे ही लगते हैं. यहां तक कि उन के बच्चों को भीख मांगने और असली दिखने के लिए ठीक से ट्रेंड किया जाता है. जब हम एक जवान को उस के छोटे बच्चे को पकड़े हुए सड़कों पर भीख मांगते हुए देखते हैं तो कभीकभी उन के चेहरे को देख कर हमारे दिल पसीज जाते हैं.

ज्यादातर मामलों में बच्चे को सोते (नशे की हालत में) हुए पाया जाता है, यकीनी तौर पर यह एक घोटाला है. कई स्टिंग औपरेशनों से पता चला है कि भीख मंगवाने में बच्चों को किराए पर लिया जाता है. कभीकभी बच्चों को पूरे दिन के लिए नशा दे दिया जाता है ताकि वे बीमार लगें.

भिखारी को बहुत अच्छे ढंग से ट्रेनिंग दी जाती है ताकि जब वह भीख मांग रहा हो तो आप उन्हें पैसे देने के लिए राजी हो जाएं, खासतौर पर विदेशियों के लिए.

भिखारी देश में असामाजिक तत्त्व बन जाते हैं. वे सभी ड्रग्स का सेवन करने लगते हैं. ड्रग्स खरीदने के लिए पहले वे भीख मांगना शुरू करते हैं, फिर जब जेबखर्च धीरेधीरे बढ़ता है तो वे लूट और हत्या जैसे बड़े अपराधों में शामिल हो जाते हैं.

देश में 4 लाख से भी ज्यादा भिखारी हैं. सब से ज्यादा भिखारी पश्चिम बंगाल में हैं और सब से कम भिखारी के मामले में लक्षद्वीप है. वहां महज 2 भिखारी हैं.

लोकसभा में एक लिखित सवाल का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जनसंख्या सर्वे 2011 में जमा किए गए आंकड़ों के आधार पर यह जानकारी मुहैया कराई गई है.

साल 2011 की जनगणना के मुताबिक, भारत में कुल 4 लाख, 13 हजार, 670 भिखारी हैं, जिस में से 2 लाख, 21 हजार, 673 मर्द और एक लाख, 91 हजार, 997 औरतें हैं.

देशभर में पश्चिम बंगाल में भिखारियों की तादाद सब से ज्यादा 81 हजार, 224 है. इस के बाद नंबर आता है उत्तर प्रदेश का जहां 65 हजार, 835 भिखारी हैं. तीसरे नंबर पर बिहार है जहां 29 हजार, 723 भिखारी हैं. मध्य प्रदेश में 28 हजार, 695 भिखारी हैं.

पूर्वोत्तर के राज्यों में भिखारियों की तादाद असम में सब से ज्यादा है और मिजोरम में सब से कम. दक्षिण के राज्यों में सब से कम भिखारी केरल में हैं तो सब से ज्यादा भिखारी आंध्र प्रदेश में हैं.

इस आंकड़े के मुताबिक, पश्चिम बंगाल सहित असम, मणिपुर जैसे राज्यों में मर्द भिखारियों के मुकाबले औरत भिखारियों की तादाद ज्यादा है. केंद्रशासित प्रदेशों में सब से ज्यादा भिखारी दिल्ली में हैं. दिल्ली में कुल 12,187 भिखारी हैं, जबकि चंडीगढ़ में कुल 723.

क्या करना चाहिए भारत में तेजी से भिखारियों की तादाद में बढ़ोतरी हो रही है. सरकार, विभिन्न संगठन, कार्यकर्ता दावा करते हैं कि भिखारियों को खत्म करने के लिए कई उपाय किए गए हैं और कुछ हद तक कामयाब भी हुए हैं. लेकिन भीख मांगने की आदत अभी भी जारी है.

इस के लिए हमें भी कुसूरवार ठहराया जाना चाहिए क्योंकि हम भारतीयों के रूप में बहुत रूढ़िवादी और ऊपर वाले से डरने वाले हैं. हम ने अपने मन को धार्मिक सीमा में बांध रखा है. यह हमें दान करने के लिए मजबूर करता है और दान करने का सब से आसान तरीका है कि पास के मंदिर में जाएं और वहां पर भिखारियों को भीख दें. यह उन्हें निकम्मा बनाता है और आम आदमी को रिश्वत देने की आदत डालता है.

यह सेवा का काम नहीं है. भीख देना बंद करना चाहिए. भले ही चाहे ऐसा लगे कि हम बेरहम हैं, पर जब कोई छोटा बच्चा सड़क पर भीख मांगने के लिए आए तो उसे पैसा न दिया जाए. यह एक ऐसा कदम है जिस से भिखारियों को कम करने में कुछ हद तक मदद मिल सकती है.

भोजपुरी एक्ट्रेस Namrata Malla ने Saami Saami गाने पर लगाएं ठुमके, मचा हल्ला

भोजपुरी (Bhojpuri) एक्ट्रेस नम्रता मल्ला (Namrata Malla) अपनी बोल्ड वीडियो और फोटोज को ले कर अकसर चर्चा में बनी रहती हैं. उन की बोल्ड अदाओं का हर कोई दीवाना है. आएदिन उन का कोई न कोई नया वीडियो वायरल होता रहता है. सोशल मीडिया (Social Media) पर तो वे हल्ला मचाए रखती हैं. फैंस को उन का यह अंदाज काफी पसंद आता है. इस बीच भोजपुरी एक्ट्रेस नम्रता मल्ला का एक नया डांसिंग वीडियो सामने आया है, जिस में वे साउथ मूवी ‘पुष्पा’ के एक गाने पर अपना जलवा बिखेर रही हैं. नम्रता मल्ला का यह वीडियो इंटरनेट पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है.

 

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भोजपुरी एक्ट्रेस नम्रता मल्ला ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट को अपडेट करते हुए एक वीडियो शेयर किया है, जिस में वे रश्मिका मंदाना के गाने ‘सामीसामी’ पर डांस कर रही हैं. इस वीडियो में नम्रता मल्ला ने ऐसे ठुमके लगाए हैं कि पूरा यूपीबिहार हिल गया है. नम्रता मल्ला का यह कातिलाना अंदाज सभी को पसंद आ रहा है. उन के इस क्लिप को अब तक हजारों लाइक्स मिल चुके हैं. उन की हर अदा पर लोग फिदा हो गए हैं.

 

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बताते चलें कि भोजपुरी की ‘बोल्डनेस क्वीन’ नम्रता मल्ला सोशल मीडिया पर हमेशा ट्रेंड करती हैं. एक्ट्रेस अकसर अपने फैंस के साथ तसवीरें और वीडियोज शेयर करती रहती हैं. नम्रता मल्ला के हर पोस्ट पर लोग दिल खोल कर प्यार बरसाते हैं. यही वजह है कि एक्ट्रेस नम्रता मल्ला की फैन फॉलोइंग काफी तगड़ी है. इस मामले में वे बौलीवुड और टीवी एक्ट्रेसेस को टक्कर देती हैं. यही वजह है कि नम्रता मल्ला ने अपनी कड़ी मेहनत से काफी कम समय में फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना ली है.

Movie Animal के इवेंट में महेश बाबू ने रणबीर कपूर को ले कर कही ऐसी बात, लोगों के उड़े होश

बौलीवुड स्टार रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की अपकमिंग फिल्म एनिमल (Film Animal) इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है. बीते दिनों इस मूवी का धांसू ट्रेलर (Trailor) रिलीज हुआ है, जिसे देख कर लोगों के होश उड़ गए हैं. ‘एनिमल’ के ट्रेलर में रणबीर कपूर और बौबी देओल (Bobby Deol) का अंदाज सभी को काफी पसंद आ रहा है. हाल ही में मेकर्स ने ‘एनिमल’ का प्रीरिलीज इवेंट रखा था. इस में बौलीवुड से ले कर साउथ इंडस्ट्री तक के स्टार्स शामिल हुए थे. इस लिस्ट में साउथ के सुपरस्टार महेश बाबू (Mahesh Babu) का नाम भी शामिल है. इस दौरान महेश बाबू ने रणबीर कपूर को ले कर ऐसा कुछ कह दिया है कि सभी लोग दंग रह गए हैं.


दरअसल, इंटरनेट पर एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है, जिस में साउथ के सुपरस्टार महेश बाबू रणबीर कपूर की तारीफ करते नजर आ रहे हैं. इस क्लिप में महेश बाबू कहते हैं, ‘मैं ने रणबीर कपूर से यह बात पहली भी कही है, लेकिन मुझे नहीं लगता है उन्होंने मेरी बातों को गंभीरता से लिया था. आज मैं फिर कहता हूं कि रणबीर कपूर मेरे फेवरेट हैं और वे भारत के बेस्ट एक्टर भी हैं.’


महेश बाबू की ऐसी बातों को सुनने के बाद रणबीर कपूर गदगद हो गए थे. बता दें कि रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की फिल्म ‘एनिमल’ 1 दिसंबर को रिलीज होने वाली है. लोगों का यह मानना है कि ‘एनिमल’ बौक्स औफिस पर सुपरहिट साबित होने वाली है. हालांकि उसी दिन विक्की कौशल की फिल्म ‘सैम बहादुर’ भी रिलीज होगी. ऐसे में बौक्स औफिस पर रणबीर कपूर और विक्की कौशल आमनेसामने होंगे.

सैक्स करते समय चिंता को करें बॉय बॉय

अनचाहे गर्भ की चिंता यदि सैक्स करते समय आपको सताने लगती है तो यह आपके रिश्ते को ग्रहण लगा सकती है क्योंकि सैक्स दाम्पत्य जीवन सुखमय बनाने के लिए एक अहम भूमिका निभाता है. ऐसे  मे यदि आपका पार्टनर कंडोम के प्रयोग से बचना चाहता है तो आप परेशान न हों क्योंकि आप बेझिझक फीमेल कंडोम का इस्तेमाल कर सकती हैं. वैसे भी हमेशा पुरुष ही क्यों सेक्स प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें कभी आप भी फीमेल कंडोम का एक्सपीरियंस लें. और अपने पार्टनर के साथ सेक्स का मजा लें. इसे महिलाएं सेक्स के दोरान गर्भ निरोधक की तरह उपयोग कर  खुद को  एसटीडी और अनचाहे गर्भ से सुरक्षित रख सकती हैं. मेल  कंडोम की तुलना में फीमेल कंडोम एसटीडी जैसी बीमारियों से बचाने में ज्‍यादा सुरक्षित साबित हुई है.

 फीमेल कंडोम को जाने

यह एक इंटरनल कंडोम है. महिलाएं इस कंडोम को पुरुषों की तरह बाहर से नहीं बल्कि अंदर पहनती हैं. यह शुक्राणु को गर्भाशय में प्रवेश करने से रोकने के लिए एक दीवार के रूप में काम करता है. इसे सही तरीके से इस्तेमाल करने पर 95 % तक गर्भ धारण से बचा जा सकता है.

कैसे करें प्रयोग

कंडोम के पैकेट को सावधानी से खोलें देखने में यह एक पतली और मुलायम से ढीली फिट होने वाले पाऊच  की तरह नजर आता है  जिसके दोनों छोरों पर  रिंग होती है. बंद सिरे वाली मोटी रिंग वजाइना के अंदर  प्रयोग की जाती है और कंडोम को जगह पर रखती है. पतला, बाहरी वलय शरीर के बाहर रहता है, जो योनि को ढकता है. यह अलग- अलग साइज़ में भी आता है.इसे प्रयोग करते समय सबसे पहले आप एक आरामदायक पोजिशन लें . जैसे आप बैठ जाएं , लेट जाएं , या एक पैर टेबल या  किसी भी चीज पर टिका लें,फिर अपने अंगूठे और तर्जनी उंगली का उपयोग करते हुए भीतरी रिंग के किनारों को पकड़ें और  योनि में डालें, भीतरी रिंग को बिना मुड़े सुनिश्चित रूप से गर्भाशय ग्रीवा तक पहुचाएं और बाहरी रिंग 1 इंच बाहर ही रहने दें .जिससे आप आसानी से इसे बाद में  बाहर निकाल  सकें . इसे उपयोग करते समय जल्दबाजी न करें  क्योंकि सही  तरीके से उपयोग करने पर ही आप सेक्स करने का मजा ले सकते हैं वो भी बिना किसी टेंशन के, लेकिन बात जब इसे निकालने की आती है तो सावधानी रखें की स्पर्म कंडोम से बाहर न गिरने पाए. इसके लिए बाहरी रिंग को आराम  से पकड़ें व धीरे से घुमाते  हुए बाहर निकाल लें और कूड़ेदान में फैक दें.

ध्यान रखने योग्य बातें हर बार सैक्स करने से पहले नया कंडोम प्रयोग करना चाहिए. फीमेल कंडोम को मासिक धर्म या गर्भावस्था के समय (या बच्चे के जन्म के बाद) भी उपयोग में लाया जा सकता है. कंडोम को सैक्स करने के आठ घंटे पहले योनि में डाला जा सकता है.

महिलाओं के प्राकृतिक हार्मोन्स पर इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता. ज्यादा सावधानी के लिए आप गर्भ निरोधक गोलियों के साथ भी कंडोम का उपयोग क्र सकती हैं. मेल  कंडोम के मुकाबले फीमेल कंडोम के फटने का खतरा  कम होता है. क्योंकि यह योनि में जाने के बाद बहुत अधिक टाइट नहीं होता. जबकि पुरुषों के कंडोम अधिक टाइट होने के कारण कई बार फट जाते हैं. यदि किसी चीज का फायदे  हैं तो उसके साइड इफेक्ट भी होते हैं ऐसे में महिलाओं की योनि, गुदा और पुरुषों के लिंग (पेनिस) में जलन हो सकती है. मेल व फीमेल कंडोम एक समय पर प्रयोग न करें.

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