आप कौन हैं सलाह देने वाले- भाग 1

लेखक- सुधा गुप्ता

उस दिन बाजार में भीड़भाड़ कुछ कम थी. मुझे देखते ही मीना सड़क के किनारे खींच ले गई और न जाने कितना सब याद करती रही. हम दोनों कुछ बच्चों की, कुछ घर की और कुछ अपनी कहतेसुनते रहे. ‘‘आप की बहुत याद आती थी मुझे,’’ मीना बोली, ‘‘आप से बहुत कुछ सीखा था मैं ने…याद है जब एक रात मेरी तबीयत बहुत खराब हो गई थी तब आप ने कैसे संभाला था मुझे.’’ ‘‘मैं बीमार पड़ जाती तो क्या तुम न संभालतीं मुझे. जीवन तो इसी का नाम है. इतना तो होना ही चाहिए कि मरने के बाद कोई हमें याद करे…आज तुम किसी का करो कल कोई तुम्हारा भी करेगा.’’

मेरा हाथ कस कर पकड़े थी मीना. उम्र में मुझ से छोटी थी इसलिए मैं सदा उस का नाम लेती थी. वास्तव में कुछ बहुत ज्यादा खट्टा था मीना के जीवन में जिस में मैं उस के साथ थी.

‘‘याद है दीदी, वह लड़की नीता, जिस ने बुटीक खोला था. अरे, जिस ने आप से सिलाई सीखी थी. बड़ी दुआएं देती है आप को. कहती है, आप ने उस की जिंदगी बना दी.’’

याद आया मुझे. उस के पति का काम कुछ अच्छा नहीं था इसलिए मेरी एक क्लब मेंबर ने उसे मेरे पास भेजा था. लगभग 2 महीने उस ने मुझ से सिलाई सीखी थी. उस का काम चला या नहीं मुझे पता नहीं, क्योंकि उसी दौरान पति का तबादला हो गया था. वह औरत जब आखिरी बार मेरे पास आई थी तो हाथों में कुछ रुपए थे. बड़े संकोच से उस ने मेरी तरफ यह कहते हुए बढ़ाए थे:

‘दीदी, मैं ने आप का बहुत समय लिया है. यह कुछ रुपए रख लीजिए.’

‘बस, तुम्हारा काम चल जाए तो मुझे मेरे समय का मोल मिल जाएगा,’ यह कहते हुए मैं ने उस का हाथ हटा दिया था.

सहसा कितना सब याद आने लगा. मीना कितना सब सुनाती रही. समय भी तो काफी बीत चुका न अंबाला छोड़े. 6 साल कम थोड़े ही होते हैं.

‘‘तुम अपना पता और फोन नंबर दो न,’’ कह कर मीना झट से उस दुकान में चली गई जिस के आगे हम दोनों घंटे भर से खड़ी थीं.

‘‘भैया, जरा कलमकागज देना.’’

दुकानदार हंस कर बोला, ‘‘लगता है, बहनजी कई साल बाद आपस में मिली हैं. घंटे भर से मैं आप की बातें सुन रहा हूं. आप दोनों यहां अंदर बेंच पर बैठ जाइए न.’’

क्षण भर को हम दोनों एकदूसरे का मुंह देखने लगीं. क्या हम इतना ऊंचाऊंचा बोल रही थीं. क्या बुढ़ापा आतेआते हमें असभ्य भी बना गया है? मन में उठे इन विचारों को दबाते हुए मैं बोली, ‘‘क्याक्या सुना आप ने, भैयाजी. हम तो पता नहीं क्याक्या बकती रहीं.’’

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‘‘बकती नहीं रहीं बल्कि आप की बातों से समझ में आता है कि जीवन का अच्छाखासा निचोड़ निकाल रखा है आप ने.’’

‘‘क्या निचोड़ नजर आया आप को, भाई साहब,’’ सहसा मैं भी मीना के पीछेपीछे दुकान के अंदर चली गई तो वह अपने स्टूल पर से उठ कर खड़ा हो गया.

‘‘आइए, बहनजी. अरे, छोटू…जा, जा कर 2 चाय ला.’’

पल भर में लगा हम बहुत पुराने दोस्त हैं. अब इस उम्र तक पहुंचतेपहुंचते नजर पढ़ना तो आ ही गया है मुझे. सहसा मेरी नजर उस स्टूल पर पड़ी जिस पर वह दुकानदार बैठा था. एक सवा फुट के आकार वाले स्टूल पर वह भारीभरकम शरीर का आदमी कैसे बैठ पाता होगा यही सोचने लगी. इतनी बड़ी दुकान है, क्या आरामदायक कोई कुरसी नहीं रख सकता यह दुकानदार? तभी एक लंबेचौड़े लड़के ने दुकान में प्रवेश किया. मीना कागज पर अपने घर का पता और फोन नंबर लिखती रही और मैं उस ऊंचे और कमचौड़े स्टूल को ही देखती रही जिस पर अब उस का बेटा बैठने जा रहा था.

‘‘नहीं भैयाजी, चाय मत मंगाना,’’ मीना मना करते हुए बोली, ‘‘वैसे भी हम बहुत देर से आप के कान पका रहे हैं.’’

‘‘बेटा, तुम इस इतने ऊंचे स्टूल पर क्या आराम से बैठ पाते हो? कम से कम 12 घंटे तो तुम्हारी दुकान खुलती ही होगी?’’ मेरे होंठों से सहसा यह निकल गया और इस के उत्तर में वह दुकानदार और उस का बेटा एकदूसरे का चेहरा पढ़ने लगे.

‘‘तुम्हारी तो कदकाठी भी अच्छी- खासी है. एक 6 फुट का आदमी अगर इस ऊंचे और छोटे से स्टूल पर बैठ कर काम करेगा तो रीढ़ की हड्डी का सत्यानाश हो जाएगा…शरीर से बड़ी कोई दौलत नहीं होती. इसे सहेजसंभाल कर इस्तेमाल करोगे तो वर्षों तुम्हारा साथ देगा.’’

अलविदा 2020 – ये हैं 7 भोजपुरी एक्ट्रेस, जो इस साल चर्चे में रही

भोजपुरी इंडस्ट्री में कई टैलेंटेड एक्ट्रेस हैं. जो अपनी काबिलियत के बदौलत अपनी एक नई पहचान बना रही हैं. और इस साल, कोरोना युग में भी उन्होंने अपने फैंस को निराश नहीं किया. उन्होंने अपने गानों और फिल्मों के जरिये फैंस को एंटरटेन करती रही हैं. तो चलिए आपको भोजपुरी इंडस्ट्री की उन 7 एक्ट्रेस के बारे में बताते हैं जो इस साल काफी फेमस हुई.

1.अक्षरा सिंह

अक्षरा सिंह भोजपुरी टौप एक्ट्रेस में से एक है. वह अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर शेयर करती रहती हैं. हाल ही में एक्ट्रेस का रोमांटिक गाना ‘ओठ लाली से रोटी बोर’ का फैंस के बीच खूब धमाल मचा रहा है. इस वीडियो में अक्षरा सिंह के साथ पवन सिंह भी जबरदस्त डांस करते दिखाई दे रहे हैं.

 

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2. मोनालिसा

भोजपुरी क्विन मोनालिसा अपने हौट अंदाज के लिए जानी जाती हैं. उन्होंने अब तक 50 से ज्यादा भोजपुरी फिल्मों में काम किया है. मोनालिसा ने टीवी इंडस्ट्री में भी काम किया है. हाल ही में वह Bigg Boss 14 में एक मेहमान के तौर पर नजर आई थी.

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3. रानी चटर्जी

भोजपुरी सिनेमा की बोल्ड एक्ट्रेसे में से एक रानी चटर्जी के हौट वीडियो सौन्ग सोशल मीडिया पर धमाल मचाए रहते हैं. रानी चटर्जी के गानों को यूट्यूब पर भी जमकर सुना जा रहा है. इस गाने में रानी चटर्जी का डांस भी काफी शानदार है.

 

  1. आम्रपाली दुबे

आम्रपाली दुबे और पवन सिंह का धमाकेदार भोजपुरी गाना ‘राते दिया बुता के पिया’ का वीडियो यूट्यूब पर मचाए हुए है. इस गाने में पवन सिंह और आम्रपाली दुबे की मस्त जुगलबंदी दिखाई गई है. यह गाना दर्शकों के बीच काफी मशहूर हैं.

 

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  1. निधि झा

भोजपुरी एक्ट्रेस निधि झा आए दिन सोशल मीडिया पर अपनी फोटोज शेयर करती हैं. फैंस उनके फोटोज का बेसब्री से इंतजार करते हैं. वह भोजपुरी फिल्म में कई दिग्गज कलाकारों के साथ काम कर चुकी हैं.

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  1. शुभी शर्मा

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस शुभी शर्मा इन दिनों अपने वीडियो को लेकर काफी सुर्खियों में हैं. शुभी ने अपनी दमदार एक्टिंग की वजह से लाखों फैंस के दिलों में जगह बनाई है. शुभी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. वह अक्सर अपने हौट फोटो और वीडियो शेयर कर चर्चे में बनी रहती हैं.

 

7. प्रियंका पंडित

भोजपुरी ऐक्ट्रेस प्रियंका पंडित भी इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहने लगी हैं. वह जो भी तस्वीरें शेयर करती हैं, उसके साथ कैप्शन में कोई न कोई शायरी जरूर लिखती हैं. एक्ट्रेस के इस अंदाज को फैंस काफी पसंद करते हैं.

Bigg Boss फेम Kashmera Shah ने सोशल मीडिया पर शेयर की बोल्ड फोटो

बिग बौस फेम कश्मीरा शाह अपने बोल्ड अंदाज के लिए काफी मशहूर हैं. वह अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी बोल्ड तस्वीरें फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं.

कश्मीरा के बोल्ड अंदाज के फैंस दीवाने हैं. अब हाल ही में कश्मीरा शाह ने बोल्ड फोटोशूट कराया है. इस फोटोशूट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. इसके साथ ही न्यू ईयर 2021 में हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर भी बात की है.

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कश्मीरा इन तस्वीरों में काफी सेक्सी लग रही हैं. पिंक बिकिनी  और ब्लू कलर की सैटिन शर्ट में उनका ये बोल्ड अंदाज काफी एट्रेक्टिव लग रहा है. उन्होंने बेड पर काफी हॉट पोज दिए हैं.

सोशल मीडिया पर कश्मीरा शाह ने इस तस्वीर को शेयर करते कैप्शन में लिखा है, इस साल के आखिरी हफ्ते में न्यू लुक का खुलासा, उम्मीद है कि नया साल 2021 सभी के लिए अच्छा होगा. सभी स्वस्थ रहें. हमेशा प्यार.

इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने कमेंट किया है. तो वहीं कश्मीरा की सिस्टर-इन-ला आरती सिंह ने भी उनकी तस्वीर पर कमेंट किया है. आरती ने लिखा है, हाटनेस. और इसके साथ  उन्होंने एक दिल की इमोजी भी तस्वीर पर पोस्ट की है.

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कश्मीरा अपनी फिटनेस के लिए भी जानी जाती हैं. वह और लोगों को भी फिट रहने के लिए इंस्पायर करती रहती हैं. हाल ही में वह बिग बॉस 14 में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आई थीं. पर बाद में वह गेम से बाहर हो गई.

गेम को लेकर कश्मीरा ने कहा था  कि उनका एविक्शन सही नहीं था और उनकी बजाय अभिनव शुक्ला को घर से बेघर किया जाना चाहिए था.

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Serial Story- कड़वी गोली

कड़वी गोली- भाग 2

‘‘यह कुत्ता भी आज तुम्हारे परिवार में फालतू है क्योंकि घर में तुम्हारे पोतेपोतियां हैं जो एक जानवर के साथ असुरक्षित हैं. कल कुत्ता तुम्हारी जरूरत था क्योंकि बच्चे अकेले थे. दोनों बच्चे तुम्हारे साथ किस बदतमीजी से पेश आते हैं तुम्हें पता ही नहीं चलता, कोई भी बाहर का व्यक्ति झट समझ जाता है कि तुम्हारे बच्चे तुम्हारी इज्जत नहीं कर रहे और तुम कबूतर की तरह आंखें बंद किए बैठे हो. महेश, अपनी सुधि लेना सीखो. याद रखो, मां भी बच्चे को बिना रोए दूध नहीं पिलाती. तकलीफ हो तो रोना भी पड़ता है और रोना भी चाहिए. इन्हें वह भाषा समझाओ जो समझ में आए.’’

‘‘मैं क्या करूं? कभी अपने लिए कुछ मांगा ही नहीं.’’

‘‘तुम क्यों मांगो, अभी तो 20 हजार हर महीने तुम इन पर खर्च कर रहे हो. अभी तो देने वालों की फेहरिस्त में तुम्हारा नाम आता है. तुम्हें अपने लिए चाहिए ही क्या, समय पर दो वक्त का खाना और धुले हुए साफ कपड़े. जरा सी इज्जत और जरा सा प्यार. बदले में अपना सब दे चुके हो बच्चों को और दे रहे हो.’’

‘‘अब कुछ नहीं हो सकता मेरा.’’

‘‘चाहो तो सब हो सकता है. तुम जरा सी हिम्मत तो जुटाओ.’’

वास्तव में उस दिन महेश बेचैन था और उस की पीड़ा हम भी पूरी ईमानदारी से सह रहे थे. बिना कुछ भी कहे पलपल हम महेश के साथ ही तो थे. एक अधिकार था मीना के पास भी, मां की तरह ममत्व लुटाया था मीना ने भी बच्चों पर.

‘‘जी चाहता है कान मरोड़ दूं दोनों के,’’ मीना ने गुस्सा होते हुए कहा, ‘‘आज किसी लायक हो गए तो पिता की जरूरतों का अर्थ ही नहीं रहा उन के मन में.’’

‘‘पहल महेश को करने दो मीना, यह उस की अपनी जंग है.’’

‘‘इस में जंग वाली क्या बात हुई?’’

‘‘जंग का अर्थ सिर्फ 2 देशों के बीच लड़ाई ही तो नहीं होता, विचारों के बीच जब तालमेल न हो तब भी तो मन के भीतर एक घमासान चलता रहता है न. उस के घर का मसला है, उसी को निबटने दो.’’

किसी तरह मीना को समझा- बुझा कर मैं ने शांत तो कर दिया लेकिन खुद असहज ही रहा. अकसर सोचता, महेश बेचारे ने गलती भी तो कोई  नहीं की. एक अच्छा पिता और एक समर्पित पति बनना तो कोई अपराध नहीं है. महेश ने जब दूसरी शादी न करने का फैसला लिया था तब उस का वह फैसला उचित था. आज यदि वह अकेला है तो हम सोचते हैं कि उस का निर्णय गलत था, तब शादी कर लेता तो कम से कम आज अकेला तो न होता.

अकसर जीवन में ऐसा ही होता है. कल का सत्य, आज का सत्य रहता ही नहीं. उस पल की जरूरत वह थी, आज की जरूरत यह है. हम कभी कल के फीते से आज को तो नहीं नाप सकते न.

संयोग ऐसा बना कि कुछ दिन बाद, सुबहसुबह मैं उठा तो पाया कि बरामदे का वह कोना साफसुथरा है जहां घुग्गी ने घोंसला बना रखा था. बाई पोंछा लगा रही थी.

‘‘बच्चे उड़ गए साहब,’’ बाई ने बताया, ‘‘वह देखिए, उधर…’’

2 छोटेछोटे चिडि़या के आकार के नन्हेनन्हे जीव इधरउधर फुदक रहे थे और नरमादा उन की खुली चोंच में दाना डाल रहे थे.

‘‘अरे मीना, आओ तो, देखो न कितने प्यारे बच्चे हैं. जरा भाग कर आना.’’

मीना आई और सहसा कुछ ऐसा कह गई जो मेरे अंतरमन को चुभ सा गया.

‘‘हम इनसानों से तो यह परिंदे अच्छे, देखना 4 दिन बाद जब बच्चों को खुद दाना चुगना आ जाएगा तो यह नरमादा इन्हें आजाद छोड़ देंगे. हमारी तरह यह नहीं चाहेंगे कि ये सदा हम से ही चिपके रहें. हम सब की यही तो त्रासदी है कि हम चाहते हैं कि बच्चे सदा हमारी उंगली ही पकड़ कर चलें. हम सोचना ही नहीं चाहते कि बच्चों से अपना हाथ छुड़ा लें.’’

‘‘क्योंकि इनसान को बुढ़ापे में संतान की जरूरत पड़ती है जो इन पक्षियों को शायद नहीं पड़ती. मीना, इनसान सामाजिक प्राणी है और वह परिवार से, समाज से जुड़ कर जीना चाहता है.’’

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मीना बड़बड़ा कर वहीं धम से बैठ गई. मैं मीना को पिछले 30 सालों से जानता हूं. अन्याय साथ वाले घर में होता हो तो अपने घर बैठे इस का खून उबलता रहता है. महेश के बारे में ही सोच रही होगी. एक बेनाम सा रिश्ता है मीना का भी महेश के साथ. वह मेरा मित्र है और यह मेरी पत्नी, दोनों का रिश्ता भला क्या बनता है? कुछ भी तो नहीं, लेकिन यह भी एक सत्य है कि मीना महेश के लिए बहुत कुछ है, भाभी, बहन, मित्र और कभीकभी मां भी.

‘‘महेश को अपने घर ला रही हूं मैं, ऊपर का कमरा खाली करा कर सब साफसफाई करा दी है. बहुत हो चुका खेलतमाशा…बेशर्मी की भी हद होती है. अस्पताल से सीधे यहीं ला रही हूं, सुना आप ने…’’

मुझ में काटो तो खून नहीं रहा. अस्पताल से सीधा? तो क्या महेश अस्पताल में है? याद आया…मैं तो 2 दिन से यहां था ही नहीं, कार्यालय के काम से दिल्ली गया था. देर रात लौटा था और अब सुबहसुबह यह सब. पता चला महेश के शरीर में शुगर की बहुत कमी हो गई थी जिस वजह से उसे कार्यालय में ही चक्कर आ गया था और दफ्तर के लोगों उसे अस्पताल पहुंचा दिया था.

‘‘नहीं मीना, यह हमारी सीमा में नहीं आता. घर तो उस का वही है, कोई बात नहीं, आज देखते हैं अस्पताल से तो वह अपने ही घर जाएगा.’’

उस दिन मैं दफ्तर से आधे दिन का अवकाश ले कर उसे अस्पताल से उस के घर ले गया. दोनों बेटे जल्दी में थे और बहुएं बच्चों में व्यस्त थीं. सहसा तभी उन का कुत्ता छोटे बच्चे पर झपट पड़ा, शायद वह भूखा था. उस के हाथ का बिस्कुट छिटक कर परे जा गिरा. महेश के पीछे उस ने 2 दिन कुछ खाया नहीं होगा क्योंकि महेश के बिना वह कुछ भी खाता नहीं. महेश को देखते ही उस की भूख जाग उठी और बिस्कुट लपक लिया.

‘‘पापा, आप ने इसे ढंग से पाला नहीं. न कोई टे्रनिंग दी है न तमीज सिखाई है. 2 दिन से लगातार भौंकभौंक कर हम सब का दिमाग खा गया है. न खाता है न पीता है और हमारे पास इस के लिए समय नहीं है.’’

कड़वी गोली- भाग 3

‘‘समय तो आप के पास अपने बाप के लिए भी नहीं है, कुत्ता तो बहुत दूर की चीज है बेटे. रही बात तमीज की तो वह महेश भैया ने तुम दोनों को भी बहुत सिखाई थी. यह तो जानवर है. बेचारा मालिक के वियोग में भूखा रह सकता है या भौंक सकता है फिर भी दुम हिला कर स्वागत तो कर सकता है. तुम से तो वह भी नहीं हुआ…जिन के पास जबान भी है और हाथपैर भी. घंटे भर से हम देख रहे हैं मुझे तो तुम दोनों में से कोई अपने पिता के लिए एक कप चाय लाता भी दिखाई नहीं दिया.’’

मीना बोली तो बड़ा बेटा अजय स्तब्ध रह गया. कुछ कहता तभी टोक दिया मीना ने, ‘‘तुम्हारे पास समय नहीं कोई बात नहीं. महेश नौकर रख कर अपना गुजारा कर लेंगे. कम से कम उन की तनख्वाह तो तुम उन के पास छोड़ दो…बाप की तनख्वाह तो तुम दोनों भाइयों ने आधीआधी बांट ली, कभी यह भी सोचा है कि वह बचे हुए 2 हजार रुपयों में कैसे खाना खाते हैं? दवा भी ले पाते हैं कि नहीं? फोन तक कटवा दिया उन का, क्यों? क्या उन का कोई अपना जानने वाला नहीं जिस के साथ वह सुखदुख बांट सकें. क्या जीते जी मर जाए तुम्हारा बाप?’’

मीना की ऊंची आवाज सुन छोटा बेटा विजय और उस की पत्नी भी अपने कमरे से बाहर चले आए.

‘‘तुम दोनों की मां आज जिंदा होतीं तो अपने पति की यह दुर्गति नहीं होने देतीं. हम क्या करें? हमारी सीमा तो सीमित है न बेटे. तुम मेरे बच्चे होते तो कान मरोड़ कर पूछती, लेकिन क्या करूं मैं तुम्हारी मां नहीं हूं न.’’

रोने लगी थी मीना. महेश और उस के परिवार के लिए अकसर रो दिया करती है. कभी उन की खुशी में कभी उन की पीड़ा में.

‘‘कभी कपड़े देखे हैं विजय तुम ने अपने पापा के. हजारों रुपए अपनी कमीजों पर तुम खर्च कर देते हो. कभी देखा है इतनी गरमी में उन के पास कोई ढंग की सूती कमीज भी है…

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‘‘आफिस के सामने वाले ढाबे पर दोपहर का खाना खाते हैं. क्या तुम दोनों की बीवियां वक्त पर ससुर को टिफिन नहीं दे सकतीं. अरे, सुबह नहीं तो कम से कम दोपहर तक पहुंचाने का इंतजाम ही करवा दो.

‘‘बहुएं तो दूसरे घरों से आई हैं. हो सकता है इन के घर में मांबाप का ऐसा ही आदर होता हो. कम से कम तुम तो अपने पिता की कद्र करना अपनी पत्नियों को सिखाओ. क्या मैं ने यही संस्कार दिए थे तुम लोगों को? ऐसा ही सिखाया था न?’’

दोनों भाई चुप थे और उन की बीवियां तटस्थ थीं. अजयविजय आगे कुछ कहते कि मीना ने पुन: कहा, ‘‘बेटा, अपने बाप को लावारिस मत समझना. अभी तुम जैसे 2-4 वह और भी पाल सकते हैं. नहीं संभाले जाते तो यह घर छोड़ कर चले जाओ, अजय तुम अपने फ्लैट में और विजय तुम किराए के घर में. अपनीअपनी किस्तें खुद दो वरना आज ही महेश फ्लैट और गाड़ी बेचने को तैयार हैं…इन्हीं के नाम हैं न दोनों चीजें.’’

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महेश चुपचाप आंखें मूंदे पड़े थे. जाहिर था उसी के शब्द मीना के होंठों से फूट रहे थे.

‘‘मीना, अब बस भी करो. आओ, चलें.’’

आतेआते दोनों बच्चों का कंधा थपक दिया. मुझ से आंखें मिलीं तो ऐसा लगा मानो वही पुराने अजयविजय सामने खड़े हों जो स्कूल में की गई किसी शरारत पर टीचर की सजा से बचने के लिए मेरे या मीना के पास चले आते थे. आंखें मूंद कर मैं ने आश्वासन दिया.

‘‘कोई बात नहीं बेटा, जब जागे तभी सवेरा. संभालो अपने पापा को…’’

डबडबा गई थीं दोनों की आंखें. मानो अपनी भूल का एहसास पहली बार उन्हें हुआ हो. मैं कहता था न कि हमारे बच्चे संस्कारहीन नहीं हैं. हां, जवानी के जोश में बस जरा सा यह सत्य भूल गए हैं कि उन्हें जवान बनाने में इसी बुढ़ापे का खून और पसीना लगा है और यही बुढ़ापा बांहें पसारे उन का भी इंतजार कर रहा है.

कहा था न मैंने कि उन का प्यार कहीं सो सा गया है. उसी प्यार को जरा सा झिंझोड़ कर जगा दिया था मीना ने. सच ही कहा था मैं ने, रो पड़े थे दोनों और साथसाथ मीना भी. जरा सा चैन आ गया मन को, अंतत: सब अच्छा ही होगा, यह सोच मैं ने और मीना ने उन के घर से विदा ली. क्या करते हम, कभीकभी मर्ज को ठीक करने के लिए मरीज को कड़वी गोली भी देनी पड़ती है.

कड़वी गोली- भाग 1

लेखक- सुधा गुप्ता

बरामदे का पिछला कोना गंदा देख कर मीना बड़बड़ा रही है. दोष किसी इनसान का नहीं, एक छोटे से पंछी का है जिसे पंजाब में ‘घुग्गी’ कहते हैं. किस्सा इतना सा है कि सामने कोने में ‘घुग्गी’ के एक जोड़े ने अपना छोटा सा घोंसला बना रखा है जिस में उन के कुछ नवजात बच्चे रहते  हैं. अभी उन्हें अपने मांबाप की सुरक्षा की बेहद जरूरत है.

नरमादा दोनों किसी को भी उस कोने में नहीं जाने देना चाहते क्योंकि उन्हें लगता है कि हम उन के बच्चे चुरा लेंगे या उन्हें कोई नुकसान पहुंचाएंगे. काम वाली बाई सफाई करने गई तो चोंच से उस के सिर के बाल ही खींच ले गए. इस के बाद से उस ने तो उधर जाना ही छोड़ दिया. मीना घूंघट निकाल कर उधर गई तो उस के सिर पर घुग्गी के जोड़े ने चोंच मार दी.

‘‘इन्हें किसी भी तरह यहां से हटाइए,’’ मीना गुस्से में बोली, ‘‘अजीब गुंडागर्दी है. अपने ही घर में इन्होंने हमारा चलनाफिरना हराम कर रखा है.’’

‘‘मीना, इन की हिम्मत और ममता तो देखो, हमारा घर इन नन्हेनन्हे पंछियों के शब्दकोष में कहां है. यह तो बस, कितनी मेहनत से अपने बच्चे पाल रहे हैं. यहां तक कि रात को भी सोते नहीं. याद है, उस रोज रात के 12 बजे जब मैं स्कूटर रखने उधर गया था तो भी दोनों मेरे बाल खींच ले गए थे.’’

रात 12 बजे का जिक्र आया तो याद आया कि मीना को महेश के बारे में बताना तो मैं भूल ही गया. महेश का फोन न मिल पाने के कारण हम पतिपत्नी परेशान जो थे.

‘‘सुनो मीना, महेश का फोन तो कटा पड़ा है. बच्चों ने बिल ही जमा नहीं कराया. कहते हैं सब के पास मोबाइल है तो इस लैंडलाइन की क्या जरूरत है…’’

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बुरी तरह चौंक गई थी मीना. ‘‘मोबाइल तो बच्चों के पास है न, महेश अपनी बातचीत कैसे करेंगे? वैसे भी महेश आजकल अपनेआप में ही सिमटते जा रहे हैं. पिछले 2 माह से दोपहर का खाना भी दफ्तर के बाहर वाले ढाबे से खा रहे हैं क्योंकि सुबहसुबह खाना  बना कर देना बहुओं के बस का नहीं है.’’

मीना के बदलते तेवर देख कर मैं ने गरदन झुका ली. 18 साल पहले जब महेश की पत्नी का देहांत हुआ था तब दोनों बेटे छोटे थे, उम्र रही होगी 8 और 10 साल. आज दोनों अच्छे पद पर कार्यरत हैं, दोनों का अपनाअपना परिवार है. बस, महेश ही लावारिस से हैं, कभी इधर तो कभी उधर.

एक दिन मैं ने पूछा था, ‘तुम अपनी जरूरतों के बारे में कब सोचोगे, महेश?’

‘मेरी जरूरतें अब हैं ही कितनी?’

‘क्यों? जिंदा हो न अभी, सांस चल रही है न?’

‘चल तो रही है, अब मेरे चाहने से बंद भी तो नहीं होती कम्बख्त.’

यह सुन कर मैं अवाक् रह गया था. बहुत मेहनत से पाला है महेश ने अपनी संतान को. कभी अच्छा नहीं पहना, अच्छा नहीं खाया. बस, जो कमाया बच्चों पर लगा दिया. पत्नी नहीं थी न, क्या करता, मां भी बनता रहा बच्चों की और पिता भी.

माना, ममता के बिना संतान पाली नहीं जा सकती, फिर भी एक सीमा तो होनी चाहिए न, हर रिश्ते में एक मर्यादा, एक उचित तालमेल होना चाहिए. उन का सम्मान न हो तो दर्द होगा ही.

महेश ने अपना फोन कटा ही रहने दिया. इस पर मुझे और भी गुस्सा आता कि बच्चों को कुछ कहता क्यों नहीं. फोन पर तो बात हो नहीं पा रही थी. 2 दिन सैर पर भी नहीं आया तो मैं उस के घर ही चला गया. पता चला साहब बीमार हैं. इस हालत में अकेला घर पर पड़ा था क्योंकि दोनों बहुएं अपनेअपने मायके गई थीं.

‘‘हर शनिवार उन का रात का खाना अपनेअपने मायके में होता है.’’

‘‘तो तुम कहां खाते हो? बीमारी में भी तुम्हें उन की ही वकालत सूझ रही है. फोन ठीक होता तो कम से कम मुझे ही बता देते, मैं ही मीना से खिचड़ी बनवा लाता…’’

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महेश चुप रहा और उस का पालतू कुत्ता सूं सूं करता उस के पैरों के पास बैठा रहा.

‘‘यार, इसे फ्रिज में से निकाल कर डबलरोटी ही डाल देना,’’ महेश बोला, ‘‘बेचारा मेरी तरह भूखा है. मुझ से खाया नहीं जा रहा और इसे किसी ने कुछ दिया नहीं.’’

‘‘क्यों? अब यह भी फालतू हो गया है क्या?’’ मैं व्यंग्य में बोल पड़ा, ‘‘10 साल पहले जब लाए थे तब तो आप लोगों को मेरा इसे कुत्ता कहना भी बुरा लगता था, तब यह आप का सिल्की था और आज इस का भी रेशम उतर गया लगता है.’’

‘‘हो गए होंगे इस के भी दिन पूरे,’’ महेश उदास मन से बोला, ‘‘कुत्ते की उम्र 10 साल से ज्यादा तो नहीं होती न भाई.’’

‘‘तुम अपनी उम्र का बताओ महेश, तुम्हें तो अभी 20-25 साल और जीना है. जीना कब शुरू करोगे, इस बारे में कुछ सोचा है? इस तरह तो अपने प्रति जो तुम्हारा रवैया है उस से तुम जल्दी ही मर जाओगे.’’

कभीकभी मुझे यह सोच कर हैरानी होती है कि महेश किस मिट्टी का बना है. उसे कभी कोई तकलीफ भी होती है या नहीं. जब पत्नी चल बसी तब नाते- रिश्तेदारों ने बहुत समझाया था कि दूसरी शादी कर लो.

तब महेश का सीधा सपाट उत्तर होता था, ‘मैं अपने बच्चों को रुलाना नहीं चाहता. 2 बच्चे हैं, शादी कर ली तो आने वाली पत्नी अपनी संतान भी चाहेगी और मैं 2 से ज्यादा बच्चे नहीं चाहता. इसलिए आप सब मुझे माफ कर दीजिए.’

महेश का यह सीधा सपाट उत्तर था. हमारे भी 2 बच्चे थे. मीना ने साथ दिया. इस सत्य से मैं इनकार नहीं कर सकता क्योंकि यदि वह न चाहती तो शायद मैं भी चाह कर कुछ नहीं कर पाता.

एक तरह से महेश, मैं और मीना, तीनों ने मिल कर 4 बच्चों को पाला. महेश के बच्चे कबकब मीना के भी बच्चे रहे समझ पाना मुश्किल था. मैं यह भी नहीं कहता महेश के बच्चे उस से प्यार नहीं करते, प्यार कहीं सो सा गया है, कहीं दब सा गया है कुछ ऐसा लगता है. सदा पिता से लेतेलेते  वे यह भूल ही गए हैं कि उन्हें पिता को कुछ देना भी है. छोटे बेटे ने पिता के नाम पर गाड़ी खरीदी जिस की किश्त पिता चुकाता है और बड़े ने पिता के नाम पर घर खरीदा है जिस की किश्त भी पिता की तनख्वाह से ही जाती है.

‘‘कुल मिला कर 2 हजार रुपए तुम्हारे हाथ आते हैं. उस में तुम्हारा दोपहर का खाना, कपड़ा, दवा, टेलीफोन का बिल कैसे पूरा होगा, क्या बच्चे यह सब- कुछ सोचते हैं? अगर नहीं सोचते तो उन्हें सोचना पड़ेगा, महेश.

अलविदा 2020- Hina Khan से लेकर Shehnaaz तक, इस साल चर्चा में रहे Bigg Boss की ये हसीनाएं

छोटे पर्दे का सबसे विवादित शो बिग बौस 14 में हर कंटेस्टेंट किसी न किसी वजह से चर्चा में बने हुए हैं. पर इस साल शो में एक्स कंटेस्टेंट भी सुर्खियों में छाये हुए हैं. तो आज हम आपको उन 7 एक्स कंटेस्टेंट के बारे में बताएंगे, जो इस साल किसी खास कारण से फेमस हुए.

  1. हिना खान

हिना अपने डिफरेंट लुक की वजह से चर्चे में बनी हुई हैं. वह अक्सर सोशल मीडिया पर डिफरेंट लुक में अपनी फोटो शेयर करती रहती हैं. हाल ही में नेहा कक्कड के गाने पर हिना खान ने रेड ड्रेस में डांस करते नजर आई थी. इस वीडियो को फैंस ने काफी पसंद किया था. वर्कफ्रंट की बात करे तो हिना खान बिग बौस 14 में तूफानी सीनियर के तौर पर दिखाई दी थी.

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  1. शहनाज गिल

बिग बौस फेम शहनाज गिल अपने वेट लौस की वजह से सुर्खियों में छायी रही. इसके अलावा वह सिद्धार्थ शुक्ला के साथ कई म्यूजिक वीडियो में नजर आई. उन्होंने बिग बौस 14 में गेस्ट के तौर पर हिस्सा भी लिया था.

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  1. सना खान

बिग बौस 6 की कंटेस्टेंट सना खान ने बौलीवुड इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया है. दरअसल इसी साल सना खान ने सोशल मीडिया पर ये ऐलान किया कि वह ग्लैमर जगत को हमेशा के लिए छोड़ने जा रही हैं. उन्होंने अपने धर्म की वजह से बौलीवुड के सफर को खत्म करने का फैसला किया.

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  1. रश्मि देसाई

बिग बौस फेम रश्मि देसाई इस अपने नए लुक की वजह से फैंस के बीच चर्चे में रही. उनके नये लुक को फैंस ने काफी पसंद किया. वह टीवी का मशहूर शो ‘नागिन’ में भी दिखाई दे रही है.

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  1. सपना चौधरी

बिग बौस फेम सपना चौधरी इसी साल हरियाणवी सिंगप वीर साहू से जनवरी में शादी की. और अब उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया है. बता दें कि सपना और हरियाणवी संगीतकार वीर साहू की जनवरी में ही शादी हो गई थी लेकिन इसकी जानकारी सामने नहीं आई थी.

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  1. गौहर खान

बिग बौस की एक्स कंटेस्टेंट गौहर खान ने सीजन 14 में दोबारा सीनियर के तौर पर नजर आई. 25 दिसंबर, क्रिसमस के दिन ही वह अपने ब्वायफ्रेंड जैद दरबार से शादी की. दोनों ने शादी से पहले मुंबई के एक होटेल में हल्दी और मेहंदी सेरेमनी की रस्में पूरी की. इन रस्मों की फोटो जैद और गौहर ने अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर भी शेयर किए.

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7. जसलीन मथारू

बिग बौस फेम जसलीन मथारू  इस साल काफी चर्चा में रही.  दरअसल जसलीन और अनूप जलोटा की जोड़ी सुर्खियों में छायी रही. दोनों की एक तस्वीर वायरल हुई.

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दरअसल इन तस्वीरों में दोनों शादी के जोड़े में नजर आए. कई फैंस ने इसे एक फिल्मी ड्रामा बताया. आपको बता दें कि इन तस्वीरों को जसलीन मथारू ने खुद अपने औफिसियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया था.

खेसारी लाल यादव के साथ भोजपुरी बोलती नजर आई ये विदेशी ऐक्ट्रेस, देखें वीडियो

भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. खेसारी लाल यादव के इस वीडियो को फैंस खूब पसंद कर रहे है. तो चलिए बताते हैं, इस वीडियो में ऐसा क्या है खास,जो काफी पौपुलर हो रहा है.

दरअसल इस वीडियो में खेसारी लाल यादव के साथ एक विदेशी एक्ट्रेस भोजपुरी बोलते नजर आ रही है. वीडियो में विदेशी एक्ट्रेस भोजपुरी में खेसारी लाल यादव से कहती हैं कि ‘खेसारी काफी अच्छा बा या हम.’ एक्ट्रेस के इस बात पर खेसारी लाल यादव जवाब देते हुए, उन्हें अच्छा बताते हैं.

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खेसारी लाल यादव का यह वीडियो उनके फैंस के बीच काफी पौपुलर हो रहा है. खेसारी लाल यादव ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उन्होंने कैप्शन में लिखा है  कि ‘देसी बाबू अंग्रेजी मैडम खेसारी के रंग, का भाई लोग कइसन लागल, love you.’

बता दें कि इन दिनों खेसारी लाल यादव का एक गाना काफी सुना जा रहा है. इस गाने का नाम ‘लहंगा लखनुआ’ है. इस गानें में खेसारी लाल यादव और एक्ट्रेस अनिशा पांडेय के बीच शानदार केमेस्ट्री देखने को मिल रही है.

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इस गाने के वीडियो में दोनों के शानदार डांसिंग मूव्स देखने को मिल रहे हैं. इस गाने में अनिशा पांडे बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं तो वहीं खेसारी लाल यादव भी हैंडसम नजर आ रहे हैं.

इस गाने को खेसारी लाल यादव और भोजपुरी सिंगर अंतरा सिंह प्रियंका ने गाया है. इस भोजपुरी सौन्ग ‘लहंगा लखनुआ’ यूट्यूब पर काफी ज्यादा देखा जा रहा है.

कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर शेयर की कविता,  ‘मेरी राख को गंगा में मत बहाना’

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत इन दिनों अपने स्टेटमेंट और तस्वीरों की वजह से सुर्खियों में छायी हुई है. अब हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं. जो काफी वायरल हो रहा है.

कंगना रनौत अपने फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम बीताती नजर आई. इसी दौरान कंगना ने एक कविता लिखी है. और उन्होंने इस कविता को खुद अपनी आवाज में सोशल मीडिया पर शेयर किया है.

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इस वीडियो में कंगना अपने फैमिली के साथ एंजाय करते नजर आ रही है. कंगना इन खूबसूरत वादियों में  बर्फबारी का लुत्फ उठाती दिखाई दे रही हैं.

उन्होंने अपने इस खूबसूरत अनुभव को शब्दों में बयां किया है. और इन शब्दों के जरिये एक कविता पेश की है. उन्होंने यह कविता ट्विटर किया है.

कंगना ने इस वीडियो को ट्विट करते हुए कैप्शन लिखा है- ‘एक नई कविता लिखी है राख… हाइकिंग के दौरान प्रेरित हुई, जब आपको समय मिले, तो इसे देखें..’ यह कविता कुछ इस तरह है – ‘मेरी राख को गंगा में मत बहाना.. हर नदी सागर में जाकर मिलती है, मुझे सागर की गहराइयों से डर लगता है… मैं आसमान को छूना चाहती हूं, मेरी राख को इन पहाड़ों पे बिखेर देना.. जब सूरज उगे, तब मैं उसे छू सकूं, जब मैं तन्हा हूं तो चांद से बातें करूं… मेरी राख को उस क्षितिज पर छोड़ देना..’

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बता दें हाल ही में कंगना ने एक वीडियो शेयर किया था. इसमें उन्होंने कहा किसानों के बारे में बोलने के बाद से उन्हें रेप की धमकियां मिल रही है. उन्होंने आगे ये भी कहा कि इन पिछले 10-12 दिनों से मुझे इमोशनल और मेंटल आनलाइन लिंचिंग का सामना करना पड़ रहा हैं. मुझे रेप और जान से मारने की धमकी मिली है,  इसलिए मेरा हक बनता है कि मैं अपने देश से कुछ सवाल करूं.

वर्कफ्रंट की बात करें तो हाल ही में कंगना ने फिल्म ‘थलाइवी’ की शूटिंग पूरी की है. इस फिल्म में वह  पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता का किरदार में नजर आएंगी. इसके अलावा वब अपकमिंग फिल्म ‘तेजस’ और ‘धाकड़’ में भी नजर आने वाली हैं.

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