आदित्य के बर्थडे पर दो गुड न्यूज सुनाएगी मालिनी, आएगा ये इमोशनल ट्विस्ट

टीवी  का सीरियल ‘इमली’ में लगातार महाट्विस्ट देखने को मिल रहा है जिससे दर्शकों को एंटरटेनमेंट का जबरदस्त तड़का मिल रहा है. शो के बिते एपिसोड में दिखाया गया कि अनु गुस्से में आकर आदित्य के घरवालों को जेल भेज दिया है. शो के अपकमिंग एपिसोड में खूब धमाल होने वाला है. आइए जानते हैं शो के आगे की कहानी.

शो में आपने देखा कि अनु ने गुस्से में आकर पुलिस को त्रिपाठी हाउस में बुला लिया था. अब आदित्य के घरवाले जेल में चले गए हैं. तो वहीं अनु के इस फैसले से इमली का गुस्सा सातवें आसमान पर है.

 

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शो में दिखाया जा रहा है कि इमली देव के पास जाकर सभी लोगों को मदद करने के लिए रिक्वेस्ट करती है. तो वहीं देव इमली की मदद करता है और वह आदित्य के घरवालों को जेल से छुड़ा लेता है.

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जब अनु को ये सब पता चलता है तो वह बौखला जाती है. तो वहीं पुलिस स्टेशन से बाहर निकलते ही अपर्णा अनु को खरी खोटी सुनाती है. और उससे कहती है कि त्रिपाठी हाउस के दरवाजे अब उसके लिए हमेशा-हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं.

 

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शो में ये भी दिखाया जाएगा कि अनु घर आने के बाद देव को खूब सुनाएगी. तो दूसरी ओर कुणाल, मालिनी को सत्यकाम के केस के बारे में बताएगा.

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शो के अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि आदित्य के जन्मदिन पर मालिनी उसे दो गुड न्यूज देगी. मालिनी आदित्य से कहेगी कि उसके पास दो गुड न्यूज है. मालिनी आदित्य से कहेगी कि सत्यकाम के केस की डेट फाइनल हो चुकी है और हमारा तलाक भी जल्द हो जाएगा. तो  वहीं मालिनी की बाते सुनते ही आदित्य इमोशनल हो जाएगा और उसके आंखों में आंसू आ जाएंगे.

MK- पूर्व सांसद पप्पू यादव: मददगार को गुनहगार बनाने पर तुली सरकार- भाग 3

सौजन्य- मनोहर कहानियां

इस बार सुप्रीम कोर्ट ने उन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इस तरह वह जेल चले गए. जेल में रहते हुए भी वह जो चाहते वही करते थे. इस दौरान वह जेल में बीमारी का बहाना बना कर सरकारी अस्पताल के कैदी वार्ड में डेरा जमाए रहते और अपने समर्थकों को वहां बुला कर पार्टी करते रहते थे. वहां उन का दरबार भी लगता था.

पप्पू यादव भले ही सलाखों के पीछे थे, लेकिन जेल में भी उन का रुतबा कायम था. 26 सितंबर को उन्होंने जेल में ही अपने 50 साथियों के साथ पार्टी मनाई. पप्पू यादव द्वारा जेल में पार्टी करने की बात जब बाहर के लोगों को मालूम हुई तो सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्ती करते हुए जेल वार्डन और 2 संतरियों को सस्पेंड कर दिया.

इस के करीब 3 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाइकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिस में पप्पू यादव को जमानत हो गई थी. सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि पप्पू यादव जेल से बाहर रह कर अजीत सरकार हत्याकांड के गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, जिस से न्याय प्रक्रिया में बाधा आ सकती है.

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बेउर जेल से भेजा तिहाड़

पटना के बेउर जेल में रहने के दौरान उन के पास मोबाइल बरामद हुआ था. साथ ही यह भी पता चला था पप्पू यादव ने कई महत्त्वपूर्ण लोगों से बातें की थीं. सीबीआई को शक था कि पप्पू यादव यहां रहते हुए केस को प्रभावित कर सकते हैं अत: सीबीआई ने अदालत से अपील की कि पप्पू यादव की असंवैधानिक गतिविधियों को देखते हुए उन्हें बेउर जेल से हटा कर किसी अन्य जेल में भेजा जाए.

तब कोर्ट के आदेश पर पप्पू यादव को बेउर जेल से दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया. 14 फरवरी, 2008 को पटना की स्पैशल सीबीआई कोर्ट ने अजीत सरकार हत्याकांड मामले में पप्पू यादव और राजन तिवारी को उम्रकैद की सजा सुनाई.

5 साल तक तिहाड़ जेल में सजा काटने के बाद 17 मई, 2013 को अजीत सरकार मामले में पर्याप्त सबूतों के अभाव के कारण पप्पू यादव और राजन तिवारी को बरी कर दिया. जेल से बरी होने के बाद पप्पू यादव को चुनाव लड़ने की इजाजत भी मिल गई.

सन 2014 के लोकसभा चुनाव में पप्पू यादव और उन की पत्नी रंजीत रंजन दोनों ने बिहार के अलगअलग क्षेत्रों से चुनाव लड़ा और दोनों जीत कर लोकसभा पहुंच गए.

इसी साल नरेंद्र मोदी की सरकार अस्तित्व में आई थी और देश का चुनावी समीकरण बदल गया. बिहार में लालू यादव को कमजोर पड़ते देख पप्पू यादव उन का साथ देने के लिए आगे बढ़े, लेकिन लालू यादव इसलिए तैयार नहीं थे कि वह अपनी राजनीतिक विरासत अपने बेटों को सौंपना चाहते थे.

लालू यादव और पप्पू यादव के बीच फिर विवाद पैदा हो गया. इस पर पप्पू यादव ने लालू पर आरोप भी लगाया कि वह उन की हत्या करवाना चाहते हैं. इस के बाद राजद ने पप्पू यादव पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगा कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.

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अपनी पार्टी का किया गठन

राजद से निकाले जाने के बाद पप्पू यादव ने बिहार में होने पाले विधानसभा चुनाव से पहले जन अधिकार पार्टी का गठन किया और विधानसभा चुनाव में 243 में से 109 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे, मगर उन के 108 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई. 2019 में पप्पू यादव अपनी पार्टी के टिकट पर मधेपुरा की सीट से और उन की पत्नी रंजीत रंजन कांग्रेस पार्टी के तौर पर सुपौल लोकसभा का चुनाव लड़ीं, लेकिन दोनों ही चुनाव हार गए.

इस के बाद सन 2019 में पप्पू यादव तब चर्चा में आए, जब पटना की सड़कों पर बाढ़ का सैलाब उमड़ा था. इस दौरान बिहार में सत्ता पर काबिज जेडीयू और बीजेपी के सुशील मोदी पटना के लोगों की सहायता करने में असमर्थ दिखाई पड़ रहे थे तो दूसरी तरफ पप्पू यादव ने बाढ़ पीडि़तों की काफी सहायता की तब लोगों ने उन्हें अपना मसीहा समझा.

इस बार जब पूरे देश में कोरोना मौत का कहर बरपा रहा था तो पप्पू यादव पटना के अस्पतालों के बाहर लोगों की जान बचाने के लिए कीमती रेमेडेसिविर और औक्सीजन सिलेंडर बांटते नजर आए. उन की मदद से अनेक लोग बेवक्त काल के गाल में समाने से बच गए.

इसी बीच पप्पू यादव को अपने लोगों से सारण में दरजनों एंबुलेंस के खड़ी रहने की बात पता चली तो वह बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूड़ी के रसूख की परवाह किए बिना वहां पहुंचे और इस का भंडाफोड़ कर दिया.

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कहानी लिखते समय पता चला है कि पप्पू यादव को वीरपुर जेल से उन के खराब स्वास्थ्य के आधार पर दरभंगा मैडिकल कालेज अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया है.

पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन और बेटे सार्थक रंजन ने पटना में नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है. रंजीत रंजन ने नीतीश कुमार को चुनौती दी है कि अगर उन के पति पप्पू यादव का बाल भी बांका हुआ तो वह नीतीश कुमार को खींच कर पटना के चौराहे पर खड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी. बिहार में पप्पू यादव के मामले को ले कर तरहतरह की अफवाहों का बाजार गर्म है.

GHKKM: सई को मनाने के लिए विराट बनेगा लवर बॉय अब क्या करेगी पाखी

स्टार प्लस का चर्चित सीरियल ‘गुम है किसी के प्यार में’ (Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin)  में इन दिनों महाट्विस्ट देखने को मिल रहा है. शो के बिते एपिसोड में आपने देखा कि सई भी विराट को गलत समझ रही है और उन दोनों के बीच दूरियां आ गई है. तो इधर पाखी की चाल कामयाब होते नजर आ रही है. तो चलिए जानते हैं शो के लेटेस्ट ट्रैक बारे में.

शो के लेटेस्ट एपिसोड में दिखाया जा रहा है कि पाखी की वजह से सई और विराट का रिश्ता टूटने के कगार पर है. तो वहीं विराट मन ही मन सई से प्यार करने लगा है. वह चाहकर भी सई से अपने दिल की बात नहीं कह पा रहा है.

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तो वहीं सई पूरे परिवार के सामने पाखी और विराट की रिश्ते को लेकर कई सवाल करती है. सई की बेरुखी विराट का दिल तोड़ देती है. तो वहीं इस झगड़े के बाद सई, पुलकित से मिलती है.

 

तो इधर विराट, सई को लेकर परेशान हो जाता है. वह सोचता है कि सई को कैसे समझाउं मेरे और पाखी के बीच कुछ नहीं है. तो वहीं भवानी मौके का फायदा उठाने की कोशिश करती है. वह पाखी को लेकर विराट के पास जाती है. पर विराट पाखी के इग्नोर करता है और उसे सई की चिंता होती है.

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सीरियल के अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि वड़ापाव देखकर विराट को याद आता है कि ये सई का फेवरेट खाना है तो वहीं दूसरी तरफ सई भी वड़ावाप देखकर इमोशनमल हो जाती है.

 

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शो में ये भी दिखाया जाएगा कि पुलकित विराट को बताएगा कि सई उसके घर पर है. ये बात सुनकर विराट का काफी गुस्सा करेगा पर पुलकित उसे समझाएगा. इसके बाद विराट फैसला करेगा कि वो किसी भी हाल में सई को मनाकर रहेगा.

तो वहीं विराट सई को मनाने के लिए एक लवर बॉय की तरह  उसके कॉलेज पहुंच जाएगा. लेकिन सई विराट को नजरअंदाज करेगी. दोनों के बीच नोंक झोंक होगी. इस दौरान विराट सई को मना लेगा.

शो के अपकमिंग एपिसोड में ये देखना दिलचस्प होगा कि विराट और सई को साथ में देखकर पाखी का अगला कदम क्या होगा.

Crime- लव में धोखा: कौन है दोषी?

चढ़ती उम्र के साथ लव यानी प्यार की डेहरी पर चढ़ना आम बात है. मगर प्यार की इस पगडंडी पर कितने कांटे और शूल मिलेंगे इसकी परवाह किए बगैर जब कोई आगे बढ़ता चला जाता है, तो उसका जीवन बर्बाद होना स्वाभाविक है. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला एक आदिवासी नाबालिग किशोरी इसका ज्वलंत उदाहरण बन कर इन दिनों न्याय मांग रही है. बिल्कुल एक फिल्मी कहानी की तरह हुए इस घटनाक्रम को पढ़कर आप भी महसूस करेंगे कि किसी ने सच कहा है कि प्रेम गली अति सांकरी!

प्यार में अक्सर लड़कियां ही धोखा खाती है. क्योंकि खोने के लिए सिर्फ उन्हीं के पास अपनी इज्जत होती है. वह यह समझ नहीं पाती कि जिस युवा जीवन साथी परवाह पर भरोसा कर रही है कहीं वह उसे बीच रास्ते पर न छोड़ दें. ऐसी परिस्थितियों में लड़कियों के सामने कानून का दरवाजा खटखटाना अथवा जीवन से निराश होकर देह त्याग करना ही बच जाता है.

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पहली घटना –
जिला बिलासपुर के थाना सीपत की एक लड़की ने एक युवक की मोहब्बत के फेर में पड़कर धोखा खाया और आत्महत्या कर ली. युवक ने विवाह करने से कर दिया था इन्कार.

crime

दूसरी घटना-

जिला रायगढ़ के थाना सारंगढ़ में एक नाबालिग युवती एक युवक से धोखा खाने के बाद गर्भवती हो गई तो विवाह नहीं करने के आरोप के साथ थाना पहुंची. युवक ने पहचानने से किया था इंकार.

तीसरी घटना-

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक युवती प्रेम के भंवर में पढ़कर महानगर चली गई जहां उसे छोड़कर युवक गायब हो गया.

दैहिक शोषण और दोस्त

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला के थाना नारायणपुर में आर्मी के एक जवान ने एक नाबालिग किशोरी को अपने प्रेम जाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर उसका दैहिक शोषण करता रहा. किशोरी को होश आया तो विवाह करने का दबाव बनाया तब आराेपी जवान ने किशोरी को अपने दो दोस्तों के पास भेज दिया. आरोपी जवान के दाेनाें मित्रों ने भी पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. जब युति दोनों तरफ से लूट और बर्बाद हो गई तब उसे होश आया और वह पुलिस के पास पहुंची.

पुलिस ने पीड़िता के रिपोर्ट पर आरोपी के दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया. वही जम्मू कश्मीर में ड्युटी में तैनात आर्मी के जवान को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीम रवाना हो गई है. थाना प्रभारी ललित सिंह ने हमारे संवाददाता को बताया साहीडांड़ निवासी अंशुमन टोप्पो सेना में कश्मीर में पदस्थ है. उसका प्रेम प्रसंग एक नाबालिग किशोरी के साथ था और उसे शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण किया . जब वह गर्भवती हुई ताे आरोपी फौजी की मां ने पीड़िता का गर्भपात करा दिया.

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सितंबर 2020 में जब पीड़िता ने आरोपी को शादी करने की बात कही तो उसने पीड़िता को दो साथी अमित राम एवं अनीमानंद टोप्पो के पास भेज दिया. पीड़िता ने आरोपी की बात मानते हुए जब उसके दोनों दोस्तों के साथ पहुंची तो आरोपी के दाेनाें दोस्तों ने मिलकर पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. आरोपी के दोनों दोस्तों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के बाद पीड़िता ने आरोपी सहित उसके दाेनाें दोस्तों के खिलाफ नारायणपुर थाने में मामला दर्ज कराया.

प्यार की डगर पर कांटे ही कांटे

दरअसल प्यार का रास्ता हमेशा से काटो भरा रहा है इसीलिए जहां सामाजिक नियम कायदे बनाए गए हैं वही कानून भी सख्ती के साथ युवक और युवती दोनों के लिए कवच बन कर खड़ा रहता है. मगर जब कभी इन दोनों रास्तों को छोड़ कर कोई आगे बढ़ता है तो उसे धोखा, दुष्कर्म मिलने की संभावना होती है. किसी ने सच कहा है प्रेम गली अति सांकरी है और इसमें समा पाना, पार पाना बेहद मुश्किल होता है.

सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर रमाकांत श्रीवास के मुताबिक कानून के मुताबिक युवती के विवाह की उम्र 18 वर्ष और युवकों के लिए 21 वर्ष तय है. और इस उम्र तक आते-आते दोनों का ही बहक जाना सामान्य बात है. ऐसे में सिर्फ एजुकेशन और जागरूकता ही रक्षा कवच हो सकती है.

हाईकोर्ट के अधिवक्ता डा उत्पल अग्रवाल के मुताबिक प्यार के खेल में युवतियों को धोखा खाने की संभावना ज्यादा होती है और हमारे न्यायालय में भी ऐसे ही प्रकरण ज्यादा आते हैं. दरअसल इसके पीछे नारी मन का कोमल भाव होता है जिसका लाभ धुर्त दोस्त फरेबी युवा उठाते हैं.

मैं इन दिनों घर से बाहर निकलता हूं तो चिंता छाई रहती है कि कहीं मैं भी कोरोना पॉजिटिव हो गया?

सवाल

मैं 26 वर्षीय युवक हूं. आजकल जैसी हालत है उस में घर से बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं. लेकिन औफिस खुल गया है, नौकरी करनी भी जरूरी है तो घर से बाहर निकलता हूं.  पर, हमेशा मनमस्तिष्क पर चिंता छाई रहती है कि कहीं मैं भी कोरोना पौजिटिव हो गया और मुझ से घरवालों को हो गया तो क्या होगा. घर छोटा है, तो होम क्वारंटीन भी नहीं हो सकते. अस्पताल जाना ही पड़ेगा और फिर अस्पताल का खर्च भी तो उठाना पड़ेगा. दिमाग बड़ा परेशान रहता है, क्या करूं?

जवाब

सब से पहले तो हम यही कहेंगे कि अपनी सोच पौजिटिव रखें. आप यंग हैं, समझदार हैं, पढ़ेलिखे हैं. इतना पढ़सुन रहे हैं कि कोरोना वायरस से बचने के लिए सिर्फ सावधानी की जरूरत है. अगर आप जागरूक हैं और सावधानी के साथ आगे कदम बढ़ा रहे हैं तो इस संकट की घड़ी में आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.

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कुछ बातों का ध्यान रखें, जैसे घर से बाहर निकलें तो मास्क पहने रहें. भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें. यदि जाएं तो मास्क बिलकुल न उतारें, न उसे हाथों से बारबार छुएं. अपने हाथ साफ करते रहें, इसलिए सैनिटाइजर अपने साथ ही कैरी करें. लिफ्ट या गेट खोलने के लिए कुहनी का इस्तेमाल करें. अच्छा यह रहेगा कि अपने साथ टिशूपेपर ले कर चलें. इस्तेमाल हुए टिशू को तुरंत डस्टबिन में डाल दें. छींकते या खांसते समय अपने मुंह को टिशू से ढक लें. बारबार चेहरे पर हाथ लगाने से बचें. सोशल डिस्टैंसिंग के नियमों को नजरअंदाज न करें. लोगों से उचित दूरी बनाए रखें. इस बात का ध्यान रखें कि अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है.

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अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

प्याज की खेती को दिया जाएगा बढ़ावा

लखनऊ . देश में उत्तर प्रदेश आलू उत्पादन में सबसे अव्वल स्थान पर है. इसके बाद पश्चिम बंगाल तथा बिहार का नाम आता है. परन्तु प्याज उत्पादन को लेकर यूपी की स्थित बेहतर नहीं है. महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और मध्य प्रदेश से आया प्याज यूपी की जरुरतों को पूरा कर रहा है. खपत के मुताबिक़ यूपी में प्याज का उत्पादन ना कर पाने के कारण वर्षों से यह स्थिति है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब इसे बदलने का ठान ली है.

मुख्यमंत्री चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश अब प्याज उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बने. मुख्यमंत्री की इस मंशा को पूरा करने के लिए उद्यान विभाग ने प्याज की खेती को और बढ़ावा देने की तैयारी की है. जिसके तहत क्रमबद्ध तरीके से लगातार राज्य में प्याज की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा.

इसकी शुरूआत करते हुए इस खरीफ सीजन में बुंदेलखंड, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर सहित गंगा के किनारे के उन क्षेत्रों में प्याज की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां बरसात का पानी ना भरता हो. इस संबंध में तैयार की गई योजना के तहत प्याज की खेती करने वाले किसानों को बीज आदि उपलब्ध कराए जायंगे.

उद्यान विभाग के निदेशक आरके तोमर के अनुसार, राज्य में हर वर्ष करीब 15 लाख मीट्रिक टन प्याज की खपत है. जबकि रवि और खरीफ सीजन में यहां प्याज का कुल उत्पादन 4.70 लाख मीट्रिक टन ही हो रहा है. अभी सूबे में 28,538  हेक्टेयर भूमि पर प्याज की खेती की जा रही है. सूबे के कृषि विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में प्याज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्याज की खेती के क्षेत्रफल को एक लाख हेक्टेयर तक किए जाने की जरूरत है. जब एक लाख हेक्टेयर भूमि में प्याज की खेती होने लगेगी तब ही सूबे की जरूरत के मुताबिक़ यानि की 15 लाख मीट्रिक टन प्याज का उत्पादन हो पाएगा. यह कठिन कार्य है पर इसे किया जा सकता है. सूबे के कृषि विशेषज्ञों तथा उद्यान विभाग के अफसरों ने इस कठिन कार्य को करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है.

इसके अनुसार हर जिले में उन इलाकों को चिन्हित किया गया है, जहां बरसात में पानी का भराव नहीं होता. इसके तहत गंगा के किनारे बसे वाराणसी, जौनपुर, मिर्जापुर, गाजीपुर, कौशाम्बी, कानपुर, फतेहपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा और बुंदेलखंड के जिलों में प्याज की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके तहत खरीफ की सीजन में गंगा के किनारे वाले इन जिलों में प्याज की खेती के रकबे में दो हजार हेक्टेयर का इजाफा करने का फैसला किया गया है. अभी गंगा के किनारे के इन जिलों में 4 हजार हेक्टेयर रकबे में करीब 80 हजार मीट्रिक टन प्याज का उत्पादन होता है. इसके अलावा प्याज की खेती करने वाले किसानों को 12 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा.

सरकार का मत है कि प्याज की खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से सूबे में किसानों की आमदनी में इजाफा होगा और प्रदेश की भी घरेलू जरूरत भी पूरी होगी. जिसके चलते राज्य को दूसरे राज्यों से प्याज मंगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और राज्य में प्याज की कमी के चलते इसके दाम बढ़ेंगे नहीं. किसानों को उनके प्याज की उचित कीमत मिलती रहेगी. इसी सोच के तहत इस खरीफ के सीजन में किसानों को प्याज की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना शुरू किया है. राज्य में प्याज की फसल बेहतर हो इसके लिए एग्रीफाउंड डार्क रेड, भीमा सुपर तथा लाइन 883 बीज किसानों को उपलब्ध कराए जा रहें हैं. इस बीज से बेहतर किस्म का प्याज किसानों को मिलेगा और प्रति हेक्टेयर क्षेत्र में ज्यादा प्याज की पैदावार होगी. अमूमन एक हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 50 हजार रुपए की लागत से करीब 150 से 200 कुंतल प्याज की पैदावार होती है. इन बीजों के उपयोग से प्याज की पैदावार में इजाफा होगा और किसानों की आय भी बढ़ेगी. फ़िलहाल प्याज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए इस प्रयोग को अगले रवी सीजन में भी लागू किया जाएगा, ताकि हर साल प्याज उत्पादन को बढ़ावा मिले और ज्यादा से ज्यादा किसान प्याज की खेती करने में उत्साह दिखाएं.

मदरसा छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ रही है योगी सरकार

लखनऊ . योगी सरकार द्वारा मदरसों के आधुनिकीकरण की मुहिम के क्रम में  छात्रों की ऑनलाइन शिक्षा को लेकर प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद और आईआईएम व आईआईटी के दिग्‍गज  मदरसा शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे. बाकायदा स्‍पेशल क्‍लासेज के जरिए शिक्षकों को बताया जाएगा कि ऑनलाइन पढ़ाई कैसे कराई जाए.

मदरसा बोर्ड की ओर से  ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें भाषा समिति के सदस्‍य दानिश आजाद, रजिस्‍ट्रार मदरसा बोर्ड आरपी सिंह समेत कई जिलों के अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अधिकारी व शिक्षाविद शामिल रहे.

प्रदेश की योगी सरकार ने मदरसों का आधुनिककरण शुरू कर दिया है. कोरोना काल में मदरसो में छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई चालू हो गई है. यूपी मदरसा बोर्ड भाषा समिति के सहयोग से मंडलवार शिक्षकों को ट्रेनिंग देकर बच्‍चों को पढ़ाने के लिए तैयार कर रहा है. इसमें माध्‍यमिक शिक्षा परिषद से जुड़े शिक्षाविद व काउंसर और कई डीएमओ मदरसा शिक्षकों को विषय ट्रेनिंग दे रहे हैं.

खासकर शिक्षकों को बताया कि वह सरल तरीके से बच्‍चों को कैसे पढ़ाएं. दानिश आजाद बताते हैं कि मदरसा शिक्षकों को ऑनलाइन पढ़ाई की ट्रेनिंग देने के लिए आईआईटी व आईआईएम वर्तमान व पूर्व छात्रों से बात की गई है. कई छात्रों ने  शिक्षकों के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने की हामी भर दी है. विश्‍वविद्यालयों के पूर्व कुलपति, रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी भी इस ट्रेनिंग प्रोग्राम से जुड़ने को तैयार हैं.

भाषा समिति के सदस्‍य दानिश आजाद बताते हैं कि उपनिदेशक संजय कुमार मिश्र व जगमोहन सिंह, मदरसा बोर्ड के रजिस्‍ट्रार आरपी सिंह व मदरसा शिक्षक एसोसिएशन की ओर से ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया. इसमें डीएमओ कानपुर वर्षा अग्रवाल, असमत मलिक प्रशिक्षक माध्‍यमिक शिक्षा परिषद, डीएमओ अमरोहा नरेश यादव व उर्दू और दीनीयात एक्‍सपर्ट डॉ एजाज अंजुम ने शिक्षकों को ऑनलाइन पढ़ाई की बारिकियों के बारे में बताया. उन्‍होंने कहा कि कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई ही जारी रहेगी. ऐसे में शिक्षकों को इसके लिए अपनी तैयारी करना चाहिए. दानिश आजाद ने बताया कि कौन-कौन सी ऑनलाइन एप के जरिए वह छात्रों से सीधे जुड़ सकते हैं. दानिश आजाद बताते हैं कि अभी हाल में मुलाकात के दौरान मुख्‍यमंत्री ने मदरसा छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने के निर्देश दिए थे.

खेसारी लाल यादव जा सकते हैं जेल, अश्लील गाने को लेकर दर्ज हुई FIR

भोजपुरी इंडस्ट्री के मशहूर एक्टर खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) अपने गाना और एक्टिंग के कारण दर्शकों के बीच छाये रहते हैं. दर्शकों को उनके फिल्म और गानों का बेसब्री से इंतजार रहता है. अब खबर आ रही है कि खेसारी लाल यादव एक मुसिबत में फंस गए हैं. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

दरअसल खेसारी लाल यादव के ऊपर अश्लील गाना बनाने के चलते एफआईआर दर्ज की गई है.जी हां, बताया जा रहा है कि खेसारी लाल यादव के ऊपर सेक्शन 292, 294, 354 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

 

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खेसारी लाल यादव पर आरोप है कि उन्होंने अपने नए गाने में भद्दी भाषा और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया है, जो भारतीय महिलाओं का अपमान करते हैं.

 

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सनातन सेना फाउंडेशन के श्री सुरजीत सिंह ने मुंबई में खेसारी लाल यादव के ऊपर FIR दर्ज कराया हैं. उन्होंने अपनी शिकायत में सुरजीत सिंह ने खेसारी लाल यादव पर आरोप लगाया है कि गाने में गंदे शब्दों का इस्तेमाल केवल रुपये कमाने के लिए किया है.

 

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सुरजीत सिंह ने शिकायत में खेसारी लाल यादव के गाने की लाइनों को प्वाइंट आउट करते हुए कहा है कि वो किस तरह से भारतीय महिलाओं की बेइज्जती करते हैं. उन्होंने ये भी मांग की है कि खेसारी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए.

‘अनुपमा’ फेम रुपाली गांगुली 53 दिनों बाद लौटीं घर, शेयर की पति और बेटे संग Photos

टीवी का फेमस सीरियल ‘अनुपमा’ ( Anupamaa) एक्ट्रेस रुपाली गांगुली (Rupali Ganguly) अपने किरदार को लेकर दर्शकों के बीच इन दिनों  सुर्खियों में छायी रहती हैं. वह अक्सर फैंस के साथ अपनी लाइफ से जुड़े पलों को शेयर करती रहती हैं. अब एक्ट्रेस ने अपने पति और बेटे के साथ बेहद खूबसूरत तस्वीर शेयर की हैं.

दरअसल ‘अनुपमा’ यानी रुपाली गांगुली पिछले कुछ दिनों से इस सीरियल की शूटिंग के लिए अपने फैमिली से दूर गुजरात में शूटिंग कर रही थीं. लेकिन अब वह अपनी फैमिली के पास पहुंची गई हैं. उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए  फैमिली संग तस्वीर शेयर की हैं.

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‘अनुपमा’ लीड एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर अपने पति और बेटे के साथ प्यारी सी तस्वीर शेयर की है. आप देख सकते हैं कि इस फोटो में वह अपने लविंग हसबैंड और लाडले बेटे के साथ एंजॉय करती नजर आ रही हैं. उन्होंने इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा है कि  घर वही है, जहां आपका दिल बसता हो. मैं अपने लड़कों के साथ वापस आ चुकी हूं. जिन्होंने शूटिंग के इस मुश्किल घड़ी में उनका साथ दिया है.

 

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अनुपमा अपने पोस्ट में लिखती है कि सब्र को अपने अंदर समा लें और शुक्र को बाहर निकालें. धन्यवाद ऊपरवाले, आपने 53 दिनों तक मेरी  और मेरे परिवार की देखभाल की है. उन्होंने आगे लिखा कि सारी यूनिट को धन्यवाद, जो इतने दिनों अपने परिवार से दूर रहे. राजन शाही, पूरी यूनिट को परिवार की तरह ख्याल रखने के लिए शुक्रिया.

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रुपाली ने अपने पति और बेटे को लेकर लिखा कि  मेरे पति और बेटे जिनके बिना मैं कुछ भी नहीं… उन्होंने ही मुझे उड़ने के लिए पंख दिये हैं. काश मेरे दो दिल होते क्योंकि आप दोनों को प्यार करने के लिए.

उत्तर प्रदेश में मानक से 10 गुना ज्यादा टेस्ट हो रहे

लखनऊ . मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कोरोना प्रबंधन को लेकर रणनीति का नतीजा है कि यूपी मॉडल दूसरे राज्यों के लिए नजीर है. सीएम योगी की एग्रेसिव टेस्टिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग की रणनीति से यूपी मॉडल देश में सबसे आगे है. प्रदेश में वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के मानक से अधिक हर रोज 10 गुना ज्यादा जांच की जा रही है. डब्ल्यूएचओ ने प्रदेश में रोजाना 32 हजार टेस्ट का लक्ष्य दिया था, लेकिन प्रदेश में रोजाना औसतन तीन लाख से ज्यादा टेस्ट हो रहे हैं.

पिछड़ रहे दूसरे राज्य :

जबकि आबादी के हिसाब से यूपी की तुलना में छोटे होने के बावजूद दूसरे राज्य कोरोना प्रबंधन से लेकर कांटेक्ट टेस्टिंग में भी काफी पिछड़े हैं.

सीएम योगी की एग्रेसिव ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति का असर है कि प्रदेश में रिकवरी रेट बेहतर है और पाजिटीविटी रेट भी कम है. प्रदेश में डब्ल्यूएचओ के मानक से अधिक प्रति पाजिटिव केस पर 31 कांटेक्ट सैंपल टेस्ट किए गए हैं. जबकि अन्य राज्य जांच के मामले में बहुत पीछे हैं. महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 11.5, केरल में 8, दिल्ली में 14, तमिलनाडु में 12.8, आंध्र प्रदेश में 11.4 कांटेक्ट सैंपल टेस्ट किए गए हैं. डब्ल्यूएचओ ने कोरोना की पहली लहर और दूसरी लहर में भी यूपी के माइक्रो मैनेजमेंट की प्रशंसा की है.

सीएम योगी के निर्देश पर बनाए गए माइक्रो कन्टेनमेंट जोन ने संक्रमण की चेन को तोड़ा है. रैपिड रिस्पांस टीम और निगरानी समितियों ने गांव-गांव जाकर बड़ी संख्या में लोगों की जांच की है. प्रदेश में 31 मार्च के बाद से ही 64 फीसदी टेस्ट ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए हैं. देश में सबसे अधिक टेस्ट करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है और अब तक 5,25,03,838 सैंपल की जांच की गई है.

यूपी में जितने कुल एक्टिव केस, उससे ज्यादा रोजाना नए केस आ रहे दूसरे राज्यों में प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 3,05,731 लोगों की जांच में महज 642 नए केस आए हैं. इसी दौरान 1231 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है और कुल एक्टिव केस 12,244 हैं. जबकि पिछले 24 घंटे में तमिलनाडु में 17,321, केरल में 16,204, कर्नाटक में 10,959, महाराष्ट्र में 10,989 और आंध्र प्रदेश में 8766 नए केस आए हैं. प्रदेश में रिकवरी रेट बढ़कर हुआ 98 फीसदी और पाजिटिविटी रेट 0.2 फीसदी हो गया है.

जून, जुलाई और अगस्त में 10 करोड़ प्रदेशवासियों को टीका लगाने की योजना

योगी सरकार का जून, जुलाई और अगस्त माह में 10 करोड़ प्रदेशवासियों को टीका लगाने की योजना है. सरकार 14 जून से गरीब तबके से जुड़े लोगों का अलग से निशुल्क टीकाकरण कराएगी. इसमें सब्जी विक्रेता और आटो टेम्पो चालक का भी टीकाकरण होगा. सरकार का जोर ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण बढ़ाने पर है. 1.30 लाख कॉमन सर्विस सेंटर से ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क पंजीकरण किया जा रहा है. प्रदेश में कुल 02 करोड़ 15 लाख 65 हजार 323 वैक्सीन डोज लगाई गई है. कल एक दिन में 3,91,449 डोज टीके के दिए गए हैं.

पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों और एक निजी मेडिकल कॉलेज में पीकू और नीकू बेड की स्थापना

सीएम योगी के निर्देश पर तीसरे लहर को देखते हुए पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों और एक निजी मेडिकल कॉलेज में पीकू और नीकू बेड की स्थापना की गई है. अस्पतालों में अभी से बच्चों के लिए तीन हजार से अधिक बेड्स तैयार किए गए हैं. 15 जून तक सरकारी अस्पतालों में 100 बेड के पीडियाट्रिक आईसीयू तैयार होने की उम्मीद है.

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