सरकारों, खासतौर पर भाजपा सरकारों को करोड़ों रुपए इन सब मंदिरों के रखरखाव, प्रबंध, वहां तक पहुंचने वाली सड़कों, बिजली, पानी, सीवर पर खर्च करने पड़ते हैं.