YRRKH: अबीर की खातिर सब कुछ कुर्बान करेगा अभिमन्यु, शादी को लेकर लेगा ये फैसला

ये रिश्ता क्या कहलाता है(yeh Rishta kya kehlata hai) की कहानी में नया ट्विस्ट देखने को मिल रहा है शो में मेकर्स नया मोड़ लेकर आए है. शो में अबतक की कहानी अबीर के आस-पास घूम रही है. अभिमन्यु को अबीर का सारा सच पता चल गया है जिसके बाद अभिमन्यु अपनी शादी को लेकर बड़ा फैसला लेते नजर आएंगे. जी हां, प्रणाली राठौर(Pranali rathod) औऱ हर्षद चौपड़ा (Harshad chopda) स्टारर इस सीरियल को मेकर्स मजेदार बनाए रखने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. दूसरी तरफ अक्षरा और अभिनव भी चिंता में ही है. बीते एपिसोड में अभिमन्यु अक्षरा और अबीर को यूएस जाने से रोक लेता है. वहीं, अपकमिंग एपिसोड में वह अपने घरवालों को एक नया फैसला सुनाता हुआ नजर आएगा.

 

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ये रिश्ता क्या कहलाता है के अपकमिंग एपिसोड में देखने के लिए मिलेगा कि अभिमन्यु अबीर के लिए आरोही को भी थोड़े दिनों के लिए साइड करने का फैसला लेगा. वह मंजरी को बताता है कि जब तक अबीर की सर्जरी नहीं हो जाती, तब तक वह इस शादी को नहीं करेगा. अभिमन्यु कहता है, ‘उसके लिए अबीर से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं है.’ इस दौरान मंजरी अपने बेटे को समझाने की कोशिश करती है, लेकिन अभि कुछ नहीं सुनता. इस वजह से घर के सभी लोग चिंता में आ जाते हैं.

 

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उसका बेटा उससे दूर है. अभिनव की बातें सुनकर अक्षरा भी काफी परेशान हो जाती है. दूसरी तरफ रात भर अभिमन्यु भी रो-रोकर निकालता है. हालांकि, अगले दिन अभिमन्यु अबीर का बेसब्री से अस्पताल में इंतजार करता है और थोड़ी देर बात ही वह अपने बेटे का इलाज शुरू करता है. ये रिश्ता क्या कहलाता है में आगे देखने के लिए मिलेगा कि मुस्कान और कायरव की लव स्टोरी भी धीरे-धीरे शुरू हो रही है. वहीं, अस्पताल में अभिमन्यु अभिनव को इग्नोर कर देता है. अभिनव उससे बात करना चाहता है. इस वजह से अस्पताल के बाहर दोनों के बीच बहस भी होती है. लेकिन अभिमन्यु का गुस्सा फूट पड़ता है.

पहली डेट: न लेट, न वेट

पहली नजर के प्यार सरीखी भले ही न होती हो, लेकिन पहली डेट आखिरकार पहली डेट होती है, जो यूथ की न केवल लव स्टोरी बल्कि लाइफ भी बदल देती है. दिल धाड़धाड़ करे, मन रोमांचित हो, दिमाग और दिल बारबार बेकाबू हों, कुछ भी अच्छा या बुरा न लग रहा हो, ऐसा बहुतकुछ पहली डेट पर जाते वक्त होता है और यह भी कि उसे कैसे कुछ इस तरह इंप्रैस किया जाए कि वह हमेशा के लिए मेरी या मेरा मुरीद हो कर रह जाए. यह मुमकिन है बशर्ते आप पहली डेट को सम झदारी से प्लान करें और खुद पर काबू रखते इन टिप्स पर शिद्दत से अमल करें-

युवकों के लिए

सब से पहले जगह चुनें कि कहां मिलना उपयुक्त होगा. ऐसी जगह चुनें जो बहुत न सही थोड़ी तो रोमांटिक हो और एकदम सुनसान या फिर ज्यादा भीड़भाड़ वाली न हो. शहर के बाहर की तरफ के पार्क, रैस्टोरैंट या फिर रिजौर्ट इस के लिए बेहतर होते हैं. लेकिन देख लें कि वह आप के बजट के मुताबिक हो.

बगैर तोहफे के न जाएं. तोहफा बहुत ज्यादा महंगा नहीं होना चाहिए. वैसे तो गुलाब का एक फूल, टैडी, चौकलेट या खुबसूरत बुके ही काफी होता है लेकिन फ्रैंड या माशूका के लिए उस के उपयोग का आइटम जेब के मुताबिक जरूर ले जाएं, मसलन परफ्यूम, पर्स या फिर आर्टिफिशियल ज्वैलरी वगैरह. गिफ्ट एक खास अदा से दें और मिलते ही न दें, बल्कि औपचारिक हायहैलो के बाद दें.

पहली डेट में ड्रैस अब युवकों के लिए परेशानी का सबब होने लगी है कि क्या पहनें. बेहतर होगा कि कैजुअल ड्रैस में ही जाएं. ज्यादा तड़कभड़क वाले कपड़े इंप्रैसिव होते हैं, यह गलतफहमी मन में न पालें. हां, साफसुथरे हो कर जाएं  और दाढ़ी बहुत ज्यादा बड़ी नहीं  होनी चाहिए.

शर्ट या टीशर्ट लाइट कलर की पहनें, हलका परफ्यूम, आफ्टर शेव और टैलकम पाउडर लगा कर जाएं. लड़कियां लड़कों का ड्रैसिंग सैंस बहुत बारीकी से देखती हैं और आमतौर पर उसी से आप के स्वभाव व व्यक्तित्व का अंदाजा लगाती हैं. खुद को फिलौसफर या बुद्धिजीवी दिखाने के चक्कर में फटीचरों जैसे जाएंगे, तो यह आखिरी डेट भी साबित हो सकती है.

निश्चित रूप से आप उसे इंप्रैस करना चाहेंगे और करना भी चाहिए लेकिन इस के लिए अतिरिक्त कोशिश न करें बल्कि जितना हो सके, सहज रहें. लंबीचौड़ी डींगें हांक कर और खुद की तारीफें करते रहने से आप उसे इम्प्रैस नहीं कर पाएंगे.

बातचीत का विषय पारिवारिक, धार्मिक या फिर राजनीतिक न रखें क्योंकि पहली डेट कोई डिबेट नहीं होती. यह अच्छी दोस्ती या प्यार की शुरुआत होती है, इसलिए हलकेफुलके विषयों पर बात करें,  जैसे फिल्में, बुक्स, मैगजींस और सामने वाले की हौबीज सहित टूरिस्ट प्लेस वगैरह. बहुत ज्यादा सैक्सी बातें करने की गलती या डबल मीनिंग वाली बातें न करें. इस से आप की इमेज बिगड़ सकती है. हां, बीचबीच में एकाध बार कोई रोमांटिक बात कर सकते हैं जो उस की तारीफ के मकसद से की गई लगे.

परिचय की औपचारिकता और बातचीत शुरुआत होने के बाद आती है खानेपीने की जो पहली डेट का खास शगुन है. शिष्टतापूर्वक सामने वाले के सामने मैन्यू कार्ड कर दें और उसे अपनी पसंद के आइटम और्डर करने दें. एकाध आइटम अपनी पसंद का भी और्डर करें. बारबार मैन्यू कार्ड न देखें.

खाना सलीके से खाएं और अपनी दोस्त को खुद सर्व करें. अगर वह सर्व  करने का शिष्टाचार दिखाए तो थैंक्स जरूर कहें.

पुरुष होने के नाते पेमैंट खुद करें, लेकिन वह जिद कर के खुद करना चाहे तो उसे करने दें. यह हर्ज या हेठी की बात नहीं.

अपने बारे में जरूरत से ज्यादा यानी अनावश्यक जानकारी न दें और न ही लेने की कोशिश करें.

अगर ज्यादा वक्त हो तो मौल जाएं या फिर लौंग ड्राइव पर उसे ले जाएं लेकिन भभका जमाने को बाइक या कार तेज रफ्तार से न चलाएं. ट्रैफिक नियमों का पालन करें.

पहली डेट में उसे खरीदारी कराने की गलती न करें. इस से वह आप को फुजूलखर्च, मजनूं या बेवकूफ भी सम झ सकती है जो बाद के लिए ठीक नहीं होगा.

वह जरूरत से ज्यादा छूट दे तो खुद को संयमित रखें. एकदम छिछोरी हरकतें न करें. मुमकिन है वह आप का इम्तिहान ले रही हो कि आप कितने पानी में हैं और औरतों के प्रति आप का नजरिया कैसा है.

युवतियों के लिए

युवतियों के लिए भी लगभग वही बातें उपयोगी होती हैं जो युवकों के लिए होती हैं लेकिन कुछ बातों का उन्हें खास ध्यान रखना चाहिए, मसलन-

बहुत ज्यादा तंग और अंग दिखाऊ कपड़े पहली डेट पर नहीं पहनने चाहिए. इस से आप की इमेज उस के दिमाग में वैसी बन सकती है जैसी आप नहीं चाहतीं.

मेकअप सलीके का करना चाहिए जो न ज्यादा सादा हो और न ही ज्यादा भड़काऊ.

खाने का और्डर करते वक्त ताबड़तोड़ डिशेज नहीं मंगानी चाहिए, खासतौर से यह सोचते हुए कि मर्द होने के नाते पेमैंट तो वही करेगा, इसलिए जितना हो सके खा लो.

खानेपीने का पेमैंट करने की पहल करनी चाहिए.

अगर बातचीत का रुख सैक्स की तरफ मुड़ता दिखे तो संभल कर बात करनी चाहिए. हालांकि सैक्स पर चर्चा कोई गलत या बुरी बात नहीं लेकिन पहली  डेट पर इस से परहेज ही करना  चाहिए. अपनी पसंदनापसंद के बारे में उसे इशारा कर देने से माहौल सहज रहता है.

उस से शौपिंग के लिए नहीं कहना चाहिए. पहली डेट परिचय के लिए ज्यादा होती है, बाकी सब बाद में होता रहता है बशर्ते खयालात मिलते हों और मिलनेजुलने का सिलसिला जारी रहे.

खुद के और परिवार के बारे में जरूरत से ज्यादा जानकारी नहीं देनी चाहिए. अंतरंग या पर्सनल बातें भी नहीं बतानी चाहिए.

दोनों के लिए पहली डेट से ही भविष्य, चाहे वह दोस्ती का, प्यार का या फिर शादी का तय होता है. दोनों को पहले यह तय कर लेना चाहिए कि रिश्ते की सीमाएं क्या होंगी. लेकिन पहली डेट यादगार बनाना जरूरी है कि दोनों ही लेट न हों बल्कि तयशुदा वक्त पर निर्धारित जगह पर पहुंच जाना चाहिए. अगर किसी वजह से देर हो रही हो तो मोबाइल पर सूचित कर देना चाहिए और मिलने पर सौरी भी बोलना चाहिए. जिस से सामने वाले का मूड न उखड़े. अगर किसी मुद्दे पर विचार न मिलते हों तो दोनों को खुद को एकदूसरे पर थोपना नहीं चाहिए और न ही बहस करना चाहिए.

दोनों को ही किसी न किसी भरोसेमंद दोस्त को बता कर जाना चाहिए और घर वालों की तरफ से अगर डेटिंग की छूट मिली हो तो उन्हें सूचित कर जाना चाहिए. डेटिंग के दौरान अगर दोनों के खयालात मिलें और अपनापन महसूस हो तो भी भावनाओं को नियंत्रित रखना ठीक रहता है. सैल्फी और फोटो दोनों सहमत हों तो ही लेना चाहिए और ऐसे कुछ काम बाद के लिए भी छोड़ने चाहिए क्योंकि पहली डेट के माने यह होता है कि एकदूसरे को सम झने की कोशिश करते यह फैसला लिया जाए कि अगला कदम उठाना है या नहीं.

मुलाकात कैसी भी रही हो, अंत में दोनों को एकदूसरे को थैंक्स जरूर बोलना चाहिए. डेट यदि अच्छी रही हो तो अगली बार कहां और कब मिलेंगे, यह फोन पर तय करने की बात कर लेनी चाहिए. घर आने के बाद इत्मीनान से आगे के बारे में सोचना चाहिए. अगर ऐसा लगे कि पटरी नहीं बैठेगी या आप का स्वभाव और आदतें उस के स्वभाव से मेल नहीं खाते हैं तो रिश्ते को बिना किसी गिल्ट के मशहूर शायर साहिर लुधियानवी की लिखी एक नज्म की ये लाइनें गुनगुनाते विराम दे देना चाहिए-

वो अफसाना जिसे अंजाम तक ले जाना हो नामुमकिन उसे एक खूबसूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा.

फेसबुक के देशी नुसखों से रहें सावधान

पिछले दिनों मेरे पास एक युवक को ले कर उस की मां आई थी. युवक भयानक उलटी और दस्त से ग्रस्त था. जब उस से ‘रात क्या खाया था’ पूछा गया तो वह लगातार बात को छिपाने की कोशिश करता रहा.

जब मैं ने उस से कहा कि यदि आप अपने खानेपीने के बारे में सहीसही नहीं बताएंगे तो इलाज कैसे संभव होगा? तब उस ने झिझकते हुए कहा, ‘‘शाम को मैं ने फेसबुक पर एक देसी नुसखा पढ़ा था.’’

‘‘किस चीज का?’’

‘‘जोश ताकत का,’’ शरमाते हुए उस ने बताया.

‘‘क्या खाया था?’’

‘‘कमल के बीजों को पीस कर उस में लहसुन मिला कर खाया था, खाने के एक घंटे बाद ही तबीयत खराब होने लगी थी,’’ उस ने बताया. मैं ने उस को सेलाइन चढ़ाई और आवश्यक दवाएं दीं. 2 दिनों बाद उस की हालत ठीक हुई.

ऐसे एक दर्जन से अधिक मरीज मेरे पास फालतू चीजें खा कर इलाज के लिए आ चुके हैं. इन में महिलाएं और वृद्घ भी हैं. सोशल साइट्स पर इन दिनों बहुत सी गंभीर बीमारियों के इलाज और मनगढंत परिणामों का उल्लेख मिल जाएगा, जैसे शुगर की बीमारी से मिनटों में आराम, मोटापे में शर्तिया फायदा, घुटनों के दर्द में एक सप्ताह में आराम वगैरा. इस के साथ ही जो इन साइट्स पर देसी दवाओं का उल्लेख करता है वह बाकायदा अपने अनुभवों का विस्तृत वर्णन करता है जिस से पढ़ने वाले या रोगग्रस्त व्यक्ति उन गलत बातों पर विश्वास कर लेते हैं.

पिछले दिनों हृदय रोग में पीपल के पत्तों के काढ़े से हार्ट सर्जरी से मुक्ति की पोस्ट बहुत चर्चित हुई थी. वहीं शुगर की बीमारी में गोंद, अलसी और जामुन के बीजों के मिश्रण को सुबह व रात को पीने की बात कही गई थी. मरता क्या न करता, जो इन बीमारियों से ग्रस्त हैं और ढेर सारे रुपए को फूंक चुके हैं वे तुरंत इन नुसखों को अपना कर अपनी बीमारियों को तो बढ़ाते ही हैं, साथ ही अन्य बीमारियों से ग्रस्त भी हो जाते हैं. ऐसे में जरूरी है कि यदि आप ऐसी मनगढ़ंत दवाओं के विषय में फेसबुक पर देखें तो उसे तुरंत हटा दें न कि शेयर कर के और लोगों तक गलत बातों को पहुंचाने में मदद करें.

आजकल सोशल साइट्स का उपयोग अंधविश्वास को फैलाने में भी होने लगा है. साइट्स में कहा जाता है कि इस देवीदेवता की तसवीरों को शेयर करें तो आप की बीमारी दूर हो जाएगी वरना आप और अधिक बीमार हो जाएंगे. ऐसी स्थिति में घबरा कर कमजोर मानसिकता के व्यक्ति ऐसी पोस्ट को शेयर कर देते हैं, और अनजाने ही, ऐसे अंधविश्वास को फैलाने में सहयोगी हो जाते हैं.

फेसबुक पर दुबले होने के लिए भी बहुत से नुसखे होते हैं जो आप को दुष्परिणाम दे सकते हैं. इन दिनों फेसबुक पर एक और पोस्ट आ रही है, ‘निसंतान दंपती यदि अमुक अमुक टोटका कर के इन अमुक दवाओं का सेवन करेंगे तो जरूर बच्चा पैदा हो जाएगा.’

यह पोस्ट देख कर तुरंत महिलाओं के दिमाग में अपनी उन एक दर्जन सहेलियों, रिश्तेदारों के नाम याद आ जाते हैं जो निसंतान हैं और वे उसे यह पोस्ट शेयर कर के बाकायदा फोन कर के कहती भी हैं कि इसे अमल में लाओ. परिणाम स्वरूप गलत नुसखों का प्रचारप्रसार करने में आप अनचाहे ही सहयोगी हो जाते हैं. ऐसी किसी भी पोस्ट को तुरंत अपनी फेसबुक से हटा देना ही बेहतर होगा ताकि आप इस बहाने समाज में गलत बातों के प्रचार प्रसार में सहयोगी न बन सकें. इसलिए ऐसी बातों का खुल कर विरोध करें और उस नुसखे के नीचे किसी भी तरह का उपयोग नहीं करने का अपना मैसेज भी टाइप कर दें ताकि जिस ने वह पोस्ट किया है उस तक आप की बात पहुंच सके.

सोशल मीडिया पर बताई गई दवाओं या मनगढंत दवाओं के विषय में बातों को आगे न बढ़ाएं. अपनी बीमारी के विषय में अपने चिकित्सक से सलाह लिए बिना कोई भी दवा या देशी नुसखों का उपयोग न करें. वरना आप को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

मेरे अपनी चाची के साथ 2 वर्षों से शारीरिक संबंध हैं, मैं इस सब से निकलना चाहता हूं क्या करूं?

सवाल
मैं 20 वर्षीय युवक हूं. मेरे अपनी चाची के साथ 2 वर्षों से शारीरिक संबंध हैं और शारीरिक संबंधों के परिणामस्वरूप इस समय वे गर्भवती भी हैं. लेकिन इस अवस्था में भी वे मेरे साथ शारीरिक संबंध कायम रखना चाहती हैं. मैं मना करता हूं तो धमकी देती हैं कि वे हमारे संबंधों के बारे में पूरे परिवार को बता देंगी. मैं बहुत परेशान हूं औैर इस सब से निकलना चाहता हूं.

जवाब
पहले आप ने अपनी चाची के साथ शारीरिक संबंध बना कर बहुत बड़ी गलती की और चाची ने भी आप का फायदा उठाया. लेकिन अब जब स्थिति आप के नियंत्रण से बाहर हो गई है तो अब उस से निकलना चाहते हैं. माना कि इस सब में आप की चाची की भी गलती है लेकिन आप को उन का साथ नहीं देना चाहिए था. लेकिन अब पछताने से कुछ नहीं हो सकता.

वर्तमान स्थिति में अगर चाची आप को धमकी दे रही हैं परिवार वालों को सब सच बताने की तो इस में आप की बदनामी ज्यादा होगी हालांकि इस सब में उन की खुद की भी बदनामी होगी.

बहरहाल, इस चक्रव्यूह से निकलने के लिए आप को साफ शब्दों में चाची को शारीरिक संबंधों के लिए न कहना होगा, वरना आप की चाची आप को भविष्य में भी ब्लैकमेल करती रहेंगी.

बेखौफ बदमाश : चार घंटे में दो को मार डाला

उत्तर-पूर्वी जिला में रविवार रात चार घंटे के भीतर ब्रहमपुरी और भजनपुरा में हुई गैंगवार में दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया, जबकि गोली लगने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. गैंगवार की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया. आननफानन में पहुंचे आला अधिकारी और पुलिस की कई टीमें देर रात तक जांच में जुटी रहीं. पुलिस का दावा है कि दोनों जगहों पर 50 से अधिक गोलियां चलीं, इनमें से 30 से 35 गोलियां मृतकों को लगी हैं.

ब्रह्मपुरी गली संख्या-7 के बाहर रात लगभग 9.30 बजे दो बाइक पर सवार होकर आए चार बदमाशों ने सड़क किनारे खड़े होकर बातचीत कर रहे मो. वाजिद और मो. फैज पर ताबड़तोड़ 20 से अधिक गोलियां चलाईं. हमले में वाजिद की मौत हो गई, जबकि मो. फैज की हालत गंभीर बनी हुई है. वाजिद को आठ और फैज को चार गोलियां लगीं. वाजिद के खिलाफ कई मामले दर्ज थे.

सूचना पर पहुंची पुलिस मौके पर छानबीन कर रही थी कि इसी बीच देर रात 1.30 बजे भजनपुरा में गोलियां चलने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि दो बाइक पर आए चार बदमाशों ने 24 वर्षीय आरिफ हुसैन रजा को गोली मार दी, इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने 30 से अधिक गोलियां चलाईं, जिनमें से लगभग 25 गोलियां आरिफ को लगीं. हालांकि, पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद आरिफ को 15 गोलियां लगने की बात कही है. मौके से गोलियों के 26 खोखे मिले हैं. हत्या का मुकदमा दर्ज कर भजनपुरा पुलिस छानबीन कर रही है.

मौत के बाद भी गोली मारी

पुलिस को जांच में पता चला कि हमलावरों में से एक ने हेलमेट लगा रखा था. हमलावरों ने जब आरिफ पर गोलियां चलाई तो वह जान बचाने के लिए घर की तरफ भागा. मगर गोली लगने के कारण वह कुछ दूर जाकर ही गिर पड़ा. बताया गया कि मौत के बाद भी हमलावर आरिफ पर गोलियां चलाते रहे. उसके सीने, सिर, पेट, पैर, हाथ और कमर आदि पर गोलियां लगी हैं.

दोनों जगह हमलावरों की संख्या चार थी

पुलिस गैंगवार और रंजिश सहित विभिन्न कोणों से मामले की जांच कर रही है. फिलहाल हमलावर पुलिस पकड़ से दूर हैं. दोनों ही वारदातों में दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने गोलियां चलाई हैं. गैंगवार के कारण पूरे जिले की पुलिस को चौकन्ना रहने के लिए कहा गया है.

फोन आने पर घर से निकला

पुलिस के अनुसार, आरिफ परिवार के साथ मौजपुर में रहता था. उसके परिवार में माता-पिता, भाई और दो बहनें हैं. वह पत्रचार से स्नातक करने के साथ ही पिता के कारोबार में भी मदद करता था. रविवार देर रात उसके मोबाइल पर एक कॉल आयी और वह बातचीत करते हुए घर से बाहर निकल गया. आरिफ का कोई आपराधिक रिकॉर्ड अभी तक पुलिस को नहीं मिला है.

समझौता: आखिर क्यों परेशान हुई रिया

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Tiger 3 के सेट से लीक हुआ सलमान खान का वीडियो, देखकर होश उड़ जाएंगे

इन दिनों सलमान खान चर्चा में बने हुए है उनकी हाल में रीलिज हुई फिल्म किसी का भाई किसी की जान रीलिज हुई है जो कि बॉक्स आफिस पर जमकर कमाई कर रही है. वही दूसरी तरफ सलमान खान इन दिनों टाईगर 3 की शूटिंग पर बीजी चल रहे है लेकिन हाल ही में उनका सेट से एक वीडियो लीक हुआ है जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है खास बात ये है कि सलमान खान इस वीडियो में सीगरेट का धुंआ उड़ाते नजर आ रहे है. जी हां, सलमान खान सिगरेट पीते दिखे. जिसपर लोग जमकर कमेंट कर रहे है.

आपको बता दें, कि सलमान खान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म टाईगर 3 की शूटिंग में बीजी चल रहे है इस दौरान उनका सेट से एक वीडियो लीक हो गया है जो कि सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है. ये वीडियो ईद के दिन पर लीक किया गया था. इस वीडियो में सलमान खान सिगरेट का धुंआ उड़ाते दिख रहे है. जिसपर लोग अब जमकर कमेंट बरसा रहे है.

 

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जिन्हें जानकारी नहीं हैं उन्हें बता दें कि सुपरस्टार सलमान खान की अगली मचअवेटेड फिल्म टाइगर 3 है. जिसे यशराज बैनर के तहत बनाया गया है. इस फिल्म में सुपरस्टार सलमान खान अदाकारा कटरीना कैफ के साथ एक बार फिर से सिल्वर स्क्रीन पर धमाका करने की तैयारी में हैं. ये यशराज फिल्म्स की स्पाई यूनिवर्स की ही फिल्म है. जिसमें इस दफा सुपरस्टार शाहरुख खान एक धमाकेदार कैमियो करते दिखेंगे.

किसी का भाई किसी की जान का मिली अच्छी सक्सेस

सुपरस्टार सलमान खान और पूजा हेगड़े स्टारर फिल्म किसी का भाई किसी की जान हाल ही में थियेटर पहुंची है. जिसे दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. ये एक फैमिली ड्रामा फिल्म है. जिसमें सलमान खान का लुक पहले से काफी अलग रखा गया है. फिल्म में सलमान खान लंबे बालों में नजर आ रहे हैं. साथ ही उनके लुक पर भी निर्माताओं ने काफी काम किया है. इस फिल्म के निर्देशक फरहाद सामजी है. फिल्म में सलमान खान के साथ ही शहनाज गिल और पलक तिवारी का धमाकेदार बॉलीवुड डेब्यू हुआ है. तो क्या आप इस फिल्म को लेक एक्साइटेड हैं. अपनी राय हमें कमेंट कर बताएं.

क्या प्रेग्नेंट है कटरीना कैफ! ईद की पार्टी में पेट छुपाती दिखी एक्ट्रेस

ब़ॉलीवुड इंडस्ट्री के तमाम एक्टर औऱ एक्ट्रेस ईद के मौके पर मुबारकाबाद देने अर्पिता खान के यहां पार्टी में पहुचें, जहां तमाम बॉलीवुड की हस्तियों ने शिरकत की.जिसमें आमिर खान, कार्तिक आर्यन, शहनाज गिल समेत कई हस्तियां पहुंची थी. ऐसे में कटरीना कैफ भी नजर आई है जिन्हे लेकर ये अटकले लगाई जा रही है कि वो प्रेग्नेंट है और दुपट्टे से उन्होंने पेट छुपा लिया था.

 

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सेलिब्रिटी फोटोग्राफर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में आप देख सकते है कि अर्पिता खान की ईद की पार्टी में कटरीना कैफ पहुंचती हैं. कटरीना कैफ का अंदाज उनके फैंस को खूब पसंद आया और वह उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं. कटरीना कैफ ने इस दौरान अनारकली सूट पहना रखा है और अपने पेट पर हाथ रखे नजर आईं. ये वीडियो वायरल होने पर कटरीना कैफ की प्रेग्नेंसी की कयासबाजी की जा रही है. एक यूजर ने लिखा है, ‘कटरीना प्रेग्नेंट है.’ एक यूजर ने लिखा है, ‘मुझे लगता है कि वह प्रेग्नेंट है.’ एक यूजर ने लिखा है, ‘ये प्रेग्नेंट लग रही है.’ एक यूजर ने लिखा है, ‘बधाई हो कटरीना कैफ.

 

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बताते चलें कि कटरीना कैफ ने दिसंबर, 2021 में बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल के साथ शादी की थी. कटरीना कैफ की प्रेग्नेंसी की कयासबाजी होने का ये पहला मौका नहीं है. इससे पहले भी उनके प्रेग्नेंट होने की खबरें आई थी. कटरीना कैफ के वर्क फ्रंट की बात करें तो वह सलमान खान के साथ फिल्म ‘टाइगर 3’ में नजर आएंगी. इसके अलावा कटरीना कैफ फिल्म ‘मैरी क्रिसमस’ और फिल्म ‘जी ले जरा’ में काम करती दिखाई देंगी. कटरीना कैफ पिछली बार साल 2022 में रिलीज हुई फिल्म ‘फोनभूत’ में नजर आई थीं. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी.

बेटी के गुनाहगार बन गए मां बाप

इसी साल 17 मई की सुबह के करीब साढ़े 7, पौने 8 बजे का समय रहा होगा, जब जयपुर की जगदंबा विहार कालोनी में सिविल इंजीनियर अमित नायर के घर के बाहर एक होंडा अमेज कार आ कर रुकी. कार से 4 लोग उतरे, जिन में एक महिला भी थी. उन में से एक आदमी कार के पास खड़ा हो गया तो बाकी महिला समेत 3 लोग घर के सामने जा कर खड़े हो गए.

उन में से अधेड़ उम्र के एक आदमी ने आगे बढ़ कर घर की डोरबेल बजाई. डोरबेल की आवाज सुन कर अमित नायर की पत्नी ममता ने गेट खोला. गेट के बाहर पापामम्मी को देख कर वह खुशी से फूली नहीं समाई. वह शिकायत भरे लहजे में पापा से लिपट कर बोली, ‘‘पापा, बेटीदामाद की याद नहीं आई क्या, जो इतने दिनों बाद आज आए हो?’’

ममता जिस आदमी से लिपटी थी, वह उस के पिता थे. उन का नाम जीवनराम था. उन्होंने बेटी के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा, ‘‘ऐसी बात नहीं है बेटी. आखिर हम तेरे मांबाप हैं. तूने भले ही अपनी मनमरजी कर ली है, लेकिन हम तुझे कैसे भूल सकते हैं.’’

‘‘पापा, आप लोग बाहर ही खड़े रहेंगे या घर के अंदर भी आएंगे?’’ ममता ने नाराजगी भरे स्वर में कहा, ‘‘मम्मी, आप क्यों चुपचाप खड़ी हैं?’’

‘‘बेटी, आज हम सब तुम से ही मिलने आए हैं.’’ मां भगवानी देवी ने कहा.

‘‘पापा, ये आप के साथ कौन लोग हैं, मैं इन्हें नहीं जानती?’’ ममता ने शंका भरे लहजे में पूछा.

जीवनराम ने ममता को भरोसा दिलाया, ‘‘बेटी, ये हमारे जानकार हैं. हम साथसाथ कहीं जा रहे थे. सोचा, बेटी का घर रास्ते में है तो उस से मिलते चलें. इसी बहाने आपसी गिलेशिकवे भी दूर हो जाएंगे.’’

‘‘आओ, अंदर आ जाओ.’’ ममता ने मम्मीपापा व उन के साथ आए लोगों से कहा, ‘‘आप सब चायनाश्ता कर के जाना.’’

ममता के कहने पर जीवनराम, उन की पत्नी भगवानी देवी और उन के साथ आया वह आदमी ममता के साथ घर के अंदर जा कर ड्राइंगरूम में पड़े सोफे पर बैठ गए.

हालांकि सुबह का समय था, लेकिन सूरज की तपन से गरमी बढ़ने लगी थी. इसलिए ममता ने ड्राइंगरूम का एसी औन कर दिया. इस के बाद फ्रिज से पानी की बोतल निकाली और 3 गिलासों में पानी डाला. तीनों गिलास एक ट्रे में रख कर वह ड्राइंगरूम में पहुंची और मम्मीपापा व उन के साथ आए व्यक्ति को एकएक गिलास दे दिया. तीनों ने पानी पिया.

पानी पीने के बाद जीवनराम ने पूछा, ‘‘बेटी, दामादजी नजर नहीं आ रहे, वह कहां हैं?’’

‘‘पापा, वह अभी सो रहे हैं. वह थोड़ा देर से उठते हैं, लेकिन आप आए हैं तो मैं उन्हें उठाए देती हूं.’’ ममता ने हंसते हुए कहा.

‘‘ठीक है बेटी, दामादजी को जगा दो, उन से भी गिलेशिकवे दूर कर लें.’’ जीवनराम ने लंबी सांस ले कर कहा.

पापा के कहने पर ममता बैडरूम में गई और पति अमित को जगा कर बोली, ‘‘मम्मीपापा आए हैं, आपसी गिलेशिकवे दूर करना चाहते हैं.’’

ममता के पापामम्मी के आने की बात सुन कर अमित हैरान रह गया. वह जल्दी से उठा और वाशबेसिन पर जा कर मुंह धोया. तौलिए से मुंह पोंछते हुए वह ड्राइंगरूम में पहुंचा और ममता के मम्मीपापा को हाथ जोड़ कर नमस्कार कर के बोला, ‘‘पापाजी, आज आप को हमारी याद कैसे आ गई?’’

‘‘बेटा, ऐसी कोई बात नहीं है.’’ जीवनराम ने कहा, ‘‘तुम से शादी करने के बाद ममता तो हमें भूल ही गई. उसे हमारे साथ भेज दो तो कुछ दिन हमारे साथ रह लेगी. वैसे भी वह प्रैग्नेंट है, इसलिए उसे आराम की जरूरत है.’’

अमित के जवाब देने से पहले ही ममता ने पिता की बात काट कर कहा, ‘‘पापा, मैं कहीं नहीं जाऊंगी. मुझे यहां किसी तरह की कोई तकलीफ नहीं है.’’

अमित ने ममता की बात का समर्थन किया, ‘‘पापाजी, ममता आप के साथ नहीं जाना चाहती, इस का कहीं जाने का मन नहीं है.’’

ममता और अमित की बातें सुन कर जीवनराम गुस्से से उबल पड़े, लेकिन उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर नहीं होने दिया. उन्होंने अपने साथ आए युवक को इशारा किया. इशारा मिलते ही उस ने पिस्तौल निकाली और अमित पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने लगा. कई गोलियां लगने से अमित ड्राइंगरूम में ही फर्श पर गिर पड़ा. उस के सीने, गरदन और पैर में 4 गोलियां लगीं.

अमित के गिरते ही ममता चीखने लगी. जीवनराम और उस की पत्नी ममता के बाल पकड़ कर घसीटते हुए जबरन अपने साथ ले जाने लगे, लेकिन तब तक गोलियों की आवाज और ममता की चीखें सुन कर अंदर से अमित की मां रमा देवी आ गई थीं. कुछ पड़ोसी भी आ गए थे. कार के पास खड़े व्यक्ति ने गोलियों की आवाज सुन कर कार स्टार्ट कर दी थी. जीवनराम, भगवानी देवी और उन के साथ आया युवक बाहर खड़ी कार में बैठ कर फरार हो गए.

दिनदहाड़े घर में घुस कर अमित नायर की हत्या किए जाने से कालोनी में हड़कंप मच गया. आसपास के लोग अमित के मकान पर एकत्र हो गए. पुलिस को सूचना दी गई तो पुलिस ने वायरलैस पर सूचना दे कर नाकेबंदी करा दी. पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए. घटनास्थल पर पूछताछ में जो बातें सामने आईं, उस से साफ हो गया कि यह औनर किलिंग का मामला था.

अमित की हत्या उस के सासससुर ने अपने साथ लाए भाड़े के शूटर से कराई थी. मातापिता ने ही अपनी बेटी की मांग उजाड़ दी थी.

आमतौर पर औनर किलिंग के ज्यादातर मामले हरियाणा के जाट समुदाय में सामने आए हैं. राजस्थान में हरियाणा से सटे इलाकों में ऐसी कुछ घटनाएं हुई हैं, लेकिन राजधानी जयपुर में औनर किलिंग की संभवत: इस पहली घटना ने पुलिस अधिकारियों को झकझोर दिया था.

रमा देवी ने उसी दिन थाना करणी विहार में अपने बेटे अमित के सासससुर व 2 अन्य लोगों के खिलाफ घर पर आ कर अमित की गोली मार कर हत्या करने व बहू ममता को जबरन ले जाने का प्रयास करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी. पुलिस ने यह मामला भारतीय दंड विधान की धारा 453, 302 व 120बी के अंतर्गत दर्ज किया.

पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (प्रथम) प्रफुल्ल कुमार, पुलिस उपायुक्त जयपुर (पश्चिम) अशोक कुमार गुप्ता, पुलिस उपायुक्त (अपराध) विकास पाठक के निर्देशन में कई पुलिस टीमों का गठन किया. इन टीमों में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर (पश्चिम) रतन सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त वैशालीनगर रामअवतार सोनी, करणी विहार थानाप्रभारी महावीर सिंह, चौमूं थानाप्रभारी जितेंद्र सिंह सोलंकी, हरमाड़ा थानाप्रभारी लखन सिंह खटाना, भांकरोटा थानाप्रभारी हेमेंद्र कुमार शर्मा, सेज थानाप्रभारी गयासुद्दीन, झोटवाड़ा थानाप्रभारी गुर भूपेंद्र सिंह, वैशालीनगर थानाप्रभारी भोपाल सिंह भाटी और यातायात पुलिस इंसपेक्टर निहाल सिंह को शामिल किया गया.

इन के अलावा एफएसएल, एमओबी शाखा व साइबर सेल की सहायता से अमित नायर हत्याकांड की जांच शुरू कर के अभियुक्तों की तलाश शुरू कर दी गई. दूसरे दिन पुलिस ने शूटर का स्कैच बनवा कर जारी कर दिया.

पुलिस को अमित के सासससुर और रिश्तेदारों के नामपते पता चल गए थे. अमित के ससुर जीवनराम जाट मूलरूप से सीकर जिले के थाना लोसल के गांव मोरडूंगा के रहने वाले थे. फिलहाल वह जयपुर के वैशालीनगर में झारखंड मोड़ स्थित गणेश कालोनी में रह रहे थे.

पुलिस को शूटरों का पता जीवनराम से ही मिल सकता था, साथ ही अमित की हत्या का कारण भी उन के पकड़ में आने के बाद ही पता चल सकता था. इसलिए पुलिस ने जीवनराम को गिरफ्तार करने के लिए जयपुर, सीकर, लोसल, नागौर जिले में डीडवाना, कुचामन, लाडनूं, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, दिल्ली व हरियाणा में स्थित उस के घर वालों तथा रिश्तेदारों के यहां कई जगहों पर दबिश दी.

जांच के दौरान पुलिस को नागौर जिले के डीडवाना कस्बे में वह कार मिल गई, जिस में अमित की हत्या के आरोपी उस के घर आए थे. पुलिस को पता चला कि जीवनराम का बेटा मुकेश डीडवाना में ही रहता है. वह रेलवे में जेईएन है. जांच में पता चला कि अमित की हत्या से पहले और बाद में मुकेश लगातार मातापिता के संपर्क में था.

पुलिस ने अमित की हत्या की साजिश के आरोप में 19 मई को मुकेश को गिरफ्तार कर लिया. मुकेश ने पूछताछ में बताया कि अमित की हत्या के बाद मां भगवानी देवी व पिता जीवनराम जयपुर से सीधे डीडवाना आए थे. वे दोनों करीब 10 मिनट उस के पास रुके थे. इस दौरान जीवनराम ने मुकेश को बताया था कि अमित का काम तमाम कर दिया गया है. इस के बाद वे चले गए थे. पुलिस को मुकेश से पूछताछ में इस मामले में कुछ अहम जानकारियां मिलीं. इन जानकारियों के आधार पर पुलिस लगातार अभियुक्तों की तलाश में जुटी रही.

लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने आखिर 24 मई को 4 आरोपियों जीवनराम, उस की पत्नी भगवानी देवी के अलावा उन के ही गांव मोरडूंगा के रहने वाले भगवानाराम जाट तथा नागौर जिले के मौलासर थाना के गांव कीचक निवासी रवि उर्फ रविंद्र शेखावत को गिरफ्तार कर लिया.

इन में मोरडूंगा निवासी भगवानाराम जाट पंचायत समिति का पूर्व सदस्य था. रवि उर्फ रविंद्र शेखावत शूटर था. उस ने इस घटना से करीब 6 महीने पहले 3 लाख रुपए में अमित की हत्या की सुपारी ली थी. पुलिस ने जीवनराम को हरियाणा के कैथल, भगवानी देवी और पूर्व पंचायत समिति सदस्य भगवानाराम जाट को सीकर तथा रवि उर्फ रविंद्र शेखावत को जयपुर से पकड़ा था.

आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को अमित की हत्या करने वाले शूटरों का पता चल गया था. पूछताछ में जीवनराम ने पुलिस को बताया था कि भाड़े के 2 शूटरों विनोद गोरा तथा रामदेवलाल ने गोलियां चला कर अमित को मौत की नींद सुलाया था. ये दोनों शूटर भी जीवनराम के साथ ही कार से फरार हो गए थे.

बाद में दोनों शूटर जीवनराम से अलग हो कर गुजरात के शहर सूरत चले गए थे. यह सूचना मिलने पर जयपुर पुलिस की 2 टीमें शूटरों की तलाश में सूरत गईं, लेकिन तब तक वे दोनों सूरत से मुंबई चले गए थे. जयपुर पुलिस मुंबई पहुंची तो पता चला कि दोनों शूटर गोवा चले गए हैं.

जयपुर पुलिस की टीमें शूटरों का लगातार पीछा कर रही थीं. जयपुर पुलिस के गोवा पहुंचने से पहले ही वे वहां से भी चले गए थे. दोनों शूटरों का पीछा करते हुए जयपुर पुलिस राजस्थान के नागौर आ गई. नागौर जिले के कुचामन सिटी की कृष्णा कालोनी के एक मकान में दोनों शूटरों के होने की सूचना पर पुलिस ने 5 जून को देर रात दबिश दी.

दबिश में विनोद गोरा पकड़ा गया, जबकि रामदेवलाल नहीं मिला. पता चला कि वह कुचामन से उसी दिन विनोद गोरा से अलग हो गया था. लाडनूं निवासी गिरफ्तार शूटर विनोद गोरा ने पुलिस को बताया कि जीवनराम ने अमित को मारने के लिए उसे व रामदेवलाल को 2 लाख रुपए की सुपारी दी थी. वारदात के दौरान विनोद गोरा अमित के घर के बाहर हथियार ले कर खड़ा था, जबकि रामदेवलाल घर के अंदर गया था.

दोनों शूटरों ने तय किया था कि घर के अंदर अगर रामदेवलाल किसी कारण से अमित की हत्या में सफल नहीं हो पाता तो विनोद उस की मदद करेगा. अमित की हत्या के बाद जीवनराम ने दोनों शूटरों को 50 हजार रुपए दिए थे.

गिरफ्तार आरोपियों व अमित की पत्नी ममता से पूछताछ के बाद औनर किलिंग के नाम पर अमित की हत्या की जो कहानी उभर कर सामने आई, वह जीवनराम जाट और उस के परिवार की झूठी आनबानशान और इज्जत का दिखावा मात्र थी.

सीकर जिले के थाना लोसल के गांव मोरडूंगा का रहने वाला जीवनराम जाट सेना में नौकरी करता था. वह सेना की 221 मीडियम आर्टिलरी से सन 2000 में रिटायर हुआ था. इस के बाद वह परिवार के साथ जयपुर में रहने लगा था. उस के परिवार में पत्नी भगवानी देवी के अलावा बेटा मुकेश और बेटी ममता थी. सेना से रिटायर होने के बाद वह नेशनल इंश्योरेंस कंपनी में ड्राइवर हो गया था.

दूसरी ओर अमित नायर के पिता राघवन सोमन मूलरूप से केरल के रहने वाले थे. वह जयपुर में ए श्रेणी के ठेकेदार थे. अमित की मां रमादेवी जयपुर से नर्स के पद से रिटायर हुई थीं. राघवन का करीब ढाई-3 साल पहले निधन हो गया था.

उस समय ममता और अमित के परिवार जयपुर के वैशालीनगर में आसपास रहते थे. दोनों परिवारों में अच्छा परिचय था. जीवनराम का बेटा मुकेश और अमित नायर जयपुर के केंद्रीय विद्यालय संख्या-4 में साथसाथ पढ़ते थे. वहीं दोनों की आपस में दोस्ती हो गई थी. जीवनराम की बेटी ममता जयपुर के ही केंद्रीय विद्यालय संख्या-2 में पढ़ती थी.

बाद में अमित ने जयपुर के ज्योतिराव फुले कालेज से बीटेक की पढ़ाई पूरी की. ममता ने मोदी इंस्टीट्यूट लक्ष्मणगढ़ से एलएलबी की पढ़ाई की और मुकेश ने पूर्णिमा कालेज से बीटेक किया.

आसपास रहने और केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाई करने के दौरान ही अमित का अपने सहपाठी मुकेश की बहन ममता से परिचय हुआ. कालेज स्तर की पढ़ाई के दौरान उन का यह परिचय प्यार में बदल गया. हालांकि दोनों अलगअलग कालेजों में पढ़ते थे, लेकिन प्यार की पींगें बढ़ाने के लिए वे समय निकाल ही लेते थे.

ममता ने अपने प्यार की भनक घर वालों को नहीं लगने दी. जब ममता और अमित का प्यार परवान चढ़ने लगा तो दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया. लेकिन इस में परेशानी यह थी कि दोनों अलगअलग जाति से थे. ममता जहां जाट परिवार की बेटी थी, वहीं अमित दक्षिण भारतीय था.

ममता को अच्छी तरह पता था कि उस के घर वाले अमित और उस की शादी को कभी स्वीकार नहीं करेंगे. जातिसमाज के बंधनों को देखते हुए अमित और ममता ने सन 2011 में आर्यसमाज मंदिर में शादी कर ली, लेकिन इस शादी का अपने परिवार वालों को पता नहीं लगने दिया. भले ही उन दोनों ने शादी कर ली थी, लेकिन वे अपनेअपने घरों पर अलगअलग ही रहते थे.

सन 2015 में जब ममता की एलएलबी की पढ़ाई पूरी हो गई तो अमित व ममता ने अपनी शादी परिवार और समाज में जाहिर करने का फैसला कर लिया. एक दिन ममता ने अमित से अपनी शादी की बात अपने मातापिता को बता दी और उन की इच्छा के खिलाफ उसी दिन घर छोड़ कर अमित के साथ रहने चली गई. तब तक अमित का परिवार करणी विहार में जा कर रहने लगा था.

बेटी का इस तरह दूसरी जाति के युवक से शादी करना जीवनराम, उस की पत्नी और बेटे मुकेश को अच्छा नहीं लगा. उन्हें इस बात पर ज्यादा गुस्सा था कि ममता ने बिना बताए शादी कर ली थी. मुकेश इस बात से ज्यादा खफा था कि उस के साथ पढ़ने और पड़ोस में रहने वाले दोस्त अमित ने उस की बहन से ही शादी कर के दोस्ती में दगा किया था.

ममता अपने पति अमित के साथ हंसीखुशी वैवाहिक जीवन गुजारने लगी. अमित प्रौपर्टी व कंस्ट्रक्शन का काम करता था. इस बीच ममता के मातापिता व भाई लगातार उस पर दबाव डालते रहे कि वह अमित से संबंध तोड़ ले. उन्होंने कई बार ममता को अपने साथ ले जाने की कोशिश की, लेकिन वे इस में सफल नहीं हुए. अमित की शिकायत पर पुलिस ने वारदात से करीब 8 महीने पहले ममता के मातापिता व भाई पर पाबंदी भी लगा दी थी कि वे अमित के घर न जाएं.

ममता इसी साल जनवरी में गर्भवती हो गई थी. इसी वजह से कुछ महीनों से उस की अपनी मां से बातचीत होती रहती थी. करीब 3 महीने से बीचबीच में ममता के मातापिता उस से मिलने आते रहते थे. इस से अमित व ममता को लगने लगा था कि अब सब ठीक हो गया है. ममता अपने मांबाप के मंसूबों का अंदाजा नहीं लगा पाई थी.

दूसरी तरफ जीवनराम और उस का परिवार अमित नायर को अपना सब से बड़ा दुश्मन मान रहा था. वे उसे रास्ते से हटाने की योजना में लगे हुए थे. जीवनराम ने अपने गांव मोरडूंगा के रहने वाले पुराने दोस्त पूर्व पंचायत समिति सदस्य भगवानाराम जाट को अपनी परेशानी बताई. भगवानाराम ने अमित को ममता के रास्ते से हटाने के लिए जीवनराम को रवि उर्फ रविंद्र शेखावत से मिलवाया.

रवि ने 3 लाख रुपए में अमित की हत्या करने की सुपारी ले ली. योजना के तहत जीवनराम और भगवानाराम ने रवि के साथ मिल अमित की रेकी कर उस की हत्या का मौका तलाशने लगे. इसी बीच जीवनराम और उस के घर वालों ने भगवानाराम के साथ मिल कर भाड़े के 2 अन्य शूटरों रामदेवलाल और विनोद गोरा को 2 लाख रुपए में अमित की हत्या करने के लिए तैयार कर लिया.

योजनाबद्ध तरीके से जीवनराम, उस की पत्नी भगवानी देवी और किराए के दोनों शूटर रामदेवलाल व विनोद गोरा होंडा अमेज कार आरजे14सीएक्स 0313 से 17 मई की सुबह साढ़े 7 से पौने 8 बजे के बीच जगदंबा विहार में मकान नंबर सी-493 पर बेटीदामाद के घर पहुंचे. वहां एक शूटर विनोद गोरा कार के पास बाहर खड़ा रहा, जबकि जीवनराम, भगवानी देवी और रामदेवलाल घर के अंदर चले गए.

घर के अंदर जीवनराम ने अमित को बुलवाया और ममता को साथ ले जाने की बात कही. लेकिन ममता के इनकार कर देने पर जीवनराम को गुस्सा आ गया. उन्होंने शूटर से अमित पर गोलियां चलवा कर उस की हत्या करा दी. इस के बाद उन्होंने ममता को जबरन ले जाने का प्रयास किया, लेकिन अमित की मां व पड़ोसियों के आ जाने से वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके और कार में बैठ कर भाग गए.

पूछताछ में पता चला कि जीवनराम, उस की पत्नी भगवानी देवी और दोनों शूटर वारदात के बाद जयपुर से निकले तो बगरू के पास दोनों शूटरों को उतार दिया. इस के बाद जीवनराम व उस की पत्नी भगवानी देवी सीधे डीडवाना पहुंचे, जहां वे रेलवे में नौकरी करने वाले अपने बेटे मुकेश से मिले. उन्होंने उसे अमित का काम तमाम करने के बारे में बताया और अपनी कार वहीं छोड़ कर आगे बढ़ गए.

दोनों डीडवाना से नागौर, फलौदी, रामदेवरा हो कर सूरतगढ़ पहुंचे. सूरतगढ़ से जीवनराम ने पत्नी भगवानी देवी को बस में बैठा कर सीकर भेज दिया. इस के बाद जीवनराम बीकानेर, हिसार हो कर कैथल पहुंच गया.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि व्यापक जांच के बाद अमित हत्याकांड में 7 लोगों की संलिप्तता सामने आई है. इन में से 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है. वारदात में इस्तेमाल कार भी बरामद कर ली गई है. कथा लिखे जाने तक पुलिस शूटर रामदेवलाल की तलाश कर रही थी.

इस मामले में गिरफ्तार जीवनराम ने पुलिस को बताया कि अमित ने ममता को पहले धर्मबहन बनाया. वह रक्षाबंधन पर उस से राखी भी बंधवाता रहा. इस के बाद अपने प्यार में फांस कर उस से शादी कर ली. उस की शादी का पता चलते ही हम ने अमित को ठिकाने लगाने की ठान ली थी.

वारदात के कुछ दिनों बाद तक ममता के परिवार की सुरक्षा के लिए उस के घर के बाहर पुलिस तैनात रही. ममता की याचिका पर हाईकोर्ट ने भी पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है कि ममता और उस के घर वालों के अलावा गवाह पड़ोसियों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए.

बहरहाल, अमित की हत्या करवा कर जीवनराम और परिवार ने सीने में सुलग रही आग भले ही ठंडी कर ली हो, लेकिन जातिबिरादरी में शर्मिंदगी की आड़ ले कर ऐसा कृत्य करने वालों को कोई भी सभ्य समाज स्वीकार नहीं करता. जीवनराम ने बेटी का सुहाग उजाड़ कर भगवानी देवी की ममता का भी गला घोंट दिया. ममता का गर्भस्थ शिशु संभवत: सितंबर में जन्म लेगा तो उस मासूम को पिता का प्यार नहीं मिल पाएगा.

– कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित

मैं अपने ब्वायफ्रैंड को देखकर मैं उत्तेजित हो जाती हूं. मैं अपनी कामेच्छा संतुष्ट करने के लिए हस्तमैथुन करती हूं. कहीं मैं कुछ गलत तो नहीं कर रही.

सवाल
मैं 19 वर्षीय युवती हूं. 4 सालों से एक युवक से प्यार करती हूं. वह भी मुझे प्यार करता है, यह उस के हावभाव और व्यवहार से लगता है. हम दोनों ने अभी तक एकदूसरे से कभी बात नहीं की. उसे देख कर मैं बहुत उत्तेजित हो जाती हूं. उस के साथ संबंध बनाने की तीव्र इच्छा होती है. मैं अपनी कामेच्छा को संतुष्ट करने के लिए हस्तमैथुन करती हूं. कृपया बताएं कि मैं क्या करूं और यह भी बताएं कि क्या मैं सामान्य हूं? कहीं मैं कुछ गलत तो नहीं कर रही?

जवाब
यानी आप 15 वर्ष की उम्र से उसे प्यार करने का दम भरने की बात कर रही हैं. किशोरावस्था में विपरीत सैक्स के प्रति आकर्षण होना स्वाभाविक है. यह सिर्फ यौनाकर्षण है न कि प्यार. जहां तक उक्त शख्स के हावभाव या व्यवहार से आप अनुमान लगा रही हैं कि वह आप से प्यार करता है तो यह आप की खुशफहमी भी हो सकती है. बिना एकदूसरे से बात किए, एकदूसरे को जानेसमझे, अपने प्यार का इजहार किए, यह मान लेना कि वह आप से प्यार करता है, बिलकुल व्यावहारिक नहीं है. आप को अपने बारे में भी कोई पूर्वाग्रह नहीं पालना चाहिए. आप बिलकुल सामान्य हैं. हस्तमैथुन द्वारा अपनी यौनोत्तेजना को शांत करना गलत नहीं है.

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कुछ दिनों से आलोक कुछ बदलेबदले से नजर आ रहे हैं. वे पहले से ज्यादा खुश रहने लगे हैं. आजकल उन की सक्रियता देख कर युवक दंग रह जाते हैं. असल में उन के घर में एक नन्ही सी खुशी आई है. वे पिता बन गए हैं. 52 साल की उम्र में एक बार फिर पिता बनने का एहसास उन को हर पल रोमांचित किए रखता है. इस खुशी को चारचांद लगाती हैं उन की 38 वर्षीय पत्नी सुदर्शना. सुदर्शना की हालांकि यह पहली संतान है लेकिन आलोक की यह तीसरी है.

दरअसल, आलोक की पहली पत्नी को गुजरे 5 साल बीत चुके हैं. उन के बच्चे जवान हो चुके हैं और अपनीअपनी गृहस्थी बखूबी संभाल रहे हैं. कुछ दशक पहले की बात होती तो इन हालात में आलोक के दिल और दिमाग में बच्चों के सही से सैटलमैंट के आगे कोई बात नहीं आती. इस उम्र में अपनी खुशी के लिए फिर से शादी की ख्वाहिश भले ही उन के दिल में होती लेकिन समाज के दबाव के चलते इस खुशी को वे अमलीजामा न पहना पाते. अब जमाना बदल चुका है. लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग हो गए हैं, एंप्टी नैस्ट सिंड्रोम से बाहर निकल रहे हैं. और अपनी खुशियों को ले कर भी वे ज्यादा स्पष्ट और मुखर हैं. अब लोग 70 साल तक स्वस्थ और सक्रिय रहते हैं.

जब आलोक ने देखा कि उन के बच्चों का उन के प्रति दिनप्रतिदिन व्यवहार बिगड़ता जा रहा है. अपने कैरियर व भावी जिंदगी को बेहतर बनाने की आपाधापी में बच्चों के पास उन की खुशियों को जानने व महसूस करने की फुरसत नहीं है तो आलोक ने न केवल उन से अलग रहने का निर्णय लिया बल्कि एक बार फिर से अपनी जिंदगी को व्यवस्थित करने का मन बनाया.

एक दिन इंटरनैट के जरिए उन की मुलाकात सुदर्शना से हुई जो उन्हीं की तरह अच्छी जौब में थी. आर्थिक नजरिए से सैटल थी, लेकिन कैरियर के चक्कर में सही उम्र में शादी न हो सकी थी. वह 37 साल की हो चुकी थी. उस ने एक खूबसूरत नौजवान का जो ख्वाब देखा था, उसे अब भूल चुकी थी. उसे अब एक व्यावहारिक दोस्त चाहिए था.

सुदर्शना को आलोक में व्यावहारिक जीवनसाथी के सभी गुण नजर आए. दोनों ने झटपट कानूनी तरीके से शादी कर ली.

कोकशास्त्र में कहा गया है कि पुरुषों की सैक्स क्षमता पूरी तरह से उन के अपने हाथों में होती है. दरअसल, जवानी में जो अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देते हैं उन के लिए अधेड़ावस्था जैसी कोई चीज ही नहीं होती. सच बात तो यह है कि इस युग में अधेड़ उम्र के माने वे नहीं रहे जो आधी सदी पहले तक हुआ करते थे. महिलाएं जरूर अभी तक रजोनिवृत्ति के चलते कुदरत के सामने अपने मातृत्व को लंबे समय तक कायम रखने को ले कर विवश हैं लेकिन स्त्रीत्व का आकर्षण उन में भी उम्र का मुहताज नहीं रहा.

सैक्स का सुख लें

आज पुरुष चाहे 50 का हो या 55 का या फिर 60 वर्ष का, स्वस्थ रहने की सजगता ने उसे इस उम्र में भी फिट बनाए रखा है, हालांकि इस में उसे कुदरत का भी साथ मिला है. वास्तव में उम्र ढलने के साथसाथ उस के परफौर्मैंस में कुछ गिरावट तो आती है, लेकिन उस की यह क्षमता बिलकुल खत्म नहीं होती.

यहां कनफ्यूज न हों, पहले भी यह सब सहजता से होता रहा है. मगर इस तरह की क्षमताएं आमतौर पर राजाओं, महाराजाओं और अमीरउमरावों तक ही सीमित होती थीं क्योंकि वही आमतौर पर स्वस्थ होते थे और स्वास्थ्य के प्रति सजग होते थे. आम आदमी के लिए पहले न तो इतनी सहजता से स्वस्थ रहने के साधन उपलब्ध थे, न ही इस का ज्ञान था, इसलिए उन में बुढ़ापा जल्दी आ जाता था.

वैसे लंबे समय तक सैक्स में सक्षम और सक्रिय बने रहने का एक आसान उपाय है हस्तमैथुन. हस्तमैथुन एक ऐसी प्रक्रिया है जिस में किसी दूसरे की जरूरत नहीं होती. शरीर विज्ञान की सीख कहती है कि शरीर के जिस अंग को आप सक्रिय बनाए रखेंगे उस की उम्र उतनी ही लंबी होगी और वह उतनी ही देर तक सक्षम रहेगा. वास्तव में यह बात सैक्स के मामले में भी सही है. असल में जो व्यक्ति जितना ज्यादा सैक्स करता है वह उतनी ही देर तक सैक्स कर सकता है.

मशहूर विशेषज्ञ डा. जौनसन का भी कहना था और आज के सैक्सोलौजिस्ट भी इस बात को मानते हैं कि लंबे समय तक सैक्स क्षमता बरकरार रखने के लिए युवावस्था में सैक्स सक्रियता जरूरी है. अगर यह सक्रियता रहती है तो 50 वर्ष की उम्र के बाद भी पुरुष को नपुंसक होने का डर नहीं रहता. यही नहीं, वह 70 साल तक पिता बनने का सुख भी प्राप्त कर सकता है.

सैक्सोलौजिस्ट हस्तमैथुन को विशेष महत्त्व देते हैं. असल में जो पुरुष अपने लिंग को जितना सक्रिय रखता है, उस की उतनी ही सैक्स की चाहत बढ़ती है क्योंकि इस प्रक्रिया में लिंग की अच्छीखासी ऐक्सरसाइज होती है.

कई बार पुरुष इसलिए भी अपनी पत्नियों को संतुष्ट नहीं कर पाते क्योंकि वे सैक्स के मामले में लगातार सक्रिय नहीं रहते. इस से उन के अंग विशेष की ऐक्सरसाइज भी नहीं हो पाती और ऐन मौके पर शर्मिंदगी उठानी पड़ती है. कहने का मतलब यह है कि इस मामले में निष्क्रियता सैक्ससुख से वंचित कर देती है.

सैक्सोलौजिस्टों की मानें तो हस्तमैथुन सैक्स क्षमता बनाए रखने का एक कारगर तरीका है. यह न सिर्फ पुरुषों को स्वस्थ रखता है बल्कि अच्छीखासी प्रैक्टिस भी कराता है. इतना ही नहीं, उम्र ढलने के साथ सैक्स की चाहत को बढ़ाने में मदद करता है.

खानपान व जीवनशैली सुधारें

इन तमाम बातों के साथसाथ यह भी ध्यान देने योग्य है कि अपने खानपान व मोटापे को भी नजरअंदाज न करें. सैक्स जीवन पर सब से ज्यादा कुप्रभाव मोटापा ही डालता है. मोटापे का अतिरिक्त वजन विटामिन बी-1 के लिए जिगर और थायराइड से प्रतिस्पर्धा करता है और इन दोनों ही अंगों को खराब कर देता है, जबकि सैक्स क्षमता के लिए दोनों ही अंग महत्त्वपूर्ण हैं. मोटा व्यक्ति पतले व्यक्ति की तुलना में सैक्स की कम इच्छा करता है. जब वह इच्छा करेगा भी, न तो वह पार्टनर को संतुष्ट कर पाता है और न खुद ही संतुष्ट हो पाता है.

इस में दोराय नहीं है कि सैक्स सब के जीवन का अभिन्न हिस्सा है. ऐसे में न सिर्फ खानपान, जीवनशैली आदि का खयाल रखना होता है बल्कि कुछ सावधानियां भी बरतनी पड़ती हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो नशीले पदार्थों के आदी होते हैं.

लब्बोलुआब यह है कि भविष्य को आनंदमय बनाना है तो युवावस्था से ही इस का ध्यान रखना होगा. इतना ही नहीं, अपने भावनात्मक रिश्तों को भी मजबूत बनाने की आवश्यकता है. आज के दौर में बच्चे अपने कैरियर के लिए घर से दूर चले जाते हैं. ऐसे में मातापिता घर में अकेले रह जाते हैं. ऐसे पतिपत्नी के लिए सैक्स जीवन को ऊर्जावान बनाए रखता है. कहने की बात नहीं है कि सैक्स शारीरिक क्रिया के अलावा मानसिक संतुष्टि भी है. इसलिए चैन और सुकून से जीने के लिए अपने लाइफस्टाइल को बदल डालें और 60 वर्ष की उम्र के बाद भी गुनगुनाएं, अभी तो मैं जवान हूं…

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