जिस्म की चाहत ने कराया जुर्म

1 दिसंबर की सुबह 11 बजे के करीब कृष्णवल्लभ गुप्ता लिफ्ट से 7वीं मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट नंबर 702 पर पहुंचे तो उन्हें फ्लैट के दरवाजे की सिटकनी बाहर से बंद मिली. उन्हें लगा कि रुचिता किसी काम से ऊपर वाले फ्लैट में गई होगी, इसलिए बाहर से सिटकनी बंद है. सिटकनी खोल कर वह अंदर पहुंचे तो बच्चों के बैडरूम के सामने उन्हें कई जगह खून के निशान दिखाई दिए.

उन्हें लगा कि रुचिता के हाथ या पैर में कुछ लग गया होगा, उसी के खून के ये निशान हैं. उन्होंने रुचिता को आवाज दी, ‘‘रुचि…ओ रुचि…कहां हो भई तुम?’’

रुचिता नहीं बोली तो कृष्णवल्लभ ऊपर वाले फ्लैट में उसे देखने गए. वह वहां भी नहीं मिली तो उन्हें संदेह हुआ. अपने फ्लैट में आ कर उन्होंने कमरों में ही नहीं, बाथरूम, टौयलेट में भी देखा, लेकिन रुचिता कहीं नहीं मिली.

इस तलाश में उन्हें फ्लैट में कुछ अन्य जगहों पर भी खून के निशान नजर आए. इस के बाद उन्होंने रुचिता के मोबाइल पर फोन किया. फोन की घंटी तो पूरी बजी, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ.

कृष्णवल्लभ थोड़ा परेशान हुए. उन्होंने भूतल पर अपार्टमेंट के सुरक्षागार्ड प्रेम बहादुर को फोन कर के रुचिता के बारे में पूछा तो उस ने बताया कि मैडम न तो नीचे आई हैं और न ही अपार्टमेंट से बाहर गई हैं. इस के बाद उन्होंने उसे फ्लैट में खून के निशान मिलने की बात बता कर ऊपर बुला लिया.

वह ऊपर पहुंचा तो खून के निशान देख कर वह भी चौंका. एक बार फिर कृष्णवल्लभ ने गार्ड के साथ रुचिता की तलाश शुरू की. गार्ड प्रेम बहादुर ने फ्लैट के स्टोररूम का दरवाजा खोला तो नीचे फर्श पर सामने ही रुचिता की लाश पड़ी दिखाई दी. उस के आसपास खून फैला था.

लाश देख कर प्रेम बहादुर चीख पड़ा. कृष्णवल्लभ भाग कर उस के पास आए और रुचिता की नब्ज टटोल कर देखी तो वह शांत थी. पत्नी की मौत के बारे में जान कर वह जोर से चिल्लाए. उन के चिल्लाने की आवाज सुन कर पड़ोसी आ गए.

यह घटना उदयपुर शहर के न्यू भूपालपुरा के लक्ष्मण वाटिका के पास बने आर्बिट-1 अपार्टमेंट की है. कृष्णवल्लभ गुप्ता इस बहुमंजिला अपार्टमेंट में 7वीं मंजिल पर बने फ्लैट में पत्नी रुचिता, 9 साल की बेटी अविशी और 8 साल के बेटे अरनव के साथ रहते थे. दिनदहाड़े फ्लैट में महिला की हत्या होने से पूरे अपार्टमेंट में सनसनी फैल गई थी.

सूचना पा कर कुछ ही देर में थाना सुखेर पुलिस घटनास्थल पर आ गई थी. फ्लैट और लाश के निरीक्षण में साफ लग रहा था कि मृतका ने आखिरी दम तक संघर्ष किया था. हत्या किसी नुकीली चीज के अलावा सिर को दीवार में पटक कर की गई थी.

फ्लैट की स्थिति से साफ लग रहा था कि लूटपाट जैसा कुछ नहीं हुआ था. रसोई में गैस चूल्हे पर दूध रखा था. घर में रुचिता के मोबाइल की तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिला. अब तक यह समझ में नहीं आया था कि रुचिता की हत्या क्यों की गई थी? फ्लैट में न तो चोरी हुई थी और न ही कोई दूसरी ऐसी बात सामने आई, जिस से हत्या का पता चलता.

सूचना पा कर उदयपुर के ही सैक्टर-4 में रहने वाली रुचिता की मौसी मोनिका जैन और कुछ अन्य रिश्तेदार तथा परिचित आ गए थे. पूछताछ में कृष्णवल्लभ ने बताया था कि वह एलएलबी फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा था. इस के अलावा वह सीए भी कर रहा था.

रुचिता वकील थी और उदयपुर बार एसोसिएशन की सदस्य भी थी. कभीकभी वह कोर्ट भी जाती थी. वह जज बनना चाहती थी, इसलिए राजस्थान न्यायिक सेवा (आरजेएस) परीक्षा की तैयारी कर रही थी. इस के लिए वह सुबह करीब साढ़े 7 बजे कोचिंग जाती थी.

उस दिन भी वह सुबह अपने समय पर कोचिंग चली गई थी. उस के बाद दोनों बच्चे स्कूल चले गए थे. साढ़े 8 बजे वह भी कालेज चला गया था. तब तक रुचिता कोचिंग से आई नहीं थी. अपार्टमेंट से निकलते समय उस ने सुरक्षागार्ड प्रेम बहादुर से कहा था कि दूध वाला आए तो मैडम से कह देना कि दूध ले लेंगी. 11 बजे के करीब वह घर लौटा तो फ्लैट के दरवाजे की बाहर से सिटकनी लगी थी और अंदर स्टोररूम में रुचिता की लाश पड़ी थी.

कृष्णवल्लभ की बातों से साफ हो गया था कि रुचिता की हत्या सुबह साढ़े 8 से 11 बजे के बीच हुई थी. पुलिस ने पड़ोसियों और सुरक्षागार्ड प्रेम बहादुर से भी पूछताछ की लेकिन ऐसी कोई बात सामने नहीं आई, जिस से हत्या या हत्यारे के बारे में कुछ पता चलता.

पुलिस ने घटनास्थल की काररवाई कर के लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा तो रुचिता की मौसी मोनिका जैन ने आग्रह किया कि रुचिता के घर वाले अजमेर से चल पड़े हैं, उन्हें आ जाने दीजिए. उस के बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाइएगा. पुलिस ने उन की बात मान ली.

इस बीच पुलिस जांच करती रही. एसएफएल टीम ने भी आ कर सारे साक्ष्य जुटा लिए थे. दोपहर में रुचिता के दोनों बच्चे स्कूल से आए तो उन्हें कुछ बताए बगैर मोनिका जैन ने अपने घर भिजवा दिया. शाम को रुचिता के पिता दुलीचंद जैन एवं भाई विवेक उर्फ सोनू पहुंचे तो लाश देख कर दोनों रोने लगे.

पिता और भाई ने रुचिता की हत्या के लिए कृष्णवल्लभ को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि शराब पी कर वह रुचिता के साथ मारपीट करता था. रोजाना फोन कर के वह पति की हरकतें बताती थी. रुचिता के नाम पर लिया गया फ्लैट और उस के गहने भी उस ने बेच दिए थे. पिता और भाई ने रुचिता की हत्या का कृष्णवल्लभ गुप्ता पर आरोप लगाते हुए उस के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर भी दे दी थी.

रुचिता के पिता और भाई द्वारा दी गई तहरीर को मुकदमा दर्ज करने थाने भेज दिया गया था. इस के बाद बाकी की काररवाई कर के लाश को पोस्टमार्टम के लिए एमबी अस्पताल भिजवा दिया था. चूंकि कृष्णवल्लभ गुप्ता को नामजद किया था, इसलिए पुलिस उसे साथ ले कर थाने आ गई थी.

थाने में पूछताछ में भी कृष्णवल्लभ ने वही बातें दोहराईं. पुलिस ने उस की बातों की सच्चाई के बारे में पता किया तो उस ने बताया था कि वह लौ कालेज का रेग्युलर स्टूडेंट है, लेकिन वह रोजाना नहीं, कभीकभी कालेज जाता था. अब सवाल यह था कि जब वह रोजाना कालेज नहीं जाता था तो उस दिन कालेज क्यों गया था?

उस ने बताया था कि बच्चों के उठने से पहले रुचिता कोचिंग चली गई थी, जबकि बच्चों ने बताया था कि सुबह उन का टिफिन बना कर मम्मी ने ही दिया था. सुबह 10 बजे के करीब चौकाबरतन करने वाली बाई हेमा आई थी तो दरवाजे पर ताला लगा था.

दूसरी ओर कृष्णवल्लभ ने बताया था कि 11 बजे जब वह फ्लैट पर पहुंचा था तो दरवाजे पर बाहर से सिटकनी लगी थी और रुचिता का शव स्टोररूम में पड़ा था. उस ने फ्लैट के अंदर आ कर भी शव क्यों नहीं देखा? लाश सुरक्षागार्ड ने देखी. उस के हाथ के नाखूनों पर खून लगा था, जिस के बारे में उस का कहना था कि रुचिता के शव को देखते समय उस के शरीर पर लगा खून उस के हाथों में लग गया होगा.

रुचिता के पिता और भाई का कहना था कि कृष्णवल्लभ बड़ा ही गुस्सैल व हिंसक प्रवृत्ति का था. अकसर पतिपत्नी में झगड़ा होता रहता था. उन्होंने बताया था कि कुछ महीने पहले उस ने रुचिता को जान से मारने की धमकी भी दी थी. हालांकि पड़ोसियों ने झगड़े की बातें नहीं बताई थीं.

पूछताछ में यह भी पता चला कि कुछ समय पहले रुचिता पति, बच्चों और भाई के साथ दुबई घूमने गई थी. वहां किसी बात पर विवाद हो गया तो कृष्णवल्लभ दोनों बच्चों को छोड़ कर चला आया था. बाद में रुचिता का भाई उन्हें ले कर आया था. कृष्णवल्लभ ने बताया था कि वह साढ़े 8 बजे कालेज के लिए निकला था. तब तक रुचिता घर नहीं लौटी थी.

जबकि अपार्टमेंट के कुछ लोगों ने बताया था कि साढ़े 8 बजे उन्हें रुचिता अपार्टमेंट की लिफ्ट में मिली थी. इस के अलावा कृष्णवल्लभ ने उस दिन से पहले अपार्टमेंट के सुरक्षागार्ड से कभी यह नहीं कहा था कि दूधवाला आए तो मैडम से कह देना कि दूध ले लेंगी.

ये बातें कृष्णवल्लभ गुप्ता को संदेह के दायरे में ला रही थीं. जबकि हत्या में किसी भी तरह से अपना हाथ होने से वह मना कर रहा था. पुलिस ने रुचिता के मोबाइल को सर्विलांस पर लगवा दिया था. पुलिस कृष्णवल्लभ से पूछताछ कर ही रही थी कि रात होतेहोते इस मामले में एक नया मोड़ आ गया.

अपार्टमेंट की 8वीं मंजिल के फ्लैट नंबर 892 में रहने वाले अरविंद कोठारी का 22 साल का बेटा दिव्य अचानक लापता हो गया. लापता होने से पहले वह अपने कमरे में एक पत्र छोड़ गया था, जिस में उस ने लिखा था, ‘रुचिता की हत्या से मेरा कोई लेनादेना नहीं है. मैं काफी परेशान हूं. दिन में पुलिस ने मुझ से पूछताछ की थी, लेकिन मम्मीपापा, मैं ने कुछ नहीं किया.’

अचानक इस तरह दिव्य कोठारी का गायब होना और छोड़े गए पत्र में ‘रुचिता की हत्या से मेरा कोई लेनादेना नहीं है’ वाली बात ने पुलिस को उलझा दिया था. उस के घर वालों का कहना था कि दोपहर के करीब 2 बजे वह बिना बताए मोटरसाइकिल से कहीं चला गया था. जब रात तक वह घर नहीं लौटा तो उन्हें चिंता हुई. उन्होंने उस के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन बात नहीं हुई. उस का सामान देखा गया तो उसी में वह पत्र मिला था.

पुलिस दिव्य कोठारी की तलाश में जुट गई. उस के बारे में जानकारियां जुटाई गईं तो पता चला कि वह चार्टर्ड एकाउंटैंसी (सीए) कर रहा था. लेकिन सीपीटी में कई बार फेल हो चुका था. इस से अवसाद में था. पुलिस ने दिव्य के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया तो उस की लोकेशन देर रात तक बड़े तालाब के आसपास की मिलती रही.

पुलिस रात भर उस की तलाश करती रही, पर उस का कुछ पता नहीं चला. अगले दिन यानी 2 दिसंबर की सुबह वह उदयपुर शहर की फतेहपुरा पुलिस चौकी पर पहुंचा और वहां बताया कि उस का नाम दिव्य कोठारी है. चौकी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर थाना सुखेर पहुंचा दिया.

थाने में दिव्य से पूछताछ की जाने लगी तो कभी वह रोने लगता तो कभी हंसने लगता. उस का कहना था कि वह रुचिता को मां की तरह मानता था. पत्र के बारे में उस का कहना था कि पूछताछ से डर कर उस ने पुलिस को वह पत्र लिखा था. दिन भर की पूछताछ में पुलिस को दिव्य से ऐसी कोई बात पता नहीं चली, जिस से हत्या के बारे में कुछ पता चलता.

पुलिस कृष्णवल्लभ से भी पूछताछ कर रही थी. अपराध स्वीकार करने के लिए पुलिस उस पर काफी दबाव बना रही थी. एक बार तो पुलिस ने हवा भी फैला दी कि कृष्णवल्लभ ने पत्नी की हत्या का अपना अपराध स्वीकार भी कर लिया है, लेकिन शाम को ही एसपी राजेंद्र प्रसाद गोयल ने कहा कि अभी ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है, मामले की जांच चल रही है.

अगले दिन रुचिता का मोबाइल उदयपुर के सायरा के एक मजदूर के पास से मिल गया. उसे वह मोबाइल सड़क पर पड़ा मिला था. पुलिस ने रुचिता के मोबाइल नंबर की काल डिटेल्स खंगाली, लेकिन उस से भी कोई सबूत नहीं मिला. पोस्टमार्टम के बाद रुचिता की लाश उस के मायके वाले अजमेर ले कर चले गए और वहीं उस का अंतिम संस्कार कर दिया. पुलिस हिरासत में होने की वजह से कृष्णवल्लभ पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सका.

3 दिसंबर को आखिर पुलिस ने रुचिता हत्याकांड का खुलासा कर दिया. एसपी राजेंद्र प्रसाद गोयल ने प्रेस कौन्फ्रैंस में बताया कि रुचिता की हत्या दिव्य ने की थी. वह साइकोसिस का मरीज है. उस ने यह हत्या इसी बीमारी के दौरे के दौरान की थी. यह ऐसी बीमारी है, जिस का दौरा आने पर वह अपनी मां की भी हत्या कर सकता था.

थाने में जब दिव्य के घर वालों को बुलवाया गया तो वह मां से मिलने के बाद उस की गोद में सो गया था. दिव्य ने पुलिस को यह भी बताया था कि अब तक वह 8 बार खुदकुशी की कोशिश कर चुका है.

लेकिन अगले दिन 4 दिसंबर को पुलिस द्वारा दिव्य को साइकोसिस बताने पर जांच पर सवाल उठ खड़े हुए. इस के बाद पुलिस ने कहा कि दिव्य पागल नहीं है, बल्कि पागल होने का नाटक कर रहा था. अगर वह पागल होता तो सीए की पढ़ाई कैसे करता. पुलिस ने दिव्य को उसी दिन अदालत में पेश कर के 8 दिसंबर तक के पुलिस रिमांड पर ले लिया.

5 दिसंबर को उदयपुर बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष भरत जोशी और उपाध्यक्ष गोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में वकीलों का एक समूह एसपी राजेंद्र प्रसाद गोयल से मिला और उन से कहा कि महिला अधिवक्ता रुचिता की हत्या जैसे संवेदनशील मामले में जिस तरह हत्यारे को साइकोसिस बता दिया गया. इस पर सवाल उठे तो पुलिस अब कह रही है कि दिव्य पागल नहीं था, वह तो नाटक कर रहा था. पुलिस इस मामले की जांच योग्य अधिकारियों से कराई जाए, वरना अदालत में केस की सुनवाई के दौरान हत्यारा इस का अनुचित लाभ उठा सकता है.

2 दिनों में पुलिस द्वारा दिए गए अलगअलग बयानों की वीडियो क्लिपें बना कर लोगों ने वायरल कर दिया है. बगैर मैडिकल जांच के हत्या के अभियुक्त को मानसिक रोगी बता देना पुलिस की बहुत बड़ी संवेदनहीनता और लापरवाही है.

यहां सवाल यह उठता है कि आखिर दिव्य ने रुचिता की हत्या क्यों की थी? पुलिस द्वारा दिव्य से की गई पूछताछ में इस हत्याकांड की जो कहानी उभर कर सामने आई है, वह इस प्रकार थी—

कृष्णवल्लभ गुप्ता कोटा के रामपुरा के रहने वाले एस.आर. गुप्ता के बेटे थे तो रुचिता उर्फ अनु अजमेर के केसरगंज के रहने वाले दुलीचंद जैन की बेटी थी. रुचिता और कृष्णवल्लभ ने सन 2003 में प्रेम विवाह किया था. शादी के बाद दोनों उदयपुर में किराए का मकान ले कर रहने लगे थे.

गुजरबसर के लिए कृष्णवल्लभ एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने लगा था. इस के अलावा वह बीएसएनएल में ठेकेदारी के साथसाथ एकाउंट्स का काम भी करता था. बहुधंधी होने की वजह से वह ठीकठाक कमाई कर लेता था. शादी के बाद बेटी हुई तो उस का नाम रखा गया अविशी उर्फ तनु, जो इस समय 9 साल की है. इस के साल भर बाद ही बेटा अरनव उर्फ मिशु हो गया.

कृष्णवल्लभ के पास पैसा आया तो उदयपुर के न्यू भूपालपुरा में लक्ष्मण वाटिका के पास आर्बिट-1 अपार्टमेंट में उन्होंने अपना एक फ्लैट खरीद लिया, जो 8वीं मंजिल पर था. उन्हीं के फ्लैट के सामने अरविंद कोठारी रहते थे, दिव्य कोठी उन्हीं का बेटा है. आमनेसामने रहने की वजह से दोनों परिवारों का एकदूसरे के यहां आनाजाना ही नहीं था, बल्कि अच्छा मेलजोल भी था.

एक साल पहले कृष्णवल्लभ ने 8वीं मंजिल वाला अपना फ्लैट बेच कर 7वीं मंजिल पर फ्लैट खरीद लिया. इस के अलावा उन्होंने विश्वविद्यालय रोड पर एक भूखंड भी खरीद लिया. एक मंजिल नीचे आने के बाद भी कोठारी और उन में मेलजोल बना रहा. दिव्य लगभग रोज रुचिता के यहां आता था. वह उन्हें आंटी कहता था.

रुचिता की उम्र करीब 35 साल थी, लेकिन कदकाठी ऐसी थी कि अभी भी उन में गजब का आकर्षण था. शायद यही वजह थी कि दिव्य उन की ओर आकर्षित हो गया. वह मन ही मन उन्हें प्यार करते हुए उन्हें हासिल करने के बारे में सोचने लगा.

वह रुचिता के साथ डांडिया, बैडमिंटन खेलता और जब वह योगा करतीं तो उन्हें चाहतभरी नजरों से ताकता रहता. अब वह अकसर उन के घर में पल रहे कछुए से खेलने के बहाने आने लगा.

पहली दिसंबर की सुबह साढ़े 8 बजे के करीब कृष्णवल्लभ कालेज के लिए फ्लैट से निकले तो दिव्य ने स्कूटर से कुछ दूरी तक उन का पीछा किया, ताकि पता चल सके कि वह कहां जा रहे हैं. जब उस ने देखा कि वह कालेज गए हैं तो वह लौट आया. पौने 9 बजे दूधवाला आया तो उसी समय दिव्य दूसरी लिफ्ट से 7वीं मंजिल पर पहुंचा और रुचिता के फ्लैट का दरवाजा खुला देख कर अंदर चला गया.

रुचिता उस समय किचन में गैस चूल्हे पर दूध गर्म कर रही थी. दिव्य रुचिता से थोड़ी बातचीत कर के बैडरूम में चला गया और वहां घूम रहे कछुए की फोटो खींचने लगा. इस के बाद तेज आवाज में टीवी चला कर उस ने रसोई में जा कर रुचिता को पीछे से पकड़ लिया और उस के साथ जबरदस्ती की कोशिश करने लगा. दिव्य की इस हरकत से रुचिता चौंकी. उस ने कहा, ‘‘बेटा, यह क्या कर रहे हो?’’

लेकिन दिव्य नहीं माना और रुचिता के आगे के कपड़े फाड़ दिए. दुष्कर्म में सफल न होने पर वहां रखे टूल बौक्स से एक पाना निकाल कर वह रुचिता पर वार करने लगा. इस के अलावा रुचिता के बाल पकड़ कर उस का सिर दीवार पर दे मारा, जिस से रुचिता गिर पड़ी. इस के बाद वह उसे घसीट कर स्टोररूम में ले गया और उसी पाने से उसे तब तक मारता रहा, जब तक वह मर नहीं गई.

रुचिता की हत्या करने के दौरान दिव्य के कपड़ों पर खून लग गया था, जिसे उस ने बाथरूम में जा कर साफ किया और शावर लिया. रुचिता का मोबाइल ले कर वह बालकनी में आया. उस ने देखा कि कोई पड़ोसी उसे देख तो नहीं रहा. बाहर कोई नहीं दिखा तो रिमोट से टीवी बंद कर के वह अपने फ्लैट पर चला गया.

कुछ देर अपने फ्लैट पर रुक कर वह कार से बाहर चला गया. लौटा तो रुचिता की हत्या की सूचना पा कर पुलिस आ गई थी. कुछ देर वह पुलिस की काररवाई पर नजर रखता रहा. उस के बाद अपने फ्लैट पर गया और पत्र लिख कर एक बैग में कुछ कपड़े तथा अन्य सामान के साथ रुचिता का मोबाइल रख कर मोटरसाइकिल से चला गया.

घर से निकलने के बाद वह इधरउधर घूमता रहा. उस का बैग कोने में फटा था, जिस से अंबेरी के पास स्पीड ब्रेकर पर मोटरसाइकिल उछली तो रुचिता का मोबाइल गिर गया, जो एक मजदूर को मिला था. 2 दिसंबर को पुलिस ने सर्विलांस के माध्यम से उसे बरामद कर लिया था.

पुलिस ने 5 दिनों की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दिव्य को अदालत में पेश किया, जहां जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि अभी अभियुक्त पर भादंवि की धाराएं 302 एवं 201 के तहत मुकदमा दर्ज है. अभी इस में दुष्कर्म के प्रयास की धाराएं जोड़ी जानी है. इस के बाद अदालत ने दिव्य को 3 दिनों के और पुलिस रिमांड पर दे दिया.

पुलिस ने रुचिता की हत्या में प्रयुक्त पाना, खून लगे कपड़े बरामद कर लिए थे. दिव्य की कार, स्कूटर और मोटरसाइकिल के साथ मोबाइल भी जब्त कर लिया गया था.

रुचिता जिस पड़ोसी लड़के को बेटा मानती थी, उसी ने उस की इज्जत पर हाथ डालने की ही नहीं सोची, बल्कि विरोध करने पर जान भी ले ली. आखिर इस में रुचिता की क्या गलती थी? एक लड़के की कुंठा से एक हंसताखेलता परिवार उजड़ गया, 2 मासूम बच्चे बिना मां के हो गए. रुचिता के बच्चे नानानानी के पास हैं.

– कथा पुलिस सूत्रों एवं अन्य रिपोर्ट्स पर आधारित

सर्जिकल स्ट्राइक पर एक और फिल्म, 11 जनवरी को होगी रिलीज

2016 के उरी हमले के बाद भारत की तरफ से की गयी सर्जिकल स्ट्राइक पर एक तरफ फिल्म ‘उरी’ का निर्माण हुआ है, तो दूसरी तरफ इसी विषय पर  फिल्म ‘बटालियन 609’ बनाई गयी, जिसमें मशहूर टीवी कलाकार सोएब इब्राहिम ने मुख्य भूमिका में हैं.

फिल्म की चर्चा करते हुए सोएब इब्राहिम ने कहा कि, ‘लोग जब मुझसे पूछते थे कि मैं बौलीवुड में कब करियर शुरू करने वाला हूं. तब मैं उन्हे एक ही जवाब देता था, जब मेरे पास ऐसी कोई पटकथा आएगी, जो मेरे दिल को छू जाए, तभी मैं बौलीवुड में कदम रखूंगा .फिल्म ‘बटालियन 609’ इसी तरह की फिल्म है. इस फिल्म की शूटिंग करते हुए मेरे मन में आर्मी के प्रति सम्मान बढ़ गया.’

फिल्म निर्माण के क्षेत्र में फिल्म ‘बटालियन 609’ से कदम रख रहे नरेंद्र लालवानी कहते हैं-‘सर्जिकल स्ट्राइक की चर्चा पूरे विश्व में हुई. हमारे देश का हर इंसान इससे वाकिफ है. ऐसे में मैने सोचा कि आर्मी के जवानों की वीरता की इस दास्तान को सिनेमा के परदे पर उतारा जाए. फिल्म ‘बटालियन 609’ की पूरी टीम के साथ ही पूरे देश के लिए जरुरी है कि हम इसे सदैव याद रखें.’

फिल्म के लेखक व निर्देशक बृजेश बैकुंठ त्रिपाठी कहते हैं- ‘यह फिल्म मेरे दिल के करीब है. मेरा मानना है कि यह फिल्म हर देशवासी के दिल के करीब होगी. आखिर हमारे सैनिक सीमा पर हमारे लिए क्या कुछ नहीं कर रहे हैं. उनकी वजह से ही हम सुरक्षित रहे हैं. मेरी यह फिल्म स्वार्थ से परे भारतीय सेना में कार्यरत और उनके परिवारों को समर्पित है.’

फिल्म ‘बटालियन 609’ के लेखक व निर्देशक बृजेश बैंकुठ त्रिपाठी, निर्माता नरेंद्र लालवानी, संगीतकार शैलेंद्र सयंती हैं. ‘बिग कर्टेन मीडिया’ द्वारा 11 जनवरी 2019 को पूरे विश्व में एक साथ प्रदर्शित होने वाली फिल्म ‘बटालियन 609’ को अभिनय से संवारने वाले कलाकार हैं- सोएब इब्राहिम, इलेना कजन, फरनाज शेट्टी, विश्वास किनी, विकी आहुजा, सी पी ठाकुर, जशान सिंह कोहली और विकास श्रीवास्तव.

चीन में भी ‘‘ठग्स आफ हिंदोस्तान’’का डिब्बा गुल

भारत के साथ अब चीन के दर्शकों ने भी आमिर खान की फिल्म ‘‘ठग्स आफ हिंदोस्तान’’ को पूरी तरह से ठुकरा दिया. इससे आमिर खान को निजी स्तर पर काफी बड़ा झटका लगा है. भारत की ही तरह चीन में भी आमिर खान सर्वाधिक सफल व पसंदीदा कलाकार माने जाते रहे हैं. आमिर खान की ‘थ्री इडिएट्स’, ‘दंगल’ और ‘सीक्रेट सुपर स्टार’ फिल्मों ने चीन में रिकार्ड तोड़ कमाई की थी. लेकिन आमिर खान, अमिताभ बच्चन व कटरीना कैफ के अभिनय से सजी फिल्म ‘‘ठग्स आफ हिंदोस्तान’’ चीन के बाक्स आफिस पर भी बुरी तरह से मात खा गयी.

ज्ञातव्य है कि इससे पहले आमिर खान की फिल्म ‘‘दंगल’’ सर्वाधिक कमाई करने वाली फिल्मों की सूची में तीसवें नंबर थी. जबकि सूत्रों का दावा है कि आमिर खान की फिल्म ‘‘सीक्रेट सुपर स्टार’’ ने चीन के बाक्स आफिस पर 750 करोड़ रूपए से अधिक कमाए थे.

लेकिन ‘‘ठग्स आफ हिंदोस्तान’’ ने फिलहाल चीन के बाक्स आफिस पर 10.74 मिलियन यान (1.56 मिलियन अमरीकन डौलर) ही कमाए हैं. चीन में बाक्स आफिस टिकट के प्लेटफार्म ‘‘मओयान’’ के अनुसार ‘‘ठग्स आफ हिंदोस्तान’’ 96.1 मिलियन यान ( लगभग 97 करोड़ 24 लाख रूपए) से अधिक नहीं कमा पाएगी. यानी कि आमिर खान की इस फिल्म की कमाई सर्वाधिक कम होगी.

2019 में रिलीज होंगी ये 9 बड़ी फिल्में

साल 2019 में कई बड़ी फिल्में आने वाली हैं. दर्शकों के लिए ये साल बंपर एंटरटेनमेंट ले कर आ रहा है. इस साल रिलीज होने वाली कुछ फिल्मों की चर्चा पहले से ही है. कुछ के ट्रेलर भी आ चुके हैं. अब देखने वाली बात होगी कि ये बौक्स औफिस पर कैसा प्रदर्शन करेंगी.

मनोरंजन के लिहाज से 2018 काफी अहम रहा. हालांकि कई फिल्मों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया. एक ओर जहां बड़ी बजट और स्टारकास्ट के बाद भी फिल्में बौक्य औफिस पर औंधे मुंह गिरी, वहीं कुछ कम बजट की फिल्मों ने दर्शकों के दिल जीत लिए.

आइए एक नजर डालते हैं 2019 में आने वाली बड़ी फिल्मों और उनकी रिलीज डेट्स पर…

मणिकर्णिका- द क्वीन औफ झांसी

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कंगना रनौत स्टारर फिल्म ‘मणिकर्णिका- द क्वीन ऑफ झांसी’ साल के पहले महीने में 25 तारीख को रिलीज होगी. आपको बता दें कि  फिल्म में कंगना ने मुख्य भूमिका निभाने के अलावा निर्देशन का भी काम किया है. फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है. फिल्म में कंगना जबरदस्त एक्शन करती नजर आएंगी. फिल्म में डैनी, अंकिता लोखंडे, सुरेश ओबेराय, कुलभूषण खरबंदा नजर आ रहे हैं.

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा

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‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ सोनम कपूर और अनिल कपूर की फिल्म है. इस फिल्म में पहली बार बाप-बेटी की ये जोड़ी बड़े पर्दे पर साथ दिखेगी. इस  फिल्म में जूही चावला और राजकुमार राव भी अहम रोल में हैं. मूवी अगले साल वैलेंटाइन से पहले 1 फरवरी को रिलीज होगी.

गली बौय

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इस फिल्म में रणवीर सिंह और आलिया भट्ट एक साथ नजर आएंगे. फिल्म के डायरेक्टर हैं जोया अख्तर. इसकी कहानी मुंबई की सड़कों के रैपर्स की जिंदगी पर आधारित है. फिल्म 14 फरवरी को रिलीज होने वाली है.

 टोटल धमाल

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आपको बता दें कि ये फिल्म धमाल सीरीज की तीसरी फिल्म है. इसमें अजय देवगन, अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित, बोमन ईरानी, जौनी लीवर और संजय मिश्रा है.  फिल्म 22 फरवरी को रिलीज होगी.

केसरी

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फिल्म में अक्षय कुमार और परिणीति चोपड़ा लीड रोल में हैं. ये फिल्म साल 1897 के सारागढ़ी युद्ध पर आधारित है.

कलंक

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आलिया भट्ट और वरुण धवन स्टारर फिल्म ‘कलंक’ 19 अप्रैल को रिलीज होगी. अभिषेक वर्मन द्वारा निर्देशित ‘कलंक’ में माधुरी दीक्षित नेने, संजय दत्त, वरुण धवन, आदित्य रौय कपूर और सोनाक्षी सिन्हा जैसे सितारे भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं.

स्टूडेंट औफ द ईयर 2

big movies of 2019

फिल्म  में टाइगर श्रौफ, अनन्या पांडे और तारा सुतारिया अहम रोल में है. फिल्म 10 मई को रिलीज होगी.

 भारत

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सलमान खान की अगली फिल्म भारत है. ये एक पीरियड ड्रामा फिल्म है. इसमें सलमान खान के अपोजिट कटरीना कैफ हैं. फिल्म का निर्देशन अली अब्बास जफर ने किया है. फिल्म 5 जून को रिलीज की जाएगी.

 हाउसफुल 4

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हाउसफुल 4, 26 अक्टूबर को रिलीज होगी. फिल्म में में अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन और बौबी देओल हैं.

 

‘ठाकरे’ पर एक्टर सिद्धार्थ का बड़ा बयान

स्व. बाला साहेब ठाकरे की बायोपिक फिल्म ‘ठाकरे’ का निर्माण हिंदी व मराठी, दो भाषाओं में किया गया है. 26 दिसंबर को फिल्म ‘ठाकरे’ के मराठी व हिंदी दोनों भाषाओं मे ट्रेलर रिलीज किया गया. पर दोनो भाषाओं के ट्रेलर में जबरदस्त अंतर है. मराठी भाषा के फिल्म के ट्रेलर में दक्षिण भारतीयों के प्रति कई अपशब्दों का प्रयोग किया गया है. जिन पर सेंसर बोर्ड ने भी आपत्ति जताई है. पर शिवसेना नेता, सांसद व फिल्म ‘ठाकरे’ के निर्माता संजय राउत ने ऐलान कर दिया है कि सेंसर बोर्ड इस फिल्म के किसी भी संवाद को काट नहीं सकता. 25 जनवरी 2019 को प्रदर्शित होने वाली अभिजीत पनसे निर्देशित और नवाजुद्दीन सिद्दिकी व अमृता राव के अभिनय से सजी इस फिल्म के ट्रेलर में महाराष्ट्र खासकर मुंबई में बसे अप्रवासी भारतीयों वो भी खासकर दक्षिण भारतीयों के खिलाफ नफरत सूचक संवाद हैं. इसमें एक संवाद- ‘उठाओ लुंगी बजाओ पुंगी’ कई बार दोहराया गया है. यह संवाद विशेषकर दक्षिण भारतीयों के बारे में ही है. दक्षिण भारतीय ही लुंगी ज्यादा पहनते हैं. उल्लेखनीय है कि यह संवाद हिंदी फिल्म के ट्रेलर में नहीं है.

ट्रेलर आने के बाद कुछ ही घंटों में ही इसका विरोध शुरू हो गया है. सबसे पहले दक्षिण भारतीय अभिनेता सिद्धार्थ ने ट्वीटर पर लिखा, ‘यह दक्षिण भारतीयों के प्रति नफरत वाला भाषण है.’

बता दे कि 1966 में शिवसेना नेता के ‘मराठी माणुस’ को लेकर यह संवाद ‘स्लोगन’ हुआ करता था.1966 में शिवसेना पार्टी का गठन करते समय बाल ठाकरे ने मांग की थी कि महाराष्ट्र में स्थानीय लोगों को ही नौकरी में प्राथमिकता दी जानी चाहिए. इतना ही नहीं मुंबई में रह रहे अप्रवासी भारतीयों के खिलाफ उस वक्त बाला साहेब ठाकरे ने कई तरह की मुहीमें चलाई थी.

वैसे फिल्म ‘ठाकरे’ के हिंदी ट्रेलर में भूमिपुत्रों का मुद्दा जरुर उठाया गया है, मगर दक्षिण भारतीयों के खिलाफ किसी तरह के स्लोगन नहीं है. इससे यह साफ जाहिर होता है कि शिवसेना पार्टी की तरफ से फिल्म ‘ठाकरे’ के ट्रेलर व इस फिल्म का उपयोग मराठी भाषी लोगों को एकजुट कर वोट बटोरने का प्रयास किया जा रहा है.

उधर सेंसर बोर्ड ने भी फिल्म के तीन संवादों को हटाने के लिए कहा है, मगर शिवसेना नेता व फिल्म के निर्माता संजय राउत का कहना है कि सेंसर बोर्ड किसी संवाद को हटा नहीं सकता. संजय राउत का दावा है कि फिल्म ‘ठाकरे’ में कुछ भी काल्पनिक नही है, सब कुछ वास्तविक है. मगर यह उनका सबसे बड़ा झूठ है. इतिहास इस बात का साक्षी है कि बाला साहेब ठाकरे अपने जीवन में कभी भी किसी भी अदालत के कटघरे में खड़े होकर वकीलों या जज के सवालों के जवाब देने नहीं गए. मगर हिंदी व मराठी दोनों भाषाओं के ट्रेलर में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद बाला साहेब ठाकरे अदालत के कटघरे में खड़े होकर वकील व जज के सवालों के जवाब देते हुए नजर आ रहे हैं, जो कि पूर्णरूप से गलत है.

siddharth on movie thackrey

फिल्म ‘ठाकरे’ में बाला साहेब ठाकरे का किरदार मूलतः उत्तर प्रदेश निवासी अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दिकी ने निभाया है. बाला साहेब ठाकरे पूरी जिंदगी माइनौरिटी और उत्तर प्रदेश के लोगों के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं. इसी पर कटाक्ष करते हुए अभिनेता सिद्धार्थ ने कहा, ‘फिल्म मंटो’ तक में नवाजुद्दीन सिद्दिकी का प्रशंसक रहा हूं. इसलिए नहीं कि इस फिल्म में उन्होने एक अच्छे इंसान का किरदार निभाया है. उन्होने कई फिल्मों में बुरे इंसान का भी किरदार निभाया है. पर उन फिल्मों में बुरे को बुरा ही दिखाया गया.मगर अब उन्होने फिल्म ‘ठाकरे’ में बाला साहेब ठाकरे का किरदार निभाया है, जिसमें बाला साहेब ठाकरे का महिमा मंडन किया गया है.जब माइनौरिटी के खिलाफ बात करने वाले मराठी भाषी को महिमा मंडित करने वाले का किरदार एक उत्तर भारतीय मुस्लिम अभिनेता निभाए, इसे भी न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता.’

नावजुद्दीन सिद्दिकी पर कटाक्ष करते हुए सिद्धार्थ ने आगे ट्वीट किया है, ‘फिल्म के निर्माताओं के लिए बाला साहेब ठाकरे का किरदार नवाजुद्दीन सिद्दकी द्वारा निभाया जाना काफी किफायती रहा, क्योंकि नवाज ही खुद को उस दृश्य में थप्पड़ मार सकते हैं, जिसमें बाला साहेब ठाकरे उत्तर भारतीयों की पिटाई करते हैं.’

दक्षिण के अभिनेता सिद्धार्थ द्वारा ट्वीटर पर फिल्म ‘ठाकरे’ के खिलाफ हमला बोले जाने के बाद ट्वीटर पर मराठी फिल्म ‘ठाकरे’ के ट्रेलर के खिलाफ जमकर हमले जारी हैं.

ठग्स औफ हिंदुस्तान की चीन में कमाई जानकर हैरान हो जाएंगे आप

देश में बौक्स औफिस पर औंधे मुंह गिरने के बाद आमिर खान और अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म ठग्स औफ हिंदोस्तान की चीन में हुई कमाई जान कर आप हैरान रह जाएंगे.

आमिर खान चीन में बेहद लोकप्रिय हैं. वहां उनकी फिल्मों को काफी पसंद किया जाता है, यही कारण है कि चीन के बौक्स औफिस पर भी उनकी फिल्मों का काफी दबदबा रहता है. पर ठग्स औफ हिंदोस्तान की कमाई जानकर आपको झटका लगेगा.

करीब 300 करोड़ की लागत से बनाई गई यह फिल्म भारत में 150 करोड़ कमा सकी. चीन में आमिर की पौपुलैरिटी को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा था कि फिल्म वहां बेहतर प्रदर्शन करेगी. पर चीन में भी फिल्म बुरी तरह से पिटी. वहां फिल्म ने पहले दिन करीब 1.53 मिलियन डौलर, यानि करीब 10 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया.

आपको बता दें कि यशराज ने चीन की डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ईस्टार को फिल्म के राइट्स बेचे हैं. डील 110 रूपये की मिनिमम गारंटी में तय हुई है. फिल्म को 110 करोड़ की गारंटी मिलना आमिर खान की पिछली फिल्मों के बिजनेस को देखते हुए संभव हुआ. पिछले चार वर्षों में आमिर की सभी फिल्मों ने चीन ने भर भर कर कमाई की है.

सपना चौधरी के इस मशहूर गाने का वीडियो हुआ वायरल

साल 2018 में गूगल सर्च में तीसरे नंबर पर आई सपना चौधरी सही मायनों में किसी सेलेब्रिटी से कम नहीं है. दुनिया भर में सपना के धूम मचाने वाले गाने अब अमेरिका में भी पौपुलर हो रहे हैं. लोग उनके गानों पर वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. हाल ही में सपना का पौपुलर गाना ‘तेरी आख्या का यो काजल’ पर बना एक वीडियो वायरल हुआ है.

बिग बौस 11 की चर्चित प्रतिभागी सपना चौधरी के हरियाणवी सौंग ‘तेरी आंख्या का यो काजल’ की धूम तो काफी समय से दुनिया भर में हैं. लेकिन अब खास बात यह है कि इस गाने ने जहां सब जगह पहचान बनायीं और लगभग हर पार्टी फंक्शन में यह गाना दर्शकों के जहन में छाया रहता है. अब अमेरिका में भी इसका खुमार चढ़ गया है. जी हां, अमेरिका में रहने वाली दीप बरार नाम की लड़की इन दिनों इसी गाने के कारण इंटरनेट सेंसेशन बन गई हैं.

आपको बता दें कि दीप पेशे से कोरियोग्राफर हैं और वह बौलीवुड डांसिंग के लिए काफी लोकप्रिय हैं. वह बौलीवुड के लगभग सभी गानों पर अपने अंदाज में डांसिंग स्टेप्स करती हैं. उनके डांस दर्शकों के बीच खूब पसंद किए जाते हैं.  सपना चौधरी के इस गाने पर सलमान से लिए अक्षय भी थिरके हैं. दीप ने सपना के स्टेप्स की नकल करने की बजाय सारे स्टेप्स खुद ही बनाये हैं और यही वजह है कि दर्शकों को यह गाना खूब पसंद आया है.

महिलाओं की नाभि में छिपा है सैक्स का गहरा रहस्य

कामसूत्र में नारी के अन्य अंगों की खूबसूरती के साथसाथ नाभि की सुंदरता और कामुकता के बारे में बताया गया है. महिला अंगों की सुंदरता के दीवाने पुरूषों को एक महिला के रसीले होंठ, उन्नत सीना, लुभावने नितंब, लचकदार कमर आदि के अलावा नाभि की सुंदरता मदहोश कर देती है.

सैक्स अपील

नाभि चाहें गोल और गहरी हो, समतल हो या फिर लंबी और वक्री, महिला सुंदरता बढ़ाने के साथसाथ सैक्स अपील भी करती है. शायद तभी बौलीवुड से ले कर हौलीवुड और यहां तक कि ठेठ हरियाणवी और भोजपुरी आदि फिल्मों में भी नारी के इस अप्रतिम सुंदर अंग नाभि को देखने के लिए दर्शक उतावले रहते हैं.

फिल्मों में नाभि कामुकता का आधार

1978 में प्रदर्शित फिल्म ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ में तब की हौट अभिनेत्री जीनत अमान की उस अदा को याद कर दर्शक आज भी सिसकारियां भरने लगते हैं जिसमें भीगी साड़ी के नीचे से झांकती नाभि मदहोश कर देती थी.

मंदाकिनी की नाभि अब भी याद है

फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ में सफेद कपड़ों में नहाती मंदाकिनी और अंदर से चुगली करती मादक नाभि जो साड़ी से पूरी तरह चिपकी होती है, देख दर्शक आहें भरते थे.

उर्मिला बन गई थी रंगीला गर्ल

1995 में प्रदर्शित फिल्म ‘रंगीला’ में उर्मिला मतोंडकर की लचकती कमर और उड़ते परिधान के ऊपर गहरी नाभि दर्शकों को इतनी लुभाती थी कि उर्मिला रंगीला गर्ल के नाम से मशहूर हो गई.

नाभि दर्शन को आगे की दौर की अभिनेत्रियों ने भी खूब भुनाया. 1998 में फिल्म ‘दिल से’ में मलाइका अरोड़ा की ‘छैयांछैयां…’ गाना सुपरडुपर हिट इसलिए भी हुआ कि इस गाने में मलाइका की गहरी नाभि ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया था. वहीं 2005 में फिल्म ‘बंटी और बबली’ में कमर से नीचे लटकते घाघरे में ऐश्वर्या राय की गहरी और लंबी नाभि दर्शकों को मदहोश कर देती थी.

शेरोशायरी और कविताओं में भी नाभि

शेरोशायरी और कविताओं में भी नाभि को खूबसूरत अंदाज में पेश किया गया है. एक कवि अपने शेर में कहते हैं –

नाभि पर मेरे नाचीज लबों की छुअन,
क्या सच में तेरे दिल ने ये एहसास भुला दिया?

सैक्स और नाभि

खूबसूरती में चार चांद लगाती नाभि को छूने, सहलाने, चूमने, जीभ से हल्का हल्का छेड़ने पर महिला पार्टनर को असीम आनंद की अनुभूति होती है और ऐसा करते रहने के लिए वह खुला निमंत्रण भी देती है.
फोरप्ले के दौरान महिला पार्टनर की नाभि से छेड़खानी उसे इतनी भाती है कि सैक्स के लिए वह पूरी तरह तैयार हो जाती है. मगर ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि नाभि की नियमित साफसफाई बेहद जरूरी है.

निकिता रावल ने कराया ग्लैमर फोटो शूट

निकिता रावल बौलीवुड की एक जानीमानी एक्ट्रेस और मौडल हैं, इन्होंने हाल ही में मुंबई में तमिल फिल्म के लिए ग्लैमर फोटोशूट कराया.

निकिता रावल ने कई ड्रेस में ग्लैमर मुद्रा में फोटोशूट किया. निकिता रावल की ये तमिल फिल्म फरवरी 2019  में इंडिया और इंडोनेशिया के बाली में शूट होगी.

फ़िल्म के निर्माता हैं शिवा शरन फिल्म्स और निर्देशक हैं रवि शंकर. निकिता इस फ़िल्म में एक कौर्पोरेट बिज़नेस लेडी का किरदार करने वाली हैं.

इस तमिल फ़िल्म के हीरो हैं विजय कुमार शेट्टी. निकिता ने इस फोटोशूट के लिए दस किलो वज़न भी कम किया है.

निकिता एक बहुत अच्छी डांसर भी हैं  इन्होने 500 से ज्यादा शो किये हैं, बीस से ज्यादा म्यूजिक वीडियो शूट किया है और दस के करीब हिंदी फिल्मों में काम किया है.

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