रिश्ते जीवनभर की कठिनाइयों व सुकूनभरे पलों के दरम्यान खिलते हैं जो ताउम्र खुशनुमा जीवन जीने की राह में हमराही बनते हैं. ऐसे में उन की बोली लगाना उस पेड़ को काटने जैसा है जिस की छावं में सारी जिंदगी गुजारी हो.