देश में कहीं भी देख लें, दलितों की एक आदत सी पड़ी हुई है कि वे ऊंची जाति वालों को अभी भी हुजूर, माईबाप, अन्नदाता, साहब या मालिक कह कर ही बुलाते हैं.