हरियाणवी इंडस्ट्री के मशहूर सिंगर राजू पंजाबी का निधन हो गया है. मिली जानकारी के अनुसार राजू पंजाबी काफी समय से बीमार थे और उनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था. इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. राजू पंजाबी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव रावतसर में किया जाएगा.
राजू पंजाबी की उम्र महज 40 साल थी, जब उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. राजू पंजाबी को लीवर और फेफड़ों में संक्रमण था, जिसकी वजह से 10 दिनों से हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे, तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था. राजू पंजाबी की शादी हो चुकी है और उनकी तीन बेटियां भी हैं.
राजू पंजाबी हरियाणा के मशहूर गायक और संगीत निर्माता थे, उनके गाए गाने देश-दुनिया में काफी पसंद किए जाते हैं. राजू पंजाबी के प्रमुख गानों में सॉलिड बॉडी, सैंडल, स्वीटी, मुझे तेरा नशा है, तू चीज लाजवाब, देसी-देसी, बम, तरकीब, देवर लाडला, फेयर लवली, दया राम की होरी, हवा कसूती, वृद्धाश्रम की साली, गोरी नागोरी शामिल हैं.
राजू पंजाबी का आखिरी गाना इसी महीने 12 अगस्त को रिलीज हुआ था. उस समय भी राजू पंजाबी खराब तबियत की वजह से अस्पताल में एडमिट थे. राजू पंजाब का आखिरी गाना ‘आपसे मिलके यारा हमको अच्छा लगा’ है.
सपना चौधरी के साथ गाना
राजू पंजाबी के कई गाने सुपरहिट थे और सपना चौधरी के साथ उनके कई गाने लोगों को खूब पसंद हैं. वो हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों में गिने जाते थे. ‘देसी-देसी ना बोल्याकर’ गाने से राजू पंजाबी उत्तर भारत में भी काफी फेमस रहे हैं.
उस दिन तारीख थी 31 जुलाई, 2017. भोर का समय था. नित्य मौर्निंग वौक करने वाले इक्का- दुक्का लोग सड़कों पर आ गए थे. खेतरपाल मंदिर के सामने से गुजरने वाले मेगा हाईवे पर वाहनों की आवाजाही जारी थी. मेगा हाईवे पर बाईं तरफ सड़क किनारे एक युवा महिला की औंधी लाश पड़ी थी. लाश देख कर एक राहगीर ठिठका और स्थिति को समझ कर मोबाइल से थानापुलिस को इस की सूचना दे दी. अज्ञात लाश की सूचना थानाप्रभारी सीआई विजय सिंह को मिली तो वह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए.
एक राष्ट्रीय अखबार के प्रतिनिधि नरेश असीजा अखबार वितरण व्यवस्था का जायजा ले कर घर लौट रहे थे. उन्हें लाश मिलने की सूचना मिली तो वह भी घटनास्थल पर पहुंच गए.
पुलिस मृतका की पहचान का प्रयास कर रही थी. नरेश ने उस की पहचान कर दी. बरसों पहले मृतका उन की बिल्डिंग में किराएदार के रूप में रही थी. पत्रकार ने मृतका की पहचान समेस्ता पत्नी श्रवण कुमार के रूप में की. पहचान होने के बाद पुलिस ने जरूरी काररवाई कर के लाश पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दी.
प्रथमदृष्टया यह मामला दुर्घटना का लग रहा था. संभवत: मृतका किसी वाहन की टक्कर से हाईवे पर गिर गई थी, जिस से उस का सिर फट गया था. लेकिन घटनास्थल पर मिले हुए साक्ष्य कुछ और ही कह रहे थे.
जिस जगह पर समेस्ता का शव मिला था, उस के पास मिट्टी में छोटे वाहन के टायरों के निशान दिख रहे थे. समेस्ता के शरीर पर टक्कर का कोई निशान नहीं था. पुलिस को लगा कि मृतका की हत्या कहीं और कर के लाश को यहां फेंक दिया गया है, ताकि मामला सड़क दुर्घटना का लगे.
समेस्ता की मौत का मामला संदिग्ध लग रहा था. बाल की खाल निकालने वाले माने जाने वाले सीआई विजय सिंह मीणा ने इस मामले को एक चैलेंज के रूप में लिया. विजय सिंह ने मामले के खुलासे के लिए एसआई छोटूराम तिवाड़ी, कांस्टेबल सुखदेव सिंह बेनीवाल, रीडर अमर सिंह, लक्ष्मीनारायण, अमनदीप व सुभाष को शामिल कर के एक टीम बना ली.
सुखदेव बेनीवाल का शहर में ही नहीं, देहात क्षेत्र में भी मुखबिरों का सशक्त नेटवर्क था. एसआई छोटूराम व सुखदेव ने मेगा हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू कर दिए. अथक प्रयासों के बाद एक हार्डवेयर शौप पर लगे कैमरे में समेस्ता दिखाई दी. वह संभल कर सड़क पार कर रही थी. कैमरे के इस दृश्य को दोनों पुलिसकर्मियों ने जांच अधिकारी से साझा किया. जांच टीम ने विचारविमर्श के बाद यही निष्कर्ष निकाला कि समेस्ता ने जितनी सावधानी से सड़क पार की थी. ऐसे में वह सड़क हादसे की शिकार नहीं हो सकती थी.
पुलिस टीम ने जांच आगे बढ़ाने के लिए मेगा हाईवे के 2 किलोमीटर के लंबे दायरे को खंगालना शुरू किया. एक वर्कशाप में लगे कैमरे की फुटेज में एक पिकअप गाड़ी दिखाई दी. 10 मिनट के अंतराल में 3-4 बार आनेजाने से पिकअप संदिग्ध के दायरे में आ गई. एक बार पिकअप एक झाड़ी के पास रुकी तो झाडि़यों में छिपा एक शख्स पिकअप के पास आता दिखाई दिया. यह दृश्य भी कैमरे में कैद हो गया था.
सुखदेव का एक मुखबिर जो समेस्ता के ही मोहल्ले में रहता था, ने भी जांच टीम को एक सुराग दिया. सुराग के मुताबिक समेस्ता और उस के पति की जरा भी नहीं बनती थी. उस का पति श्रवण कुमार सूरतगढ़ में रह कर पढ़ाई कर रहा था. वह कभीकभार अपने 2 बच्चों के लिए रावतसर आ जाता था.
उधर दुर्घटनास्थल पर समेस्ता के शव की पहचान करने वाले पत्रकार नरेश असीजा घटनास्थल से सीधे समेस्ता के घर गए. श्रवण और समेस्ता का सगा भाई कालूराम घर में ही मिले. उन्होंने पूछा, ‘‘अरे श्रवण, समेस्ता दिखाई नहीं दे रही, कहां गई है वह?’’
‘‘अंकल, वह मंदिर गई थी, आती ही होगी.’’ श्रवण ने जवाब दिया.
नरेश असीजा समेस्ता के भाई कालूराम को साथ ले कर सीधे मोर्चरी पहुंचे. कालूराम ने मृतका की पहचान अपनी बहन समेस्ता के रूप में कर दी. कालूराम की तहरीर पर थाने में अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया. श्रवण 4 दिनों से रावतसर में ही था, जबकि कालूराम 2 दिन पहले ही रावतसर आया था.
समेस्ता कौन थी और बेमौत क्यों मारी गई, यह जानने के लिए हमें डेढ़ दशक पीछे लौटना पड़ेगा. समेस्ता श्रीगंगानगर निवासी पृथ्वीराज की बेटी थी. सन 2001 में समेस्ता की शादी हनुमानगढ़ जिले के मसीतावाली गांव निवासी हरलाल टाक के बेटे सीताराम टाक से हुई थी. सीताराम का ममेरा भाई था श्रवण कुमार.
श्रवण कुमार रातवसर तहसील के गांव सरदारपुरा खालसा में रहता था. कानून की पढ़ाई कर रहे श्रवण कुमार के परिवार की माली हालत अच्छी थी. श्रवण एक दिन अपने भाई सीताराम से मिलने बाइक से मसीता वाली आया. उस वक्त सीताराम खेतों पर गया हुआ था. दरवाजा समेस्ता ने खोला.
‘‘जी कहिए.’’ समेस्ता ने पूछा.
‘‘सीताराम भैया से मिलना था, मैं सरदारपुरा से आया हूं. मेरा नाम श्रवण है.’’ जवाब में श्रवण ने बताया.
‘‘आइए बैठिए, आप के भैया खेतों पर गए हैं. आते ही होंगे.’’
श्रवण आंगन में पड़ी कुरसी खिसका कर किचन के सामने ही बैठ गया. सुगठित देह, उभरे वक्षस्थल वाली समेस्ता सुंदर लग रही थी. मीठे बोल और सलीके का उच्चारण करने वाली समेस्ता श्रवण के दिल को छू गई. वह बैठाबैठा समेस्ता के सौंदर्य का रसपान करता रहा. तभी समेस्ता 2 प्यालों में चाय ले कर आ गई. ‘‘लीजिए चाय पीजिए.’’
श्रवण चाय पीने लगा. समेस्ता भी प्याला उठा कर पालाथी मार कर श्रवण के सामने बैठ गई. श्रवण चाय समाप्त करते ही बोल पड़ा, ‘‘भाभीजी, आप ने तो बड़ी गड़बड़ कर दी, यह आप के हाथों का कमाल है या आप की भावनाओं का, मैं आप की चाय का मुरीद हो गया हूं. लगता है, अब चाय पीने हर रोज आना पड़ा करेगा.’’
‘‘मना किस ने किया है देवरजी, मेरा दरवाजा आप के लिए 24 घंटे खुला रहेगा.’’ समेस्ता ने कहा.
समेस्ता से उस का मोबाइल नंबर ले कर श्रवण लौट गया. उस से हुई संक्षिप्त मुलाकात के आगे श्रवण ने भाई से मिलना जरूरी नहीं समझा.
एक साल बीततेबीतते समेस्ता बिलकुल बदल गई. प्यारमोहब्बत तो दूर, वह पति सीताराम की उपेक्षा तक करने लगी. नतीजतन घर में कलह रहने लगी. इस कलह में श्रवण की चाहत और उस की वकालत ने आग में घी का काम किया. शादी के 2 साल बाद ही श्रवण के उकसाने पर समेस्ता ने सीताराम के खिलाफ शारीरिक उत्पीड़न व दहेज मांगने का आरोप लगा कर अदालत में मुकदमा दर्ज करवा दिया. इस के बाद समेस्ता अपने मायके लौट गई.
इन हालात में समेस्ता व श्रवण के बीच पनपे प्यार ने अपनी राह पकड़ ली थी. श्रवण की चाहत पर समेस्ता उस के बुलाए स्थान पर पहुंच जाती थी. सामाजिक व पारिवारिक वर्जनाएं उन दोनों के सरेआम मिलन में बाधक बन रही थीं. आखिर श्रवण और समेस्ता एक दिन अपनेअपने घरों से फुर्र हो गए. जब पास का पैसा खत्म हो गया तो 10 दिन बाद दोनों घर लौट आए. लेकिन दोनों के घर वालों ने उन से नाता तोड़ लिया. इसी बीच अदालत से सीताराम और समेस्ता का विधिवत तलाक हो गया. तब तक समेस्ता एक बच्ची की मां बन गई थी.
समेस्ता व श्रवण अब निरंकुश हो गए थे. दोनों लिव इन रिलेशनशिप में पतिपत्नी की तरह रावतसर में रहने लगे. श्रवण बच्चों को ट्यूशन पढ़ा कर घर का खर्च चला रहा था. इस के साथसाथ वह अपनी वकालत की पढ़ाई भी कर रहा था. इसी बीच समेस्ता एक बेटे की मां और बन गई. दूसरी ओर श्रवण ने एलएलबी तथा एलएलएम की डिग्री हासिल कर ली.
मात्र सैक्स को जीवन का मूलमंत्र मानने वाले श्रवण और समेस्ता का प्यार अब धीरेधीरे ठंडा पड़ने लगा था. बच्चों की ट्यूशन से होने वाली आय में उस के खर्चे मुश्किल से पूरे होते थे. महंगाई के जमाने में तंगहाली से 2-4 हुए समेस्ता और श्रवण खुदगर्ज बन गए थे. तब सन 2014 में श्रवण समेस्ता को रावतसर में ही छोड़ कर सूरतगढ़ चला गया और वहीं रह कर बैंकिंग सर्विस की कोचिंग लेने लगा.
समेस्ता रावतसर में अपने 2 बच्चों के साथ किराए के एक कमरे में तंगहाली में जीवन गुजार रही थी. बाद में मजबूरी में उस ने विवाह शादियों में बरतन साफ करने का काम शुरू कर दिया, साथ ही दोनों बच्चों का दाखिला स्कूल में करवा दिया.
आर्थिक हालात में मामूली सुधार होते ही उस ने घर में ही खाने के टिफिन तैयार करने का काम शुरू कर दिया, साथ ही अकेले रह रहे 2-3 अधिकारियों और कर्मचारियों के यहां दोनों समय का खाना भी बना आती थी. अब तक समेस्ता 35 साल की हो चुकी थी. हालातों से लड़ने के जज्बे ने उसे शालीन बना दिया था.
बता दें कि सूरतगढ़ में रह रहे श्रवण ने समेस्ता से अभी अपने संबंध खत्म नहीं किए थे. वह 2-4 महीने में चक्कर लगा कर समेस्ता को संभाल जाता था. श्रवण को यह पता चला कि समेस्ता अधिकारियों के घर जा कर खाना बनाती है तो वह बिफर पड़ा. समेस्ता के रहनसहन में आए बदलाव ने उस के मन में शक का जहर पैदा कर दिया.
श्रवण ने एक दिन उस से कह ही दिया, ‘‘समेस्ता, अब तू किसी के घर खाना बनाने नहीं जाएगी. मुझे पता चल गया है कि खाना बनाने की ओट में तू अधिकारियों के यहां गुलछर्रे उड़ाती है.’’
गुस्से में कांपते श्रवण ने गालियों के साथ समेस्ता को चेतावनी दे डाली.
‘‘देख श्रवण, तूने मुझे अकेली छोड़ कर डांटने या कोई बंदिश लगाने का अधिकार खो दिया है. तूने कभी जानने की कोशिश की है कि मैं किन हालात में जी रही हूं. और हां, वैसे भी अगर मैं किसी के साथ मस्ती करती हूं तो तू कौन होता है मुझे रोकने वाला? अगर तूने भविष्य में मुझे टोका तो मैं तुझे काट कर फेंक दूंगी.’’ गुस्से में समेस्ता ने श्रवण को खरीखोटी सुना दी.
समेस्ता के तेवर देख कर श्रवण उलटे पैरों सूरतगढ़ लौट गया. यह बात 4-5 महीने पहले की है.
समेस्ता श्रवण की विवाहिता नहीं थी. फिर भी वह उस पर पाबंदी लगाना चाहता था. चूंकि समेस्ता अपने पैरों पर खड़ी हो कर संभल चुकी थी, इसलिए उस ने श्रवण की उपेक्षा करनी शुरू कर दी. जो भी हो, वह श्रवण के बच्चे की मां तो थी ही, वह नहीं चाहता था कि उस के बच्चे की मां पराए मर्दों की रातें गुलजार करे.
इस सब से श्रवण का दिमाग घूम गया. उस ने जुलाई, 2017 में रावतसर के एकदो चक्कर लगाए. वह घर पहुंचता तो बच्चे बताते कि मां फलां अधिकारी के यहां खाना बनाने गई है. श्रवण समेस्ता से बिना मिले ही लौट जाता. उस के मन में स्वयं को मिटाने या समेस्ता को मार डालने के विचार आने लगे.
वकालत की पढ़ाई वह पूरी कर चुका था. अंत में उस ने समेस्ता को मिटाने का मन बना लिया. वह वकील था और उस की सोच थी कि वह फूलप्रूफ योजना के तहत समेस्ता को ठिकाने लगाएगा, ताकि पुलिस या कानून को उस की करतूत का पता नहीं चल सके.
2 दिनों तक योजना बनाने के बाद श्रवण ने समेस्ता को सड़क दुर्घटना में मारने की योजना बना ली. पर इस योजना को हकीकत में बदलने के लिए उसे एक विश्वसनीय साथी की जरूरत थी. उस ने विचार कर के अपने साथी अमरजीत सिंह को राजदार बनाने का निश्चय किया. अमरजीत सिंह मूलरूप से रायसिंनगर क्षेत्र के चक 38 एनपी का निवासी था. वह सूरतगढ़ में रह कर ट्रांसपोर्ट का काम करता था.
अजरजीत सिंह श्रवण का खास दोस्त था. श्रवण ने अपने मन की बात अमरजीत सिंह को बताई. अमरजीत सिंह जानता था कि श्रवण कानून का अच्छा जानकार है, जो भी योजना बनाएगा, वह फूलप्रूफ होगी. वह श्रवण का साथ देने को तैयार हो गया. वह श्रवण की योजना पर सहमत हो गया. यह बात 26 जुलाई, 2017 की है.
योजना के अनुरूप अमरजीत, जो एक कुशल वाहनचालक था, को किराए की गाड़ी ले कर रावतसर आना था. भोर में समेस्ता जब खेतरपाल मंदिर जाती थी, उसी समय उसे मेगा हाईवे पर गाड़ी चढ़ा कर कुचल डालना था. 27 जुलाई की सुबह श्रवण रावतसर आ गया. अमरजीत भी रात में पिकअप ले कर आ गया.
अगली सुबह मेगा हाईवे पर निकली समेस्ता इसलिए बच गई, क्योंकि उसी समय जयपुर से आने वाली वीडियो बस खेतरपाल मंदिर बसस्टैंड पर पहुंच गई. अगले 2 दिनों तक अमरजीत रावतसर आता रहा. पर कभी हाईवे पर यात्रियों के आगमन या मौर्निंग वौक वालों के जमघट के कारण योजना सिरे नहीं चढ़ पाई.
30 जुलाई की रात श्रवण समेस्ता व बच्चों के साथ सो गया. सुबह वह भोर से पहले ही उठ कर मेगा हाईवे पर आ गया. भोर में साढ़े 3 बजे अमरजीत सिंह भी पिकअप ले कर आ गया. 4 बजे के आसपास समेस्ता मंदिर जाने के लिए मेगा हाईवे पर पहुंच गई. झाडि़यों में छिपे श्रवण ने उसी क्षण अमरजीत को घंटी मार दी.
सुनसान गली में खड़ी पिकअप का चालक अमरजीत सिंह जल्दी से मेगा हाईवे पर पहुंच गया. सुनसान मेगा हाईवे पर शिकार नजर आते ही अमरजीत ने एक्सीलेटर पर पैर का दबाव बढ़ा दिया. तेजी से आई पिकअप की टक्कर से समेस्ता हवा में उछल कर सड़क पर औंधे मुंह जा गिरी. समेस्ता की खोपड़ी फट गई थी, जिस से उस का ज्यादा तादाद में खून निकल गया और उस ने उसी समय दम तोड़ दिया.
कुछ दूरी जा कर अमरजीत पिकअप ले कर लौट आया. तब तक झाडि़यों से निकल कर श्रवण भी मेगा हाईवे पर आ गया था. अमरजीत ने श्रवण को गाड़ी में बिठाया और उसे मोड़ कर घटनास्थल पर पहुंच गया. दोनों ने गाड़ी से उतर कर समेस्ता का जायजा लिया. निश्चल पड़ी समेस्ता की मौत हो चुकी थी. श्रवण दबे पांव अपने घर पहुंच कर बिस्तर में दुबक गया. जबकि अमरजीत पिकअप ले कर सूरतगढ़ लौट गया.
फूलप्रूफ योजना के तहत समेस्ता को मौत की नींद सुलाने वाले श्रवण व अमरजीत योजना के क्रियान्वयन से खुश थे. दोनों को उम्मीद थी कि उन का जघन्य अपराध कभी भी जगजाहिर नहीं होगा. लेकिन वकालत की पढ़ाई कर चुका श्रवण इस तथ्य से अनजान था कि उन का कृत्य सीसीटीवी कैमरे में रिकौर्ड हो रहा था.
यह एक ऐसा अकाट्य साक्ष्य था जिसे झुठलाया नहीं जा सकता था. इसी कैमरे की फुटेज से श्रवण के कृत्य का भंडाफोड़ हुआ. समेस्ता व श्रवण के बीच बढ़ी दूरियों से श्रवण संदिग्ध बन कर पुलिस रिकौर्ड पर आ चुका था.
समेस्ता के अंतिम संस्कार के बाद श्रवण भूमिगत हो गया था. पर कांस्टेबल सुखदेव बेनीवाल के मुखबिरों के नेटवर्क के आगे वह बौना साबित हुआ. 10 अगस्त को पुलिस ने श्रवण को अमरजीत के साथ गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में दोनों ने षडयंत्रपूर्वक समेस्ता को मार देने का अपना अपराध स्वीकार कर लिया.
रावतसर के सीजेजेएम रविकांत सोनी की अदालत ने पुलिस की मांग पर दोनों हत्यारोपियों का 4 दिनों का पुलिस रिमांड दे दिया. पुलिस ने इस केस की प्राथमिकी में भादंवि की धारा 302, 120बी और जोड़ दी. इस अवधि में आरोपी अमरजीत सिंह ने वारदात में प्रयुक्त पिकअप गाड़ी पुलिस को बरामद करवा दी. पूछताछ में पता चला कि अमरजीत का आपराधिक रिकौर्ड रहा है. पूर्व में भी उस के खिलाफ हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था. लेकिन अदालत ने सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया था.
16 अगस्त, 2017 को पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को अदालत में पेश कर के जेल भेज दिया. वकालत की पढ़ाई कर चुके नासमझ श्रवण ने समेस्ता को मिटा कर अपना और अमरजीत सिंह का भविष्य तो अंधकारमय बना ही दिया, समेस्ता के दोनों बच्चे भी बेसहारा हो गए.
– कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित
VIDEO : नेल आर्ट डिजाइन – टील ब्लू नेल आर्ट
ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTubeचैनल.
कई बार हमारे साथ होता है या फिर हम इस बात पर विश्वास करते है कि हमारा पार्टनर हमें हर चीज बता देता हैं. हम उस पर आंख बंद करके विश्वास करते है. लेकिन आप जानते है कि आपकी पार्टनर आपसे कई बातें छिपाती है. जिनके बारे में वह हर संभव कोशिश करती है कि आपको पता न चले. लेकिन हम आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में बता रहे है जो हमेशा लड़कियां अपने पार्टनर से छिपाती है. इसमें लिए सोशल मीडिया में एक सर्वे किया गया जिसमें ये सामने आई कि आखिर लड़किया क्या चीज अपने पार्टनर से छिपाती है. जानिए
– लड़कियां कभी भी अपने पिछले अफेयर्स के बारें में नहीं बताती है. चाह कुछ भी हो. अगर बताती है तो आधी अधूरी बात. अगर आपके साथ भी ऐसा है तो आप उससे कतई उसके पिछली लाइफ के बारे में न पूछे.
– लड़किया कभी भी अपने को कमजोर नहीं महसूस होने देती है. जैसे कि वह कभी भी नहीं बता सकती है कि उन्हे काक्रोच से तो डर लगता है लेकिन पार्लर जाकर वैक्स कराने में बिल्कुल नहीं लगता है.
– कई बार जब आप उनकी फैमली के बारे में पूछते है तो वह बढ़ा चढ़ाकर बताती है. कभी भी वह अपनी फैमली के बारे में नकारात्मक चीजें नहीं बोलते है. वह अपने माता-पिता के प्यार, भाई के प्रति आकर्षण वह सब सच नहीं बोलती. एक सर्वे में यह बात सामने आभ कि कोई भी लड़की अपने पार्टनर से अपने परिवार के बारे में सबी चीजें सही नहीं बोलती है.
– आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि जब आप अपनी पार्टनर से उसकी सुंदरता के बारें में पूछते है, तो वह गोल-गोल बाते बना दती है. या फिर हंस के टाल देती है. वह कभी आपके सामने जाहिर नहीं होने देगी कि आखिर वह इतनी सुंदर कैसे है. मेकअप के द्वारा या फिर नेचुरल.
– कभी भी आपकी पार्टनर अपने गुजरे हुए पल बहुत छिपा कर रखती है. अगर आप उनसे पूछेगे कि आपसे रिश्ते में आने के बाद वह पहले की जिंदगी के बारें में क्या महसूस करती है. तो वह यह बात कभी नहीं बताना चाहती है.
– लड़किया ऐसी होती है जो अपने पार्टनर से हर बात शेयर नहीं करना चाहती. और बात दोस्तों की हो तो फिर बिल्कुल भी नहीं. इस बारे में उन्हें लगता है कि उनके रिश्ते से उनके दोस्तों से संबंधो के बारें में कुछ लेना देना नहीं है.
दिलीप ने जब रुही से यह कहा कि वह बिस्तर पर अब पहले जैसा साथ नहीं देती, तो वह यह सुन कर परेशान हो उठी. फिर रुही ने सैक्स ऐक्सपर्ट डा. चंद्रकिशोर कुंदरा से संपर्क किया. डा. कुंदरा के मुताबिक, सैक्स सफल दांपत्य जीवन का महत्त्वपूर्ण आधार है. इस की कमी पतिपत्नी के रिश्ते को प्रभावित करती है. पतिपत्नी की एकदूसरे के प्रति चाहत, लगाव, आकर्षण खत्म होने के कई कारण होते हैं जैसे शारीरिक, मानसिक, लाइफस्टाइल. ये सैक्स ड्राइव को कमजोर बनाते हैं.
तनाव:
औफिस, घर का वर्कलोड, आर्थिक समस्या, असमय खानपान आदि का सीधा असर तनाव के रूप में नजर आता है, जो हैल्थ के साथसाथ सैक्स लाइफ को भी प्रभावित करता है.
डिप्रैशन:
यह सैक्स का सब से बड़ा दुश्मन है. यह पतिपत्नी के संबंधों को प्रभावित करने के साथसाथ परिवार में कलह को भी जन्म देता है. डिप्रैशन के कारण वैसे ही सैक्स की इच्छा में कमी आ जाती है. ऊपर से डिप्रैशन की दवा का सेवन भी कामेच्छा को खत्म करने लगता है.
नींद पूरी न होना:
4-5 घंटे की नींद से हम फ्रैश फील नहीं कर पाते, जिस से धीरेधीरे हमारा स्टैमिना कम होने लगता है. इतना ही नहीं सैक्स में भी हमारा इंट्रैस्ट नहीं रहता है.
गलत खानपान:
वक्तबेवक्त खाना और जंक फूड व प्रोसैस्ड फूड का सेवन भी सैक्स ड्राइव को खत्म करता है.
टेस्टोस्टेरौन की कमी:
शरीर में मौजूद यह हारमोन हमारी सैक्स इच्छा को कंट्रोल करता है. इस की कमी से पतिपत्नी दोनों ही प्रभावित होते हैं.
बर्थ कंट्रोल पिल्स:
बर्थ पिल्स महिलाओं में टेस्टोस्टेरौन लैवल को कम करती हैं, जिस से महिलाओं में सैक्स संबंधों को ले कर विरक्ति हो जाती है. पतिपत्नी का दांपत्य जीवन तभी सफल होता है, जब सैक्स में दोनों एकदूसरे को सहयोग करें. सैक्स एक दोस्त की तरह भी जीवन में रंग भर देता है. शादीशुदा जिंदगी से प्यार की कशिश और इश्क का रोमांच खत्म होने लगा है तो सावधान हो जाएं.
यदि आप की सैक्स लाइफ अच्छी है तो इस का सकारात्मक प्रभाव आप की सेहत पर भी पड़ता है.
जानिए, सैक्स के सेहत से जुड़े कुछ फायदे:
शारीरिक तथा मानसिक पीड़ा में राहत दिलाता है:
सैक्स के समय शरीर में हारमोन पैदा होते हैं, जो दर्द की अनुभूति कम करते हैं. भले ही कुछ समय के लिए.
सर्दीजुकाम के असर को कम करता है:
सैक्स गरमी, सर्दीजुकाम के प्रभाव को काफी हद तक कम कर देता है. अमेरिका स्थित ओहियो यूनिवर्सिटी के अध्ययन बताते हैं कि चुंबन एवं प्यारदुलार करने से रक्त में बीमारियों से लड़ने वाले टी सैल्स की तादाद बढ़ जाती है.
मानसिक तनाव को कम करता है:
सैक्स मन को शांति देने के साथसाथ मूड को भी बढि़या बनाने वाले हारमोन ऐंडोर्फिंस के उत्पादन में वृद्धि करता है. इस के मानसिक तनाव कम हो जाता है.
मासिकधर्म के पूर्व की कमी को कम करता है:
सैक्स में लगातार गरमी के चलते ऐस्ट्रोजन स्तर काफी हद तक कम होता है. इस दौरान शरीर में थकान कम महसूस होती है.
दिल के रोग और दौरों की आशंका कम होती है:
अकसर दिल के मरीजों को सैक्स संबंध बनाने से दूर रहने की सलाह दी जाती है. मगर अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ, डा. के.के. सक्सेना के अनुसार, पत्नी के साथ सैक्स संबंध बनाने से पूरे शरीर का समुचित व्यायाम होता है, जिस से दिमाग तनावरहित हो जाता है. दिल के दौरों की आशंका कम हो जाती है. सैक्स संबंध बनाने से धमनियों में रक्त का प्रवाह और हृदय की मांसपेशियों की क्षमता बढ़ती है.
घी खाने के कितने फायदे होते है ये तो आप सभी भली प्रकार जानते होंगे. घी हमारे शरीर के लिए कितना जरुरी है. जिससे आपकी सेहत अच्छी रहती है और स्कीन के भी फायदे होते है लेकिन आज हम इस आर्टिकल में ये बताएंगे कि आप घी के साथ ऐसी कौन सी चीजे खाएं जिससे आपकी हड्डियां मजबूत हो. घी में कुछ ऐसी चीजे मिलाकर खाने से आपका स्वास्थ्य ठीक रहेंगा और स्वस्थ महसूस करेंगे. बता दें कि घी के अंदर जरूरी विटामिंस और मिनरल्स मौजूद होते हैं ऐसे में यह हड्डियों को मजबूत रखने के साथ-साथ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से आराम भी पहुंचा सकते हैं.
अंडे के अंदर न केवल प्रोटीन पाया जाता है बल्कि जरूरी विटामिन जैसे विटामिन डी भी मौजूद होते हैं. वहीं यह कैल्शियम से भी भरपूर है. ऐसे में यदि आप अंडे को घी में बनाकर खाते हैं तो इससे हड्डियों को भरपूर पोषक तत्व मिल सकते हैं. यह गठिया जैसी समस्याओं से भी राहत दिला सकता है.
यदि दूध में घी डालकर पिया जाए तो ऐसा करने से न केवल हड्डियों को मजबूत बनाया जा सकता है बल्कि हड्डियों की कई समस्याओं से राहत भी मिल सकती है.
आलू में कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम पाया जाता है. ऐसे में यदि आलू को घी के साथ खाया जाए तो यह शरीर में तेजी से अवशोषित होने लगते हैं और सेहत को फायदा मिलता है.
यदि हरी सब्जियों के साथ घी का सेवन किया जाए तो ऐसा करने से भी हड्डियों से जुड़ी कई समस्याओं से राहत मिल सकती है. बता दें कि हरी सब्जियों में कैल्शियम, फास्फोरस और विटामिन डी पाया जाता है जो सेहत के लिए बेहद उपयोगी होता है.
यदि घी रोटी के ऊपर लगाकर खाया जाए तो ऐसा करने से भी हड्डियों को कई तरीकों से फायदा पहुंच सकता है. बता दें कि गेहूं के अंदर कैल्शियम, विटामिन डी आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं जो आंखों की सेहत के लिए अच्छे होते हैं.
मैं 28 साल की एक शादीशुदा औरत हूं. मेरा एक 3 साल का बेटा है. मेरे पति दूसरे शहर में नौकरी करते हैं. वे कईकई दिन में हमारे पास आते हैं. इस दूरी के चलते मेरा 22 साल के एक कुंआरे लड़के के साथ चक्कर चल रहा है. हमारा जिस्मानी रिश्ता बन चुका है. वह लड़का कई बार हमारे सैक्स संबंध का वीडियो बना चुका है. अब मुझे डर लगने लगा है कि कहीं वह मुझे ब्लैकमेल कर के मेरी जिंदगी नरक न बना दे. मैं क्या करूं?
जवाब
आप का डर अपनी जगह बिलकुल जायज है. यह आफत भी आप ने सैक्स की अपनी जरूरत को पूरी करने की चाहत में खुद ही मोल ली है. पति लंबे समय तक बाहर रहता है, इस का यह मतलब तो नहीं कि गैरमर्द से संबंध बना लिए जाएं और उस पर भी हैरत की बात यह कि एहतियात न रखते हुए उसे बाकायदा सैक्स संबंधों का वीडियो भी बना लेने दिया जाए. आप के कम उम्र आशिक की नीयत का खोट इस हरकत से साफ दिखता है. अब आप प्यार से बहलाफुसला कर वे वीडियो डिलीट कराएं और नए वीडियो न बनाने दें. अगर वह कभी ब्लैकमेलिंग की धौंस दे तो घबराएं या डरें नहीं, बल्कि उसे पुलिस में जाने की धमकी दें. इस पर भी बात न बने, तो पति को सारी हकीकत बता दें. वे ही आप को इस मुसीबत से निकाल सकते हैं.
सुरों का ताज और सबका फेवरेट शो इंडियन आइडल 14 सीजन जल्द ही सोनी टीवी पर शुरु होने जा रहा है सबको इस शो का बेसब्री से इंतजार रहता है. लेकिन इस बार शो की खास बात यह है कि इसके जज और होस्ट बदल जाएंगे. जी हां, नेहा कक्कड़ और हिमेश रेशमिया इस बार शो का हिस्सा नहीं होंगे. इनकी जगह नए जज आएंगे. इतना ही नहीं शो के होस्ट भी बदल जाएंगे.
आपको बता दें , कि सुरो का शो इंडियन आइडल में नए जज की भूमिका निभाएंगे कुमार सानू और श्रेया घोषाल. जो नई अवाजों को परखेंगे. लेकिन सवाल ये अभी तक बना हुआ है कि इतने बड़े बदलाव आखिर क्यो किए गए. किस वजह से जज को बदला गया है तो बता दें, कि जब हिमेश रेशमिया से पूछा गया है कि वह इस बार इंडियन आइडल को जज क्यों नहीं कर रहे है, तो उन्होने बताया कि वो सारे गा मा पा को जज करेंगे. इसलिए डेट्स की दिक्कत हो रही है. मुझे इस बात की खुशी है कि कुमार सानू जी इस शो को जज करेंगे.
हिमेश रेशमिया की तरह ही नेहा कक्कड़ और आदित्या नारायण सिगिंग रिएलटी शो सा रे गा पा में जज की भूमिका निभाएंगे. इसी में बीजी रहेंगे. वही होस्ट आदित्या नारायण की जगह हुसैन कुवजेरवाल इस शो को होस्ट करते दिखेंगे. इस बात की जानकारी उन्होने खुद दी और बताया कि आदित्य नारायण को रिप्लेस करने वाले है. बता दें, कि नए जज को लेकर एक वीडियो भी जारी किया गया जिसमें दर्शकों ने कुमार सानू और श्रेया घोषाल का स्वागत किया है और अच्छे-अच्छे कमेंट किए है.
यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी2 के विनर एल्विश यादव इन दिनों सुर्खियों में बने हुए है. विनर बनने के बाद रविवार को गुरुग्राम में उनका मीटअप रखा गया था. जहां हरियाणा के मुख्यमंत्री भी पहुंचे थे. यहां उन्होने कई बड़ी बड़ी बाते की है. उन्होने राजनीति से जुड़े कई बड़े सवालो के जवाब दिए है जिससे देखते हुए लग रहा है कि एल्विश राजनीति में जाना चाहते है.लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है आइए बताते है.
आपको बता दें, कि कई कंटेस्टेंट को पछाड़ते हुए एल्विश ने वाइल्ड कार्ड एंट्री से बिग बॉस की ट्रॉफी अपने नाम की है और 25 लाख रुपए जीते है. गुरुग्राम में उनका मीटअप रखा गया. ये कार्यक्रम गुरुग्राम के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में रखा गया. जहां हरियाणा के मुख्यमंत्री भी पहुंचे. भारी संख्या में एल्विश के फैंस इकठ्टा हुए. इस दौरान एल्विश ने कहा कि मैं बहुत स्पेशल फील कर रहा हूं. जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री से मिला था तब भी स्पेशल फील आई थी. उन्होने बुलाया और कहा कि बहुत अच्छा काम कर रहे हो. वो मुझे आर्शीवाद देने आए. वही, इस दौरान एल्विश से सवाल किया गया कि ये देखते हुए अब आप राजनीति की तरफ जाएंगे या बॉलीवुड की तरफ? इस पर एल्विश ने जवाब दिया कि मैने कुछ नहीं सोचा है. यह समय बताएंगा. जहां टाइम लेकर चला जाएगा मैं वही चला जाऊंगा. हरियाणा के युवाओं के लिए एल्विश ने कहा कि खूब आगे बढ़िए, खूब मेहनत करिए. हमारे प्रदेश के युवाओं में काफी क्षमता है. ऑल द बेस्ट.
बताते चले कि इससे पहले शनिवार को एल्विश अपने इंस्टाग्राम पर लाइव आए थे.जहां पर एक नया रिकॉर्ड बनाया है. इस लाइव में 6 लाख के आसपास लोग लाइव आए थे. बड़ी संख्या में जुडे लोगों की वजह से इंस्टा बीच में रुक भी गया था. इस पर एल्विश ने कहा कि मेरा इंस्टाग्राम लाइव क्रैश हो गया, फोन लोड नहीं ले पा रहा था, लेकिन अच्छी बात ये है कि हम नंबर 1 पर आ गए है. हमने इंडिया का रिकॉर्ड तोड़ दिया. आप सभी को शुक्रिया. आपने ये रिकॉर्ड तोड़ दिया. और अपने भाई को कुछ बना दिया. आप नहीं होते तो ये नहीं होता. धन्यवाद.
ज्यादातर महिलाएं चाहती हैं कि उन के कुछ सेक्स सीक्रेट्स उन के पतियों को खुद जानने चाहिए. नौर्थवैस्टर्न यूनिवर्सिटी इलिनौयस की सैक्सुअलिटी प्रोग्राम की थेरैपिस्ट पामेला श्रौक कहती हैं कि ज्यादातर विवाहित पुरुष अपनी पत्नी की सैक्सुअल प्राथमिकताओं और चाहतों को नहीं समझते. पामेला ने इस विषय पर पत्नियों के मन में झांकने की कोशिश की तो उन्हें कुछ ऐसे सेक्स सीक्रेट्स का पता चला, जिन्हें महिलाएं अपने पति से कहना तो चाहतीं, पर कह नहीं पातीं.
महिलाओं के लिए अच्छा सेक्स सिर्फ इंटरकोर्स नहीं: महिलाओं को आनंददायक सेक्स के लिए सिर्फ इंटरकोर्स ही नहीं, बल्कि पति के साथ दिन के अन्य क्षणों में भी अच्छी फीलिंग्स और अनुभव की जरूरत होती है. महिलाओं को यह बात कतई अच्छी नहीं लगती कि पति दिन भर सिर्फ अपने ही काम में व्यस्त रहे, रात को घर लौट कर खाना खा देर तक टीवी देख कर फिर बिस्तर पर आते ही पत्नी को दबोच ले.
इस से पत्नी के मन में खुद को औब्जैक्ट समझने की भावना आती है. वह अपने पति को बेहद स्वार्थी और खुद को भोग की वस्तु समझने लगती है. हर पत्नी चाहती है कि उस का पति उसे सिर्फ बिस्तर पर ही नहीं बिस्तर के बाहर भी उतना ही प्यार करे, उस पर ध्यान दे, उस के साथ अपनी बातें शेयर करे, प्रेमपूर्वक बातें करे, उस की भावनाओं को जानने की कोशिश करे आदि.
समाजशास्त्री डालिया चक्रवर्ती कहती हैं, ‘‘पत्नियां अपनी जिंदगी के हर पहलू को एकदूसरे से जोड़ कर देखती हैं जबकि पति समझते हैं कि स्ट्रैस और झगड़ों को सेक्स के वक्त एक तरफ रख देना चाहिए और इन चीजों को सेक्स के साथ नहीं जोड़ना चाहिए. सच यह है कि सेक्स का असली मजा अफैक्शन के कारण ही आता है. मानसिक रूप से अपनापन, प्यार और नजदीकियां होती हैं तभी सेक्स संबंध सही माने में उत्तेजनापूर्ण होता है. जब कोई पति अपनी पत्नी को समयसमय पर छोटेमोटे उपहार देता है, बीवीबच्चों को घर से बाहर ले जाता है, परिवार का खयाल रखता है और बीवी को स्पैशल फील करवा कर घर का माहौल खुशनुमा रखता है, तो सेक्स का मजा कई गुना बढ़ जाता है.
महिलाओं को टर्नऔन करने के लिए प्रेम भरी बातें चाहिए: रात के भोजन के वक्त मीठीमीठी छेड़छाड़, रोमांटिक बातें और गुदगुदाने वाले किस्से पत्नियों को भीतर तक भिगो देते हैं. इस से उन का मूड बन जाता है. इसी तरह सेक्स के दौरान पत्नी की प्रशंसा, उस के साथ प्यार का इजहार और उस का नाम लेना पत्नी को उत्तेजना से भर देता है. सेक्स थेरैपिस्ट लिन एटवाटर कहती हैं, ‘‘महिलाओं की शारीरिक संबंधों से ज्यादा दिलचस्पी मानसिक उत्तेजना और मानसिक संबंधों में होती है.’’
यूनिवर्सिटी औफ कैलिफोर्निया मैडिकल स्कूल की साइकोलौजिस्ट लोनी बारबच कहती हैं, ‘‘अकसर घरेलू कामों, बच्चों की देखभाल, पति के हजार काम और फिर औफिस वर्क के दबाव के बीच किसी पत्नी को सब से ज्यादा जरूरत सहानुभूति और प्रेमपूर्ण बातों की होती है. उसे शरीर सहलाने से जितना मजा आता है उस से कहीं ज्यादा उस का मन सहलाने से आनंद मिलता है. हर पत्नी चाहती है कि उस का पति उस के साथ रोमांटिक बातें करे.’’
महिलाओं में भी होती है परफौर्मैंस ऐंग्जाइटी: कई अध्ययनों में यह बात सामने आ चुकी है कि सिर्फ 60% ऐसी पत्नियां हैं, जिन्होंने जितनी बार संभोग किया उस से कम से कम आधी बार चरम आनंद का अनुभव किया. लेकिन उन्हें पति को खुश करने के लिए सेक्स के दौरान चरम आनंद का दिखावा करना पड़ा. कई बार तो उन के मन में अपराधबोध आ जाता है कि कहीं उन्हीं में तो कोई कमी नहीं.
पत्नियों में भी अपने अंगों की बनावट, आकार और साफसफाई को ले कर तुलनात्मक हीनता की भावना होती है. इसीलिए वे अंधेरे में ही निर्वस्त्र होना चाहती हैं. ऐसे में वे अपने पति से प्रोत्साहन, अपने शारीरिक अंगों की प्रशंसा और सौंदर्य के बखान की अपेक्षा रखती हैं. कई पति तो अपनी पत्नी की प्रशंसा करना ही नहीं जानते और कई सेक्स के दौरान उस के अंगों में भी मीनमेख निकालने लगते हैं. पत्नी को मोटी, थुलथुल आदि न जाने क्याक्या कहने लगते हैं. ऐसे में पत्नी के मन का बुझ जाना, उस का तनावग्रस्त हो जाना स्वाभाविक है. ऐसी पत्नी अपने पति के साथ सेक्स संबंध बनाने से कतराने लगती है.
जाहिर है, इन का यौन जीवन नीरस और आनंदविहीन हो जाता है. झूठी बढ़ाई की जरूरत नहीं, लेकिन समझदार पति वही है जो अपनी पत्नी की त्वचा की कोमलता, आंखों या उस का जो कुछ भी अच्छा लगे उस की सराहना कर के पत्नी का आत्मविश्वास बढ़ाए और हंसीठिठोली करे ताकि पत्नी ऐंग्जाइटी से ग्रस्त न हो.
सेक्स के बाद भी चाहिए अटैंशन: कई पति पत्नी के साथ अंतरंग क्षणों का जम कर आनंद उठाते हैं और फिर चरम पर पहुंच कर स्खलित होते ही ऐसे मुंह फेर कर सो जाते हैं जैसे उन्हें पत्नी से कोई लेनादेना ही नहीं. ऐसे में पत्नी खुद को बेहद अकेली, उपेक्षित समझने लगती है.
उसे लगता है कि बस पति का यही अंतिम उद्देश्य था. पत्नी चाहती है कि सेक्स और स्खलन के बाद भी पति उसे सहलाए, चूमे उस के अंगों को छेड़े. साथ ही उसे धन्यवाद दे व प्यार जताए. ऐसा करतेकरते ही पत्नी को बांहों में भरे हुए उसे नींद आ जाए. इस से पत्नी को बड़ा आत्मसंतोष महसूस होता है.
नौनसेक्सुअल टच: पत्नियों को यह बात बिलकुल अच्छी नहीं लगती है कि दिन भर में पति उन्हें एक बार भी न छुए या चूमे. बस बिस्तर पर फोरप्ले के लिए ही उन के हाथ बढ़ते हैं. वे चाहती हैं कि दिन में भी पति उन्हें छूएं, लेकिन यह टच नौनसैक्सुअल हो. वे छेड़छाड़ या हंसीमजाक के लिए अथवा अपनापन जताने के लिए छूएं. कभी बालों को सहलाएं या पीठ पर हाथ फेरें, गालों को चूमें, गालों को थपथपाएं. मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि पति और पत्नी के संबंध सिर्फ और सिर्फ सेक्स के लिए ही नहीं होने चाहिए.
सेक्स के अलावा भी दुनिया में और बहुत कुछ ऐंजौय करने को होता है. संबंधों में प्रगाढ़ता और केयरिंग होना ज्यादा जरूरी है. पत्नी की कुकिंग को सराहते हुए उस के हाथों को चूम लेना, उस की ड्रैसिंग सैंस की प्रशंसा करना, बात करने के तरीके को सराहना आदि उस के मन को गहराई तक छू लेता है. रिश्तों में मजबूती के लिए यह बेहद जरूरी है. पत्नी को जताएं कि आप उसे सिर्फ सेक्स के लिए ही नहीं चाहते.