‘अजनबी सा’, वो गाना जो करेगा महिलाओं को और मजबूत

‘‘फ्यूचर सोल’’ से चर्चा में आयी गायिका व संगीतकार अवनी जोशी इन दिनों औरतों को आत्मनिर्भर और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाने के लिए संगीत के माध्यम से कार्य कर रही हैं.अब वह एक नया रौक गीत ‘‘अजनबी सा’’ लेकर आ रही हैं, जिसके म्यूजिक वीडियो में भी वह स्वयं नजर आएंगी. इस गीत को संगीत से अवनी जोशी ने ही संवारा है और इसकी प्रोग्रामिंग वेद शर्मा ने किया है.

अपने इस रौक गीत की चर्चा करते हुए अवनी जोशी कहती हैं- ‘‘अमूमन हर रौक गीत की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच काफी सीमित होती है. पर मैं इसे बड़े स्तर पर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए दृढ़ संकल्प हूं. इसीलिए हम इसका रोचक वीडियो भी बना रहे हैं, जिसमें एक रोचक कहानी होगी. इस कलात्मक गीत को रचने मे मुझे पूरी टीम का पूरा सहयोग मिला. मुझे पूरा यकीन है कि इस गाने को हर औरत पसंद करेगी. इस म्यूजिक वीडियो की कहानी भी काफी प्रेरणादायक है. मेरा मकसद हर लड़की को इस बात का अहसास दिलाना है कि वह इस धरती पर खास है. और यदि कोई आपकी इज्जत नहीं करता, तो उसे दरकिनार कर दीजिए. मैं इस संसार में हर औरत को आत्मनिर्भर और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना चाहती हूं.”

‘ठीक है’ भोजपुरी गीत हुआ वायरल, देखें वीडियो

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार एक्टर खेसारी लाल यादव ने एक बार फिर से ‘ठीक है’  गाने का अपडेटेड वर्जन लौन्च किया है, जो होली पर आधारित है. भोजपुरी दर्शक खेसारी लाल यादव के डांसिंग व एक्टिंग के अलावा गाने के भी दीवाने हैं. ‘ठीक है’  सौन्ग के नए वर्जन को सुनने के लिए दर्शक काफी  उत्साहित हैं. इस गाने को पन्द्रह दिन के भीतर इसे 91 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है.

खेसारी लाल यादव के इस गाने को होली आने से पहले बेहद पौपुलर कर दिया गया है. इस गाने का टाइटल है ‘छपरा में पकड़ाएंगे’. खेसारी लाल यादव के इस गाने का म्यूजिक इतना लाउड है कि लोग झुमने को मजबूर हो रहे हैं. इससे पहले खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी ने ‘प्रेमिका मिल गईल एलबम के सौन्ग ‘ठीक है’ से धूम मचाई थी.

हनी सिंह, बादशाह को छोड़िए, अमिताभ बच्चन का ये रैप सुनिए

आपने हनी सिंह, बादशाह, डिवाइन, रणवीर सिंह और भी ना जाने कितनी हस्तियों को रैप करते सुना होगा. अब आपके सामने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन रैप करते हुए आने वाले हैं. जी हां, अपनी फिल्म बदला के लिए अमिताभ ने ‘औकात’ नाम से रैप गाया है. इसे गुरुवार को रिलीज कर दिया गया है. इसके कंपोजर क्लिंटन सेरेजो हैं और लिरिक्स सिद्धार्थ कौशल ने लिखा है.

खबरों की माने तो जब बिग बी को इसके बोल सुनाए गए तो वो इससे खासा प्रभावित हुए. जिसके बाद उन्होंने तय किया कि इस रैप को वो खुद गाएंगे. आपको बता दें कि सुजौय की फिल्म बदला 8 मार्च को रिलीज होने वाली है. अमिताभ के अलावा फिल्म में तापसी पन्नू मुख्य किरदार निभा रही हैं. खुद तापसी ने इस रैप को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया.

ये रैप काफी जोश से भरा हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ ने एक और गाना गाया है. गौरतलब है कि फिल्म में तापसी और अमिताभ की जोड़ी दूसरी बार बड़े पर्दे पर साथ में नजर आने वाली है. इससे पहले ये दोनों फिल्म ‘पिंक’ में एक साथ काम कर चुके हैं. फिल्म बदला का निर्माण शाहरुख खान की प्रोडक्शन कंपनी रेड चीलिज कर रही है. इस फिल्म में शाहरुख कैमियो करते भी नजर आएंगे.

लुका छुपी : कमजोर पटकथा व संवाद

रेटिंग : दो स्टार

‘‘लिव इन रिलेशनशिप’’ की आड़ में विवादास्पद ‘‘लव जेहाद’’ के मुद्दे पर कटाक्ष करने वाली रोमांटिक कौमेडी फिल्म ‘‘लुका छुपी’’ पूर्णतः निराश करने वाली फिल्म है. सामाजिक स्वीकृत रिश्तों व धार्मिक कट्टरता पर धार्मिक अनुष्ठानों पर हास्य व्यंगात्मक कटाक्ष करने वाली यह फिल्म कमजोर पटकथा व निर्देशन के चलते पूरी तरह से बिखरी व अति सतही फिल्म बनकर रह गयी है. हास्य के नाम पर फिल्म में अस्वाभाविक व अविश्वसनीय दृश्यों की भरमार है.

फिल्म की कहानी उत्तर प्रदेश के छोटे शहर मथुरा से शुरू होती है. जहां विनोद उर्फ गुड्डू शुक्ला (कार्तिक आर्यन) अपने पिता व दो बड़े भाईयों के साथ रहता है. गुड्डू के पिता शुक्लाजी (अतुल श्रीवास्तव) की साड़ियों की दुकान है, जहां गुड्डू के दोनों बड़े भाई बैठते हैं. जबकि गुड्डू स्वयं एक स्थानीय केबल चैनल का टीवी रिपोर्टर है. उसका दोस्त अब्बास (अपारशक्ति खुराना) इसी चैनल में कैमरामैन हैं. जबकि मथुरा शहर के पूर्व सांसद और संस्कृति रक्षा मंच के नेता विष्णु प्रसाद त्रिवेदी (विनय पाठक) ने गुंडो की फौज पाल रखी है. विष्णु प्रसाद त्रिवेदी शहर में लिव इन रिलेशनशिप के खिलाफ मुहीम चलाते हुए अपने गुंडो के मार्फत प्रेमी जोड़ा को पकड़कर उनके मुंह पर कालिख पोतकर शहर में घुमवाते हैं. त्रिवेदी की संस्था ‘‘संस्कृति रक्षा मंच’’तो अभिनेता नाजिम खान के ‘लिव इन रिलेशनशिप में रहने का विरोध कर रहे हैं. त्रिवेदी की इकलौती बेटी रश्मी त्रिवेदी (कृति सैनन) दिल्ली से मास कम्यूनीकेशन की पढ़ाई कर मथुरा आती है, तो त्रिवेदी अपने प्रयासो से पांडे के इसी केबल चैनल में गुड्डू के साथ रिपोर्टर बनवा देते हैं. धीरे धीरे दोनों में प्यार हो जाता है. गुड्डू का मानना है कि यदि आप प्यार में हैं, तो प्यार को मजबूती प्रदान करने के लिए शादी क्यों न कर ली जाए? जबकि रश्मी का मानना है कि भले प्यार हो, पर शादी से पहले लिव इन में रहकर प्रेमी को समझना चाहिए. मगर रश्मी के पिता ने तो लिव इन के खिलाफ कहर बरपा रखा है. इसलिए अब्बास की सलाह पर रश्मी और गुड्डू चैनल के लिए एक स्टोरी करने के बहाने ग्वालियर जाते हैं, जहां वह एक किराए के मकान में लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं, मगर मोहल्ले के लोगों को बताते हैं कि वह दोनों शादीशुदा हैं. पर गुड्डू के भाई का साला बाबूलाल (पंकज त्रिपाठी) ग्वालियार आता है और वह गुड्डू के बारे में जानकर मथुरा से गुड्डू के पूरे परिवार को ले आता है. फिर वह सपरिवार मथुरा पहुंचते हैं. मथुरा में गुड्डू के माता पिता रश्मी के पिता त्रिवेदी से मिलते हैं और अंत में त्रिवेदी जी अपने सम्मान के लिए एक छोटा सा समारोह कर चैनल के माध्यम से सूचना देते हैं कि उनकी बेटी की शादी गुड्डू से हो गयी. इधर रश्मी उदास रहती है कि गुड्डू के माता पिता उसे इज्जत दे रहे हैं और वह उन्हें धोखा दे रही है. इसलिए अब वह व गुड्डू दोनों शादी करना चाहते हैं. अब्बास की सलाह पर जब भी परिवार से छिपकर गुड्डू व रश्मी शादी करने मंदिर पहुंचते हैं, मामला बिगड़ जाता है. अंततः वह दोनों अग्रवाल सामूहिक विवाह में शादी करने पहुंचते हैं, जहां त्रिवेदी के पहुंचने से सच सामने आ जाता है. पर वहीं पर दोनों की शादी हो जाती है. पर उससे पहले गुड्डू, विष्णु प्रसाद त्रिवेदी को लंबा चौड़ा भाषण सुनाता है जो कि वर्तमान सरकार को फायदा पहुंचाने वाला राजनीतिक बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं.

कैमरामैन से निर्देशक बने लक्ष्मण उतेकर ने अपनी फिल्म के लिए एक बेहतरीन विषय उठाया, मगर इसे वह सिनेमा के परदे पर सही ढंग से उतारने में विफल रहे. यदि फिल्म की पटकथा पर ध्यान दिया गया होता, तो यह एक तेज तर्रार हास्यपूर्ण बेहतर फिल्म बन सकती थी. फिल्म में गुड्डू व रश्मी के बीच कुछ सुंदर सेंसुअल दृश्य भी हैं. पर कथानक व पटकथा लेखन के स्तर पर लेखक व निर्देशक इस कदर भटक गए कि मूल विषय पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय पड़ोसियों की चुहुलबाजी, प्रपंच आदि भर दिया, जिसके चलते एक गंभीर विषय महज लोगों के शोरगुल व ठहाकों के बीच गुम होकर रह गया. पंकज त्रिपाठी का बाबूलाल का किरदार सही रखा गया, मगर महज हास्य के लिए बाबूलाल को कुछ ऐसे संवाद दे दिए गए, जिससे फिल्म बहुत ही सस्ती व घटिया स्तर की बन कर रह गयी.

जहां तक अभिनय का सवाल है, तो बाबूलाल के किरदार में पंकज त्रिपाठी ने अपनी तरफ से  सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया, मगर लेखक की तरफ से उन्हें दिए गए संवादों ने सारा बेड़ा गर्क कर दिया. अब्बास के किरदार में अपारशक्ति खुराना जरुर अपने अभिनय की छाप छोड़ने में कामयाब हुए हैं. कार्तिक आर्यन व कृति सैनन कुछ दृश्यों में जरुर अच्छे लगते हैं, मगर पूरी फिल्म के परिप्रेक्ष्य में निराशा होती है.

दो घंटे छह मिनट की अवधि वाली फिल्म ‘‘लुका छुपी’’ का निर्माण दिनेश वीजन ने ‘मैडौक फिल्मस’’ के बैनर तले किया है. फिल्म के निर्देशक लक्ष्मण उतेकर, लेखक रोहण शंकर, संगीतकार तनिष्क बागची, व्हाइट नौयजव अभिजीत वघाणी, कैमरामैन मिलिंद जोग तथा कलकार हैं- कार्तिक आर्यन, कृति सैनन, अपारशक्ति खुराना, पंकज त्रिपाठी, अतुल श्रीवास्तव, विनय पाठक, अरूण सिंह व अन्य.

सोन चिड़िया : उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती

रेटिंग : दो स्टार 

‘इश्किया’, ‘डेढ़ इश्किया’, ‘उड़ता पंजाब’ जैसी गाली गलौज और हिंसा प्रधान फिल्मों के निर्देशक अभिषेक चौबे इस बार सत्तर के दशक के चंबल के बीहड़ की पृष्ठभूमि पर डाकुओं की कहानी लेकर आए हैं, जिसमें उन्होंने श्राप, अंतर आत्मा की आवाज को सुनने से लेकर जातिवाद यानी कि गुर्जर बनाम ठाकुर की लड़ाई पेश की है. मगर पूरी फिल्म कहीं से भी प्रभावित नहीं करती.

फिल्म की कहानी के केंद्र में डाकू मान सिंह (मनोज बाजपेयी) का गिरोह है, जो कि ठाकुरों का गिरोह है. यह गिरोह औरतों पर हाथ नहीं उठाता. मगर इन पर गुर्जर जाति को समूल नष्ट करने के लिए एक पांच वर्ष की लड़की का श्राप है. इस गैंग में लखना (सुशांत सिंह राजपूत),वकील सिंह (रणवीर शौरी) जैसे कई डाकुओं का समावेश है. मगर इस डाकुओं के इस गिरोह को समूल नष्ट करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह गुज्जर (आषुतोश राणा) ने कसम खा रखी है. इधर मान सिंह का गिरोह ईश्वर में आस्था रखने के साथ ही अपने वजूद को लेकर सवाल उठाने के अलावा अपने जीने की वजहें भी तलाशता रहता है. डाकू लखना सहित कुछ के मन में यह विचार आ रहा है कि वह सरकार के सामने आत्मसमर्पण करके नई जिंदगी जिए. बीहड़ के जंगलों में भटकते हुए एक दिन अचानक इस गिरोह को रास्ते में मरा हुआ सांप मिलता है, जिसके कुछ हिस्से गिद्ध नोंच चुके हैं, गिरोह के सदस्य चाहते हैं कि रास्ता बदल दिया जाए,मगर मान सिंह अपनी बंदूक से उस सांप को उठाकर एक किनारे पर रखकर गिरोह को आगे बढ़ने का आदेश देते हैं.उसके बाद लच्छू आकर उन्हे सूचना देता है कि ब्राम्हणपुरी के गांव में सुनार की बेटी की शादी है. इसे यह गिरोह लूटने जाता है, जबकि लच्छू ने मानसिंह को बताया था कि वह पुलिस के कहने पर ही सूचना देने आया है और लच्छू के पिता को पुलिस ने बंदी बना रखा है. मानसिंह अपने गिरोह के साथ सुनार के यहां पहुंचते हैं, जहां पुलिस इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह गुज्जर अपने साथी पुलिस वालों की मदद से मान सिंह सहित कई डाकुओं को मौत के घाट उतार देते हैं. जबकि लखना व वकील सिंह जैसे कुछ डाकू सुरक्षित भागने में कामयाब हो जाते हैं. उधर रास्ते में मजबूर  इंदूमती तोमर (भूमि पेडणेकर) व बलात्कार की शिकार अछूत जाति की छोटी लड़की सोन चिड़िया मिलती है, जिसकी मदद करने के लिए लखना तैयार हो जाता है. मगर यहीं से लखना व वकील के बीच दूरी हो जाती है. अब यह गिरोह दो भागां में विभाजित हो जाता है. कहानी कई मोड़ों से गुजरती है. अंततः वकील सिंह व लखना सहित तमाम डाकू मारे जाते हैं. पर अंत में एक ठाकुर जाति का पुलिस सिपाही, पुलिस इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह गुज्जर को मौत दे देता है.

movie review of son chidiya

फिल्म में प्रकृति के नियम का उल्लेख है कि ‘सांप, चूहे का शिकार करता है और बाज सांप का. यानी कि नियम है कि मारने वाला भी एक दिन मारा जाएगा. प्रकृति के इसी नियम को ढाल बनाकर फिल्मकार अभिषेक चौबे ने बीहड़ के डाकुओं की कहानी के साथ साथ जातिप्रथा, पितृसत्तात्मक सोच, लिंग भेद, अंधविश्वास का चित्रण करने के साथ ही न्याय करने और बदला लेने के बीच के अंतर का जिक्र करते हुए पूरी फिल्म को चूं चूं का मुरब्बा बनाकर रख दिया है. फिल्म में गंदी गालियों, बंदूकों की आवाज, खूनखराबे की ही भरमार है. फिल्म 70 के दशक कें डाकुओं के जीवन को सही परिप्रेक्ष्य में चित्रित करने में भी बुरी तरह से असफल रहती है. फिल्मकार पूरी तरह से भटके हुए नजर आते हैं. काश फिल्मकार अभिषेक चौबे ने 1996 की निर्देशक शेखर कपूर की फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ और 2012 में तिग्मांशु धुलिया की फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ देखकर कुछ सीखा होता, तो वह तमाम गलतियां करने से बच जाते. बीहड़ में भटक रहे डाकुओं को अपने माथे पर तिलक लगाने की फुर्सत नही होती है. पूरी फिल्म यथार्थ से कोसों दूर है. फिल्म में संवादों की भरमार है.

फिल्म का नाम सोन चिड़िया है यानी कि सोने की चिड़िया की तलाश. मगर फिल्मकार इसके साथ भी न्याय नहीं कर पाए. फिल्म में एक अछूत बलात्कार की शिकार छोटी लड़की के हाथ पर उसका नाम सोन चिड़िया लिखा हुआ है, मगर इसे ठीक से फिल्म की कहानी का हिस्सा बना पाने में अभिषेक चौबे असफल रहे हैं.

इतना ही नहीं 21वीं सदी में यह फिल्म बनाते हुए अभिषेक चौबे ने फिल्म में दो महिला पात्र खास तौर पर रखे हैं और इन पात्रों को महज ‘संपत्ति’ के रूप में ही उपयोग किया है. जातिगत संघर्ष पर रोशनी डालते हुए फिल्म में एक संवाद है- ‘‘औरत की जाति अलग होती है’’ अपने आप में गाल पर तमाचा है. क्या इस तरह के संवाद होने चाहिए? यह सवाल तमाम दर्शक पूछते नजर आए.

movie review of son chidiya

जहां तक अभिनय का सवाल है, तो मान सिंह के छोटे से किरदार में मनोज बाजपेयी को छोड़कर सभी कलाकार अपने किरदारों के साथ न्याय करने में पूरी तरह से विफल रहे हैं. भूमि पेडणेकर के करियर की यह चौथी, मगर सबसे कमतर अभिनय वाली फिल्म रही. गुर्जर जाति के पुलिस इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह के किरदार में आशुतोष राणा जरुर याद रह जाते हैं.

फिल्म के कैमरामैन अनुज राकेश धवन की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है. उन्होने अपने कैमरे के माध्यम से वीरान चंबल की घाटी को बहुत ही उत्कृष्ट तरीके से परदे पर उकेरा है. फिल्म का गीत संगीत भी प्रभावित नहीं करता.

दो घंटे 23 मिनट की अवधि वाली फिल्म ‘‘सोन चिड़ैया’’ का निर्माण रौनी स्क्रूवाला ने ‘‘आरएसवीपी मूवीज’’के बैनर तले किया गया है. फिल्म के निर्देशक अभिषेक चौबे, लेखक अभिषेक चौबे व सुदीप शर्मा, संगीतकार विशाल भारद्वाज, कैमरामैन अनुज राकेश धवन तथा कलाकार हैं- सुशांत सिंह राजपूत,भूमि पेडणेकर, मनोज बाजपेयी,रणवीर शौरी,आशुतोष राणा,अमित सियाल, महेश बलराज, श्रीधर दुबे, मंजोत सिंह, सुहेल नायर, शाहबाज खान, अंशुमन झा, जतिन समा, जितेन समीन, अब्दुल कादिर अमीन, भौमिक रंजन,देव उपाध्याय, नवदीप तोमर, विवेक सिंह, धीरज सिंह व अन्य.

प्रियंका चोपड़ा ने अपने भाई-भाभी के लिए बोली ये बात

हाल ही में बौलिवुड एक्टर प्रियंका चोपड़ा ने निक जोनास से शादी की हैं. आए दिन दोनो जोड़े अपने फैन्स से सोशल मीडिया पर तस्विरें शेयर करते हैं. अब खबर ये है कि प्रियंका चोपड़ा के परिवार में  एक और शादी होने वाली है. दरअसल प्रियंका के छोटे भाई सिद्धार्थ चोपड़ा भी अब दूल्हा बनने वाले हैं. जी हां अब इनके भी सर सेहरा सजने वाला है.

nik priyanka

आपको बता दें, सिद्धार्थ की रोका सेरेमनी हुई है, जिसकी तस्वीरें प्रियंका ने सोशल मीडिया पर साझा किया हैं. रोका में शामिल होने के लिए प्रियंका अमेरिका से मुंबई लौटीं. जब वे निक जोनस के साथ दिल्ली सफ़र के दौरान ली गयी सेल्फ़ी सोशल मीडिया पर शेयर की तो कयास लगने लगे कि निक साथ में क्यों आये हैं.

 

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पर बाद में पता चला कि ये दोनो पति-पत्नी सिद्धार्थ की रोका में शामिल होने के लिए आए हैं. प्रियंका ने सिद्धार्थ और इशिता की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा है- मुझे अपने छोटे भाई पर गर्व है. इशिता परिवार में आपका स्वागत है. तुम लोग साथ में कितने ख़ूबसूरत दिखते हो. तुम दोनों के अच्छे भविष्य की मैं कामना करती हूं. हैप्पी रोका.

पाकिस्तानी एक्टर्स की बद्तमीजी पर इंडियन एक्टर्स ने लगाई फटकार

पुलवामा में  आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा हुई टेंशन से इंटरटेंनमेंट इंडस्ट्रीज भी नहीं बची. बीते दिन भारतीय वायु सेना के जवान विंग कमांजर अभिनंदन को पाकिस्तानी आर्मी ने पकड़ा. अभिनंदन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए. इसके बाद पाकिस्तान कुछ कलाकारों ने अभिनंदन के फोटो और वीडियो को शेयर करते हुए मजाक उड़ाया, जिसके जवाब में भारतीय स्लेब्स ने उनकी क्लास ली.

विंग कमांडर की फोटो शेयर करते हुए पाकिस्तानी एक्टर वीना मलिक ने लिखा कि, अभी अभी तो आए हो, अच्छी मेहमान नवाजी हो गई आपकी.

इसपर करारा जवाब देते हुए स्वरा फास्कर ने ट्वीट किया कि, वीना जी…लानत है तुम पर और तुम्हारी बीमार मानसिकता पर. तुम्हारी ऐसी खुशी पूरी तरह बेशरमी है. हमारा औफिसर बहादुर, दयालु और स्वाभिमानी है. कम से कम तुम्हारी सेना के उस मेजर में कुछ शालीनता बाकी है जो अभिनंदन से पूछताछ कर रहा है साथ ही तुम्हारे देश की जनता में भी जो शांति चाहती है.

इसके अलावा भाबी जी घर पर हैं कि स्टार सौम्या टंडन ने वीना मलिक को फटकार लगाते हुए कहा कि, विश्वास नहीं कर सकती कि उसके जैसा कोई ऐसी बात लिख रहा है. यह वाकई बहुत दुख की बात है.

अदनान सामी ने भी पाकिस्तान के इन ट्रोलर्स को मुंहतोड़ जवाब देते हुए लिखा कि, डियर पाक ट्रोल्स आपकी गालियां आपकी असलियत सामने लाती हैं. आपके और गंदगी की बाल्टी के बीच एकमात्र अंतर बाल्टी है.

आपको बता दें कि अदनान सामी के पिता पाकिस्तान के राजनायिक थे. 2016 में अदनान ने भारत की नागरिकता ले ली थी.

‘शमिताभ’ फेम संज्ञा लखनपाल अब म्यूजिक वीडियो में

फिल्म ‘शमिताभ’ में अमिताभ बच्चन का इंटरव्यू लेने वाली पत्रकार के किरदार को निभा चुकी अभिनेत्री संज्ञा लखनपाल उसके बाद विज्ञापन फिल्मों के अलावा फैशन शो आदि में ही व्यस्त रही हैं. पर अब वह एक म्यूजिक वीडियो ‘दिल ये मेरा दीवाना तेरा’ में सुमीन भट्ट के साथ नजर आने वाली हैं. इस गीत के गीतकार व गायक फैजल सुलेमान तथा संगीतकार फैजल व कलरव मनु सरोजवल उर्फ मनु हैं. इस म्यूजिक वीडियो का निर्माता सुमीत भट्ट का दावा है कि वह इस म्यूजिक वीडियो को गोवा की शानदार लोकेशन पर मार्च के पहले सप्ताह में फिल्माएंगे.

इस म्यूजिक वीडियो की चर्चा करते हुए संज्ञा लखनपाल ने कहा- ‘मेरी परवरिश आर्मी पृष्ठभूमि में हुई है. मैं 2010 में संपन्न ‘आईएमसी कौंटेस्ट’में टौप टेन में  थी. उसके बाद मैं अभिनय व संगीत से जुड़ गयी. जब मेरे मित्र सुमीन भट्ट ने मुझे गीत ‘दिल ये मेरा तेरा दीवाना’ सुनाया और मुझसे इसके म्यूजिक वीडियो का हिस्सा बनने के लिए कहा, तो मैं तैयार हो गयी. क्योकि यह एक प्यारा रोमांटिक गीत है. इसका म्यूजिक वीडियो एक रोचक रोमांटिक कहानी के साथ फिल्माया जाएगा.’

आमिर खान और आलिया की जोड़ी वेब सीरीज में नहीं आएगी नजर

‘‘ठग्स आफ हिंदोस्तान’’ की असफलता के दंश से आमिर खान अब तक उबर नही पा रहे हैं. हालात ऐेसे है कि उनकी समझ में नही आ रहा है कि वह अब किस फिल्म को महत्व देते हुए अपने करियर को सही दिशा में ले जाएं. पहले चर्चा थी कि वह अब नए जोश के साथ राकेश शर्मा की बायोपिक फिल्म करेंगे.

मगर फिर उन्होंने इस फिल्म से खुद को अलग कर लिया था. इसके बाद से अब तक चर्चा रही है कि आमिर खान अब आलिया भट्ट के साथ ओशो पर एक वेबसीरीज करने वाले हैं, जिसका प्रसारण ‘‘नेट फ्लिक्स’’ पर होगा. लेकिन ताजातरीन खबर है कि आमिर खान ने इस वेब सीरीज को करने से मना कर दिया है.

सूत्रों का दावा है कि आमिर खान ने इस वेब सीरीज को मना करके हौलीवुड फिल्म ‘‘फौरेस्ट गम्प’’ के हिंदी रीमेक में अभिनय करने के लिए हामी भरी है. वह एक साथ दो फिल्में कभी नहीं करते हैं. इसलिए उन्होंने आलिया भट्ट के साथ वेब सीरीज करने से इंकार कर दिया हैं. पर सबसे अहम सवाल यही है कि ‘‘फौरेस्ट गम्प’ के हिंदी रीमेक फिल्म की शूटिंग कब शुरू होगी? इस पर आमिर खान ने भी चुप्पी साध रखी हैं.

मनोज तिवारी के इस गाने का यूं बना मजाक

भोजपुरी सिनेमा के गायक और एक्टर मनोज का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे भोजपुरी का सुपरहिट सॉन्ग ‘रिंकिया के पापा’ गा रहे हैं. मनोज तिवारी दर्शकों को गाने से मनोरंजन कर रहे हैं तो वहीं भोजपुरी सिनेमा की सुपरहिट एक्ट्रेस रानी चटर्जी उनका गाना सुनकर जमकर ठहाके लगाती नजर आ रही हैं.

manoj tiwari and rani chatarjee

आपको बता दें भोजपुरी एक्ट्रेस रानी चटर्जी और पाखी हेगड़े इस वीडियो में नजर आ रही हैं. जब मनोज तिवारी भोजपुरी गाना गा रहे हैं,  तो दोनों ही एक्ट्रेस पीछे खड़ी हैं. मनोज तिवारी के गाना गाने के बाद दोनों ठहाका लगाकर हंसती हैं, और बहुत ही अनोखे ढंग के एक्सप्रेशंस देती हैं.

 

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रानी चटर्जी को भोजपुरी सिनेमा की क्वीन भी कहते हैं. ये यू टयूब चैनल भी चलाती हैं, और उस पर अपने डांस वीडियो डालती हैं. रानी चटर्जी के डांस वीडियो खूब मशहूर होते हैं. वैसे भी रानी चटर्जी को उनकी बेबाकी के लिए भी पहचाना जाता है. रानी चटर्जी वही कहती हैं, जो उन्हें सही लगता है. रानी चटर्जी अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर खूब एक्टिव हैं, और वे सोशल मीडिया माध्यमों का फैन्स से कनेक्ट करने के लिए खूब इस्तेमाल करती हैं.

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