Neeraj Chopra का वीडियो मनु भाकर के साथ हुआ वायरल, अफवाहों का बाजार गरम 

ओलंपिक में सिल्वर मैडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा का एक वीडियो वायरल हो रहा है, इस वीडियो में वह पैरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक लाने वाली मनु भाकर के साथ बातें करते दिखाई दे रहे हैं.

एक दूसरे वायरल वीडियो में नीरज चोपड़ा को मनु भाकर की मां से भी बातचीत करते देखा जा रहा है. इस वीडियो में मनु की मां ने नीरज के सिर पर हाथ भी रखा है. इस वीडियो की सभी जगह चर्चा हो रही है,  भारतीय शूटर मनु भाकर की मां और ओलंपिक में भाला फेंक कर सिल्वर पदक अपने नाम करने वाले नीरज चोपड़ा के वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा है, रिश्ता पक्का हुआ, एक दूसरे यूजर ने लिखा है, बेटा, शादी मेरी बेटी से ही करना.  एक्स पर मनु भाकर और नीरज की फोटो पोस्ट करने वाले एक यूजर ने लिखा कि क्या लगता है ये दोनों आपस में क्या बातें कर रहे होंगे, कोई बता सकता है,  किसी ने नीरज चोपड़ा की मां की वीडियो पर लिखा है इंडियन आंटीज . कुल मिलाकर कहा जाए, तो इन मुलाकातों की वजह से नीरज और मनु दोनों को लेकर मजेदार बातें सोशल मीडिया पर चल रही है 

पैरिस ओलंपिक में मनु भाकर ने देश के लिए पहला ओलंपिक मैडल जीता. इस ओलंपिक में वह 10 मीटर एयर पिस्टल के साथ ही 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड में भी ब्रौन्ज मैडल जीता, उधर नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में सिल्वर मेडल जीता. इस ओलंपिक में भारत को एकमात्र सिल्वर मैडल मिला है.   

स्टाइलिश है नीरज चोपड़ा का हेयर स्टाइल, जानें कौन है गर्लफ्रेंड

भारत के जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा एक पौपुलर खिलाड़ी है. जिनकी प्रर्फोमेंस पर ठोक कर तालिया बजाई जाती है. हाल ही में नीरज ने पैरिस ओलपिंक 2024 में फाइनल में जगब बना ली है. उन्होंने मंगलवार को हुई भाला फेंक क्वालिफिकेशन में शानदार प्रदर्शन करते हुए 89.34 मीटर का थ्रो किया. साल 2020 में टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर भी एक इतिहास रचा था.

 

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नीरज इसके अलावा अपने स्टाइल और हेयर स्टाइल के लिए भी जाने जाते है. उनका हेयर स्टाइल लोगों को खूब पसंद आता है. उनसे कई बार इंटरव्यू में हेयर स्टाइल के बारें में पूछा गया है. वह बताते है कि उनका यह हेयर स्टाइल उनका खुद का उन्होंने ये किसी से कौपी नहीं किया है.

बता दें कि नीरज अपने हेयरस्टाइल को लेकर काफी चर्चा बटोरते है. सोशल मीडिया पर उनकी कई ऐसी फोटोज हैं जिसमें उनके बाल काफी आकर्षक लग रहे हैं. लोग उनकी फोटोज पर कमेंट कर हेयरस्टाइल की तारीफ भी करते हैं. नीरज हरियाणा के छोटे से गांव से आते हैं. इसके अलावा नीरज अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी सुर्खियों में रहते है. हर कोई गूगल पर ये जरूर सर्च करता है कि नीरज की गर्लफ्रेंड कौन है, उनको चहाने वाले ये जानना चाहते है कि उनकी कोई लव लाइफ है की नहीं.

क्योंकि जब कोई एथलीट शानदार प्रदर्शन करता है या किसी खिलाड़ी का नाम लाइमलाइट में आता है तो अक्सर उसके व्यक्तिगत जीवन के बारे में जानने के लिए काफी उत्सुकता बढ़ जाती हैं और ऐसा ही नीरज चोपड़ा के साथ है. नीरज चोपड़ा काफी हैंडसम हैं, नौजवान हैं, और एक बेहद सफल खिलाड़ी हैं. उनको शोहरत दौलत की भी कोई कमी नहीं है. ऐसे में लोगों को यह जानने में दिलचस्पी है कि आखिर वह कौन खुशनसीब लड़की है जिसको नीरज अपनी लव लेडी कहते है.

नीरत बताते है कि “फोकस अपने खेल की तरफ है. वे अपने करियर पर ही ध्यान देते है. नीरज को लगता है कि उनकी उम्र अभी इतनी ज्यादा नहीं है कि वह इन सब चीजों के बारे में सोचें और खेल में उनका गोल्डन करियर अभी आगे और भी लंबा है. जब उनसे पूछा गया कि आप पर शादी को लेकर दबाव है तो नीरज ने कहा कि उनका फोकस तो पूरी तरह पूरी तरह खेल की तरफ है, शादी वगैरह जैसी चीजें चलती रहेंगी. लेकिन, फिलहाल मैं सिंगल हूं और मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.

ओलंपिक: नीरज भारत का “गोल्डन सन”

टोक्यो ओलंपिक 2021 में जिस चीज पर संपूर्ण देश की निगाह थी उसे नीरज चोपड़ा ने देखते ही देखते हासिल कर लिया और संपूर्ण देश की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए. नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक दिलाकर भारतीय खेलों के लिए एक नये अध्याय को खोल दिया है.

“ट्रैक एंड फील्ड” मे भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाकर देशवासियों को गौरव करने का अवसर दिया है.मिल्खा सिंह,अंजू बॉबी जॉर्ज,पी टी उषा के सपनों को आगे बढ़ाने और एक नए क्षितिज देने का काम नीरज चोपड़ा के मजबूत देखते ही देखते कर दिखाया है.

सच तो यह है कि जिसका देश को लंबे समय से इंतजार था उसे सच कर दिखाया है.
टोक्यो ओलिंपिक 2021 मे जेवलिन थ्रो मे 87.58 मीटर भाला फेंक कर नीरज चोपड़ा ने भारत का गौरव बढ़ाया है और एक इतिहास रच दिया है.

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दरअसल, अभिनव बिंद्रा के बाद व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं मे स्वर्ण पदक लाने वाले दूसरे भारतीय बन गये हैं.नीरज ने क्वालीफाइंग राउंड मे जो बढ़त बनाई वह अद्भुत अकल्पनीय थी. उनका प्रदर्शन सतत रूप से बेहतर उत्कृष्ट था. स्वर्ण मिलने के बाद राष्ट्रगान ने नीरज चोपड़ा के साथ ही सभी भारतीय की आंखे भी नम हो गई.

वस्तुत: पदकों की दृष्टि से टोक्यो ओलिंपिक 2021 का 7 अगस्त यानी 16वां दिन हमारे देश के लिए सबसे ज्यादा खुशी लेकर आया था. भारत के स्टार पहलवान बजरंग पूनिया ने कुश्ती का ब्रॉन्ज मेडल मैच कजाखस्तान के पहलवान को चारों खाने चित कर भारत की झोली मे डाल दिया. साथ ही भारत ने ओलंपिक खेलों में सबसे ज्यादा पदक जीतने के अपने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. और फिर आया स्वर्णिम क्षण जब नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक के साथ भारत ने लंदन ओलंपिक खेलों में सर्वाधिक 6 पदक के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए सात पदक का नया रिकार्ड बनाया.

भारत की बेटी अदिति ने भी गोल्फ कोर्स मे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान प्राप्त किया.

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“गोल्डन सन” पर रुपयों की बरसात

जैसा कि हमारे यहां पुरानी परंपरा है खिलाड़ी जब कमाल दिखाता है तो हम रूपए पैसों से उसे निहाल कर देते हैं. यहां भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. जहां देश के गणमान्य लोगों ने नीरज को बधाई दी बातचीत की, वहीं करोड़ों रुपए की बरसात नीरज चोपड़ा पर होने लगी है.

जो हमें, हमारी खेल दृष्टिकोण पर सोचने पर मजबूर करती है. उस पर हम आगे बात करेंगे. यहां हम आपको बताते चलें कि किस-किस ने कितने करोड रुपए नीरज पर न्योछावर कर दिए हैं.

गोल्ड मेडल जीतने के बाद धन वर्षा का सिलसिला हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुरू किया. नीरज की जीत के बाद मुख्यमंत्री खट्टार ने कहा- इस स्टार खिलाड़ी को राज्य सरकार की तरफ से 6 करोड़ रुपये मिलेंगे. यही नहीं हरियाणा ने चोपड़ा को क्लास-1 की नौकरी भी देने का ऐलान किया है.
हरियाणा के बाद पंजाब पीछे नहीं था मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2 करोड़ रुपए देने का ऐलान कर दिया. उन्होंने कहा कि नीरज चोपड़ा का पंजाब से एक गहरा नाता है, ऐसे में उनका गोल्ड जीतना सभी पंजाबियों के लिए गर्व की बात है.

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मणिपुर की सरकार भी पीछे नहीं रही उसने भी नीरज चोपड़ा को 1 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है. रुपयों की बरसात का यह तो पहला ही दिन था आने वाले समय में हम देखेंगे कि किस तरह नीरज चोपड़ा पर करोड़ों रुपए की और भी बारिश हो रही है. जो उनके लिए जहां देश के प्रेम को दर्शाता है वहीं यह भी प्रश्न उठ खड़ा हुआ है कि अगर खेलों को लेकर के हमारे नियम कायदे और दृष्टि बदल जाए तो हम भी चीन से पीछे नहीं रहेंगे.

Mirabai Chanu को सिल्वर नहीं , गोल्ड मेडल

टोक्यो ओलंपिक में पहले ही दिन भारत का सर ऊंचा करने वाली भारत की बेटी मीराबाई चनू ने सिल्वर जीत कर देश सीना गर्व से चौड़ा कर दिया, अपना नाम एक अमर खिलाड़ी के रूप में दर्ज करा लिया है. मगर आज हम आपको यहां बताएं मीराबाई चनू को मिला सिल्वर किस तरह गोल्ड मेडल में भी बदल सकता है ? जिसकी बहुत ज्यादा संभावना दिखाई दे रही है.

दरअसल, हमारे पड़ोसी चीन की वेटलिफ्टर होऊ झिऊई पर डोपिंग का शक है, उसकी जांच शुरू हो गई है. ऐसे में अगर डोपिंग आती है तो क्या होगा आप अंदाज लगाइए.
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि टोक्यो ओलंपिक -2021 में भारत के हिस्से में अनायास ही पहला गोल्ड आ सकता है.

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खेल समीक्षक अनुमान लगा रहे हैं कि वेटलिफ्टिंग (49 किग्रा वर्ग) में रजत पदक हासिल करने वालीं मीराबाई चनू का मेडल गोल्ड में बदल सकता है. यह इसलिए क्योंकि चीनी खिलाड़ी होऊ झिऊई पर डोपिंग के शक के बाद उसकी जांच प्रारंभ हो गई है.

टोक्यो ओलंपिक में इस तरह पहला ही गोल्ड पाने वाले चीनी खिलाड़ी होउ जिहूई का परीक्षण किया जा रहा है आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है कि आगे क्या क्या हो सकता है.

हालांकि इस संदर्भ में भारतीय खेल उच्च अधिकारी मौन है क्योंकि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. मगर दुनिया की मीडिया व खेल प्रेमियों की निगाह इस मसले पर टकटकी लगाए हुए हैं कि आगे क्या होने वाला है. अगर परीक्षण में डोपिंग पाई गई तो परिणाम बहुत चौंकाने वाले होंगे और यह खबर अपने आप में विश्वव्यापी होगी और भारत के लिए एक सुखद समाचार ऐतिहासिक समय.

चीन लौटने से पहले गिरी गाज

दरअसल, चीन की खिलाड़ी होऊ झिऊई जब अपने देश लौटने वाली थीं, अधिकारियों को उसकी गतिविधि पर शक हुआ और उन्हें रुकने को कहा गया. यहां यह जानना जरूरी है कि ओलंपिक खेलों के इतिहास में ऐसा पूर्व में भी हो चुका है, जब डोपिंग में फेल होने पर खिलाड़ी का मेडल छीन लिया गया है.

वेटलिफ्टिंग में सोना जीतने वाली चीनी एथलीट होउ पर डोपिंग का शक गहरा गया है. सैंपल-ए में संदेह के बाद सैंपल-बी के लिए बुलाया गया.

इस तरह बड़ी संभावना है कि वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू का मेडल गोल्ड में बदल सकता है.

यह माना जा रहा है कि टोक्यो ओलंपिक के महिला भारोत्तोलन (49 किग्रा) में मीराबाई चनू का सिल्वर पदक स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) में बदल सकता है, अगरचे यह हो गया तो ओलंपिक के इतिहास में भारत के नाम व्यक्तिगत स्पर्धा में यह दूसरा स्वर्ण पदक होगा. बताते चलें कि शूटर अभिनव बिंद्रा ने भारत को पहला गोल्ड मेडल (बीजिंग, चीन 2008) दिलाया था.

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महत्वपूर्ण बात यह भी है कि टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई ने भारोत्तोलन स्पर्धा में पदक का भारत का एक लंबे, 21 साल के इंतजार को खत्म किया है. इससे पूर्व कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक 2000 में देश को भारोत्तोलन में कांस्य पदक दिलाया था.

चनू ने क्लीन एवं जर्क में 115 किग्रा और स्नैच में 87 किग्रा से कुल 202 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया है. चीन की होऊ झिऊई ने कुल 210 किग्रा (स्नैच में 94 किग्रा, क्लीन एवं जर्क में 116 किग्रा) से स्वर्ण पदक अपने नाम किया . इंडोनेशिया की ऐसाह विंडी कांटिका ने कुल 194 किग्रा का वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया है.

मीराबाई के नाम अब महिला 49 किग्रा वर्ग में क्लीन एवं जर्क में विश्व रिकॉर्ड भी है. उन्होंने टोक्यो ओलंपिक से पहले अपने अपने अंतिम टूर्नामेंट एशियाई चैम्पियनशिप में 119 किग्रा का वजन उठाया और इस वर्ग में स्वर्ण और ओवरऑल वजन में कांस्य पदक जीता है.

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यही नहीं इस सब के बीच टोक्यो ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चानू के लिए एक और खुशखबरी है. 26 वर्षीय यह वेटलिफ्टर पुलिस विभाग में एएसपी बना दी गईं हैं. मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इसकी घोषणा की है.और दूसरी तरफ मीरा बाई पर लाखों रुपए की बारिश हो रही है.

‘125 वां साल ओलंपिक’ का ऐतिहासिक आगाज!

खेलों का महाकुंभ ओलम्पिक हर चार साल पर होता है मगर कोरोना कोविड 19 वायरस महामारी के कारण 2020 मे इसका आयोजन अंततः स्थगित हो गया था. 23 जुलाई को इसका इतिहासिक शुभारंभ हुआ. मानव सभ्यता में ओलंपिक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है इस दफा इसलिए भी कि आश्चर्यजनक तरीके से यह ओलंपिक की 125 वीं ऐतिहासिक वर्षगांठ भी है.

यह सच है कि अगर कोरोना के कारण 2020 में ओलंपिक का आयोजन हो जाता है तो यह 125 वां साल ओलंपिक के इतिहास में दर्ज नहीं हो पाता.

वस्तुत:ओलम्पिक खेलों का आयोजन सन् 1896 मे यूनान की राजधानी ऐथेंस मे हुआ था.और इसका “ओलम्पिक नामकरण” ओलम्पिया पर्वत पर खेले जाने के कारण रखा गया था. तब से लेकर आज तलक ओलम्पिक खेलों की यशस्वी परंपरा अबाध गति से चली आ रही है.

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उल्लेखनीय है कि ओलम्पिक ध्वज की पृष्ठभूमि सफेद है,सिल्क के बने ध्वज के मध्य मे ओलम्पिक प्रतीक के रूप में पांच रंगीन छल्ले नीला-यूरोप,पीला-एशिया,काला-अफ्रीका ,हरा -आस्ट्रेलिया,लाल-उत्तरी एवं दक्षिणी अमेरिका को एक-दूसरे से मिले हुए दर्शाए गए है जो विश्व के पांच महाद्वीपों के प्रतिनिधित्व करने के साथ ही मुक्त स्पर्धा का प्रतीक है.

2021 मे खेले जाने वाले ओलम्पिक की शुरुआत जापान के टोक्यो शहर से 23 जुलाई 2021को आरंभ हो गई है. दुनिया भर में बड़े ही रोमांच के साथ देखा जा रहा है.इस दफा का जो ओलम्पिक 32 वां ओलम्पिक है.

टोक्यो मे खेले जाने वाले ओलम्पिक मे 206 देशों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।इसमे लगभग 11,000 से अधिक एथलीट भाग ले रहे हैं.इस ओलम्पिक में 33 खेलों की स्पर्धा होगी.

2021 के ओलम्पिक में भारत के 127 एथलीट भाग ले रहे हैं जो कि इस बार का सबसे बड़ा दल है. ओलम्पिक को जापान मे जापानी शब्द ‘मीराइतोवा’ नाम दिया गया है. मीराइतोवा जापानी शब्द का अर्थ होता है ‘भविष्य और अंतकाल’.

ओलंपिक: भारत की हस्ती

ऐतिहासिक ओलंपिक खेलों में भारत की हस्ती आखिर क्या है यह जानना भी आपके लिए बहुत रोचक और जरूरी है.

इस दफा 195 देश टोक्यो ओलंपिक में शिरकत कर रहे हैं. कुल 206 टीमें भाग ले रही हैं. और सबसे बड़ी बात 23 जुलाई से 8 अगस्त तक ओलंपिक के महोत्सव को सारी दुनिया आंखों में संजोने के लिए लालायित है.

खेल प्रेमियों के लिए ओलंपिक एक लंबा इंतजार होता है. वहीं खिलाड़ी, जो कुछ कर दिखाने का जज्बा रखते हैं उनके लिए ओलंपिक से बड़ा दुनिया में कोई खेल महोत्सव नहीं है. इसलिए जहां खिलाड़ी अपनी पूरी ताकत परिश्रम लगा देते हैं वही दुनियाभर के देश भी ओलंपिक के लिए निरंतर तैयारियां करते रहते हैं.

जहां तक हमारे देश भारत की बात है इन सवा सौ सालों में भारत को सिर्फ 28 मेडल मिले हैं. जिनमें सिर्फ 9 गोल्ड मेडल हैं. इसमें भी निशानेबाजी में अभिनव बिंद्रा ने एक व्यक्तिगत रूप से गोल्ड जीतकर के इतिहास में अपना नाम अमर कर लिया है. अब की दफा भारत के अनेक खिलाड़ी ओलंपिक में भाग्य आजमाने पहुंच चुके हैं.

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हमारे देश भारत से अट्ठारह खेलों में 119 खिलाड़ी शिरकत करेंगे. यहां यह भी आपको मालूम होना चाहिए कि पीवी संधू विगत ओलंपिक में गोल्ड से महरूम रह गई थीं. इस दफा बैडमिंटन कि यह विश्व स्तरीय खिलाड़ी गोल्ड के लिए लंबे समय से तैयारी कर रही है और देश के खेल प्रेमी यह अपेक्षा कर रहे हैं कि पीवी संधू कुछ कमाल कर दिखाएंगी.

इसी तरह कुश्ती, निशानेबाजी, मुक्केबाजी में भी भारत को बड़ी उम्मीद है कि उसके खिलाड़ी अपना बेहतरीन प्रदर्शन दिखा सकते हैं.

निशानेबाजी में तेजस्विनी सावंत मुक्केबाजी में अमित पंघाल मेरी कॉम, कुश्ती में बजरंग पुनिया विनेश फोगाट शूटिंग में सौरभ चौधरी, टेबल टेनिस में मनिका बत्रा तीरंदाज दीपिका कुमारी नीरज चोपड़ा टेनिस में सानिया मिर्जा ऐसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी ओलंपिक में अपनी क्षमता दिखाने पहुंच चुके हैं.

अब देखना यह है कि परिणाम क्या आता है. बाहरहाल देश के खेल प्रेमियों की शुभकामनाएं अपने लाड़ले खिलाड़ियों के साथ है.

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