कांग्रेस के लिए तो नहीं पर नरेंद्र मोदी के लिए ये बड़े इम्तिहान हैं. एक तरफ पैट्रोल के दाम बढ़ने से जनता खाने को तैयार बैठी है तो दूसरी ओर दलित सवर्णों की धौंसबाजी से परेशान हैं.