मैं अब भी अपना परिवार जोड़ना चाहती थी. मुकदमा दर्ज होने के बाद भी मैं आरिफ को समझाती रही कि अगर वह मुझे अपना लेगा तो अब्बू से कह कर सब ठीक करा दूंगी. मैं हर तरीके से अपने परिवार को वापस जोड़ने की कोशिश कर रही थी. लेकिन आरिफ मेरी हर बात को बारबार नकारता रहा.
22 फरवरी, 2021 को मैं ने आरिफ से आखिरी बार फोन पर बात की थी. लेकिन आरिफ ने उस दिन जो कुछ कहा, उस ने मुझे भीतर से तोड़ दिया. उस ने कहा कि वह मर भी जाए तो भी मुझे ले कर नहीं जाएगा.
मैं ने आरिफ से कहा कि अगर वह ले कर नहीं जाएगा तो मैं जान दे दूंगी. इस पर आरिफ ने कहा अगर मरना है तो मर जाए, लेकिन मरने से पहले वीडियो बना कर भेज दे. मैं ने भी वादा कर लिया कि ठीक है, मरूंगी जरूर और वीडियो भी भेजूंगी. उसी दिन से मन जिंदगी के प्रति निराशा से भर गया था.
25 फरवरी को मैं उसी निराशा और हताशा में मन की शांति के लिए साबरमती रिवरफ्रंट पर जा पहुंची. यहीं पर बैठेबैठे अतीत के पन्नों को पढ़ते हुए हताशा ने मुझे एक बार फिर इस तरह घेर लिया कि सोचा जब जीवन खत्म ही करना है तो क्यों न आज ही कर लिया जाए.
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वीडियो में उस ने जिक्र किया कि इस मामले में आरिफ को परेशान न किया जाए. मैं आरिफ से प्यार करती थी, इसलिए उस से किया गया वादा पूरा करने के लिए मैं ने एक वीडियो बनाया.
आयशा का आखिरी वीडियो
‘हैलो, अस्सलाम आलैकुम, मेरा नाम आयशा आरिफ खान है और मैं अब जो करने जा रही हूं, अपनी मरजी से करने जा रही हूं. मुझ पर कोई दबाव नहीं था. अब मैं क्या बोलूं? बस, यह समझ लीजिए कि अल्लाह द्वारा दी गई जिंदगी इतनी ही है और मेरी यह छोटी सी जिंदगी सुकून वाली थी. डियर डैड आप कब तक लड़ेंगे अपनों से? केस वापस ले लीजिए. नहीं लड़ना.
‘आयशा लड़ाइयों के लिए नहीं बनी. प्यार करते हैं आरिफ से, उसे परेशान थोड़े ही न करेंगे. अगर उसे आजादी चाहिए तो ठीक है वो आजाद रहे. चलो, अपनी जिंदगी तो यहीं तक है.

‘मैं खुश हूं कि मैं अल्लाह से मिलूंगी और पूछूंगी कि मुझ से गलती कहां हो गई. मां बाप बहुत अच्छे मिले, दोस्त भी बहुत अच्छे मिले, पर शायद कहीं कमी रह गई मुझ में या फिर तकदीर में. मैं खुश हूं सुकून से जाना चाहती हूं, अल्लाह से दुआ करती हूं कि वो दोबारा इंसानों की शक्ल न दिखाए.
‘एक चीज जरूर सीखी है मोहब्बत करो तो दोतरफा करो, एकतरफा में कुछ हासिल नहीं है. कुछ मोहब्बत तो निकाह के बाद भी अधूरी रहती हैं. इस प्यारी सी नदी से प्रेम करती हूं कि ये मुझे अपने आप में समा ले.
‘मेरे पीछे जो भी हो प्लीज ज्यादा बखेड़ा खड़ा मत करना, मैं हवाओं की तरह हूं, सिर्फ बहना चाहती हूं. मैं खुश हूं आज के दिन, मुझे जिन सवालों के जवाब चाहिए थे वो मिल गए, जिसे जो बताना चाहती थी सच्चाई बता चुकी हूं. बस इतना काफी है. मुझे दुआओं में याद रखना. थैंक यू, अलविदा.’
आरिफ से मेरा यही वादा था, इसलिए इस वीडियो को मैं ने आरिफ और उस के परिवार वालों को सेंड कर दिया है ताकि उस को समझ आ जाए कि मैं वाकई उस से सच्ची मोहब्बत करती थी और मरने के बाद भी उसे किसी पचडे़ में नहीं फंसाना चाहती.
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इस वीडियो संदेश को आरिफ को भेजने के बाद मैं ने अपने अब्बू व अम्मी से बात की. उन्हेंबता दिया कि मैं साबरमती के किनारे खड़ी हूं और मरने जा रही हूं. हालांकि
अब्बू ने खूब मन्नतें की कि कोई गलत कदम न उठाऊं. लेकिन मैं ने खुद की जिंदगी खत्म करने का फैसला ले लिया था. मरने से पहले भी आरिफ के लिए मेरा प्यार कम नहीं हुआ था इसीलिए मैं ने अब्बू से कहा कि वे आरिफ और उस के खिलाफ दर्ज मामले को वापस ले लें.
मैं ने साबरमती के किनारे खड़े हो कर अपने इस फोन और बैग को किनारे रखा और साबरमती के सामने अपनी बांहें फैला दीं और उस के बाद मैं ने अपना भार साबरमती पर छोड़ दिया.
पति ने कहा था मर जाओ, मुझे वीडियो भेज देना
आयशा आरिफ खान ने 25 फरवरी, 2021 को सुसाइड किया था. उस से पहले आयशा ने एक वीडियो बनाया था. आयशा ने इस वीडियो को बनाने के बाद अपने पति को फोन कर के कहा था कि वह मरने जा रही है, तो आरिफ ने उस से कहा कि
वह मरने का वीडियो उसे भेजे तो वह यकीन कर लेगा. आरिफ से बात करने के बाद आयशा ने अपने मातापिता से फोन पर बात की थी. पिता ने भांप लिया था कि बेटी बहुत परेशान व डिप्रेशन में है. उन्होंने बेटी को ऊंचनीच समझाते हुए उसे कोई भी गलत कदम न उठाने और फौरन घर लौटने के लिए कहा. लेकिन तब तक आयशा अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला कर चुकी थी.
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लिहाजा उस ने इस के कुछ देर बाद ही साबरमती नदी में छलांग लगा दी. कुछ लोगों ने जब आयशा को नदी में कूदते देखा तो रिवरफ्रंट औफिस को सूचना दी, जिस के बाद पुलिस व गोताखोरों ने कई घंटे बाद उस की लाश बाहर निकाली.
चंद रोज बाद ही आयशा की मौत का आखिरी वीडियो वायरल हुआ तो आयशा की दर्दभरी कहानी सब के सामने आई, जिस ने लोगों को झकझोर कर रख दिया.
अहमदाबाद के आयशा सुसाइड केस में गुजरात पुलिस ने उस के पति आरिफ के खिलाफ वायरल वीडियो और परिजनों की शिकायत के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने, प्रताडि़त करने व दहेज की मांग करने का मुकदमा दर्ज कर लिया.
आयशा के सुसाइड के बाद जब उस की मौत का वीडियो वायरल हुआ तो आरिफ घर से फरार हो गया. गुजरात पुलिस जब जालौर में उस के घर पहुंची तो परिवार वालों ने बताया था कि वह एक शादी में गया था और वहीं से कहीं चला गया है. इस के बाद मोबाइल लोकेशन के आधार पर 3 मार्च, 2021 को आरिफ को पाली से अरेस्ट किया गया.
बाद में अदालत से 3 दिन का रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने जब उस से पूछताछ की तो पुलिस भी यह देख कर हैरान रह गई कि आरिफ को आयशा के सुसाइड का कोई गम नहीं है. आरिफ का बर्ताव चौंकाने वाला था क्योंकि उस के चेहरे पर आयशा की मौत को ले कर रत्ती भर भी अफसोस नजर नहीं आया. वह ऐसा बर्ताव कर रहा था जैसे कुछ हुआ ही न हो. उस के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी.
आरिफ से पूछताछ में आयशा के गर्भपात के बारे में भी सवाल किए गए. उस ने बताया कि गर्भपात के बाद जब आयशा की हालत गंभीर थी तो वह बुलाने के बावजूद उसे देखने तक नहीं गया था.




